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मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव 1 जुलाई को सिवनी में आयोजित प्रदेश स्तरीय धान महोत्सव के मुख्य अतिथि होंगे। इस अवसर पर वे जिले को ₹494.16 करोड़ लागत के कुल 629 विकास कार्यों की सौगात प्रदान करेंगे। इन विकास कार्यों में ₹349.33 करोड़ के कार्यों का लोकार्पण किया जाएगा, जबकि ₹144.83 करोड़ के कार्यों का भूमिपूजन होगा। बताया गया है कि इन परियोजनाओं से सिवनी जिले में सड़क, पानी, शिक्षा और स्वास्थ्य जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों को गति मिलेगी। महोत्सव के दौरान, कृषि और हस्तशिल्प की एक भव्य विकास प्रदर्शनी भी लगाई जाएगी, जो कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण होगी। इसी कार्यक्रम में राज्य के 3,941 कोदो-कुटकी उत्पादक किसानों के बैंक खातों में ₹1,000 प्रति क्विंटल की दर से कुल ₹2.82 करोड़ की प्रोत्साहन राशि सीधे ट्रांसफर की जाएगी। इस आयोजन में मुख्यमंत्री के साथ राजस्व मंत्री करण सिंह वर्मा और कृषि मंत्री ऐदल सिंह कंषाना सहित कई वरिष्ठ जनप्रतिनिधि भी शामिल होंगे।

3 hrs ago
user_Devendra thakur
Devendra thakur
Salesperson सिवनी, सिवनी, मध्य प्रदेश•
3 hrs ago

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव 1 जुलाई को सिवनी में आयोजित प्रदेश स्तरीय धान महोत्सव के मुख्य अतिथि होंगे। इस अवसर पर वे जिले को ₹494.16 करोड़ लागत के कुल 629 विकास कार्यों की सौगात प्रदान करेंगे। इन विकास कार्यों में ₹349.33 करोड़ के कार्यों का लोकार्पण किया जाएगा, जबकि ₹144.83 करोड़ के कार्यों का भूमिपूजन होगा। बताया गया है कि इन परियोजनाओं से सिवनी जिले में सड़क, पानी, शिक्षा और स्वास्थ्य जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों को गति मिलेगी। महोत्सव के दौरान, कृषि और हस्तशिल्प की एक भव्य विकास प्रदर्शनी भी लगाई जाएगी, जो कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण होगी। इसी कार्यक्रम में राज्य के 3,941 कोदो-कुटकी उत्पादक किसानों के बैंक खातों में ₹1,000 प्रति क्विंटल की दर से कुल ₹2.82 करोड़ की प्रोत्साहन राशि सीधे ट्रांसफर की जाएगी। इस आयोजन में मुख्यमंत्री के साथ राजस्व मंत्री करण सिंह वर्मा और कृषि मंत्री ऐदल सिंह कंषाना सहित कई वरिष्ठ जनप्रतिनिधि भी शामिल होंगे।

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  • महिला-बाल विकास विभाग की तत्परता के चलते एक बाल विवाह को सफलतापूर्वक रोका गया है। विभाग की मुस्तैदी के कारण 17 साल की एक किशोरी का होने वाला विवाह टाल दिया गया।
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    महिला-बाल विकास विभाग की तत्परता के चलते एक बाल विवाह को सफलतापूर्वक रोका गया है। विभाग की मुस्तैदी के कारण 17 साल की एक किशोरी का होने वाला विवाह टाल दिया गया।
    user_Dev Anand
    Dev Anand
    कटंगी, बालाघाट, मध्य प्रदेश•
    11 hrs ago
  • छिंदवाड़ा में कम बारिश के चलते कन्हरगाँव डेम में पानी का स्तर काफी घट गया है, जिसके कारण शहर में जल वितरण में दिक्कतें आ रही हैं। सोशल मीडिया पर वायरल एक पोस्ट में यह दावा किया गया है, जिसे यूजर vikram_ahakey ने साझा किया और nitesh_kudopa_750 सहित 163 अन्य लोगों ने पसंद किया है। नगर निगम प्रशासन इस जल संकट से निपटने और जल व्यवस्था को सुचारू बनाने के लिए हर संभव प्रयास कर रहा है। प्रशासन ने भरोसा दिलाया है कि जल्द ही लोगों को व्यवस्थित रूप से जल उपलब्ध कराया जाएगा। गर्मी और कम बारिश के कारण उत्पन्न हुई इस जल संकट की स्थिति को देखते हुए, नगर निगम वैकल्पिक व्यवस्थाएँ करके जल आपूर्ति को सामान्य करने में जुटा है और नागरिकों से भी पानी का संयमित उपयोग करने की अपील की गई है।
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    छिंदवाड़ा में कम बारिश के चलते कन्हरगाँव डेम में पानी का स्तर काफी घट गया है, जिसके कारण शहर में जल वितरण में दिक्कतें आ रही हैं। सोशल मीडिया पर वायरल एक पोस्ट में यह दावा किया गया है, जिसे यूजर vikram_ahakey ने साझा किया और nitesh_kudopa_750 सहित 163 अन्य लोगों ने पसंद किया है।

नगर निगम प्रशासन इस जल संकट से निपटने और जल व्यवस्था को सुचारू बनाने के लिए हर संभव प्रयास कर रहा है। प्रशासन ने भरोसा दिलाया है कि जल्द ही लोगों को व्यवस्थित रूप से जल उपलब्ध कराया जाएगा। गर्मी और कम बारिश के कारण उत्पन्न हुई इस जल संकट की स्थिति को देखते हुए, नगर निगम वैकल्पिक व्यवस्थाएँ करके जल आपूर्ति को सामान्य करने में जुटा है और नागरिकों से भी पानी का संयमित उपयोग करने की अपील की गई है।
    user_मानव अधिकार मिशन मीडिया सेक्रे
    मानव अधिकार मिशन मीडिया सेक्रे
    छिंदवाड़ा नगर, छिंदवाड़ा, मध्य प्रदेश•
    15 hrs ago
  • बालाघाट जिले में स्वास्थ्य सेवाओं के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण प्रगति हुई है, जहाँ समाधान हॉस्पिटल में रोबोटिक सर्जरी तकनीक का शुभारंभ किया गया है। इस नई सुविधा के तहत, अब जिले में ही रोबोटिक नी-रिप्लेसमेंट सर्जरी की जा सकेगी। यह पहल उन लोगों के लिए बड़ी राहत लेकर आई है, जिन्हें अब तक इस विशिष्ट सर्जरी के लिए महानगरों की ओर दौड़ना पड़ता था, जिससे उनकी यह परेशानी समाप्त हो जाएगी।
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    बालाघाट जिले में स्वास्थ्य सेवाओं के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण प्रगति हुई है, जहाँ समाधान हॉस्पिटल में रोबोटिक सर्जरी तकनीक का शुभारंभ किया गया है। इस नई सुविधा के तहत, अब जिले में ही रोबोटिक नी-रिप्लेसमेंट सर्जरी की जा सकेगी। यह पहल उन लोगों के लिए बड़ी राहत लेकर आई है, जिन्हें अब तक इस विशिष्ट सर्जरी के लिए महानगरों की ओर दौड़ना पड़ता था, जिससे उनकी यह परेशानी समाप्त हो जाएगी।
    user_Samarpit sahu
    Samarpit sahu
    पत्रकार बालाघाट, बालाघाट, मध्य प्रदेश•
    5 hrs ago
  • प्रत्येक मंगलवार को होने वाली जनसुनवाई अब केवल कागजी कार्रवाई बनकर रह गई है, जिससे फरियादी अत्यधिक परेशान हैं। उच्च अधिकारियों के लगातार अनुपस्थित रहने के कारण यह जनसुनवाई एक मखौल साबित हो रही है। शिकायतकर्ताओं की समस्याओं का कोई समाधान नहीं हो पा रहा है, जिससे उनकी मुश्किलें बढ़ती जा रही हैं।
