खाकी के 'विभीषणों' ने फेल किया एसपी का ऑपरेशन: बजरी माफिया के पीछे सायरन बजाते दौड़ी पुलिस कप्तान की गाड़ी, थानेदार देखते रहे तमाशा! खाकी के 'विभीषणों' ने फेल किया एसपी का ऑपरेशन: बजरी माफिया के पीछे सायरन बजाते दौड़ी पुलिस कप्तान की गाड़ी, थानेदार देखते रहे तमाशा! बड़ोदिया से चेतटा तक 20 किमी फिल्मी स्टाइल में पीछा, मलारना डूंगर से बाटोदा की तरफ उड़न छू हुए यमराज बने डंपर; गंगापुर सिटी सदर थाने ने ओढ़ी 'गांधारी' वाली पट्टी विशेष संवाददाता | सवाई माधोपुर / गंगापुर सिटी सवाई माधोपुर की सड़कों पर उस वक्त हाई-वोल्टेज ड्रामा देखने को मिला, जब जिले के पुलिस कप्तान (एसपी) खुद अवैध बजरी से लदे दैत्याकार डंपरों और ट्रैक्टर-ट्रॉलियों के पीछे लग गए। लेकिन खाकी वर्दी में छिपे गद्दारों और माफिया के मजबूत नेटवर्क के आगे जिले के सबसे बड़े अफसर की कोशिशें भी धरी की धरी रह गईं। चंद सिक्कों के लालच में बैठे महकमे के 'विभीषणों' ने ऐसा खेल रचा कि एसपी की गाड़ी को देखते ही माफिया पलक झपकते ही हवा में गायब हो गया। चीखते रहे पुलिस के सायरन, बचकर निकले बजरी के यमदूत प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, बड़ोदिया (बढ़ोतरी) से लेकर चेतटा (चितना) तक का पूरा इलाका किसी सस्पेंस-थ्रिलर फिल्म के सेट में तब्दील हो गया था। बजरी से ओवरलोड दर्जनों डंपर और ट्रैक्टर पूरी रफ्तार से सड़कों को रौंदते हुए भाग रहे थे और उनके पीछे जिले के एसपी का काफिला सायरन बजाते हुए धूल उड़ा रहा था। लेकिन खाकी की नाक के नीचे बैठे मुखबिरों ने माफिया के मोबाइल पर पल-पल की लोकेशन पहले ही लीक कर दी थी। मलारना डूंगर से बाटोदा रूट पर हुआ 'मास्टरमाइंड' गेम जैसे ही एसपी का काफिला चेतटा की ओर मुड़ा, माफिया ने तुरंत रणनीति बदली और बिजली की फुर्ती से गाड़ियों का मुंह मलारना डूंगर से बाटोदा की तरफ मोड़ दिया। एसपी और उनका दस्ता हाथ मलता रह गया और बजरी के भरे डंपर खुलेआम अफसरों को ठेंगा दिखाते हुए रफूचक्कर हो गए। सवाल यह उठता है कि एसपी की गुप्त कार्रवाई की पल-पल की खबर माफिया के वॉट्सऐप और फोन तक इतनी सटीक टाइमिंग के साथ किसने पहुंचाई? गंगापुर सदर थाना: आंखें मूंदे, कान बंद किए बैठा रहा स्टाफ! इस पूरे ऑपरेशन में गंगापुर सिटी सदर थाने की भूमिका सबसे ज्यादा शर्मनाक और सवालों के घेरे में आ गई है। जहां एक तरफ जिले का मुखिया खुद सड़कों पर माफिया को खदेड़ रहा था, वहीं दूसरी तरफ सदर थाना क्षेत्र में पुलिस ने मानो आंखों पर काली पट्टी बांध रखी थी। माफिया के दर्जनों ट्रैक्टर-ट्रॉली थाने की नाक के नीचे से बेखौफ होकर फर्राटा भरते रहे, लेकिन किसी सिपाही तक ने डंडा हिलाने की जहमत नहीं उठाई। जनता पूछ रही सवाल: थानेदार बड़े या कप्तान? अब पूरे क्षेत्र में यह चर्चा जोरों पर है कि जब जिले के एसपी की मौजूदगी के बावजूद बजरी माफिया इस कदर बेखौफ होकर बच निकल सकता है, तो फिर आम आदमी की सुरक्षा का क्या? यह सिर्फ माफिया की हिम्मत नहीं, बल्कि खाकी के उस भ्रष्ट गठजोड़ का खुला प्रदर्शन है जो अपनी ही साख को दांव पर लगाकर अवैध खनन के पैसों पर फल-फूल रहा है। क्या अब उन पुलिसकर्मियों के फोन कॉल खंगाले जाएंगे जिन्होंने अपने ही कप्तान की पीठ में छुरा घोंपा है?
