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सिवनी जिले में जनपद पंचायत धनौरा की तीन सदस्यीय जांच टीम ने ग्राम पंचायत धनौरा पहुंचकर दुकानों के शटर की जांच की है। इसके अतिरिक्त, सैटेलाइट टीवी न्यूज़ चैनल 'जिओ टीवी' के लिए विभिन्न डीटीएच प्लेटफार्मों पर चैनल नंबर भी उपलब्ध कराए गए हैं, जिनमें जिओ टीवी पर 1163, एयरटेल पर 383 और टाटा प्ले पर 1163 शामिल हैं।

17 hrs ago
user_Aakash Mandrah
Aakash Mandrah
Local News Reporter तामिया, छिंदवाड़ा, मध्य प्रदेश•
17 hrs ago

सिवनी जिले में जनपद पंचायत धनौरा की तीन सदस्यीय जांच टीम ने ग्राम पंचायत धनौरा पहुंचकर दुकानों के शटर की जांच की है। इसके अतिरिक्त, सैटेलाइट टीवी न्यूज़ चैनल 'जिओ टीवी' के लिए विभिन्न डीटीएच प्लेटफार्मों पर चैनल नंबर भी उपलब्ध कराए गए हैं, जिनमें जिओ टीवी पर 1163, एयरटेल पर 383 और टाटा प्ले पर 1163 शामिल हैं।

More news from मध्य प्रदेश and nearby areas
  • छिंदवाड़ा में कम बारिश के चलते कन्हरगाँव डेम में पानी का स्तर काफी घट गया है, जिसके कारण शहर में जल वितरण में दिक्कतें आ रही हैं। सोशल मीडिया पर वायरल एक पोस्ट में यह दावा किया गया है, जिसे यूजर vikram_ahakey ने साझा किया और nitesh_kudopa_750 सहित 163 अन्य लोगों ने पसंद किया है। नगर निगम प्रशासन इस जल संकट से निपटने और जल व्यवस्था को सुचारू बनाने के लिए हर संभव प्रयास कर रहा है। प्रशासन ने भरोसा दिलाया है कि जल्द ही लोगों को व्यवस्थित रूप से जल उपलब्ध कराया जाएगा। गर्मी और कम बारिश के कारण उत्पन्न हुई इस जल संकट की स्थिति को देखते हुए, नगर निगम वैकल्पिक व्यवस्थाएँ करके जल आपूर्ति को सामान्य करने में जुटा है और नागरिकों से भी पानी का संयमित उपयोग करने की अपील की गई है।
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    छिंदवाड़ा में कम बारिश के चलते कन्हरगाँव डेम में पानी का स्तर काफी घट गया है, जिसके कारण शहर में जल वितरण में दिक्कतें आ रही हैं। सोशल मीडिया पर वायरल एक पोस्ट में यह दावा किया गया है, जिसे यूजर vikram_ahakey ने साझा किया और nitesh_kudopa_750 सहित 163 अन्य लोगों ने पसंद किया है।

