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कटनी नगर//- नगर निगम प्रशासन द्वारा निषाद स्कूल में कुआँ एवम अन्य जगहों पर सफाई व्यवस्था की गई ⏩️समन्वित कार्ययोजना से स्वच्छता व्यवस्था को सुदृढ़ बनाने के प्रयास जारी, नागरिक सहभागिता पर विशेष जोर ⏩️दो शिफ्ट की सफाई , नियमित निरीक्षण, दंडात्मक कार्रवाई एवं जन-जागरूकता अभियानों से स्वच्छ सर्वेक्षण में बेहतर प्रदर्शन की दिशा में निगम के प्रयास तेज कटनी - स्वच्छ सर्वेक्षण के अंतर्गत नगर पालिक निगम कटनी द्वारा शहर की स्वच्छता व्यवस्था को सुदृढ़, व्यवस्थित एवं परिणामोन्मुख बनाने हेतु बहुआयामी कार्ययोजना के तहत सतत निरंतर सार्थक प्रयास किए जा रहे हैं। निगम प्रशासन द्वारा लागू दो शिफ्ट आधारित सफाई व्यवस्था के माध्यम से शहर के समस्त वार्डों, प्रमुख मार्गों एवं सार्वजनिक स्थलों पर नियमित एवं प्रभावी साफ-सफाई सुनिश्चित की जा रही है, वही रोड स्वीपिंग मशीन से धूल मिट्टी को कम कर वायु गुणवत्ता सुधार हेतु विशेष प्रयास किए जा रहे है, जिसके परिणामस्वरूप स्वच्छता का स्तर निरंतर बेहतर हो रहा है। ⏩️नोडल अधिकारी रोजाना कर रहे मूल्यांकन स्वच्छता कार्यों की सतत मॉनिटरिंग के लिए नियुक्त नोडल अधिकारियों द्वारा प्रतिदिन प्रातःकालीन वार्ड निरीक्षण किया जा रहा है। निरीक्षण के दौरान साफ-सफाई की गुणवत्ता, कार्य निष्पादन की स्थिति एवं फील्ड स्तर पर उपलब्ध संसाधनों का मूल्यांकन करते हुए आवश्यक दिशा-निर्देश प्रदान किए जा रहे हैं, जिससे कार्यप्रणाली में सुधार एवं उत्तरदायित्व सुनिश्चित हो सके। ⏩️व्यवहार परिवर्तन हेतु जन जागरूकता गतिविधियां नागरिकों में स्वच्छता के प्रति व्यवहार परिवर्तन लाने के उद्देश्य से व्यापक जन-जागरूकता गतिविधियां संचालित की जा रही हैं। जिसके तहत सोमवार को पंडित दीनदयाल उपाध्याय वार्ड में जागरूकता गतिविधियों का आयोजन किया जाकर नागरिकों से संपर्क कर कचरा पृथक्करण की जानकारी दी गई । इस दौरान निर्धारित स्थानों पर ही कचरा निष्पादन, एवं सार्वजनिक स्थलों की स्वच्छता बनाए रखने संबंधी संदेश विभिन्न माध्यमों से प्रसारित किए गए, जिससे नागरिक सहभागिता को प्रोत्साहन मिल रहा है। ये गतिविधियां अनवरत रूप से वार्डवार आयोजित की जा रही है। ⏩️उत्तरदायित्व की भावना पर जोर निगम प्रशासन द्वारा स्वच्छता नियमों के प्रभावी क्रियान्वयन हेतु सार्वजनिक स्थलों में गंदगी करने वालों सहित स्वच्छता नियमों के उल्लंघनकर्ताओं के विरुद्ध नियमानुसार स्पॉट फाइन की कार्रवाई की जा रही है। जिसके तहत नगर के विभिन्न क्षेत्रों में अभियान चलाकर 4400 रुपये का स्पॉट फाइन किया गया। इस प्रक्रिया के माध्यम से अनुशासन स्थापित करने के साथ-साथ नागरिकों में नियमों के प्रति उत्तरदायित्व की भावना विकसित की जा रही है। ⏩️फागिंग एवं कीटनाशक छिड़काव इसके अतिरिक्त, निगम प्रशासन द्वारा जन स्वास्थ्य की दृष्टि से नगर क्षेत्र में नियमित रूप से शाम के समय फागिंग अभियान तथा प्रातः सफाई व्यवस्था के दौरान कीटनाशक दवाओं का छिड़काव किया जा रहा है, जिससे मच्छर जनित एवं संक्रामक रोगों की रोकथाम सुनिश्चित हो सके। ⏩️घुमंतू मवेशियों पर नियंत्रण नगर में घुमंतू मवेशियों की समस्या के निराकरण हेतु भी निगम द्वारा विशेष अभियान संचालित किया जा रहा है, जिससे यातायात व्यवस्था सुचारू बनाए रखने एवं सार्वजनिक स्थलों की स्वच्छता बनाए रखने में सहयोग मिल रहा है। उल्लेखनीय है कि निगम प्रशासन द्वारा स्वच्छता को केवल प्रशासनिक दायित्व न मानते हुए इसे जन-सहभागिता आधारित अभियान के रूप में संचालित किया जा रहा है। इन समन्वित एवं सतत प्रयासों के परिणामस्वरूप शहर में स्वच्छता के प्रति सकारात्मक वातावरण निर्मित करने के प्रयास किए जा रहे है। इसके साथ ही स्वच्छ सर्वेक्षण में उत्कृष्ट प्रदर्शन की दिशा में ठोस प्रगति लाने हेतु पूरी तन्मयता के साथ निगम प्रशासन प्रयासरत है। आदिशक्ति माँ विंध्यवासनी मंदिर राकेश निषाद #SwachhKatni #CleanCity #JanBhagidari #SwachhSurvekshan #CivicResponsibility #HealthyCity #SmartCity Department of Urban Development & Housing MP Jansampark Madhya Pradesh

