*“इंस्टाग्राम पर दोस्ती, शादी का झांसा और नाबालिग को घर से ले गया युवक, आरोपी गिरफ्तार”* 🚨 *“अभियान संवेदना के तहत चक्रधरनगर पुलिस की कार्रवाई, गुम बालिका सकुशल दस्तयाब; आरोपी को भेजा रिमांड पर* 🚨 *सोशल मीडिया पर हुई थी पहचान; आरोपी बालिका को रायगढ़ से बिहार, ओडिसा और फिर सारंगढ़ ले जाकर रहने लगा* *रायगढ़, 1 सितंबर* । वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक श्री शशि मोहन सिंह के दिशा-निर्देशन में महिलाओं एवं बच्चों से संबंधित संवेदनशील अपराधों में त्वरित कार्रवाई के लिए चलाए जा रहे “अभियान संवेदना” के तहत चक्रधरनगर पुलिस ने गुम नाबालिग बालिका को सकुशल दस्तयाब कर मामले में आरोपी युवक को गिरफ्तार कर रिमांड पर भेजा है। *घर से बिना बताए निकली थी नाबालिग* दिनांक 17 मार्च 2025 को प्रार्थी थाना चक्रधरनगर, रायगढ़ उपस्थित होकर रिपोर्ट दर्ज कराया कि उसकी नाबालिग पुत्री (17 साल) दिनांक 25 जनवरी 2025 को दोपहर में घर से बिना बताए कहीं चली गई है। आसपास एवं रिश्तेदारों में काफी तलाश करने के बाद भी उसका कोई पता नहीं चला। प्रार्थी की रिपोर्ट पर थाना चक्रधरनगर में अपराध क्रमांक 109/2025, धारा 137(2) बीएनएस के तहत अपराध पंजीबद्ध कर विवेचना प्रारंभ की गई। *इंस्टाग्राम के जरिए युवक से हुई थी पहचान* विवेचना के दौरान पुलिस को जानकारी मिली कि नाबालिग की पहचान इंस्टाग्राम के माध्यम से दिलेश्वर चौहान नामक युवक से हुई थी। दोनों के बीच कई महीनों तक इंस्टाग्राम पर मैसेज के जरिए बातचीत होती रही। नाबालिग ने बताया कि दिनांक 25 जनवरी 2025 को युवक ने उसे मिलने के लिए बुलाया। इसके बाद वह केवड़ाबाड़ी बस स्टैंड, रायगढ़ पहुंची, जहां दिलेश्वर चौहान मिला। युवक द्वारा शादी करने की बात कहकर उसे अपने साथ ले जाया गया। *रायगढ़ से बिहार, ओड़िसा और फिर सारंगढ़ ले गया* बालिका के कथन के अनुसार, आरोपी उसे बस के माध्यम से बिहार ले गया, जहां उसके माता-पिता ईंट भट्ठे में काम करते थे। करीब 6-7 माह बाद दोनों बिहार से वापस सारंगढ़ क्षेत्र में आए और रहने लगे। इसके बाद आरोपी मजदूरी के लिए ओड़िशा चला गया और बालिका भी उसके साथ रहने लगी। बाद में दोनों वापस युवक के गांव में आकर रहने लगे। *महिला पुलिस अधिकारी के समक्ष दर्ज कराया गया बयान* चक्रधरनगर पुलिस द्वारा बालिका को दिनांक 29 अगस्त 2026 को जिला सारंगढ़-बिलाईगढ़ से सकुशल दस्तयाब किया गया। प्रशिक्षु उप निरीक्षक मनीषा ध्रुव के हमराह पुलिस टीम द्वारा बालिका को सुरक्षित रायगढ़ लाया गया। बालिका के कथन, मेडिकल पर आरोपी ने शादी का प्रलोभन देकर भगा ले जाने और शारीरिक संबंध स्थापित करना पाये जाने पर प्रकरण में *धारा 87,65(1) बी.एन.एस. 6 पाक्सो एक्ट जोडी गई*। महिला पुलिस अधिकारी के समक्ष बालिका के बयान एवं विवेचना में सामने आए तथ्यों के आधार पर आरोपी दिलेश्वर चौहान को गिरफ्तार किया। आरोपी दिलेश्वर चौहान निवासी थाना कोसीर, जिला सारंगढ़ बिलाईगढ़ को न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत कर रिमांड पर भेजा गया है।
