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माँ कौशल्या इंटरप्राईजेज का भव्य शुभारंभ, विकास नगर पिलर न०:-36 के सामने नई शुरुआत किया गया।
VN News Bihar
माँ कौशल्या इंटरप्राईजेज का भव्य शुभारंभ, विकास नगर पिलर न०:-36 के सामने नई शुरुआत किया गया।
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- Post by VN News Bihar1
- आयी हुई और लायी हुई भीड़ का अंतर समझ आ जाता है। कल प्रधान संसदीय क्षेत्र बनारस में नारी सड़कों पर बेहोश हुई और आज जिन बसों को ‘गंगा एक्सप्रेसवे’ के ‘प्रधान उद्घाटन’ में लगाया गया है उनके ड्राइवरों-कंडक्टरों के लिए खाने-पानी-रहने का कोई इंतजाम नहीं किया गया है। ये भाजपा सरकार की असंवेदनशीलता का निकृष्टतम रूप है। गर्मियों की छुट्टियों में जबकि बसों की माँग बढ़ी हुई है, एक सरकारी कार्यक्रम के लिए 2-3 दिनों के लिए बसों को दिखावटी काम में लगाना, जनता को प्रताड़ित करना है। इन बसों का खालीपन बता रहा है, हवा का रुख़ भाजपा के ख़िलाफ़ जा रहा है।1
- वायरल शादी 🎎1
- लद्दाख के युवाओं ने मुझे बताया कि किस तरह उनके खूबसूरत आशियाने को एक पुलिस राज में बदल दिया गया है। उनकी आवाज़ दबा दी गई है, लोकतांत्रिक अधिकारों को कुचल दिया गया है और उनकी ज़मीन और नाज़ुक पर्यावरण को मोदी जी के अरबपति मित्रों के हवाले किया जा रहा है। लद्दाख के लोग विकास के खिलाफ नहीं हैं। वो रोज़गार और उद्योग चाहते हैं, मगर ऐसा विकास जो स्थानीय लोगों को फायदा पहुँचाए। आशा है कि अपने दौरे के दौरान गृह मंत्री इस सच्चाई को समझ पाएं।1
- नालंदा में ‘कृष्णा दही कुटीर’ की शुरुआत, अब घर बैठे मिलेगा शुद्ध कुल्हड़ दही !1
- बिहार: 700 गाड़ियां, 80 ड्रोन, लौंडा डांस, पोतों ने ऐसे निकाली दादी की शव यात्रा, ताकते रहे लोग मामला बिहार के भोजपुर जिले का है. शुक्रवार को यह शव यात्रा निकली थी. अब इसकी खूब चर्चा हो रही है. शव यात्रा घर से श्मशान घाट तक लगभग चार किलोमीटर लंबी थी. बिहार में एक ऐसी शव यात्रा निकली है कि यह चर्चा का विषय बन गया है. मामला भोजपुर जिले के शाहपुर प्रखंड के दिलमनपुर गांव का है. यहां बीते शुक्रवार (24 अप्रैल, 2026) को 95 वर्षीय कौशल्या देवी के निधन के बाद पोतों ने उन्हें यादगार विदाई दी. इस अंतिम यात्रा में करीब 700 गाड़ियों का काफिला दिखा. 3500 लोगों की भीड़ शामिल हुई. कैंसर से जूझ रही थीं कौशल्या देवी बताया जाता है कि कौशल्या देवी करीब तीन साल से कैंसर जैसी गंभीर बीमारी से जूझ रही थीं. उनकी इच्छा थी कि उनकी अंतिम विदाई धूमधाम से हो. परिवार ने उनकी इसी इच्छा को पूरा करने का निर्णय लिया और शव यात्रा को अलग रूप दिया. चार किलोमीटर लंबी थी शव यात्रा यह शव यात्रा कौशल्या देवी के घर से श्मशान घाट तक लगभग चार किलोमीटर लंबी थी. इस दौरान पूरे रास्ते को फूलों से सजाया गया था. 30 से अधिक पिकअप वैन पर लाउडस्पीकर लगाए गए थे. 10 से अधिक डांसर और 30 से ज्यादा बैंड भी इस यात्रा का हिस्सा बने.1
- Post by Rajesh. paswan1
- जय मां लक्ष्मी जी 🪷🙏1