ललितपुर-सिंगरौली नई रेल लाइन परियोजना के तहत, मध्यप्रदेश के अति पिछड़े पन्ना जिले में रेल सुविधा का सपना एक और महत्वपूर्ण पड़ाव पार कर गया है। बुधवार को फुलवारी से देवेन्द्रनगर तक तैयार 6.90 किलोमीटर लंबे नए रेल खंड पर 120 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से एक विशेष निरीक्षण ट्रेन का सफल ट्रायल रन किया गया, जिससे जिले में खुशी और उत्साह का माहौल है। कमिश्नर ऑफ रेलवे सेफ्टी (सीआरएस) गुरु प्रकाश ने इस रेल खंड का गहन निरीक्षण कर सुरक्षा और तकनीकी व्यवस्थाओं का परीक्षण किया। पश्चिम मध्य रेलवे जबलपुर मंडल के अनुसार, मध्य वृत (मुंबई) के सीआरएस गुरु प्रकाश ने फुलवारी स्टेशन से निरीक्षण कार्यक्रम शुरू किया। यहां उन्होंने निर्माण संगठन और जबलपुर मंडल के अधिकारियों के साथ परियोजना से जुड़े अभिलेखों, सुरक्षा दस्तावेजों तथा विभिन्न तकनीकी तैयारियों की समीक्षा की। इसके बाद, मोटर ट्रॉली के जरिए फुलवारी और देवेन्द्रनगर के बीच बने नए रेल खंड का सूक्ष्म निरीक्षण किया गया। निरीक्षण के दौरान पश्चिम मध्य रेलवे मुख्यालय से मुख्य प्रशासनिक अधिकारी (निर्माण) एम.एस. हाश्मी और जबलपुर रेल मंडल से मंडल रेल प्रबंधक कमल कुमार तलरेजा सहित अन्य संबंधित अधिकारी मौजूद रहे। निरीक्षण में रेलवे संरक्षा आयुक्त ने रेल पथ, पुल-पुलियाओं, सिग्नल एवं दूरसंचार प्रणाली, विद्युत अधोसंरचना और परिचालन व्यवस्थाओं का गहन परीक्षण किया। इसके बाद, देवेन्द्रनगर से फुलवारी तक 12 डिब्बों वाली विशेष निरीक्षण ट्रेन को 120 किलोमीटर प्रति घंटे की गति से चलाकर ट्रैक की गुणवत्ता, मजबूती और सुरक्षा मानकों को परखा गया, जो पूरी तरह सफल रहा। देवेन्द्रनगर स्टेशन पर उपलब्ध यात्री सुविधाओं का भी अवलोकन किया गया। यह उपलब्धि इसलिए भी खास है क्योंकि कुछ समय पहले ही नागौद से फुलवारी रेल खंड पर सफल ट्रायल रन के साथ पहली बार ट्रेन पन्ना जिले की सीमा तक पहुंची थी, और अब देवेन्द्रनगर तक पहुंचने से परियोजना ने एक और महत्वपूर्ण मुकाम हासिल किया है। पन्ना जिले में रेल लाने की मांग दशकों पुरानी है, जिसके लिए क्षेत्र के प्रबुद्ध नागरिकों, व्यापारिक संगठनों, जनप्रतिनिधियों और आम लोगों ने लगातार आवाज उठाई थी। इस लंबे संघर्ष और जनआंदोलनों के बाद ललितपुर-सिंगरौली नई रेल लाइन परियोजना को गति मिली है। रेलवे अधिकारियों का मानना है कि फुलवारी-देवेन्द्रनगर रेल खंड शुरू होने से क्षेत्रीय रेल संपर्क मजबूत होगा, जिससे पन्ना और आसपास के लोगों को सुरक्षित, सुगम और बेहतर परिवहन सुविधा मिलेगी। साथ ही, इससे व्यापार, पर्यटन, शिक्षा और रोजगार के अवसरों को भी नई गति मिलने की उम्मीद है, विशेष रूप से हीरा नगरी पन्ना और आसपास के धार्मिक एवं पर्यटन स्थलों तक पहुंच आसान होगी। फिलहाल, देवेन्द्रनगर से पन्ना तक रेल लाइन बिछाने का कार्य तेजी से चल रहा है। परियोजना पूरी होने पर यह रेल लाइन पन्ना से अजयगढ़ होते हुए खजुराहो रेलवे स्टेशन से जुड़ेगी, जिससे बुंदेलखंड और विंध्य क्षेत्र की रेल कनेक्टिविटी को एक नई पहचान मिलेगी। जिले के लोग अब उस दिन का बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं, जब पहली ट्रेन पन्ना जिला मुख्यालय के रेलवे स्टेशन पर पहुंचेगी।
