छत्तीसगढ़ के जशपुर जिले के पत्थलगांव थाना क्षेत्र के टुकूपखना गांव में जमीन विवाद को लेकर एक आदिवासी परिवार पर जानलेवा हमला करने और फसल को ट्रैक्टर से रौंदने का सनसनीखेज मामला सामने आया है। पैतृक खेत में धान की रोपाई कर रहे परिवार पर दूसरे पक्ष के लोगों ने हथियारों से लैस होकर हमला बोल दिया। इस घटना में खड़ी फसल को नुकसान पहुंचाने के साथ-साथ बीच-बचाव करने आईं महिलाओं के साथ मारपीट और छेड़छाड़ करने के भी गंभीर आरोप लगे हैं। पीड़ित पक्ष की शिकायत पर पत्थलगांव पुलिस ने ग्राम सरपंच सहित 10 नामजद आरोपियों के खिलाफ गंभीर धाराओं के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। शिकायतकर्ता संजय बड़ा के अनुसार, यह घटना 17 जुलाई की सुबह की है जब उनका परिवार अपने पैतृक खेत में काम कर रहा था। तभी आरोपी कुदाल, लाठी और अन्य घातक हथियार लेकर खेत में घुस आए। उन्होंने जातिसूचक गालियां देते हुए पूरे परिवार को जान से मारने की धमकी दी और खेत से खदेड़ दिया। इसके बाद आरोपियों ने दो ट्रैक्टरों से रोपी गई धान की फसल को रौंदकर भारी नुकसान पहुंचाया। जब संजय बड़ा की मां मिलो बाई ने इसका विरोध किया, तो उनके साथ मारपीट कर उन्हें जमीन पर धक्का दे दिया गया। बीच-बचाव करने आई बहन के साथ छेड़छाड़ कर उसे घसीटने का प्रयास किया गया और आरोपियों द्वारा दुष्कर्म व जान से मारने की धमकी भी दी गई। पुलिस ने इस मामले को गंभीरता से लेते हुए कुल 10 लोगों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) और अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम की संगीन और गैर-जमानती धाराओं के तहत अपराध क्रमांक 02/2026 दर्ज किया है। नामजद आरोपियों में भगवानों यादव, प्रेमचंद, नरेंद्र यादव, पदमन, दिलबंधु, जगबंधु, नवीन यादव, बिछी यादव, दसई यादव और ग्राम सरपंच गरीब साय शामिल हैं। जशपुर के अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (ASP) राकेश कुमार पटनवार ने बताया कि धान रोपाई के दौरान दो पक्षों में हुए इस विवाद में 10 लोगों पर केस दर्ज कर हर पहलू से निष्पक्ष जांच की जा रही है और साक्ष्यों के आधार पर आगे की कड़ी वैधानिक कार्रवाई की जाएगी। दूसरी तरफ, आरोपी पक्ष के भगवानों यादव ने इन सभी आरोपों को झूठा और निराधार बताया है। उनका दावा है कि विवादित भूमि राजस्व रिकॉर्ड में उनके पक्ष के नाम पर दर्ज है और दूसरा पक्ष इस पर अवैध रूप से दावा कर रहा है। मामले में नामजद सरपंच गरीब साय ने भी अपनी सफाई में कहा कि उनके सामने कोई जानलेवा हमला या छेड़छाड़ की घटना नहीं हुई, बल्कि केवल महिलाओं के बीच गाली-गलौज और झूमाझटकी हुई थी। फिलहाल पुलिस दोनों पक्षों के बयानों और मौके के साक्ष्यों को खंगाल रही है।
छत्तीसगढ़ के जशपुर जिले के पत्थलगांव थाना क्षेत्र के टुकूपखना गांव में जमीन विवाद को लेकर एक आदिवासी परिवार पर जानलेवा हमला करने और फसल को ट्रैक्टर से रौंदने का सनसनीखेज मामला सामने आया है। पैतृक खेत में धान की रोपाई कर रहे परिवार पर दूसरे पक्ष के लोगों ने हथियारों से लैस होकर हमला बोल दिया। इस घटना में खड़ी फसल को नुकसान पहुंचाने के साथ-साथ बीच-बचाव करने आईं महिलाओं के साथ मारपीट और छेड़छाड़ करने के भी गंभीर आरोप लगे हैं। पीड़ित पक्ष की शिकायत पर पत्थलगांव पुलिस ने ग्राम सरपंच सहित 10 नामजद आरोपियों के खिलाफ गंभीर धाराओं के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। शिकायतकर्ता संजय बड़ा के अनुसार, यह घटना 17 जुलाई की