logo
Shuru
Apke Nagar Ki App…
  • Latest News
  • News
  • Politics
  • Elections
  • Viral
  • Astrology
  • Horoscope in Hindi
  • Horoscope in English
  • Latest Political News
logo
Shuru
Apke Nagar Ki App…

दिल्ली में एक कोचिंग संस्थान में हुए हादसे से सबक लेते हुए, डीग नगर परिषद प्रशासन ने सुरक्षा मानकों की अनदेखी करने वाले संस्थानों के खिलाफ सख्त कार्रवाई शुरू कर दी है। इसी क्रम में, नगर परिषद की टीम ने शहर में बिना फायर एनओसी और आवश्यक सुरक्षा मानकों के संचालित चार कोचिंग संस्थानों एवं ई-लाइब्रेरी को सील कर दिया है। सील किए गए संस्थानों में लक्ष्य कोचिंग एंड लाइब्रेरी, चौधरी कोचिंग डीग, विनायक कोचिंग लाइब्रेरी और सक्सेज प्वाइंट लाइब्रेरी शामिल हैं, जो निर्धारित सुरक्षा मानदंडों का पालन नहीं कर रहे थे। नगर परिषद आयुक्त कुलदीप सिंह ने बताया कि विद्यार्थियों और आमजन की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जा रही है। सहायक प्रशासनिक अधिकारी राजवीर सिंह के नेतृत्व में नगर परिषद की टीम ने इस कार्रवाई को अंजाम दिया, जिसमें भूरी सिंह, सुनील कुमार बैरवा, अवधेश फौजदार और नीटू फौजदार जैसे कार्मिक भी शामिल थे। इस अचानक हुई कार्रवाई के बाद शहर में बिना सुरक्षा मानकों के चल रहे कोचिंग संस्थानों, ई-लाइब्रेरी, अन्य शिक्षण संस्थानों और मैरिज होम संचालकों में हड़कंप मच गया है। नगर परिषद प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि सुरक्षा नियमों की अनदेखी किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं की जाएगी। आयुक्त कुलदीप सिंह ने सख्त लहजे में कहा कि नगर परिषद क्षेत्र में संचालित सभी संबंधित संस्थानों को निर्धारित सुरक्षा मानकों का पालन करना और अनिवार्य रूप से फायर एनओसी प्राप्त करना होगा। उन्होंने चेतावनी दी कि नियमों का उल्लंघन करने वाले संस्थानों के खिलाफ आगे भी सीलिंग सहित नियमानुसार सख्त कार्रवाई लगातार जारी रहेगी।

14 hrs ago
user_Amardeep sain ripoter
Amardeep sain ripoter
Advertising Photographer डीग, भरतपुर, राजस्थान•
14 hrs ago

दिल्ली में एक कोचिंग संस्थान में हुए हादसे से सबक लेते हुए, डीग नगर परिषद प्रशासन ने सुरक्षा मानकों की अनदेखी करने वाले संस्थानों के खिलाफ सख्त कार्रवाई शुरू कर दी है। इसी क्रम में, नगर परिषद की टीम ने शहर में बिना फायर एनओसी और आवश्यक सुरक्षा मानकों के संचालित चार कोचिंग संस्थानों एवं ई-लाइब्रेरी को सील कर दिया है। सील

किए गए संस्थानों में लक्ष्य कोचिंग एंड लाइब्रेरी, चौधरी कोचिंग डीग, विनायक कोचिंग लाइब्रेरी और सक्सेज प्वाइंट लाइब्रेरी शामिल हैं, जो निर्धारित सुरक्षा मानदंडों का पालन नहीं कर रहे थे। नगर परिषद आयुक्त कुलदीप सिंह ने बताया कि विद्यार्थियों और आमजन की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जा रही है। सहायक प्रशासनिक अधिकारी राजवीर सिंह के नेतृत्व में नगर परिषद की टीम ने

इस कार्रवाई को अंजाम दिया, जिसमें भूरी सिंह, सुनील कुमार बैरवा, अवधेश फौजदार और नीटू फौजदार जैसे कार्मिक भी शामिल थे। इस अचानक हुई कार्रवाई के बाद शहर में बिना सुरक्षा मानकों के चल रहे कोचिंग संस्थानों, ई-लाइब्रेरी, अन्य शिक्षण संस्थानों और मैरिज होम संचालकों में हड़कंप मच गया है। नगर परिषद प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि सुरक्षा नियमों की अनदेखी किसी

भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं की जाएगी। आयुक्त कुलदीप सिंह ने सख्त लहजे में कहा कि नगर परिषद क्षेत्र में संचालित सभी संबंधित संस्थानों को निर्धारित सुरक्षा मानकों का पालन करना और अनिवार्य रूप से फायर एनओसी प्राप्त करना होगा। उन्होंने चेतावनी दी कि नियमों का उल्लंघन करने वाले संस्थानों के खिलाफ आगे भी सीलिंग सहित नियमानुसार सख्त कार्रवाई लगातार जारी रहेगी।

