हिंदी हमारी संस्कृति और ज्ञान परंपरा की धरोहर विद्यार्थीयों ने भाषण में रखे विचार हिंदी हमारी संस्कृति और ज्ञान परंपरा की धरोहर : विद्यार्थियों ने भाषण में रखे विचार हिंदी दिवस पखवाड़े के तहत विज्ञान कॉलेज में भाषण प्रतियोगिता, श्रुति शर्मा रहीं प्रथम पांढुर्णा। हिंदी दिवस पखवाड़े के अंतर्गत प्रधानमंत्री कॉलेज ऑफ एक्सीलेंस शासकीय विज्ञान महाविद्यालय पांढुर्णा में बुधवार को भाषण प्रतियोगिता आयोजित की गई। मध्यप्रदेश शासन, उच्च शिक्षा विभाग के निर्देशानुसार भारतीय ज्ञान परंपरा के त्रैमासिक कैलेंडर के तहत आयोजित प्रतियोगिता में विद्यार्थियों ने ‘भारतीय ज्ञान परंपरा में हिंदी भाषा और साहित्य की भूमिका’ विषय पर अपने विचार रखे। महाविद्यालय की प्राचार्य डॉ. शहनाज खान के मार्गदर्शन में आयोजित प्रतियोगिता में छात्र-छात्राओं ने हिंदी भाषा के सांस्कृतिक, साहित्यिक और ज्ञानात्मक महत्व को रेखांकित किया। प्रतियोगिता में कुमारी श्रुति शर्मा ने प्रथम स्थान प्राप्त किया। हिंदी विभाग के प्राध्यापक प्रो. गणेश कुमार तुमडाम ने कहा कि हिंदी भारतीय संस्कृति और ज्ञान परंपरा की महत्वपूर्ण धरोहर है। भारतीय ज्ञान परंपरा के संरक्षण और संवर्धन में हिंदी भाषा एवं साहित्य की भूमिका महत्वपूर्ण है। कार्यक्रम में डॉ. एल.एल. राऊत, भारतीय ज्ञान परंपरा प्रभारी प्रो. रविंद्र बंसोड़, प्रो. पवन कुमार कोडापे, डॉ. ए. मंसूरी, भोजराज कराले सहित महाविद्यालयीन स्टाफ एवं छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।
हिंदी हमारी संस्कृति और ज्ञान परंपरा की धरोहर विद्यार्थीयों ने भाषण में रखे विचार हिंदी हमारी संस्कृति और ज्ञान परंपरा की धरोहर : विद्यार्थियों ने भाषण में रखे विचार हिंदी दिवस पखवाड़े के तहत विज्ञान कॉलेज में भाषण प्रतियोगिता, श्रुति शर्मा रहीं प्रथम पांढुर्णा। हिंदी दिवस पखवाड़े के अंतर्गत प्रधानमंत्री कॉलेज ऑफ एक्सीलेंस शासकीय विज्ञान महाविद्यालय पांढुर्णा में बुधवार को भाषण प्रतियोगिता आयोजित की गई। मध्यप्रदेश शासन, उच्च शिक्षा विभाग के निर्देशानुसार भारतीय ज्ञान परंपरा के त्रैमासिक कैलेंडर के तहत आयोजित प्रतियोगिता में विद्यार्थियों ने ‘भारतीय ज्ञान परंपरा में हिंदी भाषा और साहित्य की भूमिका’ विषय पर अपने विचार रखे। महाविद्यालय
की प्राचार्य डॉ. शहनाज खान के मार्गदर्शन में आयोजित प्रतियोगिता में छात्र-छात्राओं ने हिंदी भाषा के सांस्कृतिक, साहित्यिक और ज्ञानात्मक महत्व को रेखांकित किया। प्रतियोगिता में कुमारी श्रुति शर्मा ने प्रथम स्थान प्राप्त किया। हिंदी विभाग के प्राध्यापक प्रो. गणेश कुमार तुमडाम ने कहा कि हिंदी भारतीय संस्कृति और ज्ञान परंपरा की महत्वपूर्ण धरोहर है। भारतीय ज्ञान परंपरा के संरक्षण और संवर्धन में हिंदी भाषा एवं साहित्य की भूमिका महत्वपूर्ण है। कार्यक्रम में डॉ. एल.एल. राऊत, भारतीय ज्ञान परंपरा प्रभारी प्रो. रविंद्र बंसोड़, प्रो. पवन कुमार कोडापे, डॉ. ए. मंसूरी, भोजराज कराले सहित महाविद्यालयीन स्टाफ एवं छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।
