logo
Shuru
Apke Nagar Ki App…
  • Latest News
  • News
  • Politics
  • Elections
  • Viral
  • Astrology
  • Horoscope in Hindi
  • Horoscope in English
  • Latest Political News
logo
Shuru
Apke Nagar Ki App…

छिंदवाड़ा में कम बारिश के चलते कन्हरगाँव डेम में पानी का स्तर काफी घट गया है, जिसके कारण शहर में जल वितरण में दिक्कतें आ रही हैं। सोशल मीडिया पर वायरल एक पोस्ट में यह दावा किया गया है, जिसे यूजर vikram_ahakey ने साझा किया और nitesh_kudopa_750 सहित 163 अन्य लोगों ने पसंद किया है। नगर निगम प्रशासन इस जल संकट से निपटने और जल व्यवस्था को सुचारू बनाने के लिए हर संभव प्रयास कर रहा है। प्रशासन ने भरोसा दिलाया है कि जल्द ही लोगों को व्यवस्थित रूप से जल उपलब्ध कराया जाएगा। गर्मी और कम बारिश के कारण उत्पन्न हुई इस जल संकट की स्थिति को देखते हुए, नगर निगम वैकल्पिक व्यवस्थाएँ करके जल आपूर्ति को सामान्य करने में जुटा है और नागरिकों से भी पानी का संयमित उपयोग करने की अपील की गई है।

17 hrs ago
user_मानव अधिकार मिशन मीडिया सेक्रे
मानव अधिकार मिशन मीडिया सेक्रे
छिंदवाड़ा नगर, छिंदवाड़ा, मध्य प्रदेश•
17 hrs ago

छिंदवाड़ा में कम बारिश के चलते कन्हरगाँव डेम में पानी का स्तर काफी घट गया है, जिसके कारण शहर में जल वितरण में दिक्कतें आ रही हैं। सोशल मीडिया पर वायरल एक पोस्ट में यह दावा किया गया है, जिसे यूजर vikram_ahakey ने साझा किया और nitesh_kudopa_750 सहित 163 अन्य लोगों ने पसंद किया है। नगर निगम प्रशासन इस जल संकट से निपटने और जल व्यवस्था को सुचारू बनाने के लिए हर संभव प्रयास कर रहा है। प्रशासन ने भरोसा दिलाया है कि जल्द ही लोगों को व्यवस्थित रूप से जल उपलब्ध कराया जाएगा। गर्मी और कम बारिश के कारण उत्पन्न हुई इस जल संकट की स्थिति को देखते हुए, नगर निगम वैकल्पिक व्यवस्थाएँ करके जल आपूर्ति को सामान्य करने में जुटा है और नागरिकों से भी पानी का संयमित उपयोग करने की अपील की गई है।

More news from मध्य प्रदेश and nearby areas
  • छिंदवाड़ा में जल संकट का छठवां दिन है, जहाँ नगर निगम की तमाम व्यवस्थाएं विफल साबित हुई हैं। बारिश की कमी के कारण स्थिति और भी बिगड़ने की आशंका जताई जा रही है। यदि वर्षा नहीं हुई तो ग्रामीण वार्डों में माचागोरा से भी एक दिन के अंतराल पर पानी उपलब्ध कराया जाएगा। इसी बीच, कमिश्नर और महापौर ने कनहरगांव डैम का दौरा कर मौजूदा व्यवस्थाओं का जायजा लिया।
    1
    छिंदवाड़ा में जल संकट का छठवां दिन है, जहाँ नगर निगम की तमाम व्यवस्थाएं विफल साबित हुई हैं। बारिश की कमी के कारण स्थिति और भी बिगड़ने की आशंका जताई जा रही है। यदि वर्षा नहीं हुई तो ग्रामीण वार्डों में माचागोरा से भी एक दिन के अंतराल पर पानी उपलब्ध कराया जाएगा। इसी बीच, कमिश्नर और महापौर ने कनहरगांव डैम का दौरा कर मौजूदा व्यवस्थाओं का जायजा लिया।
