*चोरी-चोरी, चुपके-चुपके… अब गांधी चौक की बेशकीमती जमीन पर बोरिंग की तैयारी!* मैहर जिले के अमरपाटन स्थित गांधी चौक की करोड़ों रुपये कीमत वाली बेशकीमती जमीन पर चल रहा खेल थमने का नाम नहीं ले रहा है। पहले दस्तावेजों में हेरफेर और जमीन पर कब्जे की चर्चाएं सामने आईं, और अब उसी जमीन पर चोरी-चोरी, चुपके-चुपके बोरिंग कराने की तैयारी की खबर ने पूरे मामले को और संदिग्ध बना दिया है। जिस जमीन को लेकर पहले से ही राजस्व रिकॉर्ड, वंशावली और नजूल भूमि को लेकर सवाल खड़े हो चुके हैं, उसी जमीन पर अब अचानक बोरिंग करवाने की तैयारी समझ से परे है। आरोप है कि यह सब जमीन पर स्थायी कब्जा जमाने की नई चाल हो सकती है।सबसे बड़ा सवाल यह उठ रहा है कि आखिर किसके संरक्षण में यह सब हो रहा है? क्या प्रशासन की नजरों से बचाकर यह काम करवाया जा रहा है, या फिर किसी के इशारे पर पूरे खेल को अंजाम दिया जा रहा है? यदि विवादित और संभावित शासकीय जमीन पर बिना अनुमति बोरिंग या निर्माण की कोशिश की जाती है, तो यह सीधे-सीधे नियमों की धज्जियां उड़ाने के साथ-साथ सरकारी संपत्ति पर कब्जा मजबूत करने की साजिश भी मानी जाएगी। गौरतलब है कि गांधी चौक की यह जमीन पहले ही भूमाफियाओं की नजर में रही है और इसको लेकर कई गंभीर आरोप सामने आ चुके हैं। ऐसे में अब बोरिंग की तैयारी ने एक बार फिर यह सवाल खड़ा कर दिया है कि क्या करोड़ों की जमीन को धीरे-धीरे कब्जे की तरफ धकेला जा रहा है? अब निगाहें प्रशासन पर टिकी हैं कि क्या वह समय रहते इस पूरे खेल पर लगाम लगाएगा, या फिर चोरी-चोरी चल रहा यह खेल खुलेआम कब्जे में बदल जाएगा। *चोरी-चोरी, चुपके-चुपके… अब गांधी चौक की बेशकीमती जमीन पर बोरिंग की तैयारी!* मैहर जिले के अमरपाटन स्थित गांधी चौक की करोड़ों रुपये कीमत वाली बेशकीमती जमीन पर चल रहा खेल थमने का नाम नहीं ले रहा है। पहले दस्तावेजों में हेरफेर और जमीन पर कब्जे की चर्चाएं सामने आईं, और अब उसी जमीन पर चोरी-चोरी, चुपके-चुपके बोरिंग कराने की तैयारी की खबर ने पूरे मामले को और संदिग्ध बना दिया है। जिस जमीन को लेकर पहले से ही राजस्व रिकॉर्ड, वंशावली और नजूल भूमि को लेकर सवाल खड़े हो चुके हैं, उसी जमीन पर अब अचानक बोरिंग करवाने की तैयारी समझ से परे है। आरोप है कि यह सब जमीन पर स्थायी कब्जा जमाने की नई चाल हो सकती है।