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रोहतक में महामंडलेश्वर बाबा कमलपुरी जी और कर्णपुरी जी से प्रेमानंद जी महाराज के प्रिय जॉनी और जोजो ने मुलाकात की। इस भेंट के दौरान, जॉनी और जोजो ने एक मधुर भजन भी सुनाया, जिससे यह अवसर और भी खास बन गया।
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रोहतक में महामंडलेश्वर बाबा कमलपुरी जी और कर्णपुरी जी से प्रेमानंद जी महाराज के प्रिय जॉनी और जोजो ने मुलाकात की। इस भेंट के दौरान, जॉनी और जोजो ने एक मधुर भजन भी सुनाया, जिससे यह अवसर और भी खास बन गया।
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- रोहतक में महामंडलेश्वर बाबा कमलपुरी जी और कर्णपुरी जी से प्रेमानंद जी महाराज के प्रिय जॉनी और जोजो ने मुलाकात की। इस भेंट के दौरान, जॉनी और जोजो ने एक मधुर भजन भी सुनाया, जिससे यह अवसर और भी खास बन गया।1
- बहुत-बहुत शुक्रिया मंडी हरियाणा रोहतक में सब्जी मंडी है1
- जुलाना कस्बे की परशुराम धर्मशाला में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान, प्रस्तावित रेलवे ओवरब्रिज (आरओबी) के निर्माण को लेकर कांग्रेस और भाजपा नेताओं के बीच श्रेय लेने की तीखी होड़ देखने को मिली। सोनीपत से कांग्रेस सांसद सतपाल ब्रह्मचारी और हरियाणा समाज कल्याण बोर्ड के चेयरमैन कैप्टन योगेश बैरागी इस मुद्दे पर मंच पर ही आमने-सामने आ गए, जिससे कार्यक्रम का माहौल कुछ देर के लिए गरमा गया। सांसद सतपाल ब्रह्मचारी ने अपने संबोधन में दावा किया कि उन्होंने जुलाना में रेलवे ओवरब्रिज की मांग को लेकर कई बार संसद में आवाज उठाई है, जिसकी पुष्टि लोकसभा की कार्यवाही से की जा सकती है। उन्होंने बताया कि रेलवे फाटक पर लगने वाले लंबे जाम से क्षेत्र के लोगों को भारी परेशानी होती है, और इस ओवरब्रिज के बनने से यातायात सुगम होगा तथा जाम की समस्या से राहत मिलेगी। ब्रह्मचारी ने जोर देकर कहा कि रेलवे मंत्रालय ने उनकी मांग को स्वीकार किया है और रेल मंत्री के पत्र में भी इस मंजूरी का उल्लेख है। उन्होंने इस परियोजना के कार्य में बिना किसी देरी के जल्द से जल्द निर्माण शुरू कराने की मांग की। वहीं, हरियाणा समाज कल्याण बोर्ड के चेयरमैन कैप्टन योगेश बैरागी ने सांसद के दावों का खंडन करते हुए कहा कि प्रदेश सरकार ने इस परियोजना को पहले ही मंजूरी दे दी थी। उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री ने 19 जुलाई 2025 को रेलवे ओवरब्रिज की मांग को स्वीकृति प्रदान की थी। बैरागी के अनुसार, फिलहाल कुछ औपचारिक प्रक्रियाएं पूरी होनी बाकी हैं, जिनके संपन्न होते ही आगामी दो माह के भीतर करीब 50 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाले इस ओवरब्रिज का निर्माण कार्य शुरू कर दिया जाएगा, जो क्षेत्र के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। दोनों नेताओं के बयानों के बाद मंच पर गरमागर्मी बढ़ गई, जिसके बाद सांसद सतपाल ब्रह्मचारी के भाई वजीर गांगोली ने हस्तक्षेप करते हुए कहा कि रेलवे ओवरब्रिज की अंतिम मंजूरी केंद्र सरकार के अधिकार क्षेत्र में आती है और राज्य सरकार अकेले इसे मंजूर नहीं कर सकती। हालांकि, सांसद सतपाल ब्रह्मचारी ने उन्हें अपनी बात पूरी करने से पहले ही रोक दिया। इस अवसर पर पूर्व सांसद रमेश कौशिक, बादली विधायक कुलदीप वत्स, समाजसेविका वृंदा शर्मा, प्रधान देवेंद्र शर्मा, त्रिलोकी शर्मा, सतपाल कौशिक,शिवनारायण शर्मा, गौरव भारद्वाज और धर्मराज शर्मा सहित कई अन्य गणमान्य व्यक्ति मौजूद रहे।1
- पानीपत के सरप्लस मार्केट में ब्रांडेड लेडीज 'भालू' कपड़े किलो के भाव पर बेचे जा रहे हैं। यह पेशकश बिज़नेस ग्रोथ से जुड़े एक अवसर के रूप में सामने आई है और इसे वायरल रील्स के माध्यम से एक रिपोर्टर द्वारा साझा किया गया है।1
- प्रिंसिपल जसवंत कालियाना ने बताया कि रविदास सेवा आश्रम की जमीन पर अवैध कब्जा करने वाले लोगों के खिलाफ एससी-एसटी एक्ट के तहत कानूनी कार्रवाई करते हुए मुकदमा दर्ज किया जाएगा। यह कदम आश्रम की भूमि को सुरक्षित करने और अवैध कब्जों को रोकने के उद्देश्य से उठाया जाएगा।1
- Post by PPT News1
- दीपेन्द्र सिंह अपनी रचना "समय का स्वर, सहजता का मंत्र" के माध्यम से जीवन को नदी की भाँति सहजता से जीने का आह्वान करते हैं, जो शिलाओं से टकराकर भी गीत गाती है और हर मोड़ पर अपना मार्ग खोज लेती है। वे कल से भयभीत न होने की प्रेरणा देते हुए समझाते हैं कि कल भी समय की गोद में पलता है और आज का अंधकार ही कल का प्रभात बनता है। रचनाकार के अनुसार, जैसे ऋतुएँ बदलती हैं, वैसे ही पीड़ा भी अपना रंग बदलती है, और सहजता ही वास्तविक साधना है। लेखक हमें सिखाते हैं कि हमें जो आया उसे स्वीकार करना चाहिए और जो चला गया उसे प्रणाम करना चाहिए, जीवन के प्रवाह को रोकने के बजाय उसके संग बहना सीखना चाहिए। वे स्मरण कराते हैं कि बीज मिट्टी में गलकर ही वृक्ष बनता है और रात्रि की कोख से ही उषा जन्म लेती है। इसी तरह, कठिन समय भी काल के चक्र में एक दिन केवल स्मृति बन जाता है। इसलिए, दीपेन्द्र सिंह चिंता का बोझ उतारने और विश्वास की पतवार थामने का सुझाव देते हैं, क्योंकि समय स्वयं एक वैद्य है जो हर घाव भर देता है। जीवन का सार सहज और अविचल रहना है, क्योंकि कल भी समय के साथ बदलेगा। यह रचना "जय श्री राम" के उद्घोष के साथ समाप्त होती है।1
- सरकार से एक महत्वपूर्ण निवेदन किया गया है जिसमें रोहतक की मंडी में तुरंत साफ-सफाई करवाने की मांग की गई है। पोस्ट में कहा गया है कि मंडी की हालत बेहद दयनीय है और इसे 'रोहतक की जिंदगी की हालत' के रूप में दर्शाया गया है, जिस पर तत्काल ध्यान देने और आवश्यक सुधार करने की अपील की गई है।1