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दमोह में महेंद्र लोधी द्वारा फांसी लगाए जाने के बाद हुए प्रदर्शन के 48 दिन बीत जाने के बावजूद जांच रिपोर्ट सामने न आने से OBC महासभा ने गहरा आक्रोश व्यक्त किया है। संगठन ने प्रशासन और नेताओं पर गंभीर आरोप लगाए हैं, चेतावनी दी है कि वे एक बड़े आंदोलन की तैयारी कर रहे हैं। दरअसल, महेंद्र लोधी के फांसी लगाने के उपरांत 11 फरवरी 2026 को बड़ी संख्या में लोगों ने कलेक्टर परिसर में प्रदर्शन किया था। इस आंदोलन के बाद, आंदोलनकारियों पर ST SC ACT के तहत FIR दर्ज की गई थी। इसके जवाब में, OBC महासभा ने 28 फरवरी को आंदोलन करने की चेतावनी दी थी, जिसके दबाव में एक विशेष जांच दल (SIT) का गठन किया गया था और उसे 15 दिन का समय दिया गया था। हालाँकि, संगठन का दावा है कि 48 दिन बीत जाने पर भी जांच रिपोर्ट सार्वजनिक नहीं की गई है, जो प्रशासन के लचर रवैये को दर्शाता है। OBC महासभा ने कलेक्टर ऑफिस दमोह से मांग की है कि जांच रिपोर्ट को सार्वजनिक किया जाए और उन दोषियों पर कार्यवाही हो, जिन्होंने कुछ पत्रकार और उपद्रवी बनकर आंदोलन को विफल करने का षड्यंत्र रचा था। संगठन के अनुसार, उनके पास इस षड्यंत्र के वीडियो, फोटो और रिकॉर्डिंग जैसे पुख्ता सबूत हैं। उन्होंने आरोप लगाया है कि फर्जी ST SC ACT लगाकर OBC समाज के क्रांतिकारियों को फंसाया जा रहा है, जिससे पिछड़ा वर्ग को ST SC ACT के खिलाफ खड़ा किया जा सके। संगठन ने स्पष्ट किया है कि यह कोई मामूली मामला नहीं है और प्रशासन व नेताओं ने इस मामले में "कितनी बड़ी भूल" की है। अब "अति हो रही है" और OBC महासभा को "मजबूर किया जा रहा है"। संगठन ने चेतावनी दी है कि वे 28 फरवरी को होने वाले आंदोलन से 10 गुना बड़ा आंदोलन करेंगे, जिसकी तारीख दो दिन में तय कर दी जाएगी। उन्हें उम्मीद है कि अगले दो दिन में रिपोर्ट प्रदर्शित कर दी जाएगी। संगठन ने 'जय संविधान जय भारत जोहार इंकलाब जिंदाबाद' के नारे के साथ अपनी प्रतिबद्धता दोहराई है।

4 hrs ago
user_Jay Jawan Jay Kisan
Jay Jawan Jay Kisan
Lawyer Damoh, Madhya Pradesh•
4 hrs ago

