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पन्ना जिले के अमानगंज में सिमरिया रोड की हालत बेहद खराब हो चुकी है, जिससे लोगों के लिए यह एक गंभीर समस्या बन गई है। इस गंभीर स्थिति के बावजूद, शासन और प्रशासन दोनों की ओर से इस मामले में कोई कार्रवाई नहीं की जा रही है। अधिकारी इस समस्या पर पूरी तरह से मौन बने हुए हैं।
पत्रकार मनीष विश्वकर्मा
पन्ना जिले के अमानगंज में सिमरिया रोड की हालत बेहद खराब हो चुकी है, जिससे लोगों के लिए यह एक गंभीर समस्या बन गई है। इस गंभीर स्थिति के बावजूद, शासन और प्रशासन दोनों की ओर से इस मामले में कोई कार्रवाई नहीं की जा रही है। अधिकारी इस समस्या पर पूरी तरह से मौन बने हुए हैं।
More news from मध्य प्रदेश and nearby areas
- मध्य प्रदेश सरकार में राज्यमंत्री लखन पटेल ने दमोह में जल जीवन मिशन योजना के संबंध में एक महत्वपूर्ण बैठक की अध्यक्षता की। यह बैठक आज दमोह के जटाशंकर स्थित कार्यालय में हुई, जहाँ राज्यमंत्री ने योजना से संबंधित अधिकारियों और ठेकेदारों के साथ विस्तृत चर्चा कर आवश्यक निर्देश जारी किए। उन्होंने योजना में हो रही देरी पर कड़ा रुख अपनाया। बैठक में सीतानगर और पंचमनगर परियोजनाओं से जुड़ी पेयजल योजना के सुचारू क्रियान्वयन की स्थिति, कार्यपूर्ण न होने के कारणों और योजना में हो रही देरी की समीक्षा की गई। राज्यमंत्री ने बताया कि पथरिया, बटियागढ़, हटा सहित क्षेत्र के 350 गाँवों में इस योजना के तहत जलापूर्ति की जानी है। हालांकि, उनके हालिया निरीक्षण के दौरान कार्य की गति अत्यंत धीमी पाई गई, जिससे जनता को भारी असुविधा का सामना करना पड़ रहा है। योजना का कार्य भुगतान न होने के कारण रुका हुआ बताया गया है, जिसके संबंध में आवश्यक कार्यवाही की जा रही है ताकि इसे समय सीमा के भीतर पूर्ण किया जा सके।1
- उत्तराखंड में जोशीमठ के पास बद्रीनाथ यात्रा मार्ग पर कई किलोमीटर लंबा और हैरान कर देने वाला भीषण ट्रैफिक जाम देखा गया है। यात्रा में अत्यधिक भीड़ के कारण लोग कई-कई घंटों तक धूप में फंसे रहे। बार-बार यह सलाह दी जाती है कि मई-जून के पीक सीज़न में, खासकर वीकेंड पर, पहाड़ों पर जाने से बचना चाहिए। ऐसा इसलिए क्योंकि पहाड़ों पर पर्याप्त सुविधाएं नहीं होतीं और रास्ते भर दुकानों पर पीने का पानी या भोजन सामग्री जैसी चीजें हर जगह उपलब्ध नहीं होतीं। जाम में फंसने पर गाड़ी को वापस मोड़ना भी संभव नहीं होता। इसके बावजूद, लोग इन चेतावनियों को मानने को तैयार नहीं होते और पढ़े-लिखे तथा समझदार होने के बाद भी, खासकर शनिवार और रविवार को, बिना सोचे-समझे निकल पड़ते हैं। फिर जब वे घंटों जाम में फंसे रहते हैं, तो व्यवस्थाओं और सिस्टम को दोष देते हैं।1
