पन्ना जिले के अजयगढ़ थाना क्षेत्र में शुक्रवार, 12 जून 2026 की शाम लगभग 6 बजे एक दर्दनाक सड़क हादसे में ग्राम छतैनी निवासी 45 वर्षीय रज्जू प्रसाद सेन की मौके पर ही मौत हो गई। बालू से भरे एक कथित ओवरलोड ट्रैक्टर ने उन्हें जोरदार टक्कर मारी और हादसे के बाद ट्रैक्टर चालक मौके से फरार हो गया। इस घटना से पूरे गांव में शोक की लहर दौड़ गई है और मृतक के परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। प्राप्त जानकारी के अनुसार, रज्जू प्रसाद सेन अपने गांव छतैनी से पैदल सड़क किनारे होते हुए हीरापुर की ओर जा रहे थे। इसी दौरान ग्राम हरदी टिकुरिहा की तरफ से आ रहे बालू से भरे ट्रैक्टर ने उन्हें टक्कर मारी। टक्कर इतनी भीषण थी कि रज्जू प्रसाद सेन की मौके पर ही मौत हो गई। घटना की सूचना मिलते ही आसपास के ग्रामीण बड़ी संख्या में मौके पर पहुंच गए, और घटनास्थल पर शोक तथा आक्रोश का माहौल देखा गया। ग्रामीणों का कहना है कि क्षेत्र में ओवरलोड वाहनों का संचालन लगातार जारी है, जिससे आए दिन दुर्घटनाओं की आशंका बनी रहती है। मृतक रज्जू प्रसाद सेन अपने परिवार के एकमात्र कमाने वाले सदस्य थे, और उनके परिवार में दो विवाह योग्य बेटियाँ हैं। इस अचानक हुए हादसे ने परिवार को गहरे आर्थिक और मानसिक संकट में डाल दिया है। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है और पूरे गांव में मातम पसरा हुआ है। ग्रामीणों ने प्रशासन से पीड़ित परिवार को आर्थिक सहायता प्रदान करने तथा दुर्घटना के लिए जिम्मेदार वाहन चालक के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की मांग की है। फिलहाल, पुलिस इस मामले की जांच में जुटी हुई है और दुर्घटना के संबंध में आवश्यक कानूनी कार्रवाई की जा रही है।
पन्ना जिले के अजयगढ़ थाना क्षेत्र में शुक्रवार, 12 जून 2026 की शाम लगभग 6 बजे एक दर्दनाक सड़क हादसे में ग्राम छतैनी निवासी 45 वर्षीय रज्जू प्रसाद सेन की मौके पर ही मौत हो गई। बालू से भरे एक कथित ओवरलोड ट्रैक्टर ने उन्हें जोरदार टक्कर मारी और हादसे के बाद ट्रैक्टर चालक मौके से फरार हो गया। इस घटना से पूरे गांव में शोक की लहर दौड़ गई
है और मृतक के परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। प्राप्त जानकारी के अनुसार, रज्जू प्रसाद सेन अपने गांव छतैनी से पैदल सड़क किनारे होते हुए हीरापुर की ओर जा रहे थे। इसी दौरान ग्राम हरदी टिकुरिहा की तरफ से आ रहे बालू से भरे ट्रैक्टर ने उन्हें टक्कर मारी। टक्कर इतनी भीषण थी कि रज्जू प्रसाद सेन की मौके पर ही मौत हो गई। घटना की सूचना मिलते ही आसपास
के ग्रामीण बड़ी संख्या में मौके पर पहुंच गए, और घटनास्थल पर शोक तथा आक्रोश का माहौल देखा गया। ग्रामीणों का कहना है कि क्षेत्र में ओवरलोड वाहनों का संचालन लगातार जारी है, जिससे आए दिन दुर्घटनाओं की आशंका बनी रहती है। मृतक रज्जू प्रसाद सेन अपने परिवार के एकमात्र कमाने वाले सदस्य थे, और उनके परिवार में दो विवाह योग्य बेटियाँ हैं। इस अचानक हुए हादसे ने परिवार को गहरे
आर्थिक और मानसिक संकट में डाल दिया है। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है और पूरे गांव में मातम पसरा हुआ है। ग्रामीणों ने प्रशासन से पीड़ित परिवार को आर्थिक सहायता प्रदान करने तथा दुर्घटना के लिए जिम्मेदार वाहन चालक के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की मांग की है। फिलहाल, पुलिस इस मामले की जांच में जुटी हुई है और दुर्घटना के संबंध में आवश्यक कानूनी कार्रवाई की जा रही है।
- सिमरिया थाना परिसर में एक 10 फीट लंबा सर्प देखा गया। सिमरिया के सरपंच ने इस सर्प का सफलतापूर्वक रेस्क्यू किया।1
- भीषण गर्मी का सामना कर रहे लोगों को बड़ी राहत मिली है। तेज रफ्तार हवाओं के साथ हुई बारिश से तापमान में गिरावट दर्ज की गई है, जिससे लोगों ने राहत की साँस ली है।1
- पन्ना जिले के अजयगढ़ क्षेत्र में एक दर्दनाक हादसा हो गया, जहाँ एक तेज रफ्तार ट्रैक्टर की टक्कर से परिवार के इकलौते कमाऊ बेटे की मौत हो गई। इस घटना से घर का इकलौता चिराग बुझ गया और बुढ़ापे का सहारा छिन गया। अपने इकलौते बेटे की मौत के बाद न्याय की गुहार लेकर बेबस बुजुर्ग मां पुलिस अधीक्षक (एसपी) कार्यालय पहुंचीं। उन्होंने इस मामले में कार्रवाई की मांग की है और दोषियों के खिलाफ इंसाफ दिलाने की अपील की है।1
- मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने घोषणा की है कि विधानसभा सत्र के दौरान सरकार कई महत्वपूर्ण और समसामयिक विषयों को लेकर आ रही है, जिनमें समान नागरिक संहिता (UCC) विधेयक भी शामिल है। डॉ. यादव ने स्पष्ट किया कि UCC विधेयक इसी सत्र में प्रस्तुत किया जाएगा। उन्होंने इस बात पर भी विश्वास जताया कि बाबा महाकाल की कृपा से यह विधेयक इसी सत्र में पारित हो जाएगा।1
- देश में बैंकिंग सेवाओं को अधिक सुगम बनाने के उद्देश्य से डिजिटल और एटीएम नेटवर्क का लगातार विस्तार किया जा रहा है। सरकार का विशेष ध्यान लोगों को तेज और सुरक्षित बैंकिंग सेवाएं उपलब्ध कराने पर है। इस पहल के परिणामस्वरूप, डिजिटल लेनदेन के साथ-साथ एटीएम सुविधाओं का उपयोग भी लगातार बढ़ रहा है, जिससे आम नागरिकों को बेहतर वित्तीय सेवाएं प्राप्त हो रही हैं।1
- गढ़ी पड़रिया स्थित पवित्र गौरीशंकर मंदिर में प्रत्येक मंगलवार को नियमित रूप से सुन्दरकाण्ड पाठ एवं भजन-कीर्तन का धार्मिक आयोजन किया जा रहा है। इस आयोजन में ग्रामवासी बढ़-चढ़कर सहभागिता निभा रहे हैं, जहाँ श्रद्धालु रामभक्ति में लीन होकर धर्म लाभ प्राप्त कर रहे हैं। हाल ही में हुए एक आयोजन में प्रसाद की व्यवस्था भक्त रतनलाल दहायत द्वारा की गई थी। उनके इस सहयोग के लिए मंदिर समिति और समस्त ग्रामवासियों ने हार्दिक आभार व्यक्त किया है।3
- पन्ना जिले में आदिवासी दलित क्रांति सेना (बुंदेलखंड) की न्याय पदयात्रा को पुलिस प्रशासन द्वारा बीच रास्ते में रोके जाने के बाद भारी आक्रोश और तनाव की स्थिति बन गई। ग्राम लमतरा से शाहनगर जा रही इस पदयात्रा को रोकने पर, संगठन के कार्यकर्ताओं ने उग्र रुख अख्तियार करते हुए लमतरा में ही मुख्य मार्ग पर धरना-प्रदर्शन शुरू कर दिया। यह पदयात्रा आदिवासियों और दलितों के हक तथा विभिन्न स्थानीय मांगों को लेकर आदिवासी दलित क्रांति सेना के पन्ना जिला प्रभारी केपी सिंह बुंदेला के नेतृत्व में निकाली जा रही थी। पुलिस द्वारा बैरिकेडिंग लगाकर शांतिपूर्ण यात्रा रोके जाने पर संगठन के पदाधिकारी और कार्यकर्ता भड़क उठे, जिससे पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच तीखी नोकझोंक भी हुई। जिला प्रभारी केपी सिंह बुंदेला ने प्रशासन के इस कदम को "तानाशाही और लोकतंत्र की हत्या" बताते हुए कहा कि आदिवासी दलित क्रांति सेना पुलिस की लाठी-ताकत से दबने वाली नहीं है और जब तक उनकी मांगें पूरी नहीं होतीं, यह आंदोलन थमेगा नहीं। जैसे ही यात्रा रोके जाने की खबर आस-पास के गांवों में फैली, लमतरा में धरने पर बैठे कार्यकर्ताओं की संख्या लगातार बढ़ने लगी और माहौल बेहद तनावपूर्ण हो गया। संगठन ने चेतावनी दी कि यदि उनके लोकतांत्रिक अधिकारों का दमन किया गया, तो यह आंदोलन पूरे पन्ना जिले में चक्काजाम का रूप ले लेगा। मामले की गंभीरता और बढ़ते आक्रोश को देखते हुए शाहनगर पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी और प्रशासनिक अमला हरकत में आया। अधिकारियों के हस्तक्षेप के बाद, आंदोलनकारियों का एक प्रतिनिधिमंडल तहसीलदार और एसडीएम से मिला। अधिकारियों ने संगठन द्वारा उठाई गई मांगों और समस्याओं पर त्वरित व निष्पक्ष जांच का ठोस आश्वासन दिया। शाहनगर पुलिस और आला अधिकारियों द्वारा उचित कार्रवाई के लिखित/मौखिक आश्वासन के बाद ही आदिवासी दलित क्रांति सेना ने अपना धरना प्रदर्शन समाप्त करने का निर्णय लिया। हालांकि, संगठन ने साफ किया है कि यदि तय समय सीमा के भीतर आदिवासियों और दलितों की समस्याओं का निराकरण नहीं किया गया, तो अगली बार यह क्रांति सेना सीधे जिला मुख्यालय का घेराव करेगी, जिसकी पूरी जिम्मेदारी पन्ना जिला प्रशासन की होगी।1
- दमोह के IAS अधिकारी श्री प्रताप नारायण यादव की उनके नेतृत्व के लिए गहरी प्रशंसा की गई है। इस प्रशंसा में दृढ़ता से कहा गया है कि यदि जिले के मुखिया उनके जैसे हों, तो शोषित, पीड़ित, वंचित और आम जनता को किसी भी प्रकार की समस्याओं का सामना नहीं करना पड़ेगा।1