सबसे बड़ा सवाल यह उठ रहा है कि आखिर किसके संरक्षण में यह सब हो रहा है? क्या प्रशासन की नजरों से बचाकर यह काम करवाया जा रहा है, या फिर किसी के इशारे पर पूरे खेल को अंजाम दिया जा रहा है? यदि विवादित और संभावित शासकीय जमीन पर बिना अनुमति बोरिंग या निर्माण की कोशिश की जाती है, तो यह सीधे-सीधे नियमों की धज्जियां उड़ाने के साथ-साथ सरकारी संपत्ति पर कब्जा मजबूत करने की साजिश भी मानी जाएगी। गौरतलब है कि गांधी चौक की यह जमीन पहले ही भूमाफियाओं की नजर में रही है और इसको लेकर कई गंभीर आरोप सामने आ चुके हैं। ऐसे में अब बोरिंग की तैयारी ने एक बार फिर यह सवाल खड़ा कर दिया है कि क्या करोड़ों की जमीन को धीरे-धीरे कब्जे की तरफ धकेला जा रहा है? अब निगाहें प्रशासन पर टिकी हैं कि क्या वह समय रहते इस पूरे खेल पर लगाम लगाएगा, या फिर चोरी-चोरी चल रहा यह खेल खुलेआम कब्जे में बदल जाएगा।
*चोरी-चोरी, चुपके-चुपके… अब गांधी चौक की बेशकीमती जमीन पर बोरिंग की तैयारी!* मैहर जिले के अमरपाटन स्थित गांधी चौक की करोड़ों रुपये कीमत वाली बेशकीमती जमीन पर चल रहा खेल थमने का नाम नहीं ले रहा है। पहले दस्तावेजों में हेरफेर और जमीन पर कब्जे की चर्चाएं सामने आईं, और अब उसी जमीन पर चोरी-चोरी, चुपके-चुपके बोरिंग कराने की तैयारी की खबर ने पूरे मामले को और संदिग्ध बना दिया है। जिस जमीन को लेकर पहले से ही राजस्व रिकॉर्ड, वंशावली और नजूल भूमि को लेकर सवाल खड़े हो चुके हैं, उसी जमीन पर अब अचानक बोरिंग करवाने की तैयारी समझ से परे है। आरोप है कि यह सब जमीन पर स्थायी कब्जा जमाने की नई चाल हो सकती है।सबसे बड़ा सवाल यह उठ रहा है कि आखिर किसके संरक्षण में यह सब हो रहा है? क्या प्रशासन की नजरों से बचाकर यह काम करवाया जा रहा है, या फिर किसी के इशारे पर पूरे खेल को अंजाम दिया जा रहा है? यदि विवादित और संभावित शासकीय जमीन पर बिना अनुमति बोरिंग या निर्माण की कोशिश की जाती है, तो यह सीधे-सीधे नियमों की धज्जियां उड़ाने के साथ-साथ सरकारी संपत्ति पर कब्जा मजबूत करने की साजिश भी मानी जाएगी। गौरतलब है कि गांधी चौक की यह जमीन पहले ही भूमाफियाओं की नजर में रही है और इसको लेकर कई गंभीर आरोप सामने आ चुके हैं। ऐसे में अब बोरिंग की तैयारी ने एक बार फिर यह सवाल खड़ा कर दिया है कि क्या करोड़ों की जमीन को धीरे-धीरे कब्जे की तरफ धकेला जा रहा है? अब निगाहें प्रशासन पर टिकी हैं कि क्या वह समय रहते इस पूरे खेल पर लगाम लगाएगा, या फिर चोरी-चोरी चल रहा यह खेल खुलेआम कब्जे में बदल जाएगा। *चोरी-चोरी, चुपके-चुपके… अब गांधी चौक की बेशकीमती जमीन पर बोरिंग की तैयारी!* मैहर जिले के अमरपाटन स्थित गांधी चौक की करोड़ों रुपये कीमत वाली बेशकीमती जमीन पर चल रहा खेल थमने का नाम नहीं ले रहा है। पहले दस्तावेजों में हेरफेर और जमीन पर कब्जे की चर्चाएं सामने आईं, और अब उसी जमीन पर चोरी-चोरी, चुपके-चुपके बोरिंग कराने की तैयारी की खबर ने पूरे मामले को और संदिग्ध बना दिया है। जिस जमीन को लेकर पहले से ही राजस्व रिकॉर्ड, वंशावली और नजूल भूमि को लेकर सवाल खड़े हो चुके हैं, उसी जमीन पर अब अचानक बोरिंग करवाने की तैयारी समझ से परे है। आरोप है कि यह सब जमीन पर स्थायी कब्जा जमाने की नई चाल हो सकती है।