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सिमरिया थाना परिसर में एक 10 फीट लंबा सर्प देखा गया। सिमरिया के सरपंच ने इस सर्प का सफलतापूर्वक रेस्क्यू किया।
Sitaram rai
सिमरिया थाना परिसर में एक 10 फीट लंबा सर्प देखा गया। सिमरिया के सरपंच ने इस सर्प का सफलतापूर्वक रेस्क्यू किया।
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- सतना जिला अधिवक्ता संघ के 2026-28 चुनावों के लिए अध्यक्ष पद की चुनावी सरगर्मियाँ चरम पर हैं। इस क्रम में, अध्यक्ष पद के प्रबल दावेदार एडवोकेट प्रदीप कुमार पाण्डेय ने मंगलवार को सैकड़ों समर्थक अधिवक्ताओं के साथ जिला निर्वाचन कार्यालय पहुँचकर अपना नामांकन पत्र दाखिल किया। नामांकन दाखिल करने से पहले, प्रदीप पाण्डेय ने अपने समर्थकों संग पूजा-अर्चना कर जीत का आशीर्वाद प्राप्त किया। इसके उपरांत, बड़ी संख्या में अधिवक्ताओं के साथ वे निर्वाचन कार्यालय पहुँचे और विधिवत अपना नामांकन प्रस्तुत किया। इस पूरी प्रक्रिया के दौरान, अधिवक्ता संघ परिसर में जबरदस्त उत्साह का माहौल रहा, जहाँ समर्थकों ने प्रदीप पाण्डेय के समर्थन में जोरदार नारेबाजी की। इस अवसर पर वरिष्ठ अधिवक्ता मुन्नी खान, विष्णु नारायण गर्ग, बी.के. मिश्रा, संतोष यादव, विनोद गौतम, पुष्पेन्द्र बागरी, मोहन यादव, बृजेश यादव, सी.एल. यादव, सुरेंद्र शर्मा, शैलेंद्र सिंह, रज्जन श्रीवास्तव, के.पी. त्रिपाठी, विष्णुकांत पाठक, सुभाष विश्वकर्मा और राजेश खरे 'मंटू भैया' सहित सैकड़ों अधिवक्ता मौजूद रहे। प्रदीप कुमार पाण्डेय के समर्थकों का कहना है कि वे लंबे समय से अधिवक्ताओं की समस्याओं के समाधान और संघ की गरिमा को बढ़ाने में सक्रिय रहे हैं, जिस कारण उन्हें अधिवक्ता समुदाय का व्यापक समर्थन मिल रहा है। जिला अधिवक्ता संघ के अध्यक्ष पद का यह मुकाबला लगातार रोचक होता जा रहा है और नामांकन प्रक्रिया के दौरान उमड़ी भारी भीड़ ने चुनावी माहौल को और गरमा दिया है। अब सभी अधिवक्ताओं की निगाहें आगामी चुनावी चरणों और मतदान पर टिकी हैं।3
- मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने घोषणा की है कि विधानसभा सत्र के दौरान सरकार कई महत्वपूर्ण और समसामयिक विषयों को लेकर आ रही है, जिनमें समान नागरिक संहिता (UCC) विधेयक भी शामिल है। डॉ. यादव ने स्पष्ट किया कि UCC विधेयक इसी सत्र में प्रस्तुत किया जाएगा। उन्होंने इस बात पर भी विश्वास जताया कि बाबा महाकाल की कृपा से यह विधेयक इसी सत्र में पारित हो जाएगा।1
- नागौद राजघराने से जुड़े चर्चित गोलीकांड मामले में अब बाबा राजा (रूपेंद्र सिंह) का पक्ष भी सामने आ गया है। इस घटना को लेकर जिले में गरमागरम बहस छिड़ी हुई है, जहाँ आत्मरक्षा और जानबूझकर किए गए हमले के दावे आमने-सामने हैं। बाबा राजा का कहना है कि उन पर पहले हमला हुआ, उनके साथ मारपीट की गई और अपनी जान का खतरा महसूस होने पर उन्होंने आत्मरक्षा में गोली चलाई। इसके ठीक विपरीत, योगिता सिंह और उनके परिवार का आरोप है कि यह फायरिंग जानबूझकर की गई थी। इस पूरे प्रकरण में कई सवाल खड़े हो रहे हैं, जैसे कि 11 जून को परसमनिया गढ़ी में आखिर क्या हुआ था, और सुनीता सिंह कौन हैं। फिलहाल, सच क्या है, इसका अंतिम फैसला पुलिस जांच, फॉरेंसिक रिपोर्ट और अदालत में सामने आने वाले सबूतों के आधार पर ही होगा।1
