युवाओं को स्वरोजगार एवं उद्यमिता से जोड़ने के लिए कैपेसिटी बिल्डिंग वर्कशॉप का आयोजन संपन्न रायबरेली : जनपद में युवाओं एवं भावी उद्यमियों को उद्यमिता के लिए प्रोत्साहित करने तथा शासन की विभिन्न योजनाओं का प्रभावी लाभ पात्र लाभार्थियों तक पहुंचाने के उद्देश्य से उद्यमी लांच पैड, एमएसएमई उत्तर प्रदेश के अंतर्गत एक दिवसीय कैपेसिटी बिल्डिंग वर्कशॉप-I एवं वर्कशॉप-II का आयोजन राजकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान, गोरा बाजार, रायबरेली में किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य विकास अधिकारी अंजुलता द्वारा किया गया। मुख्य विकास अधिकारी ने अपने संबोधन में कहा कि अधिक से अधिक बेरोजगार युवक-युवतियां मुख्यमंत्री युवा योजना (सी.एम. युवा) का लाभ उठाकर स्वरोजगार से जुड़ें। उन्होंने उदाहरण देते हुए बताया कि छोटे ऋण से भी अनेक लोग जनपद में अपने व्यवसाय के माध्यम से विशिष्ट पहचान बना रहे हैं। कार्यशाला में सी.एम. युवा, एम.वाई.एस.वाई., ओ.डी.ओ.पी., ओ.डी.ओ.सी. एवं एमएसएमई पॉलिसी सहित विभिन्न योजनाओं की जानकारी दी गई। साथ ही प्रोजेक्ट रिपोर्ट तैयार करने, ऋण आवेदन प्रक्रिया, व्यवसाय पंजीकरण, डिजिटल मार्केटिंग एवं उद्यम स्थापना से संबंधित महत्वपूर्ण विषयों पर प्रतिभागियों को मार्गदर्शन प्रदान किया गया। कार्यशाला के दौरान प्रतिभागियों की जिज्ञासाओं का विशेषज्ञों एवं अधिकारियों द्वारा समाधान किया गया तथा आवश्यक मार्गदर्शन प्रदान किया गया। कार्यशाला का मुख्य उद्देश्य युवाओं को स्वरोजगार एवं उद्यमिता के अवसरों से जोड़ना तथा शासन की योजनाओं का लाभ पात्र लाभार्थियों तक पहुंचाना रहा। कार्यक्रम में उपायुक्त उद्योग, जिला उद्योग प्रोत्साहन एवं उद्यमिता विकास केंद्र, अग्रणी जिला प्रबंधक, प्रधानाचार्य राजकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान, निदेशक यूनियन बैंक आरसेटी, सहायक आयुक्त उद्योग, विशेषज्ञ समाधान समिति, चार्टर्ड अकाउंटेंट, कौशल विकास मिशन, ई-डिस्ट्रिक्ट मैनेजर, वरिष्ठ प्रबंधक पंजाब नेशनल बैंक, जिला प्रबंधक कौशल विकास मिशन सहित विभिन्न जिला स्तरीय अधिकारी, बैंक अधिकारी, स्टेकहोल्डर्स, एमएसएमई विभाग के अधिकारी, युवा भावी उद्यमी, लाभार्थीगण एवं जिला उद्योग प्रोत्साहन एवं उद्यमिता विकास केंद्र के कर्मचारी उपस्थित रहे।
युवाओं को स्वरोजगार एवं उद्यमिता से जोड़ने के लिए कैपेसिटी बिल्डिंग वर्कशॉप का आयोजन संपन्न रायबरेली : जनपद में युवाओं एवं भावी उद्यमियों को उद्यमिता के लिए प्रोत्साहित करने तथा शासन की विभिन्न योजनाओं का प्रभावी लाभ पात्र लाभार्थियों तक पहुंचाने के उद्देश्य से उद्यमी लांच पैड, एमएसएमई उत्तर प्रदेश के अंतर्गत एक दिवसीय कैपेसिटी बिल्डिंग वर्कशॉप-I एवं वर्कशॉप-II का आयोजन राजकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान, गोरा बाजार, रायबरेली में किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य विकास अधिकारी अंजुलता द्वारा किया गया। मुख्य विकास अधिकारी ने अपने संबोधन में कहा कि अधिक से अधिक बेरोजगार युवक-युवतियां मुख्यमंत्री युवा योजना (सी.