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यूपी लखनऊ हाईकोर्ट परिसर में एक महिला अपने बच्चे के साथ पांचवीं मंजिल की छत पर चढ़कर कूदने की धमकी देने लगी। एक घंटे तक रेस्क्यू आपरेशन के बाद मुश्किल से महिला को नीचे उतारा गया
यूपी समाचार
यूपी लखनऊ हाईकोर्ट परिसर में एक महिला अपने बच्चे के साथ पांचवीं मंजिल की छत पर चढ़कर कूदने की धमकी देने लगी। एक घंटे तक रेस्क्यू आपरेशन के बाद मुश्किल से महिला को नीचे उतारा गया
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- पीलीभीत: प्रशासन की मुस्तैदी से खिले किसानों के चेहरे, गेहूं खरीद की रफ्तार तेज पीलीभीत। जनपद में जिला मजिस्ट्रेट (डीएम) के कुशल निर्देशन और सटीक रणनीति का असर अब धरातल पर साफ दिखने लगा है। जिले के सभी गेहूं क्रय केंद्रों पर खरीद की प्रक्रिया न केवल निर्बाध रूप से संचालित हो रही है, बल्कि पारदर्शिता और सुगमता के नए मानक भी स्थापित कर रही है। प्रमुख बिंदु: क्यों खुश हैं अन्नदाता? निर्बाध संचालन: केंद्रों पर किसी भी प्रकार की तकनीकी या प्रशासनिक बाधा को तुरंत दूर किया जा रहा है, जिससे किसानों को लंबा इंतजार नहीं करना पड़ रहा। समयबद्ध भुगतान: खरीद प्रक्रिया में तेजी के साथ-साथ किसानों के भुगतान की प्रक्रिया को भी प्राथमिकता दी जा रही है। बेहतर सुविधाएं: क्रय केंद्रों पर छाया, पानी और बैठने की समुचित व्यवस्था से किसान खुद को सम्मानित महसूस कर रहे हैं। "प्रशासन का सहयोग सराहनीय है। हमें अपनी फसल बेचने में किसी भी बिचौलिए या परेशानी का सामना नहीं करना पड़ा। केंद्रों पर व्यवस्थाएं चाक-चौबंद हैं।" — स्थानीय किसान प्रशासनिक सतर्कता डीएम द्वारा लगातार किए जा रहे औचक निरीक्षण और फीडबैक प्रणाली ने तंत्र को जवाबदेह बनाया है। अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश हैं कि किसानों के साथ सम्मानजनक व्यवहार किया जाए और उनकी उपज का एक-एक दाना बिना किसी असुविधा के तौला जाए। निष्कर्ष: पीलीभीत में गेहूं खरीद की यह सफलता न केवल जिले के कृषि प्रबंधन को दर्शाती है, बल्कि यह अन्य जनपदों के लिए भी एक अनुकरणीय मॉडल पेश कर रही है। किसानों का प्रशासन पर बढ़ता यह भरोसा ग्रामीण अर्थव्यवस्था को नई मजबूती देगा।2
- बीसलपुर। क्षेत्र के RBL पब्लिक स्कूल में नए शैक्षिक सत्र के लिए प्रवेश प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। विद्यालय में नर्सरी (एनसी) से लेकर 12वीं तक कक्षाओं में दाखिले लिए जा रहे हैं। स्कूल सीबीएसई बोर्ड से संबद्ध है और अंग्रेजी माध्यम में शिक्षा प्रदान करता है। विद्यालय प्रबंधन के अनुसार छात्रों को आधुनिक शिक्षा के साथ-साथ नैतिक मूल्यों पर भी विशेष ध्यान दिया जाता है। स्कूल में स्मार्ट क्लास, खेलकूद और अन्य सह-पाठ्यक्रम गतिविधियों की बेहतर व्यवस्था उपलब्ध है। प्रवेश को लेकर अभिभावकों में काफी उत्साह देखा जा रहा है। स्कूल प्रशासन ने इच्छुक अभिभावकों से जल्द आवेदन करने की अपील की है, ताकि सीमित सीटों का लाभ समय रहते लिया जा सके। विद्यालय प्रबंधन का कहना है कि गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और बेहतर परिणाम उनकी प्राथमिकता है, जिसके लिए अनुभवी शिक्षकों की टीम लगातार कार्य कर रही है।1
- हरि की पैड़ी हरिद्वार के प्रातः कालीन दर्शन करें और दिन को सफल बनायें।1