*“इंस्टाग्राम पर दोस्ती, शादी का झांसा और नाबालिग को घर से ले गया युवक, आरोपी गिरफ्तार”* 🚨 *“अभियान संवेदना के तहत चक्रधरनगर पुलिस की कार्रवाई, गुम बालिका सकुशल दस्तयाब; आरोपी को भेजा रिमांड पर* 🚨 *सोशल मीडिया पर हुई थी पहचान; आरोपी बालिका को रायगढ़ से बिहार, ओडिसा और फिर सारंगढ़ ले जाकर रहने लगा* *रायगढ़, 1 सितंबर* । वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक श्री शशि मोहन सिंह के दिशा-निर्देशन में महिलाओं एवं बच्चों से संबंधित संवेदनशील अपराधों में त्वरित कार्रवाई के लिए चलाए जा रहे “अभियान संवेदना” के तहत चक्रधरनगर पुलिस ने गुम नाबालिग बालिका को सकुशल दस्तयाब कर मामले में आरोपी युवक को गिरफ्तार कर रिमांड पर भेजा है। *घर से बिना बताए निकली थी नाबालिग* दिनांक 17 मार्च 2025 को प्रार्थी थाना चक्रधरनगर, रायगढ़ उपस्थित होकर रिपोर्ट दर्ज कराया कि उसकी नाबालिग पुत्री (17 साल) दिनांक 25 जनवरी 2025 को दोपहर में घर से बिना बताए कहीं चली गई है। आसपास एवं रिश्तेदारों में काफी तलाश करने के बाद भी उसका कोई पता नहीं चला। प्रार्थी की रिपोर्ट पर थाना चक्रधरनगर में अपराध क्रमांक 109/2025, धारा 137(2) बीएनएस के तहत अपराध पंजीबद्ध कर विवेचना प्रारंभ की गई। *इंस्टाग्राम के जरिए युवक से हुई थी पहचान* विवेचना के दौरान पुलिस को जानकारी मिली कि नाबालिग की पहचान इंस्टाग्राम के माध्यम से दिलेश्वर चौहान नामक युवक से हुई थी। दोनों के बीच कई महीनों तक इंस्टाग्राम पर मैसेज के जरिए बातचीत होती रही। नाबालिग ने बताया कि दिनांक 25 जनवरी 2025 को युवक ने उसे मिलने के लिए बुलाया। इसके बाद वह केवड़ाबाड़ी बस स्टैंड, रायगढ़ पहुंची, जहां दिलेश्वर चौहान मिला। युवक द्वारा शादी करने की बात कहकर उसे अपने साथ ले जाया गया। *रायगढ़ से बिहार, ओड़िसा और फिर सारंगढ़ ले गया* बालिका के कथन के अनुसार, आरोपी उसे बस के माध्यम से बिहार ले गया, जहां उसके माता-पिता ईंट भट्ठे में काम करते थे। करीब 6-7 माह बाद दोनों बिहार से वापस सारंगढ़ क्षेत्र में आए और रहने लगे। इसके बाद आरोपी मजदूरी के लिए ओड़िशा चला गया और बालिका भी उसके साथ रहने लगी। बाद में दोनों वापस युवक के गांव में आकर रहने लगे। *महिला पुलिस अधिकारी के समक्ष दर्ज कराया गया बयान* चक्रधरनगर पुलिस द्वारा बालिका को दिनांक 29 अगस्त 2026 को जिला सारंगढ़-बिलाईगढ़ से सकुशल दस्तयाब किया गया। प्रशिक्षु उप निरीक्षक मनीषा ध्रुव के हमराह पुलिस टीम द्वारा बालिका को सुरक्षित रायगढ़ लाया गया। बालिका के कथन, मेडिकल पर आरोपी ने शादी का प्रलोभन देकर भगा ले जाने और शारीरिक संबंध स्थापित करना पाये जाने पर प्रकरण में *धारा 87,65(1) बी.एन.एस. 6 पाक्सो एक्ट जोडी गई*। महिला पुलिस अधिकारी के समक्ष बालिका के बयान एवं विवेचना में सामने आए तथ्यों के आधार पर आरोपी दिलेश्वर चौहान को गिरफ्तार किया। आरोपी दिलेश्वर चौहान निवासी थाना कोसीर, जिला सारंगढ़ बिलाईगढ़ को न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत कर रिमांड पर भेजा गया है।
