मध्य प्रदेश के बिछुआ में नगर परिषद का एक हैरान करने वाला मामला सामने आया है, जहाँ डेढ़ साल पहले बनी एक सड़क पूरी तरह उखड़ गई है। इसका मरम्मत कार्य ठेकेदार के बजाय नगर परिषद के सफाई कर्मचारियों द्वारा किया जा रहा है। सोमवार को अशोक काटरे के घर के पास से बड़ चौक शिव मंदिर तक जाने वाली इस सड़क पर सफाई कर्मचारियों को गड्ढे भरते देख राहगीर अचंभित रह गए। स्थानीय लोगों का आरोप है कि नियमानुसार नई सड़क के रखरखाव की जिम्मेदारी एक निश्चित अवधि तक ठेकेदार की होती है, जिसे सड़क खराब होने पर अपने खर्चे पर ठीक करना होता है। लेकिन, बिछुआ में इसके उलट नगर परिषद अपने खर्च पर मरम्मत करवा रही है। नागरिकों ने निर्माण की गुणवत्ता पर गंभीर सवाल उठाए हैं और पूछा है कि ठेकेदार कहाँ है, और जब सड़क अभी भी मेंटेनेंस अवधि में है, तो उसे नोटिस क्यों नहीं दिया गया? जनता के टैक्स के पैसे का उपयोग ठेकेदार का काम करने के लिए क्यों किया जा रहा है? सामाजिक कार्यकर्ताओं ने सफाई कर्मचारियों से सड़क मरम्मत कराए जाने पर भी कड़ी आपत्ति जताई है, क्योंकि उनका काम झाड़ू लगाना है, न कि तकनीकी सड़क कार्य करना, जिसके लिए प्रशिक्षित मजदूरों की आवश्यकता होती है। इससे मरम्मत की गुणवत्ता पर सवाल उठ रहे हैं कि क्या यह पैचवर्क पहली बारिश में ही फिर से उखड़ जाएगा। लोगों का कहना है कि डेढ़ साल में ही सड़क का उखड़ जाना निर्माण में भारी भ्रष्टाचार की ओर स्पष्ट इशारा करता है, जहाँ जनता का पैसा बर्बाद हो रहा है और ठेकेदार मजे में है। जनता ने नगर परिषद से सड़क का अनुबंध सार्वजनिक करने, ठेकेदार पर जुर्माना लगाने और उसकी सिक्योरिटी राशि से मरम्मत कराने की मांग की है। बिछुआ की जनता का सीधा सवाल है: "डेढ़ साल में सड़क उखड़ गई, जिम्मेदार कौन?"
मध्य प्रदेश के बिछुआ में नगर परिषद का एक हैरान करने वाला मामला सामने आया है, जहाँ डेढ़ साल पहले बनी एक सड़क पूरी तरह उखड़ गई है। इसका मरम्मत कार्य ठेकेदार के बजाय नगर परिषद के सफाई कर्मचारियों द्वारा किया जा रहा है। सोमवार को अशोक काटरे के घर के पास से बड़ चौक शिव मंदिर तक जाने वाली इस सड़क पर सफाई कर्मचारियों को गड्ढे भरते देख राहगीर अचंभित रह गए। स्थानीय लोगों का आरोप है कि नियमानुसार नई सड़क के रखरखाव की जिम्मेदारी एक निश्चित अवधि तक ठेकेदार की होती है, जिसे सड़क खराब होने पर अपने खर्चे पर ठीक करना होता है। लेकिन, बिछुआ में इसके उलट नगर परिषद अपने खर्च पर मरम्मत करवा रही है। नागरिकों ने निर्माण की गुणवत्ता पर गंभीर सवाल उठाए हैं और पूछा है कि ठेकेदार कहाँ है, और जब सड़क अभी भी मेंटेनेंस अवधि में है, तो उसे नोटिस क्यों नहीं दिया गया? जनता के टैक्स के पैसे का उपयोग ठेकेदार का काम करने के लिए क्यों किया जा रहा है? सामाजिक कार्यकर्ताओं ने सफाई कर्मचारियों से सड़क मरम्मत कराए जाने पर भी कड़ी आपत्ति जताई है, क्योंकि उनका काम झाड़ू लगाना है, न कि तकनीकी सड़क कार्य करना, जिसके लिए प्रशिक्षित मजदूरों की आवश्यकता होती है। इससे मरम्मत की गुणवत्ता पर सवाल उठ रहे हैं कि क्या यह पैचवर्क पहली बारिश में ही फिर से उखड़ जाएगा। लोगों का कहना है कि डेढ़ साल में ही सड़क का उखड़ जाना निर्माण में भारी भ्रष्टाचार की ओर स्पष्ट इशारा करता है, जहाँ जनता का पैसा बर्बाद हो रहा है और ठेकेदार मजे में है। जनता ने नगर परिषद से सड़क का अनुबंध सार्वजनिक करने, ठेकेदार पर जुर्माना लगाने और उसकी सिक्योरिटी राशि से मरम्मत कराने की मांग की है। बिछुआ की जनता का सीधा सवाल है: "डेढ़ साल में सड़क उखड़ गई, जिम्मेदार कौन?"