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- पोते की मौत के सदमे में दादी की मृत्यु, बीसलपुर में दोहरी त्रासदी बीसलपुर (पीलीभीत)। नगर के मोहल्ला दुबे में रविवार को एक हृदयविदारक घटना सामने आई, जहां पोते की सड़क हादसे में मौत से आहत दादी ने फांसी लगाकर अपनी जीवन लीला समाप्त कर ली। घटना से परिवार में कोहराम मचा है, वहीं आसपास के लोग भी स्तब्ध हैं। जानकारी के अनुसार, मोहल्ला दुबे में सिंह जी की मणि के निकट रहने वाले सालिकराम (शालिग्राम) ने बताया कि वह मनोज पतंग वालों की दुकान के पास विशातखाने का काम करते हैं। रविवार सुबह करीब 10:30 बजे उनकी पत्नी श्याम कली (57 वर्ष) घर के पास स्थित एक बंद पड़े पुराने मकान में चली गईं और वहां फांसी लगा ली। परिजनों ने बताया कि बीते 5 अप्रैल को उनके बड़े बेटे सुनील के 17 वर्षीय पुत्र हर्षित की पीलीभीत मार्ग पर जिरोनिया चौकी के पास सड़क दुर्घटना में मौत हो गई थी। इस घटना के बाद से श्याम कली गहरे सदमे में थीं और अक्सर गुमसुम रहती थीं। रविवार को जब वह काफी देर तक नजर नहीं आईं तो परिवार के लोगों ने उनकी तलाश शुरू की। कई घंटे खोजबीन के बाद जब बंद पड़े मकान का दरवाजा खोला गया तो वह फंदे से लटकी मिलीं। यह दृश्य देख परिजनों में चीख-पुकार मच गई। घटना की सूचना बीसलपुर कोतवाल संजीव शुक्ला को दी गई। सूचना पर पहुंची पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पंचनामा भरते हुए पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। घटना के बाद से परिवार का रो-रोकर बुरा हाल है। आसपास के लोगों में भी शोक और चिंता का माहौल है। पुलिस मामले की जांच में जुटी हुई है।1
- धान और गेहूं के खरीद के दौरान सरकारी कर्मचारी और काश्तकारों में जो टकराव होता है उसे कैसे रोका जा सकता है1
- पलिया कलां-खीरी।दुधवा टाइगर रिजर्व के पलिया-खीरी प्रभाग से एक दुखद खबर सामने आई है, जहां हाथियों के आपसी संघर्ष में एक नर जंगली हाथी की जान चली गई। मामला दक्षिण सोनारीपुर रेंज के अर्न्तगत छोटा पलिया बीट के कक्ष संख्या-1 का है। रविवार को जब वन विभाग का फील्ड स्टाफ क्षेत्र में नियमित गश्त पर था, तभी उनकी नजर एक जंगली हाथी पर पड़ी जो जमीन पर निढाल पड़ा था। काफी देर तक हाथी में कोई हलचल न होने पर जब टीम ने करीब जाकर देखा तो उनके होश उड़ गए, क्योंकि हाथी की मृत्यु हो चुकी थी। सूचना मिलते ही विभाग के उच्चाधिकारी मौके पर पहुंच गए। प्रारंभिक निरीक्षण में मृत नर हाथी के पेट पर गहरे घाव के निशान पाए गए हैं। इन निशानों को देखकर वन विशेषज्ञों और अधिकारियों का मानना है कि इस हाथी की किसी दूसरे शक्तिशाली जंगली हाथी के साथ भीषण भिड़ंत हुई है और आपसी संघर्ष के दौरान लगे जख्मों के कारण ही इसकी मौत हुई है। वन विभाग के अनुसार, पिछले कई दिनों से इस इलाके में 29 हाथियों का एक बड़ा झुंड विचरण कर रहा है और यह हाथी उसी दल का हिस्सा था। इस हाथी को दो दिन पहले दुधवा रेंज की सरौता बीट और नकौआ नाले के पास देखा गया था। शनिवार को भी यह दल दक्षिण सोनारीपुर रेंज के अमला ताल में देखा गया था, जहां यह हाथी पूरी तरह स्वस्थ और सक्रिय नजर आ रहा था। इससे यह स्पष्ट होता है कि हाथियों के बीच यह खूनी संघर्ष शनिवार रात या रविवार सुबह के बीच हुआ है। घटना की जानकारी मिलने के बाद मुख्य वन संरक्षक एवं फील्ड डायरेक्टर, दुधवा टाइगर रिजर्व के निर्देशानुसार आगे की कार्रवाई शुरू कर दी गई है। पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्रालय की गाइडलाइन का पालन करते हुए पशु चिकित्सकों के एक पैनल द्वारा मृत हाथी के शव का पोस्टमार्टम कराया जा रहा है, ताकि मौत के सटीक कारणों और समय की पुष्टि की जा सके। इस घटना के बाद से वन विभाग की टीम क्षेत्र में हाथियों के झुंड पर लगातार नजर बनाए हुए है।3