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महिला एवं बाल विकास विभाग के अंतर्गत कार्यकर्ता एवं सहायिका कार्यकर्ता पद से कार्य मुक्त होने पर विदाई समारोह कार्यक्रम का हुआ आयोजन महिला एवं बाल विकास विभाग के अंतर्गत कार्यकर्ता एवं सहायिका कार्यकर्ता पद से कार्य मुक्त होने पर विदाई समारोह कार्यक्रम का हुआ आयोजन राहुल सेन मांडव मो 9669141814 मांडू न्यूज/महिला एवं बाल विकास विभाग अंतर्गत मांडव सेक्टर की विभिन्न आंगनवाड़ीयों में कार्यरत कार्यकर्ता एवं सहायिका पद से कार्यमुक्त होने पर सेक्टर अंतर्गत समस्त कार्यरत कार्यकर्ता एवं सहायिका तथा नालछा परियोजना की समस्त पर्यवेक्षिका एवं कार्यालयीन स्टाफ तथा जिला परियोजना अधिकारी धार तथा उनके स्टाफ सहित सभी ने उपस्थित होकर भाव भीनी बिदाई दी । इनमें मुख्य रुप से कार्यमुक्त होने वाली श्रीमती शकुन्तला श्रीवास कार्यकर्ता आंगनवाड़ी केन्द्र जामन्या , श्रीमती पारुबाई सहायिका आंबापुरा , श्रीमती प्रमिला यादव पूर्व सहायिका रामपुरा इन तीनों का सभी ने पुष्पहार पहनाकर एवं उपहार प्रदान कर उनके भावी सुखमय जीवन की शुभकामनाएं प्रेषित की तथा सभी ने मिलकर साथ में सहभोजन कर सम्मान सहित बिदाई दी गई ।

7 hrs ago
user_राहुल सेन मांडव
राहुल सेन मांडव
Barber Dhar, Madhya Pradesh•
7 hrs ago
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महिला एवं बाल विकास विभाग के अंतर्गत कार्यकर्ता एवं सहायिका कार्यकर्ता पद से कार्य मुक्त होने पर विदाई समारोह कार्यक्रम का हुआ आयोजन महिला एवं बाल विकास विभाग के अंतर्गत कार्यकर्ता एवं सहायिका कार्यकर्ता पद से कार्य मुक्त होने पर विदाई

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समारोह कार्यक्रम का हुआ आयोजन राहुल सेन मांडव मो 9669141814 मांडू न्यूज/महिला एवं बाल विकास विभाग अंतर्गत मांडव सेक्टर की विभिन्न आंगनवाड़ीयों में कार्यरत कार्यकर्ता एवं सहायिका पद से कार्यमुक्त होने पर सेक्टर अंतर्गत समस्त कार्यरत कार्यकर्ता एवं सहायिका तथा नालछा परियोजना की समस्त

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पर्यवेक्षिका एवं कार्यालयीन स्टाफ तथा जिला परियोजना अधिकारी धार तथा उनके स्टाफ सहित सभी ने उपस्थित होकर भाव भीनी बिदाई दी । इनमें मुख्य रुप से कार्यमुक्त होने वाली श्रीमती शकुन्तला श्रीवास कार्यकर्ता आंगनवाड़ी केन्द्र जामन्या , श्रीमती पारुबाई सहायिका आंबापुरा

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, श्रीमती प्रमिला यादव पूर्व सहायिका रामपुरा इन तीनों का सभी ने पुष्पहार पहनाकर एवं उपहार प्रदान कर उनके भावी सुखमय जीवन की शुभकामनाएं प्रेषित की तथा सभी ने मिलकर साथ में सहभोजन कर सम्मान सहित बिदाई दी गई ।

More news from मध्य प्रदेश and nearby areas
