कंबल और बर्तन के बदले पुराने मोबाइल लेकर साइबर ठगी करने वाले अंतरराज्यीय गिरोह का पर्दाफाश महराजगंज। जनपद पुलिस ने साइबर अपराध के विरुद्ध एक बड़ी सफलता हासिल करते हुए एक ऐसे शातिर अंतरराज्यीय गिरोह का भंडाफोड़ किया है, जो गांवों में फेरी लगाकर पुराने मोबाइल इकट्ठा करता था और फिर उनका इस्तेमाल साइबर ठगी के लिए किया जाता था। पुलिस ने इस मामले में गिरोह के 5 सदस्यों को गिरफ्तार किया है। ऐसे देते थे वारदात को अंजाम यह गिरोह गांवों में फेरी लगाकर बर्तन और कंबल बेचने के बहाने जाता था। वहां ये लोग भोले-भाले ग्रामीणों को लुभावने ऑफर देकर उनके पुराने और चालू मोबाइल फोन ले लेते थे। इन मोबाइलों और उनके मदरबोर्ड का उपयोग भविष्य में ओटीपी फ्रॉड, फिशिंग और अन्य साइबर अपराधों के लिए किया जाना था। भारी मात्रा में बरामदगी पुलिस ने आरोपियों के पास से जो सामान बरामद किया है, उसकी अनुमानित बाजार कीमत लगभग 80 लाख रुपये बताई जा रही है: 318 एंड्रॉयड मोबाइल फोन 110 मोबाइल मदरबोर्ड 05 मोटरसाइकिलें फर्जी दस्तावेज और नकदी बिहार से जुड़े हैं तार गिरफ्तार किए गए पांचों आरोपी मूल रूप से बिहार (पूर्वी चंपारण और मोतिहारी) के रहने वाले हैं। पूछताछ में सामने आया है कि ये लोग इन मोबाइलों को इकट्ठा कर पश्चिम बंगाल (कोलकाता) में बैठे अपने एक साथी को भेजने वाले थे, जहाँ से इन्हें साइबर अपराध के 'हॉटस्पॉट्स' पर सप्लाई किया जाना था। पुलिस की सक्रियता से टला बड़ा खतरा पुलिस अधिकारियों के अनुसार, साइबर अपराध में इस्तेमाल होने वाले मोबाइल का आईएमईआई (IMEI) अक्सर ब्लॉक कर दिया जाता है, इसलिए अपराधियों को नए आईएमईआई वाले मोबाइलों की तलाश रहती है। इस गिरोह की गिरफ्तारी से भविष्य में होने वाली कई बड़ी साइबर ठगी की घटनाओं को रोकने में मदद मिली है। पुलिस अब इस गिरोह के मास्टरमाइंड और बंगाल कनेक्शन की तलाश में जुटी है।
कंबल और बर्तन के बदले पुराने मोबाइल लेकर साइबर ठगी करने वाले अंतरराज्यीय गिरोह का पर्दाफाश महराजगंज। जनपद पुलिस ने साइबर अपराध के विरुद्ध एक बड़ी सफलता हासिल करते हुए एक ऐसे शातिर अंतरराज्यीय गिरोह का भंडाफोड़ किया है, जो गांवों में फेरी लगाकर पुराने मोबाइल इकट्ठा करता था और फिर उनका इस्तेमाल साइबर ठगी के लिए किया जाता था। पुलिस ने इस मामले में गिरोह के 5 सदस्यों को गिरफ्तार किया है। ऐसे देते थे वारदात को अंजाम यह गिरोह गांवों में फेरी लगाकर बर्तन और कंबल बेचने के बहाने जाता था। वहां ये लोग भोले-भाले ग्रामीणों को लुभावने ऑफर देकर उनके पुराने और चालू मोबाइल फोन ले लेते थे। इन मोबाइलों और उनके मदरबोर्ड का उपयोग भविष्य में ओटीपी फ्रॉड, फिशिंग और अन्य साइबर अपराधों के लिए किया जाना था। भारी मात्रा में बरामदगी पुलिस ने आरोपियों के पास से जो सामान बरामद