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पथरा बाजार से डिडई जाने वाला रास्ता जाम रोड बहुत बेकार इसी का धरना प्रदर्शन करते हुए ग्रामीण लोग पथरा बाजार से डिडई जाने वाला रास्ता जाम रोड बहुत बेकार इसी का धरना प्रदर्शन करते हुए ग्रामीण लोग बहुत दिक्कत झेलना पड़ता है इस रोड से आने-जाने में
Shivang Jaiswal
पथरा बाजार से डिडई जाने वाला रास्ता जाम रोड बहुत बेकार इसी का धरना प्रदर्शन करते हुए ग्रामीण लोग पथरा बाजार से डिडई जाने वाला रास्ता जाम रोड बहुत बेकार इसी का धरना प्रदर्शन करते हुए ग्रामीण लोग बहुत दिक्कत झेलना पड़ता है इस रोड से आने-जाने में
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- पथरा बाजार से डिडई जाने वाला रास्ता जाम रोड बहुत बेकार इसी का धरना प्रदर्शन करते हुए ग्रामीण लोग पथरा बाजार से डिडई जाने वाला रास्ता जाम रोड बहुत बेकार इसी का धरना प्रदर्शन करते हुए ग्रामीण लोग बहुत दिक्कत झेलना पड़ता है इस रोड से आने-जाने में1
- *इंसान की मृत्यु के बाद रिश्ते भी किस तरह मर जाते हैं उसकी एक आंखें नम कर देने वाली कहानी* कहते हैं पिता के सबसे करीब बेटियां होती हैं लेकिन तीन कलयुगी बेटियों ने रिश्तों को शर्मसार कर दिया! टाइम का फेर देखिए-मुंबई के मशहूर कपड़ा व्यापारी शिवचरण रामरत्न गुप्ता की सोनीपत के वृद्धाश्रम में हुई मौत-3 बेटियों ने 5100 रुपये गूगल पे किए और बोली संस्कार की सारी वीडियो भेज देना! महाराष्ट्र के मुंबई के रहने वाले मशहूर कपड़ा व्यापारी शिवचरण रामरत्न गुप्ता (74) की हरियाणा के सोनीपत में वृद्ध आश्रम में मौत हो गई,तीन साल से वे इस आश्रम में रह रहे थे,दो साल पहले इसी आश्रम में उनकी पत्नी ने अंतिम सांसें ली थीं,मंगलवार को आश्रम स्टाफ ने उनकी मौत की जानकारी उनकी तीन टीचर बेटियों को दी,मगर तीनों ने दूरी और समय का बहाना बनाकर अंतिम संस्कार में आने से मना कर दिया! यही नहीं,5100 रुपए ऑनलाइन ट्रांसफर कर अंतिम संस्कार सोनीपत में ही करने के लिए कहा,मुगाग्नि की बात आई तो तीनों ने कहा कि वीडियो कॉल पर दिखा देना! आश्रम संचालक आनंद कुमार के मुताबिक,एक पिता के प्रति उसकी संतानों की इस तरह की बेरुखी हमने आज तक नहीं देखी,बताया कि मोबाइल की स्क्रीन पर जब बेजान पिता का चेहरा दिखा,तो बेटी के मुंह से सिर्फ एक शब्द निकला-"पापा..."! जब कहा गया कि 20 तारीख से पहले आकर पिता की अस्थियां ले जाना तो मुंबई में रहने वाली सबसे छोटी बेटी का बेरुखी भरा जवाब आया “20 तारीख से पहले देखते हैं...”! हद तो तब हो गई जब चिता को अग्नि दी जा रही थी और फोन पर बेटी पूछ रही थी “अभी और कितना टाइम लगेगा?” बताया कि अग्नि दे दी गई है,10-15 मिनट में प्रक्रिया पूरी हो जाएगी,इस पर बेटी ने कहा “सारा काम अच्छे से हो गया ना,मुझे सारी वीडियो भेज देना! महाराष्ट्र की गलियों में कभी शिवचरण रामरत्न गुप्ता का नाम कपड़ों के बड़े व्यापारियों में गिना जाता था,जीवन में खुशहाली थी और घर में गूंजती थीं तीन बेटियों की खिलखिलाहटें—नीता,निशा और प्रिया! शिवचरण और उनकी पत्नी ने अपनी बेटियों को कभी बेटे से कम नहीं समझा,उन्होंने अपनी गाढ़ी कमाई का एक-एक