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अब 7 दिन में जमीन की मापी और 14 दिन में रिपोर्ट: बिहार में पूरी प्रक्रिया हुई ऑनलाइन, कागजी सिस्टम खत्म... बिहार में जमीन मापी की प्रक्रिया को लेकर बड़ा बदलाव लागू कर दिया गया है, जिसके तहत अब पूरी व्यवस्था डिजिटल कर दी गई है। सरकार ने साफ निर्देश जारी कर दिया है कि जमीन मापी से जुड़ा हर काम अब केवल ऑनलाइन होगा। न तो ऑफलाइन आवेदन लिया जाएगा और न ही मापी के बाद रिपोर्ट कागज पर दी जाएगी। इस नई व्यवस्था का मकसद लोगों को दफ्तरों के चक्कर से राहत देना और प्रक्रिया को पारदर्शी बनाना है। नए नियम के तहत आवेदन करने के बाद पूरी प्रक्रिया तय समय सीमा में पूरी करनी होगी। सबसे पहले तीन दिनों के भीतर अमीन की नियुक्ति की जाएगी। इसके बाद संबंधित पक्षों को नोटिस भेजा जाएगा और सातवें दिन तक जमीन की मापी पूरी कर ली जाएगी। मापी के बाद अधिकतम 14 दिनों के भीतर रिपोर्ट पोर्टल पर अपलोड करना अनिवार्य कर दिया गया है। अगर इस समय सीमा का पालन नहीं होता है, तो संबंधित कर्मियों पर कार्रवाई भी की जा सकती है। इस नई व्यवस्था में तकनीक का खास इस्तेमाल किया गया है। मापी के दौरान अमीन को मौके पर ही जियो टैग की गई तस्वीरें पोर्टल पर अपलोड करनी होंगी। यदि ऐसा नहीं किया गया, तो मापी को अधूरा माना जाएगा। इससे किसी भी तरह की गड़बड़ी या विवाद की संभावना को कम करने की कोशिश की गई है और पूरी प्रक्रिया को ज्यादा विश्वसनीय बनाने का प्रयास किया गया है। सरकार ने इस पूरी प्रक्रिया की निगरानी भी सख्त कर दी है। अपर समाहर्ता स्तर के अधिकारी इसकी मॉनिटरिंग करेंगे, ताकि हर चरण में नियमों का सही तरीके से पालन हो सके। वहीं अधिकारियों का कहना है कि यदि कोई कर्मचारी इस व्यवस्था का उल्लंघन करता है, तो संबंधित अंचल के अमीन पर सीधी कार्रवाई होगी। पिपरा की अंचल अधिकारी उमा कुमारी ने बताया कि इस नई व्यवस्था से रैयतों को बड़ी राहत मिलेगी। अब लोगों को मापी के लिए बार-बार अंचल कार्यालय नहीं जाना पड़ेगा। वे घर बैठे ऑनलाइन आवेदन कर सकेंगे और तय समय के भीतर पूरी प्रक्रिया पूरी हो जाएगी। सरकार का मानना है कि इस डिजिटल सिस्टम के लागू होने से जमीन मापी का काम पहले से कहीं ज्यादा आसान, तेज और पारदर्शी बनेगा। इससे न केवल लोगों का समय बचेगा, बल्कि जमीन से जुड़े विवादों को भी कम करने में मदद मिलने की उम्मीद है। #subhanllb #bihar #BiharNews #RevenueDepartment #LandReform #BiharRevenueLandReformsDept #NewsUpdate अब 7 दिन में जमीन की मापी और 14 दिन में रिपोर्ट: बिहार में पूरी प्रक्रिया हुई ऑनलाइन, कागजी सिस्टम खत्म... बिहार में जमीन मापी की प्रक्रिया को लेकर बड़ा बदलाव लागू कर दिया गया है, जिसके तहत अब पूरी व्यवस्था डिजिटल कर दी गई है। सरकार ने साफ निर्देश जारी कर दिया है कि जमीन मापी से जुड़ा हर काम अब केवल ऑनलाइन होगा। न तो ऑफलाइन आवेदन लिया जाएगा और न ही मापी के बाद रिपोर्ट कागज पर दी जाएगी। इस नई व्यवस्था का मकसद लोगों को दफ्तरों के चक्कर से राहत देना और प्रक्रिया को पारदर्शी बनाना है। नए नियम के तहत आवेदन करने के बाद पूरी प्रक्रिया तय समय सीमा में पूरी करनी होगी। सबसे पहले तीन दिनों के भीतर अमीन की नियुक्ति की जाएगी। इसके बाद संबंधित पक्षों को नोटिस भेजा जाएगा और सातवें दिन तक जमीन की मापी पूरी कर ली जाएगी। मापी के बाद अधिकतम 14 दिनों के भीतर रिपोर्ट पोर्टल पर अपलोड करना अनिवार्य कर दिया गया है। अगर इस समय सीमा का पालन नहीं होता है, तो संबंधित कर्मियों पर कार्रवाई भी की जा सकती है। इस नई व्यवस्था में तकनीक का खास इस्तेमाल किया गया है। मापी के दौरान अमीन को मौके पर ही जियो टैग की गई तस्वीरें पोर्टल पर अपलोड करनी होंगी। यदि ऐसा नहीं किया गया, तो मापी को अधूरा माना जाएगा। इससे किसी भी तरह की गड़बड़ी या विवाद की संभावना को कम करने की कोशिश की गई है और पूरी प्रक्रिया को ज्यादा विश्वसनीय बनाने का प्रयास किया गया है। सरकार ने इस पूरी प्रक्रिया की निगरानी भी सख्त कर दी है। अपर समाहर्ता स्तर के अधिकारी इसकी मॉनिटरिंग करेंगे, ताकि हर चरण में नियमों का सही तरीके से पालन हो सके। वहीं अधिकारियों का कहना है कि यदि कोई कर्मचारी इस व्यवस्था का उल्लंघन करता है, तो संबंधित अंचल के अमीन पर सीधी कार्रवाई होगी। पिपरा की अंचल अधिकारी उमा कुमारी ने बताया कि इस नई व्यवस्था से रैयतों को बड़ी राहत मिलेगी। अब लोगों को मापी के लिए बार-बार अंचल कार्यालय नहीं जाना पड़ेगा। वे घर बैठे ऑनलाइन आवेदन कर सकेंगे और तय समय के भीतर पूरी प्रक्रिया पूरी हो जाएगी। सरकार का मानना है कि इस डिजिटल सिस्टम के लागू होने से जमीन मापी का काम पहले से कहीं ज्यादा आसान, तेज और पारदर्शी बनेगा। इससे न केवल लोगों का समय बचेगा, बल्कि जमीन से जुड़े विवादों को भी कम करने में मदद मिलने की उम्मीद है। #subhanllb #bihar #BiharNews #RevenueDepartment #LandReform #BiharRevenueLandReformsDept #NewsUpdate

on 19 April
user_S.K SINGH
S.K SINGH
Medical Lab शेखपुरा, शेखपुरा, बिहार•
on 19 April
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अब 7 दिन में जमीन की मापी और 14 दिन में रिपोर्ट: बिहार में पूरी प्रक्रिया हुई ऑनलाइन, कागजी सिस्टम खत्म... बिहार में जमीन मापी की प्रक्रिया को लेकर बड़ा बदलाव लागू कर दिया गया है, जिसके तहत अब पूरी व्यवस्था डिजिटल कर दी गई है। सरकार ने साफ निर्देश जारी कर दिया है कि जमीन मापी से जुड़ा हर काम अब केवल ऑनलाइन होगा। न तो ऑफलाइन आवेदन लिया जाएगा और न ही मापी के बाद रिपोर्ट