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बतौली से सटे पहाड़ चिरगा में बूंद-बूंद पानी को मोहताज ग्रामीण, ट्रांसफार्मर चोरी के बाद 15 दिनों से अंधेरे में गांव एक किलोमीटर दूर खेत से ढो रहे पीने का पानी, ग्रामीण का आरोप—सरपंच से विधायक कार्यालय तक लगाई गुहार, फिर भी सुनवाई नहीं बतौली। विकासखंड मुख्यालय बतौली से सटे पहाड़ चिरगा में बुनियादी सुविधाओं की बदहाली ने व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। गांव के करीब 20-25 परिवार पिछले 10-15 दिनों से अधिक समय से बिजली संकट झेल रहे हैं, वहीं पीने के साफ पानी के लिए महिलाओं और ग्रामीणों को करीब एक किलोमीटर दूर खेत से पानी ढोकर लाना पड़ रहा है। ग्रामीणों के अनुसार गांव में दो बोर हैं। इनमें एक बोर से पानी के साथ गंदगी निकलती है, जिसके कारण ग्रामीण उसका पानी पीने से बचते हैं। दूसरे बोर से साफ पानी मिलता था, लेकिन बिजली व्यवस्था ठप होने के कारण वह भी ग्रामीणों की प्यास नहीं बुझा पा रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि करीब 15-20 दिन पहले क्षेत्र में लगा ट्रांसफार्मर ही चोर चुरा ले गए। इसके बाद से गांव के कई घर अंधेरे में हैं। बिजली नहीं होने का सीधा असर पेयजल व्यवस्था पर भी पड़ा है। एक महिला ग्रामीण ने अपनी परेशानी बताते हुए कहा कि बिजली नहीं होने के कारण पीने का पानी करीब एक किलोमीटर दूर खेत से लाना पड़ रहा है। सवाल यह है कि जब विकासखंड मुख्यालय से सटे गांव में ग्रामीणों को पीने के पानी के लिए इतनी मशक्कत करनी पड़ रही है, तो दूरस्थ इलाकों में सरकारी सुविधाओं की वास्तविक स्थिति क्या होगी? आधार कार्ड है, लेकिन राशन-आयुष्मान-आवास और शौचालय नहीं! एक अन्य ग्रामीण ने अपनी आपबीती बताते हुए दावा किया कि उसके पास आधार कार्ड के अलावा कोई सरकारी सुविधा नहीं है। उसका कहना है कि न राशन कार्ड बना है, न आयुष्मान कार्ड, न आवास मिला और न ही शौचालय का लाभ। ग्रामीण ने कहा कि गांव में स्कूल तो है, लेकिन स्वास्थ्य सुविधा की भी जरूरत है। उसने आरोप लगाया कि अपनी समस्याओं को लेकर वह सरपंच से लेकर बीडीसी और सीतापुर विधायक रामकुमार टोप्पो के कार्यालय तक गुहार लगा चुका है, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नजर नहीं आई। सवाल—आखिर कब जागेगा प्रशासन? ट्रांसफार्मर चोरी हुए इतने दिन बीतने के बाद भी बिजली व्यवस्था बहाल न होना और लोगों का एक किलोमीटर दूर से पीने का पानी ढोना प्रशासनिक व्यवस्था पर सवाल खड़े करता है। यदि ग्रामीण के सरकारी योजनाओं से वंचित होने के दावे सही हैं, तो यह भी जांच का विषय है कि पात्र परिवारों तक योजनाओं का लाभ आखिर क्यों नहीं पहुंच पाया। पहाड़ चिरगा के ग्रामीण अब आश्वासन नहीं, बिजली-पानी और बुनियादी सुविधाओं की तत्काल बहाली चाहते हैं। प्रशासन के लिए सबसे बड़ा सवाल यही है—बतौली के इतने करीब बसे गांव की आवाज आखिर कब सुनी जाएगी? — सुनील गुप्ता की रिपोर्ट

19 hrs ago
user_Sunil Gupta
Sunil Gupta
Advertising agency सीतापुर, सरगुजा, छत्तीसगढ़•
19 hrs ago