    user_Aakash Mandrah
    Aakash Mandrah
    Local News Reporter तामिया, छिंदवाड़ा, मध्य प्रदेश•
    16 hrs ago
  • सिवनी में डूण्डासिवनी पुलिस ने ड्रीमलैंड सिटी में एक सूने मकान में हुई चोरी का महज 48 घंटे के भीतर सफलतापूर्वक खुलासा कर दिया है। इस मामले में पुलिस ने एक आरोपी सहित दो नाबालिगों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज और मुखबिरों से मिली जानकारी की मदद से इन आरोपियों को पकड़ा, जिनके पास से ₹27,800 नगद, जेवरात, एक लैपटॉप और एक आईपैड बरामद किया गया है। बरामद किए गए इस पूरे सामान की कुल कीमत करीब ₹1.60 लाख बताई जा रही है। पुलिस अधीक्षक (एसपी) के निर्देशन में की गई इस त्वरित कार्रवाई की व्यापक सराहना की जा रही है।
    1
    सिवनी में डूण्डासिवनी पुलिस ने ड्रीमलैंड सिटी में एक सूने मकान में हुई चोरी का महज 48 घंटे के भीतर सफलतापूर्वक खुलासा कर दिया है। इस मामले में पुलिस ने एक आरोपी सहित दो नाबालिगों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज और मुखबिरों से मिली जानकारी की मदद से इन आरोपियों को पकड़ा, जिनके पास से ₹27,800 नगद, जेवरात, एक लैपटॉप और एक आईपैड बरामद किया गया है। बरामद किए गए इस पूरे सामान की कुल कीमत करीब ₹1.60 लाख बताई जा रही है। पुलिस अधीक्षक (एसपी) के निर्देशन में की गई इस त्वरित कार्रवाई की व्यापक सराहना की जा रही है।
    user_Devendra thakur
    Devendra thakur
    Salesperson सिवनी, सिवनी, मध्य प्रदेश•
    5 hrs ago
  • पांढुर्णा जिले की चर्चित ग्राम पंचायत रामाकोना को सोमवार को नई स्थानापन्न सरपंच मिल गई है। वार्ड क्रमांक 4 की पंच ज्योति वासुदेव खंडाइत ने चुनाव में 11 मत प्राप्त कर स्थानापन्न सरपंच के रूप में जीत दर्ज की, जबकि उनकी प्रतिद्वंद्वी कोकिला देवेंद्र चौधरी को 9 मत मिले। यह चुनाव मध्यप्रदेश पंचायतराज एवं ग्राम स्वराज अधिनियम, 1993 की धारा 38(ख) के तहत ग्राम पंचायत भवन में कड़ी सुरक्षा व्यवस्था और प्रशासन की निगरानी में शांतिपूर्ण ढंग से सम्पन्न हुआ। यह पद पूर्व सरपंच श्वेता गगन गोहेल को वित्तीय अनियमितताओं और सरकारी राशि के कथित गबन के मामले में पदमुक्त किए जाने और छह वर्ष के लिए अयोग्य घोषित किए जाने के बाद रिक्त हुआ था। श्वेता गोहेल को मध्यप्रदेश पंचायत राज एवं ग्राम स्वराज अधिनियम की धारा 92(5) के तहत अयोग्य घोषित किया गया था, जिसके बाद जिला पंचायत के आदेशानुसार स्थानापन्न सरपंच के निर्वाचन की प्रक्रिया पूरी की गई। चुनाव परिणाम की घोषणा के उपरांत, नवनिर्वाचित स्थानापन्न सरपंच ज्योति वासुदेव खंडाइत का उनके समर्थकों ने गर्मजोशी से स्वागत किया। उन्होंने अपनी पहली प्राथमिकता पंचायत में रुके हुए विकास कार्यों को गति देना, पारदर्शिता के साथ कार्य करना और जनता के विश्वास पर खरा उतरना बताया।