दमोह में महेंद्र लोधी द्वारा फांसी लगाए जाने के बाद हुए प्रदर्शन के 48 दिन बीत जाने के बावजूद जांच रिपोर्ट सामने न आने से OBC महासभा ने गहरा आक्रोश व्यक्त किया है। संगठन ने प्रशासन और नेताओं पर गंभीर आरोप लगाए हैं, चेतावनी दी है कि वे एक बड़े आंदोलन की तैयारी कर रहे हैं। दरअसल, महेंद्र लोधी के फांसी लगाने के उपरांत 11 फरवरी 2026 को बड़ी संख्या में लोगों ने कलेक्टर परिसर में प्रदर्शन किया था। इस आंदोलन के बाद, आंदोलनकारियों पर ST SC ACT के तहत FIR दर्ज की गई थी। इसके जवाब में, OBC महासभा ने 28 फरवरी को आंदोलन करने की चेतावनी दी थी, जिसके दबाव में एक विशेष जांच दल (SIT) का गठन किया गया था और उसे 15 दिन का समय दिया गया था। हालाँकि, संगठन का दावा है कि 48 दिन बीत जाने पर भी जांच रिपोर्ट सार्वजनिक नहीं की गई है, जो प्रशासन के लचर रवैये को दर्शाता है। OBC महासभा ने कलेक्टर ऑफिस दमोह से मांग की है कि जांच रिपोर्ट को सार्वजनिक किया जाए और उन दोषियों पर कार्यवाही हो, जिन्होंने कुछ पत्रकार और उपद्रवी बनकर आंदोलन को विफल करने का षड्यंत्र रचा था। संगठन के अनुसार, उनके पास इस षड्यंत्र के वीडियो, फोटो और रिकॉर्डिंग जैसे पुख्ता सबूत हैं। उन्होंने आरोप लगाया है कि फर्जी ST SC ACT लगाकर OBC समाज के क्रांतिकारियों को फंसाया जा रहा है, जिससे पिछड़ा वर्ग को ST SC ACT के खिलाफ खड़ा किया जा सके। संगठन ने स्पष्ट किया है कि यह कोई मामूली मामला नहीं है और प्रशासन व नेताओं ने इस मामले में "कितनी बड़ी भूल" की है। अब "अति हो रही है" और OBC महासभा को "मजबूर किया जा रहा है"। संगठन ने चेतावनी दी है कि वे 28 फरवरी को होने वाले आंदोलन से 10 गुना बड़ा आंदोलन करेंगे, जिसकी तारीख दो दिन में तय कर दी जाएगी। उन्हें उम्मीद है कि अगले दो दिन में रिपोर्ट प्रदर्शित कर दी जाएगी। संगठन ने 'जय संविधान जय भारत जोहार इंकलाब जिंदाबाद' के नारे के साथ अपनी प्रतिबद्धता दोहराई है।

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  • दमोह में महेंद्र लोधी द्वारा फांसी लगाए जाने के बाद हुए प्रदर्शन के 48 दिन बीत जाने के बावजूद जांच रिपोर्ट सामने न आने से OBC महासभा ने गहरा आक्रोश व्यक्त किया है। संगठन ने प्रशासन और नेताओं पर गंभीर आरोप लगाए हैं, चेतावनी दी है कि वे एक बड़े आंदोलन की तैयारी कर रहे हैं। दरअसल, महेंद्र लोधी के फांसी लगाने के उपरांत 11 फरवरी 2026 को बड़ी संख्या में लोगों ने कलेक्टर परिसर में प्रदर्शन किया था। इस आंदोलन के बाद, आंदोलनकारियों पर ST SC ACT के तहत FIR दर्ज की गई थी। इसके जवाब में, OBC महासभा ने 28 फरवरी को आंदोलन करने की चेतावनी दी थी, जिसके दबाव में एक विशेष जांच दल (SIT) का गठन किया गया था और उसे 15 दिन का समय दिया गया था। हालाँकि, संगठन का दावा है कि 48 दिन बीत जाने पर भी जांच रिपोर्ट सार्वजनिक नहीं की गई है, जो प्रशासन के लचर रवैये को दर्शाता है। OBC महासभा ने कलेक्टर ऑफिस दमोह से मांग की है कि जांच रिपोर्ट को सार्वजनिक किया जाए और उन दोषियों पर कार्यवाही हो, जिन्होंने कुछ पत्रकार और उपद्रवी बनकर आंदोलन को विफल करने का षड्यंत्र रचा था। संगठन के अनुसार, उनके पास इस षड्यंत्र के वीडियो, फोटो और रिकॉर्डिंग जैसे पुख्ता सबूत हैं। उन्होंने आरोप लगाया है कि फर्जी ST SC ACT लगाकर OBC समाज के क्रांतिकारियों को फंसाया जा रहा है, जिससे पिछड़ा वर्ग को ST SC ACT के खिलाफ खड़ा किया जा सके। संगठन ने स्पष्ट किया है कि यह कोई मामूली मामला नहीं है और प्रशासन व नेताओं ने इस मामले में "कितनी बड़ी भूल" की है। अब "अति हो रही है" और OBC महासभा को "मजबूर किया जा रहा है"। संगठन ने चेतावनी दी है कि वे 28 फरवरी को होने वाले आंदोलन से 10 गुना बड़ा आंदोलन करेंगे, जिसकी तारीख दो दिन में तय कर दी जाएगी। उन्हें उम्मीद है कि अगले दो दिन में रिपोर्ट प्रदर्शित कर दी जाएगी। संगठन ने 'जय संविधान जय भारत जोहार इंकलाब जिंदाबाद' के नारे के साथ अपनी प्रतिबद्धता दोहराई है।
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    दमोह में महेंद्र लोधी द्वारा फांसी लगाए जाने के बाद हुए प्रदर्शन के 48 दिन बीत जाने के बावजूद जांच रिपोर्ट सामने न आने से OBC महासभा ने गहरा आक्रोश व्यक्त किया है। संगठन ने प्रशासन और नेताओं पर गंभीर आरोप लगाए हैं, चेतावनी दी है कि वे एक बड़े आंदोलन की तैयारी कर रहे हैं।

