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नकली पनीर बनाने के साथ-साथ प्रदूषण के रूप में बीमारियां परोस रही पनीर डेरियां । ग्रामीणों का रहना भी हुआ दुश्वार।
Mohd Jabbar
नकली पनीर बनाने के साथ-साथ प्रदूषण के रूप में बीमारियां परोस रही पनीर डेरियां । ग्रामीणों का रहना भी हुआ दुश्वार।
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- मां शांति कंप्यूटर स्किल सेंटर फिरोजपुर झिरका में निशुल्क कंप्यूटर प्रशिक्षण जो बच्चियां कंप्यूटर प्रशिक्षण हासिल करना चाहती है 30 अगस्त तक एडमिशन ले।1
- एक परिसर में दो कॉलेज, 600 विद्यार्थियों की बदहाल व्यवस्थाओं के बीच पढ़ाई स्टाफ की कमी से पढ़ाई प्रभावित, पानी-बाथरूम और टॉयलेट की हालत खराब; कॉलेज तक पहुंचने का रास्ता भी जलमग्न सीकरी। सीकरी में एक ही परिसर में संचालित श्रीमती शरबती देवी रघुनन्दन प्रसाद राजकीय महाविद्यालय और राजकीय कन्या महाविद्यालय में करीब 600 छात्र-छात्राएं अध्ययनरत हैं। लेकिन कॉलेज में उपलब्ध व्यवस्थाओं को देखकर सवाल उठ रहे हैं कि आखिर विद्यार्थियों को बेहतर शिक्षा और सुविधाएं कैसे मिलेंगी। कॉलेज की सबसे बड़ी समस्या शिक्षण स्टाफ की कमी बताई जा रही है। विद्यार्थियों की संख्या के अनुपात में पर्याप्त शिक्षक उपलब्ध नहीं होने से पढ़ाई प्रभावित होने की स्थिति है। ऐसे में विद्यार्थियों की कम उपस्थिति को लेकर भी सवाल उठते हैं। जब पर्याप्त शिक्षक और नियमित शिक्षण व्यवस्था नहीं होगी तो छात्र-छात्राओं की कॉलेज में उपस्थिति कैसे बढ़ेगी? करीब 600 विद्यार्थियों की शिक्षा और भविष्य को देखते हुए रिक्त पदों पर पर्याप्त स्टाफ की शीघ्र पूर्ति बेहद जरूरी है। पानी, बाथरूम और टॉयलेट की व्यवस्था भी सवालों के घेरे में कॉलेज में पेयजल की व्यवस्था, बाथरूम और टॉयलेट की स्थिति को लेकर भी विद्यार्थियों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। मूलभूत सुविधाओं की स्थिति बेहतर नहीं होने से छात्र-छात्राओं को रोजमर्रा की समस्याओं से जूझना पड़ता है। कॉलेज तक पहुंचने का रास्ता भी बना परेशानी कॉलेज में आने-जाने वाले रास्ते पर पानी भरा हुआ है, जिससे विद्यार्थियों और स्टाफ को आवागमन में परेशानी होती है। कॉलेज परिसर के आसपास पशुओं की आवाजाही भी नजर आती है। ऐसे हालात कॉलेज की साफ-सफाई और रखरखाव पर सवाल खड़े करते हैं। कन्या महाविद्यालय होने से सुरक्षा भी अहम मुद्दा एक ही परिसर में राजकीय कन्या महाविद्यालय संचालित होने के कारण छात्राओं की सुरक्षा और सहज माहौल बेहद महत्वपूर्ण है। कॉलेज के मुख्य गेट के आसपास बाहरी लोगों के बैठे रहने की शिकायत भी सामने आई है। इससे छात्राओं में असहजता महसूस होने की बात कही जा रही है। कॉलेज प्रशासन को गेट और परिसर के आसपास निगरानी एवं सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने की जरूरत है। अब विभाग की कार्रवाई का इंतजार इन समस्याओं को लेकर जनसम्पर्क पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराई गई है। शिकायत में दोनों महाविद्यालयों में पर्याप्त स्टाफ की पूर्ति, पेयजल, बाथरूम और टॉयलेट की व्यवस्था सुधारने, कॉलेज तक पहुंचने वाले रास्ते को दुरुस्त करने तथा छात्राओं के लिए सुरक्षित वातावरण सुनिश्चित करने की मांग की गई है। मामला करीब 600 विद्यार्थियों की शिक्षा और भविष्य से जुड़ा है। अब देखना होगा कि संबंधित विभाग मौके पर स्थिति का निरीक्षण कर व्यवस्थाओं में सुधार कब तक करता है और स्टाफ की कमी को दूर करने के लिए क्या कदम उठाए जाते हैं।1
