बैतूल पुलिस अधीक्षक श्री वीरेन्द्र जैन के निर्देशों पर, भैसदेही पुलिस ने ग्राम जूनापानी में हुई हत्या की घटना का त्वरित खुलासा करते हुए तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायालय में प्रस्तुत किया है। पुलिस अधीक्षक महोदय ने मृतक आकाश मरकाम के साथ मारपीट कर हत्या किए जाने के मामले में तत्काल और प्रभावी कार्रवाई के निर्देश दिए थे। इन निर्देशों के पालन में, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्री कमलेश खरपुसे और एसडीओपी भैसदेही श्री भूपेन्द्र सिंह मौर्य के मार्गदर्शन में, भैसदेही थाना पुलिस ने आरोपियों को शीघ्र गिरफ्तार करने में उल्लेखनीय सफलता हासिल की है। घटना 21 जून 2026 को सामने आई, जब फरियादी प्रवीण मरकाम ने भैसदेही थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई कि वह अपनी पत्नी और दो बेटों के साथ अपने पुत्र विशाल मरकाम की ससुराल ग्राम जूनापानी अपनी बहू को लेने गए थे। इसी दौरान, पानी पिलाने की बात पर दोनों पक्षों में विवाद हो गया। विवाद बढ़ने पर, ससुराल पक्ष के लोगों ने गाली-गलौज करते हुए प्रवीण मरकाम और उनके परिजनों के साथ मारपीट की और जान से मारने की धमकी दी। इस शिकायत पर, थाना भैसदेही में मारपीट का प्रकरण दर्ज कर विवेचना शुरू की गई। उपचार के दौरान घायल आकाश पिता प्रवीण मरकाम (25 वर्ष, निवासी मरामझिरी) की मृत्यु हो जाने पर, मर्ग कायम किया गया और प्रकरण में भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 103(1) का इजाफा किया गया। विवेचना के दौरान पर्याप्त साक्ष्य मिलने के बाद, सुनील पिता बुद्धु वाडिवा (47 वर्ष), अनिल पिता बुध्देसिंह वाडिवा (40 वर्ष), और शिवम पिता सुनील वाडिवा (21 वर्ष), सभी निवासी ग्राम जूनापानी, थाना भैसदेही, जिला बैतूल को विधिवत गिरफ्तार कर माननीय न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत किया गया। इस प्रकरण के त्वरित खुलासे और आरोपियों की गिरफ्तारी में थाना भैसदेही के निरीक्षक राजेश सातनकर, उप निरीक्षक आशीष कुमरे, उप निरीक्षक जयवंती श्रवणकर, प्रधान आरक्षक पंजाबराव परते, आरक्षक नारायण जाट, आरक्षक मनोज, आरक्षक तनवीर, आरक्षक सोनू कुमार, आरक्षक सुनील इवनाती, आरक्षक नरेन्द्र और महिला आरक्षक जिया की विशेष और सराहनीय भूमिका रही। बैतूल पुलिस ने आमजन से अपील की है कि किसी भी प्रकार के पारिवारिक, सामाजिक या आपसी विवाद को हिंसा का रूप न दें। विवाद की स्थिति में कानून अपने हाथ में लेने के बजाय पुलिस या प्रशासन की सहायता लें। किसी भी आपराधिक घटना, संदिग्ध गतिविधि या कानून-व्यवस्था संबंधी जानकारी तत्काल निकटतम पुलिस थाना या डायल 112 पर देने का आग्रह किया गया है, क्योंकि जन-सहयोग सुरक्षित और शांतिपूर्ण समाज के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।
बैतूल पुलिस अधीक्षक श्री वीरेन्द्र जैन के निर्देशों पर, भैसदेही पुलिस ने ग्राम जूनापानी में हुई हत्या की घटना का त्वरित खुलासा करते हुए तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायालय में प्रस्तुत किया है। पुलिस अधीक्षक महोदय ने मृतक आकाश मरकाम के साथ मारपीट कर हत्या किए जाने के मामले में तत्काल और प्रभावी कार्रवाई के निर्देश दिए थे। इन निर्देशों के पालन में, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्री कमलेश खरपुसे और एसडीओपी भैसदेही श्री भूपेन्द्र सिंह मौर्य के मार्गदर्शन में, भैसदेही थाना पुलिस ने