दरअसल, महेंद्र लोधी के फांसी लगाने के उपरांत 11 फरवरी 2026 को बड़ी संख्या में लोगों ने कलेक्टर परिसर में प्रदर्शन किया था। इस आंदोलन के बाद, आंदोलनकारियों पर ST SC ACT के तहत FIR दर्ज की गई थी। इसके जवाब में, OBC महासभा ने 28 फरवरी को आंदोलन करने की चेतावनी दी थी, जिसके दबाव में एक विशेष जांच दल (SIT) का गठन किया गया था और उसे 15 दिन का समय दिया गया था। हालाँकि, संगठन का दावा है कि 48 दिन बीत जाने पर भी जांच रिपोर्ट सार्वजनिक नहीं की गई है, जो प्रशासन के लचर रवैये को दर्शाता है।

OBC महासभा ने कलेक्टर ऑफिस दमोह से मांग की है कि जांच रिपोर्ट को सार्वजनिक किया जाए और उन दोषियों पर कार्यवाही हो, जिन्होंने कुछ पत्रकार और उपद्रवी बनकर आंदोलन को विफल करने का षड्यंत्र रचा था। संगठन के अनुसार, उनके पास इस षड्यंत्र के वीडियो, फोटो और रिकॉर्डिंग जैसे पुख्ता सबूत हैं। उन्होंने आरोप लगाया है कि फर्जी ST SC ACT लगाकर OBC समाज के क्रांतिकारियों को फंसाया जा रहा है, जिससे पिछड़ा वर्ग को ST SC ACT के खिलाफ खड़ा किया जा सके। संगठन ने स्पष्ट किया है कि यह कोई मामूली मामला नहीं है और प्रशासन व नेताओं ने इस मामले में "कितनी बड़ी भूल" की है। अब "अति हो रही है" और OBC महासभा को "मजबूर किया जा रहा है"। संगठन ने चेतावनी दी है कि वे 28 फरवरी को होने वाले आंदोलन से 10 गुना बड़ा आंदोलन करेंगे, जिसकी तारीख दो दिन में तय कर दी जाएगी। उन्हें उम्मीद है कि अगले दो दिन में रिपोर्ट प्रदर्शित कर दी जाएगी। संगठन ने 'जय संविधान जय भारत जोहार इंकलाब जिंदाबाद' के नारे के साथ अपनी प्रतिबद्धता दोहराई है।
    user_Jay Jawan Jay Kisan
    Jay Jawan Jay Kisan
    Lawyer Damoh, Madhya Pradesh•
    4 hrs ago
  • दमोह देहात थाना क्षेत्र की सागर नाका चौकी अंतर्गत देवरान गांव में शुक्रवार-शनिवार की दरमियानी रात तेज आंधी-तूफान के दौरान एक दर्दनाक हादसा हो गया। बारिश और तेज हवा से बचने के लिए भूसा भरने गए मजदूर एक ट्रॉली के नीचे बैठे थे, तभी ट्रॉली अनियंत्रित होकर पलट गई। इस हादसे में एक मजदूर की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि दूसरा गंभीर रूप से घायल हो गया। परिजन तत्काल दोनों को जिला अस्पताल लेकर पहुंचे, जहाँ डॉक्टरों ने स्वास्थ्य परीक्षण के बाद अथाई बरपटी निवासी सीताराम यादव को मृत घोषित कर दिया। वहीं, घटना में घायल चुन्नू यादव का उपचार जारी है। मृतक के भतीजे कारण यादव ने बताया कि दोनों मजदूर अस्थाई क्षेत्र से देवरान भूसा भरने गए थे। इस हादसे के बाद परिवार में मातम पसरा हुआ है। पुलिस ने शव को जिला अस्पताल के शवगृह में रखवाकर मर्ग कायम करते हुए मामले की जांच शुरू कर दी है।
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    दमोह देहात थाना क्षेत्र की सागर नाका चौकी अंतर्गत देवरान गांव में शुक्रवार-शनिवार की दरमियानी रात तेज आंधी-तूफान के दौरान एक दर्दनाक हादसा हो गया। बारिश और तेज हवा से बचने के लिए भूसा भरने गए मजदूर एक ट्रॉली के नीचे बैठे थे, तभी ट्रॉली अनियंत्रित होकर पलट गई। इस हादसे में एक मजदूर की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि दूसरा गंभीर रूप से घायल हो गया।

