डीग में 30 जून 2026 को जिला महिला कांग्रेस कमेटी डीग की जिला अध्यक्ष एडवोकेट श्वेता यादव के नेतृत्व में ग्राम तमरेर से ग्राम मधुबन को जोड़ने वाली बेहद जर्जर सड़क के निर्माण और मरम्मत की मांग को लेकर जिला कलेक्टर को एक ज्ञापन सौंपा गया। एडवोकेट श्वेता यादव ने बताया कि तमरेर-मधुबन मार्ग लंबे समय से अत्यधिक खराब स्थिति में है, जहाँ बड़े-बड़े गड्ढे होने के कारण आए दिन दुर्घटनाएँ हो रही हैं। इससे ग्रामीणों, विद्यार्थियों, महिलाओं और किसानों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। विशेष रूप से बरसात के मौसम में सड़क की स्थिति और भी बिगड़ जाती है, जिससे आवागमन लगभग ठप पड़ जाता है। उन्होंने कहा कि ग्रामीणों ने कई बार संबंधित विभागों और जनप्रतिनिधियों को इस समस्या से अवगत कराया है, लेकिन अब तक सड़क निर्माण का कार्य शुरू नहीं हुआ है, जिससे क्षेत्रवासियों में गहरा रोष व्याप्त है। ज्ञापन में मांग की गई है कि इस सड़क का शीघ्र निरीक्षण किया जाए, आवश्यक बजट स्वीकृत हो और निर्माण कार्य जल्द से जल्द शुरू किया जाए ताकि क्षेत्र के हजारों लोगों को राहत मिल सके। साथ ही, सड़क निर्माण में हो रही देरी की जांच कर जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ उचित कार्रवाई करने की भी मांग की गई है। इस अवसर पर उपस्थित ग्रामीणों ने भी सड़क की खराब हालत पर चिंता जताते हुए प्रशासन से तुरंत समाधान की अपील की। जिला महिला कांग्रेस अध्यक्ष एडवोकेट श्वेता यादव ने स्पष्ट चेतावनी दी कि यदि जल्द ही सड़क निर्माण कार्य शुरू नहीं किया गया, तो वे ग्रामीणों के साथ मिलकर एक बड़ा जन आंदोलन करेंगी। ज्ञापन सौंपने वालों में मिट्ठू सिंह सांखला, गोपाल प्रसाद जी, नरेश फौजदार, नरेन्द्र, राहुल, विक्रम सिंह, बच्चू सिंह, डब्बू, हेमू, कुलदीप और भावना मीडिया प्रभारी सहित कई अन्य ग्रामीण उपस्थित रहे।
डीग में 30 जून 2026 को जिला महिला कांग्रेस कमेटी डीग की जिला अध्यक्ष एडवोकेट श्वेता यादव के नेतृत्व में ग्राम तमरेर से ग्राम मधुबन को जोड़ने वाली बेहद जर्जर सड़क के निर्माण और मरम्मत की मांग को लेकर जिला कलेक्टर को एक ज्ञापन सौंपा गया। एडवोकेट श्वेता यादव ने बताया कि तमरेर-मधुबन मार्ग लंबे समय से अत्यधिक खराब स्थिति में है, जहाँ बड़े-बड़े गड्ढे होने के कारण आए दिन दुर्घटनाएँ हो रही हैं। इससे ग्रामीणों, विद्यार्थियों, महिलाओं और किसानों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। विशेष रूप से बरसात के मौसम में सड़क की
स्थिति और भी बिगड़ जाती है, जिससे आवागमन लगभग ठप पड़ जाता है। उन्होंने कहा कि ग्रामीणों ने कई बार संबंधित विभागों और जनप्रतिनिधियों को इस समस्या से अवगत कराया है, लेकिन अब तक सड़क निर्माण का कार्य शुरू नहीं हुआ है, जिससे क्षेत्रवासियों में गहरा रोष व्याप्त है। ज्ञापन में मांग की गई है कि इस सड़क का शीघ्र निरीक्षण किया जाए, आवश्यक बजट स्वीकृत हो और निर्माण कार्य जल्द से जल्द शुरू किया जाए ताकि क्षेत्र के हजारों लोगों को राहत मिल सके। साथ ही, सड़क निर्माण में हो रही देरी की जांच कर जिम्मेदार अधिकारियों
के खिलाफ उचित कार्रवाई करने की भी मांग की गई है। इस अवसर पर उपस्थित ग्रामीणों ने भी सड़क की खराब हालत पर चिंता जताते हुए प्रशासन से तुरंत समाधान की अपील की। जिला महिला कांग्रेस अध्यक्ष एडवोकेट श्वेता यादव ने स्पष्ट चेतावनी दी कि यदि जल्द ही सड़क निर्माण कार्य शुरू नहीं किया गया, तो वे ग्रामीणों के साथ मिलकर एक बड़ा जन आंदोलन करेंगी। ज्ञापन सौंपने वालों में मिट्ठू सिंह सांखला, गोपाल प्रसाद जी, नरेश फौजदार, नरेन्द्र, राहुल, विक्रम सिंह, बच्चू सिंह, डब्बू, हेमू, कुलदीप और भावना मीडिया प्रभारी सहित कई अन्य ग्रामीण उपस्थित रहे।
- जनपद मथुरा के थाना छाता क्षेत्र के नौगांव में रिश्तों को शर्मसार करने वाला एक बेहद संवेदनशील मामला सामने आया है, जहाँ सगे चाचा और ताऊ ने मिलकर अपनी ही तीन अनाथ भतीजियों, कुमारी संध्या और चांदनी, का हक छीन लिया है। इन कलयुगी चाचा-ताऊ पर आरोप है कि उन्होंने कथित तौर पर एक फर्जी वसीयत तैयार करवाकर इन मासूम बच्चियों को पाई-पाई के लिए मोहताज कर बेघर कर दिया। मिली जानकारी के अनुसार, नौगांव निवासी वीरेंद्र की कुछ समय पहले मृत्यु हो गई थी, जिसके बाद उनकी पत्नी रजनी ने सामाजिक और पारिवारिक परिस्थितियों के चलते दूसरा विवाह कर लिया। वीरेंद्र और रजनी की इन तीन मासूम बच्चियों पर पिता की मौत और माँ के चले जाने के बाद दुखों का पहाड़ टूट पड़ा और वे पूरी तरह अनाथ व असहाय हो गईं। नियम और नैतिकता के आधार पर पिता वीरेंद्र के हिस्से की संपत्ति पर उनकी इन तीन बेटियों का हक था। हालाँकि, बच्चियों के दादा (बाबा) की मृत्यु से पहले ही उनके पिता वीरेंद्र की मौत हो चुकी थी। इस स्थिति का फायदा उठाते हुए, चाचा-ताऊ की नीयत डोल गई और उन्होंने मौज नौगांव खसरा संख्या 683 की संपत्ति के लिए दादा के नाम पर एक फर्जी वसीयत तैयार करवा ली। इस वसीयत में वीरेंद्र के हिस्से को गायब कर पूरी संपत्ति अपने नाम करा ली गई। पीड़ित पक्ष का आरोप है कि "जब बच्चियों के पिता जीवित ही नहीं थे, तो दादा की संपत्ति में से पोतियों का हक मारना सीधे तौर पर जालसाजी और धोखाधड़ी है" और बच्चियों को जानबूझकर बेघर व बेसहारा किया गया है। इस धोखाधड़ी के कारण तीनों बच्चियां पूरी तरह से बेघर हो चुकी हैं; उनके पास न तो रहने के लिए छत है और न ही भरण-पोषण का कोई साधन। इस घिनौने कृत्य को लेकर स्थानीय ग्रामीणों में भी गहरा आक्रोश है कि सगे खून ने ही इन मासूमों के साथ इतना बड़ा विश्वासघात किया। पीड़ित पक्ष ने प्रशासन और पुलिस के उच्च अधिकारियों से मामले की गहन जांच कर जालसाजों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने और बच्चियों को उनका हक दिलाने की गुहार लगाई है।1
- आज मारवाड़ जंक्शन मुख्यालय पर मारवाड़ विधानसभा क्षेत्र की जन समस्याओं, बढ़ती महंगाई और अयोध्या में श्री राम मंदिर घोटाले के मुद्दे पर कांग्रेस का गुस्सा फूट पड़ा। पूर्व विधायक खुशवीर सिंह और मारवाड़ कांग्रेस ब्लॉक अध्यक्ष लक्ष्मी नारायण तंवर के नेतृत्व में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने एक आक्रोशित रैली निकाली। उन्होंने राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री और राज्यपाल के नाम उपखंड अधिकारी महावीर सिंह जोधा को एक ज्ञापन सौंपा। इस ज्ञापन में मुख्य रूप से गौ माता को राष्ट्र माता घोषित करने, महंगाई में हुई मूल्य वृद्धि को कम करने, भीषण गर्मी के दौरान पेयजल आपूर्ति को नियमित करने और अघोषित बिजली कटौती पर रोक लगाने की मांग की गई। इसके साथ ही, ज्ञापन में श्री राम मंदिर अयोध्या में हुए घोटाले की निष्पक्ष जांच कराने और इसमें शामिल दोषियों को कड़ी से कड़ी सजा देने की भी मांग की गई। इस प्रदर्शन में मारवाड़ विधानसभा क्षेत्र के अनेक गांवों से आए सैकड़ों कांग्रेस पदाधिकारी और कार्यकर्ता काली पट्टी बांधकर उपखंड कार्यालय पहुंचे थे। पूर्व विधायक खुशवीर सिंह ने इस अवसर पर एक बयान भी दिया।1
