प्रभु महावीर ने परिषहों को समभाव से सहन किया, तभी महावीर कहलाए - महावीर जन्म कल्याणक दिवस प्रसंग पर साध्वीश्री कीर्तिप्रभाजी ने श्री वर्धमान स्थानक भवन बखतगढ़ में धर्मसभा में कहा बखतगढ़। महावीर ने अपने जीवन में आए कष्टों को समभाव से सहन किया, तभी वे महावीर कहलाए। जब माता के गर्भ में पुण्यशाली जीव के रूप में प्रभु महावीर का जीव आया तो माता को बहुत हर्षित हुई। भगवान महावीर का शासन मिला है। उन महापुरूषों ने अपनी आत्मा का कल्याण कर लिया है। उक्त प्रेरणादायी उदगार भगवान महावीर स्वामी के 2625वें जन्म कल्याणक दिवस एवं जिनशासन गौरव आचार्यश्री उमेशमुनिजी की 72वीं दीक्षा जयंती प्रसंग पर समरथ गच्छाधिपतिश्री उत्तममुनिजी की आज्ञानुवर्तिनी साध्वीश्री कीर्तिप्रभाजी ने श्री वर्धमान स्थानक भवन बखतगढ़ में धर्मसभा में व्यक्त किए। साधु साध्वियों का समागम मिलना दुर्लभ है साध्वीजी ने आगे कहा कि प्रभु की वाणी, वचनों को स्वीकार कर जीवन में उतारेंगे तो केवल ज्ञान केवल दर्शन को प्राप्त कर मुक्ति के मार्ग पर बढ़ सकते है। त्याग के बिना जीव की कदर नहीं होती है। इसलिए जीवन त्यागमय होना चाहिए। साधु साध्वीयों का समागम मिलना और जिनवाणी श्रवण कर आचरण में लाना दोनों ही दुर्लभ है। कर्मों का बटवारा नहीं हो सकता है साध्वीश्री निवृत्तिजी ने कहा कि प्रभु की अंतिम देशना उत्तराध्ययन सूत्र में कहा गया है कि जीव ने कर्म को बांधा है तो उसका बंटवारा नहीं कर सकते। किए हुए कर्म स्वयं को ही भोगना है। कर्म जब तक उदय में नहीं आएंगे तब तक वे कर्म जीव के साथ ही चलने वाले हैं। कर्म बंधने के समय सावधान रहने की जरूरत है और रुचि लेकर पाप कर्म नहीं करना चाहिए। धर्म को जानने से पाप से बचने की वृत्ति होती है। स्थानक भवन में प्रभावना वितरण का लाभ मिसरबाई सौभाग्यमल बड़ौला परिवार ने लिया। संचालन दिलीप दरड़ा ने किया। सामूहिक प्रार्थना का हुआ आयोजन महावीर जन्म कल्याणक एवं अणु दीक्षा जयंती साध्वीश्री कीर्तिप्रभाजी, श्री प्रवृतिजी एवं श्री हितवीजी ठाणा 3 के सानिध्य में धर्म आराधना से मनाई गई। प्रातः सामूहिक प्रार्थना में भगवान महावीर स्वामी पर आधारित स्तवन, सिद्ध स्तुति, अणु उमेश चालीसा एवं गुरु गुणगान आदि स्तुति की। पश्चात सभी ने सामूहिक वंदना कर साध्वीजी से मांगलिक श्रवण की। दादा आदेश्वर प्रभु के दर्शन किए श्रावक श्राविकाओं ने जयकारा लगाते हुए प्रभात फेरी के रूप में जैन मंदिर पहुंचकर दादा आदेश्वर प्रभु के दर्शन किए। वहां से श्री श्वेतांबर मूर्ति पूजक जैन श्रीसंघ के तत्वावधान में सुसज्जित रथ में भगवानजी की प्रतिमा विराजित कर जैन मंदिर परिसर से ढोल ढमाके से वरघोड़ा निकाला गया। इसमें श्रावक वर्ग श्वेत पौषक एवं श्राविकाएं लाल व केसरिया पौषक धारण कर सम्मिलित हुए। भगवान के रथ के समक्ष पाटले पर अक्षत से गवलीजी की रथ के आगे मनीष गादिया दूध से मार्ग शुद्धिकरण करते हुए, मयूर पोरवाल दूध का पात्र लिए एवं रथ के आजूबाजू अनाया पोरवाल एवं हितांशी गादिया चंवर डोलाते हुए चल रहे थे। वरघोड़ा के दौरान समाजजन ने अपने घर आंगन के सामने