- छिंदवाड़ा में स्व सहायता समूहों से जुड़ी महिलाओं ने अपनी विभिन्न समस्याओं और लंबित मांगों को लेकर मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा है। समूहों ने समय पर भुगतान और खाद्यान्न की पर्याप्त उपलब्धता सहित कई मांगें उठाई हैं। महिला स्व सहायता समूह महासंघ और रसोइया संघ से जुड़ी महिलाओं ने ज्ञापन के माध्यम से बताया कि सांझा योजना के तहत बच्चों को नाश्ता और भोजन उपलब्ध कराने में समूह लगातार काम कर रहे हैं, लेकिन उन्हें भुगतान में तीन से चार माह तक की देरी का सामना करना पड़ रहा है। समूहों ने हर माह निर्धारित समय पर भुगतान करने और वर्तमान में मिल रहे खाद्यान्न एवं राशि को बढ़ाकर वास्तविक आवश्यकता के अनुसार 100 प्रतिशत उपलब्ध कराने की मांग की है। महिलाओं का कहना है कि समय पर भुगतान नहीं मिलने से उन्हें कर्ज लेकर योजना का संचालन करना पड़ रहा है।4
- पिपलढाना के ग्रामीण जान जोखिम में डालकर कर रहे नदी पार, ग्रामीणों ने पुल निर्माण की मांग भीमपुर विकासखण्ड क्षेत्र के पिपलढाना में आजादी से लेकर आज तक नदी पर पुल निर्माण कार्य नहीं होने से ग्रामीण आज भी जान जोखिम में डालकर नदी पार करने को मजबूर हैं। यह खतरा तब और बढ़ जाता है जब नदी में बहाव तेज रहता है। ग्रामीणों ने बताया कि स्कूल के बच्चे,शिक्षक एवं आवश्यक कार्य के लिए इसी नदी को पार कर अनय गांवों में जाना पड़ता है, ग्रामीणों ने दर्जनों बार शासन प्रशासन और जनप्रतिनिधियों से पुल निर्माण की गुहार लगाई परन्तु आज तक समस्या का समाधान नहीं हो पाया। ग्रामीणों ने पिपलढाना और सोतखेडा के बीच नदी पर पुल निर्माण की मांग की है।1
- khabar शहर के,,,हिंदी दिवस पर हुई चर्च,,, मुखेड़ बचाओ आंदोलन धरना में रखी मांग शहर और जिले के प्रमुख खबरें में कांग्रेस सेवा दल ने बनाया हिंदी दिवस हुई परी चर्चा मुखेड़ बचाओ आंदोलन धरना में रखी मांग जिले का ही रहने दे हिस्सा मुखेड़ ब्लॉक कांग्रेस कमेटी ने आंदोलन कर अपनी महत्वपूर्ण मांगों का सोपा ज्ञापन छोटा तालाब कुंड की हुई साफ सफाई नगर पालिका निगम द्वारा इस तरह की तैयारी कर ली गई है कुंदन की साफ सफाई के अलावा सुरक्षा व्यवस्था कभी रुकता इंतजाम किए गए नगर निगम के हेल्थ ऑफिसर अनिल मालवीय ने बताया कि पिछले एक सप्ताह से छोटा तालाब तथा फुलेरा विसर्जन को लेकर अलग से कुंड बनाए गए ।।। जगह जगह विराजे गणपति जी1
- धर्मांतरण मामले में अमला पुलिस की कार्रवाई1
- 🌊 ताप्ती नदी में नहाने के दौरान 20 वर्षीय युवक बहा 📍 भीमपुर/बैतूल: ग्राम घोघरा स्थित ताप्ती नदी घाट पर मंगलवार दोपहर बरहापुर निवासी पवन सोनारे (20) नहाने के दौरान तेज बहाव की चपेट में आकर बह गया। 🚨 घटना की सूचना के बाद SDRF की टीम ने सर्च ऑपरेशन शुरू कर दिया है। नदी में तेज बहाव और अधिक गहराई के कारण तलाश में कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। 🙏 परिजनों और ग्रामीणों की मौजूदगी में युवक की तलाश जारी है। #Betul #Bhimpur #TaptiRiver #SDRF #SearchOperation MadhyaPradesh LocalNews BetulNews ApnaEpaper1