एम. युवा) का लाभ उठाकर स्वरोजगार से जुड़ें। उन्होंने उदाहरण देते हुए बताया कि छोटे ऋण से भी अनेक लोग जनपद में अपने व्यवसाय के माध्यम से विशिष्ट पहचान बना रहे हैं। कार्यशाला में सी.एम. युवा, एम.वाई.एस.वाई., ओ.डी.ओ.पी., ओ.डी.ओ.सी. एवं एमएसएमई पॉलिसी सहित विभिन्न योजनाओं की जानकारी दी गई। साथ ही प्रोजेक्ट रिपोर्ट तैयार करने, ऋण आवेदन प्रक्रिया, व्यवसाय पंजीकरण, डिजिटल मार्केटिंग एवं उद्यम स्थापना से संबंधित महत्वपूर्ण विषयों पर प्रतिभागियों को मार्गदर्शन प्रदान किया गया। कार्यशाला के दौरान प्रतिभागियों की जिज्ञासाओं का विशेषज्ञों एवं अधिकारियों द्वारा समाधान किया गया तथा आवश्यक मार्गदर्शन प्रदान किया गया। कार्यशाला का मुख्य उद्देश्य युवाओं को स्वरोजगार एवं उद्यमिता के अवसरों से जोड़ना तथा शासन की योजनाओं का लाभ पात्र लाभार्थियों तक पहुंचाना रहा। कार्यक्रम में उपायुक्त उद्योग, जिला उद्योग प्रोत्साहन एवं उद्यमिता विकास केंद्र, अग्रणी जिला प्रबंधक, प्रधानाचार्य राजकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान, निदेशक यूनियन बैंक आरसेटी, सहायक आयुक्त उद्योग, विशेषज्ञ समाधान समिति, चार्टर्ड अकाउंटेंट, कौशल विकास मिशन, ई-डिस्ट्रिक्ट मैनेजर, वरिष्ठ प्रबंधक पंजाब नेशनल बैंक, जिला प्रबंधक कौशल विकास मिशन सहित विभिन्न जिला स्तरीय अधिकारी, बैंक अधिकारी, स्टेकहोल्डर्स, एमएसएमई विभाग के अधिकारी, युवा भावी उद्यमी, लाभार्थीगण एवं जिला उद्योग प्रोत्साहन एवं उद्यमिता विकास केंद्र के कर्मचारी उपस्थित रहे।
- ऊंचाहार: करंट से महिला की मौत के बाद हंगामा, पुलिस ने चार लोगों पर दर्ज किया मुकदमा ऊंचाहार: करंट से महिला की मौत के बाद हंगामा, पुलिस ने चार लोगों पर दर्ज किया मुकदमा ऊंचाहार (रायबरेली): क्षेत्र के नदौरा माफी गांव में बुधवार को एक दर्दनाक हादसे में महिला की करंट लगने से मौत हो गई थी। इस मामले में पुलिस द्वारा कार्रवाई न किए जाने से आक्रोशित परिजनों और ग्रामीणों ने गुरुवार को जमकर हंगामा किया। यह है पूरा मामला नदौरा माफी गांव निवासी अमरेश की पत्नी रत्ना देवी की बुधवार को टुल्लू पंप में उतरे करंट की चपेट में आने से मौत हो गई थी। हादसे के बाद से परिजनों में कोहराम मचा हुआ था। रास्ते में रोका गया शव वाहन, चौराहे पर किया प्रदर्शन परिजनों का आरोप है कि पुलिस ने समय रहते कोई ठोस कार्रवाई नहीं की। इसी से नाराज होकर गुरुवार को परिजन और ग्रामीण मृतका का शव लेकर ऊंचाहार कोतवाली की ओर बढ़ रहे थे, लेकिन पुलिस ने उन्हें रास्ते में ही रोक लिया। इसके बाद आक्रोशित भीड़ ने ऊंचाहार चौराहे पर पहुंचकर जोरदार हंगामा किया और आरोपियों की तत्काल गिरफ्तारी की मांग पर अड़ गए। स्थिति को संभालते हुए पुलिस अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर लोगों को समझाया-बुझाकर शांत कराया। चार लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए चार लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया है। हालांकि, पुलिस की कार्रवाई के बावजूद परिजन आरोपियों की जल्द से जल्द गिरफ्तारी की मांग पर अड़े हुए हैं। पुलिस का कहना है कि मामले की जांच की जा रही है और आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए दबिश दी जा रही है।1