    3
    पांढुर्णा जिले की चर्चित ग्राम पंचायत रामाकोना को सोमवार को नई स्थानापन्न सरपंच मिल गई है। वार्ड क्रमांक 4 की पंच ज्योति वासुदेव खंडाइत ने चुनाव में 11 मत प्राप्त कर स्थानापन्न सरपंच के रूप में जीत दर्ज की, जबकि उनकी प्रतिद्वंद्वी कोकिला देवेंद्र चौधरी को 9 मत मिले। यह चुनाव मध्यप्रदेश पंचायतराज एवं ग्राम स्वराज अधिनियम, 1993 की धारा 38(ख) के तहत ग्राम पंचायत भवन में कड़ी सुरक्षा व्यवस्था और प्रशासन की निगरानी में शांतिपूर्ण ढंग से सम्पन्न हुआ।

यह पद पूर्व सरपंच श्वेता गगन गोहेल को वित्तीय अनियमितताओं और सरकारी राशि के कथित गबन के मामले में पदमुक्त किए जाने और छह वर्ष के लिए अयोग्य घोषित किए जाने के बाद रिक्त हुआ था। श्वेता गोहेल को मध्यप्रदेश पंचायत राज एवं ग्राम स्वराज अधिनियम की धारा 92(5) के तहत अयोग्य घोषित किया गया था, जिसके बाद जिला पंचायत के आदेशानुसार स्थानापन्न सरपंच के निर्वाचन की प्रक्रिया पूरी की गई।

चुनाव परिणाम की घोषणा के उपरांत, नवनिर्वाचित स्थानापन्न सरपंच ज्योति वासुदेव खंडाइत का उनके समर्थकों ने गर्मजोशी से स्वागत किया। उन्होंने अपनी पहली प्राथमिकता पंचायत में रुके हुए विकास कार्यों को गति देना, पारदर्शिता के साथ कार्य करना और जनता के विश्वास पर खरा उतरना बताया।
    user_Roshan Kapse
    Roshan Kapse
    पांढुर्ना, छिंदवाड़ा, मध्य प्रदेश•
    7 hrs ago
  • सिवनी विधानसभा क्षेत्र के बींझावाड़ा में खिलाड़ियों को बेहतर सुविधाएँ प्रदान करने के उद्देश्य से लगभग 75 लाख रुपये की लागत से एक ग्रामीण खेल परिसर का निर्माण किया गया था। दुखद है कि रखरखाव के अभाव में यह परिसर वर्तमान में पूरी तरह बदहाल हो चुका है। परिसर की स्थिति इतनी खराब है कि खेल मैदान में जगह-जगह झाड़ियाँ उग आई हैं, जबकि दीवारों में भी दरारें पड़ गई हैं। दर्शक दीर्घा, प्रसाधन (टॉयलेट) और चेंजिंग रूम जैसी आवश्यक सुविधाएँ भी जीर्ण-शीर्ण अवस्था में पहुँच गई हैं। इसके अलावा, परिसर के भीतर आवारा मवेशियों का जमावड़ा लगा रहता है और चोरी की घटनाएँ भी लगातार सामने आ रही हैं। शहर से दूर होने के कारण खिलाड़ी भी यहाँ अभ्यास के लिए नहीं पहुँचते, जिससे यह अपनी उपयोगिता खो चुका है। इस बदहाल स्थिति को देखते हुए, स्थानीय लोग संबंधित अधिकारियों से परिसर की समय रहते मरम्मत कराने और उसकी नियमित देखरेख सुनिश्चित करने की मांग कर रहे हैं।
    1
