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सोमवार को नई टिहरी के जिला सभागार में मुख्य विकास अधिकारी टिहरी गढ़वाल वरुणा अग्रवाल की अध्यक्षता में जनता दरबार कार्यक्रम आयोजित किया गया, जहाँ जनपदवासियों की विभिन्न समस्याओं एवं शिकायतों को सुना गया। इस दौरान अलग-अलग विभागों से संबंधित कुल 28 आवेदन प्राप्त हुए। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री हेल्पलाइन और जन समर्पण पोर्टल पर दर्ज लंबित शिकायतों की भी समीक्षा की गई, जिस पर मुख्य विकास अधिकारी ने सभी संबंधित अधिकारियों को समयबद्ध और गुणवत्तापूर्ण निस्तारण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। जनता दरबार में कई विशिष्ट शिकायतें सामने आईं। तहसील टिहरी के ग्राम चवादन्त निवासी रविन्द्र सिंह चौहान ने खेमड़ा-कुंडाली मार्ग पर एक व्यक्ति द्वारा बनाए गए तालाब से अपने मकान को खतरा होने की शिकायत की, जिस पर मुख्य विकास अधिकारी ने अधिशासी अभियंता, लोक निर्माण विभाग को तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए। वीएमएम कॉलेज, बुरांसवाड़ी (चम्बा) के छात्र-छात्राओं ने कॉलेज के पंजीकरण और शैक्षणिक अभिलेखों की जांच की मांग की, जिसके संबंध में पूर्व में प्रशिक्षु आईएएस की अध्यक्षता में गठित समिति की जांच रिपोर्ट उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए। ग्राम जाख के ग्रामीणों ने पर्यटन विभाग द्वारा गाँव की गौचर भूमि पर बिना समुचित जांच के पैराग्लाइडिंग गतिविधियों की अनुमति दिए जाने की शिकायत की, जिस पर मुख्य विकास अधिकारी ने उपजिलाधिकारी टिहरी को तत्काल जांच कर नियमानुसार कार्रवाई करने को कहा। रानीचौरी-साबली निवासी विजलदास ने आवास के निकट दो चीड़ के पेड़ों से मकान को खतरा और बंदरों से सुरक्षा की मांग रखी, जिस पर नरेंद्रनगर वन प्रभाग को आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश मिले। बौराड़ी स्थित मिलन केंद्र के समीप नालियां बंद होने से सड़क पर मलबा जमा होने की शिकायत स्थानीय दुकानदारों और निवासियों ने की, जिस पर मुख्य विकास अधिकारी ने प्रशिक्षु आईएएस ज्योति, लोक निर्माण विभाग और नगर पालिका के अधिकारियों को संयुक्त रूप से स्थलीय निरीक्षण कर उसी दिन रिपोर्ट प्रस्तुत करने का निर्देश दिया। इस जनता दरबार में स्थानीय लोगों के साथ-साथ सभी जिला स्तरीय अधिकारी उपस्थित रहे।

5 hrs ago
user_Uklive Uttrakhand
Uklive Uttrakhand
टिहरी, टिहरी गढ़वाल, उत्तराखंड•
5 hrs ago

सोमवार को नई टिहरी के जिला सभागार में मुख्य विकास अधिकारी टिहरी गढ़वाल वरुणा अग्रवाल की अध्यक्षता में जनता दरबार कार्यक्रम आयोजित किया गया, जहाँ जनपदवासियों की विभिन्न समस्याओं एवं शिकायतों को सुना गया। इस दौरान अलग-अलग विभागों से संबंधित कुल 28 आवेदन प्राप्त हुए। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री हेल्पलाइन और जन समर्पण पोर्टल पर दर्ज लंबित शिकायतों की भी समीक्षा की गई, जिस पर मुख्य विकास अधिकारी ने सभी संबंधित अधिकारियों को समयबद्ध और गुणवत्तापूर्ण निस्तारण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। जनता दरबार में कई विशिष्ट शिकायतें सामने आईं। तहसील टिहरी के ग्राम चवादन्त निवासी रविन्द्र सिंह चौहान ने खेमड़ा-कुंडाली मार्ग पर एक व्यक्ति द्वारा बनाए गए तालाब से अपने मकान को खतरा होने की शिकायत की, जिस पर मुख्य विकास अधिकारी ने अधिशासी अभियंता, लोक निर्माण विभाग को तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए। वीएमएम कॉलेज, बुरांसवाड़ी (चम्बा) के छात्र-छात्राओं ने कॉलेज के पंजीकरण और शैक्षणिक अभिलेखों की जांच की मांग की, जिसके संबंध में पूर्व में प्रशिक्षु आईएएस की अध्यक्षता में गठित समिति की जांच रिपोर्ट उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए। ग्राम जाख के ग्रामीणों ने पर्यटन विभाग द्वारा गाँव की गौचर भूमि पर बिना समुचित जांच के पैराग्लाइडिंग गतिविधियों की अनुमति दिए जाने की शिकायत की, जिस पर मुख्य विकास अधिकारी ने उपजिलाधिकारी टिहरी को तत्काल जांच कर नियमानुसार कार्रवाई करने को कहा। रानीचौरी-साबली निवासी विजलदास ने आवास के निकट दो चीड़ के पेड़ों से मकान को खतरा और बंदरों से सुरक्षा की मांग रखी, जिस पर नरेंद्रनगर वन प्रभाग को आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश मिले। बौराड़ी स्थित मिलन केंद्र के समीप नालियां बंद होने से सड़क पर मलबा जमा होने की शिकायत स्थानीय दुकानदारों और निवासियों ने की, जिस पर मुख्य विकास अधिकारी ने प्रशिक्षु आईएएस ज्योति, लोक निर्माण विभाग और नगर पालिका के अधिकारियों को संयुक्त रूप से स्थलीय निरीक्षण कर उसी दिन रिपोर्ट प्रस्तुत करने का निर्देश दिया। इस जनता दरबार में स्थानीय लोगों के साथ-साथ सभी जिला स्तरीय अधिकारी उपस्थित रहे।

