सदर अस्पताल का खराब डायलिसिस मशीन को ठीक कराने की मांग ,कांग्रेस प्रदेश प्रवक्ता ने की मांग रूपेश कुमार, लातेहार : झारखंड प्रदेश कांग्रेस प्रवक्ता पंकज तिवारी ने मंगलवार को लातेहार सदर अस्पताल पहुंचकर उपाधीक्षक डॉ. अंजना रजनी खुसार से मुलाकात की। इस दौरान उन्होंने अस्पताल में पिछले तीन से चार महीनों से खराब पड़ी एक डायलिसिस मशीन को दुरुस्त कराने की मांग की। मुलाकात के दौरान प्रवक्ता तिवारी ने अस्पताल प्रबंधन का ध्यान मरीजों को हो रही गंभीर समस्याओं की ओर आकर्षित कराया। उन्होंने कहा कि लातेहार जैसे ग्रामीण और आर्थिक रूप से पिछड़े जिले में सदर अस्पताल में ही गरीब मरीजों के लिए स्वास्थ्य सुविधाओं का मुख्य सहारा है। डायलिसिस मशीन के अचानक खराब हो जाने के कारण किडनी की बीमारी से जूझ रहे स्थानीय मरीजों को इलाज के लिए रांची या अन्य दूर-दराज के शहरों का रुख करना पड़ रहा है। इससे मरीजों को न केवल भारी मानसिक और शारीरिक कष्ट सहना पड़ रहा है, बल्कि उन पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ भी पड़ रहा है। बताते चले डीएमएफटी फंड से सदर अस्पताल में तीन डायलिसिस मशीन की खरीददारी की गई थी। जिसमें से एक मशीन खराब पड़ा हुआ है। सदर अस्पताल की उपाधीक्षक डॉ. अंजना रजनी खुसार ने मामले की संवेदनशीलता को स्वीकार किया। उन्होंने बताया की मशीन में आई तकनीकी खराबी को दूर करने के लिए संबंधित एजेंसी और इंजीनियरों को सूचित कर दिया गया है। उपाधीक्षक ने आश्वासन दिया की एक सप्ताह के भीतर डायलिसिस मशीन को ठीक करवाकर पुनः सुचारु रूप से चालू कर दिया जाएगा, ताकि किसी भी मरीज को लातेहार से बाहर न जाना पड़े।
सदर अस्पताल का खराब डायलिसिस मशीन को ठीक कराने की मांग ,कांग्रेस प्रदेश प्रवक्ता ने की मांग रूपेश कुमार, लातेहार : झारखंड प्रदेश कांग्रेस प्रवक्ता पंकज तिवारी ने मंगलवार को लातेहार सदर अस्पताल पहुंचकर उपाधीक्षक डॉ. अंजना रजनी खुसार से मुलाकात की। इस दौरान उन्होंने अस्पताल में पिछले तीन से चार महीनों से खराब पड़ी एक डायलिसिस मशीन को दुरुस्त कराने की मांग की। मुलाकात के दौरान प्रवक्ता तिवारी ने अस्पताल प्रबंधन का ध्यान मरीजों को हो रही गंभीर समस्याओं की ओर आकर्षित कराया। उन्होंने कहा कि लातेहार जैसे ग्रामीण और आर्थिक रूप से पिछड़े जिले में सदर अस्पताल में ही गरीब मरीजों के लिए स्वास्थ्य सुविधाओं का मुख्य सहारा है। डायलिसिस मशीन के अचानक खराब हो जाने के कारण किडनी की बीमारी से जूझ रहे स्थानीय मरीजों को इलाज के लिए
