logo
Shuru
Apke Nagar Ki App…
  • Latest News
  • News
  • Politics
  • Elections
  • Viral
  • Astrology
  • Horoscope in Hindi
  • Horoscope in English
  • Latest Political News
logo
Shuru
Apke Nagar Ki App…

धरमजयगढ़ क्षेत्र की मांड नदी में अवैध रेत उत्खनन का सिलसिला बदस्तूर जारी है, जिससे नदी का प्राकृतिक स्वरूप खतरे में पड़ गया है। जिम्मेदार विभागों की उदासीनता और लगातार हो रही अनदेखी का फायदा उठाकर रेत चोरी करने वाले अपना ठिकाना बदल-बदलकर इस अवैध कारोबार को अंजाम दे रहे हैं। पहले धर्मजयगढ़ के केरा कोना में सक्रिय रहे अवैध उत्खननकर्ताओं ने अब आमादरहा एनीकट के आसपास नया केंद्र बना लिया है, जहाँ से लगातार रेत निकाले जाने की चर्चा है और मांड नदी दिन-ब-दिन अवैध उत्खननकर्ताओं के लिए सुरक्षित ठिकाना बनती जा रही है। बीते दिनों केरा कोना में हुई कार्रवाई के बाद यह उम्मीद जगी थी कि अवैध उत्खनन पर रोक लगेगी, लेकिन ऐसा नहीं हुआ। कारोबारियों के हौसले पस्त होने के बजाय उन्होंने सिर्फ अपना ठिकाना बदल लिया। जानकारी के अनुसार, खनन स्थल पर अपना वर्चस्व बनाए रखने के लिए कुछ लोगों ने अन्य ट्रैक्टरों की आवाजाही रोकने हेतु रास्तों पर बड़े पत्थर रखकर मार्ग अवरुद्ध कर दिया है, जिससे यह संकेत मिलता है कि अवैध कारोबार को संगठित तरीके से संचालित किया जा रहा है। इस अनियंत्रित रेत उत्खनन से पुल-पुलिया, एनीकट और नदी तटों जैसी सरकारी संरचनाओं की सुरक्षा को खतरा उत्पन्न हो गया है। इसके साथ ही, नदी के प्राकृतिक स्वरूप और पर्यावरण पर भी प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा है। लगातार हो रहे खनन से तट कटाव, जलधारण क्षमता में कमी और संरचनात्मक क्षति जैसी गंभीर समस्याएं पैदा होने की आशंका बनी हुई है।

2 hrs ago
user_Reporter sheikh Aalam Sheikh aalam
Reporter sheikh Aalam Sheikh aalam
उदयपुर (धरमजयगढ़), रायगढ़, छत्तीसगढ़•
2 hrs ago

धरमजयगढ़ क्षेत्र की मांड नदी में अवैध रेत उत्खनन का सिलसिला बदस्तूर जारी है, जिससे नदी का प्राकृतिक स्वरूप खतरे में पड़ गया है। जिम्मेदार विभागों की उदासीनता और लगातार हो रही अनदेखी का फायदा उठाकर रेत चोरी करने वाले अपना ठिकाना बदल-बदलकर इस अवैध कारोबार को अंजाम दे रहे हैं। पहले धर्मजयगढ़ के केरा कोना में सक्रिय रहे अवैध उत्खननकर्ताओं ने अब आमादरहा एनीकट के आसपास नया केंद्र बना लिया है, जहाँ से लगातार रेत निकाले जाने की चर्चा है और मांड नदी दिन-ब-दिन अवैध उत्खननकर्ताओं के लिए सुरक्षित ठिकाना बनती जा रही है। बीते दिनों केरा कोना में हुई कार्रवाई के बाद यह उम्मीद जगी थी कि अवैध उत्खनन पर रोक लगेगी, लेकिन ऐसा नहीं हुआ। कारोबारियों के हौसले पस्त होने के बजाय उन्होंने सिर्फ अपना ठिकाना बदल लिया। जानकारी के अनुसार, खनन स्थल पर अपना वर्चस्व बनाए रखने के लिए कुछ लोगों