आयुष्मान भारत योजना में बड़ी कार्रवाई: मानक पूरे न करने पर 10 अस्पतालों को डी-इम्पैनल करने के निर्देश, डीएम ने दिए सख्त आदेश निरीक्षण में बिना पंजीकरण संचालन, चिकित्सकों की अनुपलब्धता, अप्रशिक्षित स्टाफ सहित कई गंभीर कमियां मिलीं; दो सप्ताह में सभी अस्पतालों में फायर सेफ्टी, डी-फिब्रिलेटर और दो निकासी द्वार सुनिश्चित करने के निर्देश। संतकबीरनगर, 4 अगस्त 2026। जनपद में आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना के अंतर्गत इम्पैनल निजी चिकित्सालयों की गुणवत्ता, क्रियाशीलता एवं उपलब्ध स्वास्थ्य सेवाओं की समीक्षा के दौरान जिलाधिकारी आलोक कुमार ने बड़ी कार्रवाई करते हुए निर्धारित मानकों का पालन न करने वाले 10 अस्पतालों के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई करने तथा उन्हें डी-इम्पैनल किए जाने के निर्देश दिए हैं। जिलाधिकारी के निर्देश पर मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. रामानुज कनौजिया द्वारा गठित टीम ने वर्ष 2018 से 2024 तक आयुष्मान भारत योजना के तहत इम्पैनल हुए अस्पतालों का निर्धारित गाइडलाइन एवं मानकों के अनुसार निरीक्षण किया। निरीक्षण रिपोर्ट की समीक्षा के दौरान कई अस्पतालों में गंभीर अनियमितताएं सामने आईं। जांच में कुछ अस्पताल बिना वैध पंजीकरण के संचालित पाए गए। इसके अलावा कई स्थानों पर चिकित्सकों की उपलब्धता नहीं मिली, स्टाफ प्रशिक्षित नहीं था तथा आयुष्मान भारत योजना के लिए निर्धारित अन्य आवश्यक मानकों का भी पालन नहीं किया जा रहा था। इन कमियों को गंभीरता से लेते हुए जिलाधिकारी ने संबंधित अस्पतालों के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। जिन 10 अस्पतालों के विरुद्ध कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं, उनमें शामिल हैं— सेहर मेमोरियल हॉस्पिटल, ग्राम निघुरी बाजार, संतकबीरनगर न्यू केयर हॉस्पिटल, निकट मेहदावल बाईपास कॉटी रोड न्यू मेडविन हॉस्पिटल, गोरखर देहात, खलीलाबाद मुनमुन क्लीनिक एंड मैटरनिटी हॉस्पिटल, बंगला ताल चौराहा बालाजी हॉस्पिटल, बाईपास खलीलाबाद, संतकबीरनगर जीवन रेखा हॉस्पिटल, ग्राम एवं पोस्ट बौर-ब्यास, मेहदावल सन्स हॉस्पिटल, टेमा रहमत, संतकबीरनगर एम. गोल्ड हॉस्पिटल केयर हॉस्पिटल, समय माता मंदिर के पीछे, खलीलाबाद ओम साई हॉस्पिटल, जिला अस्पताल के निकट, संतकबीरनगर मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. रामानुज कनौजिया ने बताया कि आयुष्मान भारत योजना के अंतर्गत जनपद में कुल 37 अस्पताल इम्पैनल हैं, जिनमें से चार अस्पतालों को अब तक कोई दावा भुगतान प्राप्त नहीं हुआ है। वहीं सर्वाधिक दावा एवं भुगतान प्राप्त करने वाले अस्पतालों में रजत हॉस्पिटल (मझौवा पर्वता), एस.