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  • सोमवार को नई टिहरी के जिला सभागार में मुख्य विकास अधिकारी टिहरी गढ़वाल वरुणा अग्रवाल की अध्यक्षता में जनता दरबार कार्यक्रम आयोजित किया गया, जहाँ जनपदवासियों की विभिन्न समस्याओं एवं शिकायतों को सुना गया। इस दौरान अलग-अलग विभागों से संबंधित कुल 28 आवेदन प्राप्त हुए। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री हेल्पलाइन और जन समर्पण पोर्टल पर दर्ज लंबित शिकायतों की भी समीक्षा की गई, जिस पर मुख्य विकास अधिकारी ने सभी संबंधित अधिकारियों को समयबद्ध और गुणवत्तापूर्ण निस्तारण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। जनता दरबार में कई विशिष्ट शिकायतें सामने आईं। तहसील टिहरी के ग्राम चवादन्त निवासी रविन्द्र सिंह चौहान ने खेमड़ा-कुंडाली मार्ग पर एक व्यक्ति द्वारा बनाए गए तालाब से अपने मकान को खतरा होने की शिकायत की, जिस पर मुख्य विकास अधिकारी ने अधिशासी अभियंता, लोक निर्माण विभाग को तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए। वीएमएम कॉलेज, बुरांसवाड़ी (चम्बा) के छात्र-छात्राओं ने कॉलेज के पंजीकरण और शैक्षणिक अभिलेखों की जांच की मांग की, जिसके संबंध में पूर्व में प्रशिक्षु आईएएस की अध्यक्षता में गठित समिति की जांच रिपोर्ट उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए। ग्राम जाख के ग्रामीणों ने पर्यटन विभाग द्वारा गाँव की गौचर भूमि पर बिना समुचित जांच के पैराग्लाइडिंग गतिविधियों की अनुमति दिए जाने की शिकायत की, जिस पर मुख्य विकास अधिकारी ने उपजिलाधिकारी टिहरी को तत्काल जांच कर नियमानुसार कार्रवाई करने को कहा। रानीचौरी-साबली निवासी विजलदास ने आवास के निकट दो चीड़ के पेड़ों से मकान को खतरा और बंदरों से सुरक्षा की मांग रखी, जिस पर नरेंद्रनगर वन प्रभाग को आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश मिले। बौराड़ी स्थित मिलन केंद्र के समीप नालियां बंद होने से सड़क पर मलबा जमा होने की शिकायत स्थानीय दुकानदारों और निवासियों ने की, जिस पर मुख्य विकास अधिकारी ने प्रशिक्षु आईएएस ज्योति, लोक निर्माण विभाग और नगर पालिका के अधिकारियों को संयुक्त रूप से स्थलीय निरीक्षण कर उसी दिन रिपोर्ट प्रस्तुत करने का निर्देश दिया। इस जनता दरबार में स्थानीय लोगों के साथ-साथ सभी जिला स्तरीय अधिकारी उपस्थित रहे।
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    सोमवार को नई टिहरी के जिला सभागार में मुख्य विकास अधिकारी टिहरी गढ़वाल वरुणा अग्रवाल की अध्यक्षता में जनता दरबार कार्यक्रम आयोजित किया गया, जहाँ जनपदवासियों की विभिन्न समस्याओं एवं शिकायतों को सुना गया। इस दौरान अलग-अलग विभागों से संबंधित कुल 28 आवेदन प्राप्त हुए। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री हेल्पलाइन और जन समर्पण पोर्टल पर दर्ज लंबित शिकायतों की भी समीक्षा की गई, जिस पर मुख्य विकास अधिकारी ने सभी संबंधित अधिकारियों को समयबद्ध और गुणवत्तापूर्ण निस्तारण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

जनता दरबार में कई विशिष्ट शिकायतें सामने आईं। तहसील टिहरी के ग्राम चवादन्त निवासी रविन्द्र सिंह चौहान ने खेमड़ा-कुंडाली मार्ग पर एक व्यक्ति द्वारा बनाए गए तालाब से अपने मकान को खतरा होने की शिकायत की, जिस पर मुख्य विकास अधिकारी ने अधिशासी अभियंता, लोक निर्माण विभाग को तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए। वीएमएम कॉलेज, बुरांसवाड़ी (चम्बा) के छात्र-छात्राओं ने कॉलेज के पंजीकरण और शैक्षणिक अभिलेखों की जांच की मांग की, जिसके संबंध में पूर्व में प्रशिक्षु आईएएस की अध्यक्षता में गठित समिति की जांच रिपोर्ट उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए। ग्राम जाख के ग्रामीणों ने पर्यटन विभाग द्वारा गाँव की गौचर भूमि पर बिना समुचित जांच के पैराग्लाइडिंग गतिविधियों की अनुमति दिए जाने की शिकायत की, जिस पर मुख्य विकास अधिकारी ने उपजिलाधिकारी टिहरी को तत्काल जांच कर नियमानुसार कार्रवाई करने को कहा। रानीचौरी-साबली निवासी विजलदास ने आवास के निकट दो चीड़ के पेड़ों से मकान को खतरा और बंदरों से सुरक्षा की मांग रखी, जिस पर नरेंद्रनगर वन प्रभाग को आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश मिले। बौराड़ी स्थित मिलन केंद्र के समीप नालियां बंद होने से सड़क पर मलबा जमा होने की शिकायत स्थानीय दुकानदारों और निवासियों ने की, जिस पर मुख्य विकास अधिकारी ने प्रशिक्षु आईएएस ज्योति, लोक निर्माण विभाग और नगर पालिका के अधिकारियों को संयुक्त रूप से स्थलीय निरीक्षण कर उसी दिन रिपोर्ट प्रस्तुत करने का निर्देश दिया।

