आज मारवाड़ जंक्शन मुख्यालय पर मारवाड़ विधानसभा क्षेत्र की जन समस्याओं, बढ़ती महंगाई और अयोध्या में श्री राम मंदिर घोटाले के मुद्दे पर कांग्रेस का गुस्सा फूट पड़ा। पूर्व विधायक खुशवीर सिंह और मारवाड़ कांग्रेस ब्लॉक अध्यक्ष लक्ष्मी नारायण तंवर के नेतृत्व में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने एक आक्रोशित रैली निकाली। उन्होंने राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री और राज्यपाल के नाम उपखंड अधिकारी महावीर सिंह जोधा को एक ज्ञापन सौंपा। इस ज्ञापन में मुख्य रूप से गौ माता को राष्ट्र माता घोषित करने, महंगाई में हुई मूल्य वृद्धि को कम करने, भीषण गर्मी के दौरान पेयजल आपूर्ति को नियमित करने और अघोषित बिजली कटौती पर रोक लगाने की मांग की गई। इसके साथ ही, ज्ञापन में श्री राम मंदिर अयोध्या में हुए घोटाले की निष्पक्ष जांच कराने और इसमें शामिल दोषियों को कड़ी से कड़ी सजा देने की भी मांग की गई। इस प्रदर्शन में मारवाड़ विधानसभा क्षेत्र के अनेक गांवों से आए सैकड़ों कांग्रेस पदाधिकारी और कार्यकर्ता काली पट्टी बांधकर उपखंड कार्यालय पहुंचे थे। पूर्व विधायक खुशवीर सिंह ने इस अवसर पर एक बयान भी दिया।
आज मारवाड़ जंक्शन मुख्यालय पर मारवाड़ विधानसभा क्षेत्र की जन समस्याओं, बढ़ती महंगाई और अयोध्या में श्री राम मंदिर घोटाले के मुद्दे पर कांग्रेस का गुस्सा फूट पड़ा। पूर्व विधायक खुशवीर सिंह और मारवाड़ कांग्रेस ब्लॉक अध्यक्ष लक्ष्मी नारायण तंवर के नेतृत्व में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने एक आक्रोशित रैली निकाली। उन्होंने राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री और राज्यपाल के नाम उपखंड अधिकारी महावीर सिंह जोधा को एक ज्ञापन सौंपा। इस ज्ञापन में मुख्य रूप से गौ माता को राष्ट्र माता घोषित करने, महंगाई में हुई मूल्य वृद्धि को कम करने, भीषण गर्मी के दौरान पेयजल आपूर्ति को नियमित करने और अघोषित बिजली कटौती पर रोक लगाने की मांग की गई। इसके साथ ही, ज्ञापन में श्री राम मंदिर अयोध्या में हुए घोटाले की निष्पक्ष जांच कराने और इसमें शामिल दोषियों को कड़ी से कड़ी सजा देने की भी मांग की गई। इस प्रदर्शन में मारवाड़ विधानसभा क्षेत्र के अनेक गांवों से आए सैकड़ों कांग्रेस पदाधिकारी और कार्यकर्ता काली पट्टी बांधकर उपखंड कार्यालय पहुंचे थे। पूर्व विधायक खुशवीर सिंह ने इस अवसर पर एक बयान भी दिया।
- जनपद मथुरा के थाना छाता क्षेत्र के नौगांव में रिश्तों को शर्मसार करने वाला एक बेहद संवेदनशील मामला सामने आया है, जहाँ सगे चाचा और ताऊ ने मिलकर अपनी ही तीन अनाथ भतीजियों, कुमारी संध्या और चांदनी, का हक छीन लिया है। इन कलयुगी चाचा-ताऊ पर आरोप है कि उन्होंने कथित तौर पर एक फर्जी वसीयत तैयार करवाकर इन मासूम बच्चियों को पाई-पाई के लिए मोहताज कर बेघर कर दिया। मिली जानकारी के अनुसार, नौगांव निवासी वीरेंद्र की कुछ समय पहले मृत्यु हो गई थी, जिसके बाद