ने अन्य ट्रैक्टरों की आवाजाही रोकने हेतु रास्तों पर बड़े पत्थर रखकर मार्ग अवरुद्ध कर दिया है, जिससे यह संकेत मिलता है कि अवैध कारोबार को संगठित तरीके से संचालित किया जा रहा है। इस अनियंत्रित रेत उत्खनन से पुल-पुलिया, एनीकट और नदी तटों जैसी सरकारी संरचनाओं की सुरक्षा को खतरा उत्पन्न हो गया है। इसके साथ ही, नदी के प्राकृतिक स्वरूप और पर्यावरण पर भी प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा है। लगातार हो रहे खनन से तट कटाव, जलधारण क्षमता में कमी और संरचनात्मक क्षति जैसी गंभीर समस्याएं पैदा होने की आशंका बनी हुई है।

More news from छत्तीसगढ़ and nearby areas
  • धरमजयगढ़ क्षेत्र की मांड नदी में अवैध रेत उत्खनन का सिलसिला बदस्तूर जारी है, जिससे नदी का प्राकृतिक स्वरूप खतरे में पड़ गया है। जिम्मेदार विभागों की उदासीनता और लगातार हो रही अनदेखी का फायदा उठाकर रेत चोरी करने वाले अपना ठिकाना बदल-बदलकर इस अवैध कारोबार को अंजाम दे रहे हैं। पहले धर्मजयगढ़ के केरा कोना में सक्रिय रहे अवैध उत्खननकर्ताओं ने अब आमादरहा एनीकट के आसपास नया केंद्र बना लिया है, जहाँ से लगातार रेत निकाले जाने की चर्चा है और मांड नदी दिन-ब-दिन अवैध उत्खननकर्ताओं के लिए सुरक्षित ठिकाना बनती जा रही है। बीते दिनों केरा कोना में हुई कार्रवाई के बाद यह उम्मीद जगी थी कि अवैध उत्खनन पर रोक लगेगी, लेकिन ऐसा नहीं हुआ। कारोबारियों के हौसले पस्त होने के बजाय उन्होंने सिर्फ अपना ठिकाना बदल लिया। जानकारी के अनुसार, खनन स्थल पर अपना वर्चस्व बनाए रखने के लिए कुछ लोगों ने अन्य ट्रैक्टरों की आवाजाही रोकने हेतु रास्तों पर बड़े पत्थर रखकर मार्ग अवरुद्ध कर दिया है, जिससे यह संकेत मिलता है कि अवैध कारोबार को संगठित तरीके से संचालित किया जा रहा है। इस अनियंत्रित रेत उत्खनन से पुल-पुलिया, एनीकट और नदी तटों जैसी सरकारी संरचनाओं की सुरक्षा को खतरा उत्पन्न हो गया है। इसके साथ ही, नदी के प्राकृतिक स्वरूप और पर्यावरण पर भी प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा है। लगातार हो रहे खनन से तट कटाव, जलधारण क्षमता में कमी और संरचनात्मक क्षति जैसी गंभीर समस्याएं पैदा होने की आशंका बनी हुई है।
    1
    धरमजयगढ़ क्षेत्र की मांड नदी में अवैध रेत उत्खनन का सिलसिला बदस्तूर जारी है, जिससे नदी का प्राकृतिक स्वरूप खतरे में पड़ गया है। जिम्मेदार विभागों की उदासीनता और लगातार हो रही अनदेखी का फायदा उठाकर रेत चोरी करने वाले अपना ठिकाना बदल-बदलकर इस अवैध कारोबार को अंजाम दे रहे हैं। पहले धर्मजयगढ़ के केरा कोना में सक्रिय रहे अवैध उत्खननकर्ताओं ने अब आमादरहा एनीकट के आसपास नया केंद्र बना लिया है, जहाँ से लगातार रेत निकाले जाने की चर्चा है और मांड नदी दिन-ब-दिन अवैध उत्खननकर्ताओं के लिए सुरक्षित ठिकाना बनती जा रही है।