भगवानजी की प्रतिमा के समक्ष पाटले पर चांवल से स्वस्तिक, चंद्र आदि से गवली कर श्रीफल, नगदी आदि भेंट चढ़ाई। श्राविकाएं व बालिकाएं खूब थिरकी प्रमुख चौराहों पर भगवानजी के रथ के सामने बालिकाएं एवं श्राविकाएं खूब थिरकी। विभिन्न मार्गों से होता हुआ वरघोड़ा बखतगढ़ के श्री आदेश्वर श्वेतांबर जैन मंदिर पहुंचा। वहां आरती का लाभ लेकर चैत्य वंदन किया। यहां मूर्ति पूजक श्रीसंघ द्वारा प्रभावना वितरित की गई। संलग्न चित्र कैप्शन : 🔲 बखतगढ़ 31 मार्च 01 बखतगढ़ में महावीर जन्म कल्याणक दिवस पर निकले वरघोड़े में शामिल समाजजन। प्रभु महावीर ने परिषहों को समभाव से सहन किया, तभी महावीर कहलाए - महावीर जन्म कल्याणक दिवस प्रसंग पर साध्वीश्री कीर्तिप्रभाजी ने श्री वर्धमान स्थानक भवन बखतगढ़ में धर्मसभा में कहा बखतगढ़। महावीर ने अपने जीवन में आए कष्टों को समभाव से सहन किया, तभी वे महावीर कहलाए। जब माता के गर्भ में पुण्यशाली जीव के रूप में प्रभु महावीर का जीव आया तो माता को बहुत हर्षित हुई। भगवान महावीर का शासन मिला है। उन महापुरूषों ने अपनी आत्मा का कल्याण कर लिया है। उक्त प्रेरणादायी उदगार भगवान महावीर स्वामी के 2625वें जन्म कल्याणक दिवस एवं जिनशासन गौरव आचार्यश्री उमेशमुनिजी की 72वीं दीक्षा जयंती प्रसंग पर समरथ गच्छाधिपतिश्री उत्तममुनिजी की आज्ञानुवर्तिनी साध्वीश्री कीर्तिप्रभाजी ने श्री वर्धमान स्थानक भवन बखतगढ़ में धर्मसभा में व्यक्त किए। साधु साध्वियों का समागम मिलना दुर्लभ है साध्वीजी ने आगे कहा कि प्रभु की वाणी, वचनों को स्वीकार कर जीवन में उतारेंगे तो केवल ज्ञान केवल दर्शन को प्राप्त कर मुक्ति के मार्ग पर बढ़ सकते है। त्याग के बिना जीव की कदर नहीं होती है। इसलिए जीवन त्यागमय होना चाहिए। साधु साध्वीयों का समागम मिलना और जिनवाणी श्रवण कर आचरण में लाना दोनों ही दुर्लभ है। कर्मों का बटवारा नहीं हो सकता है साध्वीश्री निवृत्तिजी ने कहा कि प्रभु की अंतिम देशना उत्तराध्ययन सूत्र में कहा गया है कि जीव ने कर्म को बांधा है तो उसका बंटवारा नहीं कर सकते। किए हुए कर्म स्वयं को ही भोगना है। कर्म जब तक उदय में नहीं आएंगे तब तक वे कर्म जीव के साथ ही चलने वाले हैं। कर्म बंधने के समय सावधान रहने की जरूरत है और रुचि लेकर पाप कर्म नहीं करना चाहिए। धर्म को जानने से पाप से बचने की वृत्ति होती है। स्थानक भवन में प्रभावना वितरण का लाभ मिसरबाई सौभाग्यमल बड़ौला परिवार ने लिया। संचालन दिलीप दरड़ा ने किया। सामूहिक प्रार्थना का हुआ आयोजन महावीर जन्म कल्याणक एवं अणु दीक्षा जयंती साध्वीश्री कीर्तिप्रभाजी, श्री प्रवृतिजी एवं श्री हितवीजी ठाणा 3 के सानिध्य में धर्म आराधना से मनाई गई। प्रातः सामूहिक प्रार्थना में भगवान महावीर स्वामी पर आधारित स्तवन, सिद्ध स्तुति, अणु उमेश चालीसा एवं गुरु गुणगान आदि स्तुति की। पश्चात सभी ने सामूहिक वंदना कर साध्वीजी से मांगलिक श्रवण की। दादा आदेश्वर प्रभु के दर्शन किए श्रावक श्राविकाओं ने जयकारा लगाते हुए प्रभात फेरी के रूप में जैन मंदिर पहुंचकर दादा आदेश्वर प्रभु के दर्शन