नगर निगम प्रशासन इस जल संकट से निपटने और जल व्यवस्था को सुचारू बनाने के लिए हर संभव प्रयास कर रहा है। प्रशासन ने भरोसा दिलाया है कि जल्द ही लोगों को व्यवस्थित रूप से जल उपलब्ध कराया जाएगा। गर्मी और कम बारिश के कारण उत्पन्न हुई इस जल संकट की स्थिति को देखते हुए, नगर निगम वैकल्पिक व्यवस्थाएँ करके जल आपूर्ति को सामान्य करने में जुटा है और नागरिकों से भी पानी का संयमित उपयोग करने की अपील की गई है।
    user_मानव अधिकार मिशन मीडिया सेक्रे
    मानव अधिकार मिशन मीडिया सेक्रे
    छिंदवाड़ा नगर, छिंदवाड़ा, मध्य प्रदेश•
    17 hrs ago
  • मुलताई स्थित साईं मंदिर में चोरी की घटना सामने आई है। चोरों ने मंदिर के दानपात्र का ताला तोड़ दिया और उसमें रखी नगद राशि लेकर फरार हो गए।
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    मुलताई स्थित साईं मंदिर में चोरी की घटना सामने आई है। चोरों ने मंदिर के दानपात्र का ताला तोड़ दिया और उसमें रखी नगद राशि लेकर फरार हो गए।
    user_M. Afsar khan
    M. Afsar khan
    Local News Reporter Multai, Betul•
    6 hrs ago
  • मुख्यमंत्री मोहन यादव ने मोहन नागर को बधाई दी है।
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    मुख्यमंत्री मोहन यादव ने मोहन नागर को बधाई दी है।
    user_Namdev gujre Khabar bhart news
    Namdev gujre Khabar bhart news
    घोड़ा डोंगरी, बैतूल, मध्य प्रदेश•
    9 hrs ago
  • नरसिंहपुर जिले की साईखेड़ा तहसील के निमावर ग्राम पंचायत में संचालित गौशाला वित्तीय और प्रशासनिक अनियमितताओं के गंभीर आरोपों में घिर गई है। स्थानीय निवासी देवी सिंह पटेल ने जिला कलेक्टर को शिकायत सौंपकर गौशाला प्रबंधन की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए हैं और इस पूरे मामले की उच्चस्तरीय जांच की मांग की है। शिकायतकर्ता के अनुसार, दिसंबर 2024 से 2026 के बीच गौशाला संचालन के लिए लगभग ₹22,50,000 की राशि प्राप्त हुई थी, लेकिन 'पंचायत दर्पण पोर्टल' पर केवल ₹17.50 लाख का खर्च दिखाया गया है। अभिलेखों और पोर्टल के इन आंकड़ों में भारी अंतर ने वित्तीय लेनदेन की पारदर्शिता पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। इसके साथ ही, गौशाला में पशुओं के चारे, पानी और उपचार की व्यवस्था बेहद खराब होने का भी आरोप है, जिसके कारण कई पशुओं की मौत हो चुकी है। सूचना के अधिकार (RTI) के तहत मांगे गए मूल बिल, वाउचर और अन्य आवश्यक दस्तावेज उपलब्ध नहीं कराए गए हैं, और जो दस्तावेज उपलब्ध हैं उनमें जीएसटी नंबर, विक्रेता का पता तथा व्यावसायिक पहचान जैसे अनिवार्य विवरणों का अभाव है। देवी सिंह पटेल ने कलेक्टर से मांग की है कि राजस्व, पंचायत एवं ग्रामीण विकास और पशुपालन विभाग के अधिकारियों की एक संयुक्त जांच समिति का गठन किया जाए। उन्होंने गौशाला को प्राप्त और खर्च की गई समस्त राशि का विशेष ऑडिट कराने, पशुओं की वास्तविक संख्या और मृत पशुओं की संख्या का भौतिक सत्यापन करने और अनियमितता पाए जाने पर संबंधितों के विरुद्ध कठोर दंडात्मक कार्यवाही सुनिश्चित करने की भी मांग की है। गौवंश संरक्षण के नाम पर सरकारी धन के इस संभावित दुरुपयोग से क्षेत्र में हड़कंप मच गया है, और अब प्रशासन की आगामी कार्यवाही पर सभी की निगाहें टिकी हुई हैं।
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    नरसिंहपुर जिले की साईखेड़ा तहसील के निमावर ग्राम पंचायत में संचालित गौशाला वित्तीय और प्रशासनिक अनियमितताओं के गंभीर आरोपों में घिर गई है। स्थानीय निवासी देवी सिंह पटेल ने जिला कलेक्टर को शिकायत सौंपकर गौशाला प्रबंधन की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए हैं और इस पूरे मामले की उच्चस्तरीय जांच की मांग की है।

शिकायतकर्ता के अनुसार, दिसंबर 2024 से 2026 के बीच गौशाला संचालन के लिए लगभग ₹22,50,000 की राशि प्राप्त हुई थी, लेकिन 'पंचायत दर्पण पोर्टल' पर केवल ₹17.50 लाख का खर्च दिखाया गया है। अभिलेखों और पोर्टल के इन आंकड़ों में भारी अंतर ने वित्तीय लेनदेन की पारदर्शिता पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। इसके साथ ही, गौशाला में पशुओं के चारे, पानी और उपचार की व्यवस्था बेहद खराब होने का भी आरोप है, जिसके कारण कई पशुओं की मौत हो चुकी है। सूचना के अधिकार (RTI) के तहत मांगे गए मूल बिल, वाउचर और अन्य आवश्यक दस्तावेज उपलब्ध नहीं कराए गए हैं, और जो दस्तावेज उपलब्ध हैं उनमें जीएसटी नंबर, विक्रेता का पता तथा व्यावसायिक पहचान जैसे अनिवार्य विवरणों का अभाव है।

देवी सिंह पटेