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पीलीभीत: प्रशासन की मुस्तैदी से खिले किसानों के चेहरे, गेहूं खरीद की रफ्तार तेज पीलीभीत: प्रशासन की मुस्तैदी से खिले किसानों के चेहरे, गेहूं खरीद की रफ्तार तेज पीलीभीत। जनपद में जिला मजिस्ट्रेट (डीएम) के कुशल निर्देशन और सटीक रणनीति का असर अब धरातल पर साफ दिखने लगा है। जिले के सभी गेहूं क्रय केंद्रों पर खरीद की प्रक्रिया न केवल निर्बाध रूप से संचालित हो रही है, बल्कि पारदर्शिता और सुगमता के नए मानक भी स्थापित कर रही है। प्रमुख बिंदु: क्यों खुश हैं अन्नदाता? निर्बाध संचालन: केंद्रों पर किसी भी प्रकार की तकनीकी या प्रशासनिक बाधा को तुरंत दूर किया जा रहा है, जिससे किसानों को लंबा इंतजार नहीं करना पड़ रहा। समयबद्ध भुगतान: खरीद प्रक्रिया में तेजी के साथ-साथ किसानों के भुगतान की प्रक्रिया को भी प्राथमिकता दी जा रही है। बेहतर सुविधाएं: क्रय केंद्रों पर छाया, पानी और बैठने की समुचित व्यवस्था से किसान खुद को सम्मानित महसूस कर रहे हैं। "प्रशासन का सहयोग सराहनीय है। हमें अपनी फसल बेचने में किसी भी बिचौलिए या परेशानी का सामना नहीं करना पड़ा। केंद्रों पर व्यवस्थाएं चाक-चौबंद हैं।" — स्थानीय किसान प्रशासनिक सतर्कता डीएम द्वारा लगातार किए जा रहे औचक निरीक्षण और फीडबैक प्रणाली ने तंत्र को जवाबदेह बनाया है। अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश हैं कि किसानों के साथ सम्मानजनक व्यवहार किया जाए और उनकी उपज का एक-एक दाना बिना किसी असुविधा के तौला जाए। निष्कर्ष: पीलीभीत में गेहूं खरीद की यह सफलता न केवल जिले के कृषि प्रबंधन को दर्शाती है, बल्कि यह अन्य जनपदों के लिए भी एक अनुकरणीय मॉडल पेश कर रही है। किसानों का प्रशासन पर बढ़ता यह भरोसा ग्रामीण अर्थव्यवस्था को नई मजबूती देगा।

4 hrs ago
user_HARUN KHAN
HARUN KHAN
Local News Reporter कलीनगर, पीलीभीत, उत्तर प्रदेश•
4 hrs ago

पीलीभीत: प्रशासन की मुस्तैदी से खिले किसानों के चेहरे, गेहूं खरीद की रफ्तार तेज पीलीभीत: प्रशासन की मुस्तैदी से खिले किसानों के चेहरे, गेहूं खरीद की रफ्तार तेज पीलीभीत। जनपद में जिला मजिस्ट्रेट (डीएम) के कुशल निर्देशन और सटीक रणनीति का असर अब धरातल पर साफ दिखने लगा है। जिले के सभी गेहूं क्रय केंद्रों पर खरीद की प्रक्रिया न केवल निर्बाध रूप से संचालित हो रही है, बल्कि पारदर्शिता और सुगमता के नए मानक भी स्थापित कर रही है। प्रमुख बिंदु: क्यों खुश हैं अन्नदाता? निर्बाध संचालन: केंद्रों पर किसी भी प्रकार की तकनीकी या प्रशासनिक बाधा को तुरंत दूर किया जा रहा है, जिससे किसानों को लंबा इंतजार नहीं करना पड़ रहा। समयबद्ध भुगतान: खरीद प्रक्रिया में तेजी के साथ-साथ किसानों के भुगतान की प्रक्रिया को भी प्राथमिकता दी जा रही है। बेहतर सुविधाएं: क्रय

केंद्रों पर छाया, पानी और बैठने की समुचित व्यवस्था से किसान खुद को सम्मानित महसूस कर रहे हैं। "प्रशासन का सहयोग सराहनीय है। हमें अपनी फसल बेचने में किसी भी बिचौलिए या परेशानी का सामना नहीं करना पड़ा। केंद्रों पर व्यवस्थाएं चाक-चौबंद हैं।" — स्थानीय किसान प्रशासनिक सतर्कता डीएम द्वारा लगातार किए जा रहे औचक निरीक्षण और फीडबैक प्रणाली ने तंत्र को जवाबदेह बनाया है। अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश हैं कि किसानों के साथ सम्मानजनक व्यवहार किया जाए और उनकी उपज का एक-एक दाना बिना किसी असुविधा के तौला जाए। निष्कर्ष: पीलीभीत में गेहूं खरीद की यह सफलता न केवल जिले के कृषि प्रबंधन को दर्शाती है, बल्कि यह अन्य जनपदों के लिए भी एक अनुकरणीय मॉडल पेश कर रही है। किसानों का प्रशासन पर बढ़ता यह भरोसा ग्रामीण अर्थव्यवस्था को नई मजबूती देगा।

  • user_Ronny Ji
    Ronny Ji
    Kalinagar, Pilibhit
    dm sahab ka kaam sarahniye hai
    4 hrs ago
More news from उत्तर प्रदेश and nearby areas
  • बड़ी खबर: पीलीभीत में अंबेडकर अपमान मामले में नया मोड़, युवक ने हाथ जोड़कर मांगी माफी पीलीभीत। संविधान निर्माता डॉ. भीमराव अंबेडकर के खिलाफ सोशल मीडिया पर की गई आपत्तिजनक पोस्ट के कारण उपजा विवाद अब सुलझता नजर आ रहा है। आरोपी युवक ने सार्वजनिक रूप से सामने आकर अपनी गलती स्वीकार कर ली है और समाज से माफी मांग ली है। क्या था पूरा मामला? हाल ही में इंस्टाग्राम पर डॉ. अंबेडकर के विरुद्ध एक विवादित पोस्ट साझा की गई थी, जिससे स्थानीय लोगों और विशेषकर भीम आर्मी के कार्यकर्ताओं में भारी रोष व्याप्त हो गया था। भीम आर्मी ने इस मामले में सख्त कार्रवाई की मांग करते हुए प्रशासन को ज्ञापन सौंपा था। वीडियो संदेश के जरिए मांगी माफी मामले के तूल पकड़ते ही संबंधित युवक ने एक वीडियो जारी किया। वीडियो में युवक ने निम्नलिखित बातें कहीं: अनजाने में हुई चूक: युवक का कहना है कि यह पोस्ट उससे "गलती से" साझा हो गई थी। इरादा साफ: उसने स्पष्ट किया कि उसका उद्देश्य किसी की भावनाओं या किसी विशेष समाज को आहत करना नहीं था। भविष्य का संकल्प: युवक ने हाथ जोड़कर भरोसा दिलाया कि वह भविष्य में सोशल मीडिया पर ऐसी कोई भी गतिविधि नहीं दोहराएगा। बदल रहा है माहौल: नरमी की मांग युवक द्वारा सार्वजनिक रूप से अपनी भूल स्वीकार करने के बाद, अब इस मामले में मानवीय पहलू हावी हो गया है। प्रशासन से अपील: स्थानीय नागरिकों और कई सामाजिक संगठनों ने जिला प्रशासन से गुहार लगाई है कि युवक ने अपनी गलती मान ली है और वह पछतावा कर रहा है, इसलिए उसके प्रति कठोर कार्रवाई न की जाए। शांति की अपील: लोगों का मानना है कि गलती सुधारने वाले को एक मौका दिया जाना चाहिए ताकि समाज में वैमनस्य न फैले। सोशल मीडिया पर सतर्कता जरूरी इस घटना ने एक बार फिर यह संदेश दिया है कि सोशल मीडिया का उपयोग करते समय अत्यधिक जिम्मेदारी की आवश्यकता है। जहाँ एक ओर अपमानजनक टिप्पणियां कानूनन अपराध हैं, वहीं दूसरी ओर पीलीभीत का यह मामला दिखाता है कि आपसी संवाद और माफी से बड़े विवादों को भी टाला जा सकता है। "गलती मान लेना ही सुधार की पहली सीढ़ी है। प्रशासन को अब शांति और सद्भाव को प्राथमिकता देते हुए उचित निर्णय लेना चाहिए।" — स्थानीय सामाजिक कार्यकर्ता
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    बड़ी खबर: पीलीभीत में अंबेडकर अपमान मामले में नया मोड़, युवक ने हाथ जोड़कर मांगी माफी
पीलीभीत। संविधान निर्माता डॉ. भीमराव अंबेडकर के खिलाफ सोशल मीडिया पर की गई आपत्तिजनक पोस्ट के कारण उपजा विवाद अब सुलझता नजर आ रहा है। आरोपी युवक ने सार्वजनिक रूप से सामने आकर अपनी गलती स्वीकार कर ली है और समाज से माफी मांग ली है।
क्या था पूरा मामला?
