नगर में मौहल्ला क्लीनिक पर लटके मिले ताले ड्यूटी समय में बन्द मिले दोनों केन्द्र स्वास्थ्य सेवाओं पर उठे सवाल सरकारी पैसे का हो रहा दुरुपयोग शिकारपुर : उत्तर प्रदेश सरकार की स्वास्थ्य सेवाओं पर सवाल खड़े हो गए है नगर के मौहल्ला चौक गली स्थित पीएससी मौहल्ला क्लीनिक ड्यूटी समय में बन्द पाया गया जिससे स्वास्थ्य विभाग की कार्यप्रणाली पर गम्भीर प्रश्नचिह्न लग गया है जानकारी के अनुसार नगर में दो आरोग्य केन्द्र खोले गए है जिनमें से एक मौहल्ला चौक गली में और दूसरा मौथरपुरा में स्थित है ये मौहल्ला क्लीनिक सरकार द्वारा नवम्बर में शुरू किए गए थे जिनका मुख्य उद्देश्य स्थानीय निवासियों को उनके घर के नजदीक प्राथमिक चिकित्सा उपलब्ध कराना है हालांकि जिम्मेदार अधिकारियों और स्टाफ की उदासीनता के कारण यह केन्द्र अपने उद्देश्य में सफल नहीं हो पा रहा है मरीजों को अक्सर क्लीनिक के मुख्य गेट पर ताला लटका मिलता है उमस और गर्मी के बीच घंटों इंतजार करने के बाद भी कई मरीजों को बिना इलाज के ही वापस लौटना पड़ता है स्थानीय निवासियों का आरोप है कि इस क्लीनिक में तैनात डॉक्टर सौम्या गुप्ता, अक्सर अनुपस्थित रहती है इसके चलते महिला मरीजों को अपनी समस्याओं के लिए निजी अस्पतालों या दूर-दराज के केन्द्रों पर जाना पड़ता है जिससे उन पर आर्थिक बोझ भी बढ़ रहा है मौहल्ले के लोगों का कहना है कि डॉक्टर के आने-जाने का समय निश्चित नहीं है और ताला लटकना अब आम बात हो गई है ड्यूटी के समय सरकारी क्लीनिक का इस तरह बन्द रहना स्वास्थ्य विभाग के उच्चाधिकारियों की निगरानी पर गम्भीर सवाल उठाता है यह लापरवाही शासन की मंशा और जनता के प्रति विभागीय जवाबदेही पर प्रश्नचिह्न लगाती है जब इस सम्बन्ध में बुलन्दशहर सीएमओं सुनील कुमार दोहरे से जानकारी करी तो उन्होंने बताया कि ऐसा कुछ भी नहीं है सब चालू होगे वहीं शिकारपुर सीएचसी प्रभारी शशि शेखर सिंह, से जानकारी करी तो उन्होंने बताया कि दोनों आरोग्य केन्द्र कहाँ कहाँ पर है जब प्रभारी को बताया गया तो उन्होंने बताया कि सब चालू होगें सबसे बडी बात यह है कि सीएचसी प्रभारी को यहीं नहीं पता कि आरोग्य केन्द्र कहाँ कहाँ पर खुले है हम बात कर रहे है कि आरोग्य केन्द्र बन्द क्यों है सीएचसी प्रभारी को कोई जानकारी ही नहीं है अब देखना यह होगा कि आरोग्य केन्द्र खुलते है या ताले ही लटके रहेगें सोचने का विषय।
नगर में मौहल्ला क्लीनिक पर लटके मिले ताले ड्यूटी समय में बन्द मिले दोनों केन्द्र स्वास्थ्य सेवाओं पर उठे सवाल सरकारी पैसे का हो रहा दुरुपयोग शिकारपुर : उत्तर प्रदेश सरकार की स्वास्थ्य सेवाओं पर सवाल खड़े हो गए है नगर के मौहल्ला चौक गली स्थित पीएससी मौहल्ला क्लीनिक ड्यूटी समय में बन्द पाया गया जिससे स्वास्थ्य विभाग की कार्यप्रणाली पर गम्भीर प्रश्नचिह्न लग गया है जानकारी के अनुसार नगर में दो आरोग्य केन्द्र खोले गए है जिनमें से एक मौहल्ला चौक गली में और दूसरा मौथरपुरा में स्थित है ये मौहल्ला क्लीनिक सरकार द्वारा नवम्बर में शुरू किए गए थे जिनका मुख्य उद्देश्य स्थानीय निवासियों को उनके घर के नजदीक प्राथमिक चिकित्सा उपलब्ध कराना है हालांकि जिम्मेदार अधिकारियों और स्टाफ की उदासीनता के कारण यह केन्द्र अपने उद्देश्य में