आर. हॉस्पिटल एंड पैरामेडिकल (नाथनगर), शम्भू नाथ मेमोरियल (बंधवा), पटेल हॉस्पिटल (भुजैनी) तथा स्पर्श हॉस्पिटल (भुजैनी, डड़वा चौराहा) शामिल हैं। जिलाधिकारी ने इन अस्पतालों में किए गए दावों एवं भुगतान की भी पुनः जांच कराने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि अपर जिलाधिकारी की अध्यक्षता में टीम गठित कर सभी दावों एवं भुगतान का सत्यापन कराया जाए। इसके अलावा जिलाधिकारी ने मुख्य चिकित्सा अधिकारी को निर्देशित किया कि जनपद के सभी अस्पतालों में ऑपरेशन थिएटर संचालन के लिए डी-फिब्रिलेटर, फायर सेफ्टी व्यवस्था तथा कम से कम दो आपातकालीन निकासी द्वार की व्यवस्था आगामी दो सप्ताह के भीतर सुनिश्चित कर उसकी आख्या उपलब्ध कराई जाए। समीक्षा बैठक में जिलाधिकारी ने स्पष्ट निर्देश दिए कि आयुष्मान भारत योजना के तहत इम्पैनल अस्पताल यदि निर्धारित मानकों का पालन नहीं करते हैं तो ऐसे अस्पतालों को डी-इम्पैनल करते हुए उनके विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।
आयुष्मान भारत योजना में बड़ी कार्रवाई: मानक पूरे न करने पर 10 अस्पतालों को डी-इम्पैनल करने के निर्देश, डीएम ने दिए सख्त आदेश निरीक्षण में बिना पंजीकरण संचालन, चिकित्सकों की अनुपलब्धता, अप्रशिक्षित स्टाफ सहित कई गंभीर कमियां मिलीं; दो सप्ताह में सभी अस्पतालों में फायर सेफ्टी, डी-फिब्रिलेटर और दो निकासी द्वार सुनिश्चित करने के निर्देश। संतकबीरनगर, 4 अगस्त 2026। जनपद में आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना के अंतर्गत इम्पैनल निजी चिकित्सालयों की गुणवत्ता, क्रियाशीलता एवं उपलब्ध स्वास्थ्य सेवाओं की समीक्षा के दौरान जिलाधिकारी आलोक कुमार ने बड़ी कार्रवाई करते हुए निर्धारित मानकों का पालन न करने वाले 10 अस्पतालों के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई करने तथा उन्हें डी-इम्पैनल किए जाने के निर्देश दिए हैं। जिलाधिकारी के निर्देश पर मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. रामानुज कनौजिया द्वारा गठित टीम ने वर्ष 2018 से 2024 तक आयुष्मान भारत योजना के तहत इम्पैनल हुए अस्पतालों का निर्धारित गाइडलाइन एवं मानकों के अनुसार निरीक्षण किया। निरीक्षण रिपोर्ट की समीक्षा के दौरान कई अस्पतालों में गंभीर अनियमितताएं सामने आईं। जांच में कुछ अस्पताल बिना वैध पंजीकरण के संचालित पाए गए। इसके अलावा कई स्थानों पर चिकित्सकों की उपलब्धता नहीं मिली, स्टाफ प्रशिक्षित नहीं था तथा आयुष्मान भारत योजना के लिए निर्धारित अन्य आवश्यक मानकों का भी पालन नहीं किया जा रहा था। इन कमियों को गंभीरता से लेते हुए जिलाधिकारी ने संबंधित अस्पतालों के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। जिन 10 अस्पतालों के विरुद्ध कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं, उनमें शामिल हैं— सेहर मेमोरियल हॉस्पिटल, ग्राम निघुरी बाजार, संतकबीरनगर न्यू केयर हॉस्पिटल, निकट मेहदावल बाईपास कॉटी रोड न्यू मेडविन हॉस्पिटल, गोरखर देहात, खलीलाबाद मुनमुन क्लीनिक एंड मैटरनिटी हॉस्पिटल, बंगला ताल चौराहा बालाजी हॉस्पिटल, बाईपास खलीलाबाद, संतकबीरनगर जीवन रेखा हॉस्पिटल, ग्राम एवं पोस्ट बौर-ब्यास, मेहदावल सन्स हॉस्पिटल, टेमा रहमत, संतकबीरनगर एम. गोल्ड हॉस्पिटल केयर हॉस्पिटल, समय माता मंदिर के पीछे, खलीलाबाद ओम साई हॉस्पिटल, जिला अस्पताल के निकट, संतकबीरनगर मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. रामानुज कनौजिया ने बताया कि आयुष्मान भारत योजना के अंतर्गत जनपद में कुल 37 अस्पताल इम्पैनल हैं, जिनमें से चार अस्पतालों को अब तक कोई दावा भुगतान प्राप्त नहीं हुआ है। वहीं सर्वाधिक दावा एवं भुगतान प्राप्त करने वाले अस्पतालों में रजत हॉस्पिटल (मझौवा पर्वता), एस.