- *“इंस्टाग्राम पर दोस्ती, शादी का झांसा और नाबालिग को घर से ले गया युवक, आरोपी गिरफ्तार”* 🚨 *“अभियान संवेदना के तहत चक्रधरनगर पुलिस की कार्रवाई, गुम बालिका सकुशल दस्तयाब; आरोपी को भेजा रिमांड पर* 🚨 *सोशल मीडिया पर हुई थी पहचान; आरोपी बालिका को रायगढ़ से बिहार, ओडिसा और फिर सारंगढ़ ले जाकर रहने लगा* *रायगढ़, 1 सितंबर* । वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक श्री शशि मोहन सिंह के दिशा-निर्देशन में महिलाओं एवं बच्चों से संबंधित संवेदनशील अपराधों में त्वरित कार्रवाई के लिए चलाए जा रहे “अभियान संवेदना” के तहत चक्रधरनगर पुलिस ने गुम नाबालिग बालिका को सकुशल दस्तयाब कर मामले में आरोपी युवक को गिरफ्तार कर रिमांड पर भेजा है। *घर से बिना बताए निकली थी नाबालिग* दिनांक 17 मार्च 2025 को प्रार्थी थाना चक्रधरनगर, रायगढ़ उपस्थित होकर रिपोर्ट दर्ज कराया कि उसकी नाबालिग पुत्री (17 साल) दिनांक 25 जनवरी 2025 को दोपहर में घर से बिना बताए कहीं चली गई है। आसपास एवं रिश्तेदारों में काफी तलाश करने के बाद भी उसका कोई पता नहीं चला। प्रार्थी की रिपोर्ट पर थाना चक्रधरनगर में अपराध क्रमांक 109/2025, धारा 137(2) बीएनएस के तहत अपराध पंजीबद्ध कर विवेचना प्रारंभ की गई। *इंस्टाग्राम के जरिए युवक से हुई थी पहचान* विवेचना के दौरान पुलिस को जानकारी मिली कि नाबालिग की पहचान इंस्टाग्राम के माध्यम से दिलेश्वर चौहान नामक युवक से हुई थी। दोनों के बीच कई महीनों तक इंस्टाग्राम पर मैसेज के जरिए बातचीत होती रही। नाबालिग ने बताया कि दिनांक 25 जनवरी 2025 को युवक ने उसे मिलने के लिए बुलाया। इसके बाद वह केवड़ाबाड़ी बस स्टैंड, रायगढ़ पहुंची, जहां दिलेश्वर चौहान मिला। युवक द्वारा शादी करने की बात कहकर उसे अपने साथ ले जाया गया। *रायगढ़ से बिहार, ओड़िसा और फिर सारंगढ़ ले गया* बालिका के कथन के अनुसार, आरोपी उसे बस के माध्यम से बिहार ले गया, जहां उसके माता-पिता ईंट भट्ठे में काम करते थे। करीब 6-7 माह बाद दोनों बिहार से वापस सारंगढ़ क्षेत्र में आए और रहने लगे। इसके बाद आरोपी मजदूरी के लिए ओड़िशा चला गया और बालिका भी उसके साथ रहने लगी। बाद में दोनों वापस युवक के गांव में आकर रहने लगे। *महिला पुलिस अधिकारी के समक्ष दर्ज कराया गया बयान* चक्रधरनगर पुलिस द्वारा बालिका को दिनांक 29 अगस्त 2026 को जिला सारंगढ़-बिलाईगढ़ से सकुशल दस्तयाब किया गया। प्रशिक्षु उप निरीक्षक मनीषा ध्रुव के हमराह पुलिस टीम द्वारा बालिका को सुरक्षित रायगढ़ लाया गया। बालिका के कथन, मेडिकल पर आरोपी ने शादी का प्रलोभन देकर भगा ले जाने और शारीरिक संबंध स्थापित करना पाये जाने पर प्रकरण में *धारा 87,65(1) बी.एन.एस. 6 पाक्सो एक्ट जोडी गई*। महिला पुलिस अधिकारी के समक्ष बालिका के बयान एवं विवेचना में सामने आए तथ्यों के आधार पर आरोपी दिलेश्वर चौहान को गिरफ्तार किया। आरोपी दिलेश्वर चौहान निवासी थाना कोसीर, जिला सारंगढ़ बिलाईगढ़ को न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत कर रिमांड पर भेजा गया है।1