    सिवनी विधानसभा क्षेत्र के बींझावाड़ा में खिलाड़ियों को बेहतर सुविधाएँ प्रदान करने के उद्देश्य से लगभग 75 लाख रुपये की लागत से एक ग्रामीण खेल परिसर का निर्माण किया गया था। दुखद है कि रखरखाव के अभाव में यह परिसर वर्तमान में पूरी तरह बदहाल हो चुका है।

परिसर की स्थिति इतनी खराब है कि खेल मैदान में जगह-जगह झाड़ियाँ उग आई हैं, जबकि दीवारों में भी दरारें पड़ गई हैं। दर्शक दीर्घा, प्रसाधन (टॉयलेट) और चेंजिंग रूम जैसी आवश्यक सुविधाएँ भी जीर्ण-शीर्ण अवस्था में पहुँच गई हैं। इसके अलावा, परिसर के भीतर आवारा मवेशियों का जमावड़ा लगा रहता है और चोरी की घटनाएँ भी लगातार सामने आ रही हैं। शहर से दूर होने के कारण खिलाड़ी भी यहाँ अभ्यास के लिए नहीं पहुँचते, जिससे यह अपनी उपयोगिता खो चुका है।

इस बदहाल स्थिति को देखते हुए, स्थानीय लोग संबंधित अधिकारियों से परिसर की समय रहते मरम्मत कराने और उसकी नियमित देखरेख सुनिश्चित करने की मांग कर रहे हैं।
    user_BRMG SEONI
    BRMG SEONI
    सिवनी, सिवनी, मध्य प्रदेश•
    18 hrs ago
  • मध्य प्रदेश के बिछुआ में नगर परिषद का एक हैरान करने वाला मामला सामने आया है, जहाँ डेढ़ साल पहले बनी एक सड़क पूरी तरह उखड़ गई है। इसका मरम्मत कार्य ठेकेदार के बजाय नगर परिषद के सफाई कर्मचारियों द्वारा किया जा रहा है। सोमवार को अशोक काटरे के घर के पास से बड़ चौक शिव मंदिर तक जाने वाली इस सड़क पर सफाई कर्मचारियों को गड्ढे भरते देख राहगीर अचंभित रह गए। स्थानीय लोगों का आरोप है कि नियमानुसार नई सड़क के रखरखाव की जिम्मेदारी एक निश्चित अवधि तक ठेकेदार की होती है, जिसे सड़क खराब होने पर अपने खर्चे पर ठीक करना होता है। लेकिन, बिछुआ में इसके उलट नगर परिषद अपने खर्च पर मरम्मत करवा रही है। नागरिकों ने निर्माण की गुणवत्ता पर गंभीर सवाल उठाए हैं और पूछा है कि ठेकेदार कहाँ है, और जब सड़क अभी भी मेंटेनेंस अवधि में है, तो उसे नोटिस क्यों नहीं दिया गया? जनता के टैक्स के पैसे का उपयोग ठेकेदार का काम करने के लिए क्यों किया जा रहा है? सामाजिक कार्यकर्ताओं ने सफाई कर्मचारियों से सड़क मरम्मत कराए जाने पर भी कड़ी आपत्ति जताई है, क्योंकि उनका काम झाड़ू लगाना है, न कि तकनीकी सड़क कार्य करना, जिसके लिए प्रशिक्षित मजदूरों की आवश्यकता होती है। इससे मरम्मत की गुणवत्ता पर सवाल उठ रहे हैं कि क्या यह पैचवर्क पहली बारिश में ही फिर से उखड़ जाएगा। लोगों का कहना है कि डेढ़ साल में ही सड़क का उखड़ जाना निर्माण में भारी भ्रष्टाचार की ओर स्पष्ट इशारा करता है, जहाँ जनता का पैसा बर्बाद हो रहा है और ठेकेदार मजे में है। जनता ने नगर परिषद से सड़क का अनुबंध सार्वजनिक करने, ठेकेदार पर जुर्माना लगाने और उसकी सिक्योरिटी राशि से मरम्मत कराने की मांग की है। बिछुआ की जनता का सीधा सवाल है: "डेढ़ साल में सड़क उखड़ गई, जिम्मेदार कौन?"
