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लद्दाख के युवाओं ने मुझे बताया कि किस तरह उनके खूबसूरत आशियाने को एक पुलिस राज में बदल लद्दाख के युवाओं ने मुझे बताया कि किस तरह उनके खूबसूरत आशियाने को एक पुलिस राज में बदल दिया गया है। उनकी आवाज़ दबा दी गई है, लोकतांत्रिक अधिकारों को कुचल दिया गया है और उनकी ज़मीन और नाज़ुक पर्यावरण को मोदी जी के अरबपति मित्रों के हवाले किया जा रहा है। लद्दाख के लोग विकास के खिलाफ नहीं हैं। वो रोज़गार और उद्योग चाहते हैं, मगर ऐसा विकास जो स्थानीय लोगों को फायदा पहुँचाए। आशा है कि अपने दौरे के दौरान गृह मंत्री इस सच्चाई को समझ पाएं।
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लद्दाख के युवाओं ने मुझे बताया कि किस तरह उनके खूबसूरत आशियाने को एक पुलिस राज में बदल लद्दाख के युवाओं ने मुझे बताया कि किस तरह उनके खूबसूरत आशियाने को एक पुलिस राज में बदल दिया गया है। उनकी आवाज़ दबा दी गई है, लोकतांत्रिक अधिकारों को कुचल दिया गया है और उनकी ज़मीन और नाज़ुक पर्यावरण को मोदी जी के अरबपति मित्रों के हवाले किया जा रहा है। लद्दाख के लोग विकास के खिलाफ नहीं हैं। वो रोज़गार और उद्योग चाहते हैं, मगर ऐसा विकास जो स्थानीय लोगों को फायदा पहुँचाए। आशा है कि अपने दौरे के दौरान गृह मंत्री इस सच्चाई को समझ पाएं।
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- बिहार: 700 गाड़ियां, 80 ड्रोन, लौंडा डांस, पोतों ने ऐसे निकाली दादी की शव यात्रा, ताकते रहे लोग मामला बिहार के भोजपुर जिले का है. शुक्रवार को यह शव यात्रा निकली थी. अब इसकी खूब चर्चा हो रही है. शव यात्रा घर से श्मशान घाट तक लगभग चार किलोमीटर लंबी थी. बिहार में एक ऐसी शव यात्रा निकली है कि यह चर्चा का विषय बन गया है. मामला भोजपुर जिले के शाहपुर प्रखंड के दिलमनपुर गांव का है. यहां बीते शुक्रवार (24 अप्रैल, 2026) को 95 वर्षीय कौशल्या देवी के निधन के बाद पोतों ने उन्हें यादगार विदाई दी. इस अंतिम यात्रा में करीब 700 गाड़ियों का काफिला दिखा. 3500 लोगों की भीड़ शामिल हुई. कैंसर से जूझ रही थीं कौशल्या देवी बताया जाता है कि कौशल्या देवी करीब तीन साल से कैंसर जैसी गंभीर बीमारी से जूझ रही थीं. उनकी इच्छा थी कि उनकी अंतिम विदाई धूमधाम से हो. परिवार ने उनकी इसी इच्छा को पूरा करने का निर्णय लिया और शव यात्रा को अलग रूप दिया. चार किलोमीटर लंबी थी शव यात्रा यह शव यात्रा कौशल्या देवी के घर से श्मशान घाट तक लगभग चार किलोमीटर लंबी थी. इस दौरान पूरे रास्ते को फूलों से सजाया गया था. 30 से अधिक पिकअप वैन पर लाउडस्पीकर लगाए गए थे. 10 से अधिक डांसर और 30 से ज्यादा बैंड भी इस यात्रा का हिस्सा बने.1
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