हाल ही में इंस्टाग्राम पर डॉ. अंबेडकर के विरुद्ध एक विवादित पोस्ट साझा की गई थी, जिससे स्थानीय लोगों और विशेषकर भीम आर्मी के कार्यकर्ताओं में भारी रोष व्याप्त हो गया था। भीम आर्मी ने इस मामले में सख्त कार्रवाई की मांग करते हुए प्रशासन को ज्ञापन सौंपा था।
वीडियो संदेश के जरिए मांगी माफी
मामले के तूल पकड़ते ही संबंधित युवक ने एक वीडियो जारी किया। वीडियो में युवक ने निम्नलिखित बातें कहीं:
अनजाने में हुई चूक: युवक का कहना है कि यह पोस्ट उससे "गलती से" साझा हो गई थी।
इरादा साफ: उसने स्पष्ट किया कि उसका उद्देश्य किसी की भावनाओं या किसी विशेष समाज को आहत करना नहीं था।
भविष्य का संकल्प: युवक ने हाथ जोड़कर भरोसा दिलाया कि वह भविष्य में सोशल मीडिया पर ऐसी कोई भी गतिविधि नहीं दोहराएगा।
बदल रहा है माहौल: नरमी की मांग
युवक द्वारा सार्वजनिक रूप से अपनी भूल स्वीकार करने के बाद, अब इस मामले में मानवीय पहलू हावी हो गया है।
प्रशासन से अपील: स्थानीय नागरिकों और कई सामाजिक संगठनों ने जिला प्रशासन से गुहार लगाई है कि युवक ने अपनी गलती मान ली है और वह पछतावा कर रहा है, इसलिए उसके प्रति कठोर कार्रवाई न की जाए।
शांति की अपील: लोगों का मानना है कि गलती सुधारने वाले को एक मौका दिया जाना चाहिए ताकि समाज में वैमनस्य न फैले।
सोशल मीडिया पर सतर्कता जरूरी
इस घटना ने एक बार फिर यह संदेश दिया है कि सोशल मीडिया का उपयोग करते समय अत्यधिक जिम्मेदारी की आवश्यकता है। जहाँ एक ओर अपमानजनक टिप्पणियां कानूनन अपराध हैं, वहीं दूसरी ओर पीलीभीत का यह मामला दिखाता है कि आपसी संवाद और माफी से बड़े विवादों को भी टाला जा सकता है।
"गलती मान लेना ही सुधार की पहली सीढ़ी है। प्रशासन को अब शांति और सद्भाव को प्राथमिकता देते हुए उचित निर्णय लेना चाहिए।" — स्थानीय सामाजिक कार्यकर्ता
    user_HARUN KHAN
    HARUN KHAN
    Local News Reporter कलीनगर, पीलीभीत, उत्तर प्रदेश•
    14 min ago
  • Post by यूपी समाचार
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    Post by यूपी समाचार
    user_यूपी समाचार
    यूपी समाचार
    Media house पूरनपुर, पीलीभीत, उत्तर प्रदेश•
    12 hrs ago
  • पूरनपुर/पीलीभीत।कोतवाली क्षेत्र में सोशल मीडिया पर डॉ. भीमराव अंबेडकर की कथित आपत्तिजनक एआई तस्वीर वायरल होने के बाद माहौल गरमा गया है। इस मामले को लेकर भीम आर्मी भारत एकता मिशन के कार्यकर्ताओं में भारी रोष देखा गया। शनिवार को संगठन के नगर अध्यक्ष शुभम कुमार सागर के नेतृत्व में कार्यकर्ताओं का एक प्रतिनिधिमंडल कोतवाली पूरनपुर पहुंचा, जहां उन्होंने पुलिस को शिकायती पत्र सौंपते हुए तत्काल सख्त कार्रवाई की मांग की।शिकायत में आरोप लगाया गया है कि इंस्टाग्राम की एक आईडी से धर्मवीर कुमार नामक युवक ने आधुनिक एआई तकनीक का दुरुपयोग करते हुए बाबा साहब की आपत्तिजनक तस्वीर तैयार कर उसे सोशल मीडिया पर वायरल किया। इस हरकत से न केवल अंबेडकर अनुयायियों की भावनाएं आहत हुई हैं, बल्कि क्षेत्र में तनाव की स्थिति भी बन गई है।नगर अध्यक्ष शुभम कुमार सागर ने कहा कि बाबा साहब देश के संविधान निर्माता और करोड़ों लोगों के आदर्श हैं। उनके सम्मान के साथ किसी भी प्रकार की छेड़छाड़ बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि आरोपी के खिलाफ शीघ्र कठोर कानूनी कार्रवाई नहीं की गई तो संगठन सड़क पर उतरकर आंदोलन करने को मजबूर होगा।