रांची या अन्य दूर-दराज के शहरों का रुख करना पड़ रहा है। इससे मरीजों को न केवल भारी मानसिक और शारीरिक कष्ट सहना पड़ रहा है, बल्कि उन पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ भी पड़ रहा है। बताते चले डीएमएफटी फंड से सदर अस्पताल में तीन डायलिसिस मशीन की खरीददारी की गई थी। जिसमें से एक मशीन खराब पड़ा हुआ है। सदर अस्पताल की उपाधीक्षक डॉ. अंजना रजनी खुसार ने मामले की संवेदनशीलता को स्वीकार किया। उन्होंने बताया की मशीन में आई तकनीकी खराबी को दूर करने के लिए संबंधित एजेंसी और इंजीनियरों को सूचित कर दिया गया है। उपाधीक्षक ने आश्वासन दिया की एक सप्ताह के भीतर डायलिसिस मशीन को ठीक करवाकर पुनः सुचारु रूप से चालू कर दिया जाएगा, ताकि किसी भी मरीज को लातेहार से बाहर न जाना पड़े।
- कंट्रोल रूम का कल होगा उद्घाटन, उपायुक्त समेत जिले के कई पदाधिकारी रहेंगे मौजूद लातेहार : लातेहार जिले में बुधवार को एक नई सौगात मिलने वाली है। कंट्रोल रूम का उद्घाटन बुधवार को 30 सितंबर को होगा। इस उदघाटन में उपायुक्त संदीप कुमार समेत जिले के कई पदाधिकारी मौजूद रहेंगे।1
- मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार का पुतला दहन किया गया. इस दौरान जिला अध्यक्ष लाल मोतीनाथ शाहदेव और राज्यसभा सांसद वैद्यनाथ राम समेत पार्टी के कई पदाधिकारी मौजूद रहे. मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार का पुतला दहन किया गया. इस दौरान जिला अध्यक्ष लाल मोतीनाथ शाहदेव और राज्यसभा सांसद वैद्यनाथ राम समेत पार्टी के कई पदाधिकारी मौजूद रहे. राज्यसभा सांसद वैद्यनाथ राम ने केंद्र की भाजपा सरकार पर विभिन्न संवैधानिक एवं संस्थागत व्यवस्थाओं की स्वायत्तता को लेकर सवाल उठाए. उन्होंने आरोप लगाया कि चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली को लेकर विपक्षी दलों और मतदाताओं के बीच गंभीर सवाल खड़े हुए हैं.1
- टाइगर जयराम महतो विधायकी तो आती-जाती रहती है? #shorts #shortvideo #youtubeshorts #viralvideo #news1
- पलामू डीसी के अपील के बाद बेरोजगार युवक युवतियां पहुंच रहीं है रोजगार मेला #latestnewspalamu #latestnewsjharkhand #cmojharkhand #हेमंतसोरेन #झारखण्डसरकार #palamu #पलामू #डाल्टनगंज #dcpalamu @dcpalamu #jslps #job2026#vacency2026 पलामू जिले के मनातू प्रखंड में आज रोजगार मेला का आयोजन करवाया गया इस आयोजन में मुख्य रूप से आईफोन और होंडा कंपनियों में रोजगार के लिए युवाओं को एक अच्छा अवसर के रूप में मिला।2
- खटिया बनी एंबुलेंस, पांच किमी पैदल चलकर मरीज को पहुंचाया मुख्य सड़क तक दातुखाड़ की बदहाली पर ग्राउंड रिपोर्ट रामप्रवेश गुप्ता खटिया बनी एंबुलेंस, पांच किमी पैदल चलकर मरीज को पहुंचाया मुख्य सड़क तक दातुखाड़ गांव में सड़क-पुल, बिजली और पानी की समस्या से जूझ रहे ग्रामीण, पांच साल से बंद पड़ी जलमीनार महुआडांड़ (लातेहार)। महुआडांड़ प्रखंड के परहाटोली पंचायत अंतर्गत सुदूरवर्ती दातुखाड़ गांव में बुनियादी सुविधाओं का अभाव ग्रामीणों के लिए बड़ी परेशानी