किया है, उसकी अनुमानित बाजार कीमत लगभग 80 लाख रुपये बताई जा रही है: 318 एंड्रॉयड मोबाइल फोन 110 मोबाइल मदरबोर्ड 05 मोटरसाइकिलें फर्जी दस्तावेज और नकदी बिहार से जुड़े हैं तार गिरफ्तार किए गए पांचों आरोपी मूल रूप से बिहार (पूर्वी चंपारण और मोतिहारी) के रहने वाले हैं। पूछताछ में सामने आया है कि ये लोग इन मोबाइलों को इकट्ठा कर पश्चिम बंगाल (कोलकाता) में बैठे अपने एक साथी को भेजने वाले थे, जहाँ से इन्हें साइबर अपराध के 'हॉटस्पॉट्स' पर सप्लाई किया जाना था। पुलिस की सक्रियता से टला बड़ा खतरा पुलिस अधिकारियों के अनुसार, साइबर अपराध में इस्तेमाल होने वाले मोबाइल का आईएमईआई (IMEI) अक्सर ब्लॉक कर दिया जाता है, इसलिए अपराधियों को नए आईएमईआई वाले मोबाइलों की तलाश रहती है। इस गिरोह की गिरफ्तारी से भविष्य में होने वाली कई बड़ी साइबर ठगी की घटनाओं को रोकने में मदद मिली है। पुलिस अब इस गिरोह के मास्टरमाइंड और बंगाल कनेक्शन की तलाश में जुटी है।
- महराजगंज। जनपद पुलिस ने साइबर अपराध के विरुद्ध एक बड़ी सफलता हासिल करते हुए एक ऐसे शातिर अंतरराज्यीय गिरोह का भंडाफोड़ किया है, जो गांवों में फेरी लगाकर पुराने मोबाइल इकट्ठा करता था और फिर उनका इस्तेमाल साइबर ठगी के लिए किया जाता था। पुलिस ने इस मामले में गिरोह के 5 सदस्यों को गिरफ्तार किया है। ऐसे देते थे वारदात को अंजाम यह गिरोह गांवों में फेरी लगाकर बर्तन और कंबल बेचने के बहाने जाता था। वहां ये लोग भोले-भाले ग्रामीणों को लुभावने ऑफर देकर उनके पुराने और चालू मोबाइल फोन ले लेते थे। इन मोबाइलों और उनके मदरबोर्ड का उपयोग भविष्य में ओटीपी फ्रॉड, फिशिंग और अन्य साइबर अपराधों के लिए किया जाना था। भारी मात्रा में बरामदगी पुलिस ने आरोपियों के पास से जो सामान बरामद किया है, उसकी अनुमानित बाजार कीमत लगभग 80 लाख रुपये बताई जा रही है: 318 एंड्रॉयड मोबाइल फोन 110 मोबाइल मदरबोर्ड 05 मोटरसाइकिलें फर्जी दस्तावेज और नकदी बिहार से जुड़े हैं तार गिरफ्तार किए गए पांचों आरोपी मूल रूप से बिहार (पूर्वी चंपारण और मोतिहारी) के रहने वाले हैं। पूछताछ में सामने आया है कि ये लोग इन मोबाइलों को इकट्ठा कर पश्चिम बंगाल (कोलकाता) में बैठे अपने एक साथी को भेजने वाले थे, जहाँ से इन्हें साइबर अपराध के 'हॉटस्पॉट्स' पर सप्लाई किया जाना था। पुलिस की सक्रियता से टला बड़ा खतरा पुलिस अधिकारियों के अनुसार, साइबर अपराध में इस्तेमाल होने वाले मोबाइल का आईएमईआई (IMEI) अक्सर ब्लॉक कर दिया जाता है, इसलिए अपराधियों को नए आईएमईआई वाले मोबाइलों की तलाश रहती है। इस गिरोह की गिरफ्तारी से भविष्य में होने वाली कई बड़ी साइबर ठगी की घटनाओं को रोकने में मदद मिली है। पुलिस अब इस गिरोह के मास्टरमाइंड और बंगाल कनेक्शन की तलाश में जुटी है।1