सुबह की है जब उनका परिवार अपने पैतृक खेत में काम कर रहा था। तभी आरोपी कुदाल, लाठी और अन्य घातक हथियार लेकर खेत में घुस आए। उन्होंने जातिसूचक गालियां देते हुए पूरे परिवार को जान से मारने की धमकी दी और खेत से खदेड़ दिया। इसके बाद आरोपियों ने दो ट्रैक्टरों से रोपी गई धान की फसल को रौंदकर भारी नुकसान पहुंचाया। जब संजय बड़ा की मां मिलो बाई ने इसका विरोध किया, तो उनके साथ मारपीट कर उन्हें जमीन पर धक्का दे दिया गया। बीच-बचाव करने आई बहन के साथ छेड़छाड़ कर उसे घसीटने का प्रयास किया
गया और आरोपियों द्वारा दुष्कर्म व जान से मारने की धमकी भी दी गई। पुलिस ने इस मामले को गंभीरता से लेते हुए कुल 10 लोगों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) और अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम की संगीन और गैर-जमानती धाराओं के तहत अपराध क्रमांक 02/2026 दर्ज किया है। नामजद आरोपियों में भगवानों यादव, प्रेमचंद, नरेंद्र यादव, पदमन, दिलबंधु, जगबंधु, नवीन यादव, बिछी यादव, दसई यादव और ग्राम सरपंच गरीब साय शामिल हैं। जशपुर के अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (ASP) राकेश कुमार पटनवार ने बताया कि धान रोपाई के दौरान दो पक्षों में हुए इस विवाद में 10 लोगों पर केस दर्ज कर हर पहलू से निष्पक्ष जांच की जा रही है और साक्ष्यों के आधार पर आगे की कड़ी वैधानिक कार्रवाई की जाएगी। दूसरी तरफ, आरोपी पक्ष के भगवानों यादव ने इन सभी आरोपों को झूठा और निराधार बताया है। उनका दावा है कि विवादित भूमि राजस्व रिकॉर्ड में उनके पक्ष के नाम पर दर्ज है और दूसरा पक्ष इस पर अवैध रूप से दावा कर रहा है। मामले में नामजद सरपंच गरीब साय ने भी अपनी सफाई में कहा कि उनके सामने कोई जानलेवा हमला या छेड़छाड़ की घटना नहीं हुई, बल्कि केवल महिलाओं के बीच गाली-गलौज और झूमाझटकी हुई थी। फिलहाल पुलिस दोनों पक्षों के बयानों और मौके के साक्ष्यों को खंगाल रही है।
- छत्तीसगढ़ के जशपुर जिले के पत्थलगांव थाना क्षेत्र के टुकूपखना गांव में जमीन विवाद को लेकर एक आदिवासी परिवार पर जानलेवा हमला करने और फसल को ट्रैक्टर से रौंदने का सनसनीखेज मामला सामने आया है। पैतृक खेत में धान की रोपाई कर रहे परिवार पर दूसरे पक्ष के लोगों ने हथियारों से लैस होकर हमला बोल दिया। इस घटना में खड़ी फसल को नुकसान पहुंचाने के साथ-साथ बीच-बचाव करने आईं महिलाओं के साथ मारपीट और छेड़छाड़ करने के भी गंभीर आरोप लगे हैं। पीड़ित पक्ष की शिकायत पर पत्थलगांव पुलिस ने ग्राम सरपंच सहित 10 नामजद आरोपियों के खिलाफ गंभीर धाराओं के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। शिकायतकर्ता संजय बड़ा के अनुसार, यह घटना 17 जुलाई की सुबह की है जब उनका परिवार अपने पैतृक खेत में काम कर रहा था। तभी आरोपी कुदाल, लाठी और अन्य घातक हथियार लेकर खेत में घुस आए। उन्होंने जातिसूचक गालियां देते हुए पूरे परिवार को जान से मारने की धमकी दी और खेत से खदेड़ दिया। इसके बाद आरोपियों ने दो ट्रैक्टरों से रोपी गई धान की फसल को रौंदकर भारी नुकसान पहुंचाया। जब संजय बड़ा की मां मिलो बाई ने इसका विरोध किया, तो उनके साथ मारपीट कर उन्हें जमीन पर धक्का दे दिया गया। बीच-बचाव करने आई बहन के साथ छेड़छाड़ कर उसे घसीटने का प्रयास किया गया और आरोपियों द्वारा दुष्कर्म व जान से मारने की धमकी भी दी गई। पुलिस ने इस मामले को गंभीरता से लेते हुए कुल 10 लोगों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) और अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम की संगीन और गैर-जमानती धाराओं के तहत अपराध क्रमांक 02/2026 दर्ज किया है। नामजद आरोपियों में भगवानों यादव, प्रेमचंद, नरेंद्र यादव, पदमन, दिलबंधु, जगबंधु, नवीन यादव, बिछी यादव, दसई यादव और ग्राम सरपंच गरीब साय शामिल हैं। जशपुर के अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (ASP) राकेश कुमार पटनवार ने बताया कि धान रोपाई के दौरान दो पक्षों में हुए इस विवाद में 10 लोगों पर केस दर्ज कर हर पहलू से निष्पक्ष जांच की जा रही है और साक्ष्यों के आधार पर आगे की कड़ी वैधानिक कार्रवाई की जाएगी। दूसरी तरफ, आरोपी पक्ष के भगवानों यादव ने इन सभी आरोपों को झूठा और निराधार बताया है। उनका दावा है कि विवादित भूमि राजस्व रिकॉर्ड में उनके पक्ष के नाम पर दर्ज है और दूसरा पक्ष इस पर अवैध रूप से दावा कर रहा है। मामले में नामजद सरपंच गरीब साय ने भी अपनी सफाई में कहा कि उनके सामने कोई जानलेवा हमला या छेड़छाड़ की घटना नहीं हुई, बल्कि केवल महिलाओं के बीच गाली-गलौज और झूमाझटकी हुई थी। फिलहाल पुलिस दोनों पक्षों के बयानों और मौके के साक्ष्यों को खंगाल रही है।2
- छत्तीसगढ़ के सक्ति जिले में एक बंद मकान में हुई चोरी की बड़ी घटना का सक्ति पुलिस ने खुलासा करते हुए तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। स्टेशन पारा, वार्ड क्रमांक 18 के निवासी प्रार्थी नीरज अग्रवाल ने थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि वह 5 जुलाई 2026 को अपने परिवार के साथ नासिक और ज्योतिर्लिंग दर्शन के लिए गए हुए थे। जब वे 13 जुलाई 2026 को वापस लौटे, तो घर का मुख्य ताला खोलकर अंदर प्रवेश करने पर उन्हें भीतर के दोनों दरवाजे अंदर से बंद मिले। संदेह होने पर जब वे छत के रास्ते अंदर गए, तो छत का दरवाजा टूटा हुआ था। अज्ञात चोर ने दुकान के गल्ले से लगभग ₹3,500 नगद और करीब ₹5,500 का सोनी कंपनी का एक साउंड बॉक्स, कुल ₹9,000 की संपत्ति चोरी कर ली थी। घर में लगे सीसीटीवी कैमरे की जांच करने पर 9 जुलाई 2026 की रात लगभग 01:50 बजे एक व्यक्ति घर में घुसकर चोरी करता दिखाई दिया, जिसके बाद सक्ति पुलिस ने अपराध दर्ज कर जांच शुरू की। पुलिस के उच्च अधिकारियों के निर्देश और डॉ. भुनेश्वरी पैकरा के मार्गदर्शन में जांच के दौरान सीसीटीवी फुटेज के आधार पर एक विधि से संघर्षरत बालक की पहचान की गई। पूछताछ में उसने अपने साथियों दीपक सतनामी, विक्की यादव उर्फ रक्षा यादव, खगेश कुमार यादव उर्फ खोरू और एक अन्य विधि से संघर्षरत बालक के साथ मिलकर बंद मकान को निशाना बनाकर चोरी करने का अपराध स्वीकार किया। आरोपियों के मेमोरेंडम कथन के आधार पर आरोपी खगेश कुमार यादव उर्फ खोरू के कब्जे से चोरी किया गया सोनी कंपनी का साउंड बॉक्स बरामद कर जब्त कर लिया गया, जबकि चोरी की नगदी आरोपियों ने आपस में खर्च कर दी थी। मामले में संलिप्तता प्रमाणित पाए जाने पर पुलिस ने आरोपी दीपक सतनामी (उम्र 20 वर्ष), विक्की यादव उर्फ रक्षा यादव (उम्र 21 वर्ष) और खगेश कुमार यादव उर्फ खोरू (उम्र 39 वर्ष) को 16 जुलाई 2026 को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर भेज दिया है। इसके साथ ही मामले में संलिप्त विधि से संघर्षरत बालक के विरुद्ध किशोर न्याय अधिनियम के तहत आवश्यक वैधानिक कार्रवाई करते हुए उसे किशोर न्याय बोर्ड, जांजगीर के समक्ष प्रस्तुत किया गया है।1
