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ajj paliya me Mandeep singh ne apne muslim bhaiyon ke sath roja aftari ki hindu, muslim, sikh, isai hum sab hain bhai bhai

3 hrs ago
user_Mandeep Singh
Mandeep Singh
Local Politician पलिया, लखीमपुर खीरी, उत्तर प्रदेश•
3 hrs ago

ajj paliya me Mandeep singh ne apne muslim bhaiyon ke sath roja aftari ki hindu, muslim, sikh, isai hum sab hain bhai bhai

More news from उत्तर प्रदेश and nearby areas
  • दुधवा के खेतों में अब भी जमे हैं विदेशी मेहमान, मौसम बदलने के बावजूद पलिया रेंज के पास दिखी प्रवासी परिंदों की टोली पलिया कलां-खीरी। तराई के इलाकों में मौसम के बदलते मिजाज और बढ़ती तपिश के बीच दुधवा नेशनल पार्क से सटे रिहायशी इलाकों में कुदरत का अनोखा नजारा देखने को मिल रहा है। आमतौर पर इस वक्त तक अधिकांश प्रवासी पक्षी अपने वतन की वापसी की उड़ान भर लेते हैं, लेकिन इस बार पलिया रेंज से सटे खेतों में अब भी इन विदेशी मेहमानों की चहल-पहल बनी हुई है। सात समंदर पार से आए ये परिंदे लहलहाती फसलों के बीच अपना बसेरा डाले हुए हैं, जिससे सीमावर्ती इलाकों का दृश्य बेहद आकर्षक हो गया है। स्थानीय जानकारों के मुताबिक, मार्च का महीना शुरू होते ही तापमान में बढ़ोत्तरी के कारण कई प्रजातियों के पक्षी वापस लौटने लगे हैं, लेकिन पलिया रेंज के तराई वाले खेतों में अब भी भारी संख्या में प्रवासी पक्षी दिखाई दे रहे हैं। भोजन की प्रचुर उपलब्धता और सुरक्षित वातावरण के चलते ये पक्षी अभी भी यहीं डटे हुए हैं। सुबह और शाम के वक्त आसमान में कतारबद्ध होकर उड़ते इन परिंदों की चहचहाहट ग्रामीणों और राहगीरों का मन मोह रही है। वन्यजीव प्रेमियों ने प्रशासन से इन दुर्लभ पक्षियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की अपील की है, ताकि प्रवास के अंतिम दौर में भी ये यहाँ पूरी तरह सुरक्षित रह सकें।
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    दुधवा के खेतों में अब भी जमे हैं विदेशी मेहमान, मौसम बदलने के बावजूद पलिया रेंज के पास दिखी प्रवासी परिंदों की टोली
पलिया कलां-खीरी। तराई के इलाकों में मौसम के बदलते मिजाज और बढ़ती तपिश के बीच दुधवा नेशनल पार्क से सटे रिहायशी इलाकों में कुदरत का अनोखा नजारा देखने को मिल रहा है। आमतौर पर इस वक्त तक अधिकांश प्रवासी पक्षी अपने वतन की वापसी की उड़ान भर लेते हैं, लेकिन इस बार पलिया रेंज से सटे खेतों में अब भी इन विदेशी मेहमानों की चहल-पहल बनी हुई है। सात समंदर पार से आए ये परिंदे लहलहाती फसलों के बीच अपना बसेरा डाले हुए हैं, जिससे सीमावर्ती इलाकों का दृश्य बेहद आकर्षक हो गया है।
स्थानीय जानकारों के मुताबिक, मार्च का महीना शुरू होते ही तापमान में बढ़ोत्तरी के कारण कई प्रजातियों के पक्षी वापस लौटने लगे हैं, लेकिन पलिया रेंज के तराई वाले खेतों में अब भी भारी संख्या में प्रवासी पक्षी दिखाई दे रहे हैं। भोजन की प्रचुर उपलब्धता और सुरक्षित वातावरण के चलते ये पक्षी अभी भी यहीं डटे हुए हैं। सुबह और शाम के वक्त आसमान में कतारबद्ध होकर उड़ते इन परिंदों की चहचहाहट ग्रामीणों और राहगीरों का मन मोह रही है। वन्यजीव प्रेमियों ने प्रशासन से इन दुर्लभ पक्षियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की अपील की है, ताकि प्रवास के अंतिम दौर में भी ये यहाँ पूरी तरह सुरक्षित रह सकें।