- कुछ लोगों ने न सिर्फ दरोगा के साथ गाली-गलौच की, बल्कि मारपीट की कोशिश भी की। मामला पहासू थाना क्षेत्र का है, जहां एक दरोगा ड्यूटी पर मौजूद थे। इसी दौरान 7 से 8 लोगों का एक समूह वहां पहुंचा और दरोगा के साथ अभद्र व्यवहार शुरू कर दिया। आरोप है कि दबंगों ने दरोगा के साथ गाली-गलौच की और थाने का घेराव करने की धमकी भी दी। इतना ही नहीं, दरोगा को अकेला देखकर आरोपियों ने उनके साथ मारपीट करने का भी प्रयास किया। इस दौरान दरोगा की वर्दी तक पर हमला किया गया, जिससे मौके पर तनाव की स्थिति बन गई। हालांकि सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और हालात को काबू में लिया गया। पुलिस ने कार्रवाई करते हुए आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है और आगे की जांच जारी है। फिलहाल पुलिस पूरे मामले की जांच में जुटी है। देखना होगा कि आरोपियों पर क्या कड़ी कार्रवाई होती है।1
- बुलंदशहर : वलीमा के कार्यक्रम में महिलाओं के फोटो खींचने पर हुआ बवाल1
- शिकारपुर : कोतवाली क्षेत्र में मानवता को शर्मसार करने वाला एक सनसनीखेज मामला सामने आया है बीए एलएलबी कर रही एक छात्रा ने कॉलेज जाते समय शिकारपुर के एक युवक पर अपहरण कर कार में बलात्कार करने और विरोध करने पर जान से मारने की धमकी देने का गम्भीर आरोप लगाया है पीड़िता ने परिजनों के साथ कोतवाली पहुंच कर नामजद तहरीर देते हुए न्याय की गुहार लगाई है अहमदगढ़ थाना क्षेत्र के एक गांव की रहने वाली बीए एलएलबी की छात्रा है पीड़िता ने पुलिस को दी तहरीर में बताया कि यह घटना सुबह करीब 11:30 बजे की है पीड़िता अनूपशहर शिकारपुर बस स्टैंड से पैदल कॉलेज जा रही थी आरोप है कि रास्ते में पीछे से एक सफेद रंग की कार आई जिसे शिकारपुर क्षेत्र के गांव डडुआ का निवासी सुवेक पुत्र नाममालूम चला रहा था आरोपी ने छात्रा को जबरन कार में बैठने को कहा जब उसके द्वारा गाड़ी में बैठने को मना कर दिया तो आरोपी ने उसे धक्का देकर कार के अन्दर खीच लिया तहरीर के अनुसार आरोपी ने छात्रा और उसके भाई को गोली मारने की धमकी देकर चुप कराया और उसे जबरन नारियल पानी जिसमें कोई नशीला पदार्थ मिला हुआ था नशीला पदार्थ पीने के बाद जब छात्रा अर्धमूर्छित अवस्था में पहुंचने लगी तो आरोपी ने उसके साथ बलात्कार किया पीड़िता का आरोप है कि आरोपी ने कुकृत्य के दौरान उसकी अश्लील वीडियो और फोटो भी बना लिए होश आने पर जब छात्रा ने विरोध किया तो आरोपी ने धमकी दी कि यदि उसने किसी से शिकायत की तो वह इन वीडियो को सोशल मीडिया पर वायरल कर देगा और उसके परिवार को खत्म कर देगा वारदात के बाद आरोपी छात्रा को एक सुनसान जगह फेंक कर फरार हो गया पीड़िता ने बताया कि आरोपी उसे पहले भी अलग-अलग नम्बरों से फोन कर परेशान करता रहा है घटना के बाद डरी-सहमी छात्रा ने अपने परिजनों