पैसा बेटियों की पढ़ाई पर लगा दिया,उन्हें ग्रेजुएशन करवाई और फिर धूमधाम से विदा किया! आश्रम के संचालक आनंद कुमार के मुताबिक,जैसे ही शिवचरण की मृत्यु की पुष्टि हुई,उन्होंने तुरंत सबसे छोटी बेटी प्रिया को फोन मिलाया,संचालक को लगा कि खबर सुनते ही बेटियां रो पड़ेंगीं और पहली फ्लाइट या ट्रेन पकड़कर दौड़ी चली आएंगी,मगर फोन के उस पार से जो जवाब मिला,उसने इंसानियत को सन्न कर दिया,तीनों बेटियों में से किसी ने भी आने की इच्छा तक नहीं जताई! बड़ी बेटी नीता इन दिनों नेपाल में रहती है,उसने कॉल पर कहा “बहुत दूर हूं,आना संभव नहीं”! यूपी के आजमगढ़ में रहने वाली मंझली बेटी निशा ने कहा “मैं नहीं पहुंच सकती”! मुंबई में रहने वाली छोटी बेटी प्रिया ने सबसे शॉकिंग जवाब दिया,बोलीं-“हम इतनी जल्दी नहीं आ सकते,आप फोन पर ही अंतिम संस्कार दिखा दीजिए”! जब शिवचरण की छोटी बेटी प्रिया से फोन पर बात की,तो उसके जवाब में पछतावे की जगह एक अजीब सी ठंडक थी! प्रिया ने कहा,"आज दुख का दिन है कि पापा नहीं रहे,2 साल पहले मां भी चली गई थीं,पापा का बिजनेस डूब गया था,हम बहुत गरीब हो गए थे! सवाल पूछा कि क्या आप अस्थियां चुनकर गंगा में प्रवाहित करने तो आएंगी ना? इस पर प्रिया ने कहा-"अब तो पिताजी दुनिया में ही नहीं रहे,तो अब आकर क्या करेंगे! *इंसान की मृत्यु के बाद रिश्ते भी किस तरह मर जाते हैं उसकी एक आंखें नम कर देने वाली कहानी* कहते हैं पिता के सबसे करीब बेटियां होती हैं लेकिन तीन कलयुगी बेटियों ने रिश्तों को शर्मसार कर दिया! टाइम का फेर देखिए-मुंबई के मशहूर कपड़ा व्यापारी शिवचरण रामरत्न गुप्ता की सोनीपत के वृद्धाश्रम में हुई मौत-3 बेटियों ने 5100 रुपये गूगल पे किए और बोली संस्कार की सारी वीडियो भेज देना! महाराष्ट्र के मुंबई के रहने वाले मशहूर कपड़ा व्यापारी शिवचरण रामरत्न गुप्ता (74) की हरियाणा के सोनीपत में वृद्ध आश्रम में मौत हो गई,तीन साल से वे इस आश्रम में रह रहे थे,दो साल पहले इसी आश्रम में उनकी पत्नी ने अंतिम सांसें ली थीं,मंगलवार को आश्रम स्टाफ ने उनकी मौत की जानकारी उनकी तीन टीचर बेटियों को दी,मगर तीनों ने दूरी और समय का बहाना बनाकर अंतिम संस्कार में आने से मना कर दिया! यही नहीं,5100 रुपए ऑनलाइन ट्रांसफर कर अंतिम संस्कार सोनीपत में ही करने के लिए कहा,मुगाग्नि की बात आई तो तीनों ने कहा कि वीडियो कॉल पर दिखा देना! आश्रम संचालक आनंद कुमार के मुताबिक,एक पिता के प्रति उसकी संतानों की इस तरह की बेरुखी हमने आज तक नहीं देखी,बताया कि मोबाइल की स्क्रीन पर जब बेजान पिता का चेहरा दिखा,तो बेटी के मुंह से सिर्फ एक शब्द निकला-"पापा..."! जब कहा गया कि 20 तारीख से पहले आकर पिता की अस्थियां ले जाना तो मुंबई में रहने वाली सबसे छोटी बेटी का बेरुखी भरा जवाब आया “20 तारीख से पहले देखते हैं...”