बीते दिनों केरा कोना में हुई कार्रवाई के बाद यह उम्मीद जगी थी कि अवैध उत्खनन पर रोक लगेगी, लेकिन ऐसा नहीं हुआ। कारोबारियों के हौसले पस्त होने के बजाय उन्होंने सिर्फ अपना ठिकाना बदल लिया। जानकारी के अनुसार, खनन स्थल पर अपना वर्चस्व बनाए रखने के लिए कुछ लोगों ने अन्य ट्रैक्टरों की आवाजाही रोकने हेतु रास्तों पर बड़े पत्थर रखकर मार्ग अवरुद्ध कर दिया है, जिससे यह संकेत मिलता है कि अवैध कारोबार को संगठित तरीके से संचालित किया जा रहा है।

इस अनियंत्रित रेत उत्खनन से पुल-पुलिया, एनीकट और नदी तटों जैसी सरकारी संरचनाओं की सुरक्षा को खतरा उत्पन्न हो गया है। इसके साथ ही, नदी के प्राकृतिक स्वरूप और पर्यावरण पर भी प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा है। लगातार हो रहे खनन से तट कटाव, जलधारण क्षमता में कमी और संरचनात्मक क्षति जैसी गंभीर समस्याएं पैदा होने की आशंका बनी हुई है।
    user_Reporter sheikh Aalam Sheikh aalam
    Reporter sheikh Aalam Sheikh aalam
    उदयपुर (धरमजयगढ़), रायगढ़, छत्तीसगढ़•
    2 hrs ago
  • ट्रक चालकों को निशाना बनाने वाले एक लूट गिरोह का भंडाफोड़ किया गया है। पुलिस ने इस कार्रवाई में गिरोह के पाँच आरोपियों को 24 घंटे के भीतर गिरफ्तार कर लिया है।
    1
    ट्रक चालकों को निशाना बनाने वाले एक लूट गिरोह का भंडाफोड़ किया गया है। पुलिस ने इस कार्रवाई में गिरोह के पाँच आरोपियों को 24 घंटे के भीतर गिरफ्तार कर लिया है।
    user_Durgesh maravi
    Durgesh maravi
    कोरबा, कोरबा, छत्तीसगढ़•
    4 hrs ago
  • विधायक रामकुमार टोप्पो और नायब तहसीलदार तुषार मानिक के बीच हुए विवाद के संबंध में एक नया अपडेट सामने आया है। इस अपडेट में अब तक की गई कार्रवाई और थाने में अपनी उपस्थिति दर्ज कराने वाले लोगों के बारे में जानकारी दी गई है।
    1
    विधायक रामकुमार टोप्पो और नायब तहसीलदार तुषार मानिक के बीच हुए विवाद के संबंध में एक नया अपडेट सामने आया है। इस अपडेट में अब तक की गई कार्रवाई और थाने में अपनी उपस्थिति दर्ज कराने वाले लोगों के बारे में जानकारी दी गई है।
    user_Sunil Gupta
    Sunil Gupta
    Advertising agency सीतापुर, सरगुजा, छत्तीसगढ़•
    16 hrs ago
  • ट्रेनों में खाने-पीने की चीजों के दाम को लेकर यात्रियों और वेंडरों के बीच बहस के वीडियो अक्सर सोशल मीडिया पर वायरल होते रहते हैं, जिनमें कई बार विवाद मारपीट तक पहुँचने की नौबत आ जाती है। इसी कड़ी में अब एक और वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें खाने की थाली की कीमत को लेकर शुरू हुई बहस धमकी तक पहुँच गई है। वायरल वीडियो में ट्रेन के अंदर एक यात्री और फूड वेंडर के बीच तीखी बहस दिखाई देती है, जहाँ यात्री वेंडर से थाली की सही कीमत के बारे में सवाल कर रहा है। इसी दौरान वेंडर गुस्से में आकर कथित