प्रतापगढ़ जिले में शिक्षा विभाग के विद्यालयों एवं कार्यालयों में 385 चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों के नियुक्ति आदेश जारी। प्रतापगढ़ जिले में शिक्षा विभाग के विद्यालयों एवं कार्यालयों में 385 चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों के नियुक्ति आदेश जारी। (रिपोर्टर अनिल जटिया) प्रतापगढ़, 31 जुलाई 2026। राजस्थान कर्मचारी चयन बोर्ड द्वारा चयनित 385 चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों के शिक्षा विभाग, प्रतापगढ़ के विभिन्न राजकीय विद्यालयों एवं कार्यालयों में नियुक्ति आदेश जारी कर दिए गए हैं। जिला शिक्षा अधिकारी (मुख्यालय), प्रतापगढ़ कार्यालय द्वारा अभ्यर्थियों के दस्तावेजों का नियमानुसार सत्यापन एवं ऑनलाइन काउंसलिंग के माध्यम से विद्यालय चयन उपरांत नियुक्ति आदेश जारी किए गए हैं। जिले के प्रत्येक राजकीय विद्यालय में न्यूनतम एक चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी की उपलब्धता सुनिश्चित करने के उद्देश्य से विद्यालयों एवं कार्यालयों में पदस्थापन किया गया है। इससे विद्यालयों को दैनिक प्रशासनिक कार्यों, स्वच्छता व्यवस्था, अभिलेखों के संधारण, कार्यालयीन कार्यों तथा अन्य व्यवस्थाओं के संचालन में पर्याप्त सहायता प्राप्त होगी और विद्यालयों की कार्यप्रणाली अधिक प्रभावी एवं सुचारु रूप से संचालित हो सकेगी। सत्यापन के दौरान प्राप्त अभिलेखों के अनुसार 10 दिव्यांग अभ्यर्थियों तथा 08 ऐसे अभ्यर्थियों, जिन्होंने राजस्थान राज्य के बाहर से माध्यमिक (कक्षा 10) की योग्यता अर्जित की है, के प्रकरणों का विस्तृत परीक्षण किया जा रहा है। इन अभ्यर्थियों के नियुक्ति आदेश विस्तृत जांच एवं नियमानुसार परीक्षण पूर्ण होने के उपरांत पृथक से जारी किए जाएंगे। जिला शिक्षा अधिकारी (मुख्यालय), प्रतापगढ़ कमलेश तेतरवाल ने बताया कि जिन अभ्यर्थियों के नियुक्ति आदेश जारी किए गए हैं, वे अपने नियुक्ति आदेश में अंकित निर्देशों के अनुसार आवश्यक दस्तावेजों सहित दिनांक 14 अगस्त 2026 तक संबंधित विद्यालय अथवा कार्यालय में उपस्थित होकर कार्यग्रहण सुनिश्चित करें। शिक्षा विभाग द्वारा सभी चयनित अभ्यर्थियों को चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी के रूप में चयनित होने पर हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएँ प्रेषित करते हुए उनके सफल एवं उज्ज्वल सेवाकाल की मंगलकामनाएँ व्यक्त की गई हैं।
प्रतापगढ़ जिले में शिक्षा विभाग के विद्यालयों एवं कार्यालयों में 385 चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों के नियुक्ति आदेश जारी। प्रतापगढ़ जिले में शिक्षा विभाग के विद्यालयों एवं कार्यालयों में 385 चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों के नियुक्ति आदेश जारी। (रिपोर्टर अनिल जटिया) प्रतापगढ़, 31 जुलाई 2026। राजस्थान कर्मचारी चयन बोर्ड द्वारा चयनित 385 चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों के शिक्षा विभाग, प्रतापगढ़ के विभिन्न राजकीय विद्यालयों एवं कार्यालयों में नियुक्ति आदेश जारी कर दिए गए हैं। जिला शिक्षा अधिकारी (मुख्यालय), प्रतापगढ़ कार्यालय द्वारा अभ्यर्थियों के दस्तावेजों का नियमानुसार सत्यापन एवं ऑनलाइन काउंसलिंग के माध्यम से विद्यालय चयन उपरांत नियुक्ति आदेश जारी किए गए हैं। जिले के प्रत्येक राजकीय विद्यालय में न्यूनतम एक चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी की उपलब्धता सुनिश्चित करने के उद्देश्य से विद्यालयों एवं कार्यालयों में पदस्थापन किया गया है। इससे विद्यालयों को दैनिक प्रशासनिक कार्यों, स्वच्छता व्यवस्था, अभिलेखों के संधारण, कार्यालयीन कार्यों तथा अन्य व्यवस्थाओं के संचालन में पर्याप्त सहायता प्राप्त होगी और विद्यालयों की कार्यप्रणाली अधिक प्रभावी एवं सुचारु रूप से संचालित हो सकेगी। सत्यापन के दौरान प्राप्त अभिलेखों के अनुसार 10 दिव्यांग अभ्यर्थियों तथा 08 ऐसे अभ्यर्थियों, जिन्होंने राजस्थान राज्य के बाहर से माध्यमिक (कक्षा 10) की योग्यता अर्जित की है, के प्रकरणों का विस्तृत परीक्षण किया जा रहा है। इन अभ्यर्थियों के नियुक्ति आदेश विस्तृत जांच एवं नियमानुसार परीक्षण पूर्ण होने के उपरांत पृथक से जारी किए जाएंगे। जिला शिक्षा अधिकारी (मुख्यालय), प्रतापगढ़ कमलेश तेतरवाल ने बताया कि जिन अभ्यर्थियों के नियुक्ति आदेश जारी किए गए हैं, वे अपने नियुक्ति आदेश में अंकित निर्देशों के अनुसार आवश्यक दस्तावेजों सहित दिनांक 14 अगस्त 2026 तक संबंधित विद्यालय अथवा कार्यालय में उपस्थित होकर कार्यग्रहण सुनिश्चित करें। शिक्षा विभाग द्वारा सभी चयनित अभ्यर्थियों को चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी के रूप में चयनित होने पर हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएँ प्रेषित करते हुए उनके सफल एवं उज्ज्वल सेवाकाल की मंगलकामनाएँ व्यक्त की गई हैं।
- नशे से दूरी" फुटबॉल टूर्नामेंट में बवाल! 1-0 की हार के बाद खिलाड़ियों पर कथित हमला, खेल भावना पर उठे सवाल; कार्रवाई नहीं हुई तो NFA ने टूर्नामेंट के बहिष्कार की दी चेतावनी फाइनल नहीं खेलेंगे1
- मन्दसौर कांग्रेस नेता एवं जिला पंचायत सदस्य दीपक गुर्जर और उनके साथियों पर पुलिस ने दर्ज किया मुकदमा दीपक गुर्जर एवं साथियों पर मुकदमा दर्ज1
- 2.0 का समापन: पुलिस कप फुटबॉल टूर्नामेंट के जरिए दिया नशामुक्त समाज का संदेश नीमच। "नशे से दूरी है ज़रूरी" अभियान 2.0 के अंतिम दिवस जिला पुलिस नीमच द्वारा आयोजित पुलिस कप फुटबॉल टूर्नामेंट का भव्य समापन किया गया। प्रतियोगिता का उद्देश्य युवाओं को खेलों के प्रति प्रेरित करते हुए नशे से दूर रहने का संदेश देना था। टूर्नामेंट के समापन अवसर पर फाइनल मुकाबला रोमांचक माहौल में खेला गया, जिसमें खिलाड़ियों ने उत्कृष्ट खेल भावना का प्रदर्शन किया। विजेता एवं उपविजेता टीमों को अतिथियों द्वारा ट्रॉफी एवं पुरस्कार प्रदान कर सम्मानित किया गया। इस अवसर पर पुलिस अधिकारियों ने कहा कि खेल युवाओं को अनुशासन, आत्मविश्वास और स्वस्थ जीवनशैली की ओर प्रेरित करते हैं। नशे से दूर रहकर खेलों को अपनाने से न केवल व्यक्ति का भविष्य उज्ज्वल बनता है, बल्कि समाज भी सुरक्षित और स्वस्थ बनता है। कार्यक्रम में खिलाड़ियों, खेल प्रेमियों, जनप्रतिनिधियों एवं बड़ी संख्या में आमजन की उपस्थिति रही। जिला पुलिस ने सभी नागरिकों से नशे के खिलाफ जागरूकता फैलाने और नशामुक्त समाज के निर्माण में सहयोग करने की अपील की। जिला पुलिस नीमच का "नशे से दूरी है ज़रूरी" अभियान 2.0 खेल, जनजागरूकता और सामाजिक सहभागिता के साथ सफलतापूर्वक संपन्न हुआ।1
- रतलाम जिले के ग्राम ढोढर में अभी-अभी हवा के साथ जोरदार बारिश।1