- कल NH-43 पर चक्का जाम ! सड़क की बदहाली को लेकर अमरजीत भगत जी का क्या कहना है? पूरा सुनिए सीतापुर से इस वक्त की बड़ी खबर सामने आ रही है। NH-43 की जर्जर और गड्डों से भरी सड़क को लेकर अब आंदोलन होने जा रहा है। सड़क सुधार की मांग को लेकर पूर्व में ज्ञापन देने के बावजूद काम शुरू नहीं होने पर कल, 2 सितंबर बुधवार को रेस्ट हाउस सीतापुर के सामने ब्लॉक कांग्रेस कमेटी द्वारा चक्का जाम आंदोलन किया जाएगा। इस दौरान पूर्व मंत्री अमरजीत भगत भी मौजूद रहेंगे।1
- SECL की वर्दी में L&R कार्यालय में सरपंच के नाम पर साइन! वीडियो में उपसरपंच भी मौजूद, ‘सरपंच पति’ अजय कंवर पर उठे सवाल 👉🏻नौकरी से जुड़े दस्तावेज पर हस्ताक्षर का आरोप, पंचायत से लेकर SECL तक जांच की मांग कोरबा-कुसमुंडा। परियोजना प्रभावित ग्राम पंचायत खोडरी की सरपंच उमा कंवर के अधिकारों के कथित इस्तेमाल का मामला अब सवालों के घेरे में है। आरोप है कि उनके पति अजय कंवर, जो SECL कुसमुंडा में कार्यरत हैं, ने सरपंच की ओर से उनके नाम पर दस्तावेज में हस्ताक्षर किए। मामले का एक वीडियो भी सामने आया है। इसमें अजय कंवर SECL की वर्दी में L&R कार्यालय के भीतर एक दस्तावेज पर हस्ताक्षर करते नजर आ रहे हैं। वीडियो में ग्राम पंचायत के उपसरपंच सुरेश पटेल भी मौजूद दिखाई दे रहे हैं। बताया जा रहा है कि दस्तावेज किनार कंपनी में रोजगार/नौकरी से जुड़ी प्रक्रिया का है। 👉🏻सरपंच की जगह पति ने किस अधिकार से किए हस्ताक्षर? मामले में सबसे बड़ा सवाल यही है कि यदि दस्तावेज पर सरपंच उमा कंवर के नाम से हस्ताक्षर किए गए हैं तो अजय कंवर को यह अधिकार किसने दिया था? क्या उनके पास सरपंच की ओर से हस्ताक्षर करने का कोई लिखित प्राधिकरण था? इसकी जांच जरूरी है। साथ ही मूल दस्तावेज, हस्ताक्षर, वीडियो की तारीख और समय तथा संबंधित कार्यालय के रिकॉर्ड से यह भी स्पष्ट किया जाना चाहिए कि उस समय सरपंच कहां थीं और दस्तावेज किस उद्देश्य से तैयार किया गया था। 👉🏻SECL की वर्दी में कार्यालय पहुंचने पर भी सवाल अजय कंवर के SECL कर्मचारी होने के कारण उनकी ड्यूटी को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं। यदि वीडियो की तारीख और समय उनकी ड्यूटी अवधि से मेल खाता है तो SECL प्रबंधन को यह स्पष्ट करना चाहिए कि वे उस समय किस ड्यूटी पर थे और L&R कार्यालय में उनकी मौजूदगी किस अनुमति के तहत थी। 👉🏻उपसरपंच की भूमिका भी जांच के दायरे में वीडियो में उपसरपंच सुरेश पटेल की मौजूदगी ने सवाल जरूर खड़े किए हैं, लेकिन सिर्फ मौके पर मौजूद होने से उन्हें दोषी नहीं माना जा सकता। दस्तावेज और उनके बयान के आधार पर उनकी भूमिका स्पष्ट की जानी चाहिए। 