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सुसनेर नगर में स्थित महात्मा ज्योतिबा फुले सब्जी मंडी में साफ-सफाई का कार्य किया गया।
Manoj Kumar
सुसनेर नगर में स्थित महात्मा ज्योतिबा फुले सब्जी मंडी में साफ-सफाई का कार्य किया गया।
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- सुसनेर के पुष्प शक्ति विहार में प्राण प्रतिष्ठा महोत्सव का भव्य शुभारंभ हो गया है। इस महोत्सव के तहत मनकामनेश्वर से एक कलश यात्रा निकाली गई। इस अनुष्ठान के दौरान शिव परिवार की स्थापना की जाएगी।1
- झालावाड़ जिले के गंगधार में भारतीय किसान संगठन ने एक मासिक बैठक के बाद उपखंड अधिकारी को ज्ञापन सौंपकर किसानों की समस्याओं के त्वरित समाधान की मांग की है। संगठन ने मुख्य रूप से खरीफ 2025 में खराब हुई सोयाबीन फसल के बीमा और मुआवजे का अब तक नहीं मिलने तथा चौमहला कृषि उपज मंडी में तोलकांटे की व्यवस्था न होने पर आक्रोश व्यक्त किया। भारतीय किसान संघ का कहना है कि खरीफ 2025 में सोयाबीन की फसल खराब हुए 10 महीने बीत चुके हैं, लेकिन किसानों को अब तक बीमा क्लेम नहीं मिला है। इसके अलावा, लगभग 40 से 50 प्रतिशत किसान मुआवजा राशि से भी वंचित हैं, जिससे वे गंभीर आर्थिक संकट का सामना कर रहे हैं। वहीं, चौमहला कृषि उपज मंडी में तोलकांटे की अनुपलब्धता के कारण किसानों को अपनी उपज बेचने में भारी कठिनाई हो रही है। इस समस्या को लेकर प्रशासन को कई बार अवगत कराया गया है, फिर भी कोई कार्रवाई नहीं हुई है। किसानों की इन गंभीर समस्याओं के समाधान के लिए संगठन ने प्रशासन को 15 दिन का समय दिया है। उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि इस अवधि में उनकी मांगें पूरी नहीं हुईं, तो भारतीय किसान संगठन एक अनिश्चितकालीन आंदोलन शुरू करेगा। संगठन ने स्पष्ट किया कि समय पर समाधान न होने की समस्त जिम्मेदारी प्रशासन की होगी।4
- मध्यप्रदेश के मंदसौर जिले के शामगढ से रामप्रसाद धनगर गुर्जर की एक खास रिपोर्ट प्रस्तुत की गई है।1
- शाजापुर जिले के कालापीपल में मुख्यमंत्री डॉक्टर मोहन यादव के दौरे की तैयारियाँ की जा रही हैं। जानकारी के अनुसार, मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव इस दौरे के दौरान 'एक पेड़ मां के नाम' अभियान में शामिल होंगे। उनके आगमन से पहले, कलेक्टर रिजजु बापना एवं एसपी प्रियंका शुक्ला ने कार्यक्रम स्थल का निरीक्षण किया।1
- केरल के वायनाड जिले में भारी बारिश के कारण भूस्खलन हुआ है। इस घटना की जानकारी मिली है।1
- वन विभाग ने झालावाड़ जिले में वन्यजीवों के संरक्षण और अवैध शिकार पर प्रभावी अंकुश लगाने के उद्देश्य से एक बड़ी कार्रवाई की है। इस दौरान विभाग ने जीवित तीतर और तोते, शिकार में प्रयुक्त फंदे, पिंजरे, तथा एक मोटरसाइकिल जब्त की। संबंधित आरोपियों के विरुद्ध वन्यजीव संरक्षण अधिनियम, 1972 के तहत प्रकरण दर्ज किया गया है। उप वन संरक्षक सागर पवार के निर्देशानुसार, बुधवार सुबह सहायक वन संरक्षक मुकेश सहजवानी के नेतृत्व में क्षेत्रीय वन अधिकारी दीपक सिंह चारण की टीम, असनावर रेंज के वनकर्मियों और पुलिस बल ने संयुक्त रूप से यह कार्रवाई की। टीम ने झालावाड़ स्थित कालीसिंध नदी की पुलिया के समीप वनखण्ड फील्ड ट्रायल क्षेत्र में बनी कच्ची झोपड़ियों पर दबिश दी। इस दौरान, मौके से जीवित तीतर एवं तोते बरामद किए गए, साथ ही वन्यजीवों के अवैध शिकार और उन्हें पकड़ने में उपयोग होने वाले फंदे, पिंजरे और एक मोटरसाइकिल भी जब्त की गई। प्रारंभिक जांच में वन्यजीवों के अवैध शिकार, उन पर कब्जा करने और उनके व्यापार से संबंधित गतिविधियों के प्रमाण मिलने पर संलिप्त व्यक्तियों के विरुद्ध वन्यजीव संरक्षण अधिनियम, 1972 के अंतर्गत प्रकरण दर्ज कर कानूनी कार्रवाई की गई। इसके उपरांत, आरोपियों को न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत किया गया। वन विभाग ने आमजन से अपील की है कि वन्यजीवों का शिकार करना, उन पर कब्जा करना, उन्हें संग्रहित करना, उनका परिवहन करना अथवा उनका व्यापार करना वन्यजीव संरक्षण अधिनियम, 1972 के तहत एक संज्ञेय और गैर-जमानती अपराध है, जिसमें दोषी पाए जाने पर कठोर दंड और जुर्माने का प्रावधान है। विभाग ने नागरिकों से यह भी आग्रह किया है कि यदि उन्हें वन्यजीवों के अवैध शिकार, कब्जे, परिवहन या व्यापार से संबंधित कोई भी जानकारी मिलती है, तो वे तत्काल इसकी सूचना निकटतम वन अधिकारी या वन विभाग को दें। विभाग ने यह आश्वासन भी दिया है कि सूचना देने वाले व्यक्तियों की पहचान पूरी तरह गोपनीय रखी जाएगी, ताकि समय पर प्रभावी कार्रवाई कर वन्यजीवों का संरक्षण सुनिश्चित किया जा सके।1
- झालावाड़ जिले के चौमहला स्थित मुख्य झंडा चौक पर आए दिन आधे से एक घंटे तक बिगड़ी व्यवस्था के कारण ट्रैफिक जाम की समस्या लगातार बढ़ती जा रही है। लोग इस स्थिति से बुरी तरह परेशान हैं और रोजाना स्कूली बच्चे, मरीज तथा आम जनता को घंटों जाम में फंसकर दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। इस जाम का मुख्य कारण चौराहे के चारों ओर अव्यवस्थित रूप से लगे ठेले-दुकानें हैं। इसके अतिरिक्त, लोग ट्रैफिक नियमों को नजरअंदाज करते हुए दुपहिया और चार पहिया वाहनों को आड़े-तिरछे खड़ा कर देते हैं। पिछले कई महीनों से बाजार में आधी सड़क पर गाड़ियाँ खड़ी करने की प्रवृत्ति ने भी समस्या को और बढ़ा दिया है। इन दिनों, अंडरपास में बारिश का पानी जमा होने और गड्ढे हो जाने से भी यह परेशानी बढ़ गई है।2
- मध्य प्रदेश के मंदसौर जिले में स्थित चंदवासा से एक खास खबर सामने आई है, जिसमें स्थानीय '8 लाइन' पर वाहनों के निकलने के तरीके को लेकर एक दिलचस्प नजारा देखने को मिला है। रामप्रसाद धनगर गुर्जर द्वारा दी गई इस रिपोर्ट में आज की इस स्थिति को लेकर यह प्रश्न उठाया गया है कि आखिर इस 8 लाइन से वाहन कैसे निकल पा रहे हैं, जो इसे देखने लायक बनाता है।1
- झालावाड़ शहर में जिला पुलिस द्वारा महिला सुरक्षा के प्रति आमजन में जागरूकता बढ़ाने के लिए पी.जी. कॉलेज ऑडिटोरियम में एक जिला स्तरीय जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य महिलाओं से संबंधित सुरक्षा मुद्दों पर जानकारी देना और राजस्थान पुलिस के महिला सुरक्षा जागरूकता अभियान में विभिन्न वर्गों की भागीदारी सुनिश्चित करना था। इस आयोजन में पिड़ावा की डीवाईएसपी पूजा नागर ने महिला सुरक्षा, साइबर अपराधों, बच्चों के अधिकारों और संकट के समय मददगार 'सिटिजन ऐप' का उपयोग करने के तरीकों के बारे में विस्तृत जानकारी दी। बाल कल्याण समिति के अध्यक्ष शिवराज सिंह हाड़ा ने ऐसे कार्यक्रमों की निरंतरता पर जोर दिया, ताकि युवा पीढ़ी, खासकर बेटियां, संकट के समय अपनी रक्षा स्वयं कर सकें। समिति की सदस्य पूर्णिमा झाला ने भी बेटियों को आत्मनिर्भर बनने के लिए कानूनों की जानकारी रखने का महत्व बताया, जबकि जन साहस संस्था की कोऑर्डिनेटर वंदना सक्सेना ने बेटियों को स्वयं को अकेला न समझने और जागरूकता के वर्तमान समय का लाभ उठाने का संदेश दिया। सखी वन स्टॉप सेंटर की प्रभारी पल्लवी चतुर्वेदी ने बेटियों की सुरक्षा के लिए चल रही योजनाओं की जानकारी साझा की। कार्यक्रम में लाइन पुलिस निरीक्षक मोहनलाल पोसवाल भी उपस्थित रहे। जागरूकता कार्यक्रम के दौरान महिला सुरक्षा से संबंधित कानूनों, हेल्पलाइन नंबर 1090, आत्मरक्षा के उपायों और पुलिस द्वारा चलाई जा रही विभिन्न योजनाओं की जानकारी प्रदान की गई। साथ ही, महिला वॉलंटियर्स के साथ सीधा संवाद स्थापित कर उनकी समस्याओं और सुझावों को सुना गया और उत्कृष्ट कार्य करने वाली महिलाओं का सम्मान भी किया गया। यह आयोजन महिला सुरक्षा से जुड़े विभिन्न वर्गों को संवाद के माध्यम से जानकारी देने पर केंद्रित था।2