  • VIRAL VIDEO की निकली अलग कहानी! जिसे पति बताया गया, वह निकला पूर्व मालिक... पीड़िता ने किया बड़ा खुलासा इंदौर के विजय नगर क्षेत्र में महिला से मारपीट के वायरल वीडियो मामले में नया मोड़ सामने आया है। पीड़ित महिला ने दावा किया है कि वीडियो में दिखाई दे रहा व्यक्ति उसका पति नहीं, बल्कि उसका पूर्व मालिक है। महिला का आरोप है कि वह लंबे समय से उसे परेशान करता था, मारपीट करता था और बदनाम करने की धमकी देता था। पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर उसके खिलाफ वैधानिक कार्रवाई शुरू कर दी है। इस मामले ने सोशल मीडिया पर वायरल दावों की सत्यता पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं।
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    VIRAL VIDEO की निकली अलग कहानी! जिसे पति बताया गया, वह निकला पूर्व मालिक... पीड़िता ने किया बड़ा खुलासा
इंदौर के विजय नगर क्षेत्र में महिला से मारपीट के वायरल वीडियो मामले में नया मोड़ सामने आया है। पीड़ित महिला ने दावा किया है कि वीडियो में दिखाई दे रहा व्यक्ति उसका पति नहीं, बल्कि उसका पूर्व मालिक है। महिला का आरोप है कि वह लंबे समय से उसे परेशान करता था, मारपीट करता था और बदनाम करने की धमकी देता था। पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर उसके खिलाफ वैधानिक कार्रवाई शुरू कर दी है। इस मामले ने सोशल मीडिया पर वायरल दावों की सत्यता पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं।
    user_Amin sisgar
    Amin sisgar
    इंदौर, इंदौर, मध्य प्रदेश•
    1 hr ago
  • मोदी जी का नया वीडियो बहुत ही प्रेरणादायक है जय श्री राम जय हिंद जय भारत 🏹
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    मोदी जी का नया वीडियो बहुत ही प्रेरणादायक है जय श्री राम जय हिंद जय भारत 🏹
    user_Radheshyam jogi
    Radheshyam jogi
    Citizen Reporter इंदौर, इंदौर, मध्य प्रदेश•
    4 hrs ago
  • इंदौर में सफर के दौरान बुजुर्ग के बैग से 12 तोले सोने के जेवर चोरी, 14 लाख के आभूषण गायब पुलिस के मुताबिक फरियादी पवन सिंह महाराष्ट्र से अपनी बेटी के साथ ट्रेन से इंदौर पहुंचे थे। रेलवे स्टेशन से उन्होंने शेयरिंग ई-रिक्शा लिया और स्कीम नंबर-78 स्थित अपने घर के लिए रवाना हुए। घर पहुंचने पर जब उन्होंने बैग देखा तो उसमें रखे करीब 12 तोले सोने-चांदी के जेवर गायब थे। जेवरों की अनुमानित कीमत 13 से 14 लाख रुपये बताई जा रही है। शिकायत मिलते ही लसूडिया पुलिस ने चोरी का प्रकरण दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस ई-रिक्शा चालक और अन्य सवारियों से पूछताछ कर रही है। साथ ही रेलवे स्टेशन से लेकर स्कीम नंबर-78 तक के मार्ग पर लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज भी खंगाली जा रही है, ताकि चोरी करने वाले तक पहुंचा जा सके। बाइट: पराग सैनी, एसीपी, इंदौर
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    इंदौर में सफर के दौरान बुजुर्ग के बैग से 12 तोले सोने के जेवर चोरी, 14 लाख के आभूषण गायब
पुलिस के मुताबिक फरियादी पवन सिंह महाराष्ट्र से अपनी बेटी के साथ ट्रेन से इंदौर पहुंचे थे। रेलवे स्टेशन से उन्होंने शेयरिंग ई-रिक्शा लिया और स्कीम नंबर-78 स्थित अपने घर के लिए रवाना हुए। घर पहुंचने पर जब उन्होंने बैग देखा तो उसमें रखे करीब 12 तोले सोने-चांदी के जेवर गायब थे।