कागज पर दी जाएगी। इस नई व्यवस्था का मकसद लोगों को दफ्तरों के चक्कर से राहत देना और प्रक्रिया को पारदर्शी बनाना है। नए नियम के तहत आवेदन करने के बाद पूरी प्रक्रिया तय समय सीमा में पूरी करनी होगी। सबसे पहले तीन दिनों के भीतर अमीन की नियुक्ति की जाएगी। इसके बाद संबंधित पक्षों को नोटिस भेजा जाएगा और सातवें दिन तक जमीन की मापी पूरी कर ली जाएगी। मापी के बाद अधिकतम 14 दिनों के भीतर रिपोर्ट पोर्टल पर अपलोड करना अनिवार्य कर दिया गया है। अगर इस समय सीमा का पालन नहीं होता है, तो संबंधित कर्मियों पर कार्रवाई भी की जा सकती है। इस नई व्यवस्था में तकनीक का खास इस्तेमाल किया गया है। मापी के दौरान अमीन को मौके पर ही जियो टैग की गई तस्वीरें पोर्टल पर अपलोड करनी होंगी। यदि ऐसा नहीं किया गया, तो मापी को अधूरा माना जाएगा। इससे किसी भी तरह की गड़बड़ी या विवाद की संभावना को कम करने की कोशिश की गई है और पूरी प्रक्रिया को ज्यादा विश्वसनीय बनाने का प्रयास किया गया है। सरकार ने इस पूरी प्रक्रिया की निगरानी भी सख्त कर दी है। अपर समाहर्ता स्तर के अधिकारी इसकी मॉनिटरिंग करेंगे, ताकि हर चरण में नियमों का सही तरीके से पालन हो सके। वहीं अधिकारियों का कहना है कि यदि कोई कर्मचारी इस व्यवस्था का उल्लंघन करता है, तो संबंधित अंचल के अमीन पर सीधी कार्रवाई होगी। पिपरा की अंचल अधिकारी उमा कुमारी ने बताया कि इस नई व्यवस्था से रैयतों को बड़ी राहत मिलेगी। अब लोगों को मापी के लिए बार-बार अंचल कार्यालय नहीं जाना पड़ेगा। वे घर बैठे ऑनलाइन आवेदन कर सकेंगे और तय समय के भीतर पूरी प्रक्रिया पूरी हो जाएगी। सरकार का मानना है कि इस डिजिटल सिस्टम के लागू होने से जमीन मापी का काम पहले से कहीं ज्यादा आसान, तेज और पारदर्शी बनेगा। इससे न केवल लोगों का समय बचेगा, बल्कि जमीन से जुड़े विवादों को भी कम करने में मदद मिलने की उम्मीद है। #subhanllb #bihar #BiharNews #RevenueDepartment #LandReform #BiharRevenueLandReformsDept #NewsUpdate अब 7 दिन में जमीन की मापी और 14 दिन में रिपोर्ट: बिहार में पूरी प्रक्रिया हुई ऑनलाइन, कागजी सिस्टम खत्म... बिहार में जमीन मापी की प्रक्रिया को लेकर बड़ा बदलाव लागू कर दिया गया है, जिसके तहत अब पूरी व्यवस्था डिजिटल कर दी गई है। सरकार ने साफ निर्देश जारी कर दिया है कि जमीन मापी से जुड़ा हर काम अब केवल ऑनलाइन होगा। न तो ऑफलाइन आवेदन लिया जाएगा और न ही मापी के बाद रिपोर्ट कागज पर दी जाएगी। इस नई व्यवस्था का मकसद लोगों को दफ्तरों के चक्कर से राहत देना और प्रक्रिया को पारदर्शी बनाना है। नए नियम के तहत आवेदन करने के बाद पूरी प्रक्रिया तय समय सीमा में पूरी करनी होगी। सबसे पहले तीन दिनों के भीतर अमीन की नियुक्ति की जाएगी। इसके बाद संबंधित पक्षों को नोटिस