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महुआ मौसम में बढ़ा खतरा: जंगलों में दिख रहे जंगली जानवर, वन विभाग ने जारी की चेतावनी महुआ मौसम में बढ़ा खतरा: जंगलों में दिख रहे जंगली जानवर, वन विभाग ने जारी की चेतावनी चैनपुर अनुमंडल क्षेत्र के चैनपुर, डुमरी एवं जारी प्रखंड के विभिन्न गांवों के आसपास स्थित जंगलों में इन दिनों हाथी, भालू, लोमड़ी समेत कई जंगली जानवरों की गतिविधि बढ़ गई है। स्थानीय ग्रामीणों के अनुसार पिछले कुछ दिनों से लगातार जंगली जानवरों की आवाजाही देखी जा रही है, जिससे ग्रामीणों में भय का माहौल बना हुआ है। वर्तमान समय महुआ गिरने का मौसम होने के कारण बड़ी संख्या में ग्रामीण सुबह और देर रात जंगलों में महुआ चुनने जाते हैं। ऐसे में जंगली जानवरों के हमले का खतरा काफी बढ़ गया है। विशेष रूप से हाथी और भालू के अचानक सामने आने की संभावना बनी रहती है, जो जानलेवा साबित हो सकती है। जानकारी देते हुए दोपहर एक बजे वन क्षेत्रपाल जगदीश राम ने बताया कि जंगल क्षेत्र में जंगली जानवरों की सक्रियता बढ़ी हुई है। उन्होंने ग्रामीणों से अपील करते हुए कहा कि रात के समय जंगल जाने से यथासंभव बचें। यदि जंगल जाना जरूरी हो तो अकेले न जाएं, बल्कि समूह में और पूरी सावधानी के साथ ही जाएं। उन्होंने यह भी कहा कि किसी जंगली जानवर का सामना होने पर घबराकर शोर-शराबा या हल्ला-गुल्ला न करें, क्योंकि इससे जानवर आक्रामक हो सकते हैं। ऐसी स्थिति में शांत रहते हुए धीरे-धीरे सुरक्षित दूरी बनाएं तथा तुरंत वन विभाग को सूचना दें। वन विभाग ने ग्रामीणों से सहयोग की अपील करते हुए कहा है कि सतर्कता, संयम और सावधानी ही महुआ मौसम में सबसे बड़ा बचाव है, जिससे किसी भी अप्रिय घटना से बचा जा सके।

4 hrs ago
user_चैनपुर अपडेट
चैनपुर अपडेट
Classified ads newspaper publisher चैनपुर, गुमला, झारखंड•
4 hrs ago

महुआ मौसम में बढ़ा खतरा: जंगलों में दिख रहे जंगली जानवर, वन विभाग ने जारी की चेतावनी महुआ मौसम में बढ़ा खतरा: जंगलों में दिख रहे जंगली जानवर, वन विभाग ने जारी की चेतावनी चैनपुर अनुमंडल क्षेत्र के चैनपुर, डुमरी एवं जारी प्रखंड के विभिन्न गांवों के आसपास स्थित जंगलों में इन दिनों हाथी, भालू, लोमड़ी समेत कई जंगली जानवरों की गतिविधि बढ़ गई है। स्थानीय ग्रामीणों के अनुसार पिछले कुछ दिनों से लगातार जंगली जानवरों की आवाजाही देखी जा रही है, जिससे ग्रामीणों में भय का माहौल बना हुआ है। वर्तमान समय महुआ गिरने का मौसम होने के कारण बड़ी संख्या में ग्रामीण सुबह और देर रात जंगलों में महुआ चुनने जाते हैं। ऐसे में जंगली जानवरों के हमले का खतरा काफी बढ़ गया है। विशेष रूप से हाथी और भालू के अचानक सामने आने की संभावना बनी रहती है, जो जानलेवा साबित हो सकती है। जानकारी देते हुए दोपहर एक बजे वन क्षेत्रपाल जगदीश राम ने बताया कि जंगल क्षेत्र में जंगली जानवरों की सक्रियता बढ़ी हुई है। उन्होंने ग्रामीणों से अपील करते हुए कहा कि रात के समय जंगल जाने से यथासंभव बचें। यदि जंगल जाना जरूरी हो तो अकेले न जाएं, बल्कि समूह में और पूरी सावधानी के साथ ही जाएं। उन्होंने यह भी कहा कि किसी जंगली जानवर का सामना होने पर घबराकर शोर-शराबा या हल्ला-गुल्ला न करें, क्योंकि इससे जानवर आक्रामक हो सकते हैं। ऐसी स्थिति में शांत रहते हुए धीरे-धीरे सुरक्षित दूरी बनाएं तथा तुरंत वन विभाग को सूचना दें। वन विभाग ने ग्रामीणों से सहयोग की अपील करते हुए कहा है कि सतर्कता, संयम और सावधानी ही महुआ मौसम में सबसे बड़ा बचाव है, जिससे किसी भी अप्रिय घटना से बचा जा सके।