    1
    मध्य प्रदेश के बिछुआ में नगर परिषद का एक हैरान करने वाला मामला सामने आया है, जहाँ डेढ़ साल पहले बनी एक सड़क पूरी तरह उखड़ गई है। इसका मरम्मत कार्य ठेकेदार के बजाय नगर परिषद के सफाई कर्मचारियों द्वारा किया जा रहा है। सोमवार को अशोक काटरे के घर के पास से बड़ चौक शिव मंदिर तक जाने वाली इस सड़क पर सफाई कर्मचारियों को गड्ढे भरते देख राहगीर अचंभित रह गए।

स्थानीय लोगों का आरोप है कि नियमानुसार नई सड़क के रखरखाव की जिम्मेदारी एक निश्चित अवधि तक ठेकेदार की होती है, जिसे सड़क खराब होने पर अपने खर्चे पर ठीक करना होता है। लेकिन, बिछुआ में इसके उलट नगर परिषद अपने खर्च पर मरम्मत करवा रही है। नागरिकों ने निर्माण की गुणवत्ता पर गंभीर सवाल उठाए हैं और पूछा है कि ठेकेदार कहाँ है, और जब सड़क अभी भी मेंटेनेंस अवधि में है, तो उसे नोटिस क्यों नहीं दिया गया? जनता के टैक्स के पैसे का उपयोग ठेकेदार का काम करने के लिए क्यों किया जा रहा है?

सामाजिक कार्यकर्ताओं ने सफाई कर्मचारियों से सड़क मरम्मत कराए जाने पर भी कड़ी आपत्ति जताई है, क्योंकि उनका काम झाड़ू लगाना है, न कि तकनीकी सड़क कार्य करना, जिसके लिए प्रशिक्षित मजदूरों की आवश्यकता होती है। इससे मरम्मत की गुणवत्ता पर सवाल उठ रहे हैं कि क्या यह पैचवर्क पहली बारिश में ही फिर से उखड़ जाएगा। लोगों का कहना है कि डेढ़ साल में ही सड़क का उखड़ जाना निर्माण में भारी भ्रष्टाचार की ओर स्पष्ट इशारा करता है, जहाँ जनता का पैसा बर्बाद हो रहा है और ठेकेदार मजे में है। जनता ने नगर परिषद से सड़क का अनुबंध सार्वजनिक करने, ठेकेदार पर जुर्माना लगाने और उसकी सिक्योरिटी राशि से मरम्मत कराने की मांग की है। बिछुआ की जनता का सीधा सवाल है: "डेढ़ साल में सड़क उखड़ गई, जिम्मेदार कौन?"
    user_Baljeet Chouhan
    Baljeet Chouhan
    Credit reporting agency बिछुआ, छिंदवाड़ा, मध्य प्रदेश•
    10 hrs ago
  • सिवनी जिले में जनपद पंचायत धनौरा की तीन सदस्यीय जांच टीम ने ग्राम पंचायत धनौरा पहुंचकर दुकानों के शटर की जांच की है। इसके अतिरिक्त, सैटेलाइट टीवी न्यूज़ चैनल 'जिओ टीवी' के लिए विभिन्न डीटीएच प्लेटफार्मों पर चैनल नंबर भी उपलब्ध कराए गए हैं, जिनमें जिओ टीवी पर 1163, एयरटेल पर 383 और टाटा प्ले पर 1163 शामिल हैं।
    1
    सिवनी जिले में जनपद पंचायत धनौरा की तीन सदस्यीय जांच टीम ने ग्राम पंचायत धनौरा पहुंचकर दुकानों के शटर की जांच की है। इसके अतिरिक्त, सैटेलाइट टीवी न्यूज़ चैनल 'जिओ टीवी' के लिए विभिन्न डीटीएच प्लेटफार्मों पर चैनल नंबर भी उपलब्ध कराए गए हैं, जिनमें जिओ टीवी पर 1163, एयरटेल पर 383 और टाटा प्ले पर 1163 शामिल हैं।
    user_Aakash Mandrah
    Aakash Mandrah
    Local News Reporter तामिया, छिंदवाड़ा, मध्य प्रदेश•
    17 hrs ago
  • मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव 1 जुलाई को सिवनी में आयोजित प्रदेश स्तरीय धान महोत्सव के मुख्य अतिथि होंगे। इस अवसर पर वे जिले को ₹494.16 करोड़ लागत के कुल 629 विकास कार्यों की सौगात प्रदान करेंगे। इन विकास कार्यों में ₹349.33 करोड़ के कार्यों का लोकार्पण किया जाएगा, जबकि ₹144.83 करोड़ के कार्यों का भूमिपूजन होगा। बताया गया है कि इन परियोजनाओं से सिवनी जिले में सड़क, पानी, शिक्षा और स्वास्थ्य जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों को गति मिलेगी। महोत्सव के दौरान, कृषि और हस्तशिल्प की एक भव्य विकास प्रदर्शनी भी लगाई जाएगी, जो कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण होगी। इसी कार्यक्रम में राज्य के 3,941 कोदो-कुटकी उत्पादक किसानों के बैंक खातों में ₹1,000 प्रति क्विंटल की दर से कुल ₹2.82 करोड़ की प्रोत्साहन राशि सीधे ट्रांसफर की जाएगी। इस आयोजन में मुख्यमंत्री के साथ राजस्व मंत्री करण सिंह वर्मा और कृषि मंत्री ऐदल सिंह कंषाना सहित कई वरिष्ठ जनप्रतिनिधि भी शामिल होंगे।
    1
    मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव 1 जुलाई को सिवनी में आयोजित प्रदेश स्तरीय धान महोत्सव के मुख्य अतिथि होंगे। इस अवसर पर वे जिले को ₹494.16 करोड़ लागत के कुल 629 विकास कार्यों की सौगात प्रदान करेंगे।

इन विकास कार्यों में ₹349.33 करोड़ के कार्यों का लोकार्पण किया जाएगा, जबकि ₹144.83 करोड़ के कार्यों का भूमिपूजन होगा। बताया गया है कि इन परियोजनाओं से सिवनी जिले में सड़क, पानी, शिक्षा और स्वास्थ्य जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों को गति मिलेगी। महोत्सव के दौरान, कृषि और हस्तशिल्प की एक भव्य विकास प्रदर्शनी भी लगाई जाएगी, जो कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण होगी।

इसी कार्यक्रम में राज्य के 3,941 कोदो-कुटकी उत्पादक किसानों के बैंक खातों में ₹1,000 प्रति क्विंटल की दर से कुल ₹2.82 करोड़ की प्रोत्साहन राशि सीधे ट्रांसफर की जाएगी। इस आयोजन में मुख्यमंत्री के साथ राजस्व मंत्री करण सिंह वर्मा और कृषि मंत्री ऐदल सिंह कंषाना सहित कई वरिष्ठ जनप्रतिनिधि भी शामिल होंगे।
    user_Devendra thakur
    Devendra thakur
    Salesperson सिवनी, सिवनी, मध्य प्रदेश•
    5 hrs ago
  • बिछुआ शहर में मानसून की पहली फुहार के साथ ही शहर के डूबने का खतरा मंडराने लगा है, जिसका मुख्य कारण नगर परिषद की घोर लापरवाही बताई जा रही है। वार्ड क्रमांक 1 से लेकर वार्ड क्रमांक 15 तक की सभी नालियों की सफाई महीनों से नहीं हुई है। कचरे, पॉलिथीन और गाद से अटी पड़ी ये नालियां अब गंदे नालों में तब्दील हो चुकी हैं। स्थानीय नागरिकों का कहना है कि नगर परिषद ने बारिश से पहले की तैयारी के लिए कोई ठोस इंतजाम नहीं किए हैं, जिससे हर साल की तरह इस बार भी शहर के निचले इलाकों में जलभराव की समस्या पैदा होने की आशंका