खाकी के 'विभीषणों' ने फेल किया एसपी का ऑपरेशन: बजरी माफिया के पीछे सायरन बजाते दौड़ी पुलिस कप्तान की गाड़ी, थानेदार देखते रहे तमाशा! खाकी के 'विभीषणों' ने फेल किया एसपी का ऑपरेशन: बजरी माफिया के पीछे सायरन बजाते दौड़ी पुलिस कप्तान की गाड़ी, थानेदार देखते रहे तमाशा! बड़ोदिया से चेतटा तक 20 किमी फिल्मी स्टाइल में पीछा, मलारना डूंगर से बाटोदा की तरफ उड़न छू हुए यमराज बने डंपर; गंगापुर सिटी सदर थाने ने ओढ़ी 'गांधारी' वाली पट्टी विशेष संवाददाता | सवाई माधोपुर / गंगापुर सिटी सवाई माधोपुर की सड़कों पर उस वक्त हाई-वोल्टेज ड्रामा देखने को मिला, जब जिले के पुलिस कप्तान (एसपी) खुद अवैध बजरी से लदे दैत्याकार डंपरों और ट्रैक्टर-ट्रॉलियों के पीछे लग गए। लेकिन खाकी वर्दी में छिपे गद्दारों और माफिया के मजबूत नेटवर्क के आगे जिले के सबसे बड़े अफसर की कोशिशें भी धरी की धरी रह गईं। चंद सिक्कों के लालच में बैठे महकमे के 'विभीषणों' ने ऐसा खेल रचा कि एसपी की गाड़ी को देखते ही माफिया पलक झपकते ही हवा में गायब हो गया। चीखते रहे पुलिस के सायरन, बचकर निकले बजरी के यमदूत प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, बड़ोदिया (बढ़ोतरी) से लेकर चेतटा (चितना) तक का पूरा इलाका किसी सस्पेंस-थ्रिलर फिल्म के सेट में तब्दील हो गया था। बजरी से ओवरलोड दर्जनों डंपर और ट्रैक्टर पूरी रफ्तार से सड़कों को रौंदते हुए भाग रहे थे और उनके पीछे जिले के एसपी का काफिला सायरन बजाते हुए धूल उड़ा रहा था। लेकिन खाकी की नाक के नीचे बैठे मुखबिरों ने माफिया के मोबाइल पर पल-पल की लोकेशन पहले ही लीक कर दी थी। मलारना डूंगर से बाटोदा रूट पर हुआ 'मास्टरमाइंड' गेम जैसे ही एसपी का काफिला चेतटा की ओर मुड़ा, माफिया ने तुरंत रणनीति बदली और बिजली की फुर्ती से गाड़ियों का मुंह मलारना डूंगर से बाटोदा की तरफ मोड़ दिया। एसपी और उनका दस्ता हाथ मलता रह गया और बजरी के भरे डंपर खुलेआम अफसरों को ठेंगा दिखाते हुए रफूचक्कर हो गए। सवाल यह उठता है कि एसपी की गुप्त कार्रवाई की पल-पल की खबर माफिया के वॉट्सऐप और फोन तक इतनी सटीक टाइमिंग के साथ किसने पहुंचाई? गंगापुर सदर थाना: आंखें मूंदे, कान बंद किए बैठा रहा स्टाफ! इस पूरे ऑपरेशन में गंगापुर सिटी सदर थाने की भूमिका सबसे ज्यादा शर्मनाक और सवालों के घेरे में आ गई है। जहां एक तरफ जिले का मुखिया खुद सड़कों पर माफिया को खदेड़ रहा था, वहीं दूसरी तरफ सदर थाना क्षेत्र में पुलिस ने मानो आंखों पर काली पट्टी बांध रखी थी। माफिया के दर्जनों ट्रैक्टर-ट्रॉली थाने की नाक के नीचे से बेखौफ होकर फर्राटा भरते रहे, लेकिन किसी सिपाही तक ने डंडा हिलाने की जहमत