किए। वहां से श्री श्वेतांबर मूर्ति पूजक जैन श्रीसंघ के तत्वावधान में सुसज्जित रथ में भगवानजी की प्रतिमा विराजित कर जैन मंदिर परिसर से ढोल ढमाके से वरघोड़ा निकाला गया। इसमें श्रावक वर्ग श्वेत पौषक एवं श्राविकाएं लाल व केसरिया पौषक धारण कर सम्मिलित हुए। भगवान के रथ के समक्ष पाटले पर अक्षत से गवलीजी की रथ के आगे मनीष गादिया दूध से मार्ग शुद्धिकरण करते हुए, मयूर पोरवाल दूध का पात्र लिए एवं रथ के आजूबाजू अनाया पोरवाल एवं हितांशी गादिया चंवर डोलाते हुए चल रहे थे। वरघोड़ा के दौरान समाजजन ने अपने घर आंगन के सामने भगवानजी की प्रतिमा के समक्ष पाटले पर चांवल से स्वस्तिक, चंद्र आदि से गवली कर श्रीफल, नगदी आदि भेंट चढ़ाई। श्राविकाएं व बालिकाएं खूब थिरकी प्रमुख चौराहों पर भगवानजी के रथ के सामने बालिकाएं एवं श्राविकाएं खूब थिरकी। विभिन्न मार्गों से होता हुआ वरघोड़ा बखतगढ़ के श्री आदेश्वर श्वेतांबर जैन मंदिर पहुंचा। वहां आरती का लाभ लेकर चैत्य वंदन किया। यहां मूर्ति पूजक श्रीसंघ द्वारा प्रभावना वितरित की गई। संलग्न चित्र कैप्शन : 🔲 बखतगढ़ 31 मार्च 01 बखतगढ़ में महावीर जन्म कल्याणक दिवस पर निकले वरघोड़े में शामिल समाजजन।
प्रभु महावीर ने परिषहों को समभाव से सहन किया, तभी महावीर कहलाए - महावीर जन्म कल्याणक दिवस प्रसंग पर साध्वीश्री कीर्तिप्रभाजी ने श्री वर्धमान स्थानक भवन बखतगढ़ में धर्मसभा में कहा बखतगढ़। महावीर ने अपने जीवन में आए कष्टों को समभाव से सहन किया, तभी वे महावीर कहलाए। जब माता के गर्भ में पुण्यशाली जीव के रूप में प्रभु महावीर का जीव आया तो माता को बहुत हर्षित हुई। भगवान महावीर का शासन मिला है। उन महापुरूषों ने अपनी आत्मा का कल्याण कर लिया है। उक्त प्रेरणादायी उदगार भगवान महावीर स्वामी के 2625वें जन्म कल्याणक दिवस एवं जिनशासन गौरव आचार्यश्री उमेशमुनिजी की 72वीं दीक्षा जयंती प्रसंग पर समरथ गच्छाधिपतिश्री उत्तममुनिजी की आज्ञानुवर्तिनी साध्वीश्री कीर्तिप्रभाजी ने श्री वर्धमान स्थानक भवन बखतगढ़ में धर्मसभा में व्यक्त किए। साधु साध्वियों का समागम मिलना दुर्लभ है साध्वीजी ने आगे कहा कि प्रभु की वाणी, वचनों को स्वीकार कर जीवन में उतारेंगे तो केवल ज्ञान केवल दर्शन को प्राप्त कर मुक्ति के मार्ग पर बढ़ सकते है। त्याग के बिना जीव की कदर नहीं होती है। इसलिए जीवन त्यागमय होना चाहिए। साधु साध्वीयों का समागम मिलना और जिनवाणी श्रवण कर आचरण में लाना दोनों ही दुर्लभ है। कर्मों का बटवारा नहीं हो सकता है साध्वीश्री निवृत्तिजी ने कहा कि प्रभु की अंतिम देशना उत्तराध्ययन सूत्र में कहा गया है कि जीव ने कर्म को बांधा है तो उसका बंटवारा नहीं कर सकते। किए हुए कर्म स्वयं को ही भोगना है। कर्म जब तक उदय में नहीं आएंगे तब तक वे कर्म जीव के साथ ही चलने वाले हैं। कर्म बंधने के समय सावधान रहने की जरूरत है और रुचि लेकर पाप कर्म नहीं करना चाहिए। धर्म को जानने से पाप से बचने की वृत्ति होती है। स्थानक भवन में प्रभावना वितरण का लाभ मिसरबाई सौभाग्यमल बड़ौला परिवार ने लिया। संचालन दिलीप दरड़ा