आरोपियों को शीघ्र गिरफ्तार करने में उल्लेखनीय सफलता हासिल की है। घटना 21 जून 2026 को सामने आई, जब फरियादी प्रवीण मरकाम ने भैसदेही थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई कि वह अपनी पत्नी और दो बेटों के साथ अपने पुत्र विशाल मरकाम की ससुराल ग्राम जूनापानी अपनी बहू को लेने गए थे। इसी दौरान, पानी पिलाने की बात पर दोनों पक्षों में विवाद हो गया। विवाद बढ़ने पर, ससुराल पक्ष के लोगों ने गाली-गलौज करते हुए प्रवीण मरकाम और उनके परिजनों के साथ मारपीट की और जान से मारने की धमकी दी। इस शिकायत पर, थाना भैसदेही में मारपीट का प्रकरण दर्ज कर विवेचना शुरू की गई। उपचार के दौरान घायल आकाश पिता प्रवीण मरकाम (25 वर्ष, निवासी मरामझिरी) की मृत्यु हो जाने पर, मर्ग कायम किया गया और प्रकरण में भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 103(1) का इजाफा किया गया। विवेचना के दौरान पर्याप्त साक्ष्य मिलने के बाद, सुनील पिता बुद्धु वाडिवा (47 वर्ष), अनिल पिता बुध्देसिंह वाडिवा (40 वर्ष), और शिवम पिता सुनील वाडिवा (21 वर्ष), सभी निवासी ग्राम जूनापानी, थाना भैसदेही, जिला बैतूल को विधिवत गिरफ्तार कर माननीय न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत किया गया। इस प्रकरण के त्वरित खुलासे और आरोपियों की गिरफ्तारी में थाना भैसदेही के निरीक्षक राजेश सातनकर, उप निरीक्षक आशीष कुमरे, उप निरीक्षक जयवंती श्रवणकर, प्रधान आरक्षक पंजाबराव परते, आरक्षक नारायण जाट, आरक्षक मनोज, आरक्षक तनवीर, आरक्षक सोनू कुमार, आरक्षक सुनील इवनाती, आरक्षक नरेन्द्र और महिला आरक्षक जिया की विशेष और सराहनीय भूमिका रही। बैतूल पुलिस ने आमजन से अपील की है कि किसी भी प्रकार के पारिवारिक, सामाजिक या आपसी विवाद को हिंसा का रूप न दें। विवाद की स्थिति में कानून अपने हाथ में लेने के बजाय पुलिस या प्रशासन की सहायता लें। किसी भी आपराधिक घटना, संदिग्ध गतिविधि या कानून-व्यवस्था संबंधी जानकारी तत्काल निकटतम पुलिस थाना या डायल 112 पर देने का आग्रह किया गया है, क्योंकि जन-सहयोग सुरक्षित और शांतिपूर्ण समाज के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।
- मध्यप्रदेश के बैतूल जिले के समाजसेवी मोहन नगर को राष्ट्रपति भवन में आयोजित एक गरिमामय समारोह में पद्मश्री सम्मान से अलंकृत किया गया। यह सम्मान उन्हें जल संरक्षण, पर्यावरण संवर्धन और ग्रामीण विकास के क्षेत्र में उनके दशकों के उल्लेखनीय योगदान के लिए प्रदान किया गया, जिससे बैतूल और पूरे प्रदेश के लिए गौरव का क्षण आया। मोहन नगर के कार्यों और प्रकृति संरक्षण के प्रति उनके समर्पण को राष्ट्रीय स्तर पर पहचान मिली है, और उन्हें ‘जननायक’ के रूप में सराहा गया है। मोहन नगर ने जैव विविधता संरक्षण और पर्यावरण संवर्धन के लिए एक अभिनव जमीनी मॉडल विकसित किया, जिसमें स्वैच्छिक श्रमदान, स्थानीय परंपराओं और जनभागीदारी को प्रमुखता दी गई। उनके प्रयासों से मध्यप्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों में नदियों, जंगलों और पहाड़ियों के संरक्षण के प्रति सामूहिक जिम्मेदारी की भावना विकसित हुई। उन्होंने ग्रामीण समुदायों को प्रशिक्षित किया, सरकारी एजेंसियों के साथ समन्वय स्थापित किया, और जल संरक्षण को एक जनआंदोलन का स्वरूप देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। बैतूल जिले का बांचा गांव उनके सबसे उल्लेखनीय कार्यों में से एक है, जिसे उन्होंने