उनकी पत्नी रजनी ने सामाजिक और पारिवारिक परिस्थितियों के चलते दूसरा विवाह कर लिया। वीरेंद्र और रजनी की इन तीन मासूम बच्चियों पर पिता की मौत और माँ के चले जाने के बाद दुखों का पहाड़ टूट पड़ा और वे पूरी तरह अनाथ व असहाय हो गईं। नियम और नैतिकता के आधार पर पिता वीरेंद्र के हिस्से की संपत्ति पर उनकी इन तीन बेटियों का हक था। हालाँकि, बच्चियों के दादा (बाबा) की मृत्यु से पहले ही उनके पिता वीरेंद्र की मौत हो चुकी थी। इस स्थिति का फायदा उठाते हुए, चाचा-ताऊ की नीयत डोल गई और उन्होंने मौज नौगांव खसरा संख्या 683 की संपत्ति के लिए दादा के नाम पर एक फर्जी वसीयत तैयार करवा ली। इस वसीयत में वीरेंद्र के हिस्से को गायब कर पूरी संपत्ति अपने नाम करा ली गई। पीड़ित पक्ष का आरोप है कि "जब बच्चियों के पिता जीवित ही नहीं थे, तो दादा की संपत्ति में से पोतियों का हक मारना सीधे तौर पर जालसाजी और धोखाधड़ी है" और बच्चियों को जानबूझकर बेघर व बेसहारा किया गया है। इस धोखाधड़ी के कारण तीनों बच्चियां पूरी तरह से बेघर हो चुकी हैं; उनके पास न तो रहने के लिए छत है और न ही भरण-पोषण का कोई साधन। इस घिनौने कृत्य को लेकर स्थानीय ग्रामीणों में भी गहरा आक्रोश है कि सगे खून ने ही इन मासूमों के साथ इतना बड़ा विश्वासघात किया। पीड़ित पक्ष ने प्रशासन और पुलिस के उच्च अधिकारियों से मामले की गहन जांच कर जालसाजों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने और बच्चियों को उनका हक दिलाने की गुहार लगाई है।1
- डीग में 30 जून 2026 को जिला महिला कांग्रेस कमेटी डीग की जिला अध्यक्ष एडवोकेट श्वेता यादव के नेतृत्व में ग्राम तमरेर से ग्राम मधुबन को जोड़ने वाली बेहद जर्जर सड़क के निर्माण और मरम्मत की मांग को लेकर जिला कलेक्टर को एक ज्ञापन सौंपा गया। एडवोकेट श्वेता यादव ने बताया कि तमरेर-मधुबन मार्ग लंबे समय से अत्यधिक खराब स्थिति में है, जहाँ बड़े-बड़े गड्ढे होने के कारण आए दिन दुर्घटनाएँ हो रही हैं। इससे ग्रामीणों, विद्यार्थियों, महिलाओं और किसानों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। विशेष रूप से बरसात के मौसम में सड़क की स्थिति और भी बिगड़ जाती है, जिससे आवागमन लगभग ठप पड़ जाता है। उन्होंने कहा कि ग्रामीणों ने कई बार संबंधित विभागों और जनप्रतिनिधियों को इस समस्या से अवगत कराया है, लेकिन अब तक सड़क निर्माण का कार्य शुरू नहीं हुआ है, जिससे क्षेत्रवासियों में गहरा रोष व्याप्त है। ज्ञापन में मांग की गई है कि इस सड़क का शीघ्र निरीक्षण किया जाए, आवश्यक बजट स्वीकृत हो और निर्माण कार्य जल्द से जल्द शुरू किया जाए ताकि क्षेत्र के हजारों लोगों को राहत मिल सके। साथ ही, सड़क निर्माण में हो रही देरी की जांच कर जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ उचित कार्रवाई करने की भी मांग की गई है। इस अवसर पर उपस्थित ग्रामीणों ने भी सड़क की खराब हालत पर चिंता जताते हुए प्रशासन से तुरंत समाधान की अपील की। जिला महिला कांग्रेस अध्यक्ष एडवोकेट श्वेता यादव ने स्पष्ट चेतावनी दी कि यदि जल्द ही सड़क निर्माण कार्य शुरू नहीं किया गया, तो वे ग्रामीणों के साथ मिलकर एक बड़ा जन आंदोलन करेंगी। ज्ञापन सौंपने वालों में मिट्ठू सिंह सांखला, गोपाल प्रसाद जी, नरेश फौजदार, नरेन्द्र, राहुल, विक्रम सिंह, बच्चू सिंह, डब्बू, हेमू, कुलदीप और भावना मीडिया प्रभारी सहित कई अन्य ग्रामीण उपस्थित रहे।3