ललितपुर-सिंगरौली नई रेल लाइन परियोजना के तहत, मध्यप्रदेश के अति पिछड़े पन्ना जिले में रेल सुविधा का सपना एक और महत्वपूर्ण पड़ाव पार कर गया है। बुधवार को फुलवारी से देवेन्द्रनगर तक तैयार 6.90 किलोमीटर लंबे नए रेल खंड पर 120 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से एक विशेष निरीक्षण ट्रेन का सफल ट्रायल रन किया गया, जिससे जिले में खुशी और उत्साह का माहौल है। कमिश्नर ऑफ रेलवे सेफ्टी (सीआरएस) गुरु प्रकाश ने इस रेल खंड का गहन निरीक्षण कर सुरक्षा और तकनीकी व्यवस्थाओं का परीक्षण किया। पश्चिम मध्य रेलवे जबलपुर मंडल के अनुसार, मध्य वृत (मुंबई) के सीआरएस गुरु प्रकाश ने फुलवारी स्टेशन से निरीक्षण कार्यक्रम शुरू किया। यहां उन्होंने निर्माण संगठन और जबलपुर मंडल के अधिकारियों के
साथ परियोजना से जुड़े अभिलेखों, सुरक्षा दस्तावेजों तथा विभिन्न तकनीकी तैयारियों की समीक्षा की। इसके बाद, मोटर ट्रॉली के जरिए फुलवारी और देवेन्द्रनगर के बीच बने नए रेल खंड का सूक्ष्म निरीक्षण किया गया। निरीक्षण के दौरान पश्चिम मध्य रेलवे मुख्यालय से मुख्य प्रशासनिक अधिकारी (निर्माण) एम.एस. हाश्मी और जबलपुर रेल मंडल से मंडल रेल प्रबंधक कमल कुमार तलरेजा सहित अन्य संबंधित अधिकारी मौजूद रहे। निरीक्षण में रेलवे संरक्षा आयुक्त ने रेल पथ, पुल-पुलियाओं, सिग्नल एवं दूरसंचार प्रणाली, विद्युत अधोसंरचना और परिचालन व्यवस्थाओं का गहन परीक्षण किया। इसके बाद, देवेन्द्रनगर से फुलवारी तक 12 डिब्बों वाली विशेष निरीक्षण ट्रेन को 120 किलोमीटर प्रति घंटे की गति से चलाकर ट्रैक की गुणवत्ता, मजबूती और सुरक्षा मानकों को परखा गया, जो पूरी
तरह सफल रहा। देवेन्द्रनगर स्टेशन पर उपलब्ध यात्री सुविधाओं का भी अवलोकन किया गया। यह उपलब्धि इसलिए भी खास है क्योंकि कुछ समय पहले ही नागौद से फुलवारी रेल खंड पर सफल ट्रायल रन के साथ पहली बार ट्रेन पन्ना जिले की सीमा तक पहुंची थी, और अब देवेन्द्रनगर तक पहुंचने से परियोजना ने एक और महत्वपूर्ण मुकाम हासिल किया है। पन्ना जिले में रेल लाने की मांग दशकों पुरानी है, जिसके लिए क्षेत्र के प्रबुद्ध नागरिकों, व्यापारिक संगठनों, जनप्रतिनिधियों और आम लोगों ने लगातार आवाज उठाई थी। इस लंबे संघर्ष और जनआंदोलनों के बाद ललितपुर-सिंगरौली नई रेल लाइन परियोजना को गति मिली है। रेलवे अधिकारियों का मानना है कि फुलवारी-देवेन्द्रनगर रेल खंड शुरू होने से क्षेत्रीय रेल संपर्क मजबूत
होगा, जिससे पन्ना और आसपास के लोगों को सुरक्षित, सुगम और बेहतर परिवहन सुविधा मिलेगी। साथ ही, इससे व्यापार, पर्यटन, शिक्षा और रोजगार के अवसरों को भी नई गति मिलने की उम्मीद है, विशेष रूप से हीरा नगरी पन्ना और आसपास के धार्मिक एवं पर्यटन स्थलों तक पहुंच आसान होगी। फिलहाल, देवेन्द्रनगर से पन्ना तक रेल लाइन बिछाने का कार्य तेजी से चल रहा है। परियोजना पूरी होने पर यह रेल लाइन पन्ना से अजयगढ़ होते हुए खजुराहो रेलवे स्टेशन से जुड़ेगी, जिससे बुंदेलखंड और विंध्य क्षेत्र की रेल कनेक्टिविटी को एक नई पहचान मिलेगी। जिले के लोग अब उस दिन का बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं, जब पहली ट्रेन पन्ना जिला मुख्यालय के रेलवे स्टेशन पर पहुंचेगी।