आर. हॉस्पिटल एंड पैरामेडिकल (नाथनगर), शम्भू नाथ मेमोरियल (बंधवा), पटेल हॉस्पिटल (भुजैनी) तथा स्पर्श हॉस्पिटल (भुजैनी, डड़वा चौराहा) शामिल हैं। जिलाधिकारी ने इन अस्पतालों में किए गए दावों एवं भुगतान की भी पुनः जांच कराने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि अपर जिलाधिकारी की अध्यक्षता में टीम गठित कर सभी दावों एवं भुगतान का सत्यापन कराया जाए। इसके अलावा जिलाधिकारी ने मुख्य चिकित्सा अधिकारी को निर्देशित किया कि जनपद के सभी अस्पतालों में ऑपरेशन थिएटर संचालन के लिए डी-फिब्रिलेटर, फायर सेफ्टी व्यवस्था तथा कम से कम दो आपातकालीन निकासी द्वार की व्यवस्था आगामी दो सप्ताह के भीतर सुनिश्चित कर उसकी आख्या उपलब्ध कराई जाए। समीक्षा बैठक में जिलाधिकारी ने स्पष्ट निर्देश दिए कि आयुष्मान भारत योजना के तहत इम्पैनल अस्पताल यदि निर्धारित मानकों का पालन नहीं करते हैं तो ऐसे अस्पतालों को डी-इम्पैनल करते हुए उनके विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।
- आयुष्मान भारत योजना में बड़ी कार्रवाई: मानक पूरे न करने पर 10 अस्पतालों को डी-इम्पैनल करने के निर्देश, डीएम ने दिए सख्त आदेश निरीक्षण में बिना पंजीकरण संचालन, चिकित्सकों की अनुपलब्धता, अप्रशिक्षित स्टाफ सहित कई गंभीर कमियां मिलीं; दो सप्ताह में सभी अस्पतालों में फायर सेफ्टी, डी-फिब्रिलेटर और दो निकासी द्वार सुनिश्चित करने के निर्देश। संतकबीरनगर, 4 अगस्त 2026। जनपद में आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना के अंतर्गत इम्पैनल निजी चिकित्सालयों की गुणवत्ता, क्रियाशीलता एवं उपलब्ध स्वास्थ्य सेवाओं की समीक्षा के दौरान जिलाधिकारी आलोक कुमार ने बड़ी कार्रवाई करते हुए निर्धारित मानकों का पालन न करने वाले 10 अस्पतालों के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई करने तथा उन्हें डी-इम्पैनल किए जाने के निर्देश दिए हैं। जिलाधिकारी के निर्देश पर मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. रामानुज कनौजिया द्वारा गठित टीम ने वर्ष 2018 से 2024 तक आयुष्मान भारत योजना के तहत इम्पैनल हुए अस्पतालों का निर्धारित गाइडलाइन एवं मानकों के अनुसार निरीक्षण किया। निरीक्षण रिपोर्ट की समीक्षा के दौरान कई अस्पतालों में गंभीर अनियमितताएं सामने आईं। जांच में कुछ अस्पताल बिना वैध पंजीकरण के संचालित पाए गए। इसके अलावा कई स्थानों पर चिकित्सकों की उपलब्धता नहीं मिली, स्टाफ प्रशिक्षित नहीं था तथा आयुष्मान भारत योजना के लिए निर्धारित अन्य आवश्यक मानकों का भी पालन नहीं किया जा रहा था। इन कमियों को गंभीरता से लेते हुए जिलाधिकारी ने संबंधित अस्पतालों के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। जिन 10 अस्पतालों के विरुद्ध कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं, उनमें शामिल हैं— सेहर मेमोरियल हॉस्पिटल, ग्राम निघुरी बाजार, संतकबीरनगर न्यू केयर हॉस्पिटल, निकट मेहदावल बाईपास कॉटी रोड न्यू मेडविन हॉस्पिटल, गोरखर देहात, खलीलाबाद मुनमुन क्लीनिक एंड मैटरनिटी हॉस्पिटल, बंगला ताल चौराहा बालाजी हॉस्पिटल, बाईपास खलीलाबाद, संतकबीरनगर जीवन रेखा हॉस्पिटल, ग्राम एवं पोस्ट बौर-ब्यास, मेहदावल सन्स हॉस्पिटल, टेमा रहमत, संतकबीरनगर एम. गोल्ड हॉस्पिटल केयर हॉस्पिटल, समय माता मंदिर के पीछे, खलीलाबाद ओम साई हॉस्पिटल, जिला अस्पताल के निकट, संतकबीरनगर मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. रामानुज कनौजिया ने बताया कि आयुष्मान भारत योजना के अंतर्गत जनपद में कुल 37 अस्पताल इम्पैनल हैं, जिनमें से चार अस्पतालों को अब तक कोई दावा भुगतान प्राप्त नहीं हुआ है। वहीं सर्वाधिक दावा एवं भुगतान प्राप्त करने वाले अस्पतालों में रजत हॉस्पिटल (मझौवा पर्वता), एस.आर. हॉस्पिटल एंड पैरामेडिकल (नाथनगर), शम्भू नाथ मेमोरियल (बंधवा), पटेल हॉस्पिटल (भुजैनी) तथा स्पर्श हॉस्पिटल (भुजैनी, डड़वा चौराहा) शामिल हैं। जिलाधिकारी ने इन अस्पतालों में किए गए दावों एवं भुगतान की भी पुनः जांच कराने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि अपर जिलाधिकारी की अध्यक्षता में टीम गठित कर सभी दावों एवं भुगतान का सत्यापन कराया जाए। इसके अलावा जिलाधिकारी ने मुख्य चिकित्सा अधिकारी को निर्देशित किया कि जनपद के सभी अस्पतालों में ऑपरेशन थिएटर संचालन के लिए डी-फिब्रिलेटर, फायर सेफ्टी व्यवस्था तथा कम से कम दो आपातकालीन निकासी द्वार की व्यवस्था आगामी दो सप्ताह के भीतर सुनिश्चित कर उसकी आख्या उपलब्ध कराई जाए। समीक्षा बैठक में जिलाधिकारी ने स्पष्ट निर्देश दिए कि आयुष्मान भारत योजना के तहत इम्पैनल अस्पताल यदि निर्धारित मानकों का पालन नहीं करते हैं तो ऐसे अस्पतालों को डी-इम्पैनल करते हुए उनके विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।1
- करमैनी घाट पुलिस चौकी का शुभारंभ, सीमावर्ती क्षेत्रों में सुरक्षा व्यवस्था होगी और मजबूत एसपी संदीप कुमार मीना ने किया उद्घाटन, 24 घंटे सतर्क रहकर अपराध, तस्करी और संदिग्ध गतिविधियों पर प्रभावी कार्रवाई के दिए निर्देश। संतकबीरनगर। जनपद में कानून-व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ बनाने तथा सीमावर्ती क्षेत्रों में अपराधों पर प्रभावी नियंत्रण के उद्देश्य से बुधवार को थाना मेंहदावल क्षेत्र के नव-निर्मित करमैनी घाट पुलिस चौकी का पुलिस अधीक्षक संदीप कुमार मीना ने फीता काटकर एवं विधिवत पूजन-अर्चन के साथ उद्घाटन किया। इस अवसर पर पुलिस अधीक्षक ने कहा कि करमैनी घाट एवं आसपास के सीमावर्ती क्षेत्रों में संदिग्ध गतिविधियों, अवैध तस्करी तथा अन्य आपराधिक घटनाओं पर प्रभावी अंकुश लगाने के लिए पुलिस बल को 24 घंटे सतर्क एवं सक्रिय रहना होगा। उन्होंने निर्देश दिए कि क्षेत्र में नियमित गश्त, सघन वाहन चेकिंग तथा प्रभावी निगरानी सुनिश्चित की जाए, जिससे आमजन को सुरक्षित वातावरण उपलब्ध हो