- रावली गांव से बड़ी खबर सरपंच और गांव के लोगों के बीच आरोप प्रत्यारोप सरपंच ने रखा अपना पक्ष!1
- किशनगढ़बास में मूसलाधार बरसात से बिगड़े हालात, मुख्य बाजारों सहित निचले इलाकों में भरा पानी किशनगढ़ बास। मंगलवार सुबह 9 बजे के करीब शुरू हुई मूसलाधार बारिश ने किशनगढ़ बास कस्बे की जल निकासी व्यवस्था की पोल खोल कर रख दी। करीब 2 घंटे तक हुई तेज बरसात के बाद कस्बे के कई हिस्से जलमगन हो गए। मुख्य बाजार सहित प्रमुख मार्गों और कॉलोनी में जगह-जगह पर पानी भर गया। जिससे आने जाने-वाले आमजन को परेशानी का सामना करना पड़ा। कस्बे में जल निकासी की समस्या लंबे समय से बनी हुई है। हर वर्ष बारिश के दौरान जल भराव की स्थिति सामने आती है । लेकिन इस बार हुई तेज बारिश ने समस्या को और भी विकराल रूप दे दिया है। सड़कों पर पानी जमा होने के कारण राहगीरों और वाहन चालकों को आवागमन में परेशानी हुई। बारिश का सबसे अधिक असर गंज रोड, मुख्य बाजार, बत्रा कॉलोनी, जगदंबा कॉम्प्लेक्स, तिजारा रोड पर स्थित विभिन्न कॉलोनीयों एवं अनाज मंडी के बाहर तालाब जैसा नजारा देखने को मिला। इन इलाकों में सड़के पानी से लबालब हो गई। वही जगदंबा कॉम्पलेक्स सहित गंज रोड की कई स्थान पर दुकानों में भी बारिश का पानी घुस गया। इससे व्यापारियों को सामान खराब होने की चिंता करता आने लगी है। स्थानीय लोगों का कहना है कि कस्बे में पानी निकासी की समुचित व्यवस्था नहीं होने के कारण सामान्य से अधिक बारिश होते ही जल भराव की स्थिति बन गई है। नालियों की सफाई और पानी की निकासी के पर्याप्त इंतजाम नहीं होने से बरसात का पानी लंबे समय तक सड़कों और निचले इलाकों में भर जाता है। बारिश के दौरान मुख्य बाजार एवं अन्य प्रमुख मार्गों पर पानी भरने से लोगों को पानी के बीच से होकर गुजरना पड़ रहा है। जल भराव ने एक बार फिर कस्बे की जल निकासी व्यवस्था को लेकर बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं स्थानीय लोगों ने प्रशासन एवं नगर पालिका से स्थाई समाधान की मांग की है, ताकि आगामी बारिश में हर बार उत्पन्न होने वाली जल भराव की समस्याओं से इक्तव्यवासियों को राहत मिल सके । -हर साल बारिश में यही कहानी- किशनगढ़ बास में बारिश के दौरान जल भराव कोई नई समस्या नहीं है। मानसून आते ही कस्बे में पानी भरने की समस्या सामने आने लगती है मंगलवार को मूसलाधार बारिश के बाद बने हालात ने यह स्पष्ट कर दिया है कि कस्बे में प्रभावी जल निकासी व्यवस्था की। आवश्यकता अब भी बनी हुई है। गौरतलब है कि नगर पालिका किशनगढ़ बास के द्वारा हर साल नाला सफाई के नाम पर करोड़ों रुपए खर्च कर दिए जाते हैं लेकिन समस्या जस की तस्वीर बनी हुई है।1
- पुनहाना में बिजली विभाग के कर्मचारियों का धरना प्रदर्शन जारी1