👉🏻BNS और पंचायत कानून के तहत जांच की जरूरत यदि जांच में यह साबित होता है कि अजय कंवर ने बिना अधिकार सरपंच के नाम से हस्ताक्षर किए और उसका इस्तेमाल वास्तविक दस्तावेज के रूप में किया गया, तो दस्तावेज की प्रकृति के आधार पर BNS की जालसाजी संबंधी धाराओं में कार्रवाई की संभावना की जांच हो सकती है। वहीं पंचायत पद के अधिकार के दुरुपयोग या कदाचार के तथ्य सामने आने पर छत्तीसगढ़ पंचायत राज अधिनियम की धारा 40 के तहत कार्रवाई की applicability भी देखी जा सकती है। फिलहाल आरोपों की पुष्टि जांच के बाद ही होगी। पंचायत प्रशासन और SECL प्रबंधन से मूल दस्तावेज, वीडियो, कार्यालयीन रिकॉर्ड और ड्यूटी रिकॉर्ड की निष्पक्ष जांच की मांग उठ रही है। जांच में आरोप सही पाए जाने पर संबंधित व्यक्ति के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई का रास्ता साफ हो सकता है।1
- रायगढ़ जिले में संतान की लंबी उम्र के लिए माताओं ने रखा हलषष्ठी का पर्व,घरों में परंपरागत तौर पर उपवास रखकर पूजा अर्चना की।1
- रायगढ़ पुलिस की बड़ी कार्रवाई : फर्जी दस्तावेजों से आदिवासी और शासकीय जमीन के खेल का खुलासा,कापू क्षेत्र अंतर्गत पण्डो जनजाति की भूमि और शासकीय जमीन के फर्जी अंतरण में पटवारी की भूमिका संदिग्ध पर अपराध दर्ज,ऑपरेशन क्लीन हंट” में फरार पटवारी राकेश साय गिरफ्तार, लैपटॉप व प्रिंटर जब्त रायगढ़, कलेक्टर रायगढ़ मयंक चतुर्वेदी एवं वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक शशि मोहन सिंह के मार्गदर्शन में कापू पुलिस ने जमीन संबंधी गंभीर धोखाधड़ी के दो मामलों में फरार मुख्य आरोपित तत्कालीन पटवारी राकेश साय को गिरफ्तार किया है। आरोपित पर पण्डो जनजाति की भूमि को फर्जी तरीके से गैर-आदिवासी के नाम विक्रय कराने तथा ग्राम पंचायत रायमेर की शासकीय भूमि के फर्जी दस्तावेज और पट्टे तैयार कर दलालों के माध्यम से रजिस्ट्री कराने के गंभीर आरोप हैं। अपराध दर्ज होने के बाद से आरोपी फरार था। “ऑपरेशन क्लीन हंट” के तहत फरार आरोपियों की धरपकड़ के लिए चलाए जा रहे अभियान के दौरान कापू पुलिस को आरोपी के ग्राम गनपतपुर में देखे जाने की सूचना मिली। सूचना पर पुलिस टीम ने तत्काल घेराबंदी कर आरोपी राकेश साय को हिरासत में लेकर गिरफ्तार किया। उसके कब्जे से दोनों मामलों में प्रयुक्त एक लैपटॉप और एक प्रिंटर मशीन भी जब्त की गई है। दोनों प्रकरणों में शामिल अन्य आरोपी अभी फरार हैं, जिनकी गिरफ्तारी के लिए पुलिस टीम लगातार प्रयासरत है। पण्डो जनजाति की भूमि को फर्जी तरीके से दूसरे के नाम दर्ज कराकर बिक्री का आरोप पहले मामले में ग्राम डुमरनारा की भूमि खसरा नंबर 409 को लेकर जांच में सामने आया कि यह भूमि पूर्व से पण्डो जनजाति के सदस्यों के नाम राजस्व अभिलेखों में दर्ज रही है। जांच के दौरान वर्ष 2023-24 के अभिलेखों में बिना सक्षम अधिकारी के आदेश के भूमि को सुखन पिता बजरंग, जाति रावत के नाम दर्ज किया जाना पाया गया। इसके बाद 21 फरवरी 