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  • गुमला: झारखण्ड विधान सभा की सामान्य प्रयोजन समिति का दो दिवसीय गुमला जिला परिभ्रमण कार्यक्रम शनिवार से शुरू हुआ, जिसके तहत आज परिसदन, गुमला में उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता समिति के अध्यक्ष सत्येंद्र नाथ तिवारी( विधायक गढ़वा) ने की। इस दौरान समिति के सदस्य मंगल कालिंदी( विधायक जुगसलाई) एवं रोशन लाल चौधरी( बड़का गांव) भी उपस्थित रहे। बैठक में विभिन्न विभागों के वरीय पदाधिकारियों के साथ राज्य सरकार की प्रमुख योजनाओं, उनके क्रियान्वयन की स्थिति तथा जमीनी स्तर पर आ रही चुनौतियों की व्यापक समीक्षा की गई। समिति ने कहा कि योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पारदर्शी एवं समयबद्ध तरीके से पहुँचना सुनिश्चित किया जाए। शिक्षा विभाग की समीक्षा के दौरान निजी विद्यालयों में आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के बच्चों के नामांकन की स्थिति पर विशेष जोर दिया गया। समिति ने निर्देश दिया कि बीपीएल कोटे के अंतर्गत निर्धारित सीटों पर नामांकन प्रक्रिया पारदर्शी ढंग से पूरी हो तथा पात्र परिवारों विशेषकर वार्षिक आय ₹75,000 से कम वाले को किसी प्रकार की बाधा का सामना न करना पड़े। विगत दो वर्षों में हुए नामांकन का विस्तृत प्रतिवेदन प्रस्तुत करने को कहा गया। कौशल विकास के तहत बैंक ऑफ इंडिया द्वारा संचालित RSETI प्रशिक्षण कार्यक्रम की प्रगति की समीक्षा की। उन्होंने पिछले बैच के प्रशिक्षित लाभुकों की सूची उपलब्ध कराने तथा प्रशिक्षण की गुणवत्ता एवं परिणामों की जांच के लिए समिति गठित करने का निर्देश दिया गया। अंचल प्रशासन से जुड़े मामलों में जनता दरबार के लंबित आवेदनों पर चिंता जताते हुए समिति ने कारणों की गहन समीक्षा कर शीघ्र निष्पादन सुनिश्चित करने को कहा। तकनीकी कारणों से लंबित मामलों के समाधान के लिए भी ठोस पहल करने पर बल दिया गया। भवन निर्माण विभाग के कार्यों की समीक्षा में लंबित परियोजनाओं पर नाराजगी जताई गई। समिति ने पूर्ण हो चुके भवनों के उपयोग, उद्घाटन एवं उनकी भौतिक स्थिति की जांच कराने के निर्देश दिए, ताकि संसाधनों का समुचित उपयोग सुनिश्चित हो सके। PMFME , PMEGP योजना एवं विश्वकर्मा कौशल सम्मान योजना की समीक्षा के दौरान वित्तीय वितरण (डिस्बर्समेंट) में आ रही बाधाओं पर विशेष ध्यान दिया गया। समिति ने पिछले दो वर्षों की प्रगति रिपोर्ट मांगी और लक्ष्य के अनुरूप उपलब्धि सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। वन विभाग के तहत वृक्षारोपण कार्यों की जमीनी सत्यापन की आवश्यकता पर बल देते हुए पिछले तीन वर्षों का विस्तृत विवरण प्रस्तुत करने को कहा गया। सड़क निर्माण से जुड़े विभागों—विशेषकर पथ निर्माण एवं ग्रामीण सड़क निर्माण विभाग—की समीक्षा में धीमी प्रगति पर चिंता व्यक्त की गई। समिति ने लंबित सड़कों की सूची उपलब्ध कराने, कार्य में तेजी लाने तथा भूमि अधिग्रहण एवं मुआवजा भुगतान से जुड़े मामलों को प्राथमिकता से सुलझाने के निर्देश दिए। जल जीवन मिशन के तहत संचालित योजनाओं की समीक्षा करते हुए पेयजल आपूर्ति की स्थिति एवं भौतिक प्रगति की विस्तृत जानकारी ली गई। ग्रामीण विकास, विशेष प्रमंडल एवं जिला योजना से संबंधित योजनाओं की प्रगति का भी परीक्षण किया गया। खनन क्षेत्रों में पर्यावरणीय प्रभावों को लेकर समिति ने गंभीर रुख अपनाते हुए गड्ढों के भराव, भूमि के पुनर्वास एवं वृक्षारोपण कार्यों की समीक्षा की। 