- दमोह सिटी कोतवाली क्षेत्र अंतर्गत बड़ापुरा में शनिवार रात करीब 9 बजे शिक्षा विभाग के एक बाबू पर चाकू से हमला कर उन्हें बुरी तरह घायल कर दिया गया। घायल बाबू को इलाज के लिए दमोह जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहाँ डॉ. यशपाल और डॉ. दिव्यांशु अवस्थी ने उनका इलाज किया। प्राप्त जानकारी के अनुसार, बड़ापुरा निवासी 56 वर्षीय देवेंद्र राज, जो शिक्षा विभाग में बाबू हैं और करोड़ी लाल के पुत्र हैं, से अरविंद नामक एक व्यक्ति ने शराब के लिए पैसे मांगे थे। जब देवेंद्र राज ने पैसे देने से इनकार कर दिया, तो आरोपी अरविंद ने उन पर चाकू से हमला कर दिया, जिससे वे गंभीर रूप से घायल हो गए। घटना की सूचना मिलते ही सिटी कोतवाली से मनीष कुमार, एएसआई अलजार सिंह सहित पुलिस बल मौके पर पहुंचा। पुलिस ने घायल के बयान दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी है और आरोपी अरविंद की तलाश कर रही है।1
- Post by Ajay Ahirwal1
- दमोह में महेंद्र लोधी द्वारा फांसी लगाए जाने के बाद हुए प्रदर्शन के 48 दिन बीत जाने के बावजूद जांच रिपोर्ट सामने न आने से OBC महासभा ने गहरा आक्रोश व्यक्त किया है। संगठन ने प्रशासन और नेताओं पर गंभीर आरोप लगाए हैं, चेतावनी दी है कि वे एक बड़े आंदोलन की तैयारी कर रहे हैं। दरअसल, महेंद्र लोधी के फांसी लगाने के उपरांत 11 फरवरी 2026 को बड़ी संख्या में लोगों ने कलेक्टर परिसर में प्रदर्शन किया था। इस आंदोलन के बाद, आंदोलनकारियों पर ST SC ACT के तहत FIR दर्ज की गई थी। इसके जवाब में, OBC महासभा ने 28 फरवरी को आंदोलन करने की चेतावनी दी थी, जिसके दबाव में एक विशेष जांच दल (SIT) का गठन किया गया था और उसे 15 दिन का समय दिया गया था। हालाँकि, संगठन का दावा है कि 48 दिन बीत जाने पर भी जांच रिपोर्ट सार्वजनिक नहीं की गई है, जो प्रशासन के लचर रवैये को दर्शाता है। OBC महासभा ने कलेक्टर ऑफिस दमोह से मांग की है कि जांच रिपोर्ट को सार्वजनिक किया जाए और उन दोषियों पर कार्यवाही हो, जिन्होंने कुछ पत्रकार और उपद्रवी बनकर आंदोलन को विफल करने का षड्यंत्र रचा था। संगठन के अनुसार, उनके पास इस षड्यंत्र के वीडियो, फोटो और रिकॉर्डिंग जैसे पुख्ता सबूत हैं। उन्होंने आरोप लगाया है कि फर्जी ST SC ACT लगाकर OBC समाज के क्रांतिकारियों को फंसाया जा रहा है, जिससे पिछड़ा वर्ग को ST SC ACT के खिलाफ खड़ा किया जा सके। संगठन ने स्पष्ट किया है कि यह कोई मामूली मामला नहीं है और प्रशासन व नेताओं ने इस मामले में "कितनी बड़ी भूल" की है। अब "अति हो रही है" और OBC महासभा को "मजबूर किया जा रहा है"। संगठन ने चेतावनी दी है कि वे 28 फरवरी को होने वाले आंदोलन से 10 गुना बड़ा आंदोलन करेंगे, जिसकी तारीख दो दिन में तय कर दी जाएगी। उन्हें उम्मीद है कि अगले दो दिन में रिपोर्ट प्रदर्शित कर दी जाएगी। संगठन ने 'जय संविधान जय भारत जोहार इंकलाब जिंदाबाद' के नारे के साथ अपनी प्रतिबद्धता दोहराई है।1
- दमोह देहात थाना क्षेत्र की सागर नाका चौकी अंतर्गत देवरान गांव में शुक्रवार-शनिवार की दरमियानी रात तेज आंधी-तूफान के दौरान एक दर्दनाक हादसा हो गया। बारिश और तेज हवा से बचने के लिए भूसा भरने गए मजदूर एक ट्रॉली के नीचे बैठे थे, तभी ट्रॉली अनियंत्रित होकर पलट गई। इस हादसे में एक मजदूर की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि दूसरा गंभीर रूप से घायल हो गया। परिजन तत्काल दोनों को जिला अस्पताल लेकर पहुंचे, जहाँ डॉक्टरों ने स्वास्थ्य परीक्षण के बाद अथाई बरपटी निवासी सीताराम यादव को मृत घोषित कर दिया। वहीं, घटना में घायल चुन्नू यादव का उपचार जारी है। मृतक के भतीजे कारण यादव ने बताया कि दोनों मजदूर अस्थाई क्षेत्र से देवरान भूसा भरने गए थे। इस हादसे के बाद परिवार में मातम पसरा हुआ है। पुलिस ने शव को जिला अस्पताल के शवगृह में रखवाकर मर्ग कायम करते हुए मामले की जांच शुरू कर दी है।1