More news from राजस्थान and nearby areas
  • डीग पुलिस अधीक्षक शरण गोपीनाथ (IPS) के निर्देश पर मंगलवार को बहज चौकी उत्तर प्रदेश बॉर्डर पर विशेष वाहन चेकिंग अभियान चलाया गया। इस दौरान सघन नाकाबंदी कर वाहनों की जांच की गई, जिसमें कोतवाली थाना प्रभारी रामनरेश मीणा और उप निरीक्षक अमर सिंह गुर्जर सहित अन्य पुलिस जाब्ता मौजूद रहा। कोतवाली थाना प्रभारी रामनरेश मीणा ने बताया कि इस अभियान के तहत काली फिल्म, फैंसी नंबर प्लेट, मॉडिफाइड वाहन, अवैध हूटर, फ्लैशर, लाल-नीली बत्ती, बिना नंबर, बिना हेलमेट, बिना सीट बेल्ट और बिना वैध दस्तावेज चलने वाले वाहनों सहित यातायात नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कार्रवाई की जा रही है। यह अभियान अपराध नियंत्रण और सड़क सुरक्षा को सुनिश्चित करने के उद्देश्य से जिले के सभी सर्किल व थाना क्षेत्रों में लगातार जारी रहेगा।
    3
    डीग पुलिस अधीक्षक शरण गोपीनाथ (IPS) के निर्देश पर मंगलवार को बहज चौकी उत्तर प्रदेश बॉर्डर पर विशेष वाहन चेकिंग अभियान चलाया गया। इस दौरान सघन नाकाबंदी कर वाहनों की जांच की गई, जिसमें कोतवाली थाना प्रभारी रामनरेश मीणा और उप निरीक्षक अमर सिंह गुर्जर सहित अन्य पुलिस जाब्ता मौजूद रहा।

कोतवाली थाना प्रभारी रामनरेश मीणा ने बताया कि इस अभियान के तहत काली फिल्म, फैंसी नंबर प्लेट, मॉडिफाइड वाहन, अवैध हूटर, फ्लैशर, लाल-नीली बत्ती, बिना नंबर, बिना हेलमेट, बिना सीट बेल्ट और बिना वैध दस्तावेज चलने वाले वाहनों सहित यातायात नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कार्रवाई की जा रही है। यह अभियान अपराध नियंत्रण और सड़क सुरक्षा को सुनिश्चित करने के उद्देश्य से जिले के सभी सर्किल व थाना क्षेत्रों में लगातार जारी रहेगा।
    user_Amardeep sain ripoter
    Amardeep sain ripoter
    Advertising Photographer डीग, भरतपुर, राजस्थान•
    2 hrs ago
  • ब्यावर जिले की लांबिया ग्राम पंचायत भवन में मंगलवार को उपखंड अधिकारी मनोज कुमार मीणा की अध्यक्षता में एक ग्रामीण सेवा शिविर का आयोजन किया गया। इस शिविर में 22 विभागों के अधिकारियों ने भाग लिया, जिन्होंने ग्रामीणों की समस्याओं को सुना और मौके पर ही अनेक मामलों का समाधान किया। उपखंड अधिकारी मनोज कुमार मीणा ने स्पष्ट किया कि राज्य सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ अंतिम छोर तक पहुंचाना प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने सभी विभागीय अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे आमजन की समस्याओं का त्वरित एवं प्रभावी समाधान सुनिश्चित करें और योजनाओं के क्रियान्वयन में किसी भी प्रकार की लापरवाही न बरतें। शिविर के दौरान ग्रामीणों ने मुख्य पेयजल लाइन में बार-बार लीकेज, नलों में गंदा एवं बदबूदार पानी आने तथा कई मोहल्लों में नियमित जलापूर्ति नहीं होने जैसी गंभीर समस्याएं उठाईं। इस पर संबंधित विभाग के अधिकारियों को तत्काल कार्रवाई कर व्यवस्था सुधारने के निर्देश दिए गए। इसके अतिरिक्त, बारिश के मौसम को देखते हुए नालों और पानी निकासी मार्गों पर रेत-मिट्टी के ढेर तथा अतिक्रमण हटाकर जलभराव की समस्या से बचाव के भी निर्देश दिए गए। शिविर में पट्टा वितरण, म्यूटेशन (नामांतरण), नाम शुद्धिकरण, जन्म-मृत्यु और जाति प्रमाण पत्र संबंधी प्रकरणों का निस्तारण किया गया। कृषि विभाग ने तारबंदी, फसली बीमा एवं कृषि ऋण से जुड़े मामलों पर कार्रवाई की। वहीं, रास्तों से अतिक्रमण हटाने और खेल मैदान स्वीकृति सहित विभिन्न विभागों से संबंधित कार्यों का भी समाधान किया गया। इस अवसर पर शिविर प्रभारी नायब तहसीलदार प्रहलादराम, अतिरिक्त विकास अधिकारी रामरसिया आचार्य, पीईईओ सत्यनारायण वैष्णव, ग्राम विकास अधिकारी सोहनलाल विश्नोई, प्रशासक प्रतिनिधि मानसिंह राठौड़ के साथ-साथ विभिन्न विभागों के अधिकारी और बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित रहे।
    1
    ब्यावर जिले की लांबिया ग्राम पंचायत भवन में मंगलवार को उपखंड अधिकारी मनोज कुमार मीणा की अध्यक्षता में एक ग्रामीण सेवा शिविर का आयोजन किया गया। इस शिविर में 22 विभागों के अधिकारियों ने भाग लिया, जिन्होंने ग्रामीणों की समस्याओं को सुना और मौके पर ही अनेक मामलों का समाधान किया।