बतौली से सटे पहाड़ चिरगा में बूंद-बूंद पानी को मोहताज ग्रामीण, ट्रांसफार्मर चोरी के बाद 15 दिनों से अंधेरे में गांव एक किलोमीटर दूर खेत से ढो रहे पीने का पानी, ग्रामीण का आरोप—सरपंच से विधायक कार्यालय तक लगाई गुहार, फिर भी सुनवाई नहीं बतौली। विकासखंड मुख्यालय बतौली से सटे पहाड़ चिरगा में बुनियादी सुविधाओं की बदहाली ने व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। गांव के करीब 20-25 परिवार पिछले 10-15 दिनों से अधिक समय से बिजली संकट झेल रहे हैं, वहीं पीने के साफ पानी के लिए महिलाओं और ग्रामीणों को करीब एक किलोमीटर दूर खेत से पानी ढोकर लाना पड़ रहा है। ग्रामीणों के अनुसार गांव में दो बोर हैं। इनमें एक बोर

से पानी के साथ गंदगी निकलती है, जिसके कारण ग्रामीण उसका पानी पीने से बचते हैं। दूसरे बोर से साफ पानी मिलता था, लेकिन बिजली व्यवस्था ठप होने के कारण वह भी ग्रामीणों की प्यास नहीं बुझा पा रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि करीब 15-20 दिन पहले क्षेत्र में लगा ट्रांसफार्मर ही चोर चुरा ले गए। इसके बाद से गांव के कई घर अंधेरे में हैं। बिजली नहीं होने का सीधा असर पेयजल व्यवस्था पर भी पड़ा है। एक महिला ग्रामीण ने अपनी परेशानी बताते हुए कहा कि बिजली नहीं होने के कारण पीने का पानी करीब एक किलोमीटर दूर खेत से लाना पड़ रहा है। सवाल यह है कि जब विकासखंड मुख्यालय से

सटे गांव में ग्रामीणों को पीने के पानी के लिए इतनी मशक्कत करनी पड़ रही है, तो दूरस्थ इलाकों में सरकारी सुविधाओं की वास्तविक स्थिति क्या होगी? आधार कार्ड है, लेकिन राशन-आयुष्मान-आवास और शौचालय नहीं! एक अन्य ग्रामीण ने अपनी आपबीती बताते हुए दावा किया कि उसके पास आधार कार्ड के अलावा कोई सरकारी सुविधा नहीं है। उसका कहना है कि न राशन कार्ड बना है, न आयुष्मान कार्ड, न आवास मिला और न ही शौचालय का लाभ। ग्रामीण ने कहा कि गांव में स्कूल तो है, लेकिन स्वास्थ्य सुविधा की भी जरूरत है। उसने आरोप लगाया कि अपनी समस्याओं को लेकर वह सरपंच से लेकर बीडीसी और सीतापुर विधायक रामकुमार टोप्पो के कार्यालय तक गुहार लगा

चुका है, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नजर नहीं आई। सवाल—आखिर कब जागेगा प्रशासन? ट्रांसफार्मर चोरी हुए इतने दिन बीतने के बाद भी बिजली व्यवस्था बहाल न होना और लोगों का एक किलोमीटर दूर से पीने का पानी ढोना प्रशासनिक व्यवस्था पर सवाल खड़े करता है। यदि ग्रामीण के सरकारी योजनाओं से वंचित होने के दावे सही हैं, तो यह भी जांच का विषय है कि पात्र परिवारों तक योजनाओं का लाभ आखिर क्यों नहीं पहुंच पाया। पहाड़ चिरगा के ग्रामीण अब आश्वासन नहीं, बिजली-पानी और बुनियादी सुविधाओं की तत्काल बहाली चाहते हैं। प्रशासन के लिए सबसे बड़ा सवाल यही है—बतौली के इतने करीब बसे गांव की आवाज आखिर कब सुनी जाएगी? — सुनील गुप्ता की रिपोर्ट

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एक किलोमीटर दूर खेत से ढो रहे पीने का पानी, ग्रामीण का आरोप—सरपंच से विधायक कार्यालय तक लगाई गुहार, फिर भी सुनवाई नहीं
बतौली। विकासखंड मुख्यालय बतौली से सटे पहाड़ चिरगा में बुनियादी सुविधाओं की बदहाली ने व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। गांव के करीब 20-25 परिवार पिछले 10-15 दिनों से अधिक समय से बिजली संकट झेल रहे हैं, वहीं पीने के साफ पानी के लिए महिलाओं और ग्रामीणों को करीब एक किलोमीटर दूर खेत से पानी ढोकर लाना पड़ रहा है।
ग्रामीणों के अनुसार गांव में दो बोर हैं। इनमें एक बोर से पानी के साथ गंदगी निकलती है, जिसके कारण ग्रामीण उसका पानी पीने से बचते हैं। दूसरे बोर से साफ पानी मिलता था, लेकिन बिजली व्यवस्था ठप होने के कारण वह भी ग्रामीणों की प्यास नहीं बुझा पा रहा है।
ग्रामीणों का कहना है कि करीब 15-20 दिन पहले क्षेत्र में लगा ट्रांसफार्मर ही चोर चुरा ले गए। इसके बाद से गांव के कई घर अंधेरे में हैं। बिजली नहीं होने का सीधा असर पेयजल व्यवस्था पर भी पड़ा है।
एक महिला ग्रामीण ने अपनी परेशानी बताते हुए कहा कि बिजली नहीं होने के कारण पीने का पानी करीब एक किलोमीटर दूर खेत से लाना पड़ रहा है। सवाल यह है कि जब विकासखंड मुख्यालय से सटे गांव में ग्रामीणों को पीने के पानी के लिए इतनी मशक्कत करनी पड़ रही है, तो दूरस्थ इलाकों में सरकारी सुविधाओं की वास्तविक स्थिति क्या होगी?
आधार कार्ड है, लेकिन राशन-आयुष्मान-आवास और शौचालय नहीं!
एक अन्य ग्रामीण ने अपनी आपबीती बताते हुए दावा किया कि उसके पास आधार कार्ड के अलावा कोई सरकारी सुविधा नहीं है। उसका कहना है कि न राशन कार्ड बना है, न आयुष्मान कार्ड, न आवास मिला और न ही शौचालय का लाभ।
ग्रामीण ने कहा कि गांव में स्कूल तो है, लेकिन स्वास्थ्य सुविधा की भी जरूरत है। उसने आरोप लगाया कि अपनी समस्याओं को लेकर वह सरपंच से लेकर बीडीसी और सीतापुर विधायक रामकुमार टोप्पो के कार्यालय तक गुहार लगा चुका है, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नजर नहीं आई।
सवाल—आखिर कब जागेगा प्रशासन?
ट्रांसफार्मर चोरी हुए इतने दिन बीतने के बाद भी बिजली व्यवस्था बहाल न होना और लोगों का एक किलोमीटर दूर से पीने का पानी ढोना प्रशासनिक व्यवस्था पर सवाल खड़े करता है। यदि ग्रामीण के सरकारी योजनाओं से वंचित होने के दावे सही हैं, तो यह भी जांच का विषय है कि पात्र परिवारों तक योजनाओं का लाभ आखिर क्यों नहीं पहुंच पाया।
पहाड़ चिरगा के ग्रामीण अब आश्वासन नहीं, बिजली-पानी और बुनियादी सुविधाओं की तत्काल बहाली चाहते हैं। प्रशासन के लिए सबसे बड़ा सवाल यही है—बतौली के इतने करीब बसे गांव की आवाज आखिर कब सुनी जाएगी?
— सुनील गुप्ता की रिपोर्ट
    user_Sunil Gupta
    Sunil Gupta
    Advertising agency सीतापुर, सरगुजा, छत्तीसगढ़•
    19 hrs ago
  • 📢 सादर सूचनार्थ एवं जनहित में अपील मौसम में अचानक बदलाव के चलते बेमौसम बारिश, तेज हवा एवं तूफान आने की प्रबल संभावना है। 🙏 आप सभी से विनम्र आग्रह है कि सावधानी बरतें। जंगल-झाड़ियों में जाने से बचें। बिजली के खंभों एवं बिजली के तारों से दूर रहें। जर्जर भवनों, कमजोर दीवारों एवं पेड़ों के नीचे खड़े न हों। खराब मौसम के दौरान अनावश्यक रूप से घर से बाहर न निकलें। आपकी सुरक्षा, आपके परिवार की जिम्मेदारी है। सतर्क रहें, सुरक्षित रहें
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    📢 सादर सूचनार्थ एवं जनहित में अपील 