    user_FH.NEWS
    FH.NEWS
    Classified ads newspaper publisher पलिया, लखीमपुर खीरी, उत्तर प्रदेश•
    23 hrs ago
  • लखीमपुर खीरी डांगा से सिस्वारी तिकुनिया को जा रहे मार्ग पर टूटी दो पुलिया एक ही मार्ग पर दो पुलिया टूटी हुई मंडी परिषद से बनी हुई मार्ग हुई जर्जर जिस पर नहीं जा रहा किसी भी शासन प्रशासन का ध्यान एक ही मार्ग पर दो पुलिया टूटी हुई जो दे रही मौत को दावत आने जाने वालों को हो रही काफी परेशानियां एक पुलिया मुख्य चौराहा डांगा में जो टूट गई पुलिया दूसरी पुलिया बदाल पूर्वा के पास में जिसको देखने के लिए अभी तक किसी प्रकार का कोई शासन प्रशासन नहीं पहुंचा ग्रामीणों में काफी आक्रोश टूटी हुई पलिया को लेकर
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    लखीमपुर खीरी 
डांगा से सिस्वारी तिकुनिया को जा रहे मार्ग पर टूटी दो पुलिया एक ही मार्ग पर दो पुलिया टूटी हुई 
मंडी परिषद से बनी हुई मार्ग हुई जर्जर जिस पर नहीं जा रहा किसी भी शासन प्रशासन का ध्यान एक ही मार्ग पर दो पुलिया टूटी हुई जो दे रही मौत को दावत आने जाने वालों को हो रही काफी परेशानियां एक पुलिया मुख्य चौराहा डांगा में जो टूट गई पुलिया दूसरी पुलिया बदाल पूर्वा के पास में जिसको देखने के लिए अभी तक किसी प्रकार का कोई शासन प्रशासन नहीं पहुंचा ग्रामीणों में काफी आक्रोश टूटी हुई पलिया को लेकर
    user_Pappu Singh
    Pappu Singh
    Voice of people निघासन, लखीमपुर खीरी, उत्तर प्रदेश•
    3 hrs ago
  • लखीमपुर खीरी में एक और डांसर आया सामने जीसने आपने डांस से लोगों के दील को जीत लिया है सभी क्षेत्रवासि इस लड़के की सराहना करते नहीं थक रहे हैं विडियो देख कर रह जाएंगे हैरान
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    लखीमपुर खीरी में एक और डांसर आया सामने जीसने आपने डांस से लोगों के दील को जीत लिया है सभी क्षेत्रवासि इस लड़के की सराहना करते नहीं थक रहे हैं विडियो देख कर रह जाएंगे हैरान
    user_Reporter nirvendarkumr
    Reporter nirvendarkumr
    निघासन, लखीमपुर खीरी, उत्तर प्रदेश•
    7 hrs ago
  • *वन विभाग टीम को मिली बड़ी सफलता,तेंदुए को पिंजड़े में किया कैद ग्रामीणों में खुशी की लहर वन विभाग टीम की ग्रामीणों में सराहना देखी गई* *जनपद लखीमपुर खीरी* *निघासन क्षेत्र दक्षिण वन रेंज लुधौरी* Rk जाटव जी रिपोर्ट* दक्षिण निघासन रेंज में बिहारीपुरवा गांव के अलावा गोविंदपुर फार्म में लगातार तेंदुए का आतंक ग्रामीणों को सता रहा था,कई पालतू जानवरों को अपना शिकार बनाने के बाद वन दरोगा अखिलेश रावत ने ठीक निशाने पर तेंदुए को पकड़ने का बिछाया जाल,आखिरकार वन दरोगा अखिलेश रावत की टीम को मिली सफलता, लगभग दो घंटे में ही तेंदुआ पिंजड़े में हुआ कैद,आस पास के ग्रामीणों को मिली बड़ी राहत,वन विभाग अपने दावे पर खरा उतरा,वन दरोगा अखिलेश रावत समेत वन कर्मियों की सराहना कर रहे ग्रामीण।
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    *वन विभाग टीम को मिली बड़ी सफलता,तेंदुए को पिंजड़े में किया कैद ग्रामीणों में खुशी की लहर वन विभाग टीम की ग्रामीणों में सराहना देखी गई*
*जनपद लखीमपुर खीरी*
*निघासन क्षेत्र दक्षिण वन रेंज लुधौरी*
Rk जाटव जी रिपोर्ट*
दक्षिण निघासन रेंज में बिहारीपुरवा गांव के अलावा गोविंदपुर फार्म में लगातार तेंदुए का आतंक ग्रामीणों को सता रहा था,कई पालतू जानवरों को अपना शिकार बनाने के बाद वन दरोगा अखिलेश रावत ने ठीक निशाने पर तेंदुए को पकड़ने का बिछाया जाल,आखिरकार वन दरोगा अखिलेश रावत की टीम को मिली सफलता, लगभग दो घंटे में ही तेंदुआ पिंजड़े में हुआ कैद,आस पास के ग्रामीणों को मिली बड़ी राहत,वन विभाग अपने दावे पर खरा उतरा,वन दरोगा अखिलेश रावत समेत वन कर्मियों की सराहना कर रहे ग्रामीण।
    user_राजकुमार जाटव किंग रिपोर्ट
    राजकुमार जाटव किंग रिपोर्ट
    Local News Reporter निघासन, लखीमपुर खीरी, उत्तर प्रदेश•
    10 hrs ago
  • विकासखण्ड कार्यालय अमरिया में ग्राम प्रधानों के साथ गोष्ठी का किया गया आयोजन, सरकार द्वारा संचालित योजनाओं की दी जानकारी पीलीभीत सूचना विभाग 07 मार्च 2026/जिलाधिकारी ज्ञानेन्द्र सिंह द्वारा विकासखण्ड अमरिया के हाॅल में ग्राम प्रधानों के साथ गोष्ठी आयोजित की गई। आयोजित गोष्ठी में ग्राम प्रधानों को जिला स्तरीय अधिकारियों द्वारा शासन द्वारा संचालित जनकल्याणकारी योजनाओं की जानकारी दी गई। मुख्य चिकित्साधिकारी ने आयुष्मान भारत योजना के अन्तर्गत गोल्डन कार्ड बनाए जाने आभा आईडी, 102 तथा 108 एम्बुलेंस के सम्बन्ध में विस्तार पूर्वक बताया गया। उन्होंने बताया कि सरकार द्वारा मोतियाबिन्द के निःशुल्क इलाज व आने जाने की व्यवस्था की गई है, ग्राम प्रधानों से उन्होंने पात्रों को लाभ दिलाए जाने की अपील की। उप निदेशक कृषि ने फार्मर रजिस्ट्री, प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि समस्त कृषक बन्धु फार्मर रजिस्ट्री अनिवार्य रूप से बनवा लें ताकि सरकार द्वारा संचालित योजनाओं का लाभ निर्बाध रूप से मिलता रहे। जिला प्रोबेशन अधिकारी द्वारा कन्या सुमंगला योजना, मुख्यमंत्री बाल सेवा योजना की विस्तार पूर्वक जानकारी दी। उन्होंने कहा कि जिन बच्चों के माता/पिता अथवा दोनों की मृत्यु हो गई है उन बच्चों की सहायता के लिए प्रदेश सरकार द्वारा यह योजना चलाई गई है। जिला समाज कल्याण अधिकारी द्वारा वृद्धावस्था पेंशन, मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना आदि की विस्तार पूर्वक जानकारी दी गई। जिला दिव्यांगजन सशक्तीकरण अधिकारी ने दिव्यांगजनों हेतु दिव्यांग पेंशन, सहायक उपकरण आदि के बारे में बताया। जिलाधिकारी ने कहा कि इस गोष्ठी का उद्देश्य सरकार द्वारा संचालित योजनाओं को आमजन तक पहुंचाना है। उन्होंने ग्राम प्रधानों से पात्र ग्रामीणों को योजनाओं का लाभ दिलाएं जाने की अपील की। उन्होंने कहा कि ऐसे बच्चे जिनके माता/पिता अथवा दोनों की मृत्यु हो गई है, उन बच्चों को मुख्यमंत्री बाल सेवा योजना का लाभ दिलाऐं। उन्होंने कहा कि इस योजना के अन्तर्गत यदि माता/पिता में से किसी एक की मृत्यु हो गई है तो 03 लाख रूपये