उपखंड अधिकारी मनोज कुमार मीणा ने स्पष्ट किया कि राज्य सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ अंतिम छोर तक पहुंचाना प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने सभी विभागीय अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे आमजन की समस्याओं का त्वरित एवं प्रभावी समाधान सुनिश्चित करें और योजनाओं के क्रियान्वयन में किसी भी प्रकार की लापरवाही न बरतें। शिविर के दौरान ग्रामीणों ने मुख्य पेयजल लाइन में बार-बार लीकेज, नलों में गंदा एवं बदबूदार पानी आने तथा कई मोहल्लों में नियमित जलापूर्ति नहीं होने जैसी गंभीर समस्याएं उठाईं। इस पर संबंधित विभाग के अधिकारियों को तत्काल कार्रवाई कर व्यवस्था सुधारने के निर्देश दिए गए। इसके अतिरिक्त, बारिश के मौसम को देखते हुए नालों और पानी निकासी मार्गों पर रेत-मिट्टी के ढेर तथा अतिक्रमण हटाकर जलभराव की समस्या से बचाव के भी निर्देश दिए गए।

शिविर में पट्टा वितरण, म्यूटेशन (नामांतरण), नाम शुद्धिकरण, जन्म-मृत्यु और जाति प्रमाण पत्र संबंधी प्रकरणों का निस्तारण किया गया। कृषि विभाग ने तारबंदी, फसली बीमा एवं कृषि ऋण से जुड़े मामलों पर कार्रवाई की। वहीं, रास्तों से अतिक्रमण हटाने और खेल मैदान स्वीकृति सहित विभिन्न विभागों से संबंधित कार्यों का भी समाधान किया गया। इस अवसर पर शिविर प्रभारी नायब तहसीलदार प्रहलादराम, अतिरिक्त विकास अधिकारी रामरसिया आचार्य, पीईईओ सत्यनारायण वैष्णव, ग्राम विकास अधिकारी सोहनलाल विश्नोई, प्रशासक प्रतिनिधि मानसिंह राठौड़ के साथ-साथ विभिन्न विभागों के अधिकारी और बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित रहे।
    user_Rajesh Kumar
    Rajesh Kumar
    कुम्हेर, भरतपुर, राजस्थान•
    1 hr ago
  • जनपद मथुरा के थाना छाता क्षेत्र के नौगांव से रिश्तों को शर्मसार करने और लालच में अपनों का ही हक मारने का एक बेहद संवेदनशील मामला सामने आया है। यहाँ सगे चाचा और ताऊ ने मिलकर अपनी तीन अनाथ भतीजियों कुमारी संध्या और चांदनी का हक छीन लिया और उन्हें पाई-पाई के लिए मोहताज कर बेघर कर दिया। अनाथ बच्चियों की संपत्ति हड़पने के लिए उनके दादा के नाम पर एक फर्जी वसीयत तैयार कराई गई है। मिली जानकारी के अनुसार, नौगांव निवासी वीरेंद्र की कुछ समय पहले मृत्यु हो गई थी, जिसके बाद उनकी पत्नी रजनी ने सामाजिक और पारिवारिक परिस्थितियों के चलते दूसरा विवाह कर लिया। वीरेंद्र और रजनी की तीन मासूम बच्चियां हैं, जो पिता की मौत और माँ के चले जाने के बाद पूरी तरह अनाथ और असहाय हो गईं। नियमों के अनुसार, पिता वीरेंद्र के हिस्से की संपत्ति पर उनकी इन तीन बेटियों का हक था, लेकिन बच्चियों के चाचा और ताऊ की नियत डोल गई। बताया जा रहा है कि बच्चियों के दादा (बाबा) की मृत्यु से पहले ही उनके पिता वीरेंद्र की मौत हो चुकी थी। इस स्थिति का फायदा उठाते हुए चाचा-ताऊ ने कथित तौर पर मौज़ नौगांव खसरा संख्या 683 की एक फर्जी वसीयत तैयार करवा ली, जिसमें वीरेंद्र के हिस्से को गायब कर पूरी संपत्ति अपने नाम करा ली। पीड़ित पक्ष का आरोप है कि जब बच्चियों के पिता जीवित नहीं थे, तो दादा की संपत्ति में से पोतियों का हक मारना सीधे तौर पर जालसाजी और धोखाधड़ी है और बच्चियों को जानबूझकर बेघर और बेसहारा कर दिया गया है। इस धोखाधड़ी के बाद तीनों बच्चियां पूरी तरह से बेघर हो चुकी हैं, उनके पास न तो रहने के लिए छत बची है और न ही भरण-पोषण का कोई साधन। स्थानीय ग्रामीणों में भी इस बात को लेकर गहरा आक्रोश है कि सगे खून ने ही मासूमों के साथ इतना बड़ा विश्वासघात किया। पीड़ित पक्ष ने प्रशासन और पुलिस के उच्च अधिकारियों से मामले की जांच कर जालसाजों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने और बच्चियों को उनका हक दिलाने की गुहार लगाई है।
    1
    जनपद मथुरा के थाना छाता क्षेत्र के नौगांव से रिश्तों को शर्मसार करने और लालच में अपनों का ही हक मारने का एक बेहद संवेदनशील मामला सामने आया है। यहाँ सगे चाचा और ताऊ ने मिलकर अपनी तीन अनाथ भतीजियों कुमारी संध्या और चांदनी का हक छीन लिया और उन्हें पाई-पाई के लिए मोहताज कर बेघर कर दिया। अनाथ बच्चियों की संपत्ति हड़पने के लिए उनके दादा के नाम पर एक फर्जी वसीयत तैयार कराई गई है।