सफल नहीं हो पा रहा है मरीजों को अक्सर क्लीनिक के मुख्य गेट पर ताला लटका मिलता है उमस और गर्मी के बीच घंटों इंतजार करने के बाद भी कई मरीजों को बिना इलाज के ही वापस लौटना पड़ता है स्थानीय निवासियों का आरोप है कि इस क्लीनिक में तैनात डॉक्टर सौम्या गुप्ता, अक्सर अनुपस्थित रहती है इसके चलते महिला मरीजों को अपनी समस्याओं के लिए निजी अस्पतालों या दूर-दराज के केन्द्रों पर जाना पड़ता है जिससे उन पर आर्थिक बोझ भी बढ़ रहा है मौहल्ले के लोगों का कहना है कि डॉक्टर के आने-जाने का समय निश्चित नहीं है और ताला लटकना अब आम बात हो गई है ड्यूटी के समय सरकारी क्लीनिक का इस तरह बन्द रहना स्वास्थ्य विभाग के उच्चाधिकारियों की निगरानी पर गम्भीर सवाल उठाता
है यह लापरवाही शासन की मंशा और जनता के प्रति विभागीय जवाबदेही पर प्रश्नचिह्न लगाती है जब इस सम्बन्ध में बुलन्दशहर सीएमओं सुनील कुमार दोहरे से जानकारी करी तो उन्होंने बताया कि ऐसा कुछ भी नहीं है सब चालू होगे वहीं शिकारपुर सीएचसी प्रभारी शशि शेखर सिंह, से जानकारी करी तो उन्होंने बताया कि दोनों आरोग्य केन्द्र कहाँ कहाँ पर है जब प्रभारी को बताया गया तो उन्होंने बताया कि सब चालू होगें सबसे बडी बात यह है कि सीएचसी प्रभारी को यहीं नहीं पता कि आरोग्य केन्द्र कहाँ कहाँ पर खुले है हम बात कर रहे है कि आरोग्य केन्द्र बन्द क्यों है सीएचसी प्रभारी को कोई जानकारी ही नहीं है अब देखना यह होगा कि आरोग्य केन्द्र खुलते है या ताले ही लटके रहेगें सोचने का विषय।
- शिकारपुर : पहासू थाना क्षेत्र में कानून-व्यवस्था को चुनौती देने का एक गम्भीर मामला सामने आया है यहाँ एक दरोगा को अकेला पा कर कुछ अराजक तत्वों ने न केवल उनके साथ गाली-गलौज की बल्कि पुलिस की वर्दी पर हमला कर मारपीट का प्रयास भी किया पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए घटना में शामिल सभी आरोपियों में से चार आरोपियों गिरफ्तार कर लिया है मिली जानकारी के अनुसार, पहासू थाने में तैनात एक उप-निरीक्षक जब किसी कार्यवश क्षेत्र में थे तभी सात से आठ लोगों ने उन्हें चारों तरफ से घेर लिया दरोगा को अकेला देख आरोपियों के हौसले बुलन्द हो गए और उन्होंने पुलिस प्रशासन के खिलाफ अमर्यादित भाषा का प्रयोग करना शुरू कर दिया प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार आरोपियों ने न केवल दरोगा के साथ बदतमीजी की बल्कि थाने का घेराव करने की धमकी भी दी इस दौरान आरोपियों ने दरोगा की वर्दी पर हाथ डाला और उनके साथ धक्का-मुक्की करते हुए मारपीट की कोशिश की घटना की सूचना मिलते ही भारी पुलिस बल मौके पर पहुँचा पुलिस ने सरकारी कार्य में बाधा डालने पुलिसकर्मी के साथ मारपीट का प्रयास और वर्दी के अपमान के आरोप में तत्काल कार्रवाई की पुलिस ने घेराबंदी कर मौके से सभी आठ आरोपियों में से चार आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है जब इस सम्बन्ध में शिकारपुर सीओ से जानकारी करनी चाही तो उन्होंने बताया कि थाना पहासू पर तैनात उ.