सके। एसपी ने प्रभारी निरीक्षक थाना मेंहदावल एवं पुलिस कर्मियों को निर्देशित किया कि चौकी पर आने वाले प्रत्येक फरियादी की समस्या को संवेदनशीलता के साथ सुना जाए तथा उसका त्वरित एवं निष्पक्ष निस्तारण किया जाए। उन्होंने कहा कि किसी भी आपात स्थिति में स्थानीय नागरिकों एवं राहगीरों को तत्काल पुलिस सहायता उपलब्ध कराई जाएगी, जिससे पुलिस और जनता के बीच विश्वास और अधिक मजबूत होगा। उद्घाटन समारोह के दौरान क्षेत्राधिकारी मेंहदावल सर्वदवन सिंह, प्रभारी निरीक्षक मेंहदावल राकेश कुमार सिंह, थानाध्यक्ष बखिरा उमाशंकर त्रिपाठी, पुलिस अधीक्षक के पीआरओ मनीष जायसवाल सहित क्षेत्र के गणमान्य नागरिक, स्थानीय लोग एवं पुलिस विभाग के अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित रहे।1
- सूर्या इंटर कॉलेज मीरगंज,,पूर्वांचल इंटर कॉलेज मुंडेरवा में निशुल्क ड्रेस वितरण का भव्य आयोजन शिक्षा और समाज सेवा के क्षेत्र में पूर्वांचल की अग्रणी संस्थाओं में शुमार सूर्या ग्रुप ने एक बार फिर हजारों छात्र-छात्राओं के चेहरों पर मुस्कान बिखेर दी। संतकबीरनगर जिले के मीरगंज स्थित सूर्या इंटर कॉलेज तथा बस्ती जनपद के मुंडेरवा स्थित पूर्वांचल इंटर कॉलेज में, गुरुवार को भव्य निशुल्क ड्रेस वितरण एवं मेधावी सम्मान समारोह का आयोजन किया गया। समारोह में हजारों छात्र-छात्राओं को निःशुल्क विद्यालयी यूनिफॉर्म वितरित की गई, जबकि बोर्ड परीक्षाओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले मेधावियों को साइकिल, घड़ी और नकद धनराशि देकर सम्मानित किया गया। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि एवं सूर्या ग्रुप के चेयरमैन डॉ. उदय प्रताप चतुर्वेदी ने जिला पंचायत अध्यक्ष बलिराम यादव तथा अपने पुत्र अखंड के साथ संयुक्त रूप से मेधावी विद्यार्थियों को सम्मानित किया। सम्मान पाकर छात्र-छात्राओं के चेहरे गर्व और खुशी से खिल उठे, वहीं अभिभावकों ने भी इस पहल की सराहना करते हुए इसे शिक्षा के प्रति प्रेरणा देने वाला कदम बताया। नई यूनिफॉर्म पाकर खुशी से झूम उठे छात्र ड्रेस वितरण के दौरान विद्यालय परिसर उत्सव में बदल गया। नई यूनिफॉर्म हाथ में मिलते ही बच्चों के चेहरे खुशी से दमक उठे। विद्यार्थियों ने कहा कि हर वर्ष विद्यालय परिवार की ओर से मिलने वाली यह सौगात न केवल आर्थिक रूप से राहत देती है, बल्कि उन्हें पढ़ाई के प्रति और अधिक प्रेरित भी करती है। मेधावियों का हुआ भव्य सम्मान समारोह का सबसे आकर्षक क्षण वह रहा जब विद्यालय के टॉपर और मेधावी छात्र-छात्राओं को मंच पर बुलाकर साइकिल, आकर्षक घड़ियां और नकद पुरस्कार प्रदान किए गए। पुरस्कार प्राप्त करने वाले विद्यार्थियों का तालियों की गड़गड़ाहट के बीच सम्मान हुआ। इस अवसर पर मौजूद शिक्षकों और अभिभावकों ने कहा कि ऐसे सम्मान से अन्य विद्यार्थियों को भी बेहतर प्रदर्शन करने की प्रेरणा मिलती है। वर्षों से निभाई जा रही सेवा की परंपरा पूर्वांचल इंटर कॉलेज मुंडेरवा के प्रधानाचार्य दीनानाथ उपाध्याय ने बताया कि विद्यालय की स्थापना के समय से ही प्रत्येक वर्ष हजारों छात्र-छात्राओं को