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    प्रत्येक मंगलवार को होने वाली जनसुनवाई अब केवल कागजी कार्रवाई बनकर रह गई है, जिससे फरियादी अत्यधिक परेशान हैं। उच्च अधिकारियों के लगातार अनुपस्थित रहने के कारण यह जनसुनवाई एक मखौल साबित हो रही है। शिकायतकर्ताओं की समस्याओं का कोई समाधान नहीं हो पा रहा है, जिससे उनकी मुश्किलें बढ़ती जा रही हैं।
    user_INDRAJEET SINGH DASHMER
    INDRAJEET SINGH DASHMER
    बालाघाट, बालाघाट, मध्य प्रदेश•
    10 hrs ago
  • घंसौर नगर में मंगलवार, 30 जून 2026 को राष्ट्रसंत युग शिरोमणि आचार्य गुरुवर श्री 108 विद्यासागर जी महाराज के 59वें दीक्षा दिवस के अवसर पर एक महत्वपूर्ण आयोजन हुआ। इस शुभ घड़ी में, उनके परम प्रभावक शिष्य मुनि श्री चिद्रूप सागर जी महाराज और मुनि श्री सुभग सागर जी महाराज का प्रातः 8:00 बजे भव्य मंगल प्रवेश हुआ, जिसकी अगवानी जैन समाज के श्रद्धालुओं ने पूरी श्रद्धा और भाव के साथ की। इस अवसर पर, मुनिश्री के सानिध्य में श्री पार्श्वनाथ जिनालय में आचार्य गुरुवर श्री विद्यासागर जी महाराज की भव्य पूजा और अन्य धार्मिक आयोजन संपन्न होंगे। वर्तमान में, पूरे नगर में इस पवित्र अवसर को लेकर धार्मिक उत्साह और श्रद्धा का वातावरण बना हुआ है।
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    घंसौर नगर में मंगलवार, 30 जून 2026 को राष्ट्रसंत युग शिरोमणि आचार्य गुरुवर श्री 108 विद्यासागर जी महाराज के 59वें दीक्षा दिवस के अवसर पर एक महत्वपूर्ण आयोजन हुआ। इस शुभ घड़ी में, उनके परम प्रभावक शिष्य मुनि श्री चिद्रूप सागर जी महाराज और मुनि श्री सुभग सागर जी महाराज का प्रातः 8:00 बजे भव्य मंगल प्रवेश हुआ, जिसकी अगवानी जैन समाज के श्रद्धालुओं ने पूरी श्रद्धा और भाव के साथ की।

इस अवसर पर, मुनिश्री के सानिध्य में श्री पार्श्वनाथ जिनालय में आचार्य गुरुवर श्री विद्यासागर जी महाराज की भव्य पूजा और अन्य धार्मिक आयोजन संपन्न होंगे। वर्तमान में, पूरे नगर में इस पवित्र अवसर को लेकर धार्मिक उत्साह और श्रद्धा का वातावरण बना हुआ है।
    user_Umesh Srivastava
    Umesh Srivastava
    घनसौर, सिवनी, मध्य प्रदेश•
    15 hrs ago
  • मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव 1 जुलाई को सिवनी में आयोजित प्रदेश स्तरीय धान महोत्सव के मुख्य अतिथि होंगे। इस अवसर पर वे जिले को ₹494.16 करोड़ लागत के कुल 629 विकास कार्यों की सौगात प्रदान करेंगे। इन विकास कार्यों में ₹349.33 करोड़ के कार्यों का लोकार्पण किया जाएगा, जबकि ₹144.83 करोड़ के कार्यों का भूमिपूजन होगा। बताया गया है कि इन परियोजनाओं से सिवनी जिले में सड़क, पानी, शिक्षा और स्वास्थ्य जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों को गति मिलेगी। महोत्सव के दौरान, कृषि और हस्तशिल्प की एक भव्य विकास प्रदर्शनी भी लगाई जाएगी, जो कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण होगी। इसी कार्यक्रम में राज्य के 3,941 कोदो-कुटकी उत्पादक किसानों के बैंक खातों में ₹1,000 प्रति क्विंटल की दर से कुल ₹2.82 करोड़ की प्रोत्साहन राशि सीधे ट्रांसफर की जाएगी। इस आयोजन में मुख्यमंत्री के साथ राजस्व मंत्री करण सिंह वर्मा और कृषि मंत्री ऐदल सिंह कंषाना सहित कई वरिष्ठ जनप्रतिनिधि भी शामिल होंगे।