भेजा जाएगा और सातवें दिन तक जमीन की मापी पूरी कर ली जाएगी। मापी के बाद अधिकतम 14 दिनों के भीतर रिपोर्ट पोर्टल पर अपलोड करना अनिवार्य कर दिया गया है। अगर इस समय सीमा का पालन नहीं होता है, तो संबंधित कर्मियों पर कार्रवाई भी की जा सकती है। इस नई व्यवस्था में तकनीक का खास इस्तेमाल किया गया है। मापी के दौरान अमीन को मौके पर ही जियो टैग की गई तस्वीरें पोर्टल पर अपलोड करनी होंगी। यदि ऐसा नहीं किया गया, तो मापी को अधूरा माना जाएगा। इससे किसी भी तरह की गड़बड़ी या विवाद की संभावना को कम करने की कोशिश की गई है और पूरी प्रक्रिया को ज्यादा विश्वसनीय बनाने का प्रयास किया गया है। सरकार ने इस पूरी प्रक्रिया की निगरानी भी सख्त कर दी है। अपर समाहर्ता स्तर के अधिकारी इसकी मॉनिटरिंग करेंगे, ताकि हर चरण में नियमों का सही तरीके से पालन हो सके। वहीं अधिकारियों का कहना है कि यदि कोई कर्मचारी इस व्यवस्था का उल्लंघन करता है, तो संबंधित अंचल के अमीन पर सीधी कार्रवाई होगी। पिपरा की अंचल अधिकारी उमा कुमारी ने बताया कि इस नई व्यवस्था से रैयतों को बड़ी राहत मिलेगी। अब लोगों को मापी के लिए बार-बार अंचल कार्यालय नहीं जाना पड़ेगा। वे घर बैठे ऑनलाइन आवेदन कर सकेंगे और तय समय के भीतर पूरी प्रक्रिया पूरी हो जाएगी। सरकार का मानना है कि इस डिजिटल सिस्टम के लागू होने से जमीन मापी का काम पहले से कहीं ज्यादा आसान, तेज और पारदर्शी बनेगा। इससे न केवल लोगों का समय बचेगा, बल्कि जमीन से जुड़े विवादों को भी कम करने में मदद मिलने की उम्मीद है। #subhanllb #bihar #BiharNews #RevenueDepartment #LandReform #BiharRevenueLandReformsDept #NewsUpdate

More news from Bihar and nearby areas
  • Post by कुमार सुबिद
    3
    Post by कुमार सुबिद
    user_कुमार सुबिद
    कुमार सुबिद
    पत्रकार Sheikhpura, Bihar•
    17 hrs ago
  • आपकी बात एक गंभीर और वास्तविक समस्या को उठाती है—किसानों पर कर्ज का बोझ और उससे जुड़ी कानूनी व प्रशासनिक परेशानियाँ। लेकिन एक बात साफ करना जरूरी है: बड़े उद्योगपतियों और किसानों के मामलों में कानून अलग नहीं होता, फर्क अक्सर प्रक्रिया, संसाधन और पहुंच का होता है। इसलिए समाधान भावनात्मक अपील के साथ-साथ व्यावहारिक होना चाहिए। आप जो मांग रख रहे हैं—पंचायत स्तर पर समाधान तंत्र—यह काफी मजबूत और ज़मीन से जुड़ा आइडिया है। इसे थोड़ा व्यवस्थित तरीके से रखा जाए तो सरकार पर प्रभाव भी ज्यादा पड़ेगा। आपकी बात को मजबूत रूप में ऐसे पेश किया जा सकता है: मुख्य समस्या: समय पर कर्ज न चुकाने पर किसानों को नोटिस, कुर्की/जब्ती का डर अदालतों में भीड़ और खराब व्यवहार गरीब किसान के पास कानूनी लड़ाई लड़ने के साधन नहीं मांग/समाधान: पंचायत स्तर पर “किसान कर्ज समाधान समिति” बने