- NEWS:- नीमच में खेल मैदान बचाने के लिए सड़कों पर उतरे खिलाड़ी मनासा।नीमच में शनिवार को विरोध का एक अनोखा और रचनात्मक तरीका देखने को मिला। शहर के खिलाड़ियों ने ऐतिहासिक खेल मैदान को बचाने की मांग को लेकर सड़क को ही खेल का मैदान बना दिया। भारत माता चौराहे पर क्रिकेट और फुटबॉल खेलकर खिलाड़ियों ने प्रशासन तक अपना संदेश पहुंचाने की कोशिश की शासकीय बालक उच्चतर माध्यमिक विद्यालय क्रमांक-2 के खेल मैदान पर प्रस्तावित सांदीपनि सीएम राइज स्कूल के निर्माण के विरोध में खेल मैदान बचाओ संघर्ष समिति के बैनर तले सैकड़ों खिलाड़ी, खेल प्रेमी और नागरिक एकत्र हुए। सड़क पर क्रिकेट और फुटबॉल खेलते खिलाड़ियों को देखकर राहगीर भी कुछ देर के लिए रुक गए।प्रदर्शनकारियों का कहना है कि उनका विरोध स्कूल निर्माण से नहीं है। उनका कहना है कि शिक्षा और खेल दोनों समाज के लिए समान रूप से जरूरी हैं। इसलिए स्कूल का निर्माण किसी वैकल्पिक सरकारी भूमि पर किया जाए, जबकि इस ऐतिहासिक खेल मैदान को सुरक्षित रखा जाए। खिलाड़ियों का कहना है कि इसी मैदान से कई खिलाड़ी राज्य और राष्ट्रीय स्तर तक पहुंचे हैं। वर्षों से यह मैदान क्रिकेट, फुटबॉल, हॉकी और एथलेटिक्स जैसी खेल गतिविधियों का प्रमुख केंद्र रहा है। उनका कहना है कि यदि मैदान खत्म हुआ तो हजारों खिलाड़ियों के अभ्यास का सबसे बड़ा स्थान भी समाप्त हो जाएगा। संघर्ष समिति के अनुसार प्रस्तावित करीब 39 करोड़ 23 लाख रुपये की परियोजना के तहत मैदान पर निर्माण की योजना है। इसी के विरोध में पहले ज्ञापन, धरना, जनप्रतिनिधियों से मुलाकात और अन्य चरणों में आंदोलन किया जा चुका है। अब सड़क पर खेलकर विरोध दर्ज कराया गया है। प्रदर्शन में विभिन्न खेल क्लबों के सदस्य, राज्य स्तरीय खिलाड़ी, मॉर्निंग वॉकर्स और बड़ी संख्या में नागरिक शामिल हुए। समिति ने स्पष्ट किया कि यह किसी व्यक्ति या राजनीतिक दल के खिलाफ नहीं, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के खेल और भविष्य को बचाने की लड़ाई है। अब देखना होगा कि खिलाड़ियों के इस अनोखे विरोध के बाद प्रशासन क्या फैसला लेता है।1
- पूर्व जन्म के कर्म और इस जन्म के कर्ज लेकर हुई मृत्यु की सज़ा का गहन संदेश देने वाली, असम के गुवाहाटी शहर में घटी एक सच्ची घटना पर आधारित यह प्रस्तुति मन को झकझोर देने वाली है। पूर्व जन्म के कर्म और इस जन्म के कर्ज लेकर हुई मृत्यु की सज़ा का गहन संदेश देने वाली, असम के गुवाहाटी शहर में घटी एक सच्ची घटना पर आधारित यह प्रस्तुति मन को झकझोर देने वाली है। जीवन के कर्म-सिद्धांत को सरल भाषा में समझाती सदाबहार यह वीडियो क्लिप न केवल देखने योग्य है, बल्कि आत्ममंथन के लिए भी प्रेरित करती है। यह कथा हमें याद दिलाती है कि जीवन में किया गया हर कर्म अपना लेखा-जोखा लेकर आता है।1
- अवैध जुआ-सट्टा पर नीमच सिटी पुलिस की बड़ी कार्रवाई, कालु दस्सा उर्फ मोहम्मद आरिफ जेल भेजा गया नीमच। थाना नीमच सिटी पुलिस ने अवैध जुआ-सट्टा के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए फरार आरोपी कालु दस्सा उर्फ मोहम्मद आरिफ निवासी बघाना को गिरफ्तार कर जिला जेल भेज दिया। पुलिस के अनुसार 10 जुलाई 2026 को बरुखेड़ा श्मशान घाट के पास दबिश देकर तीन जुआरियों को पकड़कर 25,500 रुपये, ताश के पत्ते और दो मोटरसाइकिल जब्त की गई थीं। पूछताछ में आरोपियों ने बताया था कि कालु दस्सा वहां अवैध रूप से नाल काटकर जुआ खिलाता था। आरोपी फरार चल रहा था, जिसे अब गिरफ्तार कर वैधानिक कार्रवाई के बाद जेल भेजा गया। उसके विरुद्ध जिला बदर की कार्रवाई भी प्रस्तावित की गई है।1