नि. कार्यसरकार के बाद कस्बा पहासू क्षेत्र से थाना पहासू की तरफ वापस लौट रहे थे तभी कुछ युवकों के द्वारा उनके साथ कहासुनी की गयी इस सम्बन्ध में प्राप्त तहरीर के बाद थाना पहासू पर सुसंगत धाराओं में अभियोग पंजीकृत किया गया है तथा चार अभियुक्तों को गिरफ्तार किया गया है अभियोग में अग्रिम विधिक कार्यवाही की जा रही है सलैमपुर थाना प्रभारी का कहना है कि किसी भी सूरत में वर्दी का अपमान और कानून को हाथ में लेने की इजाजत नहीं दी जाएगी गिरफ्तार किए गए आरोपियों के खिलाफ सम्बन्धित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर उन्हें जेल भेजने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है इस घटना के बाद क्षेत्र में पुलिस का सख्त रुख देखने को मिल रहा है ।1
- Post by Sonu Kumar3
- बुलंदशहर : वलीमा के कार्यक्रम में महिलाओं के फोटो खींचने पर हुआ बवाल1
- सुबह मार्निंग वॉक पर निकले वकील राजीव कुमार सिंह की दो बाईक सवार हमलावरों ने गोली मारकर हत्या कर दी. #Mirzapur #ViralVideo #BreakingNews1
- महराजगंज। जनपद पुलिस ने साइबर अपराध के विरुद्ध एक बड़ी सफलता हासिल करते हुए एक ऐसे शातिर अंतरराज्यीय गिरोह का भंडाफोड़ किया है, जो गांवों में फेरी लगाकर पुराने मोबाइल इकट्ठा करता था और फिर उनका इस्तेमाल साइबर ठगी के लिए किया जाता था। पुलिस ने इस मामले में गिरोह के 5 सदस्यों को गिरफ्तार किया है। ऐसे देते थे वारदात को अंजाम यह गिरोह गांवों में फेरी लगाकर बर्तन और कंबल बेचने के बहाने जाता था। वहां ये लोग भोले-भाले ग्रामीणों को लुभावने ऑफर देकर उनके पुराने और चालू मोबाइल फोन ले लेते थे। इन मोबाइलों और उनके मदरबोर्ड का उपयोग भविष्य में ओटीपी फ्रॉड, फिशिंग और अन्य साइबर अपराधों के लिए किया जाना था। भारी मात्रा में बरामदगी पुलिस ने आरोपियों के पास से जो सामान बरामद किया है, उसकी अनुमानित बाजार कीमत लगभग 80 लाख रुपये बताई जा रही है: 318 एंड्रॉयड मोबाइल फोन 110 मोबाइल मदरबोर्ड 05 मोटरसाइकिलें फर्जी दस्तावेज और नकदी बिहार से जुड़े हैं तार गिरफ्तार किए गए पांचों आरोपी मूल रूप से बिहार (पूर्वी चंपारण और मोतिहारी) के रहने वाले हैं। पूछताछ में सामने आया है कि ये लोग इन मोबाइलों को इकट्ठा कर पश्चिम बंगाल (कोलकाता) में बैठे अपने एक साथी को भेजने वाले थे, जहाँ से इन्हें साइबर अपराध के 'हॉटस्पॉट्स' पर सप्लाई किया जाना था। पुलिस की सक्रियता से टला बड़ा खतरा पुलिस अधिकारियों के अनुसार, साइबर अपराध में इस्तेमाल होने वाले मोबाइल का आईएमईआई (IMEI) अक्सर ब्लॉक कर दिया जाता है, इसलिए अपराधियों को नए आईएमईआई वाले मोबाइलों की तलाश रहती है। इस गिरोह की गिरफ्तारी से भविष्य में होने वाली कई बड़ी साइबर ठगी की घटनाओं को रोकने में मदद मिली है। पुलिस अब इस गिरोह के मास्टरमाइंड और बंगाल कनेक्शन की तलाश में जुटी है।1