मौसम में अचानक बदलाव के चलते बेमौसम बारिश, तेज हवा एवं तूफान आने की प्रबल संभावना है।
🙏 आप सभी से विनम्र आग्रह है कि सावधानी बरतें।
 जंगल-झाड़ियों में जाने से बचें। 
बिजली के खंभों एवं बिजली के तारों से दूर रहें। 
 जर्जर भवनों, कमजोर दीवारों एवं पेड़ों के नीचे खड़े न हों। 
खराब मौसम के दौरान अनावश्यक रूप से घर से बाहर न निकलें।
आपकी सुरक्षा, आपके परिवार की जिम्मेदारी है। सतर्क रहें, सुरक्षित रहें
    user_Dhanesh yadav
    Dhanesh yadav
    मैनपाट, सरगुजा, छत्तीसगढ़•
    8 hrs ago
  • ओड़गी नवीन महाविद्यालय के पास शराब दुकान खोलने के विरोध में आंदोलन!
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    ओड़गी नवीन महाविद्यालय के पास शराब दुकान खोलने के विरोध में आंदोलन!
    user_Santlal Urre
    Santlal Urre
    Waiter/Waitress सूरजपुर, सूरजपुर, छत्तीसगढ़•
    5 hrs ago
  • मुंगेली में नाबालिग की हत्या के आरोपियों को जमानत ग्रामीणों में आक्रोश
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    मुंगेली में नाबालिग की हत्या के आरोपियों को जमानत ग्रामीणों में आक्रोश
    user_Sarju Kumar Patrakar
    Sarju Kumar Patrakar
    कोरबा, कोरबा, छत्तीसगढ़•
    9 hrs ago
  • कोरबा जनदर्शन में उठा अधूरे और गायब आवासों का मुद्दा, कोरवा समाज की शिकायत पर जांच टीम गठित
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    कोरबा जनदर्शन में उठा अधूरे और गायब आवासों का मुद्दा, कोरवा समाज की शिकायत पर जांच टीम गठित
    user_Korba news
    Korba news
    कोरबा, कोरबा, छत्तीसगढ़•
    17 hrs ago
  • दमोहः धार्मिक भावनाएँ आहत करने वाली आपत्तिजनक फोटो वायरल करने वाला गिरफ्तार, 24 घंटे में जेल भेजा दमोहः धार्मिक भावनाएँ आहत करने वाली आपत्तिजनक फोटो वायरल करने वाला गिरफ्तार, 24 घंटे में जेल भेजा
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    दमोहः धार्मिक भावनाएँ आहत करने वाली आपत्तिजनक फोटो वायरल करने वाला गिरफ्तार, 24 घंटे में जेल भेजा
दमोहः धार्मिक भावनाएँ आहत करने वाली आपत्तिजनक फोटो वायरल करने वाला गिरफ्तार, 24 घंटे में जेल भेजा
    user_भीमकुंड न्यूज़ 24
    भीमकुंड न्यूज़ 24
    बलरामपुर, बलरामपुर, छत्तीसगढ़•
    1 hr ago
  • एक तरफ भुइयां ऐप में रायगढ़ का जलवा, दूसरी तरफ पटवारियों का 'डिजिटल रिकॉर्ड' पर वार; हड़ताल के बीच खड़े किए गंभीर सवाल
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    एक तरफ भुइयां ऐप में रायगढ़ का जलवा, दूसरी तरफ पटवारियों का 'डिजिटल रिकॉर्ड' पर वार; हड़ताल के बीच खड़े किए गंभीर सवाल
    user_Chhattisgarh
    Chhattisgarh
    रायगढ़, रायगढ़, छत्तीसगढ़•
    6 hrs ago
  • शक्कर बोरी में जीपीएस लगाकर पुलिस ने चोरो को पकड़ा रायगढ़ में राशन दुकानों से लगातार हो रही थी चावल-शक्कर बोरी की चोरी,5 आरोपी गिरफ्तार।
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    शक्कर बोरी में जीपीएस लगाकर पुलिस ने चोरो को पकड़ा रायगढ़ में राशन दुकानों से लगातार हो रही थी चावल-शक्कर बोरी की चोरी,5 आरोपी गिरफ्तार।
    user_Chhattisgarh
    Chhattisgarh
    रायगढ़, रायगढ़, छत्तीसगढ़•
    6 hrs ago
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