- छिंदवाड़ा में कम बारिश के चलते कन्हरगाँव डेम में पानी का स्तर काफी घट गया है, जिसके कारण शहर में जल वितरण में दिक्कतें आ रही हैं। सोशल मीडिया पर वायरल एक पोस्ट में यह दावा किया गया है, जिसे यूजर vikram_ahakey ने साझा किया और nitesh_kudopa_750 सहित 163 अन्य लोगों ने पसंद किया है। नगर निगम प्रशासन इस जल संकट से निपटने और जल व्यवस्था को सुचारू बनाने के लिए हर संभव प्रयास कर रहा है। प्रशासन ने भरोसा दिलाया है कि जल्द ही लोगों को व्यवस्थित रूप से जल उपलब्ध कराया जाएगा। गर्मी और कम बारिश के कारण उत्पन्न हुई इस जल संकट की स्थिति को देखते हुए, नगर निगम वैकल्पिक व्यवस्थाएँ करके जल आपूर्ति को सामान्य करने में जुटा है और नागरिकों से भी पानी का संयमित उपयोग करने की अपील की गई है।1
- सौसर विधानसभा क्षेत्र में विकास कार्यों को गति देते हुए पांढुर्णा के ग्राम खैरी तायगांव और ब्राम्हण पिपला में लगभग 23 लाख रुपये की लागत से विभिन्न विकास कार्यों का लोकार्पण और भूमि पूजन किया गया। यह कार्यक्रम जनप्रतिनिधियों और ग्रामीणों की उपस्थिति में संपन्न हुआ, जहाँ इन विकास परियोजनाओं का विधिवत शुभारंभ किया गया। इन विकास कार्यों के लिए राशि सांसद निधि, विधायक निधि, जिला पंचायत निधि और जनपद पंचायत निधि से स्वीकृत की गई है। इन निर्माण कार्यों के पूरा होने के बाद दोनों गांवों में मूलभूत सुविधाओं का विस्तार होगा, जिससे स्थानीय लोगों को बेहतर आधारभूत सुविधाएं मिल सकेंगी। कार्यक्रम के दौरान, जनप्रतिनिधियों ने इस बात पर जोर दिया कि सौसर विधानसभा में विकास कार्यों को प्राथमिकता के साथ आगे बढ़ाया जा रहा है। उन्होंने बताया कि क्षेत्र के गांवों में सड़क और सामुदायिक भवन सहित अन्य आवश्यक सुविधाओं के विस्तार के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं, ताकि ग्रामीणों को विकास का सीधा लाभ मिल सके।1
- सिवनी में आयोजित साप्ताहिक जिलास्तरीय जनसुनवाई के दौरान अपर कलेक्टर सीएल चनाप की उपस्थिति में अधिकारियों ने ग्रामीणों की समस्याएँ सुनीं। इस जनसुनवाई में कुल 146 आवेदन प्राप्त हुए। ग्रामीणों द्वारा उठाई गई प्रमुख समस्याओं में प्रधानमंत्री आवास, खाद्यान्न पर्ची, राशन कार्ड, वृद्धापेंशन, अतिक्रमण हटाने और राजस्व रिकॉर्ड दुरुस्त कराने संबंधी माँगें शामिल थीं। अधिकारियों ने इन सभी आवेदनों पर त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित करने का भरोसा दिलाया है।1
- सिवनी विधानसभा क्षेत्र के बींझावाड़ा में खिलाड़ियों को बेहतर सुविधाएँ प्रदान करने के उद्देश्य से लगभग 75 लाख रुपये की लागत से एक ग्रामीण खेल परिसर का निर्माण किया गया था। दुखद है कि रखरखाव के अभाव में यह परिसर वर्तमान में पूरी तरह बदहाल हो चुका है। परिसर की स्थिति इतनी खराब है कि खेल मैदान में जगह-जगह झाड़ियाँ उग आई हैं, जबकि दीवारों में भी दरारें पड़ गई हैं। दर्शक दीर्घा, प्रसाधन (टॉयलेट) और चेंजिंग रूम जैसी आवश्यक सुविधाएँ भी जीर्ण-शीर्ण अवस्था में पहुँच गई हैं। इसके अलावा, परिसर के भीतर आवारा मवेशियों का जमावड़ा लगा रहता है और चोरी की घटनाएँ भी लगातार सामने आ रही हैं। शहर से दूर होने के कारण खिलाड़ी भी यहाँ अभ्यास के लिए नहीं पहुँचते, जिससे यह अपनी उपयोगिता खो चुका है। इस बदहाल स्थिति को देखते हुए, स्थानीय लोग संबंधित अधिकारियों से परिसर की समय रहते मरम्मत कराने और उसकी नियमित देखरेख सुनिश्चित करने की मांग कर रहे हैं।1
