क्षेत्र की शराब दुकानों पर नियमों को ताक पर रखकर ग्राहकों से खुलेआम लूट की जा रही है, जिसका ताजा मामला रैपुरा की रिफ्रेश शराब दुकान से सामने आया है। यहाँ प्रिंट रेट से कहीं अधिक कीमत पर शराब बेची जा रही है, जिससे ग्राहक सीधे तौर पर ठगे जा रहे हैं। प्रशासनिक अनदेखी के चलते आबकारी विभाग के नियमों की धज्जियां उड़ाई जा रही हैं और शराब ठेकेदार व उनके करिंदे ग्राहकों की जेब पर सरेआम डाका डाल रहे हैं। इस अवैध वसूली का खुलासा तब हुआ जब रैपुरा शराब दुकान पर शराब लेने पहुंचे दो जागरूक ग्राहकों ने इसका कड़ा विरोध किया। उन्होंने बताया कि दो बीयर बोतलों पर अंकित प्रिंट रेट ₹230 था, लेकिन सेल्समैन ने उनसे प्रति बोतल जबरन ₹270 वसूल किए, यानी एक बोतल पर सीधे ₹40 अतिरिक्त वसूले गए। जब ग्राहकों ने एमआरपी को लेकर आपत्ति जताई, तो दुकानदार का रवैया बेहद अड़ियल था। इस घटना के बाद स्थानीय जनता और सजग नागरिकों के बीच यह बड़ा सवाल खड़ा हो गया है कि आखिर किसकी शह पर रैपुरा में प्रिंट रेट से अधिक दाम पर शराब बेची जा रही है। यह संदेह व्यक्त किया जा रहा है कि स्थानीय प्रशासन और आबकारी विभाग को इस अवैध वसूली की भनक नहीं है, या फिर वे जानबूझकर इस पूरे खेल से आंखें मूंदे हुए हैं। दिन-दहाड़े हो रही इस ओवररेटिंग से न केवल शासन के नियमों का माखौल उड़ रहा है, बल्कि क्षेत्र के आम उपभोक्ताओं का भी आर्थिक शोषण हो रहा है। ग्रामीणों और उपभोक्ताओं ने जिला प्रशासन व आबकारी विभाग के उच्च अधिकारियों से इस मामले को गंभीरता से लेने की मांग की है। उन्होंने रैपुरा की रिफ्रेश शराब दुकान पर तत्काल औचक निरीक्षण कर जांच करने और प्रिंट रेट से अधिक पैसे वसूलने वाले ठेकेदार व सेल्समैन के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई करने की अपील की है, ताकि इस लूट पर अंकुश लगाया जा सके।
क्षेत्र की शराब दुकानों पर नियमों को ताक पर रखकर ग्राहकों से खुलेआम लूट की जा रही है, जिसका ताजा मामला रैपुरा की रिफ्रेश शराब दुकान से सामने आया है। यहाँ प्रिंट रेट से कहीं अधिक कीमत पर शराब बेची जा रही है, जिससे ग्राहक सीधे तौर पर ठगे जा रहे हैं। प्रशासनिक अनदेखी के चलते आबकारी विभाग के नियमों की धज्जियां उड़ाई जा रही हैं और शराब ठेकेदार व उनके करिंदे ग्राहकों की जेब पर सरेआम डाका डाल रहे हैं। इस अवैध वसूली का खुलासा तब हुआ जब रैपुरा शराब दुकान पर शराब लेने पहुंचे दो जागरूक ग्राहकों ने इसका कड़ा विरोध किया। उन्होंने बताया कि दो बीयर बोतलों पर अंकित प्रिंट रेट ₹230 था, लेकिन सेल्समैन ने उनसे प्रति बोतल जबरन ₹270 वसूल किए, यानी एक बोतल पर सीधे ₹40 अतिरिक्त वसूले गए। जब ग्राहकों ने एमआरपी को लेकर आपत्ति जताई, तो दुकानदार का रवैया बेहद अड़ियल था। इस घटना के बाद स्थानीय जनता और सजग नागरिकों के बीच यह बड़ा सवाल खड़ा हो गया है कि आखिर किसकी शह पर रैपुरा में प्रिंट रेट से अधिक दाम पर शराब बेची जा रही है। यह संदेह व्यक्त किया जा रहा है कि स्थानीय प्रशासन और आबकारी विभाग को इस अवैध वसूली की भनक नहीं है, या फिर वे जानबूझकर इस पूरे खेल से आंखें मूंदे हुए हैं। दिन-दहाड़े हो रही इस ओवररेटिंग से न केवल शासन के नियमों का माखौल उड़ रहा है, बल्कि