- कोटकासा में ग्रामीणों ने चलाया नशामुक्ति अभियान पुलिस प्रशासन ने किया सहयोग *कोटकासा में ग्रामीणों ने चलाया नशामुक्ति अभियान* _महुआ की कच्ची शराब बनाने वालों को दी सख्त हिदायत, महिलाओं ने नारेबाजी कर ग्रामीणों को किया जागरूक_ सी टाइम्स कुरई - बादलपार चौकी क्षेत्र के ग्राम कोटकासा में ग्रामीणों ने एकजुट होकर नशे के खिलाफ अभियान चलाया। गांव को शराब एवं अन्य नशीले पदार्थों से मुक्त करने के उद्देश्य से आयोजित इस अभियान में बड़ी संख्या में ग्रामीणों के साथ महिलाओं ने भी सक्रिय भागीदारी निभाई। ग्रामीणों ने सामूहिक रूप से संकल्प लिया कि गांव में किसी भी प्रकार के नशीले पदार्थों के सेवन, निर्माण और बिक्री को बढ़ावा नहीं दिया जाएगा। अभियान के दौरान ग्रामीणों ने विशेष रूप से कच्ची महुआ शराब बनाने वालों को सख्त हिदायत दी कि भविष्य में गांव में शराब का निर्माण नहीं किया जाए। ग्रामीणों ने कहा कि नशे की आदत से परिवारों और समाज पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ता है। इसलिए गांव को नशामुक्त बनाने के लिए सभी ग्रामीणों को मिलकर जिम्मेदारी निभानी होगी। इस दौरान ग्रामीण महिलाओं ने नशे के खिलाफ नारेबाजी करते हुए लोगों को जागरूक किया। महिलाओं ने कहा कि गांव में नशे का चलन समाप्त होने से परिवारों में शांति और बच्चों के भविष्य पर भी सकारात्मक प्रभाव पड़ेगा। उन्होंने ग्रामीणों से अपील की कि नशे से दूर रहें और अन्य लोगों को भी नशामुक्त जीवन जीने के लिए प्रेरित करें। नशामुक्ति अभियान के दौरान बादलपार चौकी प्रभारी इंजन सिंह मार्सकोले सहित पुलिस स्टाफ भी मौजूद रहा। पुलिस की मौजूदगी में ग्रामीणों ने गांव को नशामुक्त रखने के लिए सामूहिक संकल्प लिया। ग्रामीणों ने स्पष्ट किया कि आगे भी गांव में नशे के खिलाफ जागरूकता अभियान जारी रखा जाएगा और नशे से जुड़ी गतिविधियों को रोकने के लिए प्रशासन एवं पुलिस का सहयोग किया जाएगा। ग्राम कोटकासा में ग्रामीणों की इस सामूहिक पहल को गांव को नशामुक्त बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। अभियान के दौरान ग्रामीणों ने एकजुटता दिखाते हुए संदेश दिया कि नशे के खिलाफ लड़ाई केवल प्रशासन की नहीं, बल्कि पूरे समाज की सामूहिक जिम्मेदारी है।1
- अवैध शराब पर पुलिस की बड़ी कार्रवाई महुआ लहान किया नष्ट्र अवैध शराब पर पुलिस की बड़ी कार्रवाई महुआ लहान किया नष्ट्र मुलताई थाना अंतर्गत मासोद पुलिस चौकी क्षेत्र में मध्यप्रदेश एवं महाराष्ट्र की सीमा से लगे ग्रामों में पुलिस की अवैध शराब पर की गई ताबड़तोड़ कार्रवाई से हड़कंप मच गया,बताया जा रहा हैं कि मुलताई एसडीओपी एस. के. सिंह एवं थाना प्रभारी विकास पटेल के मार्गदर्शन में मासोद पुलिस चौकी प्रभारी दिनेश कुमरे के नेतृत्व में पुलिस ने कार्रवाई करते हुए बड़ी मात्रा में महुआ लहान नष्ट्र कर अवैध शराब कारोबारियों की कमर तोड़ दी। उपरोक्त कार्रवाई से अवैध शराब के कारोबार से जुड़े लोगों में हड़कंप मच गया,जानकारी अनुसार अवैध शराब पर आगे भी कार्रवाई जारी रहेंगी।1
- गणेशोत्सव को लेकर छिंदवाड़ा शहर में सुरक्षा व्यवस्था और सख्त कर दी गई है। कोतवाली पुलिस रात-दिन पेट्रोलिंग कर असामाजिक तत्वों पर नजर रख रही है और बाजारों में यातायात व्यवस्था को भी दुरुस्त किया जा रहा है। पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर फव्वारा चौक, गोलगंज, छोटी बाजार, लालबाग, गुलाबरा, सत्संग तिराहा और बस स्टैंड सहित प्रमुख इलाकों में सघन पेट्रोलिंग की जा रही है। पुलिस संदिग्ध लोगों की जांच के साथ यातायात व्यवस्था पर भी लगातार नजर बनाए हुए है। पुलिस का कहना है कि त्योहार के दौरान सुरक्षा व्यवस्था लगातार जारी रहेगी। साथ ही शहरवासियों से किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तत्काल पुलिस को देने की अपील की गई है।4