कार्यकर्ताओं ने मांग की है कि संबंधित सोशल मीडिया अकाउंट की तत्काल जांच कर आरोपी की पहचान की जाए और आईटी एक्ट सहित अन्य सुसंगत धाराओं में मुकदमा दर्ज किया जाए। साथ ही भविष्य में इस प्रकार की घटनाओं पर रोक लगाने के लिए सख्त निगरानी व्यवस्था लागू करने की भी बात कही गई। वहीं, पुलिस ने ज्ञापन प्राप्त कर मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच शुरू करने का आश्वासन दिया है। कोतवाली पुलिस का कहना है कि सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म से संबंधित जानकारी जुटाई जा रही है और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। इस घटना के बाद क्षेत्र में चर्चा का माहौल है और लोग सोशल मीडिया के जिम्मेदार उपयोग की आवश्यकता पर भी जोर दे रहे हैं।
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    पूरनपुर/पीलीभीत।कोतवाली क्षेत्र में सोशल मीडिया पर डॉ. भीमराव अंबेडकर की कथित आपत्तिजनक एआई तस्वीर वायरल होने के बाद माहौल गरमा गया है। इस मामले को लेकर भीम आर्मी भारत एकता मिशन के कार्यकर्ताओं में भारी रोष देखा गया। शनिवार को संगठन के नगर अध्यक्ष शुभम कुमार सागर के नेतृत्व में कार्यकर्ताओं का एक प्रतिनिधिमंडल कोतवाली पूरनपुर पहुंचा, जहां उन्होंने पुलिस को शिकायती पत्र सौंपते हुए तत्काल सख्त कार्रवाई की मांग की।शिकायत में आरोप लगाया गया है कि इंस्टाग्राम की एक आईडी से धर्मवीर कुमार नामक युवक ने आधुनिक एआई तकनीक का दुरुपयोग करते हुए बाबा साहब की आपत्तिजनक तस्वीर तैयार कर उसे सोशल मीडिया पर वायरल किया। इस हरकत से न केवल अंबेडकर अनुयायियों की भावनाएं आहत हुई हैं, बल्कि क्षेत्र में तनाव की स्थिति भी बन गई है।नगर अध्यक्ष शुभम कुमार सागर ने कहा कि बाबा साहब देश के संविधान निर्माता और करोड़ों लोगों के आदर्श हैं। उनके सम्मान के साथ किसी भी प्रकार की छेड़छाड़ बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि आरोपी के खिलाफ शीघ्र कठोर कानूनी कार्रवाई नहीं की गई तो संगठन सड़क पर उतरकर आंदोलन करने को मजबूर होगा।कार्यकर्ताओं ने मांग की है कि संबंधित सोशल मीडिया अकाउंट की तत्काल जांच कर आरोपी की पहचान की जाए और आईटी एक्ट सहित अन्य सुसंगत धाराओं में मुकदमा दर्ज किया जाए। साथ ही भविष्य में इस प्रकार की घटनाओं पर रोक लगाने के लिए सख्त निगरानी व्यवस्था लागू करने की भी बात कही गई।
वहीं, पुलिस ने ज्ञापन प्राप्त कर मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच शुरू करने का आश्वासन दिया है। कोतवाली पुलिस का कहना है कि सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म से संबंधित जानकारी जुटाई जा रही है और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
इस घटना के बाद क्षेत्र में चर्चा का माहौल है और लोग सोशल मीडिया के जिम्मेदार उपयोग की आवश्यकता पर भी जोर दे रहे हैं।
    user_Meenu barkaati
    Meenu barkaati
    Local News Reporter पूरनपुर, पीलीभीत, उत्तर प्रदेश•
    16 hrs ago
  • पीलीभीत के कंझा हरैया गजरौला मार्ग पर स्थित शनि धाम मंदिर के पास देसी शराब की भट्टी लगाए जाने को लेकर ग्रामीणों, खासकर महिलाओं में भारी आक्रोश देखने को मिल रहा है। महिलाओं ने साफ शब्दों में चेतावनी दी है कि गांव और मंदिर के पास शराब की भट्टी किसी भी हाल में बर्दाश्त नहीं की जाएगी। मामला कंझा हरैया गांव का है, जहां शनि धाम मंदिर के किनारे देसी शराब भट्टी लगाए जाने की खबर से गांव में विरोध तेज हो गया है। बड़ी संख्या में महिलाएं एकजुट होकर इसका विरोध कर रही हैं। उनका कहना है कि मंदिर के पास इस तरह की गतिविधि से धार्मिक आस्था को ठेस पहुंचेगी और गांव का माहौल भी खराब होगा। वहीं ग्राम प्रधान नीतू मित्रा ने बताया कि उन्हें इस मामले की कोई पूर्व जानकारी नहीं दी गई। उनका कहना है कि गांव की प्रधान होने के नाते उन्हें इस तरह के निर्णयों की जानकारी मिलनी चाहिए थी। इधर प्रशासन का तर्क है कि शराब बिक्री से होने वाली आमदनी का उपयोग सरकार द्वारा गरीब परिवारों को राशन उपलब्ध कराने में किया जाता है। इस पर ग्राम प्रधान नीतू मित्रा ने तंज कसते हुए कहा कि अगर शराब बेचकर ही राशन दिया जा रहा है तो फिर सीधे शराब ही बांट देनी चाहिए। वहीं क्षेत्रीय लोगों का कहना है कि वे कानून को हाथ में नहीं लेना चाहते, बल्कि इस मुद्दे को शासन-प्रशासन के सामने उठाएंगे। ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि समय रहते इस पर रोक नहीं लगाई गई तो वे धरना-प्रदर्शन करने को मजबूर होंगे। ग्रामीण महिलाएं
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    पीलीभीत के कंझा हरैया गजरौला मार्ग पर स्थित शनि धाम मंदिर के पास देसी शराब की भट्टी लगाए जाने को लेकर ग्रामीणों, खासकर महिलाओं में भारी आक्रोश देखने को मिल रहा है। महिलाओं ने साफ शब्दों में चेतावनी दी है कि गांव और मंदिर के पास शराब की भट्टी किसी भी हाल में बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
मामला कंझा हरैया गांव का है, जहां शनि धाम मंदिर के किनारे देसी शराब भट्टी लगाए जाने की खबर से गांव में विरोध तेज हो गया है। बड़ी संख्या में महिलाएं एकजुट होकर इसका विरोध कर रही हैं। उनका कहना है कि मंदिर के पास इस तरह की गतिविधि से धार्मिक आस्था को ठेस पहुंचेगी और गांव का माहौल भी खराब होगा।
वहीं ग्राम प्रधान नीतू मित्रा ने बताया कि उन्हें इस मामले की कोई पूर्व जानकारी नहीं दी गई। उनका कहना है कि गांव की प्रधान होने के नाते उन्हें इस तरह के निर्णयों की जानकारी मिलनी चाहिए थी।
इधर प्रशासन का तर्क है कि शराब बिक्री से होने वाली आमदनी का उपयोग सरकार द्वारा गरीब परिवारों को राशन उपलब्ध कराने में किया जाता है। इस पर ग्राम प्रधान नीतू मित्रा ने तंज कसते हुए कहा कि अगर शराब बेचकर ही राशन दिया जा रहा है तो फिर सीधे शराब ही बांट देनी चाहिए।
वहीं क्षेत्रीय लोगों का कहना है कि वे कानून को हाथ में नहीं लेना चाहते, बल्कि इस मुद्दे को शासन-प्रशासन के सामने उठाएंगे। ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि समय रहते इस पर रोक नहीं लगाई गई तो वे धरना-प्रदर्शन करने को मजबूर होंगे।
ग्रामीण महिलाएं
    user_Naresh Mallick
    Naresh Mallick
    Local News Reporter पीलीभीत, पीलीभीत, उत्तर प्रदेश•