- मानेगांव में सड़क की बदहाल स्थिति ग्रामीणों के लिए बड़ी परेशानी का कारण बन गई है। यहां की सड़कें तालाब में तब्दील हो गई हैं, जिसके चलते स्थानीय लोगों को भारी कीचड़ से होकर गुजरना पड़ रहा है। इस गंभीर समस्या के लिए ग्रामीणों ने सीधे पंचायत पर लापरवाही का आरोप लगाया है। उनका कहना है कि पंचायत की अनदेखी के कारण ही सड़क की ऐसी दुर्गति हुई है और वे कीचड़-पानी से भरी सड़क पर चलने को मजबूर हैं।1
- मध्य प्रदेश के बिछुआ में नगर परिषद का एक हैरान करने वाला मामला सामने आया है, जहाँ डेढ़ साल पहले बनी एक सड़क पूरी तरह उखड़ गई है। इसका मरम्मत कार्य ठेकेदार के बजाय नगर परिषद के सफाई कर्मचारियों द्वारा किया जा रहा है। सोमवार को अशोक काटरे के घर के पास से बड़ चौक शिव मंदिर तक जाने वाली इस सड़क पर सफाई कर्मचारियों को गड्ढे भरते देख राहगीर अचंभित रह गए। स्थानीय लोगों का आरोप है कि नियमानुसार नई सड़क के रखरखाव की जिम्मेदारी एक निश्चित अवधि तक ठेकेदार की होती है, जिसे सड़क खराब होने पर अपने खर्चे पर ठीक करना होता है। लेकिन, बिछुआ में इसके उलट नगर परिषद अपने खर्च पर मरम्मत करवा रही है। नागरिकों ने निर्माण की गुणवत्ता पर गंभीर सवाल उठाए हैं और पूछा है कि ठेकेदार कहाँ है, और जब सड़क अभी भी मेंटेनेंस अवधि में है, तो उसे नोटिस क्यों नहीं दिया गया? जनता के टैक्स के पैसे का उपयोग ठेकेदार का काम करने के लिए क्यों किया जा रहा है? सामाजिक कार्यकर्ताओं ने सफाई कर्मचारियों से सड़क मरम्मत कराए जाने पर भी कड़ी आपत्ति जताई है, क्योंकि उनका काम झाड़ू लगाना है, न कि तकनीकी सड़क कार्य करना, जिसके लिए प्रशिक्षित मजदूरों की आवश्यकता होती है। इससे मरम्मत की गुणवत्ता पर सवाल उठ रहे हैं कि क्या यह पैचवर्क पहली बारिश में ही फिर से उखड़ जाएगा। लोगों का कहना है कि डेढ़ साल में ही सड़क का उखड़ जाना निर्माण में भारी भ्रष्टाचार की ओर स्पष्ट इशारा करता है, जहाँ जनता का पैसा बर्बाद हो रहा है और ठेकेदार मजे में है। जनता ने नगर परिषद से सड़क का अनुबंध सार्वजनिक करने, ठेकेदार पर जुर्माना लगाने और उसकी सिक्योरिटी राशि से मरम्मत कराने की मांग की है। बिछुआ की जनता का सीधा सवाल है: "डेढ़ साल में सड़क उखड़ गई, जिम्मेदार कौन?"1
- सिवनी में डूण्डासिवनी पुलिस ने ड्रीमलैंड सिटी में एक सूने मकान में हुई चोरी का महज 48 घंटे के भीतर सफलतापूर्वक खुलासा कर दिया है। इस मामले में पुलिस ने एक आरोपी सहित दो नाबालिगों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज और मुखबिरों से मिली जानकारी की मदद से इन आरोपियों को पकड़ा, जिनके पास से ₹27,800 नगद, जेवरात, एक लैपटॉप और एक आईपैड बरामद किया गया है। बरामद किए गए इस पूरे सामान की कुल कीमत करीब ₹1.60 लाख बताई जा रही है। पुलिस अधीक्षक (एसपी) के निर्देशन में की गई इस त्वरित कार्रवाई की व्यापक सराहना की जा रही है।1
- छिंदवाड़ा में जल संकट का छठवां दिन है, जहाँ नगर निगम की तमाम व्यवस्थाएं विफल साबित हुई हैं। बारिश की कमी के कारण स्थिति और भी बिगड़ने की आशंका जताई जा रही है। यदि वर्षा नहीं हुई तो ग्रामीण वार्डों में माचागोरा से भी एक दिन के अंतराल पर पानी उपलब्ध कराया जाएगा। इसी बीच, कमिश्नर और महापौर ने कनहरगांव डैम का दौरा कर मौजूदा व्यवस्थाओं का जायजा लिया।1
- छिंदवाड़ा जिले के तामिया में लगातार हो रही भारी बारिश के कारण क्षेत्र के सभी नदी-नाले उफान पर आ गए हैं। इस मूसलाधार बारिश से जनजीवन प्रभावित हुआ है।1