मिली जानकारी के अनुसार, नौगांव निवासी वीरेंद्र की कुछ समय पहले मृत्यु हो गई थी, जिसके बाद उनकी पत्नी रजनी ने सामाजिक और पारिवारिक परिस्थितियों के चलते दूसरा विवाह कर लिया। वीरेंद्र और रजनी की तीन मासूम बच्चियां हैं, जो पिता की मौत और माँ के चले जाने के बाद पूरी तरह अनाथ और असहाय हो गईं। नियमों के अनुसार, पिता वीरेंद्र के हिस्से की संपत्ति पर उनकी इन तीन बेटियों का हक था, लेकिन बच्चियों के चाचा और ताऊ की नियत डोल गई। बताया जा रहा है कि बच्चियों के दादा (बाबा) की मृत्यु से पहले ही उनके पिता वीरेंद्र की मौत हो चुकी थी। इस स्थिति का फायदा उठाते हुए चाचा-ताऊ ने कथित तौर पर मौज़ नौगांव खसरा संख्या 683 की एक फर्जी वसीयत तैयार करवा ली, जिसमें वीरेंद्र के हिस्से को गायब कर पूरी संपत्ति अपने नाम करा ली। पीड़ित पक्ष का आरोप है कि जब बच्चियों के पिता जीवित नहीं थे, तो दादा की संपत्ति में से पोतियों का हक मारना सीधे तौर पर जालसाजी और धोखाधड़ी है और बच्चियों को जानबूझकर बेघर और बेसहारा कर दिया गया है।

इस धोखाधड़ी के बाद तीनों बच्चियां पूरी तरह से बेघर हो चुकी हैं, उनके पास न तो रहने के लिए छत बची है और न ही भरण-पोषण का कोई साधन। स्थानीय ग्रामीणों में भी इस बात को लेकर गहरा आक्रोश है कि सगे खून ने ही मासूमों के साथ इतना बड़ा विश्वासघात किया। पीड़ित पक्ष ने प्रशासन और पुलिस के उच्च अधिकारियों से मामले की जांच कर जालसाजों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने और बच्चियों को उनका हक दिलाने की गुहार लगाई है।
    user_राष्ट्र की आवाज न्यूज मीडिया
    राष्ट्र की आवाज न्यूज मीडिया
    Media company गोवर्धन, मथुरा, उत्तर प्रदेश•
    2 hrs ago
  • मथुरा जिले के छाता क्षेत्र से रिश्तों को शर्मसार करने और लालच में अपनों का हक मारने का एक दिल दहलाने वाला मामला सामने आया है। यहां नौगांव निवासी सगे चाचा और ताऊ पर अपनी ही तीन अनाथ भतीजियों कुमारी संध्या, चांदनी और एक अन्य का हक छीनने और उन्हें पाई-पाई के लिए मोहताज कर बेघर करने का गंभीर आरोप लगा है। संपत्ति हड़पने के लिए दादा के नाम पर एक कथित फर्जी वसीयत तैयार कराई गई। मिली जानकारी के अनुसार, इन बच्चियों के पिता वीरेंद्र की कुछ समय पहले मृत्यु हो गई थी। पति की मौत के बाद बेसहारा हुई उनकी पत्नी रजनी ने सामाजिक और पारिवारिक परिस्थितियों के चलते दूसरा विवाह कर लिया, जिससे वीरेंद्र और रजनी की तीन मासूम बच्चियां पूरी तरह अनाथ और असहाय हो गईं। नियमों के आधार पर पिता वीरेंद्र के हिस्से की संपत्ति पर उनकी इन तीन बेटियों का हक होना चाहिए था, लेकिन बच्चियों के चाचा और ताऊ की नीयत डोल गई। बताया जा रहा है कि बच्चियों के दादा (बाबा) की मृत्यु से पहले ही उनके पिता वीरेंद्र की मौत हो चुकी थी। इस स्थिति का फायदा उठाते हुए चाचा-ताऊ ने कथित तौर पर मौजा नौगांव खसरा संख्या 683 के लिए एक फर्जी वसीयत तैयार करवा ली, जिसमें वीरेंद्र के हिस्से को गायब कर पूरी संपत्ति अपने नाम करा ली। पीड़ित पक्ष का आरोप है कि जब बच्चियों के पिता जीवित ही नहीं थे, तो दादा की संपत्ति में से पोतियों का हक मारना सीधे तौर पर जालसाजी और धोखाधड़ी है। उन्हें जानबूझकर बेघर और बेसहारा कर दिया गया है। इस धोखाधड़ी के बाद तीनों बच्चियां पूरी तरह से बेघर हो चुकी हैं। उनके पास न तो रहने के लिए छत बची है और न ही भरण-पोषण का कोई साधन। स्थानीय ग्रामीणों में भी इस बात को लेकर गहरा आक्रोश है कि सगे खून ने ही मासूमों के साथ इतना बड़ा विश्वासघात किया। पीड़ित नाबालिग बच्चियों ने प्रशासन और पुलिस के उच्च अधिकारियों से मामले की जांच कर जालसाजों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने और उन्हें उनका हक दिलाने की गुहार लगाई है, यह मांग करते हुए कि अगर इस सरकार में कहीं न्याय है तो इन बेसहारा मासूमों को मिलना चाहिए।
    1
    मथुरा जिले के छाता क्षेत्र से रिश्तों को शर्मसार करने और लालच में अपनों का हक मारने का एक दिल दहलाने वाला मामला सामने आया है। यहां नौगांव निवासी सगे चाचा और ताऊ पर अपनी ही तीन अनाथ भतीजियों कुमारी संध्या, चांदनी और एक अन्य का हक छीनने और उन्हें पाई-पाई के लिए मोहताज कर बेघर करने का गंभीर आरोप लगा है। संपत्ति हड़पने के लिए दादा के नाम पर एक कथित फर्जी वसीयत तैयार कराई गई।

मिली जानकारी के अनुसार, इन बच्चियों के पिता वीरेंद्र की कुछ समय पहले मृत्यु हो गई थी। पति की मौत के बाद बेसहारा हुई उनकी पत्नी रजनी ने सामाजिक और पारिवारिक परिस्थितियों के चलते दूसरा विवाह कर लिया, जिससे वीरेंद्र और रजनी की तीन मासूम बच्चियां पूरी तरह अनाथ और असहाय हो गईं।

नियमों के आधार पर पिता वीरेंद्र के हिस्से की संपत्ति पर उनकी इन तीन बेटियों का हक होना चाहिए था, लेकिन बच्चियों के चाचा और ताऊ की नीयत डोल गई। बताया जा रहा है कि बच्चियों के दादा (बाबा) की मृत्यु से पहले ही उनके पिता वीरेंद्र की मौत हो चुकी थी। इस स्थिति का फायदा उठाते हुए चाचा-ताऊ ने कथित तौर पर मौजा नौगांव खसरा संख्या 683 के लिए एक फर्जी वसीयत तैयार करवा ली, जिसमें वीरेंद्र के हिस्से को गायब कर पूरी संपत्ति अपने नाम करा ली। पीड़ित पक्ष का आरोप है कि जब बच्चियों के पिता जीवित ही नहीं थे, तो दादा की संपत्ति में से पोतियों का हक मारना सीधे तौर पर जालसाजी और धोखाधड़ी है। उन्हें जानबूझकर बेघर और बेसहारा कर दिया गया है।