- खैरथल तिजारा जिले के किशनगढ़ बास पंचायत समिति के ग्राम पंचायत मीरका के भवन में भरा प्याज का बीज साथ ही सरकारी भवन के साथ-साथ सरकारी बिजली का भी हो रहा है दुरुपयोग जिम्मेदार बेखबर जो लोग सोचते हैं की हम सता में रहे कर सरकारी प्रॉपर्टी का दुरपयोग करंगे तो वो लोग ये बात अपने दिमाक से निकाल दो सरपंच,उपसरपंच,ग्राम पंचायत के कार्येकर्ता सब पर कार्यवाही की जाय।हर गाँव का युवा अब चुप नही रहेगा जो भी दोषी हैं उन सब पर सख्त कार्यवाही की जायगी। युवाओं की आवाज़ आपका अपना अनिल मुड़ाई ओड1
- सिहाली कलां में 200 मीटर सड़क बदहाल, गहरे गड्ढों से हादसे का खतरा मुंडावर। उपखण्ड क्षेत्र के गांव सिहाली कलां में गांव के छोर से कुंदनदास मंदिर मार्ग तक करीब 200 मीटर सड़क पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो चुकी है। सड़क पर जगह-जगह बड़े और गहरे गड्ढे बन गए हैं, जिससे इस मार्ग से गुजरने वाले वाहन चालकों और राहगीरों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। बारिश के दौरान स्थिति और भी गंभीर हो जाती है, क्योंकि गड्ढों में पानी भर जाने से उनकी गहराई का अंदाजा नहीं लग पाता और दुर्घटना का खतरा बढ़ जाता है। यह मार्ग क्षेत्र का प्रमुख रास्ता है, जहां से प्रतिदिन सैकड़ों वाहन गुजरते हैं। इसी मार्ग से विद्यार्थी विद्यालयों और महाविद्यालयों में पढ़ने के लिए आवागमन करते हैं। इसके अलावा यह सड़क भिवाड़ी, टपूकड़ा और तिजारा क्षेत्र को जोड़ने वाले महत्वपूर्ण मार्गों में शामिल है। ग्रामीणों का कहना है कि खराब सड़क के कारण उन्हें जान जोखिम में डालकर सफर करना पड़ रहा है। ग्रामीण समाजसेवी देवेंद्र सिंह चौहान, कैप्टन रणधीर सिंह, सूबेदार दिलीप सिंह, राजू पंच, जयसिंह, रोहतास सिंह, सुनील, विजेंदर सिंह, इसब खान, मोहर सिंह थानेदार, मिन्नी ठेकेदार, प्रदीप, लक्ष्मण, सियाराम, धर्मेंद्र और शक्ति सिंह के अनुसार इस समस्या को लेकर संबंधित अधिकारियों से एक-दो बार नहीं, बल्कि अनेक बार शिकायत एवं मुलाकात की जा चुकी है, लेकिन अभी तक स्थायी समाधान नहीं हुआ है। ग्रामीणों ने प्रशासन से सड़क की तत्काल मरम्मत कराने की मांग की है। उनका कहना है कि प्रशासन शायद किसी बड़े हादसे के बाद ही जागेगा।3
- सीकरी की वाल्मीकि कॉलोनी में कचरे का अंबार, सड़क बनी कूड़ाघर सीकरी। कस्बे की वाल्मीकि कॉलोनी में सफाई व्यवस्था की बदहाल तस्वीर सामने आई है। कॉलोनी की सड़क पर जगह-जगह कचरा फैला हुआ है, जिससे लोगों का रास्ते से निकलना तक मुश्किल हो गया है। कचरे के कारण सड़क का बड़ा हिस्सा जाम है और आसपास रहने वाले लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। स्थानीय लोगों का कहना है कि नालियां भी कचरे से जाम पड़ी हैं, जिससे गंदा पानी जमा हो रहा है। बदबू और गंदगी के बीच बच्चों और लोगों के बीमार होने की शिकायतें सामने आ रही हैं। लोगों को आशंका है कि लंबे समय तक ऐसी स्थिति रहने से बीमारी फैलने का खतरा और बढ़ सकता है। वहीं, बस स्टैंड क्षेत्र में भी कचरा पड़ा हुआ है। हालात इतने खराब हैं कि खुले में पड़े कचरे को गायें खाती नजर आ रही हैं। इससे आवारा पशुओं के साथ-साथ राहगीरों के लिए भी खतरा बना हुआ है। लोगों का सवाल है कि जब सफाई व्यवस्था के लिए जिम्मेदार विभाग मौजूद हैं, तो आखिर कचरा उठाने और नालियों की सफाई की व्यवस्था कब सुधरेगी? स्थानीय लोगों ने नगर पालिका प्रशासन से वाल्मीकि कॉलोनी और बस स्टैंड क्षेत्र में तत्काल सफाई करवाने, सड़क से कचरा हटाने और जाम नालियों की सफाई कराने की मांग की है।1