से कम वार्षिक आय का प्रमाण पत्र होना अनिवार्य है। माता एवं पिता दोनों की मृत्यु होने की दशा में आय प्रमाण पत्र की आवश्यकता नही हैं, इसमें एक बच्चे के लिए 2500/-रू0 तथा दो बच्चों हेतु 5000/- रू0 प्रतिमाह देय है। आयोजित गोष्ठी में मा0 ब्लाक प्रमुख अमरिया, मुख्य चिकित्साधिकारी, जिला विकास अधिकारी, उप जिलाधिकारी अमरिया, उप कृषि निदेशक, सहायक निबन्धक सहकारिता, जिला समाज कल्याण अधिकारी सहित अन्य जिला स्तरीय अधिकारी उपस्थित रहे।
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    विकासखण्ड कार्यालय अमरिया में ग्राम प्रधानों के साथ गोष्ठी का किया गया आयोजन, सरकार द्वारा संचालित योजनाओं की दी जानकारी
पीलीभीत सूचना विभाग 07 मार्च 2026/जिलाधिकारी ज्ञानेन्द्र सिंह द्वारा विकासखण्ड अमरिया के हाॅल में ग्राम प्रधानों के साथ गोष्ठी आयोजित की गई। आयोजित गोष्ठी में ग्राम प्रधानों को जिला स्तरीय अधिकारियों द्वारा शासन द्वारा संचालित जनकल्याणकारी योजनाओं की जानकारी दी गई। मुख्य चिकित्साधिकारी ने आयुष्मान भारत योजना के अन्तर्गत गोल्डन कार्ड बनाए जाने आभा आईडी, 102 तथा 108 एम्बुलेंस के सम्बन्ध में विस्तार पूर्वक बताया गया। उन्होंने बताया कि सरकार द्वारा मोतियाबिन्द के निःशुल्क इलाज व आने जाने की व्यवस्था की गई है, ग्राम प्रधानों से उन्होंने पात्रों को लाभ दिलाए जाने की अपील की। उप निदेशक कृषि ने फार्मर रजिस्ट्री, प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि समस्त कृषक बन्धु फार्मर रजिस्ट्री अनिवार्य रूप से बनवा लें ताकि सरकार द्वारा संचालित योजनाओं का लाभ निर्बाध रूप से मिलता रहे। जिला प्रोबेशन अधिकारी द्वारा कन्या सुमंगला योजना, मुख्यमंत्री बाल सेवा योजना की विस्तार पूर्वक जानकारी दी। उन्होंने कहा कि जिन बच्चों के माता/पिता अथवा दोनों की मृत्यु हो गई है उन बच्चों की सहायता के लिए प्रदेश सरकार द्वारा यह योजना चलाई गई है। जिला समाज कल्याण अधिकारी द्वारा वृद्धावस्था पेंशन, मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना आदि की विस्तार पूर्वक जानकारी दी गई। जिला दिव्यांगजन सशक्तीकरण अधिकारी ने दिव्यांगजनों हेतु दिव्यांग पेंशन, सहायक उपकरण आदि के बारे में बताया। 
जिलाधिकारी ने कहा कि इस गोष्ठी का उद्देश्य सरकार द्वारा संचालित योजनाओं को आमजन तक पहुंचाना है। उन्होंने ग्राम प्रधानों से पात्र ग्रामीणों को योजनाओं का लाभ दिलाएं जाने की अपील की। उन्होंने कहा कि ऐसे बच्चे जिनके माता/पिता अथवा दोनों की मृत्यु हो गई है, उन बच्चों को मुख्यमंत्री बाल सेवा योजना का लाभ दिलाऐं। उन्होंने कहा कि इस योजना के अन्तर्गत यदि माता/पिता में से किसी एक की मृत्यु हो गई है तो 03 लाख रूपये से कम वार्षिक आय का प्रमाण पत्र होना अनिवार्य है। माता एवं पिता दोनों की मृत्यु होने की दशा में आय प्रमाण पत्र की आवश्यकता नही हैं, इसमें एक बच्चे के लिए 2500/-रू0 तथा दो बच्चों हेतु 5000/- रू0 प्रतिमाह देय है। 
आयोजित गोष्ठी में मा0 ब्लाक प्रमुख अमरिया, मुख्य चिकित्साधिकारी, जिला विकास अधिकारी, उप जिलाधिकारी अमरिया, उप कृषि निदेशक, सहायक निबन्धक सहकारिता, जिला समाज कल्याण अधिकारी सहित अन्य जिला स्तरीय अधिकारी उपस्थित रहे।