- पाइपलाइन बिछी, नल भी लगे, फिर भी बूंद-बूंद पानी को तरस रहे ग्रामीण आठनेर के दहीपानी में नल-जल योजना बनी शोपीस, कुएं से पानी ढोने को मजबूर ग्रामीण; टैंकर से जलापूर्ति की मांग आठनेर जनपद पंचायत आठनेर के अंतर्गत ग्राम पंचायत अंबाड़ा के आश्रित ग्राम दहीपानी में पेयजल समस्या ने ग्रामीणों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। ग्रामीणों के अनुसार गांव में नल-जल योजना के तहत पाइपलाइन बिछाई गई है, लेकिन इसके बावजूद नियमित जलापूर्ति नहीं हो पा रही है। नलों तक पानी नहीं पहुंचने के कारण योजना ग्रामीणों के लिए महज पाइपलाइन और नलों तक सीमित होकर रह गई है। पेयजल की समस्या के चलते ग्रामीणों को रोजाना पानी के लिए संघर्ष करना पड़ रहा है। गांव में पर्याप्त और सुचारू जलस्रोत उपलब्ध नहीं होने के कारण लोगों को दूर स्थित कुओं एवं अन्य खुले जलस्रोतों से पानी लाना पड़ रहा है। ग्रामीण रस्सी और डिब्बे के सहारे कुओं से पानी खींचकर उसे घरों तक पहुंचा रहे हैं। मोटरसाइकिल और साइकिल से ढोना पड़ रहा पानी पेयजल संकट का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि ग्रामीणों को पानी के बर्तन मोटरसाइकिल और साइकिल पर रखकर घरों तक ले जाने पड़ रहे हैं। महिलाओं और बच्चों के साथ ग्रामीणों को भी प्रतिदिन पानी की व्यवस्था करने के लिए काफी समय और मेहनत खर्च करनी पड़ रही है। ग्रामीणों का कहना है कि पानी जैसी मूलभूत सुविधा के लिए उन्हें इस तरह परेशान होना पड़ रहा है, जबकि गांव में नल-जल योजना के तहत पाइपलाइन पहले से बिछाई जा चुकी है। यदि योजना की जलापूर्ति व्यवस्था को ठीक कर दिया जाए तो ग्रामीणों की समस्या काफी हद तक दूर हो सकती है। शिकायतों के बाद भी नहीं हुआ स्थायी समाधान ग्रामीणों के मुताबिक पेयजल समस्या को लेकर पंचायत स्तर से लेकर संबंधित जिम्मेदार अधिकारियों तक कई बार जानकारी दी गई है। इसके बावजूद पाइपलाइन में पानी नहीं आने की समस्या का स्थायी समाधान नहीं हो सका है। ग्रामीणों का कहना है कि समस्या केवल गर्मी के दिनों तक सीमित नहीं है, बल्कि अन्य दिनों में भी उन्हें पानी के लिए परेशान होना पड़ता है। ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि गांव में स्थापित नल-जल योजना की तकनीकी जांच कराकर पाइपलाइन, जलस्रोत, मोटर एवं पंपिंग व्यवस्था की स्थिति स्पष्ट की जाए और जो भी कमी है, उसे तत्काल दूर किया जाए। जब तक योजना शुरू नहीं, टैंकर से मिले पानी ग्रामीणों ने मांग की है कि नल-जल योजना को तत्काल चालू कर नियमित जलापूर्ति सुनिश्चित की जाए। साथ ही जब तक पाइपलाइन से पानी की आपूर्ति शुरू नहीं होती, तब तक प्रशासन द्वारा टैंकरों के माध्यम से दहीपानी में पेयजल उपलब्ध कराया जाए, ताकि ग्रामीणों को दूर-दराज के कुओं से पानी ढोने के लिए मजबूर न होना पड़े। ग्रामीणों को उम्मीद है कि प्रशासन मामले को गंभीरता से लेते हुए मौके का निरीक्षण कर जलसंकट का स्थायी समाधान करेगा और नल-जल योजना का लाभ वास्तव में ग्रामीणों तक पहुंचाएगा।3