- जिलाधिकारी सरनित कौर की अध्यक्षता में बाढ़ एवं सूखा प्रबंधन की समीक्षा बैठक सम्पन्न रायबरेली : जिलाधिकारी सरनीत कौर ब्रोका की अध्यक्षता में बाढ़ एवं सूखा प्रबंधन से संबंधित समीक्षा बैठक सम्पन्न हुई। बैठक में जिलाधिकारी ने निर्देशित किया कि आपदा प्रबंधन एवं राहत कार्यों में किसी भी स्तर पर लापरवाही अथवा उदासीनता किसी भी दशा में क्षम्य नहीं होगी। सभी विभाग अपने-अपने दायित्वों का समयबद्ध, प्रभावी एवं आपसी समन्वय के साथ निर्वहन सुनिश्चित करें। निर्देशों के अनुपालन में किसी भी प्रकार की शिथिलता अथवा लापरवाही पाए जाने पर संबंधित अधिकारी/कर्मचारी का उत्तरदायित्व निर्धारित करते हुए आपदा प्रबंधन अधिनियम एवं प्रचलित नियमों के अंतर्गत कठोर कार्रवाई की जाएगी। जिलाधिकारी ने मुख्य चिकित्सा अधिकारी को विशेष रूप से निर्देशित किया कि बाढ़ एवं वर्षा के दृष्टिगत एंटी स्नेक वेनम तथा एंटी रेबीज वैक्सीन/इम्युनोग्लोबुलिन की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित की जाए। सभी स्वास्थ्य केंद्रों पर आवश्यक दवाओं एवं जीवनरक्षक औषधियों का पर्याप्त स्टॉक उपलब्ध रहे तथा आकस्मिक परिस्थितियों में तत्काल चिकित्सा सुविधा सुनिश्चित की जाए। आपदा प्रबंधन से संबंधित स्वास्थ्य सेवाओं में किसी भी प्रकार की लापरवाही अथवा संसाधनों की कमी पाए जाने पर संबंधित अधिकारी/कर्मचारी का उत्तरदायित्व निर्धारित करते हुए आपदा प्रबंधन अधिनियम एवं प्रचलित नियमों के अंतर्गत कठोर कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने राजस्व विभाग के अधिकारियों को बाढ़ एवं अतिवृष्टि से प्रभावित क्षेत्रों में तत्काल स्थलीय निरीक्षण कर जनहानि, पशुहानि, मकान एवं फसल क्षति का समयबद्ध आकलन करते हुए पात्र प्रभावितों को नियमानुसार राहत उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए। उन्होंने सिंचाई विभाग के अधिकारियों को तटबंधों, नदियों, नालों एवं संवेदनशील स्थलों की सतत निगरानी करते हुए कटान एवं जलस्तर की स्थिति पर तत्काल आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। जिलाधिकारी ने नगर निकाय एवं पंचायती राज विभाग के अधिकारियों को जलभराव वाले क्षेत्रों में जल निकासी की प्रभावी व्यवस्था, नालियों की सफाई तथा आवश्यकतानुसार पंप एवं अन्य संसाधनों की उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। उन्होंने पशु पशुपालन विभाग के अधिकारियों को बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में पशुओं के लिए पर्याप्त चारा, पेयजल एवं आवश्यक पशु चिकित्सा सेवाओं की व्यवस्था तथा टीकाकरण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। उन्होंने विद्युत विभाग के अधिकारियों को बाढ़ एवं जलभराव वाले क्षेत्रों में विद्युत सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए क्षतिग्रस्त विद्युत लाइनों एवं ट्रांसफार्मरों की तत्काल मरम्मत सुनिश्चित की जाए। साथ ही ट्रांसफार्मर, केबल, विद्युत पोल एवं अन्य आवश्यक विद्युत सामग्री का पर्याप्त स्टॉक सुरक्षित रखा जाए, ताकि आपदा की स्थिति में विद्युत व्यवस्था को तत्काल बहाल किया जा सके। विद्युत आपूर्ति की बहाली में अनावश्यक विलंब अथवा तैयारियों में किसी भी प्रकार की शिथिलता पाए जाने पर संबंधित अधिकारी का उत्तरदायित्व निर्धारित किया जाएगा। खाद्य एवं रसद विभाग के अधिकारी को बाढ़ एवं सूखा प्रभावित क्षेत्रों में खाद्यान्न की पर्याप्त उपलब्धता एवं निर्बाध वितरण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। उन्होंने कृषि विभाग के अधिकारियों को अतिवृष्टि एवं सूखे की स्थिति को देखते हुए फसलों की नियमित निगरानी तथा प्रभावित किसानों को आवश्यक तकनीकी मार्गदर्शन एवं विभागीय योजनाओं का लाभ उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए। उन्होंने पी डब्लू डी विभाग के अधिकारियों को क्षतिग्रस्त सड़कों, पुल-पुलियों एवं संपर्क मार्गों की सतत निगरानी कर आवागमन बाधित होने की स्थिति में तत्काल आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। अग्निशमन एवं रेस्क्यू टीम के अधिकारियों को रेस्क्यू उपकरण, नाव, लाइफ जैकेट एवं अन्य आवश्यक संसाधनों की उपलब्धता एवं कार्यशीलता सुनिश्चित रखने तथा आवश्यकता पड़ने पर तत्काल रेस्क्यू कार्य प्रारंभ करने के निर्देश दिए गए। जिलाधिकारी ने समस्त विभागीय अधिकारियों को पुनः कड़े निर्देश देते हुए कहा कि आपदा की स्थिति में किसी भी प्रकार की लापरवाही, शिथिलता, सूचना देने में विलंब अथवा निर्देशों की अवहेलना को गंभीरता से लिया जाएगा। संबंधित अधिकारी/कर्मचारी की जिम्मेदारी निर्धारित करते हुए आपदा प्रबंधन अधिनियम एवं प्रचलित नियमों के अंतर्गत कठोर कार्रवाई की जाएगी। सभी अधिकारी अपने-अपने विभाग की तैयारियों की नियमित समीक्षा करते हुए आवश्यक संसाधनों की उपलब्धता सुनिश्चित करें। बैठक में अपर जिलाधिकारी (वित्त एवं राजस्व) सहदेव मिश्र, समस्त उपजिलाधिकारी, तहसीलदार, जिला आपदा विशेषज्ञ अंकित पाण्डेय सहित संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।1
- शासन की मंशानुरूप योजनाओं का लाभ कृषकों तक ससमय पहुँचाया जाए- कुलजीत सिंह मा. सदस्य, कृषि समृद्धि आयोग, उत्तर प्रदेश, कुलजीत सिंह ने माॅ शीतला अतिथि गृह, सयारा में सम्बन्धित विभागों के अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक की। मा. सदस्य ने अधिकारियों से संचालित विभागीय योजनाओं की प्रगति की जानकारी प्राप्त करते हुए कहा कि पात्र लोगों को लाभान्वित किया जाए। इसके साथ ही उन्होंने खाद, बीज, प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना, मत्स्य पालन एवं पशुओं के टीकाकरण आदि की समीक्षा के दौरान सम्बन्धित अधिकारियों को निर्देशित किया कि शासन की मंशानुरूप समस्त विभागों में संचालित योजनाओं का लाभ कृषकों तक ससमय पहुँचाया जाए तथा अनुदान से सम्बन्धित योजनाओं में नियमानुसार अनुदान का लाभ प्रदान किया जाए।1
