गिरिडीह के पीरटांड़ अंतर्गत उत्तरी पारसनाथ क्षेत्र में सड़क न होने के कारण ग्रामीणों को एक बार फिर बड़ी मजबूरी का सामना करना पड़ा। कुरुआटांड़ गांव की गर्भवती महिला लोगो टुडू को जब प्रसव पीड़ा हुई, तो परिजनों को उन्हें खाट पर लिटाकर पैदल ही पिपराडीह मुख्य मार्ग तक ले जाना पड़ा। मुख्य मार्ग पर पहले से मौजूद एंबुलेंस की मदद से उन्हें एक निजी अस्पताल पहुंचाया गया, जहां महिला ने एक स्वस्थ बच्ची को जन्म दिया। फिलहाल मां और नवजात दोनों पूरी तरह सुरक्षित हैं। इस घटना को लेकर ग्रामीणों में आक्रोश है। ग्रामीणों का कहना है कि उन्होंने घटना से ठीक एक दिन पहले ही सड़क निर्माण की मांग को लेकर उपायुक्त को ज्ञापन सौंपा था, लेकिन अगले ही दिन उन्हें फिर से इसी दर्दनाक स्थिति से गुजरना पड़ा। ग्रामीणों ने जल्द से जल्द सड़क निर्माण की अपनी मांग को फिर से दोहराया है। दूसरी ओर, इस मामले पर पीरटांड़ बीडीओ ने कहा कि गांव तक सड़क निर्माण की प्रक्रिया फिलहाल जारी है और जिला प्रशासन इस पूरे मामले को गंभीरता से ले रहा है।
गिरिडीह के पीरटांड़ अंतर्गत उत्तरी पारसनाथ क्षेत्र में सड़क न होने के कारण ग्रामीणों को एक बार फिर बड़ी मजबूरी का सामना करना पड़ा। कुरुआटांड़ गांव की गर्भवती महिला लोगो टुडू को जब प्रसव पीड़ा हुई, तो परिजनों को उन्हें खाट पर लिटाकर पैदल ही पिपराडीह मुख्य मार्ग तक ले जाना पड़ा। मुख्य मार्ग पर पहले से मौजूद एंबुलेंस की मदद से उन्हें एक निजी अस्पताल पहुंचाया गया, जहां महिला ने एक स्वस्थ बच्ची को जन्म दिया। फिलहाल मां और नवजात दोनों पूरी तरह सुरक्षित हैं। इस घटना को लेकर ग्रामीणों में आक्रोश है। ग्रामीणों का कहना है कि उन्होंने घटना से ठीक एक दिन पहले ही सड़क निर्माण की मांग को लेकर उपायुक्त को ज्ञापन सौंपा था, लेकिन अगले ही दिन उन्हें फिर से इसी दर्दनाक स्थिति से गुजरना पड़ा। ग्रामीणों ने जल्द से जल्द सड़क निर्माण की अपनी मांग को फिर से दोहराया है। दूसरी ओर, इस मामले पर पीरटांड़ बीडीओ ने कहा कि गांव तक सड़क निर्माण की प्रक्रिया फिलहाल जारी है और जिला प्रशासन इस पूरे मामले को गंभीरता से ले रहा है।
- KingJamua, Giridih👏14 hrs ago
- गिरिडीह जिले के डुमरी प्रखंड के विभिन्न गांवों में वर्षों से बंद और खराब पड़ी जलमीनारों को चालू कराने की मांग तेज हो गई है। इस गंभीर समस्या को लेकर जिला परिषद सदस्य सुनीता कुमारी ने पेयजल एवं स्वच्छता विभाग गिरिडीह के कार्यपालक अभियंता को एक पत्र सौंपा है। पत्र के माध्यम से उन्होंने बंद पड़े सभी जलमीनारों की जांच कराकर उन्हें अविलंब चालू कराने की मांग की है ताकि स्थानीय ग्रामीणों को स्वच्छ पेयजल की सुविधा मिल सके। जिप सदस्य सुनीता कुमारी ने पत्र में बताया है कि इसरी उत्तरी पंचायत के पंजाबी टोला और कुर्मी टोला में विभाग द्वारा करीब दो साल पहले स्थापित की गई जलमीनारें महज एक दिन ही चल सकीं और तब से आज तक बंद हैं। इसी तरह, इसरी बाजार दक्षिणी पंचायत के तुरी टोला में लगी जलमीनार भी लंबे समय से खराब पड़ी है। इसके अलावा डुमरी प्रखंड के कई अन्य स्थानों पर भी तकनीकी कमियों के कारण जलमीनारें अनुपयोगी हो गई हैं। जिला परिषद सदस्य ने नाराजगी जताते हुए कहा कि लाखों रुपये खर्च कर बनाई गई ये योजनाएं आज आम जनता के किसी काम नहीं आ रही हैं। उन्होंने विभाग से इन सभी बंद जलमीनारों की तुरंत जांच और आवश्यक मरम्मत कराकर लोगों को नियमित, स्वच्छ एवं सुरक्षित पेयजल उपलब्ध कराने की मांग की है।4
- गिरिडीह जिले के गांडेय प्रखंड सभागार में प्रखंड प्रमुख राजकुमार पाठक की अध्यक्षता में पंचायत समिति की मासिक बैठक आयोजित की गई। इस बैठक में प्रखंड क्षेत्र के विकास कार्यों, जनसमस्याओं और विभिन्न विभागों द्वारा संचालित योजनाओं की प्रगति की विस्तृत समीक्षा की गई।1