जेवरों की अनुमानित कीमत 13 से 14 लाख रुपये बताई जा रही है। शिकायत मिलते ही लसूडिया पुलिस ने चोरी का प्रकरण दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस ई-रिक्शा चालक और अन्य सवारियों से पूछताछ कर रही है। साथ ही रेलवे स्टेशन से लेकर स्कीम नंबर-78 तक के मार्ग पर लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज भी खंगाली जा रही है, ताकि चोरी करने वाले तक पहुंचा जा सके।
बाइट:
पराग सैनी, एसीपी, इंदौर
    user_SUNDARAM EXPRESS NEWS
    SUNDARAM EXPRESS NEWS
    Media company मल्हारगंज, इंदौर, मध्य प्रदेश•
    5 hrs ago
  • अगर बिजली और खाद की समस्या का समाधान नहीं हुआ तो 10 और 11 तारीख को उग्र आंदोलन किया जाएगा
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    अगर बिजली और खाद की समस्या का समाधान नहीं हुआ तो 10 और 11 तारीख को उग्र आंदोलन किया जाएगा
    user_सुनील कुशवाहा प्रदेश चीफ एडिटर इंडिया न्यूज़7
    सुनील कुशवाहा प्रदेश चीफ एडिटर इंडिया न्यूज़7
    इंदौर, इंदौर, मध्य प्रदेश•
    7 hrs ago
  • भारतीय क्रिकेट टीम में सिलेक्ट हुए सारांश जैन ने पिता सुबोध कुमार जैन को बताया अपना आदर्श नरेंद्र हिरवानी और अमय खुरासिया के सिखाये गुर आ रहे हैं काम गांधी हॉल इंदौर इंदौर। श्रीलंका दौरे के लिए भारतीय क्रिकेट टीम में चयनित ऑल राउंडर सारांश जैन शुक्रवार को मीडिया से रूबरु हुए। उन्होंने उम्मीद जताई कि श्रीलंका के विरुद्ध खेले जाने वाली टेस्ट सीरीज में उन्हें अंतिम 11 खिलाड़ियों में मौका मिलेगा और वह अपने करियर का सबसे बेहतरीन प्रदर्शन करेंगे। स्टेट प्रेस क्लब,मप्र के रूबरु कार्यक्रम में उन्होंने मीडिया से बात करते हुए अपनी सफलता का क्रेडिट अपने पिता को दिया। सारांश जैन के पिता सुबोध कुमार जैन मुंह के कैंसर से जब जूझ रहे थे उस समय सारांश एमपीसीए के टूर में ऑस्ट्रेलिया गए हुए थे। उस समय परिवार ने उन्हें नहीं बताया कि पिता के कैंसर का ऑपरेशन चल रहा है। सारांश जब इंदौर लोटे तो वह इस बात से बहुत नाराज़ हुए। सारांश ने बताया की उनके पिता ने कहा की वह जितना अच्छा क्रिकेट खेलेगा वह उतनी जल्दी ठीक हो जाएँगे। सारांश ने इसीलिए अपनी सफलता का श्रेय अपने पिता को दिया। उन्होंने बताया कि पिता के साथ साथ नरेंद्र हिरवानी और अमय खुरासिया ने उन्हें गेंदबाजी के गुर सिखाए हैं। प्रसिद्ध गेंदबाज़ रविचन्द्रन अश्वीन और हरभजन सिंह उनके आदर्श खिलाड़ी हैं। उन्होंने बताया कि हाल ही में हरभजन सिंह ने उन्हें मंत्र दिया है कि कुछ पाने के लिए खोना नहीं कुछ करना पड़ता है। इसी बात को उन्होंने अपने जीवन में ढल कर मेहनत को दोगुना कर दिया है। बातचीत में सारांश ने अपने 26 वर्षों के संघर्ष, परिवार के सहयोग, पिता के सपने और टीम इंडिया तक पहुंचने के सफर को साझा किया। सारांश ने कहा कि भारतीय जर्सी पहनना उनके जीवन का सबसे बड़ा सपना था और अब उनका लक्ष्य मैदान पर शानदार प्रदर्शन कर इंदौर और देश का नाम रोशन करना है। भारतीय टेस्ट टीम में चयन की खुशी सारांश जैन के चेहरे पर साफ दिखाई दी। उन्होंने