! हद तो तब हो गई जब चिता को अग्नि दी जा रही थी और फोन पर बेटी पूछ रही थी “अभी और कितना टाइम लगेगा?” बताया कि अग्नि दे दी गई है,10-15 मिनट में प्रक्रिया पूरी हो जाएगी,इस पर बेटी ने कहा “सारा काम अच्छे से हो गया ना,मुझे सारी वीडियो भेज देना! महाराष्ट्र की गलियों में कभी शिवचरण रामरत्न गुप्ता का नाम कपड़ों के बड़े व्यापारियों में गिना जाता था,जीवन में खुशहाली थी और घर में गूंजती थीं तीन बेटियों की खिलखिलाहटें—नीता,निशा और प्रिया! शिवचरण और उनकी पत्नी ने अपनी बेटियों को कभी बेटे से कम नहीं समझा,उन्होंने अपनी गाढ़ी कमाई का एक-एक पैसा बेटियों की पढ़ाई पर लगा दिया,उन्हें ग्रेजुएशन करवाई और फिर धूमधाम से विदा किया! आश्रम के संचालक आनंद कुमार के मुताबिक,जैसे ही शिवचरण की मृत्यु की पुष्टि हुई,उन्होंने तुरंत सबसे छोटी बेटी प्रिया को फोन मिलाया,संचालक को लगा कि खबर सुनते ही बेटियां रो पड़ेंगीं और पहली फ्लाइट या ट्रेन पकड़कर दौड़ी चली आएंगी,मगर फोन के उस पार से जो जवाब मिला,उसने इंसानियत को सन्न कर दिया,तीनों बेटियों में से किसी ने भी आने की इच्छा तक नहीं जताई! बड़ी बेटी नीता इन दिनों नेपाल में रहती है,उसने कॉल पर कहा “बहुत दूर हूं,आना संभव नहीं”! यूपी के आजमगढ़ में रहने वाली मंझली बेटी निशा ने कहा “मैं नहीं पहुंच सकती”! मुंबई में रहने वाली छोटी बेटी प्रिया ने सबसे शॉकिंग जवाब दिया,बोलीं-“हम इतनी जल्दी नहीं आ सकते,आप फोन पर ही अंतिम संस्कार दिखा दीजिए”! जब शिवचरण की छोटी बेटी प्रिया से फोन पर बात की,तो उसके जवाब में पछतावे की जगह एक अजीब सी ठंडक थी! प्रिया ने कहा,"आज दुख का दिन है कि पापा नहीं रहे,2 साल पहले मां भी चली गई थीं,पापा का बिजनेस डूब गया था,हम बहुत गरीब हो गए थे! सवाल पूछा कि क्या आप अस्थियां चुनकर गंगा में प्रवाहित करने तो आएंगी ना? इस पर प्रिया ने कहा-"अब तो पिताजी दुनिया में ही नहीं रहे,तो अब आकर क्या करेंगे!1
- 🚨बस्ती का 'वॉटर पार्क' या पीडब्ल्यूडी की सड़क? 🏊♂️🛣️ लखनऊ से लेकर दिल्ली तक भले ही "गड्ढा मुक्त सड़कों" के बड़े-बड़े होर्डिंग्स चमक रहे हों, लेकिन जरा गाड़ी का स्टेयरिंग घुमाकर बस्ती जिले के लालगंज थाना क्षेत्र अंतर्गत कुदरहा ब्लॉक के बानपुर ग्राम पंचायत पहुंचिए! यहाँ सरकार के दावों का ऐसा 'शानदार' पोस्टमार्टम हुआ है कि जिसे देखकर आप भी कहेंगे—वाह री व्यवस्था! बानपुर चौराहे से दक्षिण की ओर जाने वाली पीडब्ल्यूडी सड़क आजकल सड़क कम और किसी महासंग्राम का रणक्षेत्र या प्राकृतिक झील ज्यादा लगती है। 🎪 यहाँ की खास खूबियाँ: 🏥 निशुल्क 'मसाज थेरेपी': इसी मार्ग पर सरकारी अस्पताल भी मौजूद है। भगवान न करे कोई बीमार पड़े, लेकिन अगर पड़ा और इस रास्ते से गुजरा, तो अस्पताल पहुँचते-पहुंचते उसकी आधी बीमारी तो गड्ढों के धक्कों से ही बाहर निकल आएगी! 🚣 स्कूल के नन्हे 'नाविक': सड़क किनारे स्थित प्राथमिक विद्यालय के आसपास का नज़ारा तो देखने लायक है। बच्चों को स्कूल भेजना यानी पढ़ाई के साथ-साथ 'वाटर स्पोर्ट्स' की ट्रेनिंग फ्री में देना। 😴 कुम्भकर्णी नींद में PWD: विभाग के साहबों को शायद लगता है कि सड़क परामत का काम सिर्फ सावन के महीनों में मेंढक टर्राने के बाद शुरू होता है। जनता चिल्लाती रहे, जनप्रतिनिधि मुँह फेरे रहें, पर फाइलें अभी भी एसी रूम में आराम फरमा रही हैं। ❓ अब जनता का सबसे बड़ा सवाल: क्या बानपुर की इस बदहाल सड़क को ठीक कराने के लिए किसी अंतरिक्ष यात्री या चांद पर जाने वाले रॉकेट की जरूरत है, या फिर यहाँ के लोगों को उम्रभर इसी गड्ढों भरे समंदर में गोता लगाना पड़ेगा? प्रशासन से सिर्फ एक ही विनती है—कृपा करके वोट मांगने आने से पहले सड़क बना लीजिए, वरना जनता इस बार रास्ता नहीं, सीधे हिसाब मांगेगी! 😤 #BastiNews #Banpur #PWD_Fail #GadhaMuktSadak #YogiAdityanath #UPNews #PublicIssues #Kudraha #SocialSatire #VikasDubeyStyle #sadakdurdasha1
- आयुष्मान भारत योजना में बड़ी कार्रवाई: मानक पूरे न करने पर 10 अस्पतालों को डी-इम्पैनल करने के निर्देश, डीएम ने दिए सख्त आदेश निरीक्षण में बिना पंजीकरण संचालन, चिकित्सकों की अनुपलब्धता, अप्रशिक्षित स्टाफ सहित कई गंभीर कमियां मिलीं; दो सप्ताह में सभी अस्पतालों में फायर सेफ्टी, डी-फिब्रिलेटर और दो निकासी द्वार सुनिश्चित करने के निर्देश। संतकबीरनगर, 4 अगस्त 2026। जनपद में आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना के अंतर्गत इम्पैनल निजी चिकित्सालयों की गुणवत्ता, क्रियाशीलता एवं उपलब्ध स्वास्थ्य सेवाओं की समीक्षा के दौरान जिलाधिकारी आलोक कुमार ने बड़ी कार्रवाई करते हुए निर्धारित मानकों का पालन न करने वाले 10 अस्पतालों के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई करने तथा उन्हें डी-इम्पैनल किए जाने के निर्देश दिए हैं। जिलाधिकारी के निर्देश पर मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. रामानुज कनौजिया द्वारा गठित टीम ने वर्ष 2018 से 2024 तक आयुष्मान भारत योजना के तहत इम्पैनल हुए अस्पतालों का निर्धारित गाइडलाइन एवं मानकों के अनुसार निरीक्षण किया। निरीक्षण रिपोर्ट की समीक्षा के दौरान कई अस्पतालों में गंभीर अनियमितताएं सामने आईं। जांच में कुछ अस्पताल बिना वैध पंजीकरण के संचालित पाए गए। इसके अलावा कई स्थानों पर चिकित्सकों की उपलब्धता नहीं मिली, स्टाफ प्रशिक्षित नहीं था तथा आयुष्मान भारत योजना के लिए निर्धारित अन्य आवश्यक मानकों का भी पालन नहीं किया जा रहा था। इन कमियों को गंभीरता से लेते हुए जिलाधिकारी ने संबंधित अस्पतालों के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। जिन 10 अस्पतालों के विरुद्ध कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं, उनमें शामिल हैं— सेहर मेमोरियल हॉस्पिटल, ग्राम निघुरी बाजार, संतकबीरनगर न्यू केयर हॉस्पिटल, निकट मेहदावल बाईपास कॉटी रोड न्यू मेडविन हॉस्पिटल, गोरखर देहात, खलीलाबाद मुनमुन क्लीनिक एंड मैटरनिटी हॉस्पिटल, बंगला ताल चौराहा बालाजी हॉस्पिटल, बाईपास खलीलाबाद, संतकबीरनगर जीवन रेखा हॉस्पिटल, ग्राम एवं पोस्ट बौर-ब्यास, मेहदावल सन्स हॉस्पिटल, टेमा रहमत, संतकबीरनगर एम. गोल्ड हॉस्पिटल केयर हॉस्पिटल, समय माता मंदिर के पीछे, खलीलाबाद ओम साई हॉस्पिटल, जिला अस्पताल के निकट, संतकबीरनगर मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. रामानुज कनौजिया ने बताया कि आयुष्मान भारत योजना के अंतर्गत जनपद में कुल 37 अस्पताल इम्पैनल हैं, जिनमें से चार अस्पतालों को अब तक कोई दावा भुगतान प्राप्त नहीं हुआ है। वहीं सर्वाधिक दावा एवं भुगतान प्राप्त करने वाले अस्पतालों में रजत हॉस्पिटल (मझौवा पर्वता), एस.