Shuru
Apke Nagar Ki App…
रायगढ़ के केशला तोलेंगे बाजार में सड़क सुधार के लिए आर-पार की लड़ाई का ऐलान किया गया है। इसके तहत क्षेत्र में चक्काजाम करने की जोरदार तैयारी चल रही है। इस आंदोलन को मजबूत करने के लिए आम जनता से बढ़-चढ़कर जुटने की पुरजोर अपील की गई है।
Raigarh Chhattisgarh
रायगढ़ के केशला तोलेंगे बाजार में सड़क सुधार के लिए आर-पार की लड़ाई का ऐलान किया गया है। इसके तहत क्षेत्र में चक्काजाम करने की जोरदार तैयारी चल रही है। इस आंदोलन को मजबूत करने के लिए आम जनता से बढ़-चढ़कर जुटने की पुरजोर अपील की गई है।
More news from Chhattisgarh and nearby areas
- छत्तीसगढ़ के रायगढ़ जिले के लैलूंगा थाना क्षेत्र के ग्राम छापरपानी में एक सूने बोर मकान में रह रही महिला और उसकी महज 10 महीने की दुधमुंही बच्ची की अज्ञात दरिंदे ने बेरहमी से हत्या कर दी है। इस दोहरे हत्याकांड के बाद पूरे इलाके में सनसनी फैल गई है। मिली जानकारी के अनुसार, मृतिका बरत कुमारी (35 वर्ष) के पति की मौत के बाद उसकी मानसिक स्थिति ठीक नहीं थी और वह गांव के बाहर प्रहलाद बेहरा के खेत में बने एक सूने बोर घर में अपनी 10 माह की मासूम बेटी परी के साथ रह रही थी। 16 जुलाई की सुबह गांव के ही एक शख्स ने मृतिका की मौसी बुधियारो नागवंशी को हमले की सूचना दी। जब ग्रामीण और परिजन मौके पर पहुंचे, तो वहां का मंजर देखकर उनकी रूह कांप गई। अज्ञात आरोपी ने किसी भारी वस्तु से बरत कुमारी के सिर और चेहरे पर ताबड़तोड़ वार कर उसे लहूलुहान कर दिया था। कातिल ने बगल में सो रही 10 महीने की मासूम परी पर भी रहम नहीं खाया और भारी प्रहार कर उसे मौके पर ही दर्दनाक मौत की नींद सुला दिया, जबकि मां गंभीर रूप से तड़प रही थी। घटना की सूचना मिलते ही एसडीओपी धरमजयगढ़ सिद्दांत तिवारी और लैलूंगा पुलिस की टीम फोरेंसिक (FSL) तथा डॉग स्क्वायड के साथ मौके पर पहुंची। पुलिस ने अज्ञात आरोपी के खिलाफ अपराध क्रमांक 230/2026, धारा 103(1) भारतीय न्याय संहिता (BNS) के तहत हत्या का मुकदमा दर्ज किया है। मामले की गंभीरता को देखते हुए रायगढ़ एसएसपी शशि मोहन सिंह ने खुद कमान संभाल रखी है और घटनास्थल का मुआयना कर पुलिस अधिकारियों को जल्द से जल्द आरोपी को गिरफ्तार करने के सख्त निर्देश दिए हैं। पुलिस फिलहाल कुछ संदेहियों को हिरासत में लेकर लगातार पूछताछ कर रही है। एसएसपी ने आश्वस्त किया है कि वैज्ञानिक और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर जल्द ही इस दोहरे हत्याकांड का पर्दाफाश कर दिया जाएगा। फिलहाल इलाके के लोग सहमे हुए हैं और जल्द से जल्द न्याय की मांग कर रहे हैं।2
- छत्तीसगढ़ के रायगढ़ जिले में इस बार रक्षाबंधन के अवसर पर बीज राखियों के जरिए हरियाली का संदेश बिखेरा जाएगा। इस पावन पर्व पर जिले की स्व सहायता समूह की दीदियों ने एक बेहद अनूठी पहल की है, जिसके तहत वे बीज राखियों का निर्माण कर रही हैं।1