2 hrs ago
user_आदिशक्ति माँ विंध्यवासिनी मंदि
आदिशक्ति माँ विंध्यवासिनी मंदि
Social worker कटनी (मुरवारा), कटनी, मध्य प्रदेश•
2 hrs ago

कटनी नगर//- नगर निगम प्रशासन द्वारा निषाद स्कूल में कुआँ एवम अन्य जगहों पर सफाई व्यवस्था की गई ⏩️समन्वित कार्ययोजना से स्वच्छता व्यवस्था को सुदृढ़ बनाने के प्रयास जारी, नागरिक सहभागिता पर विशेष जोर ⏩️दो शिफ्ट की सफाई , नियमित निरीक्षण, दंडात्मक कार्रवाई एवं जन-जागरूकता अभियानों से स्वच्छ सर्वेक्षण में बेहतर प्रदर्शन की दिशा में निगम के प्रयास तेज कटनी - स्वच्छ सर्वेक्षण के अंतर्गत नगर पालिक निगम कटनी द्वारा शहर की स्वच्छता व्यवस्था को सुदृढ़, व्यवस्थित एवं परिणामोन्मुख बनाने हेतु बहुआयामी कार्ययोजना के तहत सतत निरंतर सार्थक प्रयास किए जा रहे हैं। निगम प्रशासन द्वारा लागू दो शिफ्ट आधारित सफाई व्यवस्था के माध्यम से शहर के समस्त वार्डों, प्रमुख मार्गों एवं सार्वजनिक स्थलों पर नियमित एवं प्रभावी साफ-सफाई सुनिश्चित की जा रही है, वही रोड स्वीपिंग मशीन से धूल मिट्टी को कम कर वायु गुणवत्ता सुधार हेतु विशेष प्रयास किए जा रहे है, जिसके परिणामस्वरूप स्वच्छता का स्तर निरंतर बेहतर हो रहा है। ⏩️नोडल अधिकारी रोजाना कर रहे मूल्यांकन स्वच्छता कार्यों की सतत मॉनिटरिंग के लिए नियुक्त नोडल अधिकारियों द्वारा प्रतिदिन प्रातःकालीन वार्ड निरीक्षण किया जा रहा है। निरीक्षण के दौरान साफ-सफाई की गुणवत्ता, कार्य निष्पादन की स्थिति एवं

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फील्ड स्तर पर उपलब्ध संसाधनों का मूल्यांकन करते हुए आवश्यक दिशा-निर्देश प्रदान किए जा रहे हैं, जिससे कार्यप्रणाली में सुधार एवं उत्तरदायित्व सुनिश्चित हो सके। ⏩️व्यवहार परिवर्तन हेतु जन जागरूकता गतिविधियां नागरिकों में स्वच्छता के प्रति व्यवहार परिवर्तन लाने के उद्देश्य से व्यापक जन-जागरूकता गतिविधियां संचालित की जा रही हैं। जिसके तहत सोमवार को पंडित दीनदयाल उपाध्याय वार्ड में जागरूकता गतिविधियों का आयोजन किया जाकर नागरिकों से संपर्क कर कचरा पृथक्करण की जानकारी दी गई । इस दौरान निर्धारित स्थानों पर ही कचरा निष्पादन, एवं सार्वजनिक स्थलों की स्वच्छता बनाए रखने संबंधी संदेश विभिन्न माध्यमों से प्रसारित किए गए, जिससे नागरिक सहभागिता को प्रोत्साहन मिल रहा है। ये गतिविधियां अनवरत रूप से वार्डवार आयोजित की जा रही है। ⏩️उत्तरदायित्व की भावना पर जोर निगम प्रशासन द्वारा स्वच्छता नियमों के प्रभावी क्रियान्वयन हेतु सार्वजनिक स्थलों में गंदगी करने वालों सहित स्वच्छता नियमों के उल्लंघनकर्ताओं के विरुद्ध नियमानुसार स्पॉट फाइन की कार्रवाई की जा रही है। जिसके तहत नगर के विभिन्न क्षेत्रों में अभियान चलाकर 4400 रुपये का स्पॉट फाइन किया गया। इस प्रक्रिया के माध्यम से अनुशासन स्थापित करने के साथ-साथ नागरिकों में नियमों के प्रति उत्तरदायित्व की

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भावना विकसित की जा रही है। ⏩️फागिंग एवं कीटनाशक छिड़काव इसके अतिरिक्त, निगम प्रशासन द्वारा जन स्वास्थ्य की दृष्टि से नगर क्षेत्र में नियमित रूप से शाम के समय फागिंग अभियान तथा प्रातः सफाई व्यवस्था के दौरान कीटनाशक दवाओं का छिड़काव किया जा रहा है, जिससे मच्छर जनित एवं संक्रामक रोगों की रोकथाम सुनिश्चित हो सके। ⏩️घुमंतू मवेशियों पर नियंत्रण नगर में घुमंतू मवेशियों की समस्या के निराकरण हेतु भी निगम द्वारा विशेष अभियान संचालित किया जा रहा है, जिससे यातायात व्यवस्था सुचारू बनाए रखने एवं सार्वजनिक स्थलों की स्वच्छता बनाए रखने में सहयोग मिल रहा है। उल्लेखनीय है कि निगम प्रशासन द्वारा स्वच्छता को केवल प्रशासनिक दायित्व न मानते हुए इसे जन-सहभागिता आधारित अभियान के रूप में संचालित किया जा रहा है। इन समन्वित एवं सतत प्रयासों के परिणामस्वरूप शहर में स्वच्छता के प्रति सकारात्मक वातावरण निर्मित करने के प्रयास किए जा रहे है। इसके साथ ही स्वच्छ सर्वेक्षण में उत्कृष्ट प्रदर्शन की दिशा में ठोस प्रगति लाने हेतु पूरी तन्मयता के साथ निगम प्रशासन प्रयासरत है। आदिशक्ति माँ विंध्यवासनी मंदिर राकेश निषाद #SwachhKatni #CleanCity #JanBhagidari #SwachhSurvekshan #CivicResponsibility #HealthyCity #SmartCity Department of Urban Development & Housing MP Jansampark Madhya Pradesh