    3 hrs ago
  • बढ़ते बिजली बिल और लगातार हो रही कटौती से परेशान उपभोक्ता अब सोलर ऊर्जा की ओर तेजी से रुख कर रहे हैं। घर हो या दुकान, लोग सोलर पैनल लगवाकर बिजली खर्च कम करने की योजना बना रहे हैं। लेकिन सोलर पैनल लगवाने से पहले कुछ अहम बातों की जानकारी होना बेहद जरूरी है, नहीं तो फायदा होने की बजाय नुकसान भी उठाना पड़ सकता है। विशेषज्ञों के अनुसार, सोलर पैनल लगवाते समय उसकी गुणवत्ता, सही दिशा में इंस्टॉलेशन और भरोसेमंद कंपनी का चयन बेहद महत्वपूर्ण है। इसके साथ ही सरकार द्वारा दी जा रही सब्सिडी योजनाओं की सही जानकारी भी होना जरूरी है। कई मामलों में देखा गया है कि गलत जानकारी या फर्जी कंपनियों के झांसे में आकर लोग ठगी का शिकार हो जाते हैं। ऐसे में उपभोक्ताओं को सतर्क रहने की जरूरत है। सोलर पैनल लगवाने से पहले पूरी जानकारी जुटाएं और विशेषज्ञों की सलाह लेकर ही निर्णय लें, ताकि लंबे समय तक इसका लाभ मिल सके।
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    बढ़ते बिजली बिल और लगातार हो रही कटौती से परेशान उपभोक्ता अब सोलर ऊर्जा की ओर तेजी से रुख कर रहे हैं। घर हो या दुकान, लोग सोलर पैनल लगवाकर बिजली खर्च कम करने की योजना बना रहे हैं। लेकिन सोलर पैनल लगवाने से पहले कुछ अहम बातों की जानकारी होना बेहद जरूरी है, नहीं तो फायदा होने की बजाय नुकसान भी उठाना पड़ सकता है।
विशेषज्ञों के अनुसार, सोलर पैनल लगवाते समय उसकी गुणवत्ता, सही दिशा में इंस्टॉलेशन और भरोसेमंद कंपनी का चयन बेहद महत्वपूर्ण है। इसके साथ ही सरकार द्वारा दी जा रही सब्सिडी योजनाओं की सही जानकारी भी होना जरूरी है। कई मामलों में देखा गया है कि गलत जानकारी या फर्जी कंपनियों के झांसे में आकर लोग ठगी का शिकार हो जाते हैं। ऐसे में उपभोक्ताओं को सतर्क रहने की जरूरत है। सोलर पैनल लगवाने से पहले पूरी जानकारी जुटाएं और विशेषज्ञों की सलाह लेकर ही निर्णय लें, ताकि लंबे समय तक इसका लाभ मिल सके।
    user_Ashutosh Mishra
    Ashutosh Mishra
    Local News Reporter पीलीभीत, पीलीभीत, उत्तर प्रदेश•
    3 hrs ago
  • हरि की पैड़ी हरिद्वार के प्रातः कालीन दर्शन करें और दिन को सफल बनायें।
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    हरि की पैड़ी हरिद्वार के प्रातः कालीन दर्शन करें और दिन को सफल बनायें।
    user_Pilibhit Darpan/ND India News
    Pilibhit Darpan/ND India News
    पत्रकार पीलीभीत, पीलीभीत, उत्तर प्रदेश•
    5 hrs ago
  • मार सके न कोय दुश्मन दु:ख नहीं दें सके जो अपराधी होय (षड्यंत्र)
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    मार सके न कोय दुश्मन दु:ख नहीं दें सके जो अपराधी होय (षड्यंत्र)
    user_Atma Gandhi
    Atma Gandhi
    Court reporter पीलीभीत, पीलीभीत, उत्तर प्रदेश•
    9 hrs ago