इस जनता दरबार में स्थानीय लोगों के साथ-साथ सभी जिला स्तरीय अधिकारी उपस्थित रहे।
    user_Uklive Uttrakhand
    Uklive Uttrakhand
    टिहरी, टिहरी गढ़वाल, उत्तराखंड•
    5 hrs ago
  • देहरादून के डोईवाला क्षेत्र में पुलिस ने "ऑपरेशन प्रहार" के तहत एक बड़ी कार्रवाई करते हुए चोरी की घटना का सफल खुलासा किया है। डोईवाला पुलिस ने इस दौरान एक शातिर चोर को गिरफ्तार किया और उसके कब्जे से चोरी किए गए सोने-चांदी के सभी आभूषण शत-प्रतिशत बरामद कर लिए हैं। यह मामला तब सामने आया जब जौलीग्रांट निवासी सुरेंद्र सिंह ने 11 जून को शिकायत दर्ज कराई कि परिवार सहित चमोली जाने के दौरान उनके बंद घर से अज्ञात चोर अलमारी में रखे मंगलसूत्र, हार, नथ, झुमके, पायल और अन्य आभूषण चोरी कर ले गए थे। इस शिकायत के आधार पर डोईवाला कोतवाली में मुकदमा दर्ज किया गया। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक देहरादून के निर्देश पर गठित पुलिस टीम ने सीसीटीवी फुटेज और मुखबिर तंत्र की मदद से जांच आगे बढ़ाई। जांच के दौरान, पुलिस ने 14 जून को जौलीग्रांट स्थित इंडिगो कार्गो कार्यालय मार्ग से 18 वर्षीय मिर्जानाथ, निवासी भानियावाला को गिरफ्तार किया। आरोपी के पास से चोरी किए गए आभूषणों के साथ एक मोटरसाइकिल भी बरामद हुई। पूछताछ में आरोपी ने बताया कि वह नशे का आदी है और अपनी शराब व मादक पदार्थों की लत को पूरा करने के लिए बंद घरों की रेकी कर चोरी की वारदातों को अंजाम देता था। डोईवाला पुलिस ने आरोपी को न्यायालय में पेश करने की कार्रवाई शुरू कर दी है, और इस कार्रवाई से क्षेत्रवासियों में सुरक्षा को लेकर विश्वास बढ़ा है।
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    देहरादून के डोईवाला क्षेत्र में पुलिस ने "ऑपरेशन प्रहार" के तहत एक बड़ी कार्रवाई करते हुए चोरी की घटना का सफल खुलासा किया है। डोईवाला पुलिस ने इस दौरान एक शातिर चोर को गिरफ्तार किया और उसके कब्जे से चोरी किए गए सोने-चांदी के सभी आभूषण शत-प्रतिशत बरामद कर लिए हैं।

यह मामला तब सामने आया जब जौलीग्रांट निवासी सुरेंद्र सिंह ने 11 जून को शिकायत दर्ज कराई कि परिवार सहित चमोली जाने के दौरान उनके बंद घर से अज्ञात चोर अलमारी में रखे मंगलसूत्र, हार, नथ, झुमके, पायल और अन्य आभूषण चोरी कर ले गए थे। इस शिकायत के आधार पर डोईवाला कोतवाली में मुकदमा दर्ज किया गया। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक देहरादून के निर्देश पर गठित पुलिस टीम ने सीसीटीवी फुटेज और मुखबिर तंत्र की मदद से जांच आगे बढ़ाई।