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  • कटनी में ऑटो चालकों की गुंडागर्दी: जंक्शन से मुड़वारा जाने का वसूला 1020रुपये किराया, विरोध करने पर मजदूरों को दी जान से मारने की धमकी। ​कटनी। कटनी शहर में ई-रिक्शा और ऑटो चालकों का आतंक इस कदर बढ़ गया है कि अब बाहरी यात्रियों के साथ सरेराह लूट और अभद्रता आम बात हो गई है। ताजा मामला कटनी जंक्शन और मुड़वारा स्टेशन के बीच का है, जहां दो गरीब मजदूरों से महज कुछ किलोमीटर की दूरी के लिए 1020 रुपये वसूल लिए गए। विरोध करने पर ऑटो चालक ने न केवल गाली-गलौज की, बल्कि उन्हें जान से मारने की धमकी भी दी। ​मात्र 30 रुपये की बात कर बिठाया, फिर की अवैध वसूली ​पीड़ित यात्री दीपक यादव ने बताया कि वह अपने मित्र आकाश यादव के साथ शहडोल जिले के ग्राम गोपारु के निवासी हैं। दोनों पिछले तीन महीनों से पुणे में मजदूरी कर रहे थे। सोमवार शाम करीब 4:00 बजे जब वे रीवा-राजकोट एक्सप्रेस से कटनी जंक्शन पहुंचे, तो उन्हें शहडोल जाने वाली ट्रेन पकड़ने के लिए मुड़वारा स्टेशन जाना था। ​स्टेशन के बाहर एक ई-रिक्शा चालक ने 30 रुपये सवारी के हिसाब से उन्हें बिठाया। लेकिन मुड़वारा स्टेशन पहुंचते ही चालक के तेवर बदल गए। जब यात्रियों ने तयशुदा 60 रुपये देने की कोशिश की, तो चालक ने गाली-गलौज शुरू कर दी और प्रति सवारी 510 रुपये के हिसाब से कुल 1020 रुपये की मांग की। ​नकदी नहीं थी तो मोबाइल दुकान पर कराया 'PhonePe' ​दहशत का आलम यह था कि ऑटो चालक ने मजदूरों को जान से मारने की धमकी दी। जब मजदूरों ने नकदी न होने की बात कही, तो चालक उन्हें जबरन एक मोबाइल दुकान कृष्णा मोबाइल केयर पर ले गया। वहां दुकानदार के नंबर पर 1020 रुपये 'फोन पे' करवाए गए और दुकानदार से नकदी लेकर यात्रियों को छोड़ा गया। ​स्थानीय लोगों में आक्रोश खतरे में शहर की छवि ​स्थानीय नागरिकों का कहना है कि कटनी एक प्रमुख रेलवे जंक्शन है, जहां चारों दिशाओं से यात्रियों का आना-जाना लगा रहता है। इस तरह की घटनाएं कटनी की छवि खराब कर रही हैं। लोगों ने मांग की है कि ऐसे गुंडा तत्वों पर कड़ी कार्रवाई की जाए, अन्यथा यात्रियों का इस शहर से भरोसा उठ जाएगा। ​इस मामले पर नेहा पच्चीसिया,नगर पुलिस अधीक्षक ने संज्ञान लेते हुए कहा कि पूर्व में भी ऐसी शिकायतों पर मुहिम चलाकर कार्रवाई की गई थी और चालकों को हिदायत दी गई थी। उन्होंने कहा कि इस ताजा मामले में शिकायत मिलते ही तत्काल प्राथमिक दर्ज कर कड़ी वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।
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    कटनी में ऑटो चालकों की गुंडागर्दी: जंक्शन से मुड़वारा जाने का वसूला 1020रुपये किराया, विरोध करने पर मजदूरों को दी जान से मारने की धमकी।
​कटनी। कटनी शहर में ई-रिक्शा और ऑटो चालकों का आतंक इस कदर बढ़ गया है कि अब बाहरी यात्रियों के साथ सरेराह लूट और अभद्रता आम बात हो गई है। ताजा मामला कटनी जंक्शन और मुड़वारा स्टेशन के बीच का है, जहां दो गरीब मजदूरों से महज कुछ किलोमीटर की दूरी के लिए 1020 रुपये वसूल लिए गए। विरोध करने पर ऑटो चालक ने न केवल गाली-गलौज की, बल्कि उन्हें जान से मारने की धमकी भी दी।
​मात्र 30 रुपये की बात कर बिठाया, फिर की अवैध वसूली
​पीड़ित यात्री दीपक यादव ने बताया कि वह अपने मित्र आकाश यादव के साथ शहडोल जिले के ग्राम गोपारु के निवासी हैं। दोनों पिछले तीन महीनों से पुणे में मजदूरी कर रहे थे। सोमवार शाम करीब 4:00 बजे जब वे रीवा-राजकोट एक्सप्रेस से कटनी जंक्शन पहुंचे, तो उन्हें शहडोल जाने वाली ट्रेन पकड़ने के लिए मुड़वारा स्टेशन जाना था।
​स्टेशन के बाहर एक ई-रिक्शा चालक ने 30 रुपये सवारी के हिसाब से उन्हें बिठाया। लेकिन मुड़वारा स्टेशन पहुंचते ही चालक के तेवर बदल गए। जब यात्रियों ने तयशुदा 60 रुपये देने की कोशिश की, तो चालक ने गाली-गलौज शुरू कर दी और प्रति सवारी 510 रुपये के हिसाब से कुल 1020 रुपये की मांग की।