बताया कि जिस दिन टीम का ऐलान हुआ उस दिन वे इंदौर के गुमास्ता नगर नाकोड़ा जैन मंदिर एवं रणजीत हनुमान मंदिर में दर्शन करने गए थे। मंदिर से लौटकर जैसे ही गाड़ी में बैठे सोशल मीडिया पर अपने चयन की खबर देखी। शुरुआत में उन्हें भरोसा नहीं हुआ, लेकिन लगातार आने वाले फोन कॉल और बधाई संदेशों ने इस ऐतिहासिक पल को सच साबित कर दिया। सारांश ने कहा कि यह पल उनके और पूरे परिवार के लिए बेहद भावुक था। उन्होंने कहा कि इंदौर हमेशा से खेल प्रतिभाओं की धरती रहा है और अब उनकी कोशिश होगी कि भारतीय टीम के लिए शानदार प्रदर्शन कर शहर का नाम दुनिया भर में और ऊंचा करें। सारांश ने अपने संघर्ष के दिनों को याद करते हुए बताया कि टीम इंडिया तक पहुंचने का यह सफर आसान नहीं था। कई बार परिस्थितियां ऐसी बनीं कि क्रिकेट छोड़ने का भी मन हुआ, लेकिन परिवार ने हर कदम पर उनका हौसला बढ़ाया। उन्होंने अपने पिता सुबोध जैन के सपने को अपनी सबसे बड़ी प्रेरणा बताया। पूर्व रणजी क्रिकेटर रहे उनके पिता हमेशा चाहते थे कि बेटा एक दिन भारत का प्रतिनिधित्व करे। चयन के बाद पिता का भावुक संदेश उनके लिए सबसे बड़ा पुरस्कार है। सारांश ने अपने बड़े भाई, पूरे परिवार और मध्यप्रदेश टीम के कोच चंद्रकांत पंडित का भी आभार जताते हुए कहा कि अब उनकी पूरी तैयारी भारतीय टीम के लिए अपना सर्वश्रेष्ठ देने की है। भारतीय टीम सम्भवतः 3 अगस्त को श्रीलंका दौरे पर रवाना होगी।सारांश ने उम्मीद जताई की उन्हें अंतिम ग्यारह में अवसर मिलेगा। कार्यक्रम में सारांश के पिता सुबोध जैन, माता संगीता जैन, पत्नी हर्षित जैन और भाई सौरभ जैन भी मौजूद थे। सारांश का स्वागत डॉ. सुशील पगारे,कमल कस्तूरी, पंकज क्षीरसागर, सुनील जैन, सोनाली यादव एवं संजय मेहता ने किया। स्टेट प्रेस क्लब, मप्र की तरफ से अध्यक्ष प्रवीण खरीवाल ने सारांश जैन को स्मृति चिन्ह भेंट किया कार्यक्रम में बड़ी संख्या में मीडियाकर्मी मौजूद थे। भास्कर समाचार सेवा के लिए मुश्ताक शेख की रिपोर्ट
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    भारतीय  क्रिकेट टीम में सिलेक्ट हुए सारांश जैन ने पिता सुबोध कुमार जैन को बताया अपना आदर्श नरेंद्र हिरवानी और अमय खुरासिया के सिखाये गुर आ रहे हैं काम 
गांधी हॉल इंदौर
इंदौर। श्रीलंका दौरे के लिए भारतीय क्रिकेट टीम में चयनित ऑल राउंडर सारांश जैन  शुक्रवार को मीडिया से रूबरु हुए। उन्होंने उम्मीद जताई कि श्रीलंका के विरुद्ध खेले जाने वाली टेस्ट सीरीज में उन्हें अंतिम 11 खिलाड़ियों में मौका मिलेगा और वह अपने करियर का सबसे बेहतरीन प्रदर्शन करेंगे।
स्टेट प्रेस क्लब,मप्र के रूबरु कार्यक्रम में उन्होंने मीडिया से बात करते हुए अपनी सफलता का क्रेडिट अपने पिता को दिया। सारांश जैन के पिता सुबोध कुमार जैन मुंह के कैंसर से जब जूझ रहे थे उस समय सारांश एमपीसीए के टूर में ऑस्ट्रेलिया गए हुए थे। उस समय परिवार ने उन्हें नहीं बताया कि पिता के कैंसर का ऑपरेशन चल रहा है। सारांश जब इंदौर लोटे तो वह इस बात से बहुत नाराज़ हुए। सारांश ने बताया की उनके पिता ने कहा की वह जितना अच्छा क्रिकेट खेलेगा वह