परिजन तत्काल दोनों को जिला अस्पताल लेकर पहुंचे, जहाँ डॉक्टरों ने स्वास्थ्य परीक्षण के बाद अथाई बरपटी निवासी सीताराम यादव को मृत घोषित कर दिया। वहीं, घटना में घायल चुन्नू यादव का उपचार जारी है। मृतक के भतीजे कारण यादव ने बताया कि दोनों मजदूर अस्थाई क्षेत्र से देवरान भूसा भरने गए थे। इस हादसे के बाद परिवार में मातम पसरा हुआ है। पुलिस ने शव को जिला अस्पताल के शवगृह में रखवाकर मर्ग कायम करते हुए मामले की जांच शुरू कर दी है।
    user_Narendra Ahirwar
    Narendra Ahirwar
    संपर्क करें. 8839675073 दन्यांतिनगर, दमोह, मध्य प्रदेश•
    8 hrs ago
  • क्षेत्र की शराब दुकानों पर नियमों को ताक पर रखकर ग्राहकों से खुलेआम लूट की जा रही है, जिसका ताजा मामला रैपुरा की रिफ्रेश शराब दुकान से सामने आया है। यहाँ प्रिंट रेट से कहीं अधिक कीमत पर शराब बेची जा रही है, जिससे ग्राहक सीधे तौर पर ठगे जा रहे हैं। प्रशासनिक अनदेखी के चलते आबकारी विभाग के नियमों की धज्जियां उड़ाई जा रही हैं और शराब ठेकेदार व उनके करिंदे ग्राहकों की जेब पर सरेआम डाका डाल रहे हैं। इस अवैध वसूली का खुलासा तब हुआ जब रैपुरा शराब दुकान पर शराब लेने पहुंचे दो जागरूक ग्राहकों ने इसका कड़ा विरोध किया। उन्होंने बताया कि दो बीयर बोतलों पर अंकित प्रिंट रेट ₹230 था, लेकिन सेल्समैन ने उनसे प्रति बोतल जबरन ₹270 वसूल किए, यानी एक बोतल पर सीधे ₹40 अतिरिक्त वसूले गए। जब ग्राहकों ने एमआरपी को लेकर आपत्ति जताई, तो दुकानदार का रवैया बेहद अड़ियल था। इस घटना के बाद स्थानीय जनता और सजग नागरिकों के बीच यह बड़ा सवाल खड़ा हो गया है कि आखिर किसकी शह पर रैपुरा में प्रिंट रेट से अधिक दाम पर शराब बेची जा रही है। यह संदेह व्यक्त किया जा रहा है कि स्थानीय प्रशासन और आबकारी विभाग को इस अवैध वसूली की भनक नहीं है, या फिर वे जानबूझकर इस पूरे खेल से आंखें मूंदे हुए हैं। दिन-दहाड़े हो रही इस ओवररेटिंग से न केवल शासन के नियमों का माखौल उड़ रहा है, बल्कि क्षेत्र के आम उपभोक्ताओं का भी आर्थिक शोषण हो रहा है। ग्रामीणों और उपभोक्ताओं ने जिला प्रशासन व आबकारी विभाग के उच्च अधिकारियों से इस मामले को गंभीरता से लेने की मांग की है। उन्होंने रैपुरा की रिफ्रेश शराब दुकान पर तत्काल औचक निरीक्षण कर जांच करने और प्रिंट रेट से अधिक पैसे वसूलने वाले ठेकेदार व सेल्समैन के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई करने की अपील की है, ताकि इस लूट पर अंकुश लगाया जा सके।
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    क्षेत्र की शराब दुकानों पर नियमों को ताक पर रखकर ग्राहकों से खुलेआम लूट की जा रही है, जिसका ताजा मामला रैपुरा की रिफ्रेश शराब दुकान से सामने आया है। यहाँ प्रिंट रेट से कहीं अधिक कीमत पर शराब बेची जा रही है, जिससे ग्राहक सीधे तौर पर ठगे जा रहे हैं। प्रशासनिक अनदेखी के चलते आबकारी विभाग के नियमों की धज्जियां उड़ाई जा रही हैं और शराब ठेकेदार व उनके करिंदे ग्राहकों की जेब पर सरेआम डाका डाल रहे हैं।