​नकदी नहीं थी तो मोबाइल दुकान पर कराया 'PhonePe'
​दहशत का आलम यह था कि ऑटो चालक ने मजदूरों को जान से मारने की धमकी दी। जब मजदूरों ने नकदी न होने की बात कही, तो चालक उन्हें जबरन एक मोबाइल दुकान कृष्णा मोबाइल केयर पर ले गया। वहां दुकानदार के नंबर पर 1020 रुपये 'फोन पे' करवाए गए और दुकानदार से नकदी लेकर यात्रियों को छोड़ा गया।
​स्थानीय लोगों में आक्रोश खतरे में शहर की छवि
​स्थानीय नागरिकों का कहना है कि कटनी एक प्रमुख रेलवे जंक्शन है, जहां चारों दिशाओं से यात्रियों का आना-जाना लगा रहता है। इस तरह की घटनाएं कटनी की छवि खराब कर रही हैं। लोगों ने मांग की है कि ऐसे गुंडा तत्वों पर कड़ी कार्रवाई की जाए, अन्यथा यात्रियों का इस शहर से भरोसा उठ जाएगा।
​इस मामले पर नेहा पच्चीसिया,नगर पुलिस अधीक्षक ने संज्ञान लेते हुए कहा कि पूर्व में भी ऐसी शिकायतों पर मुहिम चलाकर कार्रवाई की गई थी और चालकों को हिदायत दी गई थी। उन्होंने कहा कि इस ताजा मामले में शिकायत मिलते ही तत्काल प्राथमिक दर्ज कर कड़ी वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।
    user_आदिशक्ति माँ विंध्यवासिनी मंदि
    आदिशक्ति माँ विंध्यवासिनी मंदि
    Social worker कटनी (मुरवारा), कटनी, मध्य प्रदेश•
    21 hrs ago
  • थाने में वीडियो-फोटो बनाना अपराध नहीं, नागरिक का अधिकार है: गुजरात हाईकोर्ट गुजरात हाईकोर्ट में एक सुनवाई के दौरान न्याय की वह तस्वीर उभरी, जो पूरे देश में पारदर्शिता और नागरिक अधिकारों की मिसाल बन गई है। जस्टिस निरजर एस. देसाई की अदालत में जब पुलिस पक्ष की महिला अधिवक्ता ने तर्क दिया कि थाने के अंदर आम नागरिक वीडियो रिकॉर्डिंग या फोटोग्राफी नहीं कर सकते, तो न्यायाधीश ने सख्त स्वर में पूछा – “बताइए, किस कानून की धारा के तहत वीडियोग्राफी प्रतिबंधित है?” यह सवाल केवल एक वकील से नहीं, बल्कि पूरे पुलिस तंत्र से था। मामला हिरासत में यातना से जुड़ा था। पुलिस ने अपने बचाव में कहा कि शिकायतकर्ता लोग घटना की वीडियो बना रहे थे। जस्टिस देसाई ने इस दलील को पूरी तरह खारिज करते हुए तीखे सवाल पूछे। उन्होंने पूछा कि अगर पुलिस अपना कानूनी काम कर रही है तो वीडियो से उसे क्या आपत्ति हो सकती है। उन्होंने यह भी कहा कि राज्य के 80 प्रतिशत CCTV कैमरे काम नहीं कर रहे हैं, फिर नागरिकों को रिकॉर्डिंग करने से कैसे रोका जा सकता है। जब सरकारी वकील ने बार-बार CCTV का हवाला दिया, तो कोर्ट ने साफ कहा कि यह तर्क तभी दिया जा सकता है जब 100 प्रतिशत CCTV कार्यरत हों। लेकिन हकीकत यह है कि 80 प्रतिशत कैमरे खराब पड़े हैं। भरी अदालत में न्यायाधीश ने स्पष्ट घोषणा की कि थाने में वीडियोग्राफी या फोटोग्राफी करना कोई अपराध नहीं है। कोई भी पुलिसकर्मी या सरकारी कर्मचारी आम नागरिक को सबूत के रूप में वीडियो बनाने या फोटो खींचने से नहीं रोक सकता। थाना सार्वजनिक स्थान है। यह बयान न केवल उस मामले में निर्णायक साबित हुआ, बल्कि पूरे देश के लिए एक मजबूत संदेश बन गया। सोशल मीडिया पर वायरल हुई इस क्लिप को देखकर लाखों नागरिकों ने न्यायाधीश की तार्किक और साहसिक बहस की सराहना की। यह फैसला इसलिए बेहद महत्वपूर्ण है क्योंकि इससे पुलिस जवाबदेही मजबूत होगी और हिरासत में मारपीट या दुरुपयोग के खिलाफ ठोस सबूत आसानी से तैयार किए जा सकेंगे। साथ ही नागरिकों के अधिकारों को भी मजबूती मिली है। थाना किसी प्रतिबंधित स्थान की श्रेणी में नहीं आता, इसलिए Official Secrets Act भी यहां लागू नहीं होता। थाने या किसी सरकारी कार्यालय में शांतिपूर्वक, बिना ड्यूटी में बाधा डाले रिकॉर्डिंग करना कानूनी है। लेकिन हमेशा सावधानी बरतें – शांत रहें, आक्रामक न हों और यदि जरूरी हो तो दूसरे व्यक्ति की मदद लें। यह सुनवाई सिर्फ एक मुकदमे की नहीं, बल्कि न्याय व्यवस्था में पारदर्शिता, जवाबदेही और नागरिक सशक्तिकरण की बड़ी जीत है। जस्टिस निरजर एस. देसाई ने एक बार फिर साबित किया कि अदालत आम आदमी की आवाज और संवैधानिक मूल्यों की रक्षक है। जागरूक रहिए। सजग रहिए। जब हर नागरिक अपने अधिकारों को जानता और इस्तेमाल करता है, तभी लोकतंत्र सही मायने में मजबूत होता है।
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    थाने में वीडियो-फोटो बनाना अपराध नहीं, नागरिक का अधिकार है: गुजरात हाईकोर्ट
गुजरात हाईकोर्ट में एक सुनवाई के दौरान न्याय की वह तस्वीर उभरी, जो पूरे देश में पारदर्शिता और नागरिक अधिकारों की मिसाल बन गई है। जस्टिस निरजर एस. देसाई की अदालत में जब पुलिस पक्ष की महिला अधिवक्ता ने तर्क दिया कि थाने के अंदर आम नागरिक वीडियो रिकॉर्डिंग या फोटोग्राफी नहीं कर सकते, तो न्यायाधीश ने सख्त स्वर में पूछा – “बताइए, किस कानून की धारा के तहत वीडियोग्राफी प्रतिबंधित है?”
यह सवाल केवल एक वकील से नहीं, बल्कि पूरे पुलिस तंत्र से था। मामला हिरासत में यातना से जुड़ा था। पुलिस ने अपने बचाव में कहा कि शिकायतकर्ता लोग घटना की वीडियो बना रहे थे। जस्टिस देसाई ने इस दलील को पूरी तरह खारिज करते हुए तीखे सवाल पूछे। उन्होंने पूछा कि अगर पुलिस अपना कानूनी काम कर रही है तो वीडियो से उसे क्या आपत्ति हो सकती है। उन्होंने यह भी कहा कि राज्य के 80 प्रतिशत CCTV कैमरे काम नहीं कर रहे हैं, फिर नागरिकों को रिकॉर्डिंग करने से कैसे रोका जा सकता है।
जब सरकारी वकील ने बार-बार CCTV का हवाला दिया, तो कोर्ट ने साफ कहा कि यह तर्क तभी दिया जा सकता है जब 100 प्रतिशत CCTV कार्यरत हों। लेकिन हकीकत यह है कि 80 प्रतिशत कैमरे खराब पड़े हैं।
भरी अदालत में न्यायाधीश ने स्पष्ट घोषणा की कि थाने में वीडियोग्राफी या फोटोग्राफी करना कोई अपराध नहीं है। कोई भी पुलिसकर्मी या सरकारी कर्मचारी आम नागरिक को सबूत के रूप में वीडियो बनाने या फोटो खींचने से नहीं रोक सकता। थाना सार्वजनिक स्थान है।
यह बयान न केवल उस मामले में निर्णायक साबित हुआ, बल्कि पूरे देश के लिए एक मजबूत संदेश बन गया। सोशल मीडिया पर वायरल हुई इस क्लिप को देखकर लाखों नागरिकों ने न्यायाधीश की तार्किक और साहसिक बहस की सराहना की।
यह फैसला इसलिए बेहद महत्वपूर्ण है क्योंकि इससे पुलिस जवाबदेही मजबूत होगी और हिरासत में मारपीट या दुरुपयोग के खिलाफ ठोस सबूत आसानी से तैयार किए जा सकेंगे। साथ ही नागरिकों के अधिकारों को भी मजबूती मिली है। थाना किसी प्रतिबंधित स्थान की श्रेणी में नहीं आता, इसलिए Official Secrets Act भी यहां लागू नहीं होता।
थाने या किसी सरकारी कार्यालय में शांतिपूर्वक, बिना ड्यूटी में बाधा डाले रिकॉर्डिंग करना कानूनी है। लेकिन हमेशा सावधानी बरतें – शांत रहें, आक्रामक न हों और यदि जरूरी हो तो दूसरे व्यक्ति की मदद लें।
यह सुनवाई सिर्फ एक मुकदमे की नहीं, बल्कि न्याय व्यवस्था में पारदर्शिता, जवाबदेही और नागरिक सशक्तिकरण की बड़ी जीत है। जस्टिस निरजर एस. देसाई ने एक बार फिर साबित किया कि अदालत आम आदमी की आवाज और संवैधानिक मूल्यों की रक्षक है।
जागरूक रहिए। सजग रहिए। जब हर नागरिक अपने अधिकारों को जानता और इस्तेमाल करता है, तभी लोकतंत्र सही मायने में मजबूत होता है।
    user_Tej pratap Kacher
    Tej pratap Kacher
    Local News Reporter मैहर, सतना, मध्य प्रदेश•
    18 hrs ago
  • Post by Neeraj Ravi
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    Post by Neeraj Ravi
    user_Neeraj Ravi
    Neeraj Ravi
    Local News Reporter उंचाहरा, सतना, मध्य प्रदेश•
    1 hr ago
  • *‘राहुल भैया’ का सियासी दौरा-संगठन को मिला संजीवनी मंत्र* उमरिया। कांग्रेस के पूर्व नेता प्रतिपक्ष अजय सिंह ‘राहुल भैया’ का एक दिवसीय दौरा जिले की राजनीति में हलचल पैदा कर गया।अपने संक्षिप्त लेकिन बेहद सघन प्रवास के दौरान उन्होंने न सिर्फ कार्यकर्ताओं में ऊर्जा भरी, बल्कि संगठन को एकजुट कर मजबूत करने का स्पष्ट संदेश भी दिया।पूर्व विधायक अजय सिंह के निवास पर कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए राहुल भैया ने उमरिया की राजनीतिक अहमियत को रेखांकित किया।उन्होंने कहा कि यही वह जिला है, जहां दिग्गज नेता अर्जुन सिंह (दाऊ साहब) को बखरी और कार्यकर्ताओं के सहयोग से राजनीतिक पुनर्जीवन मिला था। उन्होंने कार्यकर्ताओं से आह्वान किया कि वे एकजुट होकर कांग्रेस की विचारधारा को अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाएं और संगठन को मजबूत बनाएं।