गिरिडीह जिले के डुमरी प्रखंड के विभिन्न गांवों में वर्षों से बंद और खराब पड़ी जलमीनारों को चालू कराने की मांग तेज हो गई है। इस गंभीर समस्या को लेकर जिला परिषद सदस्य सुनीता कुमारी ने पेयजल एवं स्वच्छता विभाग गिरिडीह के कार्यपालक अभियंता को एक पत्र सौंपा है। पत्र के माध्यम से उन्होंने बंद पड़े सभी जलमीनारों की जांच कराकर उन्हें अविलंब चालू कराने की मांग की है ताकि स्थानीय ग्रामीणों को स्वच्छ पेयजल की सुविधा मिल सके। जिप सदस्य सुनीता कुमारी ने पत्र में बताया है कि इसरी उत्तरी पंचायत के पंजाबी टोला और कुर्मी टोला में विभाग द्वारा करीब दो साल पहले स्थापित की गई जलमीनारें महज एक दिन ही चल सकीं और तब से आज तक बंद हैं। इसी तरह, इसरी बाजार दक्षिणी पंचायत के तुरी टोला में लगी जलमीनार भी लंबे समय से खराब पड़ी है। इसके अलावा डुमरी प्रखंड के कई अन्य स्थानों पर भी तकनीकी कमियों के कारण जलमीनारें अनुपयोगी हो गई हैं। जिला परिषद सदस्य ने नाराजगी जताते हुए कहा कि लाखों रुपये खर्च कर बनाई गई ये योजनाएं आज आम जनता के किसी काम नहीं आ रही हैं। उन्होंने विभाग से इन सभी बंद जलमीनारों की तुरंत जांच और आवश्यक मरम्मत कराकर लोगों को नियमित, स्वच्छ एवं सुरक्षित पेयजल उपलब्ध कराने की मांग की है।
गिरिडीह जिले के डुमरी प्रखंड के विभिन्न गांवों में वर्षों से बंद और खराब पड़ी जलमीनारों को चालू कराने की मांग तेज हो गई है। इस गंभीर समस्या को लेकर जिला परिषद सदस्य सुनीता कुमारी ने पेयजल एवं स्वच्छता विभाग गिरिडीह के कार्यपालक अभियंता को एक पत्र सौंपा है। पत्र के माध्यम से उन्होंने
बंद पड़े सभी जलमीनारों की जांच कराकर उन्हें अविलंब चालू कराने की मांग की है ताकि स्थानीय ग्रामीणों को स्वच्छ पेयजल की सुविधा मिल सके। जिप सदस्य सुनीता कुमारी ने पत्र में बताया है कि इसरी उत्तरी पंचायत के पंजाबी टोला और कुर्मी टोला में विभाग द्वारा करीब दो साल पहले स्थापित की गई जलमीनारें
महज एक दिन ही चल सकीं और तब से आज तक बंद हैं। इसी तरह, इसरी बाजार दक्षिणी पंचायत के तुरी टोला में लगी जलमीनार भी लंबे समय से खराब पड़ी है। इसके अलावा डुमरी प्रखंड के कई अन्य स्थानों पर भी तकनीकी कमियों के कारण जलमीनारें अनुपयोगी हो गई हैं। जिला परिषद सदस्य
ने नाराजगी जताते हुए कहा कि लाखों रुपये खर्च कर बनाई गई ये योजनाएं आज आम जनता के किसी काम नहीं आ रही हैं। उन्होंने विभाग से इन सभी बंद जलमीनारों की तुरंत जांच और आवश्यक मरम्मत कराकर लोगों को नियमित, स्वच्छ एवं सुरक्षित पेयजल उपलब्ध कराने की मांग की है।