- जशपुर जिले के कुनकुरी थाना क्षेत्र के अंतर्गत ग्राम भुरसा निवासी 25 वर्षीय युवक गौरव खलखो की वज्रपात की चपेट में आने से दर्दनाक मौत हो गई। यह हादसा 19 जुलाई 2026 को शाम करीब 4:30 बजे किनकेल घाट के पास एक खुले मैदान में हुआ। घटना की सूचना मिलने पर जशपुर पुलिस ने मर्ग कायम कर वैधानिक कार्रवाई शुरू कर दी है और प्रारंभिक जांच में मौत की वजह आकाशीय बिजली की चपेट में आना ही पाया गया है। घटना के वक्त मृतक अपने साथियों के साथ कार से देशदेखा क्षेत्र में पिकनिक मनाने गया था। अचानक तेज गर्जना के साथ मौसम खराब हुआ और हल्की बारिश होने लगी। जब बारिश कुछ कम हुई, तो सभी साथी फोटो खिंचवाने के लिए खुले मैदान में चले गए, तभी अचानक आकाशीय बिजली गिरी और गौरव उसकी चपेट में आकर बेहोश हो गया। उसके साथी उसे तुरंत निजी वाहन से जिला अस्पताल जशपुर लेकर पहुंचे, जहां डॉक्टरों ने जांच के बाद उसे मृत घोषित कर दिया। इस दुखद घटना के बाद जशपुर के पुलिस कप्तान, डीआईजी और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. लाल उमेद सिंह ने आम जनता से विशेष सावधानी बरतने की अपील की है। उन्होंने कहा कि जशपुर जिला पर्वतीय और वनांचल क्षेत्र होने के कारण यहाँ वर्षा ऋतु में वज्रपात की घटनाएं बढ़ जाती हैं, जिससे पहले भी जनहानि और पशुहानि हुई है। पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि मौसम खराब होने पर खेतों, खुले मैदानों, पहाड़ियों, जंगलों या ऊंचे पेड़ों के नीचे खड़े न हों। ऐसी स्थिति में मोबाइल फोन का इस्तेमाल न करें और किसी पक्के आश्रय स्थल में चले जाएं, साथ ही बिजली के खंभों, जलाशयों और मोबाइल टावरों से दूर रहें।3
- महासमुंद जिले की बलौदा थाना पुलिस ने एक मोटरसाइकिल चोरी के आरोपी को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। पुलिस सूत्रों के अनुसार, प्रार्थी तुलाराम बाघ निवासी ग्राम टेमरी ने थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि उन्होंने ग्राम गेर्रा स्थित अनिल ऑटो पार्ट्स में अपनी हीरो सीडी डीलक्स मोटरसाइकिल (क्रमांक सीजी 06 जीयू 2348) बनने के लिए दी थी। रात में दुकान के सामने खड़ी इस गाड़ी को कोई अज्ञात चोर चोरी कर ले गया था। चोरी की इस रिपोर्ट पर पुलिस ने अपराध क्रमांक 44/26 और भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 303(2) के तहत मामला दर्ज कर विवेचना शुरू की थी। विवेचना के दौरान पुलिस ने मुखबिर तंत्र को सक्रिय किया, जिससे सूचना मिली कि सरायपाली के कुटेला चौक के पास एक व्यक्ति मोटरसाइकिल बेचने के लिए ग्राहक की तलाश कर रहा है। बलौदा पुलिस टीम ने त्वरित कार्रवाई करते हुए मौके पर दबिश दी और घेराबंदी कर संदिग्ध आरोपी करण बेहरा (पिता श्याम बेहरा, उम्र 22 वर्ष, निवासी बाजार पारा सरायपाली) को पकड़ लिया। पूछताछ में आरोपी ने वाहन चोरी की बात स्वीकार की। आरोपी की निशानदेही पर अर्जुण्डा तिराहा के आगे पदमपुर रोड पर एक निर्माणाधीन मकान के पीछे से बिना नंबर प्लेट की हीरो कंपनी की सीडी डीलक्स मोटरसाइकिल बरामद की गई, जिसके चेसिस और इंजन नंबर का मिलान प्रार्थी के वाहन से हो गया। जुर्म स्वीकार करने के बाद आरोपी को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया है।2
- रायगढ़ में नीट पेपर लीक के विरोध में सर्व आदिवासी समाज ने अपना विरोध दर्ज कराया है। इस गंभीर मुद्दे को लेकर समाज द्वारा देश के राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री के नाम एक ज्ञापन सौंपा गया है।1