दौरे की शुरुआत सीमावर्ती नगर चंदिया से हुई, जहां जिला कांग्रेस अध्यक्ष विजय कोल के नेतृत्व में कार्यकर्ताओं ने जोरदार स्वागत किया। बड़ी संख्या में जुटे पदाधिकारी और कार्यकर्ताओं का उत्साह इस बात का संकेत दे रहा था कि पार्टी में नई हलचल शुरू हो चुकी है।इसके बाद राहुल भैया ने अखड़ार समेत कई स्थानों का दौरा कर स्थानीय नेताओं से मुलाकात की और संगठन की नब्ज टटोली।जिला कांग्रेस कार्यालय में भी उन्होंने महत्वपूर्ण बैठक कर स्थानीय मुद्दों और आगामी रणनीति पर मंथन किया। इस दौरान वरिष्ठ नेता वीरेंद्र सिंह सेंगर,शकील अहमद नियाज़ी और नईम खान से भी उनकी खास चर्चा हुई।अपने व्यस्त कार्यक्रम के बीच वे पूर्व विधायक अजय सिंह के निवास भी पहुंचे और दोपहर करीब साढ़े चार बजे करकेली के लिए रवाना हो गए, जहां जिला पंचायत सदस्य ओमकार सिंह के निवास पर उनका अगला पड़ाव रहा।राजनीतिक नजरिए से यह दौरा कांग्रेस संगठन में नई जान फूंकने की कोशिश के तौर पर देखा जा रहा है।लंबे समय से सुस्त पड़े संगठन को सक्रिय करने और कार्यकर्ताओं में जोश भरने के संकेत साफ नजर आए हैं।अब निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि राहुल भैया का यह ‘तूफानी दौरा’ जमीन पर कितना असर दिखाता है और आने वाले चुनावी समीकरणों में यह कितनी बड़ी भूमिका निभाता है।
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    *‘राहुल भैया’ का सियासी दौरा-संगठन को मिला संजीवनी मंत्र*
उमरिया। कांग्रेस के पूर्व नेता प्रतिपक्ष अजय सिंह ‘राहुल भैया’ का एक दिवसीय दौरा जिले की राजनीति में हलचल पैदा कर गया।अपने संक्षिप्त लेकिन बेहद सघन प्रवास के दौरान उन्होंने न सिर्फ कार्यकर्ताओं में ऊर्जा भरी, बल्कि संगठन को एकजुट कर मजबूत करने का स्पष्ट संदेश भी दिया।पूर्व विधायक अजय सिंह के निवास पर कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए राहुल भैया ने उमरिया की राजनीतिक अहमियत को रेखांकित किया।उन्होंने कहा कि यही वह जिला है, जहां दिग्गज नेता अर्जुन सिंह (दाऊ साहब) को बखरी और कार्यकर्ताओं के सहयोग से राजनीतिक पुनर्जीवन मिला था। उन्होंने कार्यकर्ताओं से आह्वान किया कि वे एकजुट होकर कांग्रेस की विचारधारा को अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाएं और संगठन को मजबूत बनाएं।दौरे की शुरुआत सीमावर्ती नगर चंदिया से हुई, जहां जिला कांग्रेस अध्यक्ष विजय कोल के नेतृत्व में कार्यकर्ताओं ने जोरदार स्वागत किया। बड़ी संख्या में जुटे पदाधिकारी और कार्यकर्ताओं का उत्साह इस बात का संकेत दे रहा था कि पार्टी में नई हलचल शुरू हो चुकी है।इसके बाद राहुल भैया ने अखड़ार समेत कई स्थानों का दौरा कर स्थानीय नेताओं से मुलाकात की और संगठन की नब्ज टटोली।जिला कांग्रेस कार्यालय में भी उन्होंने महत्वपूर्ण बैठक कर स्थानीय मुद्दों और आगामी रणनीति पर मंथन किया। इस दौरान वरिष्ठ नेता वीरेंद्र सिंह सेंगर,शकील अहमद नियाज़ी और नईम खान से भी उनकी खास चर्चा हुई।अपने व्यस्त कार्यक्रम के बीच वे पूर्व विधायक अजय सिंह के निवास भी पहुंचे और दोपहर करीब साढ़े चार बजे करकेली के लिए रवाना हो गए, जहां जिला पंचायत सदस्य ओमकार सिंह के निवास पर उनका अगला पड़ाव रहा।राजनीतिक नजरिए से यह दौरा कांग्रेस संगठन में नई जान फूंकने की कोशिश के तौर पर देखा जा रहा है।लंबे समय से सुस्त पड़े संगठन को सक्रिय करने और कार्यकर्ताओं में जोश भरने के संकेत साफ नजर आए हैं।अब निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि राहुल भैया का यह ‘तूफानी दौरा’ जमीन पर कितना असर दिखाता है और आने वाले चुनावी समीकरणों में यह कितनी बड़ी भूमिका निभाता है।
    user_Ashutosh tripathi
    Ashutosh tripathi
    Court reporter मानपुर, उमरिया, मध्य प्रदेश•
    1 hr ago
  • Post by Rajnish Dahiya
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    Post by Rajnish Dahiya
    user_Rajnish Dahiya
    Rajnish Dahiya
    पनागर, जबलपुर, मध्य प्रदेश•
    3 hrs ago