- कुछ लोगों ने न सिर्फ दरोगा के साथ गाली-गलौच की, बल्कि मारपीट की कोशिश भी की। मामला पहासू थाना क्षेत्र का है, जहां एक दरोगा ड्यूटी पर मौजूद थे। इसी दौरान 7 से 8 लोगों का एक समूह वहां पहुंचा और दरोगा के साथ अभद्र व्यवहार शुरू कर दिया। आरोप है कि दबंगों ने दरोगा के साथ गाली-गलौच की और थाने का घेराव करने की धमकी भी दी। इतना ही नहीं, दरोगा को अकेला देखकर आरोपियों ने उनके साथ मारपीट करने का भी प्रयास किया। इस दौरान दरोगा की वर्दी तक पर हमला किया गया, जिससे मौके पर तनाव की स्थिति बन गई। हालांकि सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और हालात को काबू में लिया गया। पुलिस ने कार्रवाई करते हुए आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है और आगे की जांच जारी है। फिलहाल पुलिस पूरे मामले की जांच में जुटी है। देखना होगा कि आरोपियों पर क्या कड़ी कार्रवाई होती है।1
- खुर्जा के अधिकारियों पर लगाया भ्रष्टाचार का आरोप।5
- शिकारपुर : उत्तर प्रदेश सरकार की स्वास्थ्य सेवाओं पर सवाल खड़े हो गए है नगर के मौहल्ला चौक गली स्थित पीएससी मौहल्ला क्लीनिक ड्यूटी समय में बन्द पाया गया जिससे स्वास्थ्य विभाग की कार्यप्रणाली पर गम्भीर प्रश्नचिह्न लग गया है जानकारी के अनुसार नगर में दो आरोग्य केन्द्र खोले गए है जिनमें से एक मौहल्ला चौक गली में और दूसरा मौथरपुरा में स्थित है ये मौहल्ला क्लीनिक सरकार द्वारा नवम्बर में शुरू किए गए थे जिनका मुख्य उद्देश्य स्थानीय निवासियों को उनके घर के नजदीक प्राथमिक चिकित्सा उपलब्ध कराना है हालांकि जिम्मेदार अधिकारियों और स्टाफ की उदासीनता के कारण यह केन्द्र अपने उद्देश्य में सफल नहीं हो पा रहा है मरीजों को अक्सर क्लीनिक के मुख्य गेट पर ताला लटका मिलता है उमस और गर्मी के बीच घंटों इंतजार करने के बाद भी कई मरीजों को बिना इलाज के ही वापस लौटना पड़ता है स्थानीय निवासियों का आरोप है कि इस क्लीनिक में तैनात डॉक्टर सौम्या गुप्ता, अक्सर अनुपस्थित रहती है इसके चलते महिला मरीजों को अपनी समस्याओं के लिए निजी अस्पतालों या दूर-दराज के केन्द्रों पर जाना पड़ता है जिससे उन पर आर्थिक बोझ भी बढ़ रहा है मौहल्ले के लोगों का कहना है कि डॉक्टर के आने-जाने का समय निश्चित नहीं है और ताला लटकना अब आम बात हो गई है ड्यूटी के समय सरकारी क्लीनिक का इस तरह बन्द रहना स्वास्थ्य विभाग के उच्चाधिकारियों की निगरानी पर गम्भीर सवाल उठाता है यह लापरवाही शासन की मंशा और जनता के प्रति विभागीय जवाबदेही पर प्रश्नचिह्न लगाती है जब इस सम्बन्ध में बुलन्दशहर सीएमओं सुनील कुमार दोहरे से जानकारी करी तो उन्होंने बताया कि ऐसा कुछ भी नहीं है सब चालू होगे वहीं शिकारपुर सीएचसी प्रभारी शशि शेखर सिंह, से जानकारी करी तो उन्होंने बताया कि दोनों आरोग्य केन्द्र कहाँ कहाँ पर है जब प्रभारी को बताया गया तो उन्होंने बताया कि सब चालू होगें सबसे बडी बात यह है कि सीएचसी प्रभारी को यहीं नहीं पता कि आरोग्य केन्द्र कहाँ कहाँ पर खुले है हम बात कर रहे है कि आरोग्य केन्द्र बन्द क्यों है सीएचसी प्रभारी को कोई जानकारी ही नहीं है अब देखना यह होगा कि आरोग्य केन्द्र खुलते है या ताले ही लटके रहेगें सोचने का विषय।3