सबसे बड़ा सवाल यह उठ रहा है कि आखिर किसके संरक्षण में यह सब हो रहा है? क्या प्रशासन की नजरों से बचाकर यह काम करवाया जा रहा है, या फिर किसी के इशारे पर पूरे खेल को अंजाम दिया जा रहा है? यदि विवादित और संभावित शासकीय जमीन पर बिना अनुमति बोरिंग या निर्माण की कोशिश की जाती है, तो यह सीधे-सीधे नियमों की धज्जियां उड़ाने के साथ-साथ सरकारी संपत्ति पर कब्जा मजबूत करने की साजिश भी मानी जाएगी। गौरतलब है कि गांधी चौक की यह जमीन पहले ही भूमाफियाओं की नजर में रही है और इसको लेकर कई गंभीर आरोप सामने आ चुके हैं। ऐसे में अब बोरिंग की तैयारी ने एक बार फिर यह सवाल खड़ा कर दिया है कि क्या करोड़ों की जमीन को धीरे-धीरे कब्जे की तरफ धकेला जा रहा है? अब निगाहें प्रशासन पर टिकी हैं कि क्या वह समय रहते इस पूरे खेल पर लगाम लगाएगा, या फिर चोरी-चोरी चल रहा यह खेल खुलेआम कब्जे में बदल जाएगा।
- चतुर्थ दिवस श्रीमद् भागवत कथा सिविल अस्पताल दुर्गा मंदिर अमरपाटन जिला मैहर मध्य प्रदेश4
- नई दिल्ली/तेहरान | 11 मार्च, 2026 मिडिल ईस्ट (पश्चिम एशिया) में युद्ध की भीषण आग के बीच वहां फंसे करीब 90 लाख भारतीयों की सुरक्षा पर संकट गहरा गया है। ताज़ा हालातों ने उन परिवारों की रातों की नींद उड़ा दी है जिनके अपने शिक्षा या रोज़गार के लिए वहां मौजूद हैं। सबसे मर्मस्पर्शी खबर कश्मीर के अनंतनाग से आई है, जहां एक पिता अपनी बेटी की जान की सलामती के लिए सरकार से गुहार लगा रहा है। हॉस्टल के पास गिरे मिसाइल, फोन पर फूट-फूट कर रोई बेटी अनंतनाग के रहने वाले बिलाल अहमद भट्ट की बेटी वर्तमान में ईरान की राजधानी तेहरान में MBBS की पढ़ाई कर रही है। 9 मार्च की रात 3 बजे जब पूरी दुनिया सो रही थी, तब बिलाल के फोन की घंटी बजी। दूसरी तरफ उनकी बेटी बिलख रही थी। उसने कांपती आवाज़ में कहा— "अब्बू, मेरे हॉस्टल के पास मिसाइलें गिरने की आवाज़ आ रही है, ज़ोरदार बमबारी हो रही है। पूरा हॉस्टल हिल रहा है। पता नहीं आज की रात बचूंगी या नहीं... मुझे बचा लो!" बिलाल कहते हैं कि ऐसी फोन कॉल सिर्फ उनके घर नहीं, बल्कि ईरान में रह रहे हजारों भारतीय छात्रों के घरों में आ रही हैं। तेहरान के आसमान में बारूद की गंध और धमाकों की गूंज ने छात्रों को दहशत में डाल दिया है। 