नहीं उठाई। जनता पूछ रही सवाल: थानेदार बड़े या कप्तान? अब पूरे क्षेत्र में यह चर्चा जोरों पर है कि जब जिले के एसपी की मौजूदगी के बावजूद बजरी माफिया इस कदर बेखौफ होकर बच निकल सकता है, तो फिर आम आदमी की सुरक्षा का क्या? यह सिर्फ माफिया की हिम्मत नहीं, बल्कि खाकी के उस भ्रष्ट गठजोड़ का खुला प्रदर्शन है जो अपनी ही साख को दांव पर लगाकर अवैध खनन के पैसों पर फल-फूल रहा है। क्या अब उन पुलिसकर्मियों के फोन कॉल खंगाले जाएंगे जिन्होंने अपने ही कप्तान की पीठ में छुरा घोंपा है?
- खाकी के 'विभीषणों' ने फेल किया एसपी का ऑपरेशन: बजरी माफिया के पीछे सायरन बजाते दौड़ी पुलिस कप्तान की गाड़ी, थानेदार देखते रहे तमाशा! खाकी के 'विभीषणों' ने फेल किया एसपी का ऑपरेशन: बजरी माफिया के पीछे सायरन बजाते दौड़ी पुलिस कप्तान की गाड़ी, थानेदार देखते रहे तमाशा! बड़ोदिया से चेतटा तक 20 किमी फिल्मी स्टाइल में पीछा, मलारना डूंगर से बाटोदा की तरफ उड़न छू हुए यमराज बने डंपर; गंगापुर सिटी सदर थाने ने ओढ़ी 'गांधारी' वाली पट्टी विशेष संवाददाता | सवाई माधोपुर / गंगापुर सिटी सवाई माधोपुर की सड़कों पर उस वक्त हाई-वोल्टेज ड्रामा देखने को मिला, जब जिले के पुलिस कप्तान (एसपी) खुद अवैध बजरी से लदे दैत्याकार डंपरों और ट्रैक्टर-ट्रॉलियों के पीछे लग गए। लेकिन खाकी वर्दी में छिपे गद्दारों और माफिया के मजबूत नेटवर्क के आगे जिले के सबसे बड़े अफसर की कोशिशें भी धरी की धरी रह गईं। चंद सिक्कों के लालच में बैठे महकमे के 'विभीषणों' ने ऐसा खेल रचा कि एसपी की गाड़ी को देखते ही माफिया पलक झपकते ही हवा में गायब हो गया। चीखते रहे पुलिस के सायरन, बचकर निकले बजरी के यमदूत प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, बड़ोदिया (बढ़ोतरी) से लेकर चेतटा (चितना) तक का पूरा इलाका किसी सस्पेंस-थ्रिलर फिल्म के सेट में तब्दील हो गया था। बजरी से ओवरलोड दर्जनों डंपर और ट्रैक्टर पूरी रफ्तार से सड़कों को रौंदते हुए भाग रहे थे और उनके पीछे जिले के एसपी का काफिला सायरन बजाते हुए धूल उड़ा रहा था। लेकिन खाकी की नाक के नीचे बैठे मुखबिरों ने माफिया के मोबाइल पर पल-पल की लोकेशन पहले ही लीक कर दी थी। मलारना डूंगर से बाटोदा रूट पर हुआ 'मास्टरमाइंड' गेम जैसे ही एसपी का काफिला चेतटा की ओर मुड़ा, माफिया ने तुरंत रणनीति बदली और बिजली की फुर्ती से गाड़ियों का मुंह मलारना डूंगर से बाटोदा की तरफ मोड़ दिया। एसपी और उनका दस्ता हाथ मलता रह गया और बजरी के भरे डंपर खुलेआम अफसरों को ठेंगा दिखाते हुए रफूचक्कर हो गए। सवाल यह उठता है कि एसपी की गुप्त कार्रवाई की पल-पल की खबर माफिया के वॉट्सऐप और फोन तक इतनी