को आपबीती सुनाई पीड़िता छात्रा ने शिकारपुर कोतवाली में तहरीर देकर कार्यवाही करने की मांग की है जब इस सम्बन्ध में एसपी देहात से जानकारी करी तो उन्होंने बताया कि थाना शिकारपुर पर एक युवती एवं उसके परिवार जनो द्वारा एक तहरीर दी गयी कि जिसमे एक युवक द्वारा युवती को नशीला पदार्थ खिला कर दुष्कर्म करना अंकित किया गया है इस सम्बन्ध में प्राप्त तहरीर के आधार पर थाना शिकारपुर पर अभियोग पंजीकृत किया गया है तथा अभियुक्त को गिरफ्तार किया जा चुका है प्रथम दृष्टया जांच में पाया गया है कि अभियुक्त व युवती एक दूसरे से पूर्व से ही परिचित है जांच कर अग्रिम विधिक कार्यवाही की जा रही है वहीं कस्बा इंचार्ज दिलीप सिंह, ने बताया कि पीड़िता छात्रा की तहरीर पर मुकदमा पंजीकृत कर जांच पड़ताल की जा रही है आरोपी को हिरासत में ले लिया गया है अग्रिम कार्यवाही की जा रही है।1
- Baba sahab ki Ambedkar Jayanti per kya baval ho raha hai dekho aap Sabhi log aur like karo subscribe karo share1
- Post by Sonu Kumar3
- हापुड़ के गोहर गांव में विवाद का VIDEO वायरल, दो पक्षों में झड़प का मामला उत्तर प्रदेश के हापुड़ जिले के थाना बाबूगढ़ क्षेत्र के गोहर गांव से एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। वीडियो में दो पक्षों के बीच विवाद और झड़प का मामला सामने आया है। सूचना मिलने पर पुलिस ने मौके पर पहुंचकर स्थिति को नियंत्रित किया और मामले की जांच शुरू कर दी है। फिलहाल प्रशासन द्वारा शांति बनाए रखने की अपील की जा रही है।1
- बुलंदशहर के पहासू थाना क्षेत्र में उस समय अफरा-तफरी मच गई जब एक दरोगा और स्थानीय लोगों के बीच किसी बात को लेकर जमकर 'तू-तू मैं-मैं' हो गई। घटना का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें दरोगा और जनता के बीच भारी गहमागहमी और गर्मागर्मी देखी जा सकती है। क्या है पूरा मामला? मिली जानकारी के मुताबिक, विवाद की शुरुआत दरोगा द्वारा कथित तौर पर गाली-गलौज करने से हुई, जिससे वहां मौजूद लोग भड़क गए। देखते ही देखते विवाद इतना बढ़ गया कि दरोगा ने मौके से ही अपने आला अफसरों को फोन लगा दिया। दरोगा ने फोन पर क्या कहा? वायरल वीडियो में दरोगा फोन पर कहते सुनाई दे रहे हैं— "सर, यहाँ 10-12 लोग हैं, मुझे घेर रहे हैं, गाली दे रहे हैं और मेरी वर्दी तक खींच रहे हैं।" वहीं दूसरी ओर, मौके पर मौजूद लोग पुलिसकर्मी पर अभद्र भाषा का प्रयोग करने का आरोप लगा रहे हैं। वीडियो में दोनों पक्षों के बीच तीखी बहस साफ नजर आ रही है। पुलिस के उच्च अधिकारियों द्वारा मामले की जांच और स्थिति का संज्ञान लिए जाने की खबर है। आपकी क्या राय है? पुलिस का जनता के प्रति ऐसा व्यवहार और फिर इस तरह का विवाद, आप इसे कैसे देखते हैं? अपनी राय कमेंट बॉक्स में जरूर दें।1