- धनबाद के छाताबाद में हैवी ब्लास्टिंग के कारण भू-धंसान का डर लगातार बरकरार है। इस गंभीर खतरे को देखते हुए स्थानीय पार्षद ने हैवी ब्लास्टिंग पर कड़े सवाल खड़े किए हैं। इलाके में सुरक्षा मानकों के उचित पालन की मांग अब लगातार तेज होती जा रही है। इसके साथ ही साफ तौर पर चेतावनी दी गई है कि यदि इस मामले में जरा सी भी लापरवाही बरती गई, तो उग्र आंदोलन किया जाएगा।1
- धनबाद के बाघमारा में विश्व जनसंख्या दिवस के अवसर पर 11 जुलाई को बाघमारा स्वास्थ्य केंद्र (CHC) में पखवारा स्वास्थ्य मेला-2026 का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम का विधिवत उद्घाटन प्रखंड प्रमुख गीता देवी, बीडीओ लक्ष्मण यादव और चिकित्सा प्रभारी डॉ. श्री नाथ ने संयुक्त रूप से फीता काटकर किया। कार्यक्रम के दौरान चिकित्सा प्रभारी ने वहां उपस्थित लोगों को इस आयोजन के संबंध में जानकारी देकर अवगत कराया, वहीं प्रखंड प्रमुख और बीडीओ ने भी इस मौके पर कार्यक्रम को संबोधित किया। इस अवसर पर काफी संख्या में स्वास्थ्य सहिया बहनें मौजूद रहीं, जिनमें से स्वास्थ्य सेवा क्षेत्र में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाली सहिया बहनों को विशेष रूप से सम्मानित किया गया।1
- धनबाद के छाताबाद क्षेत्र में भू-धसान प्रभावित स्थल का निरीक्षण करने धनबाद नगर निगम के महापौर संजीव सिंह पहुंचे। इस दौरे के दौरान महापौर ने स्थानीय लोगों से मुलाकात की और उनकी समस्याओं के साथ-साथ उनके हाल-चाल की जानकारी ली। स्थानीय लोगों ने भी अपनी विभिन्न समस्याओं से महापौर को अवगत कराया। इस निरीक्षण के दौरान महापौर संजीव सिंह ने संबंधित अधिकारियों को प्रभावित क्षेत्र का आकलन करने और आवश्यक सुरक्षा एवं राहत संबंधी कदम उठाने के निर्देश दिए हैं। इस मौके पर वार्ड दो के पार्षद मोहम्मद शहाबुद्दीन, वार्ड पांच की निरुपमा देवी, मासूम खान सहित कई अन्य लोग उपस्थित रहे।1
- कोडरमा के चंदवारा थाना क्षेत्र स्थित समादेष्टा कार्यालय के मुख्य गेट के सामने से शनिवार को एक स्प्लेंडर प्लस मोटरसाइकिल चोरी होने का मामला सामने आया है। इस घटना को लेकर पीड़ित गृह रक्षक विजय कुमार पांडेय ने रविवार सुबह 7 बजे जानकारी दी कि उन्होंने चंदवारा थाना में लिखित आवेदन देकर प्राथमिकी दर्ज कराई है। आवेदन के अनुसार, विजय कुमार पांडेय 11 जुलाई को ड्यूटी संबंधी कार्य से समादेष्टा कार्यालय गए थे और उन्होंने अपनी बाइक को मुख्य गेट के बाहर खड़ा किया था, लेकिन करीब एक घंटे बाद लौटने पर बाइक वहां नहीं मिली। कार्यालय परिसर और आसपास मौजूद लोगों के साथ काफी खोजबीन करने के बाद भी जब मोटरसाइकिल का कोई पता नहीं चला, तब पीड़ित ने चंदवारा थाना में आवेदन देकर कानूनी कार्रवाई की मांग की। गौर करने वाली बात यह है कि समादेष्टा कार्यालय चंदवारा थाना की चारदीवारी से सटा हुआ है और पुलिस लाइन के मुख्य द्वार के ठीक सामने स्थित है। इस मार्ग से पुलिसकर्मियों का लगातार आवागमन रहता है, इसके बावजूद दिनदहाड़े हुई इस बाइक चोरी की घटना ने क्षेत्र की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।1
- गिरिडीह के पीरटांड़ अंतर्गत उत्तरी पारसनाथ क्षेत्र में सड़क न होने के कारण ग्रामीणों को एक बार फिर बड़ी मजबूरी का सामना करना पड़ा। कुरुआटांड़ गांव की गर्भवती महिला लोगो टुडू को जब प्रसव पीड़ा हुई, तो परिजनों को उन्हें खाट पर लिटाकर पैदल ही पिपराडीह मुख्य मार्ग तक ले जाना पड़ा। मुख्य मार्ग पर पहले से मौजूद एंबुलेंस की मदद से उन्हें एक निजी अस्पताल पहुंचाया गया, जहां महिला ने एक स्वस्थ बच्ची को जन्म दिया। फिलहाल मां और नवजात दोनों पूरी तरह सुरक्षित हैं। इस घटना को लेकर ग्रामीणों में आक्रोश है। ग्रामीणों का कहना है कि उन्होंने घटना से ठीक एक दिन पहले ही सड़क निर्माण की मांग को लेकर उपायुक्त को ज्ञापन सौंपा था, लेकिन अगले ही दिन उन्हें फिर से इसी दर्दनाक स्थिति से गुजरना पड़ा। ग्रामीणों ने जल्द से जल्द सड़क निर्माण की अपनी मांग को फिर से दोहराया है। दूसरी ओर, इस मामले पर पीरटांड़ बीडीओ ने कहा कि गांव तक सड़क निर्माण की प्रक्रिया फिलहाल जारी है और जिला प्रशासन इस पूरे मामले को गंभीरता से ले रहा है।1