90 लाख भारतीयों को बचाना बड़ी चुनौती मिडिल ईस्ट में छिड़ी इस जंग ने भारत सरकार के सामने अब तक की सबसे बड़ी कूटनीतिक और लॉजिस्टिक चुनौती खड़ी कर दी है। आंकड़े: खाड़ी देशों और ईरान-इजराइल मिलाकर करीब 90 लाख भारतीय वहां निवास करते हैं। बड़ी समस्या: एयरस्पेस (हवाई क्षेत्र) बंद होने और समुद्री रास्तों पर बढ़ते खतरे के कारण रेस्क्यू ऑपरेशन (निकासी अभियान) चलाना बेहद जटिल हो गया है। दूतावास की भूमिका: भारतीय दूतावास लगातार छात्रों के संपर्क में है और उन्हें सुरक्षित स्थानों या बंकरों में रहने की सलाह दी जा रही है। छात्रों की वतन वापसी की आस ईरान में फंसे ज्यादातर छात्र मेडिकल की पढ़ाई करने गए थे। कई छात्र 5 मार्च की अपनी परीक्षाएं पूरी होने का इंतज़ार कर रहे थे, लेकिन युद्ध के अचानक बढ़ने से वे वहीं फंस गए। अब परिजनों की केवल एक ही मांग है— 'ऑपरेशन गंगा' या 'वंदे भारत' की तर्ज पर सरकार जल्द से जल्द सुरक्षित कॉरिडोर बनाकर इन बच्चों को वापस लाए। ब्यूरो रिपोर्ट, मध्य भारत न्यूज़1
- भारतीय किसान यूनियन की ट्रैक्टर रैली निकली। हवाई पट्टी मोड़ से शुरू हुई रैली सर्किट हाउस, सिविल लाइन, राजेंद्र नगर से होते हुए कलेक्ट्रेट की ओर पहुंची1
- मैहर जिले के देहात थाना क्षेत्र अंतर्गत भेडा गेट के पास चलती बस मे लगी आग, गनीमत रही कि समय रहते ड्राइवर ने सभी को निकाला बाहर, जिसके चलते बड़ी घटना टली जा सकी, आग लगने के कारण सड़क पर बन रही ट्रैफिक जाम की स्थिति, डायल 100पुलिस पहुंची मौके पर, फायर ब्रिगेड को दी गयी सूचना4
- कांग्रेस कार्यालय में उड़ा रंग गुलाल, फाग गीतों और ठंडाई के साथ मना होली मिलन समारोह मैहर। जिला एवं ब्लॉक कांग्रेस कमेटी के तत्वाधान में जनपद पंचायत के सामने स्थित ब्लॉक कांग्रेस कार्यालय में 'होली मिलन समारोह' का भव्य और रंगारंग आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में राजनीतिक मर्यादाओं से परे जाकर सामाजिक सद्भाव की अनूठी मिसाल देखने को मिली, जहाँ बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ताओं के साथ-साथ विभिन्न सामाजिक और राजनीतिक क्षेत्रों के पदाधिकारी शामिल हुए। रंग-गुलाल से सराबोर हुए कार्यकर्ता समारोह की शुरुआत एक-दूसरे को तिलक लगाकर और गले मिलकर होली की शुभकामनाएं देने के साथ हुई। उपस्थित जनों ने अबीर-गुलाल उड़ाकर आपसी भाईचारे का संदेश दिया। इस अवसर पर पूरा कार्यालय परिसर सतरंगी रंगों और उल्लास से भर गया। फाग मंडली ने बांधा समां, गानों पर थिरके कदम कार्यक्रम में स्थानीय फाग मंडली ने अपनी प्रस्तुतियों से चार चांद लगा दिए। पारंपरिक फाग गीतों की मधुर धुनों के बीच जब "रंग बरसे भीगी चुनर वाली"और होली खेले रघुवीरा अवध में जैसे लोकप्रिय गीत गूंजे, तो कार्यकर्ता और धर्मेश घई रोमीभैया खुद को रोक नहीं पाए और जमकर धमाल मचाया। ढोल-नगाड़ों की थाप पर कार्यकर्ताओं का उत्साह देखते ही बन रहा