- रविवार को पकड़ीदयाल के मीना बाजार में वर्षों से चले आ रहे भूमि विवाद मामले में न्यायालय के आदेश पर विवादित जमीन की पैमाइश कराई गई। प्रशासनिक अधिकारियों और पुलिस बल की मौजूदगी में हुई इस कार्रवाई को देखने बड़ी संख्या में स्थानीय लोग भी मौके पर मौजूद रहे। पकड़ीदयाल सिनेमा रोड स्थित मीना बाजार में राजस्व कर्मियों ने अधिवक्ता आयुक्त भाग नारायण प्रसाद की देखरेख में खाता संख्या 72 के अंतर्गत खेसरा संख्या 1218, 1219, 1220, 1221 और 1229 की करीब तीन बीघा भूमि का सीमांकन किया। यह भूमि स्वर्गीय श्रीनारायण सिंह और छपरा निवासी ओम प्रकाश सिंह के बीच लंबे समय से विवाद का विषय रही है, और पैमाइश के दौरान दोनों पक्षों के प्रतिनिधि भी मौजूद थे। किसी भी अप्रिय स्थिति से बचने के लिए प्रशासन ने कड़ी सुरक्षा व्यवस्था की थी, जिसके तहत पुलिस बल पूरे समय मौके पर तैनात रहा और यह कार्य शांतिपूर्ण माहौल में संपन्न हुआ। अधिवक्ता आयुक्त भाग नारायण प्रसाद ने बताया कि न्यायालय के आदेश के आलोक में संबंधित भूमि का सीमांकन और अतिक्रमण की जांच कराई जा रही है। प्रारंभिक जांच में करीब पाँच दर्जन से अधिक लोगों द्वारा भूमि पर अतिक्रमण किए जाने के संकेत मिले हैं। प्रशासन का कहना है कि पैमाइश पूरी होने के बाद विस्तृत रिपोर्ट न्यायालय को सौंपी जाएगी, जिसके बाद आगे की कार्रवाई न्यायालय के निर्देशानुसार की जाएगी। फिलहाल विवादित जमीन की पैमाइश का कार्य पूरा कर लिया गया है, और अब सभी की नजर उस रिपोर्ट पर है जिसे अधिवक्ता आयुक्त न्यायालय में प्रस्तुत करेंगे, ताकि उसी के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई तय हो सके। इस कार्रवाई के बाद क्षेत्र में भूमि विवाद को लेकर चर्चाओं का माहौल बना हुआ है।1
- मेरठ से दो ऐसे आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है, जो कंपनी के नाम पर लोगों से ठगी कर रहे थे। यह मामला मेरठ क्षेत्र से संबंधित है।1
- मथुरा में एक महिला की रहस्यमयी परिस्थितियों में गोली लगने से मौत हो गई है। इस घटना को लेकर महिला के पति पर हत्या का आरोप लगाया गया है। यह जांच का विषय बना हुआ है कि यह वारदात हत्या है या मात्र एक हादसा था।1
- मथुरा-वृंदावन नगर निगम ने मंगलवार को भूतेश्वर स्थित मुख्यालय कार्यालय में संभव दिवस जनसुनवाई का आयोजन किया। इस दौरान कुल 8 शिकायतें प्राप्त हुईं, जिनमें से एक का तत्काल मौके पर ही निस्तारण कर दिया गया। अपर नगर आयुक्त सौरभ सिंह ने फरियादियों की समस्याओं को सुना, और इस अवसर पर नगर निगम के सभी विभागाध्यक्ष भी उपस्थित रहे। भूतेश्वर जोन में दर्ज की गईं इन शिकायतों में अतिक्रमण, स्ट्रीट लाइट, बिजली खंभे में केबल बदलने, सफाई, सीवर समस्या, हैंडपंप रीबोरिंग, हैंडपंप स्थापना और निर्माण से संबंधित मामले शामिल थे। नगर आयुक्त ने सभी अधिकारियों को निर्देश दिए कि शेष शिकायतों का निस्तारण निर्धारित समय सीमा के भीतर प्राथमिकता के आधार पर सुनिश्चित किया जाए।4