उतनी जल्दी ठीक हो जाएँगे। सारांश ने इसीलिए अपनी सफलता का श्रेय अपने पिता को दिया। उन्होंने बताया कि पिता के साथ साथ नरेंद्र हिरवानी और अमय खुरासिया ने उन्हें गेंदबाजी के गुर सिखाए हैं। प्रसिद्ध गेंदबाज़ रविचन्द्रन अश्वीन और हरभजन सिंह उनके आदर्श खिलाड़ी हैं। उन्होंने बताया कि हाल ही में हरभजन सिंह ने उन्हें मंत्र दिया है  कि कुछ पाने के लिए खोना नहीं कुछ करना पड़ता है। इसी बात को उन्होंने अपने जीवन में ढल कर मेहनत को दोगुना कर दिया है।
बातचीत में सारांश ने अपने 26 वर्षों के संघर्ष, परिवार के सहयोग, पिता के सपने और टीम इंडिया तक पहुंचने के सफर को साझा किया। सारांश ने कहा कि भारतीय जर्सी पहनना उनके जीवन का सबसे बड़ा सपना था और अब उनका लक्ष्य मैदान पर शानदार प्रदर्शन कर इंदौर और देश का नाम रोशन करना है। भारतीय टेस्ट टीम में चयन की खुशी सारांश जैन के चेहरे पर साफ दिखाई दी। उन्होंने बताया कि जिस दिन टीम का ऐलान हुआ उस दिन वे इंदौर के गुमास्ता नगर नाकोड़ा जैन मंदिर एवं रणजीत हनुमान मंदिर में दर्शन करने गए थे। मंदिर से लौटकर जैसे ही गाड़ी में बैठे सोशल मीडिया पर अपने चयन की खबर देखी। शुरुआत में उन्हें भरोसा नहीं हुआ, लेकिन लगातार आने वाले फोन कॉल और बधाई संदेशों ने इस ऐतिहासिक पल को सच साबित कर दिया। सारांश ने कहा कि यह पल उनके और पूरे परिवार के लिए बेहद भावुक था। उन्होंने कहा कि इंदौर हमेशा से खेल प्रतिभाओं की धरती रहा है और अब उनकी कोशिश होगी कि भारतीय टीम के लिए शानदार प्रदर्शन कर शहर का नाम दुनिया भर में और ऊंचा करें।
सारांश ने अपने संघर्ष के दिनों को याद करते हुए बताया कि टीम इंडिया तक पहुंचने का यह सफर आसान नहीं था। कई बार परिस्थितियां ऐसी बनीं कि क्रिकेट छोड़ने का भी मन हुआ, लेकिन परिवार ने हर कदम पर उनका हौसला बढ़ाया। उन्होंने अपने पिता सुबोध जैन के सपने को अपनी सबसे बड़ी प्रेरणा बताया। पूर्व रणजी क्रिकेटर रहे उनके पिता हमेशा चाहते थे कि बेटा एक दिन भारत का प्रतिनिधित्व करे। चयन के बाद पिता का भावुक संदेश उनके लिए सबसे बड़ा पुरस्कार है। सारांश ने अपने बड़े भाई, पूरे परिवार और मध्यप्रदेश टीम के कोच चंद्रकांत पंडित का भी आभार जताते हुए कहा कि अब उनकी पूरी तैयारी भारतीय टीम के लिए अपना सर्वश्रेष्ठ देने की है। भारतीय टीम सम्भवतः 3 अगस्त को श्रीलंका दौरे पर रवाना होगी।सारांश ने उम्मीद जताई की उन्हें अंतिम ग्यारह में अवसर मिलेगा।
कार्यक्रम में सारांश के पिता सुबोध जैन, माता संगीता जैन, पत्नी हर्षित जैन और भाई सौरभ जैन भी मौजूद थे। सारांश का स्वागत डॉ. सुशील पगारे,कमल कस्तूरी, पंकज क्षीरसागर, सुनील जैन, सोनाली यादव एवं संजय मेहता ने किया। स्टेट प्रेस क्लब, मप्र की तरफ से अध्यक्ष प्रवीण खरीवाल ने सारांश जैन को स्मृति चिन्ह भेंट किया कार्यक्रम में बड़ी संख्या में मीडियाकर्मी मौजूद थे। भास्कर समाचार सेवा के लिए मुश्ताक शेख की रिपोर्ट
    user_Naseem Khan
    Naseem Khan
    इंदौर, इंदौर, मध्य प्रदेश•
    7 hrs ago