15 दिनों के भीतर विस्तृत जांच रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए तथा संबंधित स्थलों का निरीक्षण करने की बात कही गई। कृषि एवं सहकारिता विभाग के अंतर्गत किसान क्रेडिट कार्ड की प्रगति की समीक्षा की गई। वहीं परिवहन विभाग द्वारा राजस्व संग्रहण की स्थिति एवं स्वास्थ्य विभाग के अंतर्गत PM-ABHIM योजना की प्रगति की भी जानकारी ली गई। श्रम विभाग की समीक्षा में अनाधिकृत श्रमिक पलायन के मुद्दे पर चिंता व्यक्त करते हुए निगरानी तंत्र को सुदृढ़ करने तथा पुनर्वास योजनाओं का लाभ सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। मत्स्य विभाग अंतर्गत विभिन्न योजनाओं की अद्यतन स्थिति की समीक्षा की गई। खेल विभाग की समीक्षा के दौरान खेल अधोसंरचना के विकास पर चर्चा की गई। बताया गया कि पालकोट प्रखंड को छोड़कर अन्य सभी प्रखंडों में खेल मैदान उपलब्ध हैं, जिस पर समिति ने शेष क्षेत्रों में भी सुविधाएं विकसित करने की आवश्यकता जताई। राष्ट्रीय राजमार्ग परियोजनाओं की समीक्षा में वित्तीय प्रगति, भूमि अधिग्रहण एवं भुगतान से जुड़े मुद्दों पर विस्तार से चर्चा की गई। बैठक में उप विकास आयुक्त, डीसीएलआर गुमला , जिला भू-अर्जन पदाधिकारी सहित विभिन्न विभागों के वरीय अधिकारी उपस्थित रहे। समिति के सदस्यों ने स्पष्ट किया कि दो दिवसीय भ्रमण के दौरान प्राप्त प्रतिवेदनों के आधार पर स्थलीय निरीक्षण किया जाएगा, ताकि योजनाओं की वास्तविक स्थिति का आकलन किया जा सके। कार्यक्रम के दूसरे दिन, 29 मार्च 2026 को प्रातः 9:00 बजे पुनः बैठक आयोजित कर शेष विभागों की समीक्षा की जाएगी।
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    गुमला: झारखण्ड विधान सभा की सामान्य प्रयोजन समिति का दो दिवसीय गुमला जिला परिभ्रमण कार्यक्रम शनिवार से शुरू हुआ, जिसके तहत आज परिसदन, गुमला में उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता समिति के अध्यक्ष सत्येंद्र नाथ तिवारी( विधायक गढ़वा) ने की। इस दौरान समिति के सदस्य मंगल कालिंदी( विधायक जुगसलाई) एवं रोशन लाल चौधरी( बड़का गांव) भी उपस्थित रहे।
बैठक में विभिन्न विभागों के वरीय पदाधिकारियों के साथ राज्य सरकार की प्रमुख योजनाओं, उनके क्रियान्वयन की स्थिति तथा जमीनी स्तर पर आ रही चुनौतियों की व्यापक समीक्षा की गई। समिति ने कहा कि योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पारदर्शी एवं समयबद्ध तरीके से पहुँचना सुनिश्चित किया जाए।
शिक्षा विभाग की समीक्षा के दौरान निजी विद्यालयों में आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के बच्चों के नामांकन की स्थिति पर विशेष जोर दिया गया। समिति ने निर्देश दिया कि बीपीएल कोटे के अंतर्गत निर्धारित सीटों पर नामांकन प्रक्रिया पारदर्शी ढंग से पूरी हो तथा पात्र परिवारों विशेषकर वार्षिक आय ₹75,000 से कम वाले को किसी प्रकार की बाधा का सामना न करना पड़े। विगत दो वर्षों में हुए नामांकन का विस्तृत प्रतिवेदन प्रस्तुत करने को कहा गया।
कौशल विकास के तहत बैंक ऑफ इंडिया द्वारा संचालित RSETI प्रशिक्षण कार्यक्रम की प्रगति की समीक्षा की। उन्होंने पिछले बैच के प्रशिक्षित लाभुकों की सूची उपलब्ध कराने तथा प्रशिक्षण की गुणवत्ता एवं परिणामों की जांच के लिए समिति गठित करने का निर्देश दिया गया।