- दिल्ली में एक कोचिंग संस्थान में हुए हादसे से सबक लेते हुए, डीग नगर परिषद प्रशासन ने सुरक्षा मानकों की अनदेखी करने वाले संस्थानों के खिलाफ सख्त कार्रवाई शुरू कर दी है। इसी क्रम में, नगर परिषद की टीम ने शहर में बिना फायर एनओसी और आवश्यक सुरक्षा मानकों के संचालित चार कोचिंग संस्थानों एवं ई-लाइब्रेरी को सील कर दिया है। सील किए गए संस्थानों में लक्ष्य कोचिंग एंड लाइब्रेरी, चौधरी कोचिंग डीग, विनायक कोचिंग लाइब्रेरी और सक्सेज प्वाइंट लाइब्रेरी शामिल हैं, जो निर्धारित सुरक्षा मानदंडों का पालन नहीं कर रहे थे। नगर परिषद आयुक्त कुलदीप सिंह ने बताया कि विद्यार्थियों और आमजन की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जा रही है। सहायक प्रशासनिक अधिकारी राजवीर सिंह के नेतृत्व में नगर परिषद की टीम ने इस कार्रवाई को अंजाम दिया, जिसमें भूरी सिंह, सुनील कुमार बैरवा, अवधेश फौजदार और नीटू फौजदार जैसे कार्मिक भी शामिल थे। इस अचानक हुई कार्रवाई के बाद शहर में बिना सुरक्षा मानकों के चल रहे कोचिंग संस्थानों, ई-लाइब्रेरी, अन्य शिक्षण संस्थानों और मैरिज होम संचालकों में हड़कंप मच गया है। नगर परिषद प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि सुरक्षा नियमों की अनदेखी किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं की जाएगी। आयुक्त कुलदीप सिंह ने सख्त लहजे में कहा कि नगर परिषद क्षेत्र में संचालित सभी संबंधित संस्थानों को निर्धारित सुरक्षा मानकों का पालन करना और अनिवार्य रूप से फायर एनओसी प्राप्त करना होगा। उन्होंने चेतावनी दी कि नियमों का उल्लंघन करने वाले संस्थानों के खिलाफ आगे भी सीलिंग सहित नियमानुसार सख्त कार्रवाई लगातार जारी रहेगी।4
- पूर्वी चंपारण के पुलिस अधीक्षक स्वर्ण प्रभात ने सोमवार को फेनहारा और उसके बाद पकड़ीदयाल थाने का औचक निरीक्षण किया। इस निरीक्षण के दौरान उन्होंने थाना परिसर की व्यवस्थाओं, पुलिसकर्मियों के लिए संचालित मेस तथा साफ-सफाई की स्थिति का जायजा लिया। एसपी ने बताया कि जिले के सभी थानों में पुलिसकर्मियों के लिए मेस की व्यवस्था शुरू कर दी गई है। उन्होंने मेस में बनने वाले भोजन की गुणवत्ता, पौष्टिकता और स्वच्छता की जांच की, जहाँ कुछ कमियाँ मिलने पर थानाध्यक्ष और मेस प्रबंधक को शीघ्र सुधार करने के आवश्यक निर्देश दिए। इसके साथ ही, उन्होंने हाल ही में हुई बाइक चोरी की घटना का भी जिक्र किया और बताया कि इस मामले में एक आरोपी को गिरफ्तार कर जेल भेजा जा चुका है। एसपी ने बाइक चोरी गिरोह से जुड़े अन्य लोगों की पहचान कर उनके विरुद्ध भी कार्रवाई करने का निर्देश दिया। उन्होंने यह भी बताया कि पिछले चार महीनों से जिले में लगातार विशेष वाहन जांच अभियान चलाया जा रहा है, जिसका सकारात्मक परिणाम यह है कि बाइक चोरी की घटनाओं में उल्लेखनीय कमी आई है। इस निरीक्षण के अवसर पर डीएसपी कुमार चंदन, थानाध्यक्ष अभिषेक कुमार सहित थाने के अन्य पुलिस पदाधिकारी और जवान उपस्थित रहे।1
- उत्तर प्रदेश के रायबरेली जिले में दिनदहाड़े एक खंड शिक्षा अधिकारी और एक शिक्षक की पिटाई का मामला सामने आया है। इस घटना से क्षेत्र में हड़कंप मच गया है।1