बना हुआ है। सड़क और पुल-पुलिया की सुविधा नहीं होने का सबसे गंभीर असर बीमार और बुजुर्ग लोगों को उठाना पड़ रहा है। सोमवार को एक बार फिर गांव की बदहाल तस्वीर सामने आई, जब करीब 30 वर्षीय सिम्पल कोरवा की तबीयत बिगड़ने पर ग्रामीणों ने उन्हें खटिया पर लिटाकर करीब पांच किलोमीटर तक पैदल ढोया। ग्रामीणों के मुताबिक मरीज को मुख्य सड़क तक पहुंचाने के लिए रास्ते में नदी को दो बार पार करना पड़ा। कई ग्रामीणों ने मिलकर खटिया को कंधे पर उठाया और काफी मशक्कत के बाद मरीज को मुख्य सड़क तक पहुंचाया। इसके बाद ऑटो की मदद से उन्हें अस्पताल भेजा गया। ग्रामीणों का कहना है कि दातुखाड़ गांव तक पक्की सड़क नहीं होने और नदी पर पुल-पुलिया का निर्माण नहीं होने के कारण किसी के बीमार पड़ने पर समय पर अस्पताल पहुंचाना चुनौती बन जाता है। बरसात के दिनों में नदी का जलस्तर बढ़ने पर स्थिति और भी गंभीर हो जाती है। ऐसे समय में खटिया ही मरीजों को बाहर ले जाने का सहारा बनती है। पांच साल से खराब है जलमीनार सड़क की समस्या के साथ गांव में पेयजल संकट भी बना हुआ है। ग्रामीणों के अनुसार गांव में लगाया गया जलमीनार पिछले करीब पांच वर्षों से खराब पड़ा है। इसकी मरम्मत नहीं होने के कारण लोगों को नदी के पानी पर निर्भर रहना पड़ रहा है। इसी पानी का इस्तेमाल पीने के साथ-साथ घरेलू कार्यों में भी किया जा रहा है। बिजली के खंभे तक नहीं पहुंचे दातुखाड़ के ग्रामीण आज भी बिजली जैसी मूलभूत सुविधा से वंचित हैं। ग्रामीणों के अनुसार गांव में अब तक बिजली के खंभे तक नहीं लगाए गए हैं। बिजली नहीं होने से बच्चों की पढ़ाई प्रभावित होती है और शाम ढलने के बाद ग्रामीणों की मुश्किलें बढ़ जाती हैं। स्वास्थ्य सुविधा भी गांव से दूर ग्रामीणों ने बताया कि गांव में नियमित स्वास्थ्य शिविर और एएनएम की सुविधा नहीं है। किसी व्यक्ति के अचानक बीमार पड़ने पर उसे पैदल या खटिया के सहारे मुख्य सड़क तक ले जाना पड़ता है। इसके बाद ही वाहन की मदद से अस्पताल पहुंचाया जा सकता है। ग्रामीणों ने प्रशासन से दातुखाड़ गांव की समस्याओं का स्थायी समाधान कराने की मांग की है। उन्होंने गांव तक सड़क निर्माण, नदी पर पुल-पुलिया बनाने, खराब जलमीनार की मरम्मत, स्वच्छ पेयजल की व्यवस्था, बिजली के खंभे लगाने तथा नियमित स्वास्थ्य सुविधा उपलब्ध कराने की मांग की3
- 11 केवी फीडर में मेंटनेंस का होगा काम, तीन घंटे बिजली रहेगी गुल रातू। 11 केवी ग्रामीण फीडर में मेंटनेंस कार्य को लेकर बुधवार को तीन घंटे बिजली आपूर्ति बाधित रहेगी। विभाग के अनुसार सुबह 11 बजे से दोपहर 2 बजे तक फीडर को बंद रखकर आवश्यक रखरखाव कार्य किया जाएगा। इस दौरान ललित ग्राम, गोविंद नगर, कमड़े, तिलता, फ्रेंच कॉलोनी, विंध्यवासिनी नगर, द्वारिकापुरी और सूर्य नगर समेत आसपास के इलाकों में बिजली आपूर्ति प्रभावित रहेगी। विभाग ने उपभोक्ताओं से अपील की है कि निर्धारित अवधि को ध्यान में रखते हुए आवश्यक कार्य पहले से निपटा लें। मेंटनेंस कार्य पूरा होने के बाद विद्युत आपूर्ति सामान्य कर दी जाएगी।1