    user_Shablu khan
    Shablu khan
    Local News Reporter पूरनपुर, पीलीभीत, उत्तर प्रदेश•
    15 min ago
  • Post by यूपी समाचार
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    Post by यूपी समाचार
    user_यूपी समाचार
    यूपी समाचार
    Media house पूरनपुर, पीलीभीत, उत्तर प्रदेश•
    45 min ago
  • पलिया कलां-खीरी। तराई के इलाकों में मौसम के बदलते मिजाज और बढ़ती तपिश के बीच दुधवा नेशनल पार्क से सटे रिहायशी इलाकों में कुदरत का अनोखा नजारा देखने को मिल रहा है। आमतौर पर इस वक्त तक अधिकांश प्रवासी पक्षी अपने वतन की वापसी की उड़ान भर लेते हैं, लेकिन इस बार पलिया रेंज से सटे खेतों में अब भी इन विदेशी मेहमानों की चहल-पहल बनी हुई है। सात समंदर पार से आए ये परिंदे लहलहाती फसलों के बीच अपना बसेरा डाले हुए हैं, जिससे सीमावर्ती इलाकों का दृश्य बेहद आकर्षक हो गया है। स्थानीय जानकारों के मुताबिक, मार्च का महीना शुरू होते ही तापमान में बढ़ोत्तरी के कारण कई प्रजातियों के पक्षी वापस लौटने लगे हैं, लेकिन पलिया रेंज के तराई वाले खेतों में अब भी भारी संख्या में प्रवासी पक्षी दिखाई दे रहे हैं। भोजन की प्रचुर उपलब्धता और सुरक्षित वातावरण के चलते ये पक्षी अभी भी यहीं डटे हुए हैं। सुबह और शाम के वक्त आसमान में कतारबद्ध होकर उड़ते इन परिंदों की चहचहाहट ग्रामीणों और राहगीरों का मन मोह रही है। वन्यजीव प्रेमियों ने प्रशासन से इन दुर्लभ पक्षियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की अपील की है, ताकि प्रवास के अंतिम दौर में भी ये यहाँ पूरी तरह सुरक्षित रह सकें।
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    पलिया कलां-खीरी। तराई के इलाकों में मौसम के बदलते मिजाज और बढ़ती तपिश के बीच दुधवा नेशनल पार्क से सटे रिहायशी इलाकों में कुदरत का अनोखा नजारा देखने को मिल रहा है। आमतौर पर इस वक्त तक अधिकांश प्रवासी पक्षी अपने वतन की वापसी की उड़ान भर लेते हैं, लेकिन इस बार पलिया रेंज से सटे खेतों में अब भी इन विदेशी मेहमानों की चहल-पहल बनी हुई है। सात समंदर पार से आए ये परिंदे लहलहाती फसलों के बीच अपना बसेरा डाले हुए हैं, जिससे सीमावर्ती इलाकों का दृश्य बेहद आकर्षक हो गया है।
स्थानीय जानकारों के मुताबिक, मार्च का महीना शुरू होते ही तापमान में बढ़ोत्तरी के कारण कई प्रजातियों के पक्षी वापस लौटने लगे हैं, लेकिन पलिया रेंज के तराई वाले खेतों में अब भी भारी संख्या में प्रवासी पक्षी दिखाई दे रहे हैं। भोजन की प्रचुर उपलब्धता और सुरक्षित वातावरण के चलते ये पक्षी अभी भी यहीं डटे हुए हैं। सुबह और शाम के वक्त आसमान में कतारबद्ध होकर उड़ते इन परिंदों की चहचहाहट ग्रामीणों और राहगीरों का मन मोह रही है। वन्यजीव प्रेमियों ने प्रशासन से इन दुर्लभ पक्षियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की अपील की है, ताकि प्रवास के अंतिम दौर में भी ये यहाँ पूरी तरह सुरक्षित रह सकें।
    user_FH.NEWS
    FH.NEWS
    Classified ads newspaper publisher पलिया, लखीमपुर खीरी, उत्तर प्रदेश•
    23 hrs ago