- मथुरा में एक महिला की रहस्यमयी परिस्थितियों में गोली लगने से मौत हो गई है। इस घटना को लेकर महिला के पति पर हत्या का आरोप लगाया गया है। यह जांच का विषय बना हुआ है कि यह वारदात हत्या है या मात्र एक हादसा था।1
- गोवर्धन के महिला-पुरुष निवासियों ने मंगलवार को मथुरा जिलाधिकारी कार्यालय पहुंचकर सिटी मजिस्ट्रेट से मुलाकात की और उन्हें एक मांग पत्र सौंपा। इस ज्ञापन के माध्यम से ग्रामीणों ने बताया कि उनके गांव में न तो पानी की उचित व्यवस्था है और न ही श्मशान घाट। उन्होंने यह भी जानकारी दी कि गांव की तरफ जाने वाला रास्ता भी बुरी तरह से जर्जर है और अभी तक उसे बनवाया नहीं गया है। गोवर्धन वासियों ने सिटी मजिस्ट्रेट से यह भी मांग की कि गोवर्धन तहसील पर तैनात उप जिलाधिकारी को उनके पद से हटाया जाए। इसके साथ ही, उन्होंने पूर्व में गोवर्धन तहसील की उप जिलाधिकारी रहीं प्राजक्ता त्रिपाठी को पुनः उसी पद पर नियुक्त करने की अपील की। यह ज्ञापन मूलभूत सुविधाओं को लेकर मथुरा में सिटी मजिस्ट्रेट को सौंपा गया।4
- मथुरा से वृंदावन जाने वाली सड़क पर, बिरला मंदिर और एक पुलिस चौकी के ठीक बगल में एक शराब का ठेका खोला गया है। शुरुआत में इस ठेके पर न तो जीएसटी नंबर था और न ही शराब के प्रकार (जैसे अंग्रेजी या विदेशी शराब) या दुकान का नाम जैसी कोई जानकारी प्रदर्शित की गई थी। इस अनियमितता के विरोध में, बाबा बवंडर बाबा और अन्य लोगों ने इस मुद्दे पर आवाज़ उठाई और अपना विरोध दर्ज कराया। इसके बाद, अगले ही दिन दुकान के सामने यह लिखवा दिया गया कि यह एक अंग्रेजी शराब का ठेका है और इसके संचालन की अवधि भी अंकित कर दी गई, साथ ही यह भी बताया गया कि इस पर आवश्यक कार्रवाई की जा रही है। हालांकि, शराब ठेके के मालिक ने इस पर और पैसा खर्च करते हुए, एक अलग से 'आई-कैमरा' लगा दिया है, जिसका उद्देश्य बाबा की निगरानी करना है। पाठ में इस बात पर सवाल उठाया गया है कि बिरला मंदिर के पास स्थित इस पुलिस चौकी के बगल में लगे कैमरे यात्रियों की सुरक्षा के बजाय, केवल बाबा की गतिविधियों पर नज़र रखने के लिए क्यों लगाए गए हैं। वर्तमान में, बाबा बवंडर बाबा इस शराब ठेके के विरोध में धरने पर बैठे हैं और उन्होंने भूख हड़ताल भी शुरू कर दी है। उनका कहना है कि "प्राण जाए मगर वचन न जाए", जो उनकी प्रतिबद्धता को दर्शाता है। यह सवाल बना हुआ है कि यह शराब का ठेका कब तक रहेगा और बाबा कब तक अपना विरोध जारी रखेंगे।1