क्षेत्र के आम उपभोक्ताओं का भी आर्थिक शोषण हो रहा है। ग्रामीणों और उपभोक्ताओं ने जिला प्रशासन व आबकारी विभाग के उच्च अधिकारियों से इस मामले को गंभीरता से लेने की मांग की है। उन्होंने रैपुरा की रिफ्रेश शराब दुकान पर तत्काल औचक निरीक्षण कर जांच करने और प्रिंट रेट से अधिक पैसे वसूलने वाले ठेकेदार व सेल्समैन के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई करने की अपील की है, ताकि इस लूट पर अंकुश लगाया जा सके।
- क्षेत्र की शराब दुकानों पर नियमों को ताक पर रखकर ग्राहकों से खुलेआम लूट की जा रही है, जिसका ताजा मामला रैपुरा की रिफ्रेश शराब दुकान से सामने आया है। यहाँ प्रिंट रेट से कहीं अधिक कीमत पर शराब बेची जा रही है, जिससे ग्राहक सीधे तौर पर ठगे जा रहे हैं। प्रशासनिक अनदेखी के चलते आबकारी विभाग के नियमों की धज्जियां उड़ाई जा रही हैं और शराब ठेकेदार व उनके करिंदे ग्राहकों की जेब पर सरेआम डाका डाल रहे हैं। इस अवैध वसूली का खुलासा तब हुआ जब रैपुरा शराब दुकान पर शराब लेने पहुंचे दो जागरूक ग्राहकों ने इसका कड़ा विरोध किया। उन्होंने बताया कि दो बीयर बोतलों पर अंकित प्रिंट रेट ₹230 था, लेकिन सेल्समैन ने उनसे प्रति बोतल जबरन ₹270 वसूल किए, यानी एक बोतल पर सीधे ₹40 अतिरिक्त वसूले गए। जब ग्राहकों ने एमआरपी को लेकर आपत्ति जताई, तो दुकानदार का रवैया बेहद अड़ियल था। इस घटना के बाद स्थानीय जनता और सजग नागरिकों के बीच यह बड़ा सवाल खड़ा हो गया है कि आखिर किसकी शह पर रैपुरा में प्रिंट रेट से अधिक दाम पर शराब बेची जा रही है। यह संदेह व्यक्त किया जा रहा है कि स्थानीय प्रशासन और आबकारी विभाग को इस अवैध वसूली की भनक नहीं है, या फिर वे जानबूझकर इस पूरे खेल से आंखें मूंदे हुए हैं। दिन-दहाड़े हो रही इस ओवररेटिंग से न केवल शासन के नियमों का माखौल उड़ रहा है, बल्कि क्षेत्र के आम उपभोक्ताओं का भी आर्थिक शोषण हो रहा है। ग्रामीणों और उपभोक्ताओं ने जिला प्रशासन व आबकारी विभाग के उच्च अधिकारियों से इस मामले को गंभीरता से लेने की मांग की है। उन्होंने रैपुरा की रिफ्रेश शराब दुकान पर तत्काल औचक निरीक्षण कर जांच करने और प्रिंट रेट से अधिक पैसे वसूलने वाले ठेकेदार व सेल्समैन के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई करने की अपील की है, ताकि इस लूट पर अंकुश लगाया जा सके।1
- दमोह में महेंद्र लोधी द्वारा फांसी लगाए जाने के बाद हुए प्रदर्शन के 48 दिन बीत जाने के बावजूद जांच रिपोर्ट सामने न आने से OBC महासभा ने गहरा आक्रोश व्यक्त किया है। संगठन ने प्रशासन और नेताओं पर गंभीर आरोप लगाए हैं, चेतावनी दी है कि वे एक बड़े आंदोलन की तैयारी कर रहे हैं। दरअसल, महेंद्र लोधी के फांसी लगाने के उपरांत 11 फरवरी 2026 को बड़ी संख्या में लोगों ने कलेक्टर परिसर में प्रदर्शन किया था। इस आंदोलन के बाद, आंदोलनकारियों पर ST SC ACT के तहत FIR दर्ज की गई थी। इसके जवाब में, OBC महासभा ने 28 फरवरी को आंदोलन करने की चेतावनी दी थी, जिसके दबाव में एक विशेष जांच दल (SIT) का गठन किया गया था और उसे 15 दिन का समय दिया गया था। हालाँकि, संगठन का दावा है कि 48 दिन बीत जाने पर भी जांच रिपोर्ट सार्वजनिक नहीं की गई