- गिरिडीह जिले के डुमरी प्रखंड के विभिन्न गांवों में वर्षों से बंद और खराब पड़ी जलमीनारों को चालू कराने की मांग तेज हो गई है। इस गंभीर समस्या को लेकर जिला परिषद सदस्य सुनीता कुमारी ने पेयजल एवं स्वच्छता विभाग गिरिडीह के कार्यपालक अभियंता को एक पत्र सौंपा है। पत्र के माध्यम से उन्होंने बंद पड़े सभी जलमीनारों की जांच कराकर उन्हें अविलंब चालू कराने की मांग की है ताकि स्थानीय ग्रामीणों को स्वच्छ पेयजल की सुविधा मिल सके। जिप सदस्य सुनीता कुमारी ने पत्र में बताया है कि इसरी उत्तरी पंचायत के पंजाबी टोला और कुर्मी टोला में विभाग द्वारा करीब दो साल पहले स्थापित की गई जलमीनारें महज एक दिन ही चल सकीं और तब से आज तक बंद हैं। इसी तरह, इसरी बाजार दक्षिणी पंचायत के तुरी टोला में लगी जलमीनार भी लंबे समय से खराब पड़ी है। इसके अलावा डुमरी प्रखंड के कई अन्य स्थानों पर भी तकनीकी कमियों के कारण जलमीनारें अनुपयोगी हो गई हैं। जिला परिषद सदस्य ने नाराजगी जताते हुए कहा कि लाखों रुपये खर्च कर बनाई गई ये योजनाएं आज आम जनता के किसी काम नहीं आ रही हैं। उन्होंने विभाग से इन सभी बंद जलमीनारों की तुरंत जांच और आवश्यक मरम्मत कराकर लोगों को नियमित, स्वच्छ एवं सुरक्षित पेयजल उपलब्ध कराने की मांग की है।4
- हजारीबाग के बिष्णुगढ़ स्थित बनासो पेट्रोल पंप पर भारी हंगामा देखने को मिला है। स्थानीय लोगों ने पेट्रोल पंप पर मिलावटी पेट्रोल बेचे जाने का गंभीर आरोप लगाया है। आक्रोशित जनता ने मौके पर ही बोतल में पेट्रोल निकालकर अपनी शिकायत दर्ज कराई, जिससे वहां अफरा-तफरी का माहौल पैदा हो गया। इस घटना को लेकर लोगों में काफी गुस्सा है और पेट्रोल पंप पर हुए इस कथित खेल के खिलाफ #BanasoPetrolPumpScam, #JharkhandHindiNews और #PublicAnger जैसे हैशटैग के जरिए अपनी नाराजगी व्यक्त की जा रही है।1
- बोकारो के उपायुक्त के निर्देश पर जिले के चंद्रपुरा थाना क्षेत्र में एक विशेष छापामारी अभियान चलाया गया। इस अभियान के दौरान तरंगा मुख्य पथ के समीप अवैध रूप से स्टोन चिप्स खनिज का परिवहन करते हुए एक मिनी हाइवा को पकड़ा गया। पकड़े गए वाहन को विधिवत रूप से जब्त कर लिया गया है और आगे की कार्रवाई के लिए इसे चंद्रपुरा थाना के सुपुर्द कर दिया गया है। इस पूरी कार्रवाई में खान निरीक्षक अजय कुमार महतो, खान निरीक्षक सीता राम टुडू और स्थानीय पुलिस बल के जवान शामिल थे।1
- धनबाद के बाघमारा में विश्व जनसंख्या दिवस के अवसर पर 11 जुलाई को बाघमारा स्वास्थ्य केंद्र (CHC) में पखवारा स्वास्थ्य मेला-2026 का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम का विधिवत उद्घाटन प्रखंड प्रमुख गीता देवी, बीडीओ लक्ष्मण यादव और चिकित्सा प्रभारी डॉ. श्री नाथ ने संयुक्त रूप से फीता काटकर किया। कार्यक्रम के दौरान चिकित्सा प्रभारी ने वहां उपस्थित लोगों को इस आयोजन के संबंध में जानकारी देकर अवगत कराया, वहीं प्रखंड प्रमुख और बीडीओ ने भी इस मौके पर कार्यक्रम को संबोधित किया। इस अवसर पर काफी संख्या में स्वास्थ्य सहिया बहनें मौजूद रहीं, जिनमें से स्वास्थ्य सेवा क्षेत्र में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाली सहिया बहनों को विशेष रूप से सम्मानित किया गया।1