इस धोखाधड़ी के बाद तीनों बच्चियां पूरी तरह से बेघर हो चुकी हैं। उनके पास न तो रहने के लिए छत बची है और न ही भरण-पोषण का कोई साधन। स्थानीय ग्रामीणों में भी इस बात को लेकर गहरा आक्रोश है कि सगे खून ने ही मासूमों के साथ इतना बड़ा विश्वासघात किया। पीड़ित नाबालिग बच्चियों ने प्रशासन और पुलिस के उच्च अधिकारियों से मामले की जांच कर जालसाजों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने और उन्हें उनका हक दिलाने की गुहार लगाई है, यह मांग करते हुए कि अगर इस सरकार में कहीं न्याय है तो इन बेसहारा मासूमों को मिलना चाहिए।
    user_Lokesh Garg
    Lokesh Garg
    छाता, मथुरा, उत्तर प्रदेश•
    2 hrs ago
  • मथुरा स्थित ग्रीन विलो पब्लिक स्कूल, जो एक सीबीएसई संबद्ध विद्यालय है, पर आयोजित परीक्षाओं में गंभीर अनियमितताओं की शिकायत प्राप्त हुई है। शिकायतकर्ता ने परीक्षा समय पर शुरू न होने और परीक्षा संचालन के दौरान कई गड़बड़ियों का आरोप लगाते हुए दिनांक 25 जून से परीक्षा समाप्ति तक के सभी सीसीटीवी फुटेज की जांच की मांग की है। परीक्षा निर्धारित समय पर प्रारम्भ न होने के कारण परीक्षार्थियों को अनावश्यक मानसिक तनाव और असुविधा का सामना करना पड़ा। प्राप्त शिकायतों के मुख्य बिंदुओं में परीक्षा निर्धारित समय पर शुरू न होना, परीक्षा केंद्र पर नकल और अनुचित साधनों के प्रयोग की शिकायतें, तथा कक्ष निरीक्षकों, पर्यवेक्षकों एवं अन्य ड्यूटी कर्मियों द्वारा कर्तव्यों का समुचित निर्वहन न किए जाने की संभावना शामिल है। विद्यालय द्वारा स्वयं सीसीटीवी व्यवस्था उपलब्ध होने का उल्लेख किया गया है, अतः शिकायतकर्ता ने परीक्षा दिवस की संपूर्ण सीसीटीवी रिकॉर्डिंग को सुरक्षित रखकर उसकी जांच कराने पर जोर दिया है। विशेष रूप से, सभी परीक्षाओं के शुरू होने से 3 घंटे पहले से प्रश्नपत्र वितरण, परीक्षार्थियों की उपस्थिति, परीक्षा कक्षों की निगरानी और परीक्षा अवधि के दौरान हुई समस्त गतिविधियों का सत्यापन सीसीटीवी फुटेज और ड्यूटी रजिस्टर के आधार पर कराने का निवेदन किया गया है। इसके अतिरिक्त, परीक्षा केंद्र पर तैनात समस्त शिक्षकों, कक्ष निरीक्षकों, केंद्र व्यवस्थापक और अन्य कर्मचारियों की भूमिका की जांच कर यह सुनिश्चित करने की मांग की गई है कि कहीं किसी स्तर पर लापरवाही, मिलीभगत या परीक्षा नियमों का उल्लंघन तो नहीं हुआ। शिकायत में यह भी कहा गया है कि यदि ड्यूटी पर तैनात परीक्षकों का किसी संस्थान से संबंध पाया जाता है, तो उनके विरुद्ध एफआईआर दर्ज कराई जाए। इस संबंध में, शिकायतकर्ता ने प्रकरण की उच्चस्तरीय और निष्पक्ष जांच कराने का निवेदन किया है। इसमें तत्काल परीक्षा दिवस की संपूर्ण सीसीटीवी फुटेज को सुरक्षित कर जब्त करना, ड्यूटी पर तैनात सभी शिक्षकों और अधिकारियों के बयान दर्ज करना, और नकल या अन्य अनियमितताओं की पुष्टि होने पर दोषियों के विरुद्ध नियमानुसार कठोर कार्यवाही करना शामिल है। भविष्य में निष्पक्ष और पारदर्शी परीक्षा संचालन सुनिश्चित करने हेतु आवश्यक निर्देश जारी करने की भी मांग की गई है। जनहित और शिक्षा व्यवस्था की निष्पक्षता बनाए रखने के लिए इस शिकायत पर तत्काल संज्ञान लेकर आवश्यक कार्यवाही करने की अपील की गई है।
    1
    मथुरा स्थित ग्रीन विलो पब्लिक स्कूल, जो एक सीबीएसई संबद्ध विद्यालय है, पर आयोजित परीक्षाओं में गंभीर अनियमितताओं की शिकायत प्राप्त हुई है। शिकायतकर्ता ने परीक्षा समय पर शुरू न होने और परीक्षा संचालन के दौरान कई गड़बड़ियों का आरोप लगाते हुए दिनांक 25 जून से परीक्षा समाप्ति तक के सभी सीसीटीवी फुटेज की जांच की मांग की है। परीक्षा निर्धारित समय पर प्रारम्भ न होने के कारण परीक्षार्थियों को अनावश्यक मानसिक तनाव और असुविधा का सामना करना पड़ा।

प्राप्त शिकायतों के मुख्य बिंदुओं में परीक्षा निर्धारित समय पर शुरू न होना, परीक्षा केंद्र पर नकल और अनुचित साधनों के प्रयोग की शिकायतें, तथा कक्ष निरीक्षकों, पर्यवेक्षकों एवं अन्य ड्यूटी कर्मियों द्वारा कर्तव्यों का समुचित निर्वहन न किए जाने की संभावना शामिल है। विद्यालय द्वारा स्वयं सीसीटीवी व्यवस्था उपलब्ध होने का उल्लेख किया गया है, अतः शिकायतकर्ता ने परीक्षा दिवस की संपूर्ण सीसीटीवी रिकॉर्डिंग को सुरक्षित रखकर उसकी जांच कराने पर जोर दिया है। विशेष रूप से, सभी परीक्षाओं के शुरू होने से 3 घंटे पहले से प्रश्नपत्र वितरण, परीक्षार्थियों की उपस्थिति, परीक्षा कक्षों की निगरानी और परीक्षा अवधि के दौरान हुई समस्त गतिविधियों का सत्यापन सीसीटीवी फुटेज और ड्यूटी रजिस्टर के आधार पर कराने का निवेदन किया गया है। इसके अतिरिक्त, परीक्षा केंद्र पर तैनात समस्त शिक्षकों, कक्ष निरीक्षकों, केंद्र व्यवस्थापक और अन्य कर्मचारियों की भूमिका की जांच कर यह सुनिश्चित करने की मांग की गई है कि कहीं किसी स्तर पर लापरवाही, मिलीभगत या परीक्षा नियमों का उल्लंघन तो नहीं हुआ। शिकायत में यह भी कहा गया है कि यदि ड्यूटी पर तैनात परीक्षकों का किसी संस्थान से संबंध पाया जाता है, तो उनके विरुद्ध एफआईआर दर्ज कराई जाए।