है, जो प्रशासन के लचर रवैये को दर्शाता है। OBC महासभा ने कलेक्टर ऑफिस दमोह से मांग की है कि जांच रिपोर्ट को सार्वजनिक किया जाए और उन दोषियों पर कार्यवाही हो, जिन्होंने कुछ पत्रकार और उपद्रवी बनकर आंदोलन को विफल करने का षड्यंत्र रचा था। संगठन के अनुसार, उनके पास इस षड्यंत्र के वीडियो, फोटो और रिकॉर्डिंग जैसे पुख्ता सबूत हैं। उन्होंने आरोप लगाया है कि फर्जी ST SC ACT लगाकर OBC समाज के क्रांतिकारियों को फंसाया जा रहा है, जिससे पिछड़ा वर्ग को ST SC ACT के खिलाफ खड़ा किया जा सके। संगठन ने स्पष्ट किया है कि यह कोई मामूली मामला नहीं है और प्रशासन व नेताओं ने इस मामले में "कितनी बड़ी भूल" की है। अब "अति हो रही है" और OBC महासभा को "मजबूर किया जा रहा है"। संगठन ने चेतावनी दी है कि वे 28 फरवरी को होने वाले आंदोलन से 10 गुना बड़ा आंदोलन करेंगे, जिसकी तारीख दो दिन में तय कर दी जाएगी। उन्हें उम्मीद है कि अगले दो दिन में रिपोर्ट प्रदर्शित कर दी जाएगी। संगठन ने 'जय संविधान जय भारत जोहार इंकलाब जिंदाबाद' के नारे के साथ अपनी प्रतिबद्धता दोहराई है।1
- दमोह देहात थाना क्षेत्र की सागर नाका चौकी अंतर्गत देवरान गांव में शुक्रवार-शनिवार की दरमियानी रात तेज आंधी-तूफान के दौरान एक दर्दनाक हादसा हो गया। बारिश और तेज हवा से बचने के लिए भूसा भरने गए मजदूर एक ट्रॉली के नीचे बैठे थे, तभी ट्रॉली अनियंत्रित होकर पलट गई। इस हादसे में एक मजदूर की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि दूसरा गंभीर रूप से घायल हो गया। परिजन तत्काल दोनों को जिला अस्पताल लेकर पहुंचे, जहाँ डॉक्टरों ने स्वास्थ्य परीक्षण के बाद अथाई बरपटी निवासी सीताराम यादव को मृत घोषित कर दिया। वहीं, घटना में घायल चुन्नू यादव का उपचार जारी है। मृतक के भतीजे कारण यादव ने बताया कि दोनों मजदूर अस्थाई क्षेत्र से देवरान भूसा भरने गए थे। इस हादसे के बाद परिवार में मातम पसरा हुआ है। पुलिस ने शव को जिला अस्पताल के शवगृह में रखवाकर मर्ग कायम करते हुए मामले की जांच शुरू कर दी है।1
- दमोह सिटी कोतवाली क्षेत्र अंतर्गत बड़ापुरा में शनिवार रात करीब 9 बजे शिक्षा विभाग के एक बाबू पर चाकू से हमला कर उन्हें बुरी तरह घायल कर दिया गया। घायल बाबू को इलाज के लिए दमोह जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहाँ डॉ. यशपाल और डॉ. दिव्यांशु अवस्थी ने उनका इलाज किया। प्राप्त जानकारी के अनुसार, बड़ापुरा निवासी 56 वर्षीय देवेंद्र राज, जो शिक्षा विभाग में बाबू हैं और करोड़ी लाल के पुत्र हैं, से अरविंद नामक एक व्यक्ति ने शराब के लिए पैसे मांगे थे। जब देवेंद्र राज ने पैसे देने से इनकार कर दिया, तो आरोपी अरविंद ने उन पर चाकू से हमला कर दिया, जिससे वे गंभीर रूप से घायल हो गए। घटना की सूचना मिलते ही सिटी कोतवाली से मनीष कुमार, एएसआई अलजार सिंह सहित पुलिस बल मौके पर पहुंचा। पुलिस ने घायल के बयान दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी है और आरोपी अरविंद की तलाश कर रही है।1