  • इंदौर मध्य प्रदेश में वीडियो हुआ वायरल पीड़ित महिला ने बताई बातें वह मेरा पति नहीं वह टेंट हाउस का मालिक निकाला वह महिला को बदनाम करने उसको प्रताड़ित करता था ऐसे व्यक्ति के ऊपर कानूनी कार्रवाई होना चाहिए पीड़ित महिला का वीडियो आया सामने
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    इंदौर मध्य प्रदेश में वीडियो हुआ वायरल पीड़ित महिला ने बताई बातें वह मेरा पति नहीं वह टेंट हाउस का मालिक निकाला वह महिला को बदनाम करने उसको प्रताड़ित करता था ऐसे व्यक्ति के ऊपर कानूनी कार्रवाई होना चाहिए पीड़ित महिला का वीडियो आया सामने
    user_Vishal Jadhav
    Vishal Jadhav
    पत्रकार NCR समाचार इंदौर, इंदौर, मध्य प्रदेश•
    9 hrs ago
  • वाइरल वीडियो में स्कूली छात्राओं ने अपने माता पिता से सन्देश के माध्यम से बच्चो को मोबाइल न देने की एक मार्मिक अपील
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    वाइरल वीडियो में स्कूली छात्राओं ने अपने माता पिता से सन्देश के माध्यम से बच्चो को मोबाइल  न देने की एक मार्मिक अपील
    user_Jagannath yadav  ( Riporter)
    Jagannath yadav ( Riporter)
    धरमपुरी, धार, मध्य प्रदेश•
    9 hrs ago
  • बारिश के बीच जलती चिता का वीडियो वायरल, व्यवस्थाओं पर उठे गंभीर सवाल एक तरफ विकास और जन-कल्याणकारी योजनाओं के बड़े-बड़े दावे हैं, तो दूसरी तरफ जमीन पर बदहाली की यह झकझोर देने वाली तस्वीर। मध्य प्रदेश के धार जिले से सामने आई एक घटना ने हर किसी को स्तब्ध कर दिया है, जहां तेज बारिश के बीच एक मासूम के अंतिम संस्कार के लिए ग्रामीणों को तिरपाल का सहारा लेना पड़ा। इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद शासन और स्थानीय प्रशासन की व्यवस्थाओं पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। यह घटना शुक्रवार की है, जहां धार जिले के दसई स्थित अनाज मंडी परिसर में आदिवासी समाज के एक बालक की सर्पदंश से मौत हो गई थी। इसके बाद जब परिजन और समाज के लोग बालक का अंतिम संस्कार करने पहुंचे, तभी अचानक तेज बारिश शुरू हो गई। श्मशान घाट पर पक्के शेड और बुनियादी सुविधाओं के अभाव में परिजनों को जलती चिता को भीगने से बचाने के लिए खुद हाथों में तिरपाल तानकर खड़े रहना पड़ा। किसी ग्रामीण ने इस पूरी घटना का वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर अपलोड कर दिया, जो अब तेजी से वायरल हो रहा है। एक तरफ सरकार द्वारा आदिवासियों के सामाजिक और आर्थिक उत्थान के लिए करोड़ों रुपये की कई महत्वाकांक्षी योजनाएं चलाने का दावा किया जाता है। वहीं दूसरी तरफ, धरातल पर सामने आ रही ऐसी तस्वीरें यह बयां करती हैं कि आज भी इस वर्ग तक बुनियादी सुविधाएं नहीं पहुंच पा रही हैं। समाज के एक व्यक्ति के अनुसार, क्षेत्र में आदिवासी समाज के लिए श्मशान घाट की समुचित व्यवस्था नहीं है और स्थानीय सरपंच द्वारा इस समस्या पर ध्यान नहीं दिया जा रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि बारिश के मौसम में ऐसे स्थानों पर शेड उपलब्ध होने चाहिए ताकि शोक संतप्त परिजनों को परेशानी का सामना न करना पडे इस वीडियो के सामने आने के बाद स्थानीय निवासियों में भारी आक्रोश है। लोगों का कहना है कि बारिश के मौसम में अंतिम संस्कार स्थलों पर स्थायी शेड और आवश्यक व्यवस्थाएं होना बेहद जरूरी है, ताकि किसी भी परिवार को दुख की इस घड़ी में ऐसी लाचारी का सामना न करना पड़े। अब देखना यह होगा कि इस वीडियो के संज्ञान में आने के बाद स्थानीय प्रशासन क्या कदम उठाता है और क्या दसई में जल्द ही एक सर्वसुविधायुक्त श्मशान घाट का निर्माण हो पाएगा