2024 को उक्त भूमि को संतोष देवी गुप्ता, निवासी रायपुर के नाम रजिस्टर्ड विक्रय पत्र के माध्यम से विक्रय किया गया। जांच में यह भी सामने आया कि जिस व्यक्ति को विक्रेता के रूप में प्रस्तुत किया गया, उसका वास्तविक नाम सुखन राठिया पिता धनाराम, जाति कंवर है। दस्तावेजों के सत्यापन में फर्जी आधार कार्ड के उपयोग की बात भी सामने आई। तत्कालीन हल्का पटवारी राकेश कुमार साय द्वारा दोनों जमीनों के विक्रय के लिए चौहद्दी प्रदान किए जाने की बात जांच में सामने आई है। दिनांक 07.07.2026 को प्रार्थी श्री उन्मेश पटेल तहसीलदार, तहसील कार्यालय कापू के द्वारा थाना कापू में रिपोर्ट दर्ज कराया गया । जांच पर उक्त रजिस्ट्री में संलिप्त विक्रेता सुखन पिता धनाराम, जाति कवंर, निवासी ग्राम बकालो. क्रेता संतोष देवी गुप्ता पति मनोज गुप्ता, निवासी रायपुर, साक्षी संतन राठिया पिता सोन सिंह राठिया, जाति कंवर, निवासी बकालो, जीवन वर्धन पिता भीमो यादव, जाति महकुल, निवासी जबगा के विरुद्ध फर्जी तरीका अपनाये जाने में पूर्ण रूप से दोषीदार एवं तत्कालीन हल्का पटवारी राकेश कुमार साय की भूमिका संदिग्ध पायी गई जिस पर थाना-कापू अपराध क्रमांक 108/2026 धारा 419, 420, 467, 468, 471, 120 (बी) भा.द.वि. दर्ज किया गया । शासकीय जमीन का फर्जी पट्टा तैयार कर कराया गया अंतरण दूसरे मामले में भी दिनांक 11.08.2026 को प्रार्थी श्री उन्मेश पटेल तहसीलदार, तहसील कार्यालय कापू के द्वारा थाना कापू में रिपोर्ट दर्ज कराया इस मामले में ग्राम पंचायत रायमेर की शासकीय भूमि को फर्जी तरीके से निजी व्यक्तियों के नाम दर्ज कराकर पट्टा तैयार करने और उसके बाद दलालों के माध्यम से फर्जी रजिस्ट्री कराने की शिकायत पर जांच की गई। जांच में खसरा नंबर 467/23, 467/25 एवं 467/36 की शासकीय भूमि को कूटरचित दस्तावेजों के आधार पर अन्य व्यक्तियों को अवैधानिक रूप से अंतरित किए जाने की जानकारी सामने आई। इस प्रकरण में तत्कालीन पटवारी राकेश साय, मुकारधारी कैलाश कुमार जेठवानी, विक्रेता उजितराम तथा अनुप्रमाणक साक्षियों सहित अन्य व्यक्तियों की भूमिका की जांच की जा रही है। एसडीएम धरमजयगढ़ के निर्देश पर तहसीलदार कापू के जांच प्रतिवेदन के आधार पर थाना कापू में अपराध क्रमांक 131/2026, धारा 420, 467, 468, 471, 120(बी) भादवि के तहत अपराध पंजीबद्ध किया गया है। फरार आरोपियों पर लगातार कार्रवाई दोनों प्रकरणों में अपराध दर्ज होने के बाद मुख्य आरोपी पटवारी राकेश साय फरार चल रहा था। वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देशन में कापू पुलिस द्वारा आरोपी की लगातार तलाश की जा रही थी। मुखबिर से मिली सूचना के आधार पर कापू पुलिस ने *आरोपी राकेश साय पिता शशिभूषण साय 45 साल निवासी निवासी सिविल लाईन धरमजयगढ, तत्कालीन पटवारी* को ग्राम गनपतपुर क्षेत्र से गिरफ्तार किया। उसके कब्जे से लैपटॉप एवं प्रिंटर जब्त कर पुलिस द्वारा प्रकरण में उनकी भूमिका और दस्तावेजों की कूटरचना से संबंधित साक्ष्यों की जांच की जा रही है। दोनों मामलों में शामिल अन्य फरार आरोपियों की तलाश जारी है। प्रकरण में संलिप्त अन्य आरोपियों को भी शीघ्र गिरफ्तार किया जाएगा।2