  • लखीमपुर खीरी *थाना तिकुनिया क्षेत्र के अंतर्गत ग्राम पंचायत गुलरिया पथर सा के ग्राम डांगा से काटा गया हरा भरा शीशम का पेड़* एक तरफ पर्यावरण बचाओ और दूसरी तरफ पेड़ काट कर उड़ाओ दबंग ठेकेदार बिना परमिट के हरे भरे शीशम के पेड़ को काटने में कोई कसर नहीं छोड़ते जैसे कि आप वीडियो में देख सकते हैं गन्ने के खेत में लगा शीशम का पेड़ डांगा से बदाल पूर्वा रोड के किनारे काट दिया गया और लकड़ी को तुरंत हटा भी दिया गया जबकि बेस कीमती पेड़ों को काटने पर रोक लगी हुई उसके बावजूद भी बिना परमिट के पेड़ को काट दिया जा रहा है जबकि उसके बदले 10 पेड़ लगाने को कहा गया लेकिन वह भी नहीं लग पा रहे हैं आखिरकार कहां से ठेकेदारों को हौसले बुलंद हो रहे हैं जिससे हरे भरे पैरों को काटकर मोटी रकम कमा रहे हैं बना जांच का विषय
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    लखीमपुर खीरी 
*थाना तिकुनिया क्षेत्र के अंतर्गत ग्राम पंचायत गुलरिया पथर सा के ग्राम  डांगा से काटा गया हरा भरा शीशम का पेड़*
एक तरफ पर्यावरण बचाओ और दूसरी तरफ पेड़ काट कर उड़ाओ 
दबंग ठेकेदार बिना परमिट के हरे भरे शीशम के पेड़ को काटने में कोई कसर नहीं छोड़ते जैसे कि आप वीडियो में देख सकते हैं गन्ने के खेत में लगा शीशम का पेड़ डांगा से बदाल पूर्वा रोड के किनारे काट दिया गया और लकड़ी को तुरंत हटा भी दिया गया 
जबकि बेस कीमती पेड़ों को काटने पर रोक लगी हुई उसके बावजूद भी बिना परमिट के पेड़ को काट दिया जा रहा है जबकि उसके बदले 10 पेड़ लगाने को कहा गया लेकिन वह भी नहीं लग पा रहे हैं आखिरकार कहां से ठेकेदारों को हौसले बुलंद हो रहे हैं जिससे हरे भरे पैरों को काटकर मोटी रकम कमा रहे हैं 
बना जांच का विषय
    user_Pappu Singh
    Pappu Singh
    Voice of people निघासन, लखीमपुर खीरी, उत्तर प्रदेश•
    3 hrs ago
  • हजारा,पीलीभीत। वन रेंज सम्पूर्णानगर खीरी क्षेत्र में बाघ के हमले की एक दर्दनाक घटना सामने आई है। ग्राम मझरा पश्चिम के प्रताप नगर में बाघ ने एक व्यक्ति को अपना निवाला बना लिया। शनिवार सुबह गन्ने के खेत से उसका अधखाया शव मिलने के बाद इलाके में दहशत का माहौल बन गया, वहीं ग्रामीणों में वन विभाग के खिलाफ भारी आक्रोश देखने को मिला।जानकारी के अनुसार प्रतापनगर निवासी लगभग 40 वर्षीय प्रगट सिंह पुत्र दर्शन सिंह शुक्रवार शाम करीब सात बजे इंद्रा नगर गांव के पास अपने खेत से कृषि कार्य करके घर लौट रहे थे। देर रात तक घर न पहुंचने पर परिजनों को चिंता हुई और उन्होंने आसपास तलाश शुरू की, लेकिन रात में उनका कोई पता नहीं चल सका।शनिवार सुबह परिजनों ने ग्रामीणों के साथ फिर से खोजबीन शुरू की। तलाश के दौरान खेत जाने वाले रास्ते पर प्रगट सिंह का जूता और पगड़ी पड़ी मिली। वहीं आसपास बाघ के स्पष्ट पदचिह्न भी दिखाई दिए। आशंका होने पर जब ग्रामीणों ने पास के गन्ने के खेत में खोजबीन की तो कुछ दूरी पर प्रगट सिंह का अधखाया शव पड़ा मिला। शव देखते ही परिजनों में कोहराम मच गया और गांव में शोक की लहर दौड़ गई।घटना की सूचना सुबह लगभग दस बजे वन विभाग को दी गई, लेकिन परिजनों का आरोप है कि रेंजर स्वयं मौके पर नहीं पहुंचे और केवल टीम भेज दी। इससे नाराज ग्रामीणों ने वन विभाग के प्रति आक्रोश जताया।