तौर पर यात्री को धमकी देता है कि उसे ट्रेन से नीचे फेंकने में समय नहीं लगेगा। वीडियो में अन्य यात्री भी अपनी बर्थ पर बैठे और लेटे हुए नजर आते हैं। इस वीडियो को कई सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर साझा किया गया है, जिसके बाद कई यूजर्स ने IRCTC को टैग करते हुए मामले में कार्रवाई की मांग की है। सोशल मीडिया पर एक पोस्ट में वेंडर के खिलाफ शिकायत दर्ज कराने की बात भी कही गई है। हालांकि, यह साफ नहीं हो पाया है कि यह वीडियो कब और किस ट्रेन या रूट का है, लेकिन इसे भारतीय रेलवे से जुड़ा बताया जा रहा है। दावा किया जा रहा है कि यह विवाद तब शुरू हुआ जब यात्री ने ₹80 की थाली को ₹130 में बेचे जाने पर सवाल उठाया। यात्रियों के बीच ट्रेनों में खाने की अलग-अलग कीमतों को लेकर अक्सर भ्रम रहता है, लेकिन IRCTC ने विभिन्न खाद्य पदार्थों के लिए आधिकारिक दरें तय कर रखी हैं। निर्धारित दरों के अनुसार, मेल, एक्सप्रेस और हमसफर ट्रेनों में वेज थाली की कीमत ट्रेन में ₹80 और स्टेशन पर ₹70 है। वेज बिरयानी भी ट्रेन में ₹80 और स्टेशन पर ₹70 में उपलब्ध है। वहीं एग करी थाली ₹90 और चिकन करी थाली ₹130 में मिलती है। इसके अतिरिक्त, चाय की कीमत ₹5 है, जबकि टी-बैग या एवीएम मशीन वाली चाय ₹10 और कॉफी ₹10 निर्धारित है। नाश्ते में कटलेट ट्रेन में ₹40 और स्टेशन पर ₹35 में मिलता है। वहीं इडली, वड़ा, उपमा और पोंगल की कीमत ₹40 है, जबकि आमलेट ट्रेन में ₹50 और स्टेशन पर ₹45 में उपलब्ध है। IRCTC के नियमों के तहत कोई भी वेंडर तय दरों से अधिक कीमत नहीं वसूल सकता। यदि किसी यात्री से निर्धारित कीमत से अधिक पैसे लिए जाते हैं, तो वह रेलवे हेल्पलाइन 139 पर अपनी शिकायत दर्ज करा सकता है।
    1
    ट्रेनों में खाने-पीने की चीजों के दाम को लेकर यात्रियों और वेंडरों के बीच बहस के वीडियो अक्सर सोशल मीडिया पर वायरल होते रहते हैं, जिनमें कई बार विवाद मारपीट तक पहुँचने की नौबत आ जाती है। इसी कड़ी में अब एक और वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें खाने की थाली की कीमत को लेकर शुरू हुई बहस धमकी तक पहुँच गई है।

वायरल वीडियो में ट्रेन के अंदर एक यात्री और फूड वेंडर के बीच तीखी बहस दिखाई देती है, जहाँ यात्री वेंडर से थाली की सही कीमत के बारे में सवाल कर रहा है। इसी दौरान वेंडर गुस्से में आकर कथित तौर पर यात्री को धमकी देता है कि उसे ट्रेन से नीचे फेंकने में समय नहीं लगेगा। वीडियो में अन्य यात्री भी अपनी बर्थ पर बैठे और लेटे हुए नजर आते हैं। इस वीडियो को कई सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर साझा किया गया है, जिसके बाद कई यूजर्स ने IRCTC को टैग करते हुए मामले में कार्रवाई की मांग की है। सोशल मीडिया पर एक पोस्ट में वेंडर के खिलाफ शिकायत दर्ज कराने की बात भी कही गई है। हालांकि, यह साफ नहीं हो पाया है कि यह वीडियो कब और किस ट्रेन या रूट का है, लेकिन इसे भारतीय रेलवे से जुड़ा बताया जा रहा है। दावा किया जा रहा है कि यह विवाद तब शुरू हुआ जब यात्री ने ₹80 की थाली को ₹130 में बेचे जाने पर सवाल उठाया।