था। ठंडाई और स्वल्पाहार का आनंद होली के इस उत्सव को और भी खास बनाने के लिए जिला एवं ब्लॉक कांग्रेस कमेटी द्वारा विशेष इंतजाम किए गए थे। कार्यक्रम में शामिल सभी अतिथियों और कार्यकर्ताओं के लिए शीतल ठंडाई और स्वल्पाहार की व्यवस्था की गई थी, जिसका सभी ने भरपूर आनंद लिया। इनकी रही गरिमामयी उपस्थिति समारोह में कांग्रेस के जिला अध्यक्ष धर्मेश घई . सतना विधायक सिद्धार्थ कुशवाहा डब्बू भैया ब्लॉक अध्यक्ष रमेश प्रजापति मुन्ना . रामभद्र पांडे जितेंद्र कुशवाहा महेंद्र पटेल. बैजनाथ कुशवाहा गणेश चतुर्वेदी महेंद्र त्रिपाठी पप्पू भैया. पंकज कुशवाहा नरेंद्र सराफ. यशवंतसिंह चंदेल समर्पण शुक्ला रजनीश . महेंद्र पटेल अक्षत दहिया राजेंद्र बबलू पटेल अरविंद पटेल रानू पटेल.रजनीश रमापति गौतम बृजभान कोल विपिन सिंह बघेलअखंड सिंह जितेंद्र बंशकार अजय वंशकार राकेश वंशकार सुरेश अयोध्या कुशवाहा अमजद खान बड़ा देव जितेंद्र पांडे जिला पूर्व जिला अध्यक्ष दिलीप मिश्रा हरबंस तिवारी रमेश शुक्ला पंकज सोनी. शुभम सोनी अयोध्या प्रसाद कुशवाहा राजेंद्र बुंदेला सहित जिला और ब्लॉक स्तर के अनेक पदाधिकारी मौजूद रहे। वक्ताओं ने कहा कि होली का यह त्यौहार हमें आपसी मतभेद भुलाकर प्रेम और सौहार्द के साथ आगे बढ़ने की प्रेरणा देता है। कार्यक्रम के अंत में आयोजन समिति ने सभी का आभार व्यक्त किया।2
- सतना जिले के रामपुर बाघेलान क्षेत्र में प्रस्तावित डालमिया सीमेंट कंपनी के लिए भूमि लीज पर लेने के विरोध में किसानों का आक्रोश लगातार बढ़ता जा रहा है। मंगलवार को किसान यूनियन के बैनर तले सैकड़ों किसानों ने ट्रैक्टर रैली निकालकर जिला मुख्यालय में जोरदार प्रदर्शन किया और कलेक्ट्रेट कार्यालय का घेराव कर प्रशासन को ज्ञापन सौंपा।1
- *बदेरा पुलिस पर फिर गंभीर आरोप, पैर तोड़ कांड के बाद अब हाथ तोड़ने का मामला चर्चा में* मैहर जिले की बदेरा पुलिस पर लगे पैर तोड़ कांड का आक्रोश अभी शांत भी नहीं हुआ था कि अब हाथ तोड़ने का नया मामला सामने आ गया है। शनिवार को एक पीड़ित व्यक्ति पुलिस अधीक्षक कार्यालय पहुंचा और अपनी आपबीती सुनाई। उसने आरोप लगाया कि पुलिस की मारपीट से उसका हाथ टूट गया। घटना के बाद इलाके में चर्चा तेज हो गई है। पीड़ित के बयान का वीडियो भी सामने आया है, जिसकी जांच की मांग की जा रही है1
