पांढुर्णा जिले की चर्चित ग्राम पंचायत रामाकोना को सोमवार को नई स्थानापन्न सरपंच मिल गई है। वार्ड क्रमांक 4 की पंच ज्योति वासुदेव खंडाइत ने चुनाव में 11 मत प्राप्त कर स्थानापन्न सरपंच के रूप में जीत दर्ज की, जबकि उनकी प्रतिद्वंद्वी कोकिला देवेंद्र चौधरी को 9 मत मिले। यह चुनाव मध्यप्रदेश पंचायतराज एवं ग्राम स्वराज अधिनियम, 1993 की धारा 38(ख) के तहत ग्राम पंचायत भवन में कड़ी सुरक्षा व्यवस्था और प्रशासन की निगरानी में शांतिपूर्ण ढंग से सम्पन्न हुआ। यह पद पूर्व सरपंच श्वेता गगन गोहेल को वित्तीय अनियमितताओं और सरकारी राशि के कथित गबन के मामले में पदमुक्त किए जाने और छह वर्ष के लिए अयोग्य घोषित किए जाने के बाद रिक्त हुआ था। श्वेता गोहेल को मध्यप्रदेश पंचायत राज एवं ग्राम स्वराज अधिनियम की धारा 92(5) के तहत अयोग्य घोषित किया गया था, जिसके बाद जिला पंचायत के आदेशानुसार स्थानापन्न सरपंच के निर्वाचन की प्रक्रिया पूरी की गई। चुनाव परिणाम की घोषणा के उपरांत, नवनिर्वाचित स्थानापन्न सरपंच ज्योति वासुदेव खंडाइत का उनके समर्थकों ने गर्मजोशी से स्वागत किया। उन्होंने अपनी पहली प्राथमिकता पंचायत में रुके हुए विकास कार्यों को गति देना, पारदर्शिता के साथ कार्य करना और जनता के विश्वास पर खरा उतरना बताया।
पांढुर्णा जिले की चर्चित ग्राम पंचायत रामाकोना को सोमवार को नई स्थानापन्न सरपंच मिल गई है। वार्ड क्रमांक 4 की पंच ज्योति वासुदेव खंडाइत ने चुनाव में 11 मत प्राप्त कर स्थानापन्न सरपंच के रूप में जीत दर्ज की, जबकि उनकी प्रतिद्वंद्वी कोकिला देवेंद्र चौधरी को 9 मत मिले। यह चुनाव मध्यप्रदेश पंचायतराज एवं ग्राम स्वराज अधिनियम, 1993 की धारा 38(ख) के तहत ग्राम पंचायत
भवन में कड़ी सुरक्षा व्यवस्था और प्रशासन की निगरानी में शांतिपूर्ण ढंग से सम्पन्न हुआ। यह पद पूर्व सरपंच श्वेता गगन गोहेल को वित्तीय अनियमितताओं और सरकारी राशि के कथित गबन के मामले में पदमुक्त किए जाने और छह वर्ष के लिए अयोग्य घोषित किए जाने के बाद रिक्त हुआ था। श्वेता गोहेल को मध्यप्रदेश पंचायत राज एवं ग्राम स्वराज अधिनियम की धारा 92(5) के तहत
अयोग्य घोषित किया गया था, जिसके बाद जिला पंचायत के आदेशानुसार स्थानापन्न सरपंच के निर्वाचन की प्रक्रिया पूरी की गई। चुनाव परिणाम की घोषणा के उपरांत, नवनिर्वाचित स्थानापन्न सरपंच ज्योति वासुदेव खंडाइत का उनके समर्थकों ने गर्मजोशी से स्वागत किया। उन्होंने अपनी पहली प्राथमिकता पंचायत में रुके हुए विकास कार्यों को गति देना, पारदर्शिता के साथ कार्य करना और जनता के विश्वास पर खरा उतरना बताया।
- मोहर्रम के पावन अवसर पर छिन्दवाड़ा जिले के सिंगोड़ी में सिलसिला-ए-युसुफ़िया ताजिया की जानिब से खिलाफत और दस्तारबंदी का एक रूहानी कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस कार्यक्रम में सिंगोड़ी ग्राम निवासी सूफी इबरार अहमद रज़वी की दस्तारबंदी की गई, उन्हें खिलाफत से नवाज़ा गया और सिलसिले की महत्वपूर्ण जिम्मेदारियाँ सौंपी गईं। यह कार्यक्रम खानकाह-ए-युसुफ़िया की सरपरस्ती में संपन्न हुआ, जिसमें महाराष्ट्र के नागपुर से हज़रत नवाज़ अहमद अली यूसुफी, ताजी साहब, तथा कर्नाटक के गुलबर्ग से हज़रत अब्दुल रऊफ चिश्ती, बन्दा नवाज़ी साहब, और सिंगोड़ी की जनता विशेष रूप से मौजूद रही। इस आध्यात्मिक अवसर पर इस्लामी तालीम, भाईचारे और अमन का पैगाम दिया गया। बड़ी तादाद में अकीदतमंदों ने कार्यक्रम में शिरकत की और इमाम हुसैन की कुर्बानी को याद करते हुए मोहर्रम के इंसानियत के पैगाम को आम करने का संकल्प लिया। मजलिस से पहले लंगर का भी एहतमाम किया गया था। सभी उपस्थित हजरात ने मिलकर मुल्क में अमन-चैन और शांति के लिए दुआ मांगी। इस अवसर पर सदर अंजुमन कमेटी साहीद अंसारी, पूर्व सदर इलमन मिस्कीनी, पूर्व सदर आहाद मिस्किनी, वहीद मिस्किनी, अब्दुल समद मिस्किनी, जबलपुर से रफीक बाबा, कुद्दुश बाबा, अनीश बाबा, कलीम बाबा सहित गाँव के अनेक लोग उपस्थित रहे।1
- मुख्यमंत्री मोहन यादव ने मोहन नागर को बधाई दी है।1
- आज शाम बैतूल जनपद के खेड़ीसावलीगढ़ ग्राम स्थित मंगल भवन में जिला स्तरीय 'जल गंगा संवर्धन अभियान' का समापन समारोह आयोजित किया गया। इस अवसर पर मध्यप्रदेश शासन के राज्य मंत्री नरेंद्र शिवाजी राव पटेल और केंद्रीय मंत्री डी डी उईके प्रमुख रूप से उपस्थित रहे। केंद्रीय मंत्री डी डी उईके ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि 'जल गंगा अभियान' वर्तमान समय की आवश्यकता है और जल संवर्धन की योजनाओं पर ध्यान देना अत्यंत महत्वपूर्ण है। उन्होंने जल संरक्षण को जन आंदोलन बनाने पर जोर दिया और बताया कि वनों के विनाश के बाद अब वृक्षारोपण अनिवार्य हो गया है, क्योंकि पेड़ों में जल अवशोषित करने की क्षमता होती है, जो जल संरक्षण में सहायक है। वहीं, राज्य मंत्री शिवाजी राव पटेल ने इस अभियान को जल संरक्षण के उद्देश्य से चलाए जाने की बात कही। कार्यक्रम में जिला पंचायत अध्यक्ष राजा पवार, कलेक्टर बैतूल डॉक्टर सौरभ संजय सोनवणे, ग्राम सरपंच शर्मिला ठाकुर, ग्रामीण मंडल अध्यक्ष नितिन बारस्कर, राजसीह परिहार और हंसराज धुर्वे भी मौजूद थे। इसके अतिरिक्त, जल संसाधन विभाग, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकीय विभाग और राजस्व विभाग के अधिकारी-कर्मचारी भी इस समापन अवसर पर उपस्थित रहे।1
- मध्य प्रदेश के बिछुआ में नगर परिषद का एक हैरान करने वाला मामला सामने आया है, जहाँ डेढ़ साल पहले बनी एक सड़क पूरी तरह उखड़ गई है। इसका मरम्मत कार्य ठेकेदार के बजाय नगर परिषद के सफाई कर्मचारियों द्वारा किया जा रहा है। सोमवार को अशोक काटरे के घर के पास से बड़ चौक शिव मंदिर तक जाने वाली इस सड़क पर सफाई कर्मचारियों को गड्ढे भरते देख राहगीर अचंभित रह गए। स्थानीय लोगों का आरोप है कि नियमानुसार नई सड़क के रखरखाव की जिम्मेदारी एक निश्चित अवधि तक ठेकेदार की होती है, जिसे सड़क खराब होने पर अपने खर्चे पर ठीक करना होता है। लेकिन, बिछुआ में इसके उलट नगर परिषद अपने खर्च पर मरम्मत करवा रही है। नागरिकों ने निर्माण की गुणवत्ता पर गंभीर सवाल उठाए हैं और पूछा है कि ठेकेदार कहाँ है, और जब सड़क अभी भी मेंटेनेंस अवधि में है, तो