यात्रियों के बीच ट्रेनों में खाने की अलग-अलग कीमतों को लेकर अक्सर भ्रम रहता है, लेकिन IRCTC ने विभिन्न खाद्य पदार्थों के लिए आधिकारिक दरें तय कर रखी हैं। निर्धारित दरों के अनुसार, मेल, एक्सप्रेस और हमसफर ट्रेनों में वेज थाली की कीमत ट्रेन में ₹80 और स्टेशन पर ₹70 है। वेज बिरयानी भी ट्रेन में ₹80 और स्टेशन पर ₹70 में उपलब्ध है। वहीं एग करी थाली ₹90 और चिकन करी थाली ₹130 में मिलती है। इसके अतिरिक्त, चाय की कीमत ₹5 है, जबकि टी-बैग या एवीएम मशीन वाली चाय ₹10 और कॉफी ₹10 निर्धारित है। नाश्ते में कटलेट ट्रेन में ₹40 और स्टेशन पर ₹35 में मिलता है। वहीं इडली, वड़ा, उपमा और पोंगल की कीमत ₹40 है, जबकि आमलेट ट्रेन में ₹50 और स्टेशन पर ₹45 में उपलब्ध है। IRCTC के नियमों के तहत कोई भी वेंडर तय दरों से अधिक कीमत नहीं वसूल सकता। यदि किसी यात्री से निर्धारित कीमत से अधिक पैसे लिए जाते हैं, तो वह रेलवे हेल्पलाइन 139 पर अपनी शिकायत दर्ज करा सकता है।
    user_Anuj avasthi
    Anuj avasthi
    Korba, Chhattisgarh•
    23 hrs ago
  • कर्नाटक की राजनीति में 3 जून 2026 को एक महत्वपूर्ण अध्याय जुड़ गया, जब कांग्रेस के वरिष्ठ नेता डी.के. शिवकुमार ने राज्य के 25वें मुख्यमंत्री के रूप में शपथ ग्रहण की। इस शपथ ग्रहण के साथ ही उनका वर्षों पुराना राजनीतिक संघर्ष और एक व्यक्तिगत संकल्प पूरा हो गया। दरअसल, वर्ष 2019 में तिहाड़ जेल से रिहा होने के बाद डी.के. शिवकुमार ने यह प्रण लिया था कि जब तक वे मुख्यमंत्री नहीं बन जाते, तब तक अपनी दाढ़ी नहीं कटवाएंगे। लगभग सात वर्षों तक इस संकल्प का पालन करने के बाद, मुख्यमंत्री पद की शपथ लेते ही उनका यह प्रण भी पूर्ण हो गया। छात्र राजनीति से अपने राजनीतिक जीवन की शुरुआत करने वाले शिवकुमार वर्ष 1989 में पहली बार विधायक चुने गए थे। इसके बाद उन्होंने कांग्रेस संगठन को मजबूत करने, चुनावी रणनीति तैयार करने और पार्टी नेताओं को एकजुट रखने में अहम भूमिका निभाई, जिस कारण उन्हें कांग्रेस का "ट्रबलशूटर" भी कहा जाता है। साल 2019 में प्रवर्तन निदेशालय (ED) द्वारा गिरफ्तारी और तिहाड़ जेल में बिताए गए दिनों के बाद भी शिवकुमार ने हार नहीं मानी और राजनीति में दमदार वापसी करते हुए अपनी संगठनात्मक क्षमता के बल पर पार्टी में मजबूत स्थान बनाए रखा। मुख्यमंत्री पद की शपथ लेने के बाद डी.के. शिवकुमार ने इस उपलब्धि को जनता के विश्वास, कार्यकर्ताओं की मेहनत और लंबे संघर्ष की जीत बताया। उनके समर्थकों ने भी इसे धैर्य, संकल्प और राजनीतिक प्रतिबद्धता का एक उत्कृष्ट उदाहरण करार दिया। तिहाड़ जेल से मुख्यमंत्री की कुर्सी तक पहुंचने का डी.के. शिवकुमार का यह सफर भारतीय राजनीति की चर्चित संघर्ष गाथाओं में शुमार हो गया है, जो दृढ़ इच्छाशक्ति और निरंतर प्रयासों से बड़े से बड़े लक्ष्य हासिल करने की प्रेरणा देता है।