- सक्ती जिला के डभरा थाना पुलिस ने अवैध शराब के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत ग्राम छुहीपाली में कार्रवाई करते हुए एक आरोपी को गिरफ्तार किया है। यह कार्रवाई जिला सक्ती के उच्च अधिकारियों के दिशा निर्देश पर मुखबिर की सूचना के आधार पर की गई। डभरा पुलिस ने आरोपी के कब्जे से 30 लीटर कच्ची महुआ शराब जप्त की है, जिसकी अनुमानित कीमत ₹3,000 बताई गई है। गिरफ्तार आरोपी की पहचान संतोष महेश्वरी (41 वर्ष), निवासी वार्ड क्रमांक 07, ग्राम छुहीपाली, थाना डभरा, जिला सक्ती के रूप में हुई है। पूछताछ के दौरान आरोपी संतोष महेश्वरी पुलिस के समक्ष शराब रखने और उसे बेचने से संबंधित कोई भी वैध दस्तावेज प्रस्तुत करने में असमर्थ रहा। इसके बाद पुलिस ने आरोपी के विरुद्ध आबकारी एक्ट की धारा 34(2) के तहत अपराध दर्ज कर उसे विधिवत गिरफ्तार कर लिया और न्यायिक रिमांड पर भेज दिया है।1
- छत्तीसगढ़ के जशपुर जिले के नारायणपुर थाना क्षेत्र अंतर्गत ग्राम कलिया में एक कलयुगी बेटे द्वारा अपने ही पिता की बेरहमी से हत्या करने का मामला सामने आया है। घटना के संबंध में मृतक के 30 वर्षीय बेटे अजय कुमार नाग ने 16.07.26 को नारायणपुर थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। अजय ने बताया कि वह अपनी पत्नी और बच्चों के साथ खेत में काम करने गया था, जबकि घर पर उसके माता-पिता और उसका अविवाहित बड़ा भाई पूना राम नाग (35 वर्ष) मौजूद थे। शाम करीब 4:00 बजे अजय को उसके बड़े पिताजी के बेटे ने खेत में आकर सूचना दी कि बड़े भाई पूना राम ने पिता बंधु नाग (52 वर्ष) की लकड़ी की फाड़ी से मारकर हत्या कर दी है। जब अजय अपने परिवार के साथ घर पहुंचा, तो उसने देखा कि उसके पिता का शव आंगन में पड़ा हुआ था और उनके सिर से खून बह रहा था। पूछताछ के दौरान मृतक की पत्नी ने बताया कि आरोपी पूना राम शराब के नशे में धुत होकर घर आया था। जब उसके पिता ने उसे काम-धाम नहीं करने को लेकर टोकते हुए कुछ कहा, तो वह विवाद करने लगा। इसी दौरान अत्यधिक आवेश में आकर पूना राम ने आंगन में पड़ी लकड़ी की फाड़ी उठाई और अपने पिता के सिर व कनपटी पर जोरदार हमला कर दिया, जिससे उनकी मौके पर ही मौत हो गई। रिपोर्ट के आधार पर नारायणपुर पुलिस ने आरोपी के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 103 के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू की। पुलिस टीम ने तत्परता दिखाते हुए घटनास्थल का निरीक्षण किया, शव का पंचनामा तैयार कर पोस्टमार्टम कराया और आरोपी पूना राम नाग को हिरासत में ले लिया। आरोपी ने पुलिस के सामने अपना जुर्म कबूल कर लिया है, जिसके बाद पुलिस ने हत्या में इस्तेमाल की गई लकड़ी की फाड़ी को भी जब्त कर लिया है। आरोपी को विधिवत गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया है। जशपुर के डीआईजी और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. लाल उमेद सिंह ने मामले की पुष्टि की है। इस त्वरित कार्रवाई में थाना प्रभारी नारायणपुर निरीक्षक कोमल सिंह नेताम, पीएसआई संतोष वर्मा, प्रधान आरक्षक पुरन पटेल, आरक्षक कुलदीप खलखो, नगर सैनिक ओम प्रकाश और वीरेन्द्र भगत की मुख्य भूमिका रही।2
- छत्तीसगढ़ के जांजगीर में तुस्मा कंजी नाला पार करते समय एक कार सवार युवक बीच में ही फंस गया। चेतावनी दिए जाने के बावजूद युवक ने अपनी कार को पानी के तेज बहाव में उतार दिया था। इस घटना के बाद, डीडीआरएफ (DDRF) की टीम ने मौके पर पहुंचकर युवक को सुरक्षित बचा लिया।1