जांच के दौरान, पुलिस ने 14 जून को जौलीग्रांट स्थित इंडिगो कार्गो कार्यालय मार्ग से 18 वर्षीय मिर्जानाथ, निवासी भानियावाला को गिरफ्तार किया। आरोपी के पास से चोरी किए गए आभूषणों के साथ एक मोटरसाइकिल भी बरामद हुई। पूछताछ में आरोपी ने बताया कि वह नशे का आदी है और अपनी शराब व मादक पदार्थों की लत को पूरा करने के लिए बंद घरों की रेकी कर चोरी की वारदातों को अंजाम देता था। डोईवाला पुलिस ने आरोपी को न्यायालय में पेश करने की कार्रवाई शुरू कर दी है, और इस कार्रवाई से क्षेत्रवासियों में सुरक्षा को लेकर विश्वास बढ़ा है।
    user_राजकुमार अग्रवाल डोईवाला रिपोर
    राजकुमार अग्रवाल डोईवाला रिपोर
    Lawyer डोईवाला, देहरादून, उत्तराखंड•
    50 min ago
  • गंगोत्री नेशनल हाईवे से सटे और हर्षिल घाटी (टकनोर वैली) की गोद में बसे खूबसूरत बगोरी गाँव की पहचान आज खतरे में है। कभी अपनी बेमिसाल स्वच्छता के लिए राष्ट्रपति द्वारा 'स्वच्छ गाँव पुरस्कार' से सम्मानित यह गाँव, अब पर्यटकों की भीड़ और प्रशासन की अनदेखी के कारण कचरे के ढेर में बदलता जा रहा है। प्रधानमंत्री द्वारा हर्षिल घाटी में '12 महीने की यात्रा' की शुरुआत के बाद से यहाँ पर्यटकों की संख्या में भारी बढ़ोतरी हुई है। इस विकास का एक स्याह पहलू भी सामने आया है, जिसमें अत्यधिक प्लास्टिक कचरा, गंदगी और पर्यावरण का विनाश शामिल है। शुद्ध हवा, शीतल जल और शांत वातावरण के लिए कभी मशहूर रहा यह गाँव आज प्लास्टिक रैपर्स और कचरे से पटा है, जिससे ग्रामीणों के पीने के पानी के मुख्य स्रोत दूषित हो रहे हैं। सबसे चिंताजनक बात यह है कि बगोरी गाँव से दूषित होकर बहने वाला यही पानी आगे चलकर पवित्र गंगा नदी में मिल रहा है, जिससे गंगा अपने उद्गम स्थल के समीप ही प्रदूषित होने को मजबूर है। स्थानीय ग्रामीणों में इस दुर्दशा को लेकर भारी आक्रोश है; उनका कहना है कि उनके पुरखों ने इस घाटी को स्वर्ग जैसा संजोकर रखा था और राष्ट्रपति पुरस्कार मिलना गर्व की बात थी। लेकिन अब बाहर से आने वाले पर्यटक और कचरा प्रबंधन की कमी उनके अस्तित्व को खतरे में डाल रही है। ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही इस गंदगी पर रोक नहीं लगी, तो वे उग्र आंदोलन करने को बाध्य होंगे। यह स्थिति इस बात की ओर इशारा करती है कि टकनोर वैली में 'ऑल वेदर' टूरिज्म से भले ही स्थानीय रोजगार बढ़ा हो, लेकिन ठोस कचरा प्रबंधन (Solid Waste Management) के पुख्ता इंतजाम न होने के कारण यह वरदान अब अभिशाप में बदलता दिख रहा है, क्योंकि पर्यटकों द्वारा फैलाए गए कचरे के निपटान की कोई सुचारू व्यवस्था नहीं है।
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    गंगोत्री नेशनल हाईवे से सटे और हर्षिल घाटी (टकनोर वैली) की गोद में बसे खूबसूरत बगोरी गाँव की पहचान आज खतरे में है। कभी अपनी बेमिसाल स्वच्छता के लिए राष्ट्रपति द्वारा 'स्वच्छ गाँव पुरस्कार' से सम्मानित यह गाँव, अब पर्यटकों की भीड़ और प्रशासन की अनदेखी के कारण कचरे के ढेर में बदलता जा रहा है।

प्रधानमंत्री द्वारा हर्षिल घाटी में '12 महीने की यात्रा' की शुरुआत के बाद से यहाँ पर्यटकों की संख्या में भारी बढ़ोतरी हुई है। इस विकास का एक स्याह पहलू भी सामने आया है, जिसमें अत्यधिक प्लास्टिक कचरा, गंदगी और पर्यावरण का विनाश शामिल है। शुद्ध हवा, शीतल जल और शांत वातावरण के लिए कभी मशहूर रहा यह गाँव आज प्लास्टिक रैपर्स और कचरे से पटा है, जिससे ग्रामीणों के पीने के पानी के मुख्य स्रोत दूषित हो रहे हैं।

सबसे चिंताजनक बात यह है कि बगोरी गाँव से दूषित होकर बहने वाला यही पानी आगे चलकर पवित्र गंगा नदी में मिल रहा है, जिससे गंगा अपने उद्गम स्थल के समीप ही प्रदूषित होने को मजबूर है। स्थानीय ग्रामीणों में इस दुर्दशा को लेकर भारी आक्रोश है; उनका कहना है कि उनके पुरखों ने इस घाटी को स्वर्ग जैसा संजोकर रखा था और राष्ट्रपति पुरस्कार मिलना गर्व की बात थी। लेकिन अब बाहर से आने वाले पर्यटक और कचरा प्रबंधन की कमी उनके अस्तित्व को खतरे में डाल रही है।

ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही इस गंदगी पर रोक नहीं लगी, तो वे उग्र आंदोलन करने को बाध्य होंगे। यह स्थिति इस बात की ओर इशारा करती है कि टकनोर वैली में 'ऑल वेदर' टूरिज्म से भले ही स्थानीय रोजगार बढ़ा हो, लेकिन ठोस कचरा प्रबंधन (Solid Waste Management) के पुख्ता इंतजाम न होने के कारण यह वरदान अब अभिशाप में बदलता दिख रहा है, क्योंकि पर्यटकों द्वारा फैलाए गए कचरे के निपटान की कोई सुचारू व्यवस्था नहीं है।
    user_Virendra singh negi
    Virendra singh negi
    डुंडा, उत्तर काशी, उत्तराखंड•
    7 hrs ago
  • बालों की प्लेटलेट-रिच प्लाज्मा (PRP) थेरेपी व्यक्ति के अपने रक्त से केंद्रित विकास कारकों का उपयोग करती है, जिससे निष्क्रिय हेयर फॉलिकल्स को उत्तेजित किया जाता है। इस थेरेपी के प्रमुख लाभों में बालों के घनत्व में महत्वपूर्ण वृद्धि, मोटाई में सुधार, बालों का रोज़ाना झड़ना कम होना और बाल प्रत्यारोपण के बाद उपचार में सहायता मिलना शामिल है। यह सेवा डॉ. द्वारा प्रदान की जाती है, जो BUMS (UAU) सेक्सोलॉजिस्ट और जनरल फ़िज़िशियन हैं। इस थेरेपी के लिए 9411728392 पर संपर्क किया जा सकता है।
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    बालों की प्लेटलेट-रिच प्लाज्मा (PRP) थेरेपी व्यक्ति के अपने रक्त से केंद्रित विकास कारकों का उपयोग करती है, जिससे निष्क्रिय हेयर फॉलिकल्स को उत्तेजित किया जाता है। इस थेरेपी के प्रमुख लाभों में बालों के घनत्व में महत्वपूर्ण वृद्धि, मोटाई में सुधार, बालों का रोज़ाना झड़ना कम होना और बाल प्रत्यारोपण के बाद उपचार में सहायता मिलना शामिल है। यह सेवा डॉ. द्वारा प्रदान की जाती है, जो BUMS (UAU) सेक्सोलॉजिस्ट और जनरल फ़िज़िशियन हैं। इस थेरेपी के लिए 9411728392 पर संपर्क किया जा सकता है।
    user_Dr Saved Malik
    Dr Saved Malik
    Doctor देहरादून, देहरादून, उत्तराखंड•
    9 hrs ago
  • उत्तराखंड की राजधानी देहरादून के सहसपुर पुलिस स्टेशन क्षेत्र के बैरागी वाला इलाके में पानी के झगड़े को लेकर दो पक्षों के बीच हुई हिंसक झड़प में एक युवक विनोद की धारदार हथियार से हमलाकर हत्या कर दी गई। 13 जून को खेत में सिंचाई को लेकर हुए विवाद के बाद शनिवार रात को यह घटना हुई, जिसके बाद इलाके में तनावपूर्ण माहौल बन गया। हत्या के बाद रविवार सुबह कुछ लोगों ने एक हमलावर के घर पर और अन्य आरोपियों के घर के पास आगजनी की। इसके बाद हुई पत्थरबाजी में भी कुछ लोगों के घायल होने की सूचना है। देर रात तक पीड़ित परिवार और ग्रामीण पुलिस थाने में डटे रहे और आरोपियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग करते रहे, इस दौरान स्थानीय विधायक मुन्ना सिंह चौहान भी उनके साथ मौजूद रहे। मामले में अभी तक तीन लोगों को गिरफ्तार किया गया है, जबकि कुल 12 लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है। प्रशासन ने इस बीच तीनों गिरफ्तार आरोपियों के घरों पर बुलडोजर की कार्रवाई भी की।
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    उत्तराखंड की राजधानी देहरादून के सहसपुर पुलिस स्टेशन क्षेत्र के बैरागी वाला इलाके में पानी के झगड़े को लेकर दो पक्षों के बीच हुई हिंसक झड़प में एक युवक विनोद की धारदार हथियार से हमलाकर हत्या कर दी गई। 13 जून को खेत में सिंचाई को लेकर हुए विवाद के बाद शनिवार रात को यह घटना हुई, जिसके बाद इलाके में तनावपूर्ण माहौल बन गया।

हत्या के बाद रविवार सुबह कुछ लोगों ने एक हमलावर के घर पर और अन्य आरोपियों के घर के पास आगजनी की। इसके बाद हुई पत्थरबाजी में भी कुछ लोगों के घायल होने की सूचना है। देर रात तक पीड़ित परिवार और ग्रामीण पुलिस थाने में डटे रहे और आरोपियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग करते रहे, इस दौरान स्थानीय विधायक मुन्ना सिंह चौहान भी उनके साथ मौजूद रहे।