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    मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव 1 जुलाई को सिवनी में आयोजित प्रदेश स्तरीय धान महोत्सव के मुख्य अतिथि होंगे। इस अवसर पर वे जिले को ₹494.16 करोड़ लागत के कुल 629 विकास कार्यों की सौगात प्रदान करेंगे।

इन विकास कार्यों में ₹349.33 करोड़ के कार्यों का लोकार्पण किया जाएगा, जबकि ₹144.83 करोड़ के कार्यों का भूमिपूजन होगा। बताया गया है कि इन परियोजनाओं से सिवनी जिले में सड़क, पानी, शिक्षा और स्वास्थ्य जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों को गति मिलेगी। महोत्सव के दौरान, कृषि और हस्तशिल्प की एक भव्य विकास प्रदर्शनी भी लगाई जाएगी, जो कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण होगी।

इसी कार्यक्रम में राज्य के 3,941 कोदो-कुटकी उत्पादक किसानों के बैंक खातों में ₹1,000 प्रति क्विंटल की दर से कुल ₹2.82 करोड़ की प्रोत्साहन राशि सीधे ट्रांसफर की जाएगी। इस आयोजन में मुख्यमंत्री के साथ राजस्व मंत्री करण सिंह वर्मा और कृषि मंत्री ऐदल सिंह कंषाना सहित कई वरिष्ठ जनप्रतिनिधि भी शामिल होंगे।
    user_Devendra thakur
    Devendra thakur
    Salesperson सिवनी, सिवनी, मध्य प्रदेश•
    3 hrs ago
  • मध्य प्रदेश के बिछुआ में नगर परिषद का एक हैरान करने वाला मामला सामने आया है, जहाँ डेढ़ साल पहले बनी एक सड़क पूरी तरह उखड़ गई है। इसका मरम्मत कार्य ठेकेदार के बजाय नगर परिषद के सफाई कर्मचारियों द्वारा किया जा रहा है। सोमवार को अशोक काटरे के घर के पास से बड़ चौक शिव मंदिर तक जाने वाली इस सड़क पर सफाई कर्मचारियों को गड्ढे भरते देख राहगीर अचंभित रह गए। स्थानीय लोगों का आरोप है कि नियमानुसार नई सड़क के रखरखाव की जिम्मेदारी एक निश्चित अवधि तक ठेकेदार की होती है, जिसे सड़क खराब होने पर अपने खर्चे पर ठीक करना होता है। लेकिन, बिछुआ में इसके उलट नगर परिषद अपने खर्च पर मरम्मत करवा रही है। नागरिकों ने निर्माण की गुणवत्ता पर गंभीर सवाल उठाए हैं और पूछा है कि ठेकेदार कहाँ है, और जब सड़क अभी भी मेंटेनेंस अवधि में है, तो उसे नोटिस क्यों नहीं दिया गया? जनता के टैक्स के पैसे का उपयोग ठेकेदार का काम करने के लिए क्यों किया जा रहा है? सामाजिक कार्यकर्ताओं ने सफाई कर्मचारियों से सड़क मरम्मत कराए जाने पर भी कड़ी आपत्ति जताई है, क्योंकि उनका काम झाड़ू लगाना है, न कि तकनीकी सड़क कार्य करना, जिसके लिए प्रशिक्षित मजदूरों की आवश्यकता होती है। इससे मरम्मत की गुणवत्ता पर सवाल उठ रहे हैं कि क्या यह पैचवर्क पहली बारिश में ही फिर से उखड़ जाएगा। लोगों का कहना है कि डेढ़ साल में ही सड़क का उखड़ जाना निर्माण में भारी भ्रष्टाचार की ओर स्पष्ट इशारा करता है, जहाँ जनता का पैसा बर्बाद हो रहा है और ठेकेदार मजे में है। जनता ने नगर परिषद से सड़क का अनुबंध सार्वजनिक करने, ठेकेदार पर जुर्माना लगाने और उसकी सिक्योरिटी राशि से मरम्मत कराने की मांग की है। बिछुआ की जनता का सीधा सवाल है: "डेढ़ साल में सड़क उखड़ गई, जिम्मेदार कौन?"
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    मध्य प्रदेश के बिछुआ में नगर परिषद का एक हैरान करने वाला मामला सामने आया है, जहाँ डेढ़ साल पहले बनी एक सड़क पूरी तरह उखड़ गई है। इसका मरम्मत कार्य ठेकेदार के बजाय नगर परिषद के सफाई कर्मचारियों द्वारा किया जा रहा है। सोमवार को अशोक काटरे के घर के पास से बड़ चौक शिव मंदिर तक जाने वाली इस सड़क पर सफाई कर्मचारियों को गड्ढे भरते देख राहगीर अचंभित रह गए।

स्थानीय लोगों का आरोप है कि नियमानुसार नई सड़क के रखरखाव की जिम्मेदारी एक निश्चित अवधि तक ठेकेदार की होती है, जिसे सड़क खराब होने पर अपने खर्चे पर ठीक करना होता है। लेकिन, बिछुआ में इसके उलट नगर परिषद अपने खर्च पर मरम्मत करवा रही है। नागरिकों ने निर्माण की गुणवत्ता पर गंभीर सवाल उठाए हैं और पूछा है कि ठेकेदार कहाँ है, और जब सड़क अभी भी मेंटेनेंस अवधि में है, तो उसे नोटिस क्यों नहीं दिया गया? जनता के टैक्स के पैसे का उपयोग ठेकेदार का काम करने के लिए क्यों किया जा रहा है?

सामाजिक कार्यकर्ताओं ने सफाई कर्मचारियों से सड़क मरम्मत कराए जाने पर भी कड़ी आपत्ति जताई है, क्योंकि उनका काम झाड़ू लगाना है, न कि तकनीकी सड़क कार्य करना, जिसके लिए प्रशिक्षित मजदूरों की आवश्यकता होती है। इससे मरम्मत की गुणवत्ता पर सवाल उठ रहे हैं कि क्या यह पैचवर्क पहली बारिश में ही फिर से उखड़ जाएगा। लोगों का कहना है कि डेढ़ साल में ही सड़क का उखड़ जाना निर्माण में भारी भ्रष्टाचार की ओर स्पष्ट इशारा करता है, जहाँ जनता का पैसा बर्बाद हो रहा है और ठेकेदार मजे में है। जनता ने नगर परिषद से सड़क का अनुबंध सार्वजनिक करने, ठेकेदार पर जुर्माना लगाने और उसकी सिक्योरिटी राशि से मरम्मत कराने की मांग की है। बिछुआ की जनता का सीधा सवाल है: "डेढ़ साल में सड़क उखड़ गई, जिम्मेदार कौन?"