- गांव गांव का विकास हो यही हमारा नारा है एक बार सेवा का मौका अवश्य दें सबको देखा बार-बार रावेंद्र सिंह यादव को देखो एक बार1
- पुलिस उत्पीड़न से परेशान युवक की मौत, अतुल सिंह ने परिजनों से मिलकर जताया शोक ऊंचाहार रायबरेली - ऊंचाहार विधानसभा क्षेत्र के बीकरगढ़ निवासी 28 वर्षीय राजू यादव की आत्महत्या की सूचना मिलने पर कांग्रेस के प्रदेश सचिव एवं पूर्व विधानसभा प्रत्याशी अतुल सिंह ने मृतक के परिजनों से मुलाकात कर गहरी शोक संवेदना व्यक्त की और उन्हें हरसंभव सहयोग का भरोसा दिलाया। अतुल सिंह ने कहा कि यदि युवक ने पुलिस उत्पीड़न से परेशान होकर यह कदम उठाया है, तो पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराकर दोषी पुलिस कर्मियों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई की जानी चाहिए। उन्होंने प्रशासन से घटना की गंभीरता को देखते हुए पीड़ित परिवार को न्याय दिलाने की मांग की। उन्होंने प्रदेश सरकार से मृतक की पत्नी को सरकारी नौकरी, उचित आर्थिक सहायता तथा ग्राम सभा में भूमि आवंटित किए जाने की मांग की, ताकि परिवार को भविष्य में आर्थिक परेशानियों का सामना न करना पड़े। अतुल सिंह ने कहा कि दुख की इस घड़ी में कांग्रेस पार्टी पीड़ित परिवार के साथ खड़ी है और परिवार को न्याय दिलाने के लिए हरसंभव प्रयास किया जाएगा। उन्होंने ईश्वर से दिवंगत आत्मा की शांति तथा शोकाकुल परिवार को इस अपार दुःख को सहन करने की शक्ति प्रदान करने की प्रार्थना की।1
- पुलिस प्रताड़ना के आरोप में जांच के आश्वासन पर पोस्टमार्टम को राजी हुए परिजन ऊंचाहार, रायबरेली। पुलिस प्रताड़ना से तंग आकर युवक द्वारा आत्महत्या किए जाने के मामले में गुरुवार को परिजन दोषी पुलिसकर्मियों पर जांच के बाद कार्रवाई के आश्वासन पर शव का पोस्टमार्टम कराने के लिए राजी हुए। इसके बाद पुलिस ने शव पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। बीकरगढ़ गांव निवासी माताबदल यादव के पुत्र राजू यादव ने बुधवार को घर के कमरे में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली थी। परिजनों ने आरोप लगाया कि राजू पर उसके हत्यारोपी बहनोई को पुलिस के सामने पेश कराने का दबाव बनाया जा रहा था। इसी को लेकर पुलिस द्वारा उसे प्रताड़ित किया गया, जिससे आहत होकर उसने आत्मघाती कदम उठाया। घटना के बाद परिजनों का आक्रोश बढ़ गया। अपर पुलिस अधीक्षक आलोक सिंह के साथ जगतपुर, गदागंज, डलमऊ और महराजगंज थानों की पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने बसवई गांव निवासी राजकुमार समेत आधा दर्जन लोगों के खिलाफ आत्महत्या के लिए प्रेरित करने का मुकदमा दर्ज किया, लेकिन परिजन पुलिसकर्मियों पर कार्रवाई की मांग पर अड़े रहे। गुरुवार को एएसपी आलोक सिंह, एसडीएम विवेक राजपूत और सीओ गिरजाशंकर त्रिपाठी ने परिजनों को समझाया। मृतक के पिता माताबदल ने तीन नामजद व अज्ञात पुलिसकर्मियों के खिलाफ तहरीर दी। एएसपी ने जांच में आरोप सही पाए जाने पर कार्रवाई का आश्वासन दिया, जिसके बाद परिजन पोस्टमार्टम के लिए राजी हुए।1