इस संबंध में, शिकायतकर्ता ने प्रकरण की उच्चस्तरीय और निष्पक्ष जांच कराने का निवेदन किया है। इसमें तत्काल परीक्षा दिवस की संपूर्ण सीसीटीवी फुटेज को सुरक्षित कर जब्त करना, ड्यूटी पर तैनात सभी शिक्षकों और अधिकारियों के बयान दर्ज करना, और नकल या अन्य अनियमितताओं की पुष्टि होने पर दोषियों के विरुद्ध नियमानुसार कठोर कार्यवाही करना शामिल है। भविष्य में निष्पक्ष और पारदर्शी परीक्षा संचालन सुनिश्चित करने हेतु आवश्यक निर्देश जारी करने की भी मांग की गई है। जनहित और शिक्षा व्यवस्था की निष्पक्षता बनाए रखने के लिए इस शिकायत पर तत्काल संज्ञान लेकर आवश्यक कार्यवाही करने की अपील की गई है।
    user_RPR NEWS TV
    RPR NEWS TV
    Court reporter Mathura, Uttar Pradesh•
    3 hrs ago
  • डीग में 30 जून 2026 को जिला महिला कांग्रेस कमेटी डीग की जिला अध्यक्ष एडवोकेट श्वेता यादव के नेतृत्व में ग्राम तमरेर से ग्राम मधुबन को जोड़ने वाली बेहद जर्जर सड़क के निर्माण और मरम्मत की मांग को लेकर जिला कलेक्टर को एक ज्ञापन सौंपा गया। एडवोकेट श्वेता यादव ने बताया कि तमरेर-मधुबन मार्ग लंबे समय से अत्यधिक खराब स्थिति में है, जहाँ बड़े-बड़े गड्ढे होने के कारण आए दिन दुर्घटनाएँ हो रही हैं। इससे ग्रामीणों, विद्यार्थियों, महिलाओं और किसानों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। विशेष रूप से बरसात के मौसम में सड़क की स्थिति और भी बिगड़ जाती है, जिससे आवागमन लगभग ठप पड़ जाता है। उन्होंने कहा कि ग्रामीणों ने कई बार संबंधित विभागों और जनप्रतिनिधियों को इस समस्या से अवगत कराया है, लेकिन अब तक सड़क निर्माण का कार्य शुरू नहीं हुआ है, जिससे क्षेत्रवासियों में गहरा रोष व्याप्त है। ज्ञापन में मांग की गई है कि इस सड़क का शीघ्र निरीक्षण किया जाए, आवश्यक बजट स्वीकृत हो और निर्माण कार्य जल्द से जल्द शुरू किया जाए ताकि क्षेत्र के हजारों लोगों को राहत मिल सके। साथ ही, सड़क निर्माण में हो रही देरी की जांच कर जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ उचित कार्रवाई करने की भी मांग की गई है। इस अवसर पर उपस्थित ग्रामीणों ने भी सड़क की खराब हालत पर चिंता जताते हुए प्रशासन से तुरंत समाधान की अपील की। जिला महिला कांग्रेस अध्यक्ष एडवोकेट श्वेता यादव ने स्पष्ट चेतावनी दी कि यदि जल्द ही सड़क निर्माण कार्य शुरू नहीं किया गया, तो वे ग्रामीणों के साथ मिलकर एक बड़ा जन आंदोलन करेंगी। ज्ञापन सौंपने वालों में मिट्ठू सिंह सांखला, गोपाल प्रसाद जी, नरेश फौजदार, नरेन्द्र, राहुल, विक्रम सिंह, बच्चू सिंह, डब्बू, हेमू, कुलदीप और भावना मीडिया प्रभारी सहित कई अन्य ग्रामीण उपस्थित रहे।
    3
    डीग में 30 जून 2026 को जिला महिला कांग्रेस कमेटी डीग की जिला अध्यक्ष एडवोकेट श्वेता यादव के नेतृत्व में ग्राम तमरेर से ग्राम मधुबन को जोड़ने वाली बेहद जर्जर सड़क के निर्माण और मरम्मत की मांग को लेकर जिला कलेक्टर को एक ज्ञापन सौंपा गया।