- धनबाद के छाताबाद क्षेत्र में भू-धसान प्रभावित स्थल का निरीक्षण करने धनबाद नगर निगम के महापौर संजीव सिंह पहुंचे। इस दौरे के दौरान महापौर ने स्थानीय लोगों से मुलाकात की और उनकी समस्याओं के साथ-साथ उनके हाल-चाल की जानकारी ली। स्थानीय लोगों ने भी अपनी विभिन्न समस्याओं से महापौर को अवगत कराया। इस निरीक्षण के दौरान महापौर संजीव सिंह ने संबंधित अधिकारियों को प्रभावित क्षेत्र का आकलन करने और आवश्यक सुरक्षा एवं राहत संबंधी कदम उठाने के निर्देश दिए हैं। इस मौके पर वार्ड दो के पार्षद मोहम्मद शहाबुद्दीन, वार्ड पांच की निरुपमा देवी, मासूम खान सहित कई अन्य लोग उपस्थित रहे।1
- धनबाद के झरिया के रहने वाले जावेद पठान ने कई फिल्मों और बड़े-बड़े टीवी धारावाहिकों में काम कर कोयलांचल को एक अलग पहचान दिलाई है। कड़े संघर्ष के बाद अपने मुकाम को हासिल करने वाले जावेद पठान आज भी दिल में कुछ कर दिखाने का जुनून लिए हुए हैं और आगे और अधिक नाम कमाने के लिए पूरी तरह आतुर और प्रयत्नशील हैं। जावेद के पिता बीसीसीएल में काम करते थे और उनकी मां एक गृहिणी हैं। वह बचपन से ही अमिताभ बच्चन और अमरीश पुरी को अपना आदर्श मानते आए हैं। न्यू़ज इंडिया 24 की प्रस्तुति 'the success story 2' में सहयोगी संदीप दत्ता के साथ पंकज सिंहा की इस रिपोर्ट में सुनिए कि अपने मुकाम को हासिल करने के लिए जावेद पठान ने कितना संघर्ष किया है।1
- गिरिडीह के पीरटांड़ अंतर्गत उत्तरी पारसनाथ क्षेत्र में सड़क न होने के कारण ग्रामीणों को एक बार फिर बड़ी मजबूरी का सामना करना पड़ा। कुरुआटांड़ गांव की गर्भवती महिला लोगो टुडू को जब प्रसव पीड़ा हुई, तो परिजनों को उन्हें खाट पर लिटाकर पैदल ही पिपराडीह मुख्य मार्ग तक ले जाना पड़ा। मुख्य मार्ग पर पहले से मौजूद एंबुलेंस की मदद से उन्हें एक निजी अस्पताल पहुंचाया गया, जहां महिला ने एक स्वस्थ बच्ची को जन्म दिया। फिलहाल मां और नवजात दोनों पूरी तरह सुरक्षित हैं। इस घटना को लेकर ग्रामीणों में आक्रोश है। ग्रामीणों का कहना है कि उन्होंने घटना से ठीक एक दिन पहले ही सड़क निर्माण की मांग को लेकर उपायुक्त को ज्ञापन सौंपा था, लेकिन अगले ही दिन उन्हें फिर से इसी दर्दनाक स्थिति से गुजरना पड़ा। ग्रामीणों ने जल्द से जल्द सड़क निर्माण की अपनी मांग को फिर से दोहराया है। दूसरी ओर, इस मामले पर पीरटांड़ बीडीओ ने कहा कि गांव तक सड़क निर्माण की प्रक्रिया फिलहाल जारी है और जिला प्रशासन इस पूरे मामले को गंभीरता से ले रहा है।1