मामले में अभी तक तीन लोगों को गिरफ्तार किया गया है, जबकि कुल 12 लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है। प्रशासन ने इस बीच तीनों गिरफ्तार आरोपियों के घरों पर बुलडोजर की कार्रवाई भी की।
    user_Aman pandey
    Aman pandey
    Dehradun, Uttarakhand•
    10 hrs ago
  • धर्म की राजधानी हरिद्वार में सोमवती अमावस्या के अवसर पर आस्था का एक अभूतपूर्व जनसैलाब उमड़ पड़ा, जहां देश के कोने-कोने से आए लाखों श्रद्धालुओं ने माँ गंगा में पुण्य की डुबकी लगाई। शनिवार रात से ही शुरू हुआ स्नान रविवार सुबह तक हरिद्वार की गलियों, पार्किंग स्थलों, राष्ट्रीय राजमार्गों और गंगा के घाटों को श्रद्धालुओं से भर चुका था। हालाँकि सीमित संसाधनों के बावजूद जिला और पुलिस प्रशासन ने इस विशाल स्नान पर्व को सफलतापूर्वक संपन्न कराया, फिर भी जाम, गंदगी, पानी और शौचालय जैसी बुनियादी व्यवस्थाओं की कमी ने बड़े सवाल खड़े किए और श्रद्धालुओं की परेशानी बढ़ाई। हर की पैड़ी के साथ-साथ कुशावर्त घाट, सुभाष घाट, गऊघाट, रामघाट, श्रवणनाथ घाट, विष्णुघाट, बिरला घाट, दक्ष घाट, सतीघाट, नीलधारा, लोकनाथ घाट, शालिग्राम घाट, नारायण स्वामी घाट, शिव की पैड़ी, सप्तऋषि घाट, परमार्थ निकेतन घाट और ठोकर नंबर एक से दस तक के सभी स्नान घाटों पर लाखों लोगों ने आस्था की डुबकी लगाई। स्नान के उपरांत श्रद्धालुओं ने पीपल पूजन, तर्पण, पिंडदान, नारायणी शिला पूजा, तीर्थ पुरोहितों से संकल्प, दान-दक्षिणा कर अपने और पूर्वजों के मोक्ष तथा परिवार की सुख-समृद्धि की कामना की। सुहागिन महिलाओं ने पति की दीर्घायु और अखंड सौभाग्य के लिए व्रत रखकर भगवान शिव और माता पार्वती की आराधना की। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, इस दिन गंगा स्नान और दान-पुण्य से अश्वमेध यज्ञ के समान पुण्य फल प्राप्त होता है। लाखों की भीड़ के बावजूद, जिला और पुलिस प्रशासन की यह बड़ी उपलब्धि रही कि उन्होंने सीमित संसाधनों में इस विशाल स्नान पर्व को सकुशल संपन्न कराया और कोई बड़ी अप्रिय घटना सामने नहीं आई। हालाँकि, इस सफल आयोजन के बीच कई ऐसी कमियाँ भी उजागर हुईं, जिनसे भविष्य के लिए महत्वपूर्ण सबक लेना आवश्यक है। सबसे बड़ी समस्या नेशनल हाईवे पर ई-रिक्शा, थ्री-व्हीलर और भारी वाहनों के कारण उत्पन्न हुई, जहां ई-रिक्शा चालक बीच सड़क पर सवारियां भरते और यू-टर्न लेते दिखे, जिससे बुजुर्ग श्रद्धालुओं को सिर पर सामान ढोकर लंबी दूरी तक पैदल चलने पर मजबूर होना पड़ा। इसके समाधान के लिए ई-रिक्शा को निर्धारित पार्किंग तक सीमित करने और भारी वाहनों को रात्रि में निकालने जैसे सुझाव दिए गए हैं। दूसरा, हर की पैड़ी सहित कई घाटों पर सफाई व्यवस्था संतोषजनक नहीं दिखी, जहां पॉलिथीन और कूड़े के ढेर दिखाई दिए, जिससे गंगा में गंदगी जाने का खतरा बना रहा; इसके लिए विशेष सफाई कर्मचारियों की तैनाती और त्वरित कूड़ा एकत्रण की वकालत की गई। तीसरा, इतने बड़े स्नान पर्व के दौरान भी हर की पैड़ी क्षेत्र में लगभग 50 से 60 अवैध फड़ और कैनी भीड़ के बीच अवरोध बने रहे, जिससे श्रद्धालुओं को निकलने में कठिनाई हुई और हादसे की आशंका बनी रही; ऐसे में स्नान घाटों को पूर्णतः अतिक्रमण मुक्त रखने की आवश्यकता महसूस की गई। चौथी कमी समाजसेवा के दावों की परीक्षा में थी, क्योंकि बैठकों में दिखने वाले कई लोग आयोजनों में सहयोग करते नहीं दिखे; प्रशासन को अखाड़ों के स्वयंसेवकों, ट्रस्टों, वास्तविक समाजसेवियों, एनसीसी और भारत स्काउट गाइड जैसे संगठनों को बैरिकेडिंग व घाटों पर जिम्मेदारी सौंपने का सुझाव दिया गया है। पांचवीं बड़ी परेशानी पानी की भारी कमी थी, जहां पार्किंग स्थलों पर और नेशनल हाईवे पर पैदल चल रहे श्रद्धालुओं के लिए पर्याप्त पानी के टैंकर और पेयजल व्यवस्था उपलब्ध नहीं थी। अंत में, महिलाओं को शौचालय व्यवस्था की अपर्याप्तता के कारण सर्वाधिक परेशानी उठानी पड़ी, जिससे उन्हें खुले में जाने के लिए विवश होना पड़ा और उन्हें शर्म व असुविधा का सामना करना पड़ा; भविष्य के आयोजनों में महिलाओं की गरिमा और सुविधा को प्राथमिकता देने पर बल दिया गया है। इन चुनौतियों के बीच, जिलाधिकारी मयूर दीक्षित स्वयं पूरी रात और तड़के सुबह तक स्नान व्यवस्था की निगरानी करते हुए बेहद गंभीर और सतर्क दिखाई दिए। हर की पैड़ी पुलिस चौकी से उन्होंने लगातार प्रमुख स्नान घाटों पर नजर बनाए रखी और अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए। उनके इस समर्पण को कई लोगों ने "मां गंगा के दरबार में एक सेवक की मौन प्रार्थना" के रूप में देखा, जिसका परिणाम यह रहा कि सीमित संसाधनों, रिकॉर्ड तोड़ भीड़ और भारी दबाव के बावजूद प्रशासन इस विशाल स्नान पर्व को सकुशल संपन्न करा पाया। हालाँकि यातायात, पेयजल, सफाई, शौचालय और अतिक्रमण जैसी कमियां भविष्य के लिए गंभीर चिंतन का विषय बनी हुई हैं, जिला प्रशासन के शीर्ष नेतृत्व की मैदानी मौजूदगी ने हालात को नियंत्रित रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। यह महापर्व करोड़ों श्रद्धालुओं की अटूट आस्था का प्रतीक तो बना, पर साथ ही इसने प्रशासन के सामने कई महत्वपूर्ण प्रश्न भी खड़े किए। माँ गंगा के दरबार में आने वाला श्रद्धालु केवल पुण्य कमाने नहीं आता, बल्कि वह व्यवस्था, सम्मान, स्वच्छता और सुरक्षा की अपेक्षा भी रखता है। यदि जाम पर नियंत्रण, अतिक्रमण पर अंकुश, पेयजल, शौचालय और सफाई व्यवस्था को और बेहतर बनाया जाए, तो हरिद्वार वास्तव में धर्म, आस्था और उत्कृष्ट प्रबंधन का आदर्श उदाहरण बन सकता है। स्वतंत्र पत्रकार रामेश्वर गौड़ के अनुसार, "तीर्थ की पवित्रता बनाए रखना केवल प्रशासन का नहीं, हम सभी का सामूहिक दायित्व है।" यह महापर्व इस संदेश के साथ संपन्न हुआ कि प्रशासनिक संवेदनशीलता, माँ गंगा की कृपा और श्रद्धालुओं का सहयोग मिलकर करोड़ों की भीड़ को भी अनुशासन और शांति के साथ पुण्य स्नान पूर्ण करा सकते हैं।
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    धर्म की राजधानी हरिद्वार में सोमवती अमावस्या के अवसर पर आस्था का एक अभूतपूर्व जनसैलाब उमड़ पड़ा, जहां देश के कोने-कोने से आए लाखों श्रद्धालुओं ने माँ गंगा में पुण्य की डुबकी लगाई। शनिवार रात से ही शुरू हुआ स्नान रविवार सुबह तक हरिद्वार की गलियों, पार्किंग स्थलों, राष्ट्रीय राजमार्गों और गंगा के घाटों को श्रद्धालुओं से भर चुका था। हालाँकि सीमित संसाधनों के बावजूद जिला और पुलिस प्रशासन ने इस विशाल स्नान पर्व को सफलतापूर्वक संपन्न कराया, फिर भी जाम, गंदगी, पानी और शौचालय जैसी बुनियादी व्यवस्थाओं की कमी ने बड़े सवाल खड़े किए और श्रद्धालुओं की परेशानी बढ़ाई।