निशुल्क ड्रेस वितरित करने की परंपरा लगातार निभाई जा रही है। उनका कहना था कि संस्था का उद्देश्य केवल शिक्षा देना ही नहीं, बल्कि जरूरतमंद विद्यार्थियों को हर संभव सहयोग उपलब्ध कराना भी है। शिक्षा के साथ संस्कार और खेल पर भी विशेष जोर कार्यक्रम को संबोधित करते हुए डॉ. उदय प्रताप चतुर्वेदी ने कहा कि सूर्या ग्रुप का लक्ष्य विद्यार्थियों को केवल किताबी ज्ञान तक सीमित रखना नहीं, बल्कि उन्हें शिक्षा, संस्कार, खेल और नैतिक मूल्यों के माध्यम से एक बेहतर नागरिक बनाना है। उन्होंने कहा कि संस्था भविष्य में भी छात्र हित से जुड़े ऐसे कार्यक्रम निरंतर आयोजित करती रहेगी। स्वतंत्रता दिवस पर नई ड्रेस में पहुंचने की अपील अपने संबोधन के अंत में डॉ. चतुर्वेदी ने सभी छात्र-छात्राओं से आगामी स्वतंत्रता दिवस समारोह में नई यूनिफॉर्म पहनकर विद्यालय आने की अपील की। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय पर्व को पूरे उत्साह, अनुशासन और देशभक्ति की भावना के साथ मनाना प्रत्येक विद्यार्थी का कर्तव्य है। नई ड्रेस में तिरंगे के सम्मान के साथ मनाया जाने वाला स्वतंत्रता दिवस बच्चों के लिए यादगार बनेगा। समारोह के दौरान विद्यालय परिवार, शिक्षक, अभिभावक एवं बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं मौजूद रहे। पूरे आयोजन में उत्साह, अनुशासन और प्रेरणा का अनूठा संगम देखने को मिला, जिसने यह संदेश दिया कि शिक्षा के साथ विद्यार्थियों का सम्मान और प्रोत्साहन ही उज्ज्वल भविष्य की सबसे मजबूत नींव है।1
- सूर्यांश न्यूज़ 24 हर खबर पर नजर आपका अपना लोकप्रिय चैनल1
- विषय: शहीद स्थल (कोतवाली परिसर, नखास चौक) की साफ-सफाई, बाउंड्री वॉल, समतलीकरण, बैठने की व्यवस्था एवं पेयजल सुविधा उपलब्ध कराए जाने हेतु। विषय: शहीद स्थल (कोतवाली परिसर, नखास चौक) की साफ-सफाई, बाउंड्री वॉल, समतलीकरण, बैठने की व्यवस्था एवं पेयजल सुविधा उपलब्ध कराए जाने हेतु। महोदय, सविनय निवेदन है कि वर्ष 1857 के प्रथम स्वतंत्रता संग्राम के महान वीर क्रांतिकारी सरदार अली खान को अंग्रेजों ने देश की आजादी के लिए संघर्ष करने के कारण फांसी दे दी थी। उन्होंने अमर शहीद बाबू बंधू सिंह के साथ मिलकर गोरखपुर में अंग्रेजी हुकूमत के विरुद्ध क्रांति की मशाल प्रज्वलित की थी। वर्तमान में कोतवाली परिसर, नखास चौक स्थित उनकी अंतिम समाधि एवं शहीद स्थल अत्यंत उपेक्षित अवस्था में है। स्थल की बाउंड्री वॉल कई स्थानों पर टूटी हुई है तथा पश्चिम दिशा में बाउंड्री वॉल नहीं होने के कारण आवारा पशु वहां प्रवेश कर गंदगी फैलाते हैं। इसके अतिरिक्त नगर निगम की कूड़ा ढोने वाली ट्रॉलियां भी शहीद स्थल के आसपास खड़ी रहती हैं, जिससे दुर्गंध फैलती है और स्थल की गरिमा प्रभावित होती है। प्रत्येक वर्ष 15 अगस्त एवं 26 जनवरी के अवसर पर गोरखपुर के समाजसेवी एवं नागरिक इस शहीद स्थल पर एकत्र होकर ध्वजारोहण, राष्ट्रगान तथा महान क्रांतिकारी सरदार अली खान के जीवन एवं बलिदान पर व्याख्यान आयोजित करते हैं। ऐसी स्थिति में इस ऐतिहासिक स्थल का स्वच्छ एवं सम्मानजनक होना अत्यंत आवश्यक है।4