  • पीलीभीत: प्रशासन की मुस्तैदी से खिले किसानों के चेहरे, गेहूं खरीद की रफ्तार तेज पीलीभीत। जनपद में जिला मजिस्ट्रेट (डीएम) के कुशल निर्देशन और सटीक रणनीति का असर अब धरातल पर साफ दिखने लगा है। जिले के सभी गेहूं क्रय केंद्रों पर खरीद की प्रक्रिया न केवल निर्बाध रूप से संचालित हो रही है, बल्कि पारदर्शिता और सुगमता के नए मानक भी स्थापित कर रही है। प्रमुख बिंदु: क्यों खुश हैं अन्नदाता? निर्बाध संचालन: केंद्रों पर किसी भी प्रकार की तकनीकी या प्रशासनिक बाधा को तुरंत दूर किया जा रहा है, जिससे किसानों को लंबा इंतजार नहीं करना पड़ रहा। समयबद्ध भुगतान: खरीद प्रक्रिया में तेजी के साथ-साथ किसानों के भुगतान की प्रक्रिया को भी प्राथमिकता दी जा रही है। बेहतर सुविधाएं: क्रय केंद्रों पर छाया, पानी और बैठने की समुचित व्यवस्था से किसान खुद को सम्मानित महसूस कर रहे हैं। "प्रशासन का सहयोग सराहनीय है। हमें अपनी फसल बेचने में किसी भी बिचौलिए या परेशानी का सामना नहीं करना पड़ा। केंद्रों पर व्यवस्थाएं चाक-चौबंद हैं।" — स्थानीय किसान प्रशासनिक सतर्कता डीएम द्वारा लगातार किए जा रहे औचक निरीक्षण और फीडबैक प्रणाली ने तंत्र को जवाबदेह बनाया है। अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश हैं कि किसानों के साथ सम्मानजनक व्यवहार किया जाए और उनकी उपज का एक-एक दाना बिना किसी असुविधा के तौला जाए। निष्कर्ष: पीलीभीत में गेहूं खरीद की यह सफलता न केवल जिले के कृषि प्रबंधन को दर्शाती है, बल्कि यह अन्य जनपदों के लिए भी एक अनुकरणीय मॉडल पेश कर रही है। किसानों का प्रशासन पर बढ़ता यह भरोसा ग्रामीण अर्थव्यवस्था को नई मजबूती देगा।
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    पीलीभीत: प्रशासन की मुस्तैदी से खिले किसानों के चेहरे, गेहूं खरीद की रफ्तार तेज
पीलीभीत। जनपद में जिला मजिस्ट्रेट (डीएम) के कुशल निर्देशन और सटीक रणनीति का असर अब धरातल पर साफ दिखने लगा है। जिले के सभी गेहूं क्रय केंद्रों पर खरीद की प्रक्रिया न केवल निर्बाध रूप से संचालित हो रही है, बल्कि पारदर्शिता और सुगमता के नए मानक भी स्थापित कर रही है।
प्रमुख बिंदु: क्यों खुश हैं अन्नदाता?
निर्बाध संचालन: केंद्रों पर किसी भी प्रकार की तकनीकी या प्रशासनिक बाधा को तुरंत दूर किया जा रहा है, जिससे किसानों को लंबा इंतजार नहीं करना पड़ रहा।
समयबद्ध भुगतान: खरीद प्रक्रिया में तेजी के साथ-साथ किसानों के भुगतान की प्रक्रिया को भी प्राथमिकता दी जा रही है।
बेहतर सुविधाएं: क्रय केंद्रों पर छाया, पानी और बैठने की समुचित व्यवस्था से किसान खुद को सम्मानित महसूस कर रहे हैं।
"प्रशासन का सहयोग सराहनीय है। हमें अपनी फसल बेचने में किसी भी बिचौलिए या परेशानी का सामना नहीं करना पड़ा। केंद्रों पर व्यवस्थाएं चाक-चौबंद हैं।" — स्थानीय किसान
प्रशासनिक सतर्कता
डीएम द्वारा लगातार किए जा रहे औचक निरीक्षण और फीडबैक प्रणाली ने तंत्र को जवाबदेह बनाया है। अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश हैं कि किसानों के साथ सम्मानजनक व्यवहार किया जाए और उनकी उपज का एक-एक दाना बिना किसी असुविधा के तौला जाए।
निष्कर्ष: पीलीभीत में गेहूं खरीद की यह सफलता न केवल जिले के कृषि प्रबंधन को दर्शाती है, बल्कि यह अन्य जनपदों के लिए भी एक अनुकरणीय मॉडल पेश कर रही है। किसानों का प्रशासन पर बढ़ता यह भरोसा ग्रामीण अर्थव्यवस्था को नई मजबूती देगा।
    user_HARUN KHAN
    HARUN KHAN
    Local News Reporter कलीनगर, पीलीभीत, उत्तर प्रदेश•
    4 hrs ago
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