है, जहां दुकानें और घर पानी से भर जाते हैं और सड़कें तालाब बन जाती हैं। सबसे बदतर हालात वार्ड 5, वार्ड 8, वार्ड 12 और वार्ड 14 के बताए गए हैं, जहां नालियां पूरी तरह चोक हैं और महीनों से जमा गंदगी के कारण दुर्गंध फैल रही है। मच्छरों का आतंक इतना बढ़ गया है कि शाम होते ही लोगों का घर से निकलना मुश्किल हो रहा है, और कई जगह गंदा पानी सड़कों पर बह रहा है, जिससे बच्चों को स्कूल जाने के लिए इसी गंदे पानी से गुजरना पड़ रहा है। सामाजिक संगठनों का आरोप है कि नगर परिषद का सफाई अमला सिर्फ कागजों में सक्रिय है, जबकि धरातल पर वार्ड 1 से 15 तक कहीं भी सफाई व्यवस्था नजर नहीं आ रही। स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने चेतावनी दी है कि गंदगी से अटी ये नालियां डेंगू, मलेरिया, टाइफाइड और डायरिया जैसी गंभीर बीमारियों को खुला निमंत्रण दे रही हैं, और यदि बारिश का पानी इन जाम नालियों में रुका तो पूरे शहर में महामारी फैलने का खतरा है। पिछले साल भी मानसून के दौरान बिछुआ में जलभराव के कारण दर्जनों लोग बीमार पड़े थे, लेकिन नगर परिषद ने उससे भी कोई सीख नहीं ली। व्यापारी संघ ने भी मुख्य बाजार की नालियों के जाम होने से व्यापार चौपट होने पर नाराजगी जताई है, क्योंकि हल्की बारिश में ही दुकानों के सामने पानी भर जाता है। नागरिकों ने सवाल उठाया है कि जब मौसम विभाग ने इस बार सामान्य से अधिक बारिश की चेतावनी दी है, तो नगर परिषद ने प्री-मानसून सफाई अभियान क्यों नहीं चलाया और जेसीबी मशीनों से नालियों की गाद क्यों नहीं निकलवाई। बिछुआ के जागरूक नागरिकों ने कलेक्टर से इस मामले में तत्काल हस्तक्षेप करने और वार्ड 1 से 15 तक युद्धस्तर पर विशेष सफाई पखवाड़ा चलाने की मांग की है। इसके साथ ही सफाई मद में खर्च हुई लाखों की राशि का सोशल ऑडिट कराने की भी मांग की गई है ताकि पता चल सके कि जनता के टैक्स का पैसा कहां गया। विधायक प्रतिनिधि सुनील साहू ने आरोप लगाया है कि जनता के टैक्स के पैसे की बर्बादी नगर परिषद अध्यक्ष और सीएमओ कर रहे हैं, जबकि प्रभारी नगर पालिका अधिकारी संदीप कुमार मरकाम ने नालियों में गंदगी की जानकारी मिलने पर जल्द सफाई कराने का आश्वासन दिया है। बिछुआ की जनता का दर्द साफ झलक रहा है कि उन्होंने टैक्स सफाई के लिए दिया है, बीमारी मोल लेने के लिए नहीं, और अगर बारिश में शहर डूबा या बीमारी फैली तो इसकी पूरी जिम्मेदारी नगर परिषद की होगी।
    1
    बिछुआ शहर में मानसून की पहली फुहार के साथ ही शहर के डूबने का खतरा मंडराने लगा है, जिसका मुख्य कारण नगर परिषद की घोर लापरवाही बताई जा रही है। वार्ड क्रमांक 1 से लेकर वार्ड क्रमांक 15 तक की सभी नालियों की सफाई महीनों से नहीं हुई है। कचरे, पॉलिथीन और गाद से अटी पड़ी ये नालियां अब गंदे नालों में तब्दील हो चुकी हैं। स्थानीय नागरिकों का कहना है कि नगर परिषद ने बारिश से पहले की तैयारी के लिए कोई ठोस इंतजाम नहीं किए हैं, जिससे हर साल की तरह इस बार भी शहर के निचले इलाकों में जलभराव की समस्या पैदा होने की आशंका है, जहां दुकानें और घर पानी से भर जाते हैं और सड़कें तालाब बन जाती हैं।

