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सिरोही जिले के शिवगंज में अभिषेक माली की गिरफ्तारी को लेकर गहरा विवाद खड़ा हो गया है। आरोप है कि एक मंत्री के निर्देश पर शिवगंज पुलिस ने निर्दोष अभिषेक माली को गिरफ्तार किया है। इस कार्रवाई को नागरिक अधिकारों का हनन और पूरी तरह से अस्वीकार्य बताया गया है, जिसने क्षेत्र में गहरी चर्चा छेड़ दी है। इस गंभीर मामले को लेकर, संबंधित पक्ष ने सिरोही जिला पुलिस अधीक्षक पुष्पेंद्र सिंह से फोन पर संपर्क साधा और उन्हें पूरे घटनाक्रम की जानकारी दी। बताया गया है कि पुलिस अधीक्षक को इस प्रकरण के बारे में पहले से कोई जानकारी नहीं थी। उन्होंने इस मामले में निष्पक्ष जांच सुनिश्चित करने और उचित कार्रवाई करने का आश्वासन दिया है। इस घटना के बाद से पूरे क्षेत्र में निष्पक्ष जांच की मांग जोर-शोर से उठ रही है।
Narendra Singh Bhati
सिरोही जिले के शिवगंज में अभिषेक माली की गिरफ्तारी को लेकर गहरा विवाद खड़ा हो गया है। आरोप है कि एक मंत्री के निर्देश पर शिवगंज पुलिस ने निर्दोष अभिषेक माली को गिरफ्तार किया है। इस कार्रवाई को नागरिक अधिकारों का हनन और पूरी तरह से अस्वीकार्य बताया गया है, जिसने क्षेत्र में गहरी चर्चा छेड़ दी है। इस गंभीर मामले को लेकर, संबंधित पक्ष ने सिरोही जिला पुलिस अधीक्षक पुष्पेंद्र सिंह से फोन पर संपर्क साधा और उन्हें पूरे घटनाक्रम की जानकारी दी। बताया गया है कि पुलिस अधीक्षक को इस प्रकरण के बारे में पहले से कोई जानकारी नहीं थी। उन्होंने इस मामले में निष्पक्ष जांच सुनिश्चित करने और उचित कार्रवाई करने का आश्वासन दिया है। इस घटना के बाद से पूरे क्षेत्र में निष्पक्ष जांच की मांग जोर-शोर से उठ रही है।
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- गुरुवार रात सिरोही जिले के स्वरूपगंज थाना क्षेत्र में नाकाबंदी के दौरान बड़ा हंगामा देखने को मिला। पुलिस की रोकने की कोशिश के बावजूद, एक संदिग्ध कार चालक ने बैरिकेड तोड़कर तेज रफ्तार में भागने का प्रयास किया, साथ ही उसने पुलिसकर्मियों पर कार चढ़ाने की भी कोशिश की। भागने की इस कोशिश में कार पुलिस के बैरिकेड से जा टकराई। इसके बाद, पुलिस टीम ने तत्परता दिखाते हुए काफी मशक्कत के बाद कार में सवार तीन युवकों को पकड़ लिया। स्वरूपगंज थानाधिकारी ओमप्रकाश चौधरी के नेतृत्व में हुई इस कार्रवाई के बाद, पुलिस ने तीनों युवकों को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है। पुलिस की मुस्तैदी और त्वरित कार्रवाई से एक बड़ा हादसा टल गया। फिलहाल, पुलिस मामले की जांच में जुटी है और युवकों से पूछताछ के आधार पर आगे की कार्रवाई की जा रही है।1