अंचल प्रशासन से जुड़े मामलों में जनता दरबार के लंबित आवेदनों पर चिंता जताते हुए समिति ने कारणों की गहन समीक्षा कर शीघ्र निष्पादन सुनिश्चित करने को कहा। तकनीकी कारणों से लंबित मामलों के समाधान के लिए भी ठोस पहल करने पर बल दिया गया।
भवन निर्माण विभाग के कार्यों की समीक्षा में लंबित परियोजनाओं पर नाराजगी जताई गई। समिति ने पूर्ण हो चुके भवनों के उपयोग, उद्घाटन एवं उनकी भौतिक स्थिति की जांच कराने के निर्देश दिए, ताकि संसाधनों का समुचित उपयोग सुनिश्चित हो सके।
PMFME , PMEGP योजना एवं विश्वकर्मा कौशल सम्मान योजना की समीक्षा के दौरान वित्तीय वितरण (डिस्बर्समेंट) में आ रही बाधाओं पर विशेष ध्यान दिया गया। समिति ने पिछले दो वर्षों की प्रगति रिपोर्ट मांगी और लक्ष्य के अनुरूप उपलब्धि सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
वन विभाग के तहत वृक्षारोपण कार्यों की जमीनी सत्यापन की आवश्यकता पर बल देते हुए पिछले तीन वर्षों का विस्तृत विवरण प्रस्तुत करने को कहा गया।
सड़क निर्माण से जुड़े विभागों—विशेषकर पथ निर्माण एवं ग्रामीण सड़क निर्माण विभाग—की समीक्षा में धीमी प्रगति पर चिंता व्यक्त की गई। समिति ने लंबित सड़कों की सूची उपलब्ध कराने, कार्य में तेजी लाने तथा भूमि अधिग्रहण एवं मुआवजा भुगतान से जुड़े मामलों को प्राथमिकता से सुलझाने के निर्देश दिए।
जल जीवन मिशन के तहत संचालित योजनाओं की समीक्षा करते हुए पेयजल आपूर्ति की स्थिति एवं भौतिक प्रगति की विस्तृत जानकारी ली गई। ग्रामीण विकास, विशेष प्रमंडल एवं जिला योजना से संबंधित योजनाओं की प्रगति का भी परीक्षण किया गया।
खनन क्षेत्रों में पर्यावरणीय प्रभावों को लेकर समिति ने गंभीर रुख अपनाते हुए गड्ढों के भराव, भूमि के पुनर्वास एवं वृक्षारोपण कार्यों की समीक्षा की। 15 दिनों के भीतर विस्तृत जांच रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए तथा संबंधित स्थलों का निरीक्षण करने की बात कही गई।
कृषि एवं सहकारिता विभाग के अंतर्गत किसान क्रेडिट कार्ड की प्रगति की समीक्षा की गई। वहीं परिवहन विभाग द्वारा राजस्व संग्रहण की स्थिति एवं स्वास्थ्य विभाग के अंतर्गत PM-ABHIM योजना की प्रगति की भी जानकारी ली गई।
श्रम विभाग की समीक्षा में अनाधिकृत श्रमिक पलायन के मुद्दे पर चिंता व्यक्त करते हुए निगरानी तंत्र को सुदृढ़ करने तथा पुनर्वास योजनाओं का लाभ सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।
मत्स्य विभाग अंतर्गत विभिन्न योजनाओं की अद्यतन स्थिति की समीक्षा की गई। खेल विभाग की समीक्षा के दौरान खेल अधोसंरचना के विकास पर चर्चा की गई। बताया गया कि पालकोट प्रखंड को छोड़कर अन्य सभी प्रखंडों में खेल मैदान उपलब्ध हैं, जिस पर समिति ने शेष क्षेत्रों में भी सुविधाएं विकसित करने की आवश्यकता जताई।
राष्ट्रीय राजमार्ग परियोजनाओं की समीक्षा में वित्तीय प्रगति, भूमि अधिग्रहण एवं भुगतान से जुड़े मुद्दों पर विस्तार से चर्चा की गई।
बैठक में उप विकास आयुक्त, डीसीएलआर गुमला , जिला भू-अर्जन पदाधिकारी सहित विभिन्न विभागों के वरीय अधिकारी उपस्थित रहे।
समिति के सदस्यों ने स्पष्ट किया कि दो दिवसीय भ्रमण के दौरान प्राप्त प्रतिवेदनों के आधार पर स्थलीय निरीक्षण किया जाएगा, ताकि योजनाओं की वास्तविक स्थिति का आकलन किया जा सके।
कार्यक्रम के दूसरे दिन, 29 मार्च 2026 को प्रातः 9:00 बजे पुनः बैठक आयोजित कर शेष विभागों की समीक्षा की जाएगी।
    user_राहुल कुमार
    राहुल कुमार
    Local News Reporter चैनपुर, गुमला, झारखंड•
    3 hrs ago