- कोरबा : कटघोरा बाईपास में डीजल चोरों का आतंक! ट्रेलर से डीजल निकाल रहे थे 6-7 बदमाश, चालक ने स्कॉर्पियो में मारी जोरदार टक्कर, सभी आरोपी हुए फरार, CCTV में कैद हुई वारदात1
- शादी का झांसा देकर नाबालिग से दुष्कर्म, रायगढ़ का आरोपी गिरफ्तार शादी का झांसा देकर नाबालिग से दुष्कर्म, रायगढ़ का आरोपी गिरफ्तार सक्ती जिले के चंद्रपुर थाना पुलिस ने 16 वर्षीय नाबालिग को बहला-फुसलाकर भगाने और शादी का झांसा देकर दुष्कर्म करने के आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस के मुताबिक, 19 अगस्त को नाबालिग घर से लापता हो गई थी। परिजनों की शिकायत पर मामला दर्ज कर जांच शुरू की गई। तलाश के दौरान पुलिस ने पीड़िता को रायगढ़ के टिकरापारा से बरामद किया। पीड़िता के बयान के आधार पर रायगढ़ निवासी जीत डुंगरी (21 वर्ष) को गिरफ्तार कर BNS की संबंधित धाराओं और पॉक्सो एक्ट के तहत कार्रवाई करते हुए न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया। इस कार्रवाई में चंद्रपुर थाना पुलिस और साइबर सेल सक्ती की टीम की अहम भूमिका रही। #SaktiPolice #Chandrapur #BreakingNews #CGNews #Raigarh #POCSO #CrimeNews #Chhattisgarh1
- रायगढ़ पुलिस का सख्त रूख : समझाइश के अगले ही दिन बदमाशों पर चला पुलिस का डंडा, 6 को भेजा जेल,रायगढ़ में त्योहार के बीच गुंडागर्दी बर्दाश्त नहीं—पुरानी रंजिश में युवक पर चाकू-डंडे से हमला करने वाले 6 गिरफ्तार,मारपीट में शामिल आरोपियों पर हत्या का प्रयास, बलवा की धाराओं में कार्रवाई रायगढ़, रायगढ़ पुलिस ने शहर के बदमाशों को साफ संदेश दे दिया है—अपराध करोगे तो कार्रवाई तय है। एक दिन पहले ही शहर के बदमाशों को थाने में बुलाकर अपराध से दूर रहने की समझाइश दी गई थी और इसके अगले ही दिन पुरानी रंजिश में युवक से मारपीट कर जान से मारने की कोशिश करने वाले 6 आरोपियों को कोतवाली पुलिस ने धर दबोचा। आरोपियों के कब्जे से चाकू, लोहे का पंच, पत्थर और साइकिल की चैन बरामद हुई है। सभी को न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया है। विदित हो कि एसएसपी शशि मोहन सिंह के दिशा-निर्देशन में रायगढ़ पुलिस त्योहार के दौरान शहर की शांति व्यवस्था को लेकर पूरी तरह अलर्ट है। इसी कड़ी में 01 सितंबर को नगर पुलिस अधीक्षक श्री मयंक मिश्रा एवं श्री राहुल उईके ने शहर के बदमाशों को थाना चक्रधरनगर परिसर में हाजिर कराकर सख्त समझाइश दी थी कि अपराध और विवाद से दूर रहें। पुलिस की इस चेतावनी के बीच ही कोतवाली क्षेत्र में हुई हिंसक घटना पर पुलिस ने बिना समय गंवाए आरोपियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई कर दी। *मारपीट का मामला : बापूनगर में युवक को रास्ते में घेरकर किया गया हमला* 30 अगस्त की