  • महिला आरक्षण बिल पर फिर बोले नारायण त्रिपाठी पूर्व विधायक मैहर
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    महिला आरक्षण बिल पर फिर बोले नारायण त्रिपाठी पूर्व  विधायक मैहर
    user_Ravi Shankar pathak
    Ravi Shankar pathak
    Local News Reporter उंचाहरा, सतना, मध्य प्रदेश•
    8 hrs ago
  • *शारदा कॉलोनी नाला निर्माण में लापरवाही का आरोप, नगर अध्यक्ष प्रभात द्विवेदी ने जांच की उठाई मांग* मैहर। नगर के शारदा कॉलोनी क्षेत्र में पुराने एनएच से लगे नाले के निर्माण कार्य को लेकर बड़ा विवाद सामने आया है। निर्माण कार्य पूरा होने के कुछ ही दिनों में नाले के क्षतिग्रस्त हो जाने पर नगर अध्यक्ष प्रभात द्विवेदी ने गंभीर सवाल खड़े किए हैं। नगर अध्यक्ष ने नगर पालिका प्रशासन पर निर्माण कार्य में भारी लापरवाही और गुणवत्ता से समझौते का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि जनता के पैसों से किए जा रहे विकास कार्यों में इस तरह की अनियमितता चिंताजनक है और यह सीधे तौर पर व्यवस्था पर सवाल खड़ा करती है। प्रभात द्विवेदी ने आरोप लगाया कि निर्माण में घटिया सामग्री का उपयोग किया गया है। उन्होंने यह भी कहा कि रेत के नाम पर शुद्ध नदी की रेत की जगह मिट्टी युक्त सामग्री का इस्तेमाल किया जा रहा है, जिससे निर्माण की मजबूती पर गंभीर असर पड़ रहा है।उन्होंने नवागत कलेक्टर से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने की मांग करते हुए कहा कि जिम्मेदार अधिकारियों और ठेकेदारों की भूमिका की भी जांच होनी चाहिए। नगर अध्यक्ष ने चेतावनी दी कि यदि गुणवत्ता पर ध्यान नहीं दिया गया तो वह आगे भी आवाज उठाते रहेंगे।स्थानीय लोगों ने भी नाले की खराब स्थिति पर नाराजगी जताई है और जल्द सुधार कार्य की मांग की है। उनका कहना है कि यदि समय रहते सुधार नहीं हुआ तो बरसात में समस्या और बढ़ सकती है।
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    *शारदा कॉलोनी नाला निर्माण में लापरवाही का आरोप, नगर अध्यक्ष प्रभात द्विवेदी ने जांच की उठाई मांग*
मैहर। नगर के शारदा कॉलोनी क्षेत्र में पुराने एनएच से लगे नाले के निर्माण कार्य को लेकर बड़ा विवाद सामने आया है। निर्माण कार्य पूरा होने के कुछ ही दिनों में नाले के क्षतिग्रस्त हो जाने पर नगर अध्यक्ष प्रभात द्विवेदी ने गंभीर सवाल खड़े किए हैं। नगर अध्यक्ष ने नगर पालिका प्रशासन पर निर्माण कार्य में भारी लापरवाही और गुणवत्ता से समझौते का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि जनता के पैसों से किए जा रहे विकास कार्यों में इस तरह की अनियमितता चिंताजनक है और यह सीधे तौर पर व्यवस्था पर सवाल खड़ा करती है। प्रभात द्विवेदी ने आरोप लगाया कि निर्माण में घटिया सामग्री का उपयोग किया गया है। उन्होंने यह भी कहा कि रेत के नाम पर शुद्ध नदी की रेत की जगह मिट्टी युक्त सामग्री का इस्तेमाल किया जा रहा है, जिससे निर्माण की मजबूती पर गंभीर असर पड़ रहा है।उन्होंने नवागत कलेक्टर से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने की मांग करते हुए कहा कि जिम्मेदार अधिकारियों और ठेकेदारों की भूमिका की भी जांच होनी चाहिए। नगर अध्यक्ष ने चेतावनी दी कि यदि गुणवत्ता पर ध्यान नहीं दिया गया तो वह आगे भी आवाज उठाते रहेंगे।स्थानीय लोगों ने भी नाले की खराब स्थिति पर नाराजगी जताई है और जल्द सुधार कार्य की मांग की है। उनका कहना है कि यदि समय रहते सुधार नहीं हुआ तो बरसात में समस्या और बढ़ सकती है।
    user_Naresh Bajaj
    Naresh Bajaj
    पत्रकार कटनी (मुरवारा), कटनी, मध्य प्रदेश•
    6 hrs ago