  • चैनपुर/गुमला: ईसाई धर्मावलंबियों द्वारा रविवार को संत जॉन चर्च परिसर में खजूर रविवार (Palm Sunday) का पर्व श्रद्धा और भक्ति के साथ मनाया गया। इस अवसर पर चर्च परिसर में सुबह से ही विशेष प्रार्थना सभा का आयोजन किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल हुए।
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    चैनपुर/गुमला: ईसाई धर्मावलंबियों द्वारा रविवार को संत जॉन चर्च परिसर में खजूर रविवार (Palm Sunday) का पर्व श्रद्धा और भक्ति के साथ मनाया गया। इस अवसर पर चर्च परिसर में सुबह से ही विशेष प्रार्थना सभा का आयोजन किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल हुए।
    user_Sachin public news
    Sachin public news
    Local News Reporter चैनपुर, गुमला, झारखंड•
    4 hrs ago
  • चैनपुर मुख्यालय क्षेत्र में धूमधाम से मनाया गया खजूर परब चैनपुर मुख्यालय क्षेत्र में रविवार को ईसाई समुदाय द्वारा खजूर परब श्रद्धा, आस्था और धार्मिक उत्साह के साथ मनाया गया। इस अवसर पर क्षेत्र के विभिन्न गिरजाघरों में विशेष प्रार्थना सभाओं का आयोजन किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल हुए। सुबह से ही चर्च परिसर भक्तिमय वातावरण में सराबोर रहा। श्रद्धालुओं ने हाथों में खजूर एवं ताड़ के पत्ते लेकर जुलूस निकाला तथा भजन-कीर्तन करते हुए प्रभु यीशु मसीह के यरूशलेम आगमन की स्मृति को याद किया। पूरे क्षेत्र में “होशाना” के जयकारों से माहौल भक्तिमय बना रहा। जानकारी देते हुए दोपहर ग्यारह बजे धर्मगुरुओं ने बताया कि खजूर परब प्रभु यीशु मसीह के यरूशलेम में विजय प्रवेश की स्मृति में मनाया जाता है। यह पर्व विनम्रता, प्रेम, सेवा और मानवता का संदेश देता है तथा इसी दिन से ईसाई धर्मावलंबियों के पवित्र सप्ताह यानी होली वीक की शुरुआत होती है, जो ईस्टर पर्व तक चलता है। श्रद्धालुओं ने समाज में शांति, भाईचारा और मानव कल्याण की कामना करते हुए विशेष प्रार्थना की। कार्यक्रम शांतिपूर्ण वातावरण में सम्पन्न हुआ तथा अंत में सभी श्रद्धालुओं को आशीर्वाद प्रदान किया गया।
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    चैनपुर मुख्यालय क्षेत्र में धूमधाम से मनाया गया खजूर परब
चैनपुर मुख्यालय क्षेत्र में रविवार को ईसाई समुदाय द्वारा खजूर परब श्रद्धा, आस्था और धार्मिक उत्साह के साथ मनाया गया। इस अवसर पर क्षेत्र के विभिन्न गिरजाघरों में विशेष प्रार्थना सभाओं का आयोजन किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल हुए।
सुबह से ही चर्च परिसर भक्तिमय वातावरण में सराबोर रहा। श्रद्धालुओं ने हाथों में खजूर एवं ताड़ के पत्ते लेकर जुलूस निकाला तथा भजन-कीर्तन करते हुए प्रभु यीशु मसीह के यरूशलेम आगमन की स्मृति को याद किया। पूरे क्षेत्र में “होशाना” के जयकारों से माहौल भक्तिमय बना रहा।
जानकारी देते हुए दोपहर ग्यारह बजे धर्मगुरुओं ने बताया कि खजूर परब प्रभु यीशु मसीह के यरूशलेम में विजय प्रवेश की स्मृति में मनाया जाता है। यह पर्व विनम्रता, प्रेम, सेवा और मानवता का संदेश देता है तथा इसी दिन से ईसाई धर्मावलंबियों के पवित्र सप्ताह यानी होली वीक की शुरुआत होती है, जो ईस्टर पर्व तक चलता है।
श्रद्धालुओं ने समाज में शांति, भाईचारा और मानव कल्याण की कामना करते हुए विशेष प्रार्थना की। कार्यक्रम शांतिपूर्ण वातावरण में सम्पन्न हुआ तथा अंत में सभी श्रद्धालुओं को आशीर्वाद प्रदान किया गया।
    user_चैनपुर अपडेट
    चैनपुर अपडेट
    Classified ads newspaper publisher चैनपुर, गुमला, झारखंड•
    4 hrs ago