रात मारपीट को लेकर बापूनगर रायगढ में रहने वाली प्रार्थिया सुषमा दीप पति राजेन्द्र दीप उम्र 40 साल रिपोर्ट दर्ज करायी कि दिनांक 30.08.2026 के रात करीब 01.30 बजे लडका पालेश्वर दीप गुटखा खाने जा रहा हूँ कह कर घर से निकला था हनुमान मंदिर के आगे बापूनगर रायगढ़ के पास पुरानी रंजिश को लेकर बापूनगर रायगढ का कृष्णा डोगरे एवं उसके साथियों ने गाली गालौज कर लाठ, डंडा चाकू से मारपीट किये है । हमले में पालेश्वर के सिर, माथे, पेट, दाहिने हाथ सहित शरीर के कई हिस्सों में चोटें आईं। घायल को उपचार के लिए जिला अस्पताल रायगढ़ में भर्ती कराया गया। थाना कोतवाली आरोपियों के खिलाफ अपराध क्रमांक 477/2026 धारा 296, 351 (3) 115(2) बी.एन.एस के तहत अपराध पंजीबद्ध कर जांच शुरू की गई। फरार थे सभी आरोपी, पुलिस ने शुरू कर दी ताबड़तोड़ दबिश घटना के बाद आरोपी फरार हो गए थे। मामले को गंभीरता से लेते हुए थाना प्रभारी कोतवाली निरीक्षक अमित तिवारी ने पुलिस टीम को आरोपियों की तलाश में लगाया। पुलिस ने संभावित ठिकानों पर लगातार दबिश दी और एक-एक कर छह आरोपियों को हिरासत में ले लिया। जांच के दौरान आहत की मेडिकल रिपोर्ट और गवाहों के कथनों से सामने आया कि हमला महज मारपीट नहीं बल्कि जान से मारने की नीयत से किया गया था। इसके बाद प्रकरण में हत्या के प्रयास और बलवा की गंभीर धाराएं 109(1), 190, 191(2) एवं 191(3) बीएनएस बढ़ाई गईं। पुलिस की पूछताछ में आरोपियों ने घटना में अलग-अलग हथियारों का इस्तेमाल करना बताया। आरोपियों के मेमोरेंडम के आधार पर पुलिस ने— आरोपी सेवक साण्डे से स्टील का चाकू, आरोपी देवेन्द्र कन्द्र से लोहे का पंच, आरोपी सोहन साण्डे से पत्थर का टुकड़ा और आरोपी अलिस साण्डे से पुरानी साइकिल की चैन बरामद की। गिरफ्तार आरोपियों में कृणामुखी उर्फ गिदुमुखी (19), सेवक साण्डे (23), देवेन्द्र कन्द्र (24), सोहन साण्डे (20), सादिन महानंद (20) और अलिस साण्डे (21) सभी निवासी बापूनगर रायगढ़ शामिल हैं। सभी आरोपियों को 01 सितंबर की शाम से देर रात तक गिरफ्तार किया गया और आज न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया। रायगढ़ पुलिस का संदेश साफ—शहर में दहशत फैलाने वालों की खैर नहीं त्योहार के दौरान शहर में शांति और कानून-व्यवस्था बनाए रखने को लेकर रायगढ़ पुलिस ने अपना रुख साफ कर दिया है। बदमाशों को पहले समझाइश, अपराध करने पर सीधे कानूनी कार्रवाई—पुलिस इसी नीति के तहत कार्रवाई कर रही है। पुलिस ने स्पष्ट किया है कि आपसी रंजिश में हिंसा, मारपीट और शहर की शांति भंग करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई जारी रहेगी। कार्रवाई में इनकी रही अहम भूमिका एडिशनल एसपी अनिल सोनी के मार्गदर्शन एवं सीएसपी राहुल उईके के सुपरविजन पर संपूर्ण कार्यवाही में थाना प्रभारी कोतवाली निरीक्षक अमित तिवारी, एएसआई कोसो सिंह जगत, आरक्षक उत्तम सारथी, प्रताप बेहरा एवं कीर्ति राजपूत की कार्रवाई में अहम भूमिका रही।1