    3
    कर्नाटक की राजनीति में 3 जून 2026 को एक महत्वपूर्ण अध्याय जुड़ गया, जब कांग्रेस के वरिष्ठ नेता डी.के. शिवकुमार ने राज्य के 25वें मुख्यमंत्री के रूप में शपथ ग्रहण की। इस शपथ ग्रहण के साथ ही उनका वर्षों पुराना राजनीतिक संघर्ष और एक व्यक्तिगत संकल्प पूरा हो गया। दरअसल, वर्ष 2019 में तिहाड़ जेल से रिहा होने के बाद डी.के. शिवकुमार ने यह प्रण लिया था कि जब तक वे मुख्यमंत्री नहीं बन जाते, तब तक अपनी दाढ़ी नहीं कटवाएंगे। लगभग सात वर्षों तक इस संकल्प का पालन करने के बाद, मुख्यमंत्री पद की शपथ लेते ही उनका यह प्रण भी पूर्ण हो गया।

छात्र राजनीति से अपने राजनीतिक जीवन की शुरुआत करने वाले शिवकुमार वर्ष 1989 में पहली बार विधायक चुने गए थे। इसके बाद उन्होंने कांग्रेस संगठन को मजबूत करने, चुनावी रणनीति तैयार करने और पार्टी नेताओं को एकजुट रखने में अहम भूमिका निभाई, जिस कारण उन्हें कांग्रेस का "ट्रबलशूटर" भी कहा जाता है। साल 2019 में प्रवर्तन निदेशालय (ED) द्वारा गिरफ्तारी और तिहाड़ जेल में बिताए गए दिनों के बाद भी शिवकुमार ने हार नहीं मानी और राजनीति में दमदार वापसी करते हुए अपनी संगठनात्मक क्षमता के बल पर पार्टी में मजबूत स्थान बनाए रखा।

मुख्यमंत्री पद की शपथ लेने के बाद डी.के. शिवकुमार ने इस उपलब्धि को जनता के विश्वास, कार्यकर्ताओं की मेहनत और लंबे संघर्ष की जीत बताया। उनके समर्थकों ने भी इसे धैर्य, संकल्प और राजनीतिक प्रतिबद्धता का एक उत्कृष्ट उदाहरण करार दिया। तिहाड़ जेल से मुख्यमंत्री की कुर्सी तक पहुंचने का डी.के. शिवकुमार का यह सफर भारतीय राजनीति की चर्चित संघर्ष गाथाओं में शुमार हो गया है, जो दृढ़ इच्छाशक्ति और निरंतर प्रयासों से बड़े से बड़े लक्ष्य हासिल करने की प्रेरणा देता है।
    user_Akhil Mittal
    Akhil Mittal
    उदयपुर, सरगुजा, छत्तीसगढ़•
    6 min ago
  • जिले में खरीफ सीजन 2026-27 के लिए उर्वरकों का पर्याप्त भंडारण सुनिश्चित किया गया है। कृषि विभाग द्वारा किसानों को समय पर उर्वरक उपलब्ध कराने के उद्देश्य से लगातार निगरानी की जा रही है।
    1
    जिले में खरीफ सीजन 2026-27 के लिए उर्वरकों का पर्याप्त भंडारण सुनिश्चित किया गया है। कृषि विभाग द्वारा किसानों को समय पर उर्वरक उपलब्ध कराने के उद्देश्य से लगातार निगरानी की जा रही है।
    user_Bhupendra lahare
    Bhupendra lahare
    Farmer मलखरोदा, सक्ती, छत्तीसगढ़•
    3 hrs ago
  • कोरबा जिले से प्राप्त जानकारी के अनुसार, चिर्रा श्यांग मार्ग का निर्माण कार्य अभी भी अधूरा पड़ा है।
    1