हर की पैड़ी के साथ-साथ कुशावर्त घाट, सुभाष घाट, गऊघाट, रामघाट, श्रवणनाथ घाट, विष्णुघाट, बिरला घाट, दक्ष घाट, सतीघाट, नीलधारा, लोकनाथ घाट, शालिग्राम घाट, नारायण स्वामी घाट, शिव की पैड़ी, सप्तऋषि घाट, परमार्थ निकेतन घाट और ठोकर नंबर एक से दस तक के सभी स्नान घाटों पर लाखों लोगों ने आस्था की डुबकी लगाई। स्नान के उपरांत श्रद्धालुओं ने पीपल पूजन, तर्पण, पिंडदान, नारायणी शिला पूजा, तीर्थ पुरोहितों से संकल्प, दान-दक्षिणा कर अपने और पूर्वजों के मोक्ष तथा परिवार की सुख-समृद्धि की कामना की। सुहागिन महिलाओं ने पति की दीर्घायु और अखंड सौभाग्य के लिए व्रत रखकर भगवान शिव और माता पार्वती की आराधना की। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, इस दिन गंगा स्नान और दान-पुण्य से अश्वमेध यज्ञ के समान पुण्य फल प्राप्त होता है।

लाखों की भीड़ के बावजूद, जिला और पुलिस प्रशासन की यह बड़ी उपलब्धि रही कि उन्होंने सीमित संसाधनों में इस विशाल स्नान पर्व को सकुशल संपन्न कराया और कोई बड़ी अप्रिय घटना सामने नहीं आई। हालाँकि, इस सफल आयोजन के बीच कई ऐसी कमियाँ भी उजागर हुईं, जिनसे भविष्य के लिए महत्वपूर्ण सबक लेना आवश्यक है।

सबसे बड़ी समस्या नेशनल हाईवे पर ई-रिक्शा, थ्री-व्हीलर और भारी वाहनों के कारण उत्पन्न हुई, जहां ई-रिक्शा चालक बीच सड़क पर सवारियां भरते और यू-टर्न लेते दिखे, जिससे बुजुर्ग श्रद्धालुओं को सिर पर सामान ढोकर लंबी दूरी तक पैदल चलने पर मजबूर होना पड़ा। इसके समाधान के लिए ई-रिक्शा को निर्धारित पार्किंग तक सीमित करने और भारी वाहनों को रात्रि में निकालने जैसे सुझाव दिए गए हैं। दूसरा, हर की पैड़ी सहित कई घाटों पर सफाई व्यवस्था संतोषजनक नहीं दिखी, जहां पॉलिथीन और कूड़े के ढेर दिखाई दिए, जिससे गंगा में गंदगी जाने का खतरा बना रहा; इसके लिए विशेष सफाई कर्मचारियों की तैनाती और त्वरित कूड़ा एकत्रण की वकालत की गई। तीसरा, इतने बड़े स्नान पर्व के दौरान भी हर की पैड़ी क्षेत्र में लगभग 50 से 60 अवैध फड़ और कैनी भीड़ के बीच अवरोध बने रहे, जिससे श्रद्धालुओं को निकलने में कठिनाई हुई और हादसे की आशंका बनी रही; ऐसे में स्नान घाटों को पूर्णतः अतिक्रमण मुक्त रखने की आवश्यकता महसूस की गई।

चौथी कमी समाजसेवा के दावों की परीक्षा में थी, क्योंकि बैठकों में दिखने वाले कई लोग आयोजनों में सहयोग करते नहीं दिखे; प्रशासन को अखाड़ों के स्वयंसेवकों, ट्रस्टों, वास्तविक समाजसेवियों, एनसीसी और भारत स्काउट गाइड जैसे संगठनों को बैरिकेडिंग व घाटों पर जिम्मेदारी सौंपने का सुझाव दिया गया है। पांचवीं बड़ी परेशानी पानी की भारी कमी थी, जहां पार्किंग स्थलों पर और नेशनल हाईवे पर पैदल चल रहे श्रद्धालुओं के लिए पर्याप्त पानी के टैंकर और पेयजल व्यवस्था उपलब्ध नहीं थी। अंत में, महिलाओं को शौचालय व्यवस्था की अपर्याप्तता के कारण सर्वाधिक परेशानी उठानी पड़ी, जिससे उन्हें खुले में जाने के लिए विवश होना पड़ा और उन्हें शर्म व असुविधा का सामना करना पड़ा; भविष्य के आयोजनों में महिलाओं की गरिमा और सुविधा को प्राथमिकता देने पर बल दिया गया है।