सूचना मिलने पर सम्पूर्णानगर थाना प्रभारी कृष्ण कुमार, खजूरिया चौकी प्रभारी अनिल कुमार तथा वन विभाग के अधिकारी वन दरोगा राजेश और सदनलाल मौके पर पहुंचे और परिजनों को समझाने का प्रयास किया। हालांकि मृतक के परिजनों ने पंचनामा भरने से पुलिस को रोक दिया और मांग की कि जब तक रेंजर मौके पर आकर उचित आश्वासन नहीं देते, तब तक शव को नहीं उठाया जाएगा।घटना की खबर फैलते ही मौके पर सैकड़ों ग्रामीणों की भीड़ जमा हो गई। ग्रामीणों का कहना है कि क्षेत्र में लंबे समय से बाघ और अन्य जंगली जानवरों का आतंक बढ़ता जा रहा है, लेकिन वन विभाग द्वारा कोई ठोस कदम नहीं उठाया जा रहा है। इस घटना के बाद पूरे इलाके में भय और आक्रोश का माहौल बना हुआ है।
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    हजारा,पीलीभीत। वन रेंज सम्पूर्णानगर खीरी क्षेत्र में बाघ के हमले की एक दर्दनाक घटना सामने आई है। ग्राम मझरा पश्चिम के प्रताप नगर में बाघ ने एक व्यक्ति को अपना निवाला बना लिया। शनिवार सुबह गन्ने के खेत से उसका अधखाया शव मिलने के बाद इलाके में दहशत का माहौल बन गया, वहीं ग्रामीणों में वन विभाग के खिलाफ भारी आक्रोश देखने को मिला।जानकारी के अनुसार प्रतापनगर निवासी लगभग 40 वर्षीय प्रगट सिंह पुत्र दर्शन सिंह शुक्रवार शाम करीब सात बजे इंद्रा नगर गांव के पास अपने खेत से कृषि कार्य करके घर लौट रहे थे। देर रात तक घर न पहुंचने पर परिजनों को चिंता हुई और उन्होंने आसपास तलाश शुरू की, लेकिन रात में उनका कोई पता नहीं चल सका।शनिवार सुबह परिजनों ने ग्रामीणों के साथ फिर से खोजबीन शुरू की। तलाश के दौरान खेत जाने वाले रास्ते पर प्रगट सिंह का जूता और पगड़ी पड़ी मिली। वहीं आसपास बाघ के स्पष्ट पदचिह्न भी दिखाई दिए। आशंका होने पर जब ग्रामीणों ने पास के गन्ने के खेत में खोजबीन की तो कुछ दूरी पर प्रगट सिंह का अधखाया शव पड़ा मिला। शव देखते ही परिजनों में कोहराम मच गया और गांव में शोक की लहर दौड़ गई।घटना की सूचना सुबह लगभग दस बजे वन विभाग को दी गई, लेकिन परिजनों का आरोप है कि रेंजर स्वयं मौके पर नहीं पहुंचे और केवल टीम भेज दी। इससे नाराज ग्रामीणों ने वन विभाग के प्रति आक्रोश जताया।सूचना मिलने पर सम्पूर्णानगर थाना प्रभारी कृष्ण कुमार, खजूरिया चौकी प्रभारी अनिल कुमार तथा वन विभाग के अधिकारी वन दरोगा राजेश और सदनलाल मौके पर पहुंचे और परिजनों को समझाने का प्रयास किया। हालांकि मृतक के परिजनों ने पंचनामा भरने से पुलिस को रोक दिया और मांग की कि जब तक रेंजर मौके पर आकर उचित आश्वासन नहीं देते, तब तक शव को नहीं उठाया जाएगा।घटना की खबर फैलते ही मौके पर सैकड़ों ग्रामीणों की भीड़ जमा हो गई। ग्रामीणों का कहना है कि क्षेत्र में लंबे समय से बाघ और अन्य जंगली जानवरों का आतंक बढ़ता जा रहा है, लेकिन वन विभाग द्वारा कोई ठोस कदम नहीं उठाया जा रहा है। इस घटना के बाद पूरे इलाके में भय और आक्रोश का माहौल बना हुआ है।
    user_Meenu barkaati
    Meenu barkaati
    Local News Reporter पूरनपुर, पीलीभीत, उत्तर प्रदेश•
    1 hr ago
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