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    बारिश के बीच जलती चिता का वीडियो वायरल, व्यवस्थाओं पर उठे गंभीर सवाल
एक तरफ विकास और जन-कल्याणकारी योजनाओं के बड़े-बड़े दावे हैं, तो दूसरी तरफ जमीन पर बदहाली की यह झकझोर देने वाली तस्वीर। मध्य प्रदेश के धार जिले से सामने आई एक घटना ने हर किसी को स्तब्ध कर दिया है, जहां तेज बारिश के बीच एक मासूम के अंतिम संस्कार के लिए ग्रामीणों को तिरपाल का सहारा लेना पड़ा। इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद शासन और स्थानीय प्रशासन की व्यवस्थाओं पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।
यह घटना शुक्रवार की है, जहां धार जिले के दसई स्थित अनाज मंडी परिसर में आदिवासी समाज के एक बालक की सर्पदंश से मौत हो गई थी। इसके बाद जब परिजन और समाज के लोग बालक का अंतिम संस्कार करने पहुंचे, तभी अचानक तेज बारिश शुरू हो गई। श्मशान घाट पर पक्के शेड और बुनियादी सुविधाओं के अभाव में परिजनों को जलती चिता को भीगने से बचाने के लिए खुद हाथों में तिरपाल तानकर खड़े रहना पड़ा। किसी ग्रामीण ने इस पूरी घटना का वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर अपलोड कर दिया, जो अब तेजी से वायरल हो रहा है।
एक तरफ सरकार द्वारा आदिवासियों के सामाजिक और आर्थिक उत्थान के लिए करोड़ों रुपये की कई महत्वाकांक्षी योजनाएं चलाने का दावा किया जाता है। वहीं दूसरी तरफ, धरातल पर सामने आ रही ऐसी तस्वीरें यह बयां करती हैं कि आज भी इस वर्ग तक बुनियादी सुविधाएं नहीं पहुंच पा रही हैं।
समाज के एक व्यक्ति के अनुसार, क्षेत्र में आदिवासी समाज के लिए श्मशान घाट की समुचित व्यवस्था नहीं है और स्थानीय सरपंच द्वारा इस समस्या पर ध्यान नहीं दिया जा रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि बारिश के मौसम में ऐसे स्थानों पर शेड उपलब्ध होने चाहिए ताकि शोक संतप्त परिजनों को परेशानी का सामना न करना पडे
इस वीडियो के सामने आने के बाद स्थानीय निवासियों में भारी आक्रोश है। लोगों का कहना है कि बारिश के मौसम में अंतिम संस्कार स्थलों पर स्थायी शेड और आवश्यक व्यवस्थाएं होना बेहद जरूरी है, ताकि किसी भी परिवार को दुख की इस घड़ी में ऐसी लाचारी का सामना न करना पड़े। अब देखना यह होगा कि इस वीडियो के संज्ञान में आने के बाद स्थानीय प्रशासन क्या कदम उठाता है और क्या दसई में जल्द ही एक सर्वसुविधायुक्त श्मशान घाट का निर्माण हो पाएगा
    user_Jagannath yadav  ( Riporter)
    Jagannath yadav ( Riporter)
    धरमपुरी, धार, मध्य प्रदेश•
    8 hrs ago
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