    user_Baljeet Chouhan
    Baljeet Chouhan
    Credit reporting agency बिछुआ, छिंदवाड़ा, मध्य प्रदेश•
    8 hrs ago
  • बिछुआ शहर में मानसून की पहली फुहार के साथ ही शहर के डूबने का खतरा मंडराने लगा है, जिसका मुख्य कारण नगर परिषद की घोर लापरवाही बताई जा रही है। वार्ड क्रमांक 1 से लेकर वार्ड क्रमांक 15 तक की सभी नालियों की सफाई महीनों से नहीं हुई है। कचरे, पॉलिथीन और गाद से अटी पड़ी ये नालियां अब गंदे नालों में तब्दील हो चुकी हैं। स्थानीय नागरिकों का कहना है कि नगर परिषद ने बारिश से पहले की तैयारी के लिए कोई ठोस इंतजाम नहीं किए हैं, जिससे हर साल की तरह इस बार भी शहर के निचले इलाकों में जलभराव की समस्या पैदा होने की आशंका है, जहां दुकानें और घर पानी से भर जाते हैं और सड़कें तालाब बन जाती हैं। सबसे बदतर हालात वार्ड 5, वार्ड 8, वार्ड 12 और वार्ड 14 के बताए गए हैं, जहां नालियां पूरी तरह चोक हैं और महीनों से जमा गंदगी के कारण दुर्गंध फैल रही है। मच्छरों का आतंक इतना बढ़ गया है कि शाम होते ही लोगों का घर से निकलना मुश्किल हो रहा है, और कई जगह गंदा पानी सड़कों पर बह रहा है, जिससे बच्चों को स्कूल जाने के लिए इसी गंदे पानी से गुजरना पड़ रहा है। सामाजिक संगठनों का आरोप है कि नगर परिषद का सफाई अमला सिर्फ कागजों में सक्रिय है, जबकि धरातल पर वार्ड 1 से 15 तक कहीं भी सफाई व्यवस्था नजर नहीं आ रही। स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने चेतावनी दी है कि गंदगी से अटी ये नालियां डेंगू, मलेरिया, टाइफाइड और डायरिया जैसी गंभीर बीमारियों को खुला निमंत्रण दे रही हैं, और यदि बारिश का पानी इन जाम नालियों में रुका तो पूरे शहर में महामारी फैलने का खतरा है। पिछले साल भी मानसून के दौरान बिछुआ में जलभराव के कारण दर्जनों लोग बीमार पड़े थे, लेकिन नगर परिषद ने उससे भी कोई सीख नहीं ली। व्यापारी संघ ने भी मुख्य बाजार की नालियों के जाम होने से व्यापार चौपट होने पर नाराजगी जताई है, क्योंकि हल्की बारिश में ही दुकानों के सामने पानी भर जाता है। नागरिकों ने सवाल उठाया है कि जब मौसम विभाग ने इस बार सामान्य से अधिक बारिश की चेतावनी दी है, तो नगर परिषद ने प्री-मानसून सफाई अभियान क्यों नहीं चलाया और जेसीबी मशीनों से नालियों की गाद क्यों नहीं निकलवाई। बिछुआ के जागरूक नागरिकों ने कलेक्टर से इस मामले में तत्काल हस्तक्षेप करने और वार्ड 1 से 15 तक युद्धस्तर पर विशेष सफाई पखवाड़ा चलाने की मांग की है। इसके साथ ही सफाई मद में खर्च हुई लाखों की राशि का सोशल ऑडिट कराने की भी मांग की गई है ताकि पता चल सके कि जनता के टैक्स का पैसा कहां गया। विधायक प्रतिनिधि सुनील साहू ने आरोप लगाया है कि जनता के टैक्स के पैसे की बर्बादी नगर परिषद अध्यक्ष और सीएमओ कर रहे हैं, जबकि प्रभारी नगर पालिका अधिकारी संदीप कुमार मरकाम ने नालियों में गंदगी की जानकारी मिलने पर जल्द सफाई कराने का आश्वासन दिया है। बिछुआ की जनता का दर्द साफ झलक रहा है कि उन्होंने टैक्स सफाई के लिए दिया है, बीमारी मोल लेने के लिए नहीं, और अगर बारिश में शहर डूबा या बीमारी फैली तो इसकी पूरी जिम्मेदारी नगर परिषद की होगी।