गोद लेकर एक आदर्श ग्राम में बदल दिया। आज यह गांव ग्रामीण पर्यटन, होम-स्टे व्यवस्था, जल संरक्षण और स्वावलंबी आजीविका मॉडल के लिए पूरे प्रदेश में जाना जाता है, जहाँ महिला स्व-सहायता समूहों ने स्थानीय लोगों को आर्थिक रूप से सशक्त किया है। जल संरक्षण और भूजल संवर्धन के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्यों के लिए मोहन नगर को इससे पहले वर्ष 2019 में राष्ट्रीय जल प्रहरी पुरस्कार और वर्ष 2020 में जल नायक पुरस्कार से भी सम्मानित किया जा चुका है। इसके अतिरिक्त, उन्हें वर्ष 2024-25 में भाऊराव देवरस सेवा सम्मान भी प्राप्त हुआ। सामाजिक और पर्यावरणीय कार्यों के साथ-साथ, मोहन नगर ने साहित्य के क्षेत्र में भी अपनी अमिट छाप छोड़ी है; उनकी चर्चित कविता ‘चतुर्मास’ को वर्ष 2014 में मध्यप्रदेश सरकार के प्रतिष्ठित दुष्यंत कुमार कृति साहित्य अकादमी पुरस्कार से नवाजा गया था, जिसमें उन्होंने ग्रामीण जीवन, पर्यावरण और भारतीय सांस्कृतिक मूल्यों को प्रभावशाली ढंग से अभिव्यक्त किया है। मोहन नगर का पद्मश्री सम्मान केवल उनके व्यक्तिगत योगदान की पहचान नहीं है, बल्कि यह जल, जंगल, जमीन और प्रकृति संरक्षण के लिए समर्पित लाखों लोगों के प्रयासों का भी सम्मान है। उनके सम्मानित होने से बैतूल जिले और पूरे मध्यप्रदेश का गौरव बढ़ा है, और नई पीढ़ी को समाज तथा पर्यावरण के लिए कार्य करने की प्रेरणा मिली है। इस सम्मान ने यह साबित कर दिया है कि जनभागीदारी से किया गया छोटा प्रयास भी देश की दिशा बदल सकता है, और मोहन नगर आज जल, जंगल तथा ग्रामीण विकास की नई सोच के प्रतीक बन चुके हैं।1
- बैतूल में कोतवाली पुलिस ने नाबालिग बालिका से दुष्कर्म के एक गंभीर मामले में त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी को घटना के 24 घंटे के भीतर गिरफ्तार कर माननीय न्यायालय में पेश किया। पुलिस की इस तत्पर कार्रवाई को जिले में महिला एवं बाल अपराधों के विरुद्ध एक सख्त संदेश के रूप में देखा जा रहा है। पुलिस अधीक्षक बैतूल वीरेन्द्र जैन ने इस प्रकरण की गंभीरता को देखते हुए आरोपी की शीघ्र गिरफ्तारी के निर्देश दिए थे। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक कमलेश कुमार खरपुसे और एसडीओपी बैतूल सुनील लाटा के मार्गदर्शन में कोतवाली पुलिस ने इस कार्रवाई को अंजाम दिया। पुलिस के अनुसार, पीड़िता की शिकायत पर 22 जून 2026 को थाना कोतवाली बैतूल में सतीश उर्फ छोटू सिरसाम (23 वर्ष), निवासी ग्राम हिवरखेड़ी के खिलाफ अपराध क्रमांक 525/2026 के तहत भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 64(2)(एम), 65(1), 351(3) और पॉक्सो एक्ट की धारा 5(एल) एवं 6 के अंतर्गत मामला दर्ज किया गया था। मामला दर्ज होने के बाद आरोपी फरार होने की कोशिश में था, लेकिन पुलिस टीम ने लगातार तलाश कर उसे महाराष्ट्र के परतवाड़ा क्षेत्र से अभिरक्षा में ले लिया। पूछताछ के दौरान आरोपी सतीश उर्फ छोटू सिरसाम ने अपना अपराध स्वीकार किया। इसके बाद उसे विधिवत गिरफ्तार कर 23 जून 2026 को न्यायालय में पेश किया गया, जहाँ से उसे जेल भेज दिया गया। इस पूरी कार्रवाई में थाना प्रभारी कोतवाली निरीक्षक देवकरण डेहरिया, उप निरीक्षक राकेश कुमार सरयाम, प्रधान आरक्षक अजय भलावी, आरक्षक उज्जवल दुबे, ओमकार और साइबर सेल के आरक्षक पंकज की महत्वपूर्ण भूमिका रही। पुलिस अधीक्षक ने टीम की इस तत्परता और पेशेवर कार्यप्रणाली की सराहना की है। बैतूल पुलिस ने यह भी स्पष्ट किया है कि महिला एवं बाल अपराधों के मामलों में किसी भी आरोपी को बख्शा नहीं जाएगा और ऐसे सभी मामलों में त्वरित जांच के साथ आरोपियों के विरुद्ध कठोर कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।2