एडवोकेट श्वेता यादव ने बताया कि तमरेर-मधुबन मार्ग लंबे समय से अत्यधिक खराब स्थिति में है, जहाँ बड़े-बड़े गड्ढे होने के कारण आए दिन दुर्घटनाएँ हो रही हैं। इससे ग्रामीणों, विद्यार्थियों, महिलाओं और किसानों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। विशेष रूप से बरसात के मौसम में सड़क की स्थिति और भी बिगड़ जाती है, जिससे आवागमन लगभग ठप पड़ जाता है।

उन्होंने कहा कि ग्रामीणों ने कई बार संबंधित विभागों और जनप्रतिनिधियों को इस समस्या से अवगत कराया है, लेकिन अब तक सड़क निर्माण का कार्य शुरू नहीं हुआ है, जिससे क्षेत्रवासियों में गहरा रोष व्याप्त है। ज्ञापन में मांग की गई है कि इस सड़क का शीघ्र निरीक्षण किया जाए, आवश्यक बजट स्वीकृत हो और निर्माण कार्य जल्द से जल्द शुरू किया जाए ताकि क्षेत्र के हजारों लोगों को राहत मिल सके। साथ ही, सड़क निर्माण में हो रही देरी की जांच कर जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ उचित कार्रवाई करने की भी मांग की गई है।

इस अवसर पर उपस्थित ग्रामीणों ने भी सड़क की खराब हालत पर चिंता जताते हुए प्रशासन से तुरंत समाधान की अपील की। जिला महिला कांग्रेस अध्यक्ष एडवोकेट श्वेता यादव ने स्पष्ट चेतावनी दी कि यदि जल्द ही सड़क निर्माण कार्य शुरू नहीं किया गया, तो वे ग्रामीणों के साथ मिलकर एक बड़ा जन आंदोलन करेंगी। ज्ञापन सौंपने वालों में मिट्ठू सिंह सांखला, गोपाल प्रसाद जी, नरेश फौजदार, नरेन्द्र, राहुल, विक्रम सिंह, बच्चू सिंह, डब्बू, हेमू, कुलदीप और भावना मीडिया प्रभारी सहित कई अन्य ग्रामीण उपस्थित रहे।
    user_Amardeep sain ripoter
    Amardeep sain ripoter
    Advertising Photographer डीग, भरतपुर, राजस्थान•
    6 hrs ago
  • डीग नगर रोड पर स्थित गांव पानहोरी के मेन चौराहे पर सीसी रोड बुरी तरह से टूट चुकी है, जिससे राहगीरों और वाहन चालकों के लिए गंभीर समस्या खड़ी हो गई है। इस टूटी सड़क के कारण गाड़ियों के बंपर और मोटरसाइकिलें सीधे गड्ढे से टकराती हैं, जिससे तेज रफ्तार वाहनों को जोरदार झटका लगता है। इससे गाड़ी या बाइक के पलटने का खतरा बना रहता है, जिसके चलते बड़ी दुर्घटनाएं हो सकती हैं और आम जनता को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। इस गंभीर समस्या को देखते हुए, मांग की जा रही है कि संभावित दुर्घटनाओं को रोकने और किसी की जान बचाने के लिए इस गड्ढे को तत्काल भरवाया जाए। हालांकि, शिकायतकर्ता ने इस बात पर चिंता व्यक्त की है कि इस मार्ग से माननीय विधायक जवाहर सिंह बेढम जी और SP कांबले जी का रोजाना आवागमन होता है, फिर भी कोई भी जिम्मेदार अधिकारी इस पर ध्यान नहीं दे रहा है, जिससे उनकी कार्यप्रणाली पर सवाल उठ रहे हैं।
    1
    डीग नगर रोड पर स्थित गांव पानहोरी के मेन चौराहे पर सीसी रोड बुरी तरह से टूट चुकी है, जिससे राहगीरों और वाहन चालकों के लिए गंभीर समस्या खड़ी हो गई है। इस टूटी सड़क के कारण गाड़ियों के बंपर और मोटरसाइकिलें सीधे गड्ढे से टकराती हैं, जिससे तेज रफ्तार वाहनों को जोरदार झटका लगता है। इससे गाड़ी या बाइक के पलटने का खतरा बना रहता है, जिसके चलते बड़ी दुर्घटनाएं हो सकती हैं और आम जनता को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।

इस गंभीर समस्या को देखते हुए, मांग की जा रही है कि संभावित दुर्घटनाओं को रोकने और किसी की जान बचाने के लिए इस गड्ढे को तत्काल भरवाया जाए। हालांकि, शिकायतकर्ता ने इस बात पर चिंता व्यक्त की है कि इस मार्ग से माननीय विधायक जवाहर सिंह बेढम जी और SP कांबले जी का रोजाना आवागमन होता है, फिर भी कोई भी जिम्मेदार अधिकारी इस पर ध्यान नहीं दे रहा है, जिससे उनकी कार्यप्रणाली पर सवाल उठ रहे हैं।
    user_Akash Khatana
    Akash Khatana
    डीग, भरतपुर, राजस्थान•
    6 hrs ago
View latest news on Shuru App
Download_Android
  • Terms & Conditions
  • Career
  • Privacy Policy
  • Blogs
Shuru, a product of Close App Private Limited.