- सिरोही जिले के शिवगंज में अभिषेक माली की गिरफ्तारी को लेकर गहरा विवाद खड़ा हो गया है। आरोप है कि एक मंत्री के निर्देश पर शिवगंज पुलिस ने निर्दोष अभिषेक माली को गिरफ्तार किया है। इस कार्रवाई को नागरिक अधिकारों का हनन और पूरी तरह से अस्वीकार्य बताया गया है, जिसने क्षेत्र में गहरी चर्चा छेड़ दी है। इस गंभीर मामले को लेकर, संबंधित पक्ष ने सिरोही जिला पुलिस अधीक्षक पुष्पेंद्र सिंह से फोन पर संपर्क साधा और उन्हें पूरे घटनाक्रम की जानकारी दी। बताया गया है कि पुलिस अधीक्षक को इस प्रकरण के बारे में पहले से कोई जानकारी नहीं थी। उन्होंने इस मामले में निष्पक्ष जांच सुनिश्चित करने और उचित कार्रवाई करने का आश्वासन दिया है। इस घटना के बाद से पूरे क्षेत्र में निष्पक्ष जांच की मांग जोर-शोर से उठ रही है।1
- सिरोही में एक गौ माता के बछड़े को गंभीर हालत में बचाया गया, जिसके चारों पैरों में कीड़े लग चुके थे। इस कारण बछड़ा ठीक से चल नहीं पा रहा था और उसे अत्यधिक पीड़ा हो रही थी। सिरोही रेस्क्यू टीम को इस स्थिति के बारे में एक कॉल प्राप्त हुआ, जिसके बाद सिरोही रेस्क्यू टीम और गौ सेवा संकल्प टीम तुरंत मौके पर पहुँची। टीमों ने बड़ी कठिनाई से उस बछड़े को पकड़ा और फिर उसका आवश्यक उपचार किया।1
- आबूरोड शहर के आकरा भट्टा सहित आसपास के क्षेत्रों में लगातार हो रही अघोषित विद्युत कटौती को लेकर लोगों में भारी नाराजगी देखने को मिली है। बुधवार देर रात बार-बार बिजली गुल होने से परेशान नागरिक विद्युत विभाग कार्यालय पहुंच गए और वहाँ जमकर नारेबाजी की। स्थानीय लोगों ने आरोप लगाया कि घंटों तक विद्युत आपूर्ति बाधित रहने के बावजूद विभाग की ओर से न तो कोई पूर्व सूचना दी जाती है और न ही समस्या के समाधान के लिए संतोषजनक प्रयास किए जाते हैं। उनका कहना है कि लगातार हो रही इस कटौती से गर्मी के मौसम में आमजन को काफी मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है। इस दौरान स्थानीय कांग्रेस नेता एवं निवर्तमान पार्षद जितेंद्र बंजारा ने भी विद्युत विभाग की कार्यप्रणाली पर गहरा असंतोष व्यक्त किया। उन्होंने विभागीय कर्मचारियों पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए कहा कि अघोषित विद्युत कटौती से आमजन त्रस्त है, लेकिन जिम्मेदार अधिकारी इस समस्या के समाधान के प्रति गंभीर नहीं दिख रहे हैं। नागरिकों ने विद्युत विभाग से बिजली व्यवस्था में सुधार करने, अघोषित कटौती पर तुरंत रोक लगाने और नियमित व निर्बाध बिजली आपूर्ति सुनिश्चित करने की पुरजोर मांग की है।2
- मध्य प्रदेश के पहले मुख्यमंत्री श्री मिश्री लाल जैन ने एक प्रेरक घटना के माध्यम से 'प्रथम धर्म फिर सत्ता' के सिद्धांत को उजागर किया। यह प्रसंग तब का है जब लंदन से मेहमान भारत आए थे और उस समय पंडित जवाहरलाल नेहरू देश के प्रधानमंत्री थे। नेहरू जी ने मुख्यमंत्री मिश्री लाल जैन को पत्र लिखकर इन मेहमानों के लिए माँस और मदिरा के भोजन की व्यवस्था करने का निर्देश दिया था। इस अनुरोध पर, श्री मिश्री लाल जैन ने स्पष्ट रूप से मना कर दिया और कहा कि वे मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा देने को तैयार हैं, लेकिन उज्जैन जैसी पवित्र नगरी में धर्म के विरुद्ध कोई कार्य नहीं कर सकते। उनके इस दृढ़ निश्चय से प्रधानमंत्री नेहरू जी भी सोच में पड़ गए। इसके बाद मेहमानों को दाल बाटी और चूरमा का भोजन परोसा गया। मेहमानों ने इस पारंपरिक भोजन का इतना आनंद लिया कि वे उंगलियां चाटते रह गए। यह घटना श्री मिश्री लाल जैन के जीवन से एक महत्वपूर्ण सीख देती है कि सिद्धांतों और धर्म का स्थान हमेशा सत्ता से ऊपर होना चाहिए।1
- सिरोही जिले के प्रभारी मंत्री के.के. बिश्नोई ने अपने जिले के दौरे के दौरान बत्तीसा बांध पर आयोजित जल संरक्षण जन अभियान के कार्यक्रम में हिस्सा लिया। इस अवसर पर जल संरक्षण को बढ़ावा देने के उद्देश्य से जल पूजन का आयोजन किया गया, जिसमें विधायक समाराम गरासिया, जिला प्रमुख अर्जुनराम पुरोहित सहित कई जनप्रतिनिधि और अधिकारी मौजूद रहे। इसी कार्यक्रम में भाजपा नेता भुवनेश राजपुरोहित ने प्रभारी मंत्री को एक ज्ञापन सौंपा। इस ज्ञापन में बत्तीसा बांध पेयजल परियोजना से वंचित देलदर और सरूपगंज क्षेत्र के गांवों को योजना से जोड़ने की मांग की गई थी। ज्ञापन में किवरली, आमथला, कासिंद्रा, अचपुरा, पंचदेवल और कारोली सहित कई गांवों को बत्तीसा बांध की पेयजल आपूर्ति योजना से जोड़ने का आग्रह किया गया। प्रभारी मंत्री विश्नोई ने ग्रामीणों की इस मांग पर सकारात्मक रुख अपनाते हुए संबंधित गांवों को योजना से जोड़ने के प्रयास का आश्वासन दिया। गौरतलब है कि बत्तीसा बांध परियोजना पर आयोजित यह कार्यक्रम जल संरक्षण जन अभियान के तहत किया गया था, जिसका उद्देश्य जल संरक्षण और जल संसाधनों के बेहतर प्रबंधन का संदेश देना था।1
- ब्यावर-पिंडवाड़ा नेशनल हाईवे पर नेतरा गांव के पास शुक्रवार तड़के करीब 3 बजे एक भीषण सड़क दुर्घटना हो गई। इस हादसे में अहमदाबाद की ओर से आ रहा एक ट्रेलर अनियंत्रित होकर पलट गया और डिवाइडर तोड़ते हुए दूसरी लेन में जा पहुंचा। इसी दौरान, सामने से आ रही एक निजी कंपनी की वोल्वो बस उससे टकरा गई, जिससे बस में सवार यात्रियों के बीच अफरा-तफरी मच गई। सदर थाना अधिकारी भगाराम मीना ने बताया कि इस दुर्घटना में कुल 14 यात्री घायल हुए हैं। सूचना मिलते ही पुलिस और एंबुलेंस तत्काल मौके पर पहुंची और सभी घायल यात्रियों को उपचार के लिए सुमेरपुर के सरकारी अस्पताल पहुंचाया गया। चिकित्सकों ने तीन गंभीर घायलों को प्राथमिक उपचार देने के बाद उच्च चिकित्सा केंद्र में रेफर कर दिया है, जबकि अन्य घायलों का उपचार अभी भी जारी है। हादसे के बाद कुछ समय तक नेशनल हाईवे पर यातायात प्रभावित रहा। पुलिस ने तुरंत राहत एवं बचाव कार्य शुरू किया, क्षतिग्रस्त वाहनों को मौके से हटवाया और यातायात को फिर से सुचारू कराया। प्रारंभिक जांच के अनुसार, ट्रेलर का अनियंत्रित होकर पलटना ही इस दुर्घटना का मुख्य कारण माना जा रहा है। पुलिस इस पूरे मामले की विस्तृत जांच कर रही है।4