- लातेहार माले जिला सचिव बिरजू राम के नेतृत्व में बरवाडीह में मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार का पुतला दहन किया गया, मंगलवार की दोपहर 1:00 बजे । पुतला दहन कार्यक्रम बरवाडीह प्रखंड में अवस्थित दो स्थान उक्कमार के बहेराटार एवं बरवाडीह प्रखंड मुख्यालय के अंबेडकर चौक पर किया गया ।मौके पर लातेहार जिला सचिव माले बिरजू राम ने कहा कि देश के 13 लाख मतदाताओं का नाम ज्ञानेश कुमार मुख्य चुनाव आयुक्त ने मोदी के इशारे पर काटा था ।इसलिए ज्ञानेश कुमार का इस्तीफा होना चाहिए।1
- एक साल से बंद पड़े नए शौचालय, मरीजों को हो रही परेशानी रूपेश कुमार, लातेहार : सदर अस्पताल परिसर में मरीजों और आम लोगों की सुविधा के लिए बनाए गए पांच नए शौचालय करीब एक साल से बंद पड़े हैं। निर्माण कार्य पूरा होने के बाद भी शौचालयों में ताला लगा रहने से अस्पताल आने वाले मरीजों और उनके परिजनों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। सबसे अधिक परेशानी महिलाओं, बुजुर्गों और दिव्यांग मरीजों को हो रही है। जानकारी के अनुसार सदर अस्पताल परिसर में पांच शौचालयों का निर्माण कराया गया है। इनमें दो पुरुष, दो महिला और एक शौचालय दिव्यांगजनों के लिए बनाया गया है। निर्माण पूरा होने के बाद भी इन्हें आम लोगों के उपयोग के लिए नहीं खोला गया है। शौचालय बंद रहने के कारण अस्पताल परिसर में आने वाले लोगों को अन्य शौचालयों पर निर्भर रहना पड़ रहा है। बताया जाता है कि निर्माण कार्य पूरा होने के बावजूद संबंधित संवेदक का बिल भुगतान के लिए लंबित है। बिल फंसे रहने के कारण संवेदक ने शौचालयों में ताला लगा दिया है। संवेदक की ओर से शौचालय में किसी तरह की टूट-फूट या नुकसान नहीं हो, इसे लेकर ताला लगाए जाने की बात कही जा रही है। हालांकि, इसका सीधा असर अस्पताल आने वाले मरीजों और उनके स्वजनों पर पड़ रहा है। मरीज सुनीता देवी, मालती देवी ने बताया कि जब शौचालय का निर्माण मरीजों और आम लोगों की सुविधा के लिए किया गया है, तो इसे लंबे समय तक बंद रखना उचित नहीं है। उन्होंने अस्पताल प्रबंधक से मामले में पहल करते हुए शौचालय को जल्द खुलवाने की मांग की है। इस संबंध में सदर अस्पताल उपाधीक्षक डा. अंजना रजनी खुसार ने कहा कि उन्हें मामले की जानकारी नहीं है। यदि शौचालय बंद होने की बात सही है, तो उसे मरीजों के लिए खुलवाया जाएगा।1
- 4 महीने से 65 कर्मचारियों को नहीं मिला वेतन भुगतान के लिए रोना पड़ता है सभी कर्मचारी हड़ताल पर? #lohardaga_public #HemantSoren #majdur1