सटीक टाइमिंग के साथ किसने पहुंचाई? गंगापुर सदर थाना: आंखें मूंदे, कान बंद किए बैठा रहा स्टाफ! इस पूरे ऑपरेशन में गंगापुर सिटी सदर थाने की भूमिका सबसे ज्यादा शर्मनाक और सवालों के घेरे में आ गई है। जहां एक तरफ जिले का मुखिया खुद सड़कों पर माफिया को खदेड़ रहा था, वहीं दूसरी तरफ सदर थाना क्षेत्र में पुलिस ने मानो आंखों पर काली पट्टी बांध रखी थी। माफिया के दर्जनों ट्रैक्टर-ट्रॉली थाने की नाक के नीचे से बेखौफ होकर फर्राटा भरते रहे, लेकिन किसी सिपाही तक ने डंडा हिलाने की जहमत नहीं उठाई। जनता पूछ रही सवाल: थानेदार बड़े या कप्तान? अब पूरे क्षेत्र में यह चर्चा जोरों पर है कि जब जिले के एसपी की मौजूदगी के बावजूद बजरी माफिया इस कदर बेखौफ होकर बच निकल सकता है, तो फिर आम आदमी की सुरक्षा का क्या? यह सिर्फ माफिया की हिम्मत नहीं, बल्कि खाकी के उस भ्रष्ट गठजोड़ का खुला प्रदर्शन है जो अपनी ही साख को दांव पर लगाकर अवैध खनन के पैसों पर फल-फूल रहा है। क्या अब उन पुलिसकर्मियों के फोन कॉल खंगाले जाएंगे जिन्होंने अपने ही कप्तान की पीठ में छुरा घोंपा है?1
- गंगापुर सिटी में नवदुर्गा सेवा समिति की बैठक में नवरात्रा महोत्सव के आय-व्यय का ब्योरा पेश आगे भी होंगे धार्मिक आयोजन1
- राजकीय जिला चिकित्सालय लालसोट में डॉ. संजय पामेचा का सेवानिवृत्ति समारोह आयोजित *राजकीय जिला चिकित्सालय लालसोट में डॉ. संजय पामेचा का सेवानिवृत्ति समारोह आयोजित* लालसोट। राजकीय जिला चिकित्सालय लालसोट में दिनांक 31 अक्टूबर 2026 को वरिष्ठ चिकित्सा विशेषज्ञ (मेडिसिन) डॉ. संजय पामेचा के सेवानिवृत्त होने के उपलक्ष्य में सम्मान एवं विदाई समारोह का आयोजन किया गया। समारोह में प्रमुख चिकित्सा अधिकारी (PMO) डॉ. राजकुमार सेहरा , उपनियंत्रक डॉ. अनुराग दैमन , एमसीएच विंग प्रभारी डॉ. लक्ष्मीचंद मीणा एवं नर्सिंग अधीक्षक श्री मदनलाल शर्मा सहित चिकित्सालय के समस्त चिकित्सक, समस्त नर्सिंग स्टाफ एवं अन्य अस्पताल कार्मिक उपस्थित रहे। इस अवसर पर चिकित्सालय परिवार द्वारा डॉ. संजय पामेचा का माल्यार्पण कर, साफा पहनाकर एवं स्मृति-चिह्न भेंट कर सम्मान किया गया। वक्ताओं ने डॉ. पामेचा के सेवाकाल के दौरान चिकित्सा क्षेत्र में दिए गए योगदान, समर्पण, कार्यकुशलता एवं मरीजों के प्रति संवेदनशील व्यवहार की सराहना की। उन्होंने कहा कि डॉ. पामेचा ने अपने अनुभव, मार्गदर्शन एवं कर्तव्यनिष्ठा से चिकित्सालय की चिकित्सा सेवाओं को सुदृढ़ बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। उनका सौम्य व्यवहार एवं चिकित्सा के प्रति समर्पण सदैव स्मरणीय रहेगा। कार्यक्रम का मंच संचालन श्री मुरारीलाल शर्मा, फार्मेसिस्ट द्वारा किया गया। समारोह के अंत में चिकित्सालय परिवार की ओर से डॉ. संजय पामेचा को भावभीनी विदाई देते हुए उनके स्वस्थ, सुखद एवं खुशहाल सेवानिवृत्त जीवन की मंगलकामनाएं व्यक्त की गईं। चिकित्सालय परिवार ने कहा कि डॉ. संजय पामेचा का योगदान एवं उनकी सेवाएं सदैव हम सभी के लिए प्रेरणास्रोत रहेंगी।4
