Shuru
Apke Nagar Ki App…
विकासनगर के बैरागीवली में हुए विनोद हत्याकांड के बाद, हिंदू संगठनों के लोग सड़कों पर उतर आए हैं। इन संगठनों ने विनोद के लिए न्याय की पुरजोर मांग करते हुए विरोध प्रदर्शन किया।
Dehradun City News
विकासनगर के बैरागीवली में हुए विनोद हत्याकांड के बाद, हिंदू संगठनों के लोग सड़कों पर उतर आए हैं। इन संगठनों ने विनोद के लिए न्याय की पुरजोर मांग करते हुए विरोध प्रदर्शन किया।
More news from उत्तराखंड and nearby areas
- वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक के निर्देशन में चलाए जा रहे 'ऑपरेशन प्रहार' अभियान के तहत देहरादून पुलिस ने नशा तस्करों के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की है। इस कार्रवाई में पटेलनगर क्षेत्र से एक महिला को अवैध गांजे के साथ गिरफ्तार किया गया। पुलिस के अनुसार, ब्रह्मपुरी कालाग्राउंड के पास चेकिंग के दौरान मुखबिर की सूचना पर 60 वर्षीय महिला को पकड़ा गया, जिसके कब्जे से 1 किलो 29 ग्राम अवैध गांजा बरामद हुआ। आरोपी महिला के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज कर आवश्यक कानूनी कार्रवाई की गई है। मुख्यमंत्री के "ड्रग्स फ्री देवभूमि" विजन को साकार करने के उद्देश्य से दून पुलिस द्वारा जनपदभर में नशा तस्करों के विरुद्ध यह लगातार अभियान चलाया जा रहा है।1
- पुलिस ने एक ऐसी धातु की वस्तु के संबंध में चेतावनी जारी की है जो देखने में तो सामान्य पेन जैसी लगती है, लेकिन वास्तव में यह एक टैक्टिकल या सेल्फ-डिफेंस पेन अथवा नुकीला सुरक्षा उपकरण हो सकता है। इस वीडियो संदेश का मुख्य उद्देश्य लोगों को ऐसी वस्तु को साधारण पेन न समझने की सलाह देना है, क्योंकि इसका उपयोग आत्मरक्षा के साथ-साथ किसी को चोट पहुँचाने के लिए भी किया जा सकता है। यह वस्तु सामान्य पेन के आकार की दिखती है, किंतु धातु से बनी होने के कारण काफी मजबूत होती है और इसके नुकीले हिस्से से गंभीर चोट लगने की संभावना है। पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि वे अनजान वस्तुओं को बिना जांचे-परखे हाथ में न लें और अपनी सुरक्षा व सतर्कता बनाए रखें।1
- सोमवार को नई टिहरी के जिला सभागार में मुख्य विकास अधिकारी टिहरी गढ़वाल वरुणा अग्रवाल की अध्यक्षता में जनता दरबार कार्यक्रम आयोजित किया गया, जहाँ जनपदवासियों की विभिन्न समस्याओं एवं शिकायतों को सुना गया। इस दौरान अलग-अलग विभागों से संबंधित कुल 28 आवेदन प्राप्त हुए। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री हेल्पलाइन और जन समर्पण पोर्टल पर दर्ज लंबित शिकायतों की भी समीक्षा की गई, जिस पर मुख्य विकास अधिकारी ने सभी संबंधित अधिकारियों को समयबद्ध और गुणवत्तापूर्ण निस्तारण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। जनता दरबार में कई विशिष्ट शिकायतें सामने आईं। तहसील टिहरी के ग्राम चवादन्त निवासी रविन्द्र सिंह चौहान ने खेमड़ा-कुंडाली मार्ग पर एक व्यक्ति द्वारा बनाए गए तालाब से अपने मकान को खतरा होने की शिकायत की, जिस पर मुख्य विकास अधिकारी ने अधिशासी अभियंता, लोक निर्माण विभाग को तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए। वीएमएम कॉलेज, बुरांसवाड़ी (चम्बा) के छात्र-छात्राओं ने कॉलेज के पंजीकरण और शैक्षणिक अभिलेखों की जांच की मांग