उसे नोटिस क्यों नहीं दिया गया? जनता के टैक्स के पैसे का उपयोग ठेकेदार का काम करने के लिए क्यों किया जा रहा है? सामाजिक कार्यकर्ताओं ने सफाई कर्मचारियों से सड़क मरम्मत कराए जाने पर भी कड़ी आपत्ति जताई है, क्योंकि उनका काम झाड़ू लगाना है, न कि तकनीकी सड़क कार्य करना, जिसके लिए प्रशिक्षित मजदूरों की आवश्यकता होती है। इससे मरम्मत की गुणवत्ता पर सवाल उठ रहे हैं कि क्या यह पैचवर्क पहली बारिश में ही फिर से उखड़ जाएगा। लोगों का कहना है कि डेढ़ साल में ही सड़क का उखड़ जाना निर्माण में भारी भ्रष्टाचार की ओर स्पष्ट इशारा करता है, जहाँ जनता का पैसा बर्बाद हो रहा है और ठेकेदार मजे में है। जनता ने नगर परिषद से सड़क का अनुबंध सार्वजनिक करने, ठेकेदार पर जुर्माना लगाने और उसकी सिक्योरिटी राशि से मरम्मत कराने की मांग की है। बिछुआ की जनता का सीधा सवाल है: "डेढ़ साल में सड़क उखड़ गई, जिम्मेदार कौन?"1
- छिंदवाड़ा में कम बारिश के चलते कन्हरगाँव डेम में पानी का स्तर काफी घट गया है, जिसके कारण शहर में जल वितरण में दिक्कतें आ रही हैं। सोशल मीडिया पर वायरल एक पोस्ट में यह दावा किया गया है, जिसे यूजर vikram_ahakey ने साझा किया और nitesh_kudopa_750 सहित 163 अन्य लोगों ने पसंद किया है। नगर निगम प्रशासन इस जल संकट से निपटने और जल व्यवस्था को सुचारू बनाने के लिए हर संभव प्रयास कर रहा है। प्रशासन ने भरोसा दिलाया है कि जल्द ही लोगों को व्यवस्थित रूप से जल उपलब्ध कराया जाएगा। गर्मी और कम बारिश के कारण उत्पन्न हुई इस जल संकट की स्थिति को देखते हुए, नगर निगम वैकल्पिक व्यवस्थाएँ करके जल आपूर्ति को सामान्य करने में जुटा है और नागरिकों से भी पानी का संयमित उपयोग करने की अपील की गई है।1
- मुलताई तहसील मुख्यालय पर मंगलवार को आयोजित जनसुनवाई में नेहरू वार्ड शारदा क्षेत्र की महिलाओं ने नाली और सड़क निर्माण की मांग को लेकर जमकर हंगामा किया। वर्षों से मूलभूत सुविधाओं से वंचित होने का आरोप लगाते हुए, महिलाओं ने नगर पालिका प्रशासन के खिलाफ अपनी गहरी नाराजगी जताई। महिलाओं का कहना था कि वे अपनी समस्याओं के समाधान के लिए कई बार नगर पालिका के चक्कर लगा चुकी हैं, लेकिन अब तक कोई नतीजा नहीं निकला। वार्ड में नाली न होने के कारण गंदा पानी सड़क पर बहता है, जिससे लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ता है। इसके अतिरिक्त, बारिश के दौरान कच्ची सड़क पर कीचड़ हो जाने से पैदल चलना भी मुश्किल हो जाता है। अपनी शिकायत लेकर पहुंची इन महिलाओं की नगर पालिका के उपयंत्री से तीखी बहस हो गई, जिससे काफी देर तक कहासुनी चलती रही और जनसुनवाई में हंगामे की स्थिति बन गई। मामला बढ़ता देख, एसडीएम राजीव कहार ने हस्तक्षेप कर दोनों पक्षों को समझाइश दी और विवाद शांत कराया। एसडीएम ने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे शिकायत का परीक्षण कर आवश्यक कार्रवाई करें। स्थानीय लोगों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही नाली और सड़क निर्माण का कार्य शुरू नहीं हुआ, तो वे आंदोलन करने के लिए मजबूर होंगे।1