जिसमें पंचायत प्रतिनिधि, बैंक अधिकारी और प्रशासन शामिल हों छोटे किसानों के लिए कर्ज पुनर्गठन (Loan Restructuring) आसान किस्तें, समय बढ़ाना किसानों के लिए लोक अदालत/कैम्प कोर्ट पंचायत में ही लगे ताकि उन्हें जिला कोर्ट के चक्कर न काटने पड़ें कर्ज माफी या राहत योजना (जरूरतमंद किसानों के लिए) बैंक और प्रशासन को मानवीय व्यवहार का निर्देश पोस्टर/अपील के लिए दमदार लाइनें: हेडलाइन: 👉 "किसान पर कर्ज का बोझ क्यों? समाधान पंचायत स्तर पर हो!" सबहेडिंग: 👉 "नोटिस और जब्ती नहीं, सम्मान और समाधान चाहिए!" मुख्य लाइन: 👉 "किसान खुशहाल होगा तभी भारत खुशहाल होगा" अपील: 👉 "बिहार सरकार और भारत सरकार से मांग – हर पंचायत में किसान कर्ज समाधान समिति बनाई जाए"
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    आपकी बात एक गंभीर और वास्तविक समस्या को उठाती है—किसानों पर कर्ज का बोझ और उससे जुड़ी कानूनी व प्रशासनिक परेशानियाँ। लेकिन एक बात साफ करना जरूरी है: बड़े उद्योगपतियों और किसानों के मामलों में कानून अलग नहीं होता, फर्क अक्सर प्रक्रिया, संसाधन और पहुंच का होता है। इसलिए समाधान भावनात्मक अपील के साथ-साथ व्यावहारिक होना चाहिए।
आप जो मांग रख रहे हैं—पंचायत स्तर पर समाधान तंत्र—यह काफी मजबूत और ज़मीन से जुड़ा आइडिया है। इसे थोड़ा व्यवस्थित तरीके से रखा जाए तो सरकार पर प्रभाव भी ज्यादा पड़ेगा।
आपकी बात को मजबूत रूप में ऐसे पेश किया जा सकता है:
मुख्य समस्या:
समय पर कर्ज न चुकाने पर किसानों को नोटिस, कुर्की/जब्ती का डर
अदालतों में भीड़ और खराब व्यवहार
गरीब किसान के पास कानूनी लड़ाई लड़ने के साधन नहीं
मांग/समाधान:
पंचायत स्तर पर “किसान कर्ज समाधान समिति” बने
जिसमें पंचायत प्रतिनिधि, बैंक अधिकारी और प्रशासन शामिल हों
छोटे किसानों के लिए कर्ज पुनर्गठन (Loan Restructuring)
आसान किस्तें, समय बढ़ाना
किसानों के लिए लोक अदालत/कैम्प कोर्ट पंचायत में ही लगे
ताकि उन्हें जिला कोर्ट के चक्कर न काटने पड़ें
कर्ज माफी या राहत योजना (जरूरतमंद किसानों के लिए)
बैंक और प्रशासन को मानवीय व्यवहार का निर्देश
पोस्टर/अपील के लिए दमदार लाइनें:
हेडलाइन: 👉 "किसान पर कर्ज का बोझ क्यों? समाधान पंचायत स्तर पर हो!"
सबहेडिंग: 👉 "नोटिस और जब्ती नहीं, सम्मान और समाधान चाहिए!"
मुख्य लाइन: 👉 "किसान खुशहाल होगा तभी भारत खुशहाल होगा"
अपील: 👉 "बिहार सरकार और भारत सरकार से मांग – हर पंचायत में किसान कर्ज समाधान समिति बनाई जाए"
    user_S.K SINGH
    S.K SINGH
    Medical Lab शेखपुरा, शेखपुरा, बिहार•
    22 hrs ago
  • हमारे बच्चे दूसरे राज्यों में मजदूरी कर रहे हैं ये कोई गौरव की बात नहीं!!
    1
    हमारे बच्चे दूसरे राज्यों में मजदूरी कर रहे हैं ये कोई गौरव की बात नहीं!!