इस अवैध वसूली का खुलासा तब हुआ जब रैपुरा शराब दुकान पर शराब लेने पहुंचे दो जागरूक ग्राहकों ने इसका कड़ा विरोध किया। उन्होंने बताया कि दो बीयर बोतलों पर अंकित प्रिंट रेट ₹230 था, लेकिन सेल्समैन ने उनसे प्रति बोतल जबरन ₹270 वसूल किए, यानी एक बोतल पर सीधे ₹40 अतिरिक्त वसूले गए। जब ग्राहकों ने एमआरपी को लेकर आपत्ति जताई, तो दुकानदार का रवैया बेहद अड़ियल था।

इस घटना के बाद स्थानीय जनता और सजग नागरिकों के बीच यह बड़ा सवाल खड़ा हो गया है कि आखिर किसकी शह पर रैपुरा में प्रिंट रेट से अधिक दाम पर शराब बेची जा रही है। यह संदेह व्यक्त किया जा रहा है कि स्थानीय प्रशासन और आबकारी विभाग को इस अवैध वसूली की भनक नहीं है, या फिर वे जानबूझकर इस पूरे खेल से आंखें मूंदे हुए हैं। दिन-दहाड़े हो रही इस ओवररेटिंग से न केवल शासन के नियमों का माखौल उड़ रहा है, बल्कि क्षेत्र के आम उपभोक्ताओं का भी आर्थिक शोषण हो रहा है।

ग्रामीणों और उपभोक्ताओं ने जिला प्रशासन व आबकारी विभाग के उच्च अधिकारियों से इस मामले को गंभीरता से लेने की मांग की है। उन्होंने रैपुरा की रिफ्रेश शराब दुकान पर तत्काल औचक निरीक्षण कर जांच करने और प्रिंट रेट से अधिक पैसे वसूलने वाले ठेकेदार व सेल्समैन के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई करने की अपील की है, ताकि इस लूट पर अंकुश लगाया जा सके।
    user_Reeport 100
    Reeport 100
    Artist पटेरा, दमोह, मध्य प्रदेश•
    40 min ago
  • दमोह सिटी कोतवाली क्षेत्र अंतर्गत बड़ापुरा में शनिवार रात करीब 9 बजे शिक्षा विभाग के एक बाबू पर चाकू से हमला कर उन्हें बुरी तरह घायल कर दिया गया। घायल बाबू को इलाज के लिए दमोह जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहाँ डॉ. यशपाल और डॉ. दिव्यांशु अवस्थी ने उनका इलाज किया। प्राप्त जानकारी के अनुसार, बड़ापुरा निवासी 56 वर्षीय देवेंद्र राज, जो शिक्षा विभाग में बाबू हैं और करोड़ी लाल के पुत्र हैं, से अरविंद नामक एक व्यक्ति ने शराब के लिए पैसे मांगे थे। जब देवेंद्र राज ने पैसे देने से इनकार कर दिया, तो आरोपी अरविंद ने उन पर चाकू से हमला कर दिया, जिससे वे गंभीर रूप से घायल हो गए। घटना की सूचना मिलते ही सिटी कोतवाली से मनीष कुमार, एएसआई अलजार सिंह सहित पुलिस बल मौके पर पहुंचा। पुलिस ने घायल के बयान दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी है और आरोपी अरविंद की तलाश कर रही है।
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    दमोह सिटी कोतवाली क्षेत्र अंतर्गत बड़ापुरा में शनिवार रात करीब 9 बजे शिक्षा विभाग के एक बाबू पर चाकू से हमला कर उन्हें बुरी तरह घायल कर दिया गया। घायल बाबू को इलाज के लिए दमोह जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहाँ डॉ. यशपाल और डॉ. दिव्यांशु अवस्थी ने उनका इलाज किया।

प्राप्त जानकारी के अनुसार, बड़ापुरा निवासी 56 वर्षीय देवेंद्र राज, जो शिक्षा विभाग में बाबू हैं और करोड़ी लाल के पुत्र हैं, से अरविंद नामक एक व्यक्ति ने शराब के लिए पैसे मांगे थे। जब देवेंद्र राज ने पैसे देने से इनकार कर दिया, तो आरोपी अरविंद ने उन पर चाकू से हमला कर दिया, जिससे वे गंभीर रूप से घायल हो गए।