- दिल्ली में एक कोचिंग संस्थान में हुए हादसे से सबक लेते हुए, डीग नगर परिषद प्रशासन ने सुरक्षा मानकों की अनदेखी करने वाले संस्थानों के खिलाफ सख्त कार्रवाई शुरू कर दी है। इसी क्रम में, नगर परिषद की टीम ने शहर में बिना फायर एनओसी और आवश्यक सुरक्षा मानकों के संचालित चार कोचिंग संस्थानों एवं ई-लाइब्रेरी को सील कर दिया है। सील किए गए संस्थानों में लक्ष्य कोचिंग एंड लाइब्रेरी, चौधरी कोचिंग डीग, विनायक कोचिंग लाइब्रेरी और सक्सेज प्वाइंट लाइब्रेरी शामिल हैं, जो निर्धारित सुरक्षा मानदंडों का पालन नहीं कर रहे थे। नगर परिषद आयुक्त कुलदीप सिंह ने बताया कि विद्यार्थियों और आमजन की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जा रही है। सहायक प्रशासनिक अधिकारी राजवीर सिंह के नेतृत्व में नगर परिषद की टीम ने इस कार्रवाई को अंजाम दिया, जिसमें भूरी सिंह, सुनील कुमार बैरवा, अवधेश फौजदार और नीटू फौजदार जैसे कार्मिक भी शामिल थे। इस अचानक हुई कार्रवाई के बाद शहर में बिना सुरक्षा मानकों के चल रहे कोचिंग संस्थानों, ई-लाइब्रेरी, अन्य शिक्षण संस्थानों और मैरिज होम संचालकों में हड़कंप मच गया है। नगर परिषद प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि सुरक्षा नियमों की अनदेखी किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं की जाएगी। आयुक्त कुलदीप सिंह ने सख्त लहजे में कहा कि नगर परिषद क्षेत्र में संचालित सभी संबंधित संस्थानों को निर्धारित सुरक्षा मानकों का पालन करना और अनिवार्य रूप से फायर एनओसी प्राप्त करना होगा। उन्होंने चेतावनी दी कि नियमों का उल्लंघन करने वाले संस्थानों के खिलाफ आगे भी सीलिंग सहित नियमानुसार सख्त कार्रवाई लगातार जारी रहेगी।4
- उत्तर प्रदेश के मथुरा सहित कई जिलों में अधिवक्ताओं, दस्तावेज लेखकों और स्टैंप वेंडरों की 24 दिनों से चली आ रही अनिश्चितकालीन हड़ताल मंगलवार, 30 जून 2026 को समाप्त हो गई है। यह हड़ताल निबंधन कार्य के निजीकरण के प्रस्ताव और राज्य सरकार द्वारा ई-रजिस्ट्री या फ्रंट ऑफिस व्यवस्था लागू करने के विरोध में की गई थी, जिससे वकीलों, डीड राइटर्स और स्टाम्प वेंडर्स की आजीविका पर खतरा माना जा रहा था। आंदोलन के 25वें दिन लखनऊ में महानिरीक्षक (आईजी) निबंधन के साथ हुई वार्ता के बाद यह फैसला लिया गया। सरकार द्वारा 7 जून के ई-रजिस्ट्री नियमावली के विवादित आदेश को वापस लेने के आश्वासन के बाद हड़ताल समाप्त हुई और आंदोलनकारियों की मांगें मान ली गईं। इस 24 दिवसीय कार्य बहिष्कार के कारण निबंधन विभाग को करोड़ों रुपये का भारी राजस्व नुकसान उठाना पड़ा था। लखनऊ में हुई बैठक और विवादित आदेशों को वापस लिए जाने के बाद, रजिस्ट्री दफ्तरों में कामकाज फिर से सुचारू रूप से शुरू होने के निर्देश जारी कर दिए गए हैं, जिससे रजिस्ट्री कार्यालयों में कामकाज बहाल हो गया है।4
- उत्तर प्रदेश के रायबरेली जिले में दिनदहाड़े एक खंड शिक्षा अधिकारी और एक शिक्षक की पिटाई का मामला सामने आया है। इस घटना से क्षेत्र में हड़कंप मच गया है।1