- कांग्रेस प्रत्याशियों के समर्थन में परसादी लाल मीणा ने मांगे वोट, बोले- तीनों पंचायतों में भी मिलेगा मुंहतोड़ जवाब लालसोट के डिडवाना में जिला परिषद एवं पंचायत समिति चुनाव में कांग्रेस प्रत्याशियों के समर्थन में पूर्व चिकित्सा एवं स्वास्थ्य मंत्री परसादी लाल मीणा ने जनसंपर्क कर चुनावी सभा को संबोधित किया। इस दौरान उन्होंने भाजपा और विपक्ष पर निशाना साधते हुए कहा कि नगर पालिका चुनाव में जनता ने जैसा जवाब दिया था, वैसा ही जवाब अब तीनों पंचायतों में भी मिलेगा। उन्होंने कहा कि कांग्रेस सरकार के कार्यकाल में बिजली बिल माफी, 25 लाख रुपये तक के मुफ्त इलाज सहित कई जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ आमजन को मिला। अशोक गहलोत सरकार ने क्षेत्र में सड़क, सीसी रोड और चिकित्सा सुविधाओं के विस्तार सहित कई विकास कार्य करवाए। परसादी लाल मीणा ने कहा कि डीडवाना का चुनाव उसके अस्तित्व, पहचान और सम्मान को बचाने का चुनाव है।1
- सामाजिक सरोकार की अनूठी पहल, धानवी फाउंडेशन द्वारा शुरू की गई 'सामाजिक सरोकार की दीवार', सवाई माधोपुर। धानवी फाउंडेशन और विभिन्न सहयोगियों के संयुक्त तत्वाधान में लालसोट हाईवे गणेश होटल के पास बजरिया पर 'सामाजिक सरोकार की दीवार' का शुभारंभ, लोग अपने घरों से साफ-सुथरे और अनुपयोगी कपड़े इस दीवार पर जमा करा सकेंगे, जिन्हें जरूरतमंदों में वितरित किया जाएगा। बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. मनीष शर्मा ने बताया कि आगामी दिनों में ठंड से बचाव के लिए जरूरतमंदों को गर्म कपड़े वितरित किए जाएंगे। कपड़े वितरण और जमा कराने का समय प्रतिदिन सुबह 10:00 बजे से शाम 5:00 बजे तक रहेगा। रणथंभौर हेरिटेज सोसायटी के सचिव कैलाश जैन, पर्यटन विभाग के उपनिदेशक मधुसूदन सिंह, बैंक मैनेजर गजेंद्र सिंह नरूका और पार्षद अनुराधा शर्मा ने फीता काटकर इस सेवा कार्य का उद्घाटन किया।1
- खैरदा मोक्षधाम में फिर चोरी, शटर के ताले तोड़कर सामान ले उड़े चोर सवाई माधोपुर। खैरदा स्थित मोक्षधाम में एक बार फिर चोरी की वारदात सामने आई है। अज्ञात चोरों ने मोक्षधाम के शटर के ताले तोड़कर अंदर रखा सामान चोरी कर लिया। चोरी गए सामान में बड़ा लोहे का बक्सा, घी, चावल, बूरे से भरे स्टील के डिब्बे, ग्लास, कटोरी, कई बाल्टियां, स्टील की कई