    कोरबा जिले से प्राप्त जानकारी के अनुसार, चिर्रा श्यांग मार्ग का निर्माण कार्य अभी भी अधूरा पड़ा है।
    user_SK Kashyapपत्रकार रींवापार
    SK Kashyapपत्रकार रींवापार
    Farmer बारपाली, कोरबा, छत्तीसगढ़•
    7 hrs ago
  • धर्मजयगढ़ के गांधी चौक में आज शाम लगभग 6 बजे महात्मा गांधी की प्रतिमा का विधिवत अनावरण किया गया। इस अवसर पर नगर में भारी उत्साह का माहौल देखने को मिला, जहाँ बड़ी संख्या में स्थानीय नागरिक, जनप्रतिनिधि और विभिन्न राजनीतिक दलों के कार्यकर्ता कार्यक्रम में शामिल हुए। समारोह की विशेष बात यह रही कि कांग्रेस और भाजपा दोनों दलों के जनप्रतिनिधि एवं कार्यकर्ता एक साथ एक मंच पर उपस्थित होकर इस कार्यक्रम में सहभागी बने, जिससे क्षेत्र में सौहार्द एवं सामाजिक एकता का संदेश देखने को मिला। कार्यक्रम के दौरान महात्मा गांधी की प्रतिमा पर पुष्पमाला अर्पित कर उन्हें याद किया गया, जिसके बाद प्रतिमा का अनावरण हुआ। इस समारोह में कांग्रेस के मंडल अध्यक्ष सहित अनेक जनप्रतिनिधि एवं कार्यकर्ता मौजूद रहे। वहीं, भाजपा की ओर से नगर अध्यक्ष अनिल सरकार और उपाध्यक्ष टारजन भारती के साथ पार्टी के कई अन्य पदाधिकारी और कार्यकर्ता भी कार्यक्रम में शामिल हुए। उपस्थित जनों ने राष्ट्रपिता महात्मा गांधी के विचारों को स्मरण करते हुए उनके बताए मार्ग पर चलने का संकल्प भी लिया।
    2
    धर्मजयगढ़ के गांधी चौक में आज शाम लगभग 6 बजे महात्मा गांधी की प्रतिमा का विधिवत अनावरण किया गया। इस अवसर पर नगर में भारी उत्साह का माहौल देखने को मिला, जहाँ बड़ी संख्या में स्थानीय नागरिक, जनप्रतिनिधि और विभिन्न राजनीतिक दलों के कार्यकर्ता कार्यक्रम में शामिल हुए। समारोह की विशेष बात यह रही कि कांग्रेस और भाजपा दोनों दलों के जनप्रतिनिधि एवं कार्यकर्ता एक साथ एक मंच पर उपस्थित होकर इस कार्यक्रम में सहभागी बने, जिससे क्षेत्र में सौहार्द एवं सामाजिक एकता का संदेश देखने को मिला।

कार्यक्रम के दौरान महात्मा गांधी की प्रतिमा पर पुष्पमाला अर्पित कर उन्हें याद किया गया, जिसके बाद प्रतिमा का अनावरण हुआ। इस समारोह में कांग्रेस के मंडल अध्यक्ष सहित अनेक जनप्रतिनिधि एवं कार्यकर्ता मौजूद रहे। वहीं, भाजपा की ओर से नगर अध्यक्ष अनिल सरकार और उपाध्यक्ष टारजन भारती के साथ पार्टी के कई अन्य पदाधिकारी और कार्यकर्ता भी कार्यक्रम में शामिल हुए। उपस्थित जनों ने राष्ट्रपिता महात्मा गांधी के विचारों को स्मरण करते हुए उनके बताए मार्ग पर चलने का संकल्प भी लिया।
    user_Reporter sheikh Aalam Sheikh aalam
    Reporter sheikh Aalam Sheikh aalam
    उदयपुर (धरमजयगढ़), रायगढ़, छत्तीसगढ़•
    19 hrs ago
View latest news on Shuru App
Download_Android
  • Terms & Conditions
  • Career
  • Privacy Policy
  • Blogs
Shuru, a product of Close App Private Limited.