- मध्य प्रदेश के सतना जिले के आर्यन ने अपनी कड़ी मेहनत और लगन से असिस्टेंट कमांडेंट का पद हासिल कर जिले का नाम रोशन किया है। अपनी कठिन ट्रेनिंग के दौरान असाधारण प्रदर्शन के लिए उन्हें 'बेस्ट ट्रेनिंग अवॉर्ड' से भी नवाजा गया है। राज्यपाल द्वारा सम्मानित किए जाने का एक वीडियो सोशल मीडिया पर व्यापक रूप से वायरल हो रहा है, जिसमें आर्यन पूरे जोश के साथ मार्च पास्ट करते हुए दिखाई दे रहे हैं। आर्यन की यह उल्लेखनीय सफलता युवाओं के लिए एक बड़ी प्रेरणा के रूप में देखी जा रही है, जिसके लिए पूरा सतना जिला उन्हें बधाई दे रहा है।1
- पन्ना जिले के अमानगंज-सिमरिया रोड स्थित पुरैना क्षेत्र में जेके कंपनी द्वारा कथित अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई को लेकर स्थानीय व्यापारियों में भारी आक्रोश व्याप्त है। व्यापारियों का आरोप है कि तालाब के किनारे रखे उनके टीन शेड और डिब्बीनुमा अस्थायी ढांचे मुख्य सड़क से करीब 30 से 35 फीट की दूरी पर स्थित थे, इसके बावजूद उन्हें ध्वस्त कर दिया गया। प्रभावित व्यापारियों का कहना है कि कार्रवाई के दौरान उन्हें अपना सामान निकालने तक का पर्याप्त समय और मौका नहीं दिया गया, और देखते ही देखते उनकी दुकानें तोड़ दी गईं। इस कार्रवाई के कारण कई परिवारों के सामने रोजी-रोटी का संकट खड़ा हो गया है, क्योंकि स्थानीय लोगों के अनुसार, इन दुकानों से प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से करीब 200 लोगों का रोजगार जुड़ा हुआ था। व्यापारियों ने आरोप लगाया है कि जेके कंपनी स्थानीय लोगों को रोजगार तो दे नहीं रही है, बल्कि छोटे व्यापारियों के पेट पर भी लात मारने का काम कर रही है। उन्होंने इस कार्रवाई को अमानवीय, तानाशाहीपूर्ण और निंदनीय बताते हुए कहा कि यदि सड़क निर्माण या अन्य किसी विकास कार्य के लिए अतिक्रमण हटाना आवश्यक था, तो प्रशासन और कंपनी को पहले नोटिस जारी कर उचित समय देना चाहिए था ताकि दुकानदार अपना सामान सुरक्षित स्थान पर पहुंचा सकें। अब प्रभावित व्यापारियों ने शासन-प्रशासन से मामले की निष्पक्ष जांच कराने, प्रभावित परिवारों को उचित मुआवजा देने और उनके पुनर्वास की व्यवस्था करने की मांग की है। उनका कहना है कि बिना किसी वैकल्पिक व्यवस्था के इस तरह की कार्रवाई गरीब और मेहनतकश परिवारों के साथ अन्याय है। प्रभावित लोगों ने चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगों पर शीघ्र विचार नहीं किया गया, तो वे आंदोलन का रास्ता अपनाने के लिए मजबूर होंगे।1
- चित्रकूट में आषाढ़ की अमावस्या के अवसर पर श्रद्धालुओं की अत्यधिक भीड़ उमड़ पड़ी, जिसने जनसैलाब का रूप ले लिया। यह भीड़ इतनी विशाल थी कि इसने सभी पुराने रिकॉर्ड तोड़ दिए। अमावस्या पर जुटी इस भारी भीड़ के कारण चित्रकूट में 'जम के ऊपर जाम' की स्थिति उत्पन्न हो गई, जिससे वहां से किसी भी तरह निकलना असंभव हो गया था।1
- एक नगरपालिका कर्मचारी से संबंधित मामले में प्रेम प्रसंग, ब्लैकमेलिंग के संदेह और गहरा सस्पेंस होने की बात कही गई है। हालाँकि, यह कर्मचारी कहाँ और किस हाल में मिले, इसकी विस्तृत जानकारी इस पोस्ट में नहीं दी गई है।2
- चित्रकूट के मझगवां थाना क्षेत्र में स्थित चितहरा मोड़ के पास एक भीषण सड़क हादसा हुआ है। GNR कंपनी के एक तेज रफ्तार ट्रक ने पहले से खराब खड़ी एक बस को जोरदार टक्कर मार दी, जिसकी चपेट में एक कार भी आ गई। इस हादसे में कार सवार लोग घायल हुए हैं। सूचना मिलने पर मझगवां थाना प्रभारी आदित्य नारायण सिंह धुर्वे मौके पर पहुँचे और उन्होंने सभी घायलों को तत्काल मझगवां अस्पताल पहुँचाया, जहाँ उनका इलाज जारी है।1