    user_Prasant kishor ki sena
    Prasant kishor ki sena
    Local Politician Mokameh, Patna•
    1 hr ago
  • लखीसराय। जिला लोक शिकायत कार्यालय में गुरुवार को आयोजित जनसुनवाई में प्रशासन की सक्रियता और संवेदनशीलता देखने को मिली। इस जनसुनवाई में जिले के विभिन्न प्रखंडों और शहरी क्षेत्रों से बड़ी संख्या में लोग अपनी समस्याओं के समाधान की उम्मीद लेकर पहुंचे। जिला लोक शिकायत निवारण पदाधिकारी शंभू नाथ ने एक-एक कर कुल 36 मामलों की गंभीरता से सुनवाई की। उन्होंने सभी मामलों की गहन जांच-पड़ताल करते हुए संबंधित अधिकारियों को शीघ्र और प्रभावी समाधान सुनिश्चित करने के सख्त निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि जनता की समस्याओं के समाधान में किसी भी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी। जनसुनवाई के दौरान उपस्थित लोगों ने प्रशासन की इस पहल पर संतोष जताया और अपनी समस्याओं के समाधान को लेकर सकारात्मक उम्मीद व्यक्त की। इस अवसर पर कार्यालय कर्मी राजू गुप्ता और सत्येंद्र कुमार भी मौजूद रहे।
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    लखीसराय। जिला लोक शिकायत कार्यालय में गुरुवार को आयोजित जनसुनवाई में प्रशासन की सक्रियता और संवेदनशीलता देखने को मिली।  इस जनसुनवाई में जिले के विभिन्न प्रखंडों और शहरी क्षेत्रों से बड़ी संख्या में लोग अपनी समस्याओं के समाधान की उम्मीद लेकर पहुंचे।
जिला लोक शिकायत निवारण पदाधिकारी शंभू नाथ ने एक-एक कर कुल 36 मामलों की गंभीरता से सुनवाई की। उन्होंने सभी मामलों की गहन जांच-पड़ताल करते हुए संबंधित अधिकारियों को शीघ्र और प्रभावी समाधान सुनिश्चित करने के सख्त निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि जनता की समस्याओं के समाधान में किसी भी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी।
जनसुनवाई के दौरान उपस्थित लोगों ने प्रशासन की इस पहल पर संतोष जताया और अपनी समस्याओं के समाधान को लेकर सकारात्मक उम्मीद व्यक्त की।
इस अवसर पर कार्यालय कर्मी राजू गुप्ता और सत्येंद्र कुमार भी मौजूद रहे।
    user_Atmanand Singh
    Atmanand Singh
    पत्रकार लखीसराय, लखीसराय, बिहार•
    22 hrs ago
  • नवग्रह की शांति होगी जड़ी बूटी से। *मां कामाख्या ज्योतिष संस्थान का भव्य शुभारंभ* पटना में मां कामाख्या ज्योतिष संस्थान का भव्य शुभारंभ किया गया। इस प्रतिष्ठित संस्थान के संस्थापक प्रसिद्ध ज्योतिषाचार्य एम. के. पांडे उर्फ 'गुरुजी' उद्घाटन समारोह में वैदिक मंत्रोच्चार और हवन के साथ संस्थान का शुभारंभ हुआ। गुरुजी ने बताया कि इस संस्थान का मुख्य उद्देश्य प्राचीन भारतीय ज्योतिष, वास्तु और कर्मकांड की विद्या से लोगों के जीवन की समस्याओं का समाधान करना है। आचार्य एम. के. पांडे ने कहा कि संस्थान में सेवा का आधार शास्त्र-सम्मत ज्ञान और पूरी निष्ठा होगी। यह संस्थान पटना वासियों के लिए ज्योतिषीय समाधान का एक विश्वसनीय केंद्र बनेगा। *संस्थान में उपलब्ध प्रमुख सेवाएं:* - *कुंडली विश्लेषण*: जन्म कुंडली के आधार पर जीवन, करियर, विवाह और स्वास्थ्य संबंधी सटीक मार्गदर्शन - *ग्रह शांति*: कुंडली में अशुभ ग्रहों के दुष्प्रभाव को कम करने हेतु विशेष पूजा, जाप और उपाय - *वास्तु शांति*: घर, दुकान व कार्यालय में वास्तु दोष निवारण कर सुख-समृद्धि लाना - *समस्या समाधान*: दांपत्य कलह, आर्थिक तंगी, संतान संबंधी बाधा और रोग निवारण हेतु ज्योतिषीय संस्थान का पता: नियर रामकृष्ण नगर बाईपास राम लखन पथ राम लखन सिंह मार्केट कंकड़बाग पटना 7739921535