ने किया। सामूहिक प्रार्थना का हुआ आयोजन महावीर जन्म कल्याणक एवं अणु दीक्षा जयंती साध्वीश्री कीर्तिप्रभाजी, श्री प्रवृतिजी एवं श्री हितवीजी ठाणा 3 के सानिध्य में धर्म आराधना से मनाई गई। प्रातः सामूहिक प्रार्थना में भगवान महावीर स्वामी पर आधारित स्तवन, सिद्ध स्तुति, अणु उमेश चालीसा एवं गुरु गुणगान आदि स्तुति की। पश्चात सभी ने सामूहिक वंदना कर साध्वीजी से मांगलिक श्रवण की। दादा आदेश्वर प्रभु के दर्शन किए श्रावक श्राविकाओं ने जयकारा लगाते हुए प्रभात फेरी के रूप में जैन मंदिर पहुंचकर दादा आदेश्वर प्रभु के दर्शन किए। वहां से श्री श्वेतांबर मूर्ति पूजक जैन श्रीसंघ के तत्वावधान में सुसज्जित रथ में भगवानजी की प्रतिमा विराजित कर जैन मंदिर परिसर से ढोल ढमाके से वरघोड़ा निकाला गया। इसमें श्रावक वर्ग श्वेत पौषक एवं श्राविकाएं लाल व केसरिया पौषक धारण कर सम्मिलित हुए। भगवान के रथ के समक्ष पाटले पर अक्षत से गवलीजी की रथ के आगे मनीष गादिया दूध से मार्ग शुद्धिकरण करते हुए, मयूर पोरवाल दूध का पात्र लिए एवं रथ के आजूबाजू अनाया पोरवाल एवं हितांशी गादिया चंवर डोलाते हुए चल रहे थे। वरघोड़ा के दौरान समाजजन ने अपने घर आंगन के सामने भगवानजी की प्रतिमा के समक्ष पाटले पर चांवल से स्वस्तिक, चंद्र आदि से गवली कर श्रीफल, नगदी आदि भेंट चढ़ाई। श्राविकाएं व बालिकाएं खूब थिरकी प्रमुख चौराहों पर भगवानजी के रथ के सामने बालिकाएं एवं श्राविकाएं खूब थिरकी। विभिन्न मार्गों से होता हुआ वरघोड़ा बखतगढ़ के श्री आदेश्वर श्वेतांबर जैन मंदिर पहुंचा। वहां आरती का लाभ लेकर चैत्य वंदन किया। यहां मूर्ति पूजक श्रीसंघ द्वारा प्रभावना वितरित की गई। संलग्न चित्र कैप्शन : 🔲 बखतगढ़ 31 मार्च 01 बखतगढ़ में महावीर जन्म कल्याणक दिवस पर निकले वरघोड़े में शामिल समाजजन। प्रभु महावीर ने परिषहों को समभाव से सहन किया, तभी महावीर कहलाए - महावीर जन्म कल्याणक दिवस प्रसंग पर साध्वीश्री कीर्तिप्रभाजी ने श्री वर्धमान स्थानक भवन बखतगढ़ में धर्मसभा में कहा बखतगढ़। महावीर ने अपने जीवन में आए कष्टों को समभाव से सहन किया, तभी वे महावीर कहलाए। जब माता के गर्भ में पुण्यशाली जीव के रूप में प्रभु महावीर का जीव आया तो माता को बहुत हर्षित हुई। भगवान महावीर का शासन मिला है। उन महापुरूषों ने अपनी आत्मा का कल्याण कर लिया है। उक्त प्रेरणादायी उदगार भगवान महावीर स्वामी के 2625वें जन्म कल्याणक दिवस एवं जिनशासन गौरव आचार्यश्री उमेशमुनिजी की 72वीं दीक्षा जयंती प्रसंग पर समरथ गच्छाधिपतिश्री उत्तममुनिजी की आज्ञानुवर्तिनी साध्वीश्री कीर्तिप्रभाजी ने श्री वर्धमान स्थानक भवन बखतगढ़ में धर्मसभा में व्यक्त किए। साधु साध्वियों का समागम मिलना दुर्लभ है साध्वीजी ने आगे कहा कि प्रभु की वाणी, वचनों को स्वीकार कर जीवन में उतारेंगे तो केवल ज्ञान केवल दर्शन को प्राप्त कर मुक्ति के मार्ग पर बढ़ सकते है। त्याग के बिना जीव की कदर नहीं होती है। इसलिए जीवन त्यागमय होना चाहिए। साधु साध्वीयों का समागम मिलना और जिनवाणी श्रवण कर आचरण में लाना दोनों ही दुर्लभ है। कर्मों का बटवारा नहीं हो सकता है साध्वीश्री निवृत्तिजी ने कहा कि प्रभु की अंतिम देशना उत्तराध्ययन सूत्र में कहा गया है कि जीव ने कर्म को बांधा है तो उसका बंटवारा नहीं कर सकते। किए हुए कर्म स्वयं को ही भोगना है। कर्म जब तक उदय में नहीं आएंगे तब तक वे कर्म जीव के साथ ही चलने वाले हैं। कर्म बंधने के समय सावधान रहने की जरूरत है और रुचि लेकर पाप कर्म नहीं करना चाहिए। धर्म को जानने से पाप से बचने की वृत्ति होती है। स्थानक भवन में प्रभावना वितरण का लाभ मिसरबाई सौभाग्यमल बड़ौला परिवार ने लिया। संचालन दिलीप दरड़ा ने किया। सामूहिक प्रार्थना का हुआ आयोजन महावीर जन्म कल्याणक एवं अणु दीक्षा जयंती साध्वीश्री कीर्तिप्रभाजी, श्री प्रवृतिजी एवं श्री हितवीजी ठाणा 3 के सानिध्य में धर्म आराधना से मनाई गई। प्रातः सामूहिक प्रार्थना में भगवान महावीर स्वामी पर आधारित स्तवन, सिद्ध स्तुति, अणु उमेश चालीसा एवं गुरु गुणगान आदि स्तुति की। पश्चात सभी ने सामूहिक वंदना कर साध्वीजी से मांगलिक श्रवण की। दादा आदेश्वर प्रभु के दर्शन किए श्रावक श्राविकाओं ने जयकारा लगाते हुए प्रभात फेरी के रूप में जैन मंदिर पहुंचकर दादा आदेश्वर प्रभु के दर्शन किए। वहां से श्री श्वेतांबर मूर्ति पूजक जैन श्रीसंघ के तत्वावधान में सुसज्जित रथ में भगवानजी की प्रतिमा विराजित कर जैन मंदिर परिसर से ढोल ढमाके से वरघोड़ा निकाला गया। इसमें श्रावक वर्ग श्वेत पौषक एवं श्राविकाएं लाल व केसरिया पौषक धारण कर सम्मिलित हुए। भगवान के रथ के समक्ष पाटले पर अक्षत से गवलीजी की रथ के आगे मनीष गादिया दूध से मार्ग शुद्धिकरण करते हुए, मयूर पोरवाल दूध का पात्र लिए एवं रथ के आजूबाजू अनाया पोरवाल एवं हितांशी गादिया चंवर डोलाते हुए चल रहे थे। वरघोड़ा के दौरान समाजजन ने अपने घर आंगन के सामने भगवानजी की प्रतिमा के समक्ष पाटले पर चांवल से स्वस्तिक, चंद्र आदि से गवली कर श्रीफल, नगदी आदि भेंट चढ़ाई। श्राविकाएं व बालिकाएं खूब थिरकी प्रमुख चौराहों पर भगवानजी के रथ के सामने बालिकाएं एवं श्राविकाएं खूब थिरकी। विभिन्न मार्गों से होता हुआ वरघोड़ा बखतगढ़ के श्री आदेश्वर श्वेतांबर जैन मंदिर पहुंचा। वहां आरती का लाभ लेकर चैत्य वंदन किया। यहां मूर्ति पूजक श्रीसंघ द्वारा प्रभावना वितरित की गई। संलग्न चित्र कैप्शन : 🔲 बखतगढ़ 31 मार्च 01 बखतगढ़ में महावीर जन्म कल्याणक दिवस पर निकले वरघोड़े में शामिल समाजजन।
- धार जिला मुख्यालय पर धार जिला कांग्रेस #अध्यक्ष_स्वतंत्र_जोशी_जी के नेतृत्व में सैकड़ों कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने #LPG_गैस की किल्लत व बढ़ते दामों को लेकर, #बिजली मूल्य वृद्धि को कम की जाए उसको लेकर व किसानों के #गेहूं की खरीदी #1अप्रैल से शुरू की जाए इन मांगो को लेकर SDM महोदय को ज्ञापन दिया.... Indian National Congress - Madhya Pradesh Umang Singhar Indian National Congress Jitendra Patwari Harish Chaudhary Indian Youth Congress Surendra Singh Honey Baghel Hiralal Alawa Rahul Gandhi3
- Post by Journalist Akki1