चरियां तथा मोक्षधाम में एकत्रित करीब 150 रुपये की नकदी शामिल है। घटना की जानकारी मिलने पर मौके से ही पुलिस कंट्रोल रूम को सूचना दी गई। इसके बाद महेंद्र जी कौशल से निवेदन कर शटर की मरम्मत करवाई गई और सुरक्षा के लिहाज से 100 रुपये का नया ताला लगवाया गया। मोक्षधाम जैसी सार्वजनिक एवं धार्मिक उपयोग की जगह पर बार-बार चोरी की घटना होना चिंता का विषय है। स्थानीय लोगों ने ऐसी घटनाओं पर अंकुश लगाने और मोक्षधाम की सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने की आवश्यकता जताई है।1
- पंचायती राज चुनाव से पहले दौसा सदर पुलिस का बड़ा एक्शन: हरियाणा मार्का अवैध अंग्रेजी शराब से भरी स्कॉर्पियो जब्त, 2 तस्कर गिरफ्तार नंबर प्लेट पर मिट्टी पोतकर तस्करी की फिराक में थे बदमाश, पुलिस ने भाण्डारेज दरवाजे के पास घेराबंदी कर दबोचा दौसा। पंचायती राज चुनाव 2026 के मद्देनजर जिले में अवैध गतिविधियों व शराब तस्करी की रोकथाम को लेकर दौसा पुलिस अलर्ट मोड पर है। जिला पुलिस अधीक्षक कुन्दन कंवरिया (IPS) के निर्देश पर सदर थाना पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए हरियाणा निर्मित अवैध अंग्रेजी शराब से भरी एक काली स्कॉर्पियो जब्त की है। पुलिस ने मौके से दो शातिर तस्करों को गिरफ्तार किया है। यह पूरी कार्रवाई अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक शंकरलाल मीना (RPS), वृत्ताधिकारी कपिल (RPS) के सुपरविजन और सदर थानाधिकारी युधिष्ठिर (पु.नि.) के नेतृत्व में अंजाम दी गई। गश्त के दौरान खुली पोल: नंबर प्लेट पर मिट्टी, संदिग्ध हालात में खड़ी थी गाड़ी दिनांक 01.11.2026 को सदर थाने के सउनि बाबूलाल जाप्ते के साथ चुनाव के मद्देनजर गश्त व चेकिंग कर रहे थे। इसी दौरान नगरपालिका भाण्डारेज के दरवाजे के पास एक संदिग्ध काले रंग की स्कॉर्पियो खड़ी नजर आई। शातिरों ने पहचान छिपाने के लिए गाड़ी की नंबर प्लेट पर जानबूझकर मिट्टी पोत रखी थी, जिससे दूर से नंबर दिखाई न दें। पुलिस टीम ने पास जाकर देखा तो गाड़ी का नंबर HR 51 CX 7927 था। तलाशी में मिले 5 कार्टन शराब, दोनों आरोपी मौके से गिरफ्तार देर रात सुनसान जगह पर गाड़ी खड़ी करने का कारण पूछने पर सवार दोनों युवक सकपका गए और कोई संतोषप्रद जवाब नहीं दे सके। संदेह गहराने पर जब पुलिस ने स्कॉर्पियो की तलाशी ली, तो गाड़ी के भीतर 5 कार्टन हरियाणा निर्मित अवैध अंग्रेजी शराब बरामद हुई। परिवहन और कब्जे के संबंध में वैध लाइसेंस व परमिट मांगने पर आरोपी कोई दस्तावेज पेश नहीं कर सके। पुलिस ने आबकारी अधिनियम की धाराओं में मामला दर्ज कर दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तार आरोपियों