  • घाघरा प्रखंड के रन्हे स्थित चिल्ड्रन एकेडमी स्कूल में वार्षिक उत्सव सह प्रगति पत्र वितरण समारोह हर्षोल्लास के साथ मनाया गया। कार्यक्रम की शुरुआत दीप प्रज्वलन एवं सरस्वती वंदना के साथ हुई। इस अवसर पर विद्यालय के छात्र-छात्राओं ने रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत कर सभी का मन मोह लिया। बच्चों द्वारा नृत्य, गीत, नाटक एवं विभिन्न प्रस्तुतियों ने उपस्थित लोगों को मंत्रमुग्ध कर दिया। समारोह में विद्यालय के निदेशक विजय साहू एवं प्रमुख सविता देवी सहित अभिभावक व स्थानीय गणमान्य लोग उपस्थित रहे। निदेशक विजय साहू ने अपने संबोधन में कहा कि बच्चों की प्रतिभा को निखारने के लिए इस प्रकार के आयोजन बेहद आवश्यक हैं। वहीं प्रमुख सविता देवी ने बच्चों के प्रयासों की सराहना करते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की। कार्यक्रम के दौरान वार्षिक परीक्षा में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों को प्रगति पत्र वितरित किया गया। साथ ही प्रथम, द्वितीय एवं तृतीय स्थान प्राप्त करने वाले छात्रों को पुरस्कार देकर सम्मानित किया गया। अंत में धन्यवाद ज्ञापन के साथ कार्यक्रम का समापन हुआ। समारोह ने विद्यार्थियों में नई ऊर्जा और आत्मविश्वास का संचार किया।
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    घाघरा प्रखंड के रन्हे स्थित चिल्ड्रन एकेडमी स्कूल में वार्षिक उत्सव सह प्रगति पत्र वितरण समारोह हर्षोल्लास के साथ मनाया गया। कार्यक्रम की शुरुआत दीप प्रज्वलन एवं सरस्वती वंदना के साथ हुई। इस अवसर पर विद्यालय के छात्र-छात्राओं ने रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत कर सभी का मन मोह लिया। बच्चों द्वारा नृत्य, गीत, नाटक एवं विभिन्न प्रस्तुतियों ने उपस्थित लोगों को मंत्रमुग्ध कर दिया।
समारोह में विद्यालय के निदेशक विजय साहू एवं प्रमुख सविता देवी सहित अभिभावक व स्थानीय गणमान्य लोग उपस्थित रहे। निदेशक विजय साहू ने अपने संबोधन में कहा कि बच्चों की प्रतिभा को निखारने के लिए इस प्रकार के आयोजन बेहद आवश्यक हैं। वहीं प्रमुख सविता देवी ने बच्चों के प्रयासों की सराहना करते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की।
कार्यक्रम के दौरान वार्षिक परीक्षा में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों को प्रगति पत्र वितरित किया गया। साथ ही प्रथम, द्वितीय एवं तृतीय स्थान प्राप्त करने वाले छात्रों को पुरस्कार देकर सम्मानित किया गया।
अंत में धन्यवाद ज्ञापन के साथ कार्यक्रम का समापन हुआ। समारोह ने विद्यार्थियों में नई ऊर्जा और आत्मविश्वास का संचार किया।
    user_Dipak gupta
    Dipak gupta
    पत्रकार गुमला, गुमला, झारखंड•
    3 hrs ago
  • Post by हमर जशपुर
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    Post by हमर जशपुर
    user_हमर जशपुर
    हमर जशपुर
    Jashpur, Chhattisgarh•
    3 hrs ago
  • सिसई (गुमला)।