- मांडू में साप्ताहिक हाट बाजार का कायाकल्प चालू टीन शेड, रंगीन दुकान 10 से 15 दिन में चालू पेवर्स और पानी की टंकी लगेगी, सारी दुकान होगी एक जैसी राहुल सेन मांडव मो 9669141814 मांडू न्यूज/मांडू में नगर परिषद ने दुकानों की प्लेसमेंट का काम चालू कर दिया है। 10 से 15 दिन में दुकान बन कर हो जाएगी तयार फल-सब्जी, किराना, चाय-कॉफी, नाश्ता, सैलून,अनाज, कपड़े, कटलरी और जूते-चप्पल की दुकानें अलग-अलग निर्धारित स्थानों पर लगेंगी। इस व्यवस्थित योजना से बाजार को एक नया और आकर्षक स्वरूप मिलेगा। बाजार में मूलभूत सुविधाओं पर हमारा पहला फोकस भाजपा अजजा मोर्चा प्रदेश उपाध्यक्ष मांडू नगर परिषद जयराम गावर द्वारा बताया गया कि मांडू में आने वाले पर्यटक को बढ़ावा देने के लिए ओर मांडू नगर वाशियो का रोजगार बढ़ाने के लिए हमारे द्वारा आकर्षक रूप से नगर परिषद के द्वारा मांडू के साप्ताहिक हाट बाजार सर्व सुविधायुक्त करने जा रहे हैं यहां पर हम सारी दुकान एक तरह की बनवा रहे हैं जो दिखने बहुत ही सुंदर लगेगी और नगर वाशियो को व्यवसाय के लिए अच्छा काम काज मिले गा। पिछले कई वर्षों से यहां आने वाले बाजार से जुड़े व्यापारियों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ता था। उसी को देखते हुए हमने इस बाजार के कायाकल्प को लेकर यह नवाचार की पहल की है जो, उनके लिए सुविधाजनक रहेगी।4
- Post by SNY R LIVE MP1
- Post by Dinesh Chandra Rathore1
- ब्रेकिंग इंदौर नगर निगम iMic सदस्य मनीष मामा ने पकड़ा रिश्वत लेते हुए नगर निगम कर्मचारी को । झोन क्रमांक 11 के इदरीश नगर में ड्रेनेज के सेफ्टी टेंक को खाली करने के लिए रुपए 1500 की रिश्वत लेते हुए निगम कर्मचारियों को mic मनीष मामा ने पकड़ा रंगे हाथ जबकि सेफ्टी टैंक को खाली खाली करने की नगर निगम से ₹1500 की रसीद कटवा चुका था शिकायतकर्ता ऊपर से दो नंबर में मांगे थे निगम कर्मचारि ने ₹1500 इसका वीडियो भी जारी किया मनीष मामा ने1
- इंदौर में ट्रैफिक नियमों की अनदेखी करना एक युवक को भारी पड़ गया। ब्लैक फिल्म लगाकर तेज रफ्तार में कार दौड़ा रहे युवक को पुलिस ने न सिर्फ पकड़ा, बल्कि मौके पर ही उससे सार्वजनिक माफी भी मंगवाई। दरअसल इंदौर के अन्नपूर्णा थाना क्षेत्र में पुलिस ने कार्रवाई करते हुए एक युवक को पकड़ा, जो कार पर ब्लैक फिल्म लगाकर तेज रफ्तार में वाहन चला रहा था। जांच के दौरान सामने आया कि कार पर नंबर प्लेट भी नहीं लगी थी, जो नियमों का सीधा उल्लंघन है।जिसमें पुलिस ने मौके पर ही कार से ब्लैक फिल्म हटवाई और युवक पर चालानी कार्रवाई की। इतना ही नहीं, युवक से कान पकड़कर सार्वजनिक रूप से माफी भी मंगवाई गई, जिसका वीडियो अब सामने आया है। इस मामले में पुलिस अधिकारी का कहना है कि ट्रैफिक नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ इस तरह की सख्त कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी, ताकि सड़क पर सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।1
- धार के धामनोद के समीप ग्राम बिखरोन मे शादी मे डांस को लेकर बच्चो मे विवाद,1