का ब्योरा अक्ष्या बैरवा (उम्र 30 वर्ष) पुत्र राजू बैरवा, निवासी पाडली, थाना सदर दौसा (हाल निवासी: एच-161, मंगोलपुरी, उत्तर-पश्चिम दिल्ली)। सुनील बैरवा (उम्र 29 वर्ष) पुत्र रामधन बैरवा, निवासी मलवास्या की ढाणी, नांगल गोविन्द, थाना सदर दौसा। पुलिस जब्ती अवैध शराब: 05 कार्टन (हरियाणा निर्मित अंग्रेजी शराब)। परिवहन वाहन: एक काली स्कॉर्पियो (HR 51 CX 7927)। आबकारी एक्ट में केस दर्ज, नेटवर्क खंगालने में जुटी पुलिस सदर थाना पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ आबकारी अधिनियम की धारा 14/54, 19/54 और 54A के तहत प्रकरण संख्या 419/2026 दर्ज कर तफ्तीश शुरू कर दी है। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि हरियाणा से लाई गई यह शराब पंचायती राज चुनाव में मतदाताओं को लुभाने या बांटने के लिए कहां सप्लाई की जानी थी और इस सिंडिकेट में स्थानीय स्तर पर कौन-कौन लोग शामिल हैं। कार्रवाई करने वाली पुलिस टीम थानाधिकारी युधिष्ठिर (पु.नि.), बाबूलाल (स.उ.नि.), बसवीर (हैड कानि. 2076), मुकेश चन्द (कानि. 600), कैलाश प्रसाद (कानि. 487), कौशल कुमार (कानि. 1163) एवं रामेश्वर प्रसाद (कानि. 1089)।1
- कांग्रेस प्रत्याशियों के समर्थन में परसादी लाल मीणा ने मांगे वोट, बोले- तीनों पंचायतों में भी मिलेगा मुंहतोड़ जवाब अशोक गहलोत जैसा काम भजनलाल सरकार की सात पीढ़ियां भी नहीं कर पाएंगी : परसादी लाल मीणा लालसोट। जिला परिषद एवं पंचायत समिति चुनाव में कांग्रेस प्रत्याशियों के समर्थन में पूर्व चिकित्सा एवं स्वास्थ्य मंत्री परसादी लाल मीणा ने जनसंपर्क कर चुनावी सभा को संबोधित किया। इस दौरान उन्होंने भाजपा और विपक्ष पर निशाना साधते हुए कहा कि नगर पालिका चुनाव में जनता ने जैसा जवाब दिया था, वैसा ही जवाब अब तीनों पंचायतों में भी मिलेगा। उन्होंने कहा कि कांग्रेस सरकार के कार्यकाल में बिजली बिल माफी, 25 लाख रुपये तक के मुफ्त इलाज सहित कई जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ आमजन को मिला। अशोक गहलोत सरकार ने क्षेत्र में सड़क, सीसी रोड और चिकित्सा सुविधाओं के विस्तार सहित कई विकास कार्य करवाए। परसादी लाल मीणा ने कहा कि डीडवाना का चुनाव उसके अस्तित्व, पहचान और सम्मान को बचाने का चुनाव है। उन्होंने सरपंच प्रत्याशी दीपक पटेल, पंचायत समिति वार्ड संख्या एक की प्रत्याशी चंद्रकांता शर्मा एवं अन्य कांग्रेस प्रत्याशियों के समर्थन में मतदान की अपील की। इस दौरान पूर्व प्रधान नाथूलाल मीणा, सीताराम मीणा, चांदसेन, दीपक पुरोहित, गौरीशंकर सैनी, कजोड़ देवी सहित कांग्रेस पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता मौजूद रहे।4