- पन्ना के ऐतिहासिक बृहस्पति कुंड में मध्य प्रदेश का पहला और सबसे बड़ा ग्लास ब्रिज लगभग ₹3 करोड़ की लागत से बनकर पूरी तरह तैयार हो गया है। यह पुल 300 फीट की ऊंचाई पर स्थित है, जहाँ से पर्यटक कुंड और बहती नदी का विहंगम दृश्य देख सकते हैं। आज सांसद विष्णु दत्त शर्मा ने इस नए ग्लास ब्रिज का अवलोकन किया, और विहंगम दृश्य देखकर लोगों ने 'वाह क्या सीन है' कहा। यह ग्लास ब्रिज लगभग 28-30 मीटर लंबा है, जिसका करीब 11 मीटर हिस्सा हवा में बिना सहारे के लटका हुआ है। यह पुल पन्ना जिला मुख्यालय से लगभग 30 किलोमीटर और बृजपुर गाँव से लगभग 8 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है। इस दौरान ब्रिज की जानकारी देते हुए सांसद विष्णु दत्त शर्मा ने बताया कि यह परियोजना प्रधानमंत्री नरेंद्र जी...1
- अमानगंज (कांटी) क्षेत्र में बागेश्वर धाम सरकार के आगमन को लेकर लोगों में भारी उत्साह देखा जा रहा है। क्षेत्र में चल रही श्रीमद्भागवत कथा के बीच एक अच्छी खबर सामने आई है कि पं श्री धीरेन्द्र कृष्ण शास्त्री इस कथा में पहुँच सकते हैं।1
- पन्ना जिले के अजयगढ़ थाना क्षेत्र में शुक्रवार, 12 जून 2026 की शाम लगभग 6 बजे एक दर्दनाक सड़क हादसे में ग्राम छतैनी निवासी 45 वर्षीय रज्जू प्रसाद सेन की मौके पर ही मौत हो गई। बालू से भरे एक कथित ओवरलोड ट्रैक्टर ने उन्हें जोरदार टक्कर मारी और हादसे के बाद ट्रैक्टर चालक मौके से फरार हो गया। इस घटना से पूरे गांव में शोक की लहर दौड़ गई है और मृतक के परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। प्राप्त जानकारी के अनुसार, रज्जू प्रसाद सेन अपने गांव छतैनी से पैदल सड़क किनारे होते हुए हीरापुर की ओर जा रहे थे। इसी दौरान ग्राम हरदी टिकुरिहा की तरफ से आ रहे बालू से भरे ट्रैक्टर ने उन्हें टक्कर मारी। टक्कर इतनी भीषण थी कि रज्जू प्रसाद सेन की मौके पर ही मौत हो गई। घटना की सूचना मिलते ही आसपास के ग्रामीण बड़ी संख्या में मौके पर पहुंच गए, और घटनास्थल पर शोक तथा आक्रोश का माहौल देखा गया। ग्रामीणों का कहना है कि क्षेत्र में ओवरलोड वाहनों का संचालन लगातार जारी है, जिससे आए दिन दुर्घटनाओं की आशंका बनी रहती है। मृतक रज्जू प्रसाद सेन अपने परिवार के एकमात्र कमाने वाले सदस्य थे, और उनके परिवार में दो विवाह योग्य बेटियाँ हैं। इस अचानक हुए हादसे ने परिवार को गहरे आर्थिक और मानसिक संकट में डाल दिया है। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है और पूरे गांव में मातम पसरा हुआ है। ग्रामीणों ने प्रशासन से पीड़ित परिवार को आर्थिक सहायता प्रदान करने तथा दुर्घटना के लिए जिम्मेदार वाहन चालक के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की मांग की है। फिलहाल, पुलिस इस मामले की जांच में जुटी हुई है और दुर्घटना के संबंध में आवश्यक कानूनी कार्रवाई की जा रही है।4
- प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी एवं मध्य प्रदेश के मुखिया डॉक्टर मोहन यादव द्वारा शुरू की गई जनकल्याणकारी योजनाओं के तहत नगर परिषद ककरहटी में एक तीन दिवसीय जन कल्याणकारी शिविर का आयोजन किया गया। इस शिविर के दौरान, विभिन्न योजनाओं में पात्र हितग्राहियों ने अपने आवेदन प्रस्तुत किए। संबंधित विभागों के अधिकारियों एवं कर्मचारियों ने इन आवेदनों पर त्वरित कार्यवाही करते हुए, हितग्राहियों की समस्याओं का निवारण किया। इस जन कल्याण शिविर में हितग्राहियों की समस्याओं को सुना गया और उनका समाधान किया गया।1