- बैतूल में कांग्रेस ने स्मार्ट मीटर लगाए जाने के विरोध में एक ज्ञापन सौंपा है। पार्टी ने इस बात पर कड़ी आपत्ति व्यक्त की है कि स्मार्ट मीटर लोगों की सहमति के बिना स्थापित किए जा रहे हैं। इस विरोध प्रदर्शन में बड़ी संख्या में महिलाएं और कांग्रेस के कार्यकर्ता शामिल रहे।1
- ग्राम पंचायत हर्निया के टांडी ठाना क्षेत्र में बिजली विभाग की घोर लापरवाही ग्रामीणों के लिए गंभीर चिंता और खतरे का कारण बन गई है। क्षेत्र में अनेक स्थानों पर बिजली के तार अत्यंत जर्जर और खुले हुए लटके हैं, जिनसे लगातार चिंगारियां निकल रही हैं। इस स्थिति ने ग्रामीणों में दहशत का माहौल पैदा कर दिया है और किसी भी वक्त एक बड़े हादसे की आशंका बनी हुई है। ग्रामीणों के अनुसार, तेज हवा और बारिश के दौरान यह समस्या और भी विकराल रूप ले लेती है, जब तार आपस में टकराने से चिंगारियां अधिक निकलती हैं, जिससे आग लगने और करंट फैलने का गंभीर खतरा बना रहता है। स्थानीय निवासियों का कहना है कि उन्होंने इस खतरनाक स्थिति की जानकारी कई बार बिजली विभाग के अधिकारियों को दी है, लेकिन इसके बावजूद अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई है। खुले तार आबादी वाले क्षेत्रों, गलियों और मुख्य रास्तों के ठीक ऊपर से गुजर रहे हैं, जहाँ बच्चों और मवेशियों का आवागमन लगातार जारी रहता है, जिससे हर पल बड़े हादसे की आशंका बढ़ जाती है। इस गंभीर स्थिति को देखते हुए, ग्रामीणों ने बिजली विभाग से तत्काल इन जर्जर तारों को बदलने और आवश्यक मरम्मत कार्य कराने की पुरजोर मांग की है। उन्होंने स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि इस समस्या का समाधान शीघ्र नहीं किया गया, तो वे प्रशासन और बिजली विभाग के खिलाफ ज्ञापन सौंपकर आंदोलन करने के लिए मजबूर होंगे। इसके साथ ही, ग्रामीणों ने जिला प्रशासन से इस मामले में हस्तक्षेप करने और क्षेत्र के लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की अपील भी की है।2
- मंगलवार को पांढुर्णा कलेक्ट्रेट कार्यालय में आयोजित साप्ताहिक जनसुनवाई में कलेक्टर श्री नीरज कुमार वशिष्ठ ने नागरिकों की समस्याओं को गंभीरता से सुना। इस दौरान जिले के दूरदराज के क्षेत्रों से आए 18 आवेदकों ने अपनी विभिन्न समस्याओं से अवगत कराया, जिस पर कलेक्टर ने संबंधित विभागों के अधिकारियों को प्राथमिकता के साथ त्वरित निराकरण के कड़े निर्देश दिए। जनसुनवाई में मुख्य रूप से भूमि संबंधी विवाद, प्रधानमंत्री आवास योजना के लाभ से जुड़े मामले, जाति एवं मृत्यु प्रमाण पत्र बनवाने में आ रही कठिनाइयां, नक्शा बटांकन सुधार तथा पेयजल की किल्लत जैसे मुद्दे सामने आए। ग्रामीणों ने अपनी कृषि भूमि तक आवाजाही के लिए रास्ते की मांग और अवैध अतिक्रमण हटाने जैसी महत्वपूर्ण शिकायतें भी दर्ज कराईं। कलेक्टर ने आंगनवाड़ी सहायिका की नियुक्ति से संबंधित एक प्रकरण पर नियमानुसार कार्रवाई करने और पात्र आवेदकों को तत्काल राहत प्रदान करने के निर्देश भी दिए। कलेक्टर श्री वशिष्ठ ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि जनसुनवाई में प्राप्त समस्याओं का समय सीमा के भीतर निराकरण सुनिश्चित करना उनकी सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि वैध कार्यों के लिए किसी भी नागरिक को बार-बार कार्यालयों के चक्कर न लगाने पड़ें, जिसके लिए विभागीय स्तर पर बेहतर समन्वय स्थापित किया जाए। इस महत्वपूर्ण जनसुनवाई में अपर कलेक्टर श्री नीलमणि अग्निहोत्री, संयुक्त कलेक्टर सुश्री मेघा शर्मा और सुश्री नेहा सोनी, एसडीएम श्रीमती अलका एक्का, प्रभारी तहसीलदार सुश्री प्रेक्षा पाठक और जनपद पंचायत के सीईओ श्री विनय प्रकाश ठाकुर सहित जिले के आला अधिकारी उपस्थित थे। अधिकारियों ने आवेदकों को आश्वासन दिया कि उनके आवेदनों पर की गई कार्रवाई की जानकारी उन्हें शीघ्र ही प्रदान कर दी जाएगी।1
- बैतूल जिले के मुलताई थाना क्षेत्र में जादू-टोने के अंधविश्वास के चलते एक 12 वर्षीय नाबालिग अंकुश आहके की निर्मम हत्या कर दी गई है। मुलताई पुलिस ने इस सनसनीखेज हत्याकांड का 48 घंटे के भीतर खुलासा करते हुए दो आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। जानकारी के अनुसार, दिनांक 22 जून 2026 को ताईखेड़ा निवासी संगीता आहके ने थाना मुलताई में अपने 12 वर्षीय बेटे अंकुश आहके की गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई थी, जो दिनांक 20 जून 2026 को दोपहर लगभग 3 बजे से लापता था। फरियादिया ने बताया था कि गांव के ही सुदामा पिता मोहन इनवाती उसके बेटे को खेलने के बहाने अपने साथ ले गया था, जिसके बाद से वह वापस नहीं लौटा। मामले की गंभीरता को देखते हुए, पुलिस अधीक्षक बैतूल श्री वीरेन्द्र जैन के निर्देशन में, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्री कमलेश खरपुसे और एसडीओपी मुलताई श्री शिव कुमार सिंह के मार्गदर्शन तथा थाना प्रभारी मुलताई श्री विकास पटेल के नेतृत्व में एक विशेष टीम गठित कर बालक की तलाश शुरू की गई। विवेचना के दौरान संदेही सुदामा पिता मोहन इनवाती को हिरासत में लेकर पूछताछ की गई। तकनीकी और भौतिक साक्ष्यों के आधार पर संदेह गहराने पर सुदामा ने खुलासा किया कि उसने अपने साथी राकेश उइके के साथ मिलकर अंकुश आहके की हत्या कर दी है। आरोपियों ने बताया कि उन्हें अंधविश्वास और जादू-टोने का शक था, इसी के चलते उन्होंने योजनाबद्ध तरीके से अंकुश को घर से बुलाकर ले गए। इसके बाद दोनों आरोपियों ने लोहे की रॉड से हमला कर और रस्सी से गला दबाकर उसकी हत्या कर दी। हत्या के बाद सबूत छिपाने के उद्देश्य से उन्होंने शव को बोरी में बांधकर ग्राम सालईढाना के जंगल स्थित नाले में फेंक दिया था। आरोपी सुदामा इनवाती की निशानदेही पर दूसरे आरोपी राकेश उइके को भी हिरासत में लिया गया, जिसने अपना अपराध स्वीकार करते हुए शव छिपाने की जगह की जानकारी दी। दोनों आरोपियों की निशानदेही पर पुलिस टीम ने ग्राम सालईढाना के जंगल में नाले से बोरी में बंधा शव बरामद किया, जिसकी पहचान मृतक अंकुश आहके के रूप में परिजनों ने की। इस मामले में थाना मुलताई में अपराध क्रमांक 524/2026 धारा 137(2) बीएनएस के तहत प्रकरण दर्ज कर विवेचना शुरू की गई थी, जिसमें हत्या के साक्ष्य मिलने पर धारा 103(1) और 3(5) बीएनएस का इजाफा किया गया है। गिरफ्तार आरोपियों में सुदामा पिता मोहन इनवाती (उम्र 18 वर्ष 3 माह) और राकेश पिता रमेश उइके (उम्र 36 वर्ष), दोनों निवासी ताईखेड़ा, थाना मुलताई शामिल हैं। इन दोनों को विधिवत गिरफ्तार कर न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत किया जा रहा है। पुलिस अधीक्षक बैतूल श्री वीरेन्द्र जैन ने जिलेवासियों से अपील की है कि वे किसी भी प्रकार के अंधविश्वास, जादू-टोना या अफवाहों पर विश्वास न करें, क्योंकि ऐसे अंधविश्वास समाज के लिए घातक होते हैं और कई बार निर्दोष लोगों की जान ले लेते हैं। उन्होंने किसी भी शंका या समस्या के समाधान के लिए कानून का सहारा लेने और तत्काल पुलिस को सूचना देने का आग्रह किया। पुलिस अधीक्षक ने समाज में जागरूकता, वैज्ञानिक सोच और कानून के प्रति विश्वास को ऐसे जघन्य अपराधों को रोकने का सबसे प्रभावी माध्यम बताया।4
- बैतूल पुलिस अधीक्षक श्री वीरेन्द्र जैन के निर्देशों पर, भैसदेही पुलिस ने ग्राम जूनापानी में हुई हत्या की घटना का त्वरित खुलासा करते हुए तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायालय में प्रस्तुत किया है। पुलिस अधीक्षक महोदय ने मृतक आकाश मरकाम के साथ मारपीट कर हत्या किए जाने के मामले में तत्काल और प्रभावी कार्रवाई के निर्देश दिए थे। इन निर्देशों के पालन में, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्री कमलेश खरपुसे और एसडीओपी भैसदेही श्री भूपेन्द्र सिंह मौर्य के मार्गदर्शन में, भैसदेही थाना पुलिस ने आरोपियों को शीघ्र गिरफ्तार करने में उल्लेखनीय सफलता हासिल की है। घटना 21 जून 2026 को सामने आई, जब फरियादी प्रवीण मरकाम ने भैसदेही थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई कि वह अपनी पत्नी और दो बेटों के साथ अपने पुत्र विशाल मरकाम की ससुराल ग्राम जूनापानी अपनी बहू को लेने गए थे। इसी दौरान, पानी पिलाने की बात पर दोनों पक्षों में विवाद हो गया। विवाद बढ़ने पर, ससुराल पक्ष के लोगों ने गाली-गलौज करते हुए प्रवीण मरकाम और उनके परिजनों के साथ मारपीट की और जान से मारने की धमकी दी। इस शिकायत पर, थाना भैसदेही में मारपीट का प्रकरण दर्ज कर विवेचना शुरू की गई। उपचार के दौरान घायल आकाश पिता प्रवीण मरकाम (25 वर्ष, निवासी मरामझिरी) की मृत्यु हो जाने पर, मर्ग कायम किया गया और प्रकरण में भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 103(1) का इजाफा किया गया। विवेचना के दौरान पर्याप्त साक्ष्य मिलने के बाद, सुनील पिता बुद्धु वाडिवा (47 वर्ष), अनिल पिता बुध्देसिंह वाडिवा (40 वर्ष), और शिवम पिता सुनील वाडिवा (21 वर्ष), सभी निवासी ग्राम जूनापानी, थाना भैसदेही, जिला बैतूल को विधिवत गिरफ्तार कर माननीय न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत किया गया। इस प्रकरण के त्वरित खुलासे और आरोपियों की गिरफ्तारी में थाना भैसदेही के निरीक्षक राजेश सातनकर, उप निरीक्षक आशीष कुमरे, उप निरीक्षक जयवंती श्रवणकर, प्रधान आरक्षक पंजाबराव परते, आरक्षक नारायण जाट, आरक्षक मनोज, आरक्षक तनवीर, आरक्षक सोनू कुमार, आरक्षक सुनील इवनाती, आरक्षक नरेन्द्र और महिला आरक्षक जिया की विशेष और सराहनीय भूमिका रही। बैतूल पुलिस ने आमजन से अपील की है कि किसी भी प्रकार के पारिवारिक, सामाजिक या आपसी विवाद को हिंसा का रूप न दें। विवाद की स्थिति में कानून अपने हाथ में लेने के बजाय पुलिस या प्रशासन की सहायता लें। किसी भी आपराधिक घटना, संदिग्ध गतिविधि या कानून-व्यवस्था संबंधी जानकारी तत्काल निकटतम पुलिस थाना या डायल 112 पर देने का आग्रह किया गया है, क्योंकि जन-सहयोग सुरक्षित और शांतिपूर्ण समाज के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।1
- पुरानी रंजिश के चलते हुई हत्या के मामले में साई खेड़ा पुलिस ने एक आरोपी को गिरफ्तार किया है।1