- छत्तीसगढ़ के रायगढ़ जिले के लैलूंगा थाना क्षेत्र अंतर्गत ग्राम छापरपानी में एक सूने बोर घर में आश्रय ले रही महिला और उसकी 10 माह की मासूम बच्ची की लाश मिली है। इस दोहरे हत्याकांड की गंभीरता को देखते हुए वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक श्री शशि मोहन सिंह स्वयं जांच की मॉनिटरिंग कर रहे हैं। उन्होंने पुलिस अधिकारियों को घटना के आरोपी की शीघ्र गिरफ्तारी के कड़े निर्देश दिए हैं। घटना के संबंध में ग्राम छापरपानी की निवासी प्रार्थिया श्रीमती बुधियारो नागवंशी (42 वर्ष) ने 16 जुलाई 2026 को थाना लैलूंगा में रिपोर्ट दर्ज कराई है। रिपोर्ट के अनुसार, उनकी मौसेरी बहन बरत कुमारी (35 वर्ष) के पति की मृत्यु के बाद उसकी मानसिक स्थिति सामान्य नहीं थी, जिसके कारण वह अपने मायके में रह रही थी और अक्सर घूमते हुए गांव के प्रहलाद बेहरा के खेत में बने बोर मकान में रहने लगी थी। 16 जुलाई की सुबह गांव के ननकूराम ने सूचना दी कि बरत कुमारी के साथ किसी अज्ञात व्यक्ति ने मारपीट की है और उसके सिर व चेहरे से खून निकल रहा है। जब प्रार्थिया ग्रामीणों के साथ मौके पर पहुंची, तो बरत कुमारी के सिर और चेहरे पर किसी भारी वस्तु से हमला किया गया था और वह गंभीर रूप से घायल थी, वहीं पास में सो रही उसकी 10 माह की पुत्री परी की मौके पर ही मौत हो चुकी थी। घटना की सूचना मिलते ही एसडीओपी धरमजयगढ़ श्री सिद्दांत तिवारी और लैलूंगा थाना पुलिस तत्काल मौके पर पहुंचे। पुलिस ने एफएसएल और डॉग स्क्वॉड की टीम के साथ घटनास्थल का सूक्ष्म निरीक्षण कर महत्वपूर्ण भौतिक साक्ष्य एकत्रित किए हैं। मामले में अज्ञात आरोपी के विरुद्ध अपराध क्रमांक 230/2026, धारा 103(1) भारतीय न्याय संहिता (BNS) के तहत हत्या का अपराध दर्ज कर विवेचना शुरू कर दी गई है। एसएसपी श्री शशि मोहन सिंह ने स्वयं लैलूंगा थाने पहुंचकर संदेहियों से पूछताछ की और जांच टीम को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। एसएसपी ने संदेश दिया है कि पुलिस टीम हर पहलू पर गंभीरता से जांच कर रही है और वैज्ञानिक व तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर आरोपियों की शीघ्र पहचान कर उन्हें गिरफ्तार किया जाएगा।2
- जगतगुरु तत्वदर्शी संत रामपाल जी महाराज द्वारा 'किसान मजदूर बचाओ अभियान' के तीसरे चरण के तहत किसानों के लिए विशेष कार्य किया जा रहा है। इसके अंतर्गत 2.5 एकड़ या उससे कम भूमि वाले आर्थिक रूप से कमजोर किसानों को खाद, बीज व कीटनाशक दवाइयां पूर्णतः निशुल्क उपलब्ध करवाई जा रही हैं। इस पहल का मुख्य उद्देश्य यह है कि इससे देश का किसान समृद्ध होगा तो देश समृद्ध होगा। Sa News YouTube Channel द्वारा साझा की गई इस जानकारी के बाद लोग सोशल मीडिया पर #फ्री_खाद_बीज_दवाई_सेवाअभियान के साथ इस सेवा की सराहना कर रहे हैं।1
- छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस कमेटी ने राम मंदिर के चंदे और चढ़ावे को लेकर केंद्र सरकार और भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) पर तीखा हमला बोला है। सारंगढ़ के जिला कांग्रेस कार्यालय में आयोजित प्रेस वार्ता में मुख्य वक्ता के रूप में पूर्व जिला अध्यक्ष अनिल शुक्ला ने आरोप लगाया कि भगवान राम के नाम पर देश भर से जुटाया गया करोड़ों का चंदा और चढ़ावा 'भाजपा-आरएसएस की राजनीतिक लूट' का शिकार हो गया है। कांग्रेस ने इस पूरे मामले की सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में स्वतंत्र न्यायिक जांच कराने और राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट को तत्काल भंग करने की मांग की है। मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान राम को करोड़ों भारतीयों की आस्था का प्रतीक बताते हुए कांग्रेस ने कहा कि गरीबों, किसानों और मजदूरों ने अपनी मेहनत की कमाई से मंदिर के लिए चंदा दिया था, जिसे भाजपा और संघ परिवार के संगठनों ने अपने राजनीतिक लाभ के लिए इस्तेमाल किया। प्रेस वार्ता में आरोप लगाया गया कि राम मंदिर निर्माण के समय 'रामशिला पूजन' के नाम पर 14,000 करोड़ रुपये से अधिक की राशि एकत्रित की गई थी, जिसका कोई हिसाब नहीं दिया गया है। शुक्ला ने कहा कि पहले चंदे में हेराफेरी की गई और अब मंदिर बनने के बाद चढ़ावे में भी चोरी की जा रही है। चूंकि राम मंदिर न्यास ट्रस्ट का गठन गृहमंत्री अमित शाह ने किया था और यह प्रधानमंत्री की देखरेख में हुआ, इसलिए इस कथित घोटाले की नैतिक जिम्मेदारी सीधे तौर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृहमंत्री अमित शाह की बनती है। पार्टी ने सरकार से तीन बड़े सवाल पूछते हुए पूछा है कि जब ट्रस्ट प्रधानमंत्री की देखरेख में बना तो इस घोटाले की जवाबदेही कौन लेगा, अगर सब कुछ ठीक था तो चंपत राय और अनिल मिश्रा के इस्तीफे क्यों हुए, और यदि कुछ गलत नहीं हुआ तो सरकार सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में स्वतंत्र जांच से क्यों डर रही है? कांग्रेस ने इस मामले में पांच सूत्रीय मांगें सामने रखी हैं। इसमें प्रधानमंत्री से ट्रस्ट गठन और प्रशासनिक निगरानी में सरकार की भूमिका स्पष्ट करने, कथित घोटाले में शामिल चंपत राय, अनिल मिश्रा और अन्य के खिलाफ तत्काल एफआईआर दर्ज कर गिरफ्तारी करने, और सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में स्वतंत्र न्यायिक जांच कराने की मांग शामिल है। साथ ही, वर्तमान ट्रस्ट को तत्काल भंग कर धर्माचार्यों, प्रतिष्ठित नागरिकों और प्रशासनिक विशेषज्ञों के साथ एक नया पारदर्शी ट्रस्ट गठित करने और समस्त चंदे, चढ़ावे व भूमि खरीद का स्वतंत्र फोरेंसिक ऑडिट कराकर रिपोर्ट सार्वजनिक करने की मांग की गई है। इस पत्रकार वार्ता में जिला अध्यक्ष ताराचंद देवांगन, संजय दुबे, सूरज तिवारी, अरुण मालाकार, नीतिश बंजारे, उमेश केशरवानी, रवीन्द्र नंदे, राधेश्याम जायसवाल, विनोद भारद्वाज, रामनाथ सिदार, रमेश खुंटे, राकेश पटेल, हेमंत, मितेंद्र यादव, राजू यादव और राजकमल अग्रवाल सहित कई अन्य लोग उपस्थित रहे।1