- पन्ना जिले के गढ़ी पड़रिया क्षेत्र में जल जीवन मिशन के तहत बिछाई गई पाइपलाइन पहली ही बारिश में सवालों के घेरे में आ गई है। बताया गया है कि सिर्फ आधे घंटे की तेज बारिश में पटपरिया रपटा के पास डाली गई यह पाइपलाइन बह गई और बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई। ग्रामीणों का आरोप है कि जल निगम द्वारा कराए गए इस कार्य में गुणवत्ता का बिल्कुल भी ध्यान नहीं रखा गया, जिसके परिणामस्वरूप यह स्थिति बनी है। बारिश के पानी के तेज बहाव में पाइपलाइन का इस तरह बह जाना, निर्माण कार्य की मजबूती और उसकी घटिया गुणवत्ता की पोल खोलता है। इस घटना के बाद, ग्रामीणों ने संबंधित विभाग से इस पूरे मामले की गहन जांच कराने, दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने और क्षतिग्रस्त पाइपलाइन को जल्द से जल्द दुरुस्त कराने की मांग की है।1
- छतरपुर में जिला प्रशासन ने शुक्रवार सुबह पीडब्ल्यूडी के जीर्ण-शीर्ण भवनों को जमींदोज करने के लिए बुलडोजर कार्यवाही शुरू की थी, लेकिन केवल दो या तीन मकान गिराए जाने के बाद ही इसे रोकना पड़ा। मौके पर बड़ी संख्या में पहुंचे आक्रोशित हिंदूवादी संगठनों से जुड़े लोगों ने इस कार्यवाही का कड़ा विरोध किया। उनकी मांग थी कि प्रशासन पहले बड़े भू-माफियों पर बुलडोजर चलाए, उसके बाद ही इन गरीबों को हटाया जाए। बढ़ते विरोध को देखते हुए जिला प्रशासन ने फिलहाल बुलडोजर की कार्यवाही को रोक दिया है। यह कार्यवाही ऐसे समय में हुई, जब बीते दिनों 4 तारीख को टौरिया मुहल्ले में एक परिवार के साथ हुई मामूली दुर्घटना के बाद आरोपियों द्वारा पीड़ित दंपति के साथ बेरहमी से मारपीट की गई थी, जिसके बाद जनसामान्य लगातार बुलडोजर एक्शन की मांग कर रहा था। इसी बीच, प्रशासन ने कोतवाली थाना क्षेत्र अंतर्गत पुराने एसबीआई बैंक के पास करोड़ों की संपत्ति से कब्जा हटाने के उद्देश्य से चिन्हित 10 पीडब्ल्यूडी भवनों पर कार्यवाही शुरू की थी। सुरक्षा के लिहाज से पुलिस, राजस्व, नगरपालिका और पीडब्ल्यूडी विभाग के अधिकारी तथा कर्मचारी बड़ी संख्या में मौके पर मौजूद रहे। हिंदूवादी संगठनों ने अपनी मांग के समर्थन में शनिवार को छतरपुर बंद का आह्वान भी किया है।4
- सतना की बिरला कॉलोनी में एक सनसनीखेज वारदात सामने आई है, जहाँ बीजेपी के पूर्व पार्षद के एल यादव के बेटे विशाल यादव पर जानलेवा हमला किया गया। यह घटना देर रात करीब 2 बजे हुई, जब 8 से 10 युवक उनके घर में घुस आए और विशाल यादव पर चाकुओं से कई बार वार किया। हमलावर विशाल को घायल अवस्था में घर में छोड़कर मौके से फरार हो गए। सुबह होने पर, मॉर्निंग वॉक पर निकले पड़ोसियों ने घटना देखी और अन्य लोगों की सहायता से पुलिस को सूचना दी। घायल विशाल को तुरंत एम्बुलेंस के माध्यम से जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया, लेकिन हालत नाजुक होने के कारण परिजनों द्वारा उन्हें एक निजी अस्पताल में ले जाया गया है।1
- पन्ना जिले के अमानगंज में जेके सीमेंट कंपनी के ट्रालों का कहर लगातार जारी है, जिसके चलते एक और मासूम जिंदगी खत्म हो गई है। इन घटनाओं से यह सवाल उठ रहा है कि क्या लोगों को रोजगार के बजाय सिर्फ मौतें ही मिलेंगी। मासूम की इस दुखद मौत के बाद यह गंभीर प्रश्न चारों ओर गूँज रहा है कि आखिर कब तक जिम्मेदार लोग इस मामले में मौन रहेंगे और कब यह मौत का खेल रुकेगा।1