आर. हॉस्पिटल एंड पैरामेडिकल (नाथनगर), शम्भू नाथ मेमोरियल (बंधवा), पटेल हॉस्पिटल (भुजैनी) तथा स्पर्श हॉस्पिटल (भुजैनी, डड़वा चौराहा) शामिल हैं। जिलाधिकारी ने इन अस्पतालों में किए गए दावों एवं भुगतान की भी पुनः जांच कराने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि अपर जिलाधिकारी की अध्यक्षता में टीम गठित कर सभी दावों एवं भुगतान का सत्यापन कराया जाए। इसके अलावा जिलाधिकारी ने मुख्य चिकित्सा अधिकारी को निर्देशित किया कि जनपद के सभी अस्पतालों में ऑपरेशन थिएटर संचालन के लिए डी-फिब्रिलेटर, फायर सेफ्टी व्यवस्था तथा कम से कम दो आपातकालीन निकासी द्वार की व्यवस्था आगामी दो सप्ताह के भीतर सुनिश्चित कर उसकी आख्या उपलब्ध कराई जाए। समीक्षा बैठक में जिलाधिकारी ने स्पष्ट निर्देश दिए कि आयुष्मान भारत योजना के तहत इम्पैनल अस्पताल यदि निर्धारित मानकों का पालन नहीं करते हैं तो ऐसे अस्पतालों को डी-इम्पैनल करते हुए उनके विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।1
- बाँसी में नकली अंग्रेजी शराब बनाने वाले गिरोह का भंडाफोड़, दो गिरफ्तार, एसएसपी ने किया खुलासा सिद्धार्थनगर जिले की पुलिस, एसओजी और सर्विलांस सेल एवं आबकारी विभाग की संयुक्त टीम ने नकली अंग्रेजी शराब तैयार कर उसकी बिक्री करने वाले एक संगठित गिरोह का भंडाफोड़ करते हुए दो आरोपितों को गिरफ्तार किया है। आरोपितों के कब्जे से विभिन्न ब्रांडों के 32,472 नकली ढक्कन, 12,740 बारकोड (सील रैपर), 16 बोतल मिश्रित अंग्रेजी शराब, इलेक्ट्रॉनिक वेट मशीन, अवैध चाकू, शराब की बोतलों के ढक्कन खोलने में प्रयुक्त उपकरण तथा एक मोटरसाइकिल बरामद की गई है। इस कार्रवाई को नकली एवं संभावित जहरीली शराब के कारोबार पर बड़ी चोट माना जा रहा है। पुलिस के अनुसार प्रभारी निरीक्षक मृत्युंजय पाठक, एसओजी प्रभारी उपनिरीक्षक चन्द्रकान्त पाण्डेय, सर्विलांस प्रभारी उपनिरीक्षक हरेन्द्र चौहान तथा आबकारी विभाग की संयुक्त टीम ने मुखबिर की सूचना पर इटवा रोड स्थित रतन सेन सिंह इंटर कॉलेज के पास चेकिंग के दौरान दो आरोपितों को गिरफ्तार किया। पूछताछ में मुख्य आरोपित बलराम जायसवाल की निशानदेही पर थाना क्षेत्र के सुभाष नगर, कोइलहवा स्थित उसके किराये के मकान की तलाशी ली गई, जहां से विभिन्न कंपनियों के नकली ढक्कन, बारकोड, शराब तैयार करने में प्रयुक्त सामग्री एवं अन्य उपकरण बरामद हुए। इसके अलावा संबंधित शराब की दुकान से 16 बोतल संदिग्ध मिश्रित अंग्रेजी शराब भी बरामद की गई। आबकारी विभाग ने संबंधित दुकान को सील करते हुए लाइसेंस निरस्त करने की कार्रवाई शुरू कर दी है। पूछताछ में बलराम जायसवाल ने पुलिस को बताया कि वह नकली ढक्कन और बारकोड गुरुप्रसाद प्रजापति नामक व्यक्ति से ट्रांसपोर्ट के माध्यम से मंगवाता था। इसके बाद वह इन्हें सिद्धार्थनगर, आसपास के जनपदों तथा नेपाल सीमा से सटे क्षेत्रों की शराब दुकानों पर कार्यरत लोगों को बेचता था। इन नकली ढक्कनों और बारकोड का इस्तेमाल खाली शराब की बोतलों में दोबारा शराब भरकर उन्हें असली ब्रांड के रूप में बेचने के लिए किया जाता था, जिससे गिरोह को भारी अवैध लाभ होता था। पुलिस इस मामले में अन्य आरोपितों की तलाश कर रही है और पूरे नेटवर्क की जांच में जुटी है। गिरफ्तार आरोपितों में बलराम जायसवाल निवासी देवियापुर नरकटहा, थाना बाँसी, सिद्धार्थनगर तथा प्रदीप कुमार निवासी अनंगपुर, थाना पाली, जनपद हरदोई शामिल हैं। बलराम जायसवाल के खिलाफ पहले से भी धोखाधड़ी और आबकारी अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज है। इस मामले में थाना बाँसी पर मु.