- कटनी जिले के रीठी थाना क्षेत्र के ग्राम अमगवां से कानून व्यवस्था पर सवाल उठाता एक संवेदनशील मामला सामने आया है, जहाँ एक अपाहिज किसान रामकिशोर पिछले दो महीनों से न्याय की गुहार लगाने के लिए रीठी थाने और पुलिस अधीक्षक (एसपी) कार्यालय के चक्कर काटने को मजबूर है। शारीरिक रूप से अक्षम होने के कारण यह पीड़ित किसान दूसरों के कंधों पर सवार होकर पुलिस के आला अफसरों तक पहुँच रहा है, लेकिन रीठी पुलिस पर कोई कार्रवाई न करने का आरोप है। शुक्रवार को पीड़ित किसान रामकिशोर एक बार फिर एसपी कार्यालय पहुँचा और अपनी आपबीती सुनाते हुए स्थानीय पुलिस पर गंभीर आरोप लगाए। उसका कहना है कि बीते 8 अप्रैल 2026 की रात करीब 10:30 बजे, पुरानी रंजिश और एक सोची-समझी साजिश के तहत गांव के ही 14 रसूखदार दबंग लाठी, डंडे, लोहे की रॉड और कुल्हाड़ी जैसे जानलेवा हथियारों से लैस होकर उसके घर में घुस आए और जान से मारने की नीयत से उस पर और उसके पूरे परिवार पर हमला किया। हमलावरों में मिल्लूलाल उर्फ बंधा, शंकर कुशवाहा, राघवेंद्र, सुखलाल बर्मन, राहुल बंशकार, धर्मेंद्र, एकलव्य, शनि, लक्ष्मीकांत, सुकल, वर्षा, कमलेश बाई, बल्लू और तेजीलाल शामिल थे। किसान रामकिशोर का आरोप है कि इस हमले में उसकी बेटियों के हाथ टूट गए और परिवार के कई सदस्य घायल हुए। घटना के तुरंत बाद रीठी थाने में लिखित शिकायत दर्ज कराई गई थी, लेकिन स्थानीय पुलिस ने मामले को पूरी तरह ठंडे बस्ते में डाल दिया। पुलिस ने न तो आरोपियों के खिलाफ उचित और कड़ी धाराओं में मुकदमा दर्ज किया और न ही उनकी गिरफ्तारी के लिए कोई ठोस कदम उठाया, जिसके चलते सभी 14 आरोपी आज भी खुलेआम घूम रहे हैं और केस वापस न लेने पर उन्हें जान से मारने की धमकी दे रहे हैं। पीड़ित परिवार अब खौफ के साये में अपने ही घर में जीने को मजबूर है। स्थानीय रीठी पुलिस की इस हीलाहवाली से निराश होकर, रामकिशोर ने पुलिस अधीक्षक से मांग की है कि इस पूरे मामले की किसी निष्पक्ष अधिकारी से जांच कराई जाए और आरोपियों के खिलाफ साधारण धाराओं के बजाय 'हत्या के प्रयास' (अटेम्प्ट टू मर्डर) का मामला दर्ज किया जाए। इस संबंध में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक डॉ. संतोष कुमार डेहरिया ने बताया कि यह भूमि विवाद का मामला था, जिसमें दोनों पक्षों की ओर से प्राथमिकी (FIR) दर्ज कर ली गई है। उन्होंने कहा कि अभी मेडिकल रिपोर्ट आनी बाकी है और डॉक्टरों की रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।1
- दमोह जिले के हटा में एमएलबी रोड की मुख्य सड़क पर एक पानी की पाइपलाइन में लीकेज के कारण लगातार पानी बह रहा है। इस समस्या से सड़क से आने-जाने वाले यात्रियों के साथ-साथ दुकानदारों को भी भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। स्थानीय लोगों ने इस लीकेज का एक वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर वायरल कर दिया है। उन्होंने संबंधित जिम्मेदारों से जल्द से जल्द इस समस्या को ठीक करने की गुहार लगाई है। पाइपलाइन लीकेज के कारण सड़कों पर बह रहे इस पानी के बावजूद, जिम्मेदार अधिकारी बेखबर बने हुए हैं।1
- मध्यप्रदेश में लाडली बहना योजना पर करोड़ों रुपए पानी की तरह बहाए जा रहे हैं। इसी राज्य के बुरहानपुर जिले में लोग पानी के लिए संघर्ष कर रहे हैं, जो इस योजना पर हो रहे भारी भरकम खर्च के विपरीत एक गंभीर जमीनी हकीकत को दर्शाता है।1