- छत्तीसगढ़ के जशपुर जिले के पत्थलगांव थाना क्षेत्र के टुकूपखना गांव में जमीन विवाद को लेकर एक आदिवासी परिवार पर जानलेवा हमला करने और फसल को ट्रैक्टर से रौंदने का सनसनीखेज मामला सामने आया है। पैतृक खेत में धान की रोपाई कर रहे परिवार पर दूसरे पक्ष के लोगों ने हथियारों से लैस होकर हमला बोल दिया। इस घटना में खड़ी फसल को नुकसान पहुंचाने के साथ-साथ बीच-बचाव करने आईं महिलाओं के साथ मारपीट और छेड़छाड़ करने के भी गंभीर आरोप लगे हैं। पीड़ित पक्ष की शिकायत पर पत्थलगांव पुलिस ने ग्राम सरपंच सहित 10 नामजद आरोपियों के खिलाफ गंभीर धाराओं के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। शिकायतकर्ता संजय बड़ा के अनुसार, यह घटना 17 जुलाई की सुबह की है जब उनका परिवार अपने पैतृक खेत में काम कर रहा था। तभी आरोपी कुदाल, लाठी और अन्य घातक हथियार लेकर खेत में घुस आए। उन्होंने जातिसूचक गालियां देते हुए पूरे परिवार को जान से मारने की धमकी दी और खेत से खदेड़ दिया। इसके बाद आरोपियों ने दो ट्रैक्टरों से रोपी गई धान की फसल को रौंदकर भारी नुकसान पहुंचाया। जब संजय बड़ा की मां मिलो बाई ने इसका विरोध किया, तो उनके साथ मारपीट कर उन्हें जमीन पर धक्का दे दिया गया। बीच-बचाव करने आई बहन के साथ छेड़छाड़ कर उसे घसीटने का प्रयास किया गया और आरोपियों द्वारा दुष्कर्म व जान से मारने की धमकी भी दी गई। पुलिस ने इस मामले को गंभीरता से लेते हुए कुल 10 लोगों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) और अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम की संगीन और गैर-जमानती धाराओं के तहत अपराध क्रमांक 02/2026 दर्ज किया है। नामजद आरोपियों में भगवानों यादव, प्रेमचंद, नरेंद्र यादव, पदमन, दिलबंधु, जगबंधु, नवीन यादव, बिछी यादव, दसई यादव और ग्राम सरपंच गरीब साय शामिल हैं। जशपुर के अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (ASP) राकेश कुमार पटनवार ने बताया कि धान रोपाई के दौरान दो पक्षों में हुए इस विवाद में 10 लोगों पर केस दर्ज कर हर पहलू से निष्पक्ष जांच की जा रही है और साक्ष्यों के आधार पर आगे की कड़ी वैधानिक कार्रवाई की जाएगी। दूसरी तरफ, आरोपी पक्ष के भगवानों यादव ने इन सभी आरोपों को झूठा और निराधार बताया है। उनका दावा है कि विवादित भूमि राजस्व रिकॉर्ड में उनके पक्ष के नाम पर दर्ज है और दूसरा पक्ष इस पर अवैध रूप से दावा कर रहा है। मामले में नामजद सरपंच गरीब साय ने भी अपनी सफाई में कहा कि उनके सामने कोई जानलेवा हमला या छेड़छाड़ की घटना नहीं हुई, बल्कि केवल महिलाओं के बीच गाली-गलौज और झूमाझटकी हुई थी। फिलहाल पुलिस दोनों पक्षों के बयानों और मौके के साक्ष्यों को खंगाल रही है।2
- छत्तीसगढ़ के जांजगीर में तुस्मा कंजी नाला पार करते समय एक कार सवार युवक बीच में ही फंस गया। चेतावनी दिए जाने के बावजूद युवक ने अपनी कार को पानी के तेज बहाव में उतार दिया था। इस घटना के बाद, डीडीआरएफ (DDRF) की टीम ने मौके पर पहुंचकर युवक को सुरक्षित बचा लिया।1