की, जिसके संबंध में पूर्व में प्रशिक्षु आईएएस की अध्यक्षता में गठित समिति की जांच रिपोर्ट उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए। ग्राम जाख के ग्रामीणों ने पर्यटन विभाग द्वारा गाँव की गौचर भूमि पर बिना समुचित जांच के पैराग्लाइडिंग गतिविधियों की अनुमति दिए जाने की शिकायत की, जिस पर मुख्य विकास अधिकारी ने उपजिलाधिकारी टिहरी को तत्काल जांच कर नियमानुसार कार्रवाई करने को कहा। रानीचौरी-साबली निवासी विजलदास ने आवास के निकट दो चीड़ के पेड़ों से मकान को खतरा और बंदरों से सुरक्षा की मांग रखी, जिस पर नरेंद्रनगर वन प्रभाग को आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश मिले। बौराड़ी स्थित मिलन केंद्र के समीप नालियां बंद होने से सड़क पर मलबा जमा होने की शिकायत स्थानीय दुकानदारों और निवासियों ने की, जिस पर मुख्य विकास अधिकारी ने प्रशिक्षु आईएएस ज्योति, लोक निर्माण विभाग और नगर पालिका के अधिकारियों को संयुक्त रूप से स्थलीय निरीक्षण कर उसी दिन रिपोर्ट प्रस्तुत करने का निर्देश दिया। इस जनता दरबार में स्थानीय लोगों के साथ-साथ सभी जिला स्तरीय अधिकारी उपस्थित रहे।1
- भंडारी हत्याकांड से जुड़े वायरल ऑडियो मामले में पूर्व विधायक सुरेश राठौर को गिरफ्तार कर लिया गया है। राठौर को भाजपा से निष्कासित किया जा चुका है। इस मामले में पूर्व विधायक ने एक बड़े भाजपा नेता का नाम लेने का दावा किया था, जिसके बाद यह गिरफ्तारी हुई है। बताया गया है कि यह ऑडियो उनकी कथित पत्नी उर्मिला सनावर के साथ बातचीत का था, जो वायरल हुआ था। इस प्रकरण में देहरादून और बहादराबाद में मुकदमे भी दर्ज किए गए थे।1
- धर्म की राजधानी हरिद्वार में सोमवती अमावस्या के अवसर पर आस्था का एक अभूतपूर्व जनसैलाब उमड़ पड़ा, जहां देश के कोने-कोने से आए लाखों श्रद्धालुओं ने माँ गंगा में पुण्य की डुबकी लगाई। शनिवार रात से ही शुरू हुआ स्नान रविवार सुबह तक हरिद्वार की गलियों, पार्किंग स्थलों, राष्ट्रीय राजमार्गों और गंगा के घाटों को श्रद्धालुओं से भर चुका था। हालाँकि सीमित संसाधनों के बावजूद जिला और पुलिस प्रशासन ने इस विशाल स्नान पर्व को सफलतापूर्वक संपन्न कराया, फिर भी जाम, गंदगी, पानी और शौचालय जैसी बुनियादी व्यवस्थाओं की कमी ने बड़े सवाल खड़े किए और श्रद्धालुओं की परेशानी बढ़ाई। हर की पैड़ी के साथ-साथ कुशावर्त घाट, सुभाष घाट, गऊघाट, रामघाट, श्रवणनाथ घाट, विष्णुघाट, बिरला घाट, दक्ष घाट, सतीघाट, नीलधारा, लोकनाथ घाट, शालिग्राम घाट, नारायण स्वामी घाट, शिव की पैड़ी, सप्तऋषि घाट, परमार्थ निकेतन घाट और ठोकर नंबर एक से दस तक के सभी स्नान घाटों पर लाखों लोगों ने आस्था की डुबकी लगाई। स्नान के उपरांत श्रद्धालुओं ने पीपल पूजन, तर्पण, पिंडदान, नारायणी शिला पूजा, तीर्थ पुरोहितों से संकल्प, दान-दक्षिणा कर अपने और पूर्वजों के मोक्ष तथा परिवार की सुख-समृद्धि की कामना की। सुहागिन महिलाओं ने पति की दीर्घायु और अखंड सौभाग्य के लिए व्रत रखकर भगवान शिव और माता पार्वती की आराधना की। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, इस दिन गंगा स्नान और दान-पुण्य से अश्वमेध यज्ञ के समान पुण्य फल प्राप्त होता है। लाखों की भीड़ के बावजूद, जिला और पुलिस प्रशासन की यह बड़ी उपलब्धि रही कि उन्होंने सीमित संसाधनों में इस विशाल स्नान पर्व को सकुशल संपन्न कराया और कोई बड़ी अप्रिय घटना सामने नहीं आई। हालाँकि, इस सफल आयोजन के बीच कई ऐसी कमियाँ भी उजागर हुईं, जिनसे भविष्य के लिए महत्वपूर्ण सबक लेना आवश्यक है। सबसे बड़ी समस्या नेशनल हाईवे पर ई-रिक्शा, थ्री-व्हीलर और भारी वाहनों के कारण उत्पन्न हुई, जहां ई-रिक्शा चालक बीच सड़क पर सवारियां भरते और यू-टर्न लेते दिखे, जिससे बुजुर्ग श्रद्धालुओं को सिर पर सामान ढोकर लंबी दूरी तक पैदल चलने पर मजबूर होना पड़ा। इसके समाधान के लिए ई-रिक्शा को निर्धारित पार्किंग तक सीमित करने और भारी वाहनों को रात्रि में निकालने जैसे सुझाव दिए गए हैं। दूसरा, हर की पैड़ी सहित कई घाटों पर सफाई व्यवस्था संतोषजनक नहीं दिखी, जहां पॉलिथीन और कूड़े के ढेर दिखाई दिए, जिससे गंगा में गंदगी जाने का खतरा बना रहा; इसके लिए विशेष सफाई कर्मचारियों की तैनाती और त्वरित कूड़ा एकत्रण की वकालत की गई। तीसरा, इतने बड़े स्नान पर्व के दौरान भी हर की पैड़ी क्षेत्र में लगभग 50 से 60 अवैध फड़ और कैनी भीड़ के बीच अवरोध बने रहे, जिससे श्रद्धालुओं को निकलने में कठिनाई हुई और हादसे की आशंका बनी रही; ऐसे में स्नान घाटों को पूर्णतः अतिक्रमण मुक्त रखने की आवश्यकता महसूस की गई। चौथी कमी समाजसेवा के दावों की परीक्षा में थी, क्योंकि बैठकों में दिखने वाले कई लोग आयोजनों में सहयोग करते नहीं दिखे; प्रशासन को अखाड़ों के स्वयंसेवकों, ट्रस्टों, वास्तविक समाजसेवियों, एनसीसी और भारत स्काउट गाइड जैसे संगठनों को बैरिकेडिंग व घाटों पर जिम्मेदारी सौंपने का सुझाव दिया गया है। पांचवीं बड़ी परेशानी पानी की भारी कमी थी, जहां पार्किंग स्थलों पर और नेशनल हाईवे पर पैदल चल रहे श्रद्धालुओं के लिए पर्याप्त पानी के टैंकर और पेयजल व्यवस्था उपलब्ध नहीं थी। अंत में, महिलाओं को शौचालय व्यवस्था की अपर्याप्तता के कारण सर्वाधिक परेशानी उठानी पड़ी, जिससे उन्हें खुले में जाने के लिए विवश होना पड़ा और उन्हें शर्म व असुविधा का सामना करना पड़ा; भविष्य के आयोजनों में महिलाओं की गरिमा और सुविधा को प्राथमिकता देने पर बल दिया गया है। इन चुनौतियों के बीच, जिलाधिकारी मयूर दीक्षित स्वयं पूरी रात और तड़के सुबह तक स्नान व्यवस्था की निगरानी करते हुए बेहद गंभीर और सतर्क दिखाई दिए। हर की पैड़ी पुलिस चौकी से उन्होंने लगातार प्रमुख स्नान घाटों पर नजर बनाए रखी और अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए। उनके इस समर्पण को कई लोगों ने "मां गंगा के दरबार में एक सेवक की मौन प्रार्थना" के रूप में देखा, जिसका परिणाम यह रहा कि सीमित संसाधनों, रिकॉर्ड तोड़ भीड़ और भारी दबाव के बावजूद प्रशासन इस विशाल स्नान पर्व को सकुशल संपन्न करा पाया। हालाँकि यातायात, पेयजल, सफाई, शौचालय और अतिक्रमण जैसी कमियां भविष्य के लिए गंभीर चिंतन का विषय बनी हुई हैं, जिला प्रशासन के शीर्ष नेतृत्व की मैदानी मौजूदगी ने हालात को नियंत्रित रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। यह महापर्व करोड़ों श्रद्धालुओं की अटूट आस्था का प्रतीक तो बना, पर साथ ही इसने प्रशासन के सामने कई महत्वपूर्ण प्रश्न भी खड़े किए। माँ गंगा के दरबार में आने वाला श्रद्धालु केवल पुण्य कमाने नहीं आता, बल्कि वह व्यवस्था, सम्मान, स्वच्छता और सुरक्षा की अपेक्षा भी रखता