  • नाले निर्माण में घटिया गुणवत्ता पर भड़के नगर अध्यक्ष प्रभात द्विवेदी, निष्पक्ष जांच की मांग मैहर- शारदा कॉलोनी पुराने एनएच से लगे नाले के निर्माण कार्य को लेकर नगर की राजनीति गर्मा गई है। नगर अध्यक्ष प्रभात द्विवेदी ने निर्माण कार्य पूर्ण होने के महज एक सप्ताह के भीतर ही नाले के क्षतिग्रस्त होने पर कड़ी नाराजगी जताई है। उन्होंने आरोप लगाया कि नगर पालिका प्रशासन द्वारा निर्माण कार्य में गंभीर लापरवाही बरती गई है और गुणवत्ता के नाम पर केवल खानापूर्ति की गई है। नगर अध्यक्ष ने इसे सीधे तौर पर भ्रष्ट तंत्र का परिणाम बताते हुए संबंधित अधिकारियों और ठेकेदारों की भूमिका पर सवाल खड़े किए हैं निर्माण में इस्तेमाल हो रही सामग्री की गुणवत्ता पर भी बड़े प्रश्न खड़े किए निर्माण में इस्तेमाल हो रही रेत नदी की रेत ना होकर मिट्टी है गंभीर जांच की आवश्यकता पूरे मैहर शहर में खासकर सरकारी कार्यों में रामनगर कुबरी से आने वाली गुणवत्ता विहीन रेत का इस्तेमाल किया जा रहा है जिसके परिणाम सामने है। प्रभात द्विवेदी दद्दा ने कहा कि जनता के पैसे से किए जा रहे विकास कार्यों में इस तरह की अनियमितता बिल्कुल भी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने नवागत कलेक्टर से पूरे मामले की निष्पक्ष और उच्च स्तरीय जांच कराने की मांग की है, ताकि दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई सुनिश्चित हो सके। उन्होंने यह भी कहा कि निर्माण कार्य में उपयोग की गई सामग्री की गुणवत्ता की जांच कराई जाए और जिम्मेदार लोगों को चिन्हित किया जाए। नगर अध्यक्ष ने स्पष्ट किया कि वे इस मुद्दे को लेकर लगातार प्रयासरत रहेंगे और जब तक गुणवत्ता में सुधार नहीं होता, तब तक आवाज उठाते रहेंगे। स्थानीय नागरिकों ने भी नाले की खराब स्थिति पर नाराजगी व्यक्त की है और जल्द से जल्द सुधार कार्य की मांग की है। लोगों का कहना है कि बरसात के मौसम में यह स्थिति और भी गंभीर हो सकती है। नगर में इस मुद्दे को लेकर जनचर्चा तेज हो गई है और सभी की नजर अब प्रशासन की कार्रवाई पर टिकी हुई है।
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    नाले निर्माण में घटिया गुणवत्ता पर भड़के नगर अध्यक्ष प्रभात द्विवेदी, निष्पक्ष जांच की मांग
मैहर- शारदा कॉलोनी  पुराने एनएच से लगे नाले के निर्माण कार्य को लेकर नगर की राजनीति गर्मा गई है। नगर अध्यक्ष प्रभात द्विवेदी ने निर्माण कार्य पूर्ण होने के महज एक सप्ताह के भीतर ही नाले के क्षतिग्रस्त होने पर कड़ी नाराजगी जताई है।
उन्होंने आरोप लगाया कि नगर पालिका प्रशासन द्वारा निर्माण कार्य में गंभीर लापरवाही बरती गई है और गुणवत्ता के नाम पर केवल खानापूर्ति की गई है। नगर अध्यक्ष ने इसे सीधे तौर पर भ्रष्ट तंत्र का परिणाम बताते हुए संबंधित अधिकारियों और ठेकेदारों की भूमिका पर सवाल खड़े किए हैं निर्माण में इस्तेमाल हो रही सामग्री की गुणवत्ता पर भी बड़े प्रश्न खड़े किए निर्माण में इस्तेमाल हो रही रेत नदी की रेत ना होकर मिट्टी है गंभीर जांच की आवश्यकता पूरे मैहर शहर में खासकर सरकारी कार्यों में रामनगर  कुबरी से आने वाली गुणवत्ता विहीन रेत का इस्तेमाल किया जा रहा है जिसके परिणाम सामने है।
प्रभात द्विवेदी  दद्दा ने कहा कि जनता के पैसे से किए जा रहे विकास कार्यों में इस तरह की अनियमितता बिल्कुल भी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने नवागत कलेक्टर से पूरे मामले की निष्पक्ष और उच्च स्तरीय जांच कराने की मांग की है, ताकि दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई सुनिश्चित हो सके।
उन्होंने यह भी कहा कि निर्माण कार्य में उपयोग की गई सामग्री की गुणवत्ता की जांच कराई जाए और जिम्मेदार लोगों को चिन्हित किया जाए।
नगर अध्यक्ष ने स्पष्ट किया कि वे इस मुद्दे को लेकर लगातार प्रयासरत रहेंगे और जब तक गुणवत्ता में सुधार नहीं होता, तब तक आवाज उठाते रहेंगे।
स्थानीय नागरिकों ने भी नाले की खराब स्थिति पर नाराजगी व्यक्त की है और जल्द से जल्द सुधार कार्य की मांग की है। लोगों का कहना है कि बरसात के मौसम में यह स्थिति और भी गंभीर हो सकती है।
नगर में इस मुद्दे को लेकर जनचर्चा तेज हो गई है और सभी की नजर अब प्रशासन की कार्रवाई पर टिकी हुई है।
    user_Tej pratap Kacher
    Tej pratap Kacher
    Local News Reporter मैहर, सतना, मध्य प्रदेश•
    20 hrs ago
  • Post by Rajnish Dahiya
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    Post by Rajnish Dahiya
    user_Rajnish Dahiya
    Rajnish Dahiya
    पनागर, जबलपुर, मध्य प्रदेश•
    4 hrs ago
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