जनजातीय सुरक्षा मंच झारखंड के तत्वाधान में प्रखंड स्तरीय एक दिवसीय बैठक संजय कुमार वर्मा के पिलखी मोड़ स्थित आवास में संपन्न हुआ। इस महत्वपूर्ण बैठक में बिहार झारखंड के संयोजक संदीप उरांव शामिल हुए। संयोजक संदीप उरांव ने बैठक को संबोधित करते हुए कहा कि जो "भोलेनाथ का नहीं वो हमारे जात का नहीं"। उन्होंने सिसई के अनुसूचित जनजाति से अपील करते हुए कहा कि सिसई कार्तिक बाबा का जन्मस्थल क्षेत्र है उनके सपनों को साकार करने हेतु मई महीना में दिल्ली में जनआक्रोश रैली का आयोजन किया जा रहा है। उन्होंने इस रैली में सिसई प्रखंड से सैकड़ों की संख्या में दिल्ली पहुँचने का आह्वान किया। साथ ही उन्होंने ये भी कहा कि सरना अनुसूचित जन जातियों का पूजा स्थल है यह कोई जाति या धर्म नहीं है। हम सभी सरना सनातन हैं और रहेंगे। जनजातीय सुरक्षा मंच के रांची जिला संयोजक जगरनाथ भगत ने कहा कि बाबा कार्तिक उरांव जी का सपना था कि जो आदिवासी से धर्मांतरित होकर ईसाई बन चुके हैं वो आदिवासी नहीं हैं कार्तिक बाबा ने पूरे धर्मांतरित ईसाई का विरोध सदन में किया था और आरक्षण समाप्त करने का आवाज़ उठाया था। उन्होंने ये भी कहा कि हम माता अंजनि एवं बजरंग बली के उपासक हैं हमें ईसाई एजेंटों के द्वारा दिग्भ्रमित किया जा रहा है और सरना सनातन को तोड़ने का कार्य किया जा रहा है उन्होंने कहा कि हम सनातन थे, सनातन हैं और सनातन ही रहेंगे। बैठक में सोमेश्वर उरांव को सिसई का संयोजक नियुक्त किया गया है वहीं बालेश्वर उरांव कोडेकेरा, विश्व भूषण बिलुङ, भुरसो,दिनेश उरांव लठदाग, देवकु भगत ओलमुंडा एवं बालेश्वर भगत कोटारी को सह संयोजक बनाया गया है। बैठक में सभी पंचायत के प्रतिनिधि कार्यकर्ता उपस्थित थे।
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    सिसई (गुमला)।जनजातीय सुरक्षा मंच झारखंड के तत्वाधान में प्रखंड स्तरीय एक दिवसीय बैठक संजय कुमार वर्मा के पिलखी मोड़ स्थित आवास में संपन्न हुआ। 
इस महत्वपूर्ण बैठक में बिहार झारखंड के संयोजक संदीप उरांव शामिल हुए। 
संयोजक संदीप उरांव ने बैठक को संबोधित करते हुए कहा कि जो "भोलेनाथ का नहीं वो हमारे जात का नहीं"। 
उन्होंने सिसई के अनुसूचित जनजाति से अपील करते हुए कहा कि सिसई कार्तिक बाबा का जन्मस्थल क्षेत्र है उनके सपनों को साकार करने हेतु मई महीना में दिल्ली में जनआक्रोश रैली का आयोजन किया जा रहा है। उन्होंने इस रैली में सिसई प्रखंड से सैकड़ों की संख्या में दिल्ली पहुँचने का आह्वान किया। 
साथ ही उन्होंने ये भी कहा कि सरना अनुसूचित जन जातियों का पूजा स्थल है यह कोई जाति या धर्म नहीं है। हम सभी सरना सनातन हैं और रहेंगे। 
जनजातीय सुरक्षा मंच के रांची जिला संयोजक जगरनाथ भगत ने कहा कि बाबा कार्तिक उरांव जी का सपना था कि जो आदिवासी से धर्मांतरित होकर ईसाई बन चुके हैं वो आदिवासी नहीं हैं कार्तिक बाबा ने पूरे धर्मांतरित ईसाई का विरोध सदन में किया था और आरक्षण समाप्त करने का आवाज़ उठाया था। 
उन्होंने ये भी कहा कि हम माता अंजनि एवं बजरंग बली के उपासक हैं हमें ईसाई एजेंटों के द्वारा दिग्भ्रमित किया जा रहा है और सरना सनातन को तोड़ने का कार्य किया जा रहा है उन्होंने कहा कि हम सनातन थे, सनातन हैं और सनातन ही रहेंगे।
बैठक में सोमेश्वर उरांव को सिसई का संयोजक नियुक्त किया गया है वहीं बालेश्वर उरांव कोडेकेरा, विश्व भूषण बिलुङ, भुरसो,दिनेश उरांव लठदाग, देवकु भगत ओलमुंडा एवं बालेश्वर भगत कोटारी को सह संयोजक बनाया गया है। 
बैठक में सभी पंचायत के प्रतिनिधि कार्यकर्ता उपस्थित थे।
    user_SHAMBHU. S. CHAUHAN
    SHAMBHU. S. CHAUHAN
    Business Networking Company सिसई, गुमला, झारखंड•
    4 hrs ago
  • सड़क दुर्घटना में मोटरसाइकिल चालक घायल कंडरा में अज्ञात बोलोरो के चपेट में आने हुआ हादसा
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    सड़क दुर्घटना में मोटरसाइकिल चालक घायल कंडरा में अज्ञात बोलोरो के चपेट में आने  हुआ हादसा
    user_आलोक कुमार
    आलोक कुमार