सबसे बदतर हालात वार्ड 5, वार्ड 8, वार्ड 12 और वार्ड 14 के बताए गए हैं, जहां नालियां पूरी तरह चोक हैं और महीनों से जमा गंदगी के कारण दुर्गंध फैल रही है। मच्छरों का आतंक इतना बढ़ गया है कि शाम होते ही लोगों का घर से निकलना मुश्किल हो रहा है, और कई जगह गंदा पानी सड़कों पर बह रहा है, जिससे बच्चों को स्कूल जाने के लिए इसी गंदे पानी से गुजरना पड़ रहा है। सामाजिक संगठनों का आरोप है कि नगर परिषद का सफाई अमला सिर्फ कागजों में सक्रिय है, जबकि धरातल पर वार्ड 1 से 15 तक कहीं भी सफाई व्यवस्था नजर नहीं आ रही। स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने चेतावनी दी है कि गंदगी से अटी ये नालियां डेंगू, मलेरिया, टाइफाइड और डायरिया जैसी गंभीर बीमारियों को खुला निमंत्रण दे रही हैं, और यदि बारिश का पानी इन जाम नालियों में रुका तो पूरे शहर में महामारी फैलने का खतरा है। पिछले साल भी मानसून के दौरान बिछुआ में जलभराव के कारण दर्जनों लोग बीमार पड़े थे, लेकिन नगर परिषद ने उससे भी कोई सीख नहीं ली।

व्यापारी संघ ने भी मुख्य बाजार की नालियों के जाम होने से व्यापार चौपट होने पर नाराजगी जताई है, क्योंकि हल्की बारिश में ही दुकानों के सामने पानी भर जाता है। नागरिकों ने सवाल उठाया है कि जब मौसम विभाग ने इस बार सामान्य से अधिक बारिश की चेतावनी दी है, तो नगर परिषद ने प्री-मानसून सफाई अभियान क्यों नहीं चलाया और जेसीबी मशीनों से नालियों की गाद क्यों नहीं निकलवाई। बिछुआ के जागरूक नागरिकों ने कलेक्टर से इस मामले में तत्काल हस्तक्षेप करने और वार्ड 1 से 15 तक युद्धस्तर पर विशेष सफाई पखवाड़ा चलाने की मांग की है। इसके साथ ही सफाई मद में खर्च हुई लाखों की राशि का सोशल ऑडिट कराने की भी मांग की गई है ताकि पता चल सके कि जनता के टैक्स का पैसा कहां गया। विधायक प्रतिनिधि सुनील साहू ने आरोप लगाया है कि जनता के टैक्स के पैसे की बर्बादी नगर परिषद अध्यक्ष और सीएमओ कर रहे हैं, जबकि प्रभारी नगर पालिका अधिकारी संदीप कुमार मरकाम ने नालियों में गंदगी की जानकारी मिलने पर जल्द सफाई कराने का आश्वासन दिया है। बिछुआ की जनता का दर्द साफ झलक रहा है कि उन्होंने टैक्स सफाई के लिए दिया है, बीमारी मोल लेने के लिए नहीं, और अगर बारिश में शहर डूबा या बीमारी फैली तो इसकी पूरी जिम्मेदारी नगर परिषद की होगी।
    user_Baljeet Chouhan
    Baljeet Chouhan
    Credit reporting agency बिछुआ, छिंदवाड़ा, मध्य प्रदेश•
    9 hrs ago
View latest news on Shuru App
Download_Android
  • Terms & Conditions
  • Career
  • Privacy Policy
  • Blogs
Shuru, a product of Close App Private Limited.