इन चुनौतियों के बीच, जिलाधिकारी मयूर दीक्षित स्वयं पूरी रात और तड़के सुबह तक स्नान व्यवस्था की निगरानी करते हुए बेहद गंभीर और सतर्क दिखाई दिए। हर की पैड़ी पुलिस चौकी से उन्होंने लगातार प्रमुख स्नान घाटों पर नजर बनाए रखी और अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए। उनके इस समर्पण को कई लोगों ने "मां गंगा के दरबार में एक सेवक की मौन प्रार्थना" के रूप में देखा, जिसका परिणाम यह रहा कि सीमित संसाधनों, रिकॉर्ड तोड़ भीड़ और भारी दबाव के बावजूद प्रशासन इस विशाल स्नान पर्व को सकुशल संपन्न करा पाया। हालाँकि यातायात, पेयजल, सफाई, शौचालय और अतिक्रमण जैसी कमियां भविष्य के लिए गंभीर चिंतन का विषय बनी हुई हैं, जिला प्रशासन के शीर्ष नेतृत्व की मैदानी मौजूदगी ने हालात को नियंत्रित रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

यह महापर्व करोड़ों श्रद्धालुओं की अटूट आस्था का प्रतीक तो बना, पर साथ ही इसने प्रशासन के सामने कई महत्वपूर्ण प्रश्न भी खड़े किए। माँ गंगा के दरबार में आने वाला श्रद्धालु केवल पुण्य कमाने नहीं आता, बल्कि वह व्यवस्था, सम्मान, स्वच्छता और सुरक्षा की अपेक्षा भी रखता है। यदि जाम पर नियंत्रण, अतिक्रमण पर अंकुश, पेयजल, शौचालय और सफाई व्यवस्था को और बेहतर बनाया जाए, तो हरिद्वार वास्तव में धर्म, आस्था और उत्कृष्ट प्रबंधन का आदर्श उदाहरण बन सकता है। स्वतंत्र पत्रकार रामेश्वर गौड़ के अनुसार, "तीर्थ की पवित्रता बनाए रखना केवल प्रशासन का नहीं, हम सभी का सामूहिक दायित्व है।" यह महापर्व इस संदेश के साथ संपन्न हुआ कि प्रशासनिक संवेदनशीलता, माँ गंगा की कृपा और श्रद्धालुओं का सहयोग मिलकर करोड़ों की भीड़ को भी अनुशासन और शांति के साथ पुण्य स्नान पूर्ण करा सकते हैं।
    user_रामेश्वर गौड़ स्वतंत्र पत्रकार
    रामेश्वर गौड़ स्वतंत्र पत्रकार
    हरिद्वार, हरिद्वार, उत्तराखंड•
    57 min ago
  • सोमवती अमावस्या स्नान के पावन अवसर पर हरिद्वार में श्रद्धालुओं का भारी जनसैलाब उमड़ पड़ा है। इस दौरान, भक्तों की सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित करने के लिए पूरे क्षेत्र में चप्पे-चप्पे पर पुलिस बल तैनात किया गया है।
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    सोमवती अमावस्या स्नान के पावन अवसर पर हरिद्वार में श्रद्धालुओं का भारी जनसैलाब उमड़ पड़ा है। इस दौरान, भक्तों की सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित करने के लिए पूरे क्षेत्र में चप्पे-चप्पे पर पुलिस बल तैनात किया गया है।
    user_Dpk Chauhan
    Dpk Chauhan
    Farmer हरिद्वार, हरिद्वार, उत्तराखंड•
    6 hrs ago
  • वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक के निर्देशन में चलाए जा रहे 'ऑपरेशन प्रहार' अभियान के तहत देहरादून पुलिस ने नशा तस्करों के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की है। इस कार्रवाई में पटेलनगर क्षेत्र से एक महिला को अवैध गांजे के साथ गिरफ्तार किया गया। पुलिस के अनुसार, ब्रह्मपुरी कालाग्राउंड के पास चेकिंग के दौरान मुखबिर की सूचना पर 60 वर्षीय महिला को पकड़ा गया, जिसके कब्जे से 1 किलो 29 ग्राम अवैध गांजा बरामद हुआ। आरोपी महिला के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज कर आवश्यक कानूनी कार्रवाई की गई है। मुख्यमंत्री के "ड्रग्स फ्री देवभूमि" विजन को साकार करने के उद्देश्य से दून पुलिस द्वारा जनपदभर में नशा तस्करों के विरुद्ध यह लगातार अभियान चलाया जा रहा है।
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    वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक के निर्देशन में चलाए जा रहे 'ऑपरेशन प्रहार' अभियान के तहत देहरादून पुलिस ने नशा तस्करों के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की है। इस कार्रवाई में पटेलनगर क्षेत्र से एक महिला को अवैध गांजे के साथ गिरफ्तार किया गया। पुलिस के अनुसार, ब्रह्मपुरी कालाग्राउंड के पास चेकिंग के दौरान मुखबिर की सूचना पर 60 वर्षीय महिला को पकड़ा गया, जिसके कब्जे से 1 किलो 29 ग्राम अवैध गांजा बरामद हुआ।

आरोपी महिला के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज कर आवश्यक कानूनी कार्रवाई की गई है। मुख्यमंत्री के "ड्रग्स फ्री देवभूमि" विजन को साकार करने के उद्देश्य से दून पुलिस द्वारा जनपदभर में नशा तस्करों के विरुद्ध यह लगातार अभियान चलाया जा रहा है।
    user_राजकुमार अग्रवाल डोईवाला रिपोर
    राजकुमार अग्रवाल डोईवाला रिपोर
    Lawyer डोईवाला, देहरादून, उत्तराखंड•
    2 hrs ago
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