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बीजेपी तमिलनाडु में एक ऐसा मुख्यमंत्री बनाना चाहती है जिसे वो दिल्ली से चलाए - राहुल गांधी बीजेपी तमिलनाडु में एक ऐसा मुख्यमंत्री बनाना चाहती है जिसे वो दिल्ली से चलाए - राहुल गांधी
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बीजेपी तमिलनाडु में एक ऐसा मुख्यमंत्री बनाना चाहती है जिसे वो दिल्ली से चलाए - राहुल गांधी बीजेपी तमिलनाडु में एक ऐसा मुख्यमंत्री बनाना चाहती है जिसे वो दिल्ली से चलाए - राहुल गांधी
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- बीजेपी तमिलनाडु में एक ऐसा मुख्यमंत्री बनाना चाहती है जिसे वो दिल्ली से चलाए - राहुल गांधी1
- बागपत मे गुरुवार को भरी मीटिंग मे डीएम अस्मिता लाल की मेज पर लंगूर आकर बैठ गया। यह देख डीएम डर गईं और अपनी कुर्सी छोड़कर खड़ी हो गईं। डीएम ने लंगूर की तरफ इशारा करते हुए कहा- बैठ जाओ। लंगूर कुछ देर तक मेज पर बैठा रहा। इस बीच डीएम का अर्दली आया। उसने पुचकार कर लंगूर को भगाया। तब लोगों ने राहत की सांस ली। इस घटना का वीडियो भी सामने आया है। डीएम ने मुस्कुराते हुए लंगूर को इशारा किया- बैठ जाओ बुधवार की दोपहर करीब 12 बजे डीएम अस्मिता लाल विकास भवन में किसान दिवस की बैठक चल रही थी। पुलिस अधीक्षक सूरज राय भी मौजूद थे। किसान बारी-बारी से अपनी-अपनी समस्याएं अधिकारियों के सामने रख रहे थे। तभी अचानक लंगूर मीटिंग हॉल मे पहुंच गया। पढ़िए पूरा मामला... किसानो की मेजो से होते हुए वह सीधे डीएम के पास जा पहुंचा। लंगूर को अपने करीब देखकर डीएम अस्मिता लाल ने तुरंत अपनी कुर्सी छोड़ दी और मुस्कुराते हुए उसकी ओर इशारा करते हुए कहा- बैठो इधर बैठो । लंगूर का नाम मटरू। वह अक्सर कलेक्ट्रेट परिसर में नजर आता रहता है। वहां के कर्मचारियों व अधिकारियों के बीच काफी जाना पहचाना है। इससे पहले भी वह कई बार वहां देखा गया है। करीब दो महीने पहले मटरू किसान धरने के दौरान डीएम के पास पहुंच गया था। भारतीय किसान यूनियन के कार्यकर्ता सीएम के नाम ज्ञापन देने कलेक्ट्रेट पहुंचे थे। वो कलेक्ट्रेट परिसर मे ही धरने पर बैठ गए। डीएम अस्मिता लाल को जैसे इसकी सूचना मिली तो वे खुद किसानो के पास पहुंच गईं। इस दौरान वहां एक लंगूर भी आकर बैठ गया। डीएम की नजर लंगूर पर पड़ी तो वो जमीन पर बैठकर उसके साथ खेलने लगीं। लंगूर ने डीएम के हाथ को पकड़ लिया। इस पर उन्होंने कहा- नो मटरू। तभी साथ बैठे किसान हंस पड़े। किसानो ने कहा- मैडम नो कहने से ये नही मानेगा। ये सुनकर डीएम भी हंस पड़ीं। अस्मिता लाल 2015 बैच की आईएएस अधिकारी दिल्ली निवासी अस्मिता लाल 2015 बैच की आईएएस अधिकारी हैं। उन्हें पहली बार जिला मजिस्ट्रेट का प्रभार सौंपा गया है। इससे पहले वे गाजियाबाद मे मुख्य विकास अधिकारी (सीडीओ) के पद पर कार्यरत थीं। गाजियाबाद की सीडीओ के रूप में अपने कार्यकाल के दौरान, उन्होंने 'बेटी पढ़ाओ-बेटी बचाओ' अभियान के लिए बहुत काम किया।1
- स्कूल वैन में बच्चे ठूस ठूस कर ले जा रहा था Cab वाला, ड्राइवर ने पी रखी थी शराब, पुलिस पकड़ा1
- उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर जिले में घर के बाहर खड़ी मां-बेटी से कथित छेड़छाड़ और अभद्रता का मामला सामने आया है। आरोप है कि नशे में धुत स्कूटी सवार दो युवकों ने मां-बेटी के साथ छेड़छाड़ की और उन्हें अपशब्द कहे। मामले की सूचना मिलने पर पुलिस ने कार्रवाई करते हुए भाजपा के पूर्व मंत्री के पुत्र आर्यमान और दूसरे आरोपी शौर्य गुप्ता को गिरफ्तार कर लिया है। बताया जा रहा है कि आर्यमान के पिता सुधीर बालियान भाजपा सरकार में विधायक और कैबिनेट मंत्री रह चुके हैं। पुलिस मामले की जांच में जुटी है।1
- *अनूपशहर: हिंदू-मुस्लिम एकता की मिसाल बनी मोहल्ला मीरा* अनूपशहर नगर के मोहल्ला मीरा में हिंदू-मुस्लिम एकता ने एक बार फिर सबको प्रभावित कर दिया। गुड्डू कुमार, पुत्र स्वर्गीय रामफल (धोबी समाज), मोहल्ला मीरा के निवासी थे। कई दिनों से उनकी तबीयत खराब चल रही थी। उन्हें पहले बुलंदशहर के अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां से रेफर कर दिल्ली के अस्पताल भेज दिया गया। वहां इलाज के दौरान उन्होंने अंतिम सांस ली।उनके पार्थिव शरीर को अंतिम संस्कार के लिए अनूपशहर के जेपी घाट ले जाया गया, लेकिन धोबी समाज, हिंदू और मुस्लिम भाइयों ने मस्तराम घाट पर एकजुट होकर अंतिम संस्कार संपन्न कराया। बड़ी संख्या में दोनों समुदायों के लोग मौजूद रहे, जो सद्भाव की अनूठी मिसाल पेश करते हैं।यह घटना क्षेत्र में धार्मिक सद्भाव की मिसाल बन गई है, जहां समुदायों ने आपसी भाईचारे से अंतिम विदाई दी। *देखिए अनूपशहर से योगेंद्र प्रजापति की यह खास रिपोर्ट*1
- *गाली-गलौज ऑडियो पर बवाल: पत्रकारों का धरना, इंस्पेक्टर के निलंबन की मांग* *कौशांबी संदेश संवाददाता* कौशांबी। जनपद में कथित गाली-गलौज से जुड़े ऑडियो वायरल होने के बाद विवाद गहराता जा रहा है। सराय अकिल थाना क्षेत्र से जुड़े इस मामले में संजय सिंह से अभद्र भाषा के आरोपों को लेकर जिले भर के पत्रकारों में भारी आक्रोश है। शनिवार को सैकड़ों की संख्या में पत्रकार पुलिस अधीक्षक कार्यालय पहुंचे और धरने पर बैठकर प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने सराय अकिल इंस्पेक्टर को तत्काल निलंबित करने की मांग उठाई।पत्रकारों का कहना है कि वायरल ऑडियो में थाना अध्यक्ष द्वारा “पत्रकार” शब्द का इस्तेमाल करते हुए अपमानजनक भाषा का प्रयोग किया गया है, जिससे पूरे पत्रकार समुदाय की गरिमा आहत हुई है। उनका आरोप है कि ऑडियो सामने आने के बावजूद अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई है। धरने पर बैठे पत्रकारों ने चेतावनी दी है कि यदि शीघ्र कार्रवाई नहीं हुई तो आंदोलन को और व्यापक रूप दिया जाएगा।फिलहाल प्रशासन की ओर से मामले में आधिकारिक प्रतिक्रिया का इंतजार है, जबकि जिले में यह मुद्दा चर्चा का विषय बना हुआ है।1
- कल लोकतंत्र की एक बड़ी जीत हुई है। मोदी सरकार ने लोकतंत्र को कमजोर करने और संघीय ढांचे को बदलने की साजिश की थी, जिसे हमने हरा दिया - प्रियंका गांधी1
- पति मारे तो ड्रम, बाबा मारे तो धर्म.. वाह रे अंधभक्ती1
- आज सुपौल जिला जेडीयू में खुशी का उत्साह क्योंकि सुपौल विधानसभा के माननीय विधायक विजेंद्र प्रसाद यादव जी आज बिहार सरकार उपमुख्यमंत्री बन चुके हैं जेडीयू कार्यकर्ताओं में खुशी का लहर1