- क्षेत्र की शराब दुकानों पर नियमों को ताक पर रखकर ग्राहकों से खुलेआम लूट की जा रही है, जिसका ताजा मामला रैपुरा की रिफ्रेश शराब दुकान से सामने आया है। यहाँ प्रिंट रेट से कहीं अधिक कीमत पर शराब बेची जा रही है, जिससे ग्राहक सीधे तौर पर ठगे जा रहे हैं। प्रशासनिक अनदेखी के चलते आबकारी विभाग के नियमों की धज्जियां उड़ाई जा रही हैं और शराब ठेकेदार व उनके करिंदे ग्राहकों की जेब पर सरेआम डाका डाल रहे हैं। इस अवैध वसूली का खुलासा तब हुआ जब रैपुरा शराब दुकान पर शराब लेने पहुंचे दो जागरूक ग्राहकों ने इसका कड़ा विरोध किया। उन्होंने बताया कि दो बीयर बोतलों पर अंकित प्रिंट रेट ₹230 था, लेकिन सेल्समैन ने उनसे प्रति बोतल जबरन ₹270 वसूल किए, यानी एक बोतल पर सीधे ₹40 अतिरिक्त वसूले गए। जब ग्राहकों ने एमआरपी को लेकर आपत्ति जताई, तो दुकानदार का रवैया बेहद अड़ियल था। इस घटना के बाद स्थानीय जनता और सजग नागरिकों के बीच यह बड़ा सवाल खड़ा हो गया है कि आखिर किसकी शह पर रैपुरा में प्रिंट रेट से अधिक दाम पर शराब बेची जा रही है। यह संदेह व्यक्त किया जा रहा है कि स्थानीय प्रशासन और आबकारी विभाग को इस अवैध वसूली की भनक नहीं है, या फिर वे जानबूझकर इस पूरे खेल से आंखें मूंदे हुए हैं। दिन-दहाड़े हो रही इस ओवररेटिंग से न केवल शासन के नियमों का माखौल उड़ रहा है, बल्कि क्षेत्र के आम उपभोक्ताओं का भी आर्थिक शोषण हो रहा है। ग्रामीणों और उपभोक्ताओं ने जिला प्रशासन व आबकारी विभाग के उच्च अधिकारियों से इस मामले को गंभीरता से लेने की मांग की है। उन्होंने रैपुरा की रिफ्रेश शराब दुकान पर तत्काल औचक निरीक्षण कर जांच करने और प्रिंट रेट से अधिक पैसे वसूलने वाले ठेकेदार व सेल्समैन के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई करने की अपील की है, ताकि इस लूट पर अंकुश लगाया जा सके।1
- दमोह के दन्यांतिनगर में राममलन यादव महाराज नामक व्यक्ति ने परिवार होने के बावजूद साधु बनने का निर्णय लिया है। उन्होंने बताया कि उनके बच्चे, बेटी और पूरा परिवार है, लेकिन उन्होंने यह कदम उठाया है। साधु बनने की वजह पूछने पर राममलन यादव महाराज ने स्पष्ट किया कि इसकी कोई खास वजह नहीं है, बल्कि यह उन्होंने अपनी खुशी के लिए किया। उन्होंने बताया कि उनके मन में विचार आया कि वे साधु बनें और उन्हें अपने इस कृत्य पर कोई दुख नहीं है। उनके अनुसार, अगर कहीं और होता तो हो सकता था कि पाप हो जाए या हो गया हो, जिससे मोक्ष न मिले। उनके दिमाग में आया कि वे अब इस (सांसारिक जीवन को) नहीं रखना चाहते। राममलन यादव महाराज ने यह भी कहा कि उनके साथ सभी माताएं, बहनें और भाई हैं, और अब वे भगवान का भजन करेंगे और अपनी मुक्ति सुधारेंगे।1