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    नवग्रह की शांति होगी जड़ी बूटी से। 
*मां कामाख्या ज्योतिष संस्थान का भव्य शुभारंभ*
पटना में मां कामाख्या ज्योतिष संस्थान का भव्य शुभारंभ किया गया। इस प्रतिष्ठित संस्थान के संस्थापक प्रसिद्ध ज्योतिषाचार्य एम. के. पांडे उर्फ 'गुरुजी'
उद्घाटन समारोह में वैदिक मंत्रोच्चार और हवन के साथ संस्थान का शुभारंभ हुआ। गुरुजी ने बताया कि इस संस्थान का मुख्य उद्देश्य प्राचीन भारतीय ज्योतिष, वास्तु और कर्मकांड की विद्या से लोगों के जीवन की समस्याओं का समाधान करना है। 
आचार्य एम. के. पांडे ने कहा कि संस्थान में सेवा का आधार शास्त्र-सम्मत ज्ञान और पूरी निष्ठा होगी। यह संस्थान पटना वासियों के लिए ज्योतिषीय समाधान का एक विश्वसनीय केंद्र बनेगा।
*संस्थान में उपलब्ध प्रमुख सेवाएं:*
- *कुंडली विश्लेषण*: जन्म कुंडली के आधार पर जीवन, करियर, विवाह और स्वास्थ्य संबंधी सटीक मार्गदर्शन
- *ग्रह शांति*: कुंडली में अशुभ ग्रहों के दुष्प्रभाव को कम करने हेतु विशेष पूजा, जाप और उपाय
- *वास्तु शांति*: घर, दुकान व कार्यालय में वास्तु दोष निवारण कर सुख-समृद्धि लाना
- *समस्या समाधान*: दांपत्य कलह, आर्थिक तंगी, संतान संबंधी बाधा और रोग निवारण हेतु ज्योतिषीय
संस्थान का पता: नियर रामकृष्ण नगर बाईपास राम लखन पथ राम लखन सिंह मार्केट कंकड़बाग पटना 
7739921535
    user_Kumar Amlesh
    Kumar Amlesh
    पत्रकार लखीसराय, लखीसराय, बिहार•
    23 hrs ago
  • Post by VN News Bihar
    1
    Post by VN News Bihar
    user_VN News Bihar
    VN News Bihar
    Bihar Sharif, Nalanda•
    10 hrs ago
  • Post by कुमार सुबिद
    1
    Post by कुमार सुबिद
    user_कुमार सुबिद
    कुमार सुबिद
    पत्रकार Sheikhpura, Bihar•
    17 hrs ago
  • आयी हुई और लायी हुई भीड़ का अंतर समझ आ जाता है। कल प्रधान संसदीय क्षेत्र बनारस में नारी सड़कों पर बेहोश हुई और आज जिन बसों को ‘गंगा एक्सप्रेसवे’ के ‘प्रधान उद्घाटन’ में लगाया गया है उनके ड्राइवरों-कंडक्टरों के लिए खाने-पानी-रहने का कोई इंतजाम नहीं किया गया है। ये भाजपा सरकार की असंवेदनशीलता का निकृष्टतम रूप है। गर्मियों की छुट्टियों में जबकि बसों की माँग बढ़ी हुई है, एक सरकारी कार्यक्रम के लिए 2-3 दिनों के लिए बसों को दिखावटी काम में लगाना, जनता को प्रताड़ित करना है। इन बसों का खालीपन बता रहा है, हवा का रुख़ भाजपा के ख़िलाफ़ जा रहा है।
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    आयी हुई और लायी हुई भीड़ का अंतर समझ आ जाता है। कल प्रधान संसदीय क्षेत्र बनारस में नारी सड़कों पर बेहोश हुई और आज जिन बसों को ‘गंगा एक्सप्रेसवे’ के ‘प्रधान उद्घाटन’ में लगाया गया है उनके ड्राइवरों-कंडक्टरों के लिए खाने-पानी-रहने का कोई इंतजाम नहीं किया गया है। ये भाजपा सरकार की असंवेदनशीलता का निकृष्टतम रूप है। 
गर्मियों की छुट्टियों में जबकि बसों की माँग बढ़ी हुई है, एक सरकारी कार्यक्रम के लिए 2-3 दिनों के लिए बसों को दिखावटी काम में लगाना, जनता को प्रताड़ित करना है। 
इन बसों का खालीपन बता रहा है, हवा का रुख़ भाजपा के ख़िलाफ़ जा रहा है।
    user_Vandebharat news bihar sarif nalanda Ramendra Kumar
    Vandebharat news bihar sarif nalanda Ramendra Kumar
    Local News Reporter बिहार शरीफ, नालंदा, बिहार•
    11 hrs ago
  • Post by JMBNEWS
    1
    Post by JMBNEWS
    user_JMBNEWS
    JMBNEWS
    पत्रकार बाढ़, पटना, बिहार•
    12 hrs ago
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