    पत्रकार सेन्हा, लोहरदगा, झारखंड•
    4 hrs ago
  • महुआ मौसम में बढ़ा खतरा: जंगलों में दिख रहे जंगली जानवर, वन विभाग ने जारी की चेतावनी चैनपुर अनुमंडल क्षेत्र के चैनपुर, डुमरी एवं जारी प्रखंड के विभिन्न गांवों के आसपास स्थित जंगलों में इन दिनों हाथी, भालू, लोमड़ी समेत कई जंगली जानवरों की गतिविधि बढ़ गई है। स्थानीय ग्रामीणों के अनुसार पिछले कुछ दिनों से लगातार जंगली जानवरों की आवाजाही देखी जा रही है, जिससे ग्रामीणों में भय का माहौल बना हुआ है। वर्तमान समय महुआ गिरने का मौसम होने के कारण बड़ी संख्या में ग्रामीण सुबह और देर रात जंगलों में महुआ चुनने जाते हैं। ऐसे में जंगली जानवरों के हमले का खतरा काफी बढ़ गया है। विशेष रूप से हाथी और भालू के अचानक सामने आने की संभावना बनी रहती है, जो जानलेवा साबित हो सकती है। जानकारी देते हुए दोपहर एक बजे वन क्षेत्रपाल जगदीश राम ने बताया कि जंगल क्षेत्र में जंगली जानवरों की सक्रियता बढ़ी हुई है। उन्होंने ग्रामीणों से अपील करते हुए कहा कि रात के समय जंगल जाने से यथासंभव बचें। यदि जंगल जाना जरूरी हो तो अकेले न जाएं, बल्कि समूह में और पूरी सावधानी के साथ ही जाएं। उन्होंने यह भी कहा कि किसी जंगली जानवर का सामना होने पर घबराकर शोर-शराबा या हल्ला-गुल्ला न करें, क्योंकि इससे जानवर आक्रामक हो सकते हैं। ऐसी स्थिति में शांत रहते हुए धीरे-धीरे सुरक्षित दूरी बनाएं तथा तुरंत वन विभाग को सूचना दें। वन विभाग ने ग्रामीणों से सहयोग की अपील करते हुए कहा है कि सतर्कता, संयम और सावधानी ही महुआ मौसम में सबसे बड़ा बचाव है, जिससे किसी भी अप्रिय घटना से बचा जा सके।
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    महुआ मौसम में बढ़ा खतरा: जंगलों में दिख रहे जंगली जानवर, वन विभाग ने जारी की चेतावनी
चैनपुर अनुमंडल क्षेत्र के चैनपुर, डुमरी एवं जारी प्रखंड के विभिन्न गांवों के आसपास स्थित जंगलों में इन दिनों हाथी, भालू, लोमड़ी समेत कई जंगली जानवरों की गतिविधि बढ़ गई है। स्थानीय ग्रामीणों के अनुसार पिछले कुछ दिनों से लगातार जंगली जानवरों की आवाजाही देखी जा रही है, जिससे ग्रामीणों में भय का माहौल बना हुआ है।
वर्तमान समय महुआ गिरने का मौसम होने के कारण बड़ी संख्या में ग्रामीण सुबह और देर रात जंगलों में महुआ चुनने जाते हैं। ऐसे में जंगली जानवरों के हमले का खतरा काफी बढ़ गया है। विशेष रूप से हाथी और भालू के अचानक सामने आने की संभावना बनी रहती है, जो जानलेवा साबित हो सकती है।
जानकारी देते हुए दोपहर एक बजे वन क्षेत्रपाल जगदीश राम ने बताया कि जंगल क्षेत्र में जंगली जानवरों की सक्रियता बढ़ी हुई है। उन्होंने ग्रामीणों से अपील करते हुए कहा कि रात के समय जंगल जाने से यथासंभव बचें। यदि जंगल जाना जरूरी हो तो अकेले न जाएं, बल्कि समूह में और पूरी सावधानी के साथ ही जाएं।
उन्होंने यह भी कहा कि किसी जंगली जानवर का सामना होने पर घबराकर शोर-शराबा या हल्ला-गुल्ला न करें, क्योंकि इससे जानवर आक्रामक हो सकते हैं। ऐसी स्थिति में शांत रहते हुए धीरे-धीरे सुरक्षित दूरी बनाएं तथा तुरंत वन विभाग को सूचना दें।
वन विभाग ने ग्रामीणों से सहयोग की अपील करते हुए कहा है कि सतर्कता, संयम और सावधानी ही महुआ मौसम में सबसे बड़ा बचाव है, जिससे किसी भी अप्रिय घटना से बचा जा सके।
    user_चैनपुर अपडेट
    चैनपुर अपडेट
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    4 hrs ago
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