घटना की सूचना मिलते ही सिटी कोतवाली से मनीष कुमार, एएसआई अलजार सिंह सहित पुलिस बल मौके पर पहुंचा। पुलिस ने घायल के बयान दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी है और आरोपी अरविंद की तलाश कर रही है।
    user_भगवत सिंह लोधी पत्रकार
    भगवत सिंह लोधी पत्रकार
    जनता की आवाज़ Jabera, Damoh•
    8 hrs ago
  • आज तेजगढ़ स्थित श्री पार्श्वनाथ दिगम्बर जैन मंदिर में अचानक बड़ी संख्या में लोग इकट्ठा हो गए। वहाँ उपस्थित भक्तों ने देखा कि मंदिर की प्रतिमा पर स्वयं ही अभिषेक हो रहा था, जिससे वे आश्चर्यचकित रह गए और तुरंत जयकारे लगाने लगे। इस अद्भुत घटना को देखकर लोगों में उत्साह भर गया, जैसा कि पोस्ट में कहा गया है कि यह एक ऐसा 'चमत्कार' है जिसे सुना तो सबने होगा, पर आज आँखों से देखा गया।
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    आज तेजगढ़ स्थित श्री पार्श्वनाथ दिगम्बर जैन मंदिर में अचानक बड़ी संख्या में लोग इकट्ठा हो गए। वहाँ उपस्थित भक्तों ने देखा कि मंदिर की प्रतिमा पर स्वयं ही अभिषेक हो रहा था, जिससे वे आश्चर्यचकित रह गए और तुरंत जयकारे लगाने लगे। इस अद्भुत घटना को देखकर लोगों में उत्साह भर गया, जैसा कि पोस्ट में कहा गया है कि यह एक ऐसा 'चमत्कार' है जिसे सुना तो सबने होगा, पर आज आँखों से देखा गया।
    user_Akhlesh jain Reportar
    Akhlesh jain Reportar
    Salesperson देवरी, सागर, मध्य प्रदेश•
    10 hrs ago
  • दमोह के दन्यांतिनगर में राममलन यादव महाराज नामक व्यक्ति ने परिवार होने के बावजूद साधु बनने का निर्णय लिया है। उन्होंने बताया कि उनके बच्चे, बेटी और पूरा परिवार है, लेकिन उन्होंने यह कदम उठाया है। साधु बनने की वजह पूछने पर राममलन यादव महाराज ने स्पष्ट किया कि इसकी कोई खास वजह नहीं है, बल्कि यह उन्होंने अपनी खुशी के लिए किया। उन्होंने बताया कि उनके मन में विचार आया कि वे साधु बनें और उन्हें अपने इस कृत्य पर कोई दुख नहीं है। उनके अनुसार, अगर कहीं और होता तो हो सकता था कि पाप हो जाए या हो गया हो, जिससे मोक्ष न मिले। उनके दिमाग में आया कि वे अब इस (सांसारिक जीवन को) नहीं रखना चाहते। राममलन यादव महाराज ने यह भी कहा कि उनके साथ सभी माताएं, बहनें और भाई हैं, और अब वे भगवान का भजन करेंगे और अपनी मुक्ति सुधारेंगे।
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    दमोह के दन्यांतिनगर में राममलन यादव महाराज नामक व्यक्ति ने परिवार होने के बावजूद साधु बनने का निर्णय लिया है। उन्होंने बताया कि उनके बच्चे, बेटी और पूरा परिवार है, लेकिन उन्होंने यह कदम उठाया है।

साधु बनने की वजह पूछने पर राममलन यादव महाराज ने स्पष्ट किया कि इसकी कोई खास वजह नहीं है, बल्कि यह उन्होंने अपनी खुशी के लिए किया। उन्होंने बताया कि उनके मन में विचार आया कि वे साधु बनें और उन्हें अपने इस कृत्य पर कोई दुख नहीं है। उनके अनुसार, अगर कहीं और होता तो हो सकता था कि पाप हो जाए या हो गया हो, जिससे मोक्ष न मिले। उनके दिमाग में आया कि वे अब इस (सांसारिक जीवन को) नहीं रखना चाहते। राममलन यादव महाराज ने यह भी कहा कि उनके साथ सभी माताएं, बहनें और भाई हैं, और अब वे भगवान का भजन करेंगे और अपनी मुक्ति सुधारेंगे।
    user_नीलेश विश्वकर्मा
    नीलेश विश्वकर्मा
    Voice of people दन्यांतिनगर, दमोह, मध्य प्रदेश•
    12 hrs ago
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