अ.सं. 146/2026 के तहत भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 318(4), 338, 336(3), 340(2) तथा आबकारी अधिनियम की धारा 60/64 में मुकदमा दर्ज कर दोनों आरोपितों को न्यायालय भेज दिया गया है। इस प्रभावी कार्रवाई पर वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. अभिषेक महाजन ने संयुक्त टीम को ₹20 हजार के नकद पुरस्कार से पुरस्कृत करने की घोषणा की है। पुलिस का कहना है कि इस कार्रवाई से नकली और संभावित जहरीली शराब के बड़े नेटवर्क का पर्दाफाश हुआ है तथा लाखों रुपये के सरकारी राजस्व की संभावित क्षति को रोका गया है।1
- तिवर गांव में दो घरों में लाखों की चोरी, जेवरात और नकदी लेकर फरार हुए चोर, एएसपी ने पीड़ित परीवार को दिया खुलासे का आश्वासन सिद्धार्थनगर जिले के मिश्रौलिया थाना क्षेत्र के चेतिया चौकी अंतर्गत तिवर गांव में बुधवार देर रात चोरों ने दो घरों को निशाना बनाते हुए लाखों रुपये के जेवरात और नकदी पर हाथ साफ कर दिया। घटना के बाद गांव में दहशत का माहौल है। पुलिस ने पीड़ितों की तहरीर पर मुकदमा दर्ज कर आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगालनी शुरू कर दी है। गांव निवासी अमरेश शुक्ला ने पुलिस को दी तहरीर में बताया कि बुधवार रात परिवार के सभी सदस्य घर की छत पर सो रहे थे। इसी दौरान चोर पीछे के दरवाजे का ताला तोड़कर घर में घुस गए और कमरे में रखी अलमारी का लॉक तोड़कर उसमें रखे दो हार, तीन लॉकेट, तीन जोड़ी झुमकी, तीन अंगूठियां, चार कंगन, पांच जोड़ी पायल, एक अतिरिक्त जोड़ी पायल तथा पांच से छह हजार रुपये नकद चोरी कर ले गए। पीड़ित के अनुसार चोरी गए सामान की कीमत करीब दो लाख रुपये से अधिक है। चोरों ने इसी रात गांव के एक अन्य घर को भी निशाना बनाया। सुबह जब परिवार के लोगों की नींद खुली तो कमरों का सामान बिखरा पड़ा था और अलमारी से जेवरात व नकदी गायब मिले। घटना की सूचना तत्काल डायल 112 पुलिस को दी गई, जिसके बाद पुलिस मौके पर पहुंचकर जांच में जुट गई।थाना प्रभारी मनोज कुमार श्रीवास्तव ने बताया कि पीड़ितों की तहरीर के आधार पर चोरी का मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। पुलिस की टीमें आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाल रही हैं और संदिग्ध व्यक्तियों की गतिविधियों की जांच की जा रही है। सूचना मिलने पर अपर पुलिस अधीक्षक प्रशांत कुमार प्रसाद के साथ पुलिस क्षेत्राधिकारी प्रवीन प्रकाश पुलिस बल के साथ पीड़ित परिवार से मिले हर संभव मदद के साथ कहा कि चोरी की घटना का खुलासा करने के लिए टीम गठित की गई है जल्द से जल्द चोरी की घटना का खुलासा होगा पुलिस अपना कार्य बेहतर ढंग से कर रही है।1