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    बिछुआ शहर में मानसून की पहली फुहार के साथ ही शहर के डूबने का खतरा मंडराने लगा है, जिसका मुख्य कारण नगर परिषद की घोर लापरवाही बताई जा रही है। वार्ड क्रमांक 1 से लेकर वार्ड क्रमांक 15 तक की सभी नालियों की सफाई महीनों से नहीं हुई है। कचरे, पॉलिथीन और गाद से अटी पड़ी ये नालियां अब गंदे नालों में तब्दील हो चुकी हैं। स्थानीय नागरिकों का कहना है कि नगर परिषद ने बारिश से पहले की तैयारी के लिए कोई ठोस इंतजाम नहीं किए हैं, जिससे हर साल की तरह इस बार भी शहर के निचले इलाकों में जलभराव की समस्या पैदा होने की आशंका है, जहां दुकानें और घर पानी से भर जाते हैं और सड़कें तालाब बन जाती हैं।

सबसे बदतर हालात वार्ड 5, वार्ड 8, वार्ड 12 और वार्ड 14 के बताए गए हैं, जहां नालियां पूरी तरह चोक हैं और महीनों से जमा गंदगी के कारण दुर्गंध फैल रही है। मच्छरों का आतंक इतना बढ़ गया है कि शाम होते ही लोगों का घर से निकलना मुश्किल हो रहा है, और कई जगह गंदा पानी सड़कों पर बह रहा है, जिससे बच्चों को स्कूल जाने के लिए इसी गंदे पानी से गुजरना पड़ रहा है। सामाजिक संगठनों का आरोप है कि नगर परिषद का सफाई अमला सिर्फ कागजों में सक्रिय है, जबकि धरातल पर वार्ड 1 से 15 तक कहीं भी सफाई व्यवस्था नजर नहीं आ रही। स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने चेतावनी दी है कि गंदगी से अटी ये नालियां डेंगू, मलेरिया, टाइफाइड और डायरिया जैसी गंभीर बीमारियों को खुला निमंत्रण दे रही हैं, और यदि बारिश का पानी इन जाम नालियों में रुका तो पूरे शहर में महामारी फैलने का खतरा है। पिछले साल भी मानसून के दौरान बिछुआ में जलभराव के कारण दर्जनों लोग बीमार पड़े थे, लेकिन नगर परिषद ने उससे भी कोई सीख नहीं ली।

व्यापारी संघ ने भी मुख्य बाजार की नालियों के जाम होने से व्यापार चौपट होने पर नाराजगी जताई है, क्योंकि हल्की बारिश में ही दुकानों के सामने पानी भर जाता है। नागरिकों ने सवाल उठाया है कि जब मौसम विभाग ने इस बार सामान्य से अधिक बारिश की चेतावनी दी है, तो नगर परिषद ने प्री-मानसून सफाई अभियान क्यों नहीं चलाया और जेसीबी मशीनों से नालियों की गाद क्यों नहीं निकलवाई। बिछुआ के जागरूक नागरिकों ने कलेक्टर से इस मामले में तत्काल हस्तक्षेप करने और वार्ड 1 से 15 तक युद्धस्तर पर विशेष सफाई पखवाड़ा चलाने की मांग की है। इसके साथ ही सफाई मद में खर्च हुई लाखों की राशि का सोशल ऑडिट कराने की भी मांग की गई है ताकि पता चल सके कि जनता के टैक्स का पैसा कहां गया। विधायक प्रतिनिधि सुनील साहू ने आरोप लगाया है कि जनता के टैक्स के पैसे की बर्बादी नगर परिषद अध्यक्ष और सीएमओ कर रहे हैं, जबकि प्रभारी नगर पालिका अधिकारी संदीप कुमार मरकाम ने नालियों में गंदगी की जानकारी मिलने पर जल्द सफाई कराने का आश्वासन दिया है। बिछुआ की जनता का दर्द साफ झलक रहा है कि उन्होंने टैक्स सफाई के लिए दिया है, बीमारी मोल लेने के लिए नहीं, और अगर बारिश में शहर डूबा या बीमारी फैली तो इसकी पूरी जिम्मेदारी नगर परिषद की होगी।
    user_Baljeet Chouhan
    Baljeet Chouhan
    Credit reporting agency बिछुआ, छिंदवाड़ा, मध्य प्रदेश•
    7 hrs ago
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