है। यदि जाम पर नियंत्रण, अतिक्रमण पर अंकुश, पेयजल, शौचालय और सफाई व्यवस्था को और बेहतर बनाया जाए, तो हरिद्वार वास्तव में धर्म, आस्था और उत्कृष्ट प्रबंधन का आदर्श उदाहरण बन सकता है। स्वतंत्र पत्रकार रामेश्वर गौड़ के अनुसार, "तीर्थ की पवित्रता बनाए रखना केवल प्रशासन का नहीं, हम सभी का सामूहिक दायित्व है।" यह महापर्व इस संदेश के साथ संपन्न हुआ कि प्रशासनिक संवेदनशीलता, माँ गंगा की कृपा और श्रद्धालुओं का सहयोग मिलकर करोड़ों की भीड़ को भी अनुशासन और शांति के साथ पुण्य स्नान पूर्ण करा सकते हैं।4
- देहरादून जिले के विकासनगर क्षेत्र के बारागीवाला गाँव में भाजपा नेता विनोद की नृशंस हत्या कर दी गई है।1
- देहरादून के जौलीग्रांट एयरपोर्ट पर सोमवार को "यात्री सुविधा दिवस-2026" का आयोजन किया गया, जिसका मुख्य उद्देश्य यात्रियों का स्वागत करना और उन्हें एयरपोर्ट पर उपलब्ध विभिन्न सुविधाओं तथा हाल ही में हुए विकास कार्यों के बारे में जानकारी देना था। इस कार्यक्रम का लक्ष्य यात्रियों को बेहतर सेवाओं, सुदृढ़ सुरक्षा व्यवस्थाओं और नवीनतम तकनीकी सुविधाओं के प्रति जागरूक करना भी था। एयरपोर्ट प्रबंधन ने बताया कि यात्रियों की सहूलियत के लिए हाल के वर्षों में कई आधुनिक व्यवस्थाएं जोड़ी गई हैं, जिनमें डिजी यात्रा, वाई-फाई, किड्स जोन और अन्य यात्री अनुकूल सुविधाएं प्रमुख हैं। इन नवाचारों के परिणामस्वरूप यात्रियों को अब तेज, सुरक्षित और बेहद सुगम यात्रा का अनुभव मिल रहा है। कार्यक्रम के दौरान, एयरपोर्ट प्रशासन ने यात्रियों से उनकी यात्रा के अनुभव पर फीडबैक भी लिया। साथ ही, उन्हें एयरपोर्ट पर चल रहे विकास कार्यों और भविष्य की योजनाओं से भी अवगत कराया गया। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि यात्रियों को विश्वस्तरीय सुविधाएं मुहैया कराना एयरपोर्ट प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है।1
- सोमवती अमावस्या स्नान के पावन अवसर पर हरिद्वार में श्रद्धालुओं का भारी जनसैलाब उमड़ पड़ा है। इस दौरान, भक्तों की सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित करने के लिए पूरे क्षेत्र में चप्पे-चप्पे पर पुलिस बल तैनात किया गया है।1
- कुमार दुष्यंत ने चिंता व्यक्त करते हुए कहा है कि हरिद्वार में बड़े मेलों और स्नान पर्वों के लिए अब जगह कम पड़ने लगी है। बढ़ती भीड़ के कारण सड़कें, बाजार और गलियां तो विस्फोटक स्थिति में पहुंच ही जाती हैं, कई बार हरकी पैड़ी भी छोटी पड़ जाती है। पिछले चार दशकों में हरकी पैड़ी का अनेक बार विस्तार हुआ है, लेकिन इसके बावजूद इस दौरान भीड़ कई गुना बढ़ गई है, जो हर मेले में पिछले रिकॉर्ड तोड़ती जा रही है। हाल ही में हुए सोमवती अमावस्या स्नान पर्व पर भी हरकी पैड़ी पर कुछ ऐसा ही नजारा दिखाई दिया। लेखक के अनुसार, आगामी अर्धकुंभ में, जिसे शासन-प्रशासन कुंभ के रूप में प्रचारित कर रहा है, हरकी पैड़ी का विस्तार प्रस्तावित है, लेकिन इसके होने पर अभी संशय बना हुआ है। बढ़ती भीड़ को देखते हुए, हरिद्वार में यातायात के लिए सड़कों और फ्लाईओवर के बाद अब अन्य विकल्पों पर सोचने का वक्त आ गया है। पाड टैक्सी और मिनी मेट्रो जैसे विकल्पों का सुझाव दिया गया है, वरना आने वाले समय में महामेलों में अव्यवस्थाओं को नियंत्रित करना बेहद मुश्किल हो जाएगा।1