- *रेलवे स्टेशन मार्ग पर विकास की पोल खोलता अधूरा पड़ा काम - प्रभात* नाले के पानी में डूबा था मुख्य प्रवेश द्वार, नवरात्रि से पहले व्यवस्था पर सवाल मैहर | पवित्र धार्मिक नगरी मैहर में विकास कार्यों की वास्तविक स्थिति का अंदाजा केवल रेलवे स्टेशन के मुख्य मार्ग को देखकर लगाया जा सकता है। शहर के सबसे महत्वपूर्ण प्रवेश मार्ग पर कभी जलभराव हो जाता है टूटी सड़क और बीच सड़क में क्षतिग्रस्त नाले की स्थिति ने नगर पालिका की कार्यप्रणाली पर गंभीर प्रश्नचिह्न खड़े कर दिए हैं। रेलवे स्टेशन से शहर में प्रवेश करने वाले इस प्रमुख मार्ग पर लंबे समय से बिना वर्षाजल नाले का पानी सड़क पर भर जाता है, जिससे राहगीरों, यात्रियों और स्थानीय नागरिकों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। सड़क के बीचों-बीच क्षतिग्रस्त नाले के कारण पूरा मार्ग कीचड़ और गंदे पानी से भर जाता है, जिससे दुर्घटना की आशंका भी लगातार बनी रहती है। पहले भी उठ चुका है मामला इस गंभीर समस्या को लेकर कांग्रेस के नगर अध्यक्ष प्रभात द्विवेदी पहले भी खुलकर सामने आए थे। उन्होंने इस मुद्दे को जनहित का विषय बनाकर नगर पालिका प्रशासन के खिलाफ मोर्चा खोल दिया था। उस समय इस मुद्दे को लेकर समाचार भी प्रकाशित हुआ था, जिसके बाद प्रशासन हरकत में आया हालांकि नगर पालिका द्वारा शुरू किया गया सुधार कार्य केवल शुरुआत तक ही सीमित रह गया। लगभग 20 दिनों से सड़क के बीच बैरिकेडिंग लगाकर काम बंद पड़ा है। नाला और सड़क दोनों अधूरे हैं, जिसके कारण रेलवे स्टेशन जाने वाले मुख्य मार्ग पर आवागमन बाधित हो गया है। बीच सड़क में खड़ी बैरिकेडिंग और अधूरा निर्माण कार्य यात्रियों के लिए नई समस्या बन गया है। रेलवे स्टेशन आने-जाने वाले लोगों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। कांग्रेस नगर अध्यक्ष प्रभात द्विवेदी ने बताया कि विशेष चिंता की बात यह है कि मां शारदा मंदिर का प्रसिद्ध नवरात्रि मेला शुरू होने में केवल एक सप्ताह का समय शेष है। इस दौरान हजारों की संख्या में श्रद्धालु मैहर पहुंचते हैं और रेलवे स्टेशन ही शहर में प्रवेश का प्रमुख द्वार है। ऐसे समय में मुख्य मार्ग का अधूरा पड़ा निर्माण और जलभराव प्रशासनिक लापरवाही का बड़ा उदाहरण बन चुका है । यदि समय रहते सड़क और नाले का स्थायी समाधान नहीं किया गया तो नवरात्रि मेले के दौरान स्थिति और भी गंभीर हो सकती है। नगर अध्यक्ष प्रभात द्विवेदी ने वर्तमान स्थिति का निरीक्षण करते हुए कहा कि प्रशासन ने केवल दिखावे के लिए काम शुरू किया था, लेकिन अब उसे अधूरा छोड़ दिया गया है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि जल्द ही कार्य पूर्ण नहीं कराया गया तो जनहित में आंदोलन किया जाएगा। प्रशासन से जवाब की प्रतीक्षा अब सवाल यह है कि धार्मिक नगरी के सबसे महत्वपूर्ण मार्ग पर फैली इस अव्यवस्था का जिम्मेदार कौन है? नवरात्रि मेले से पहले क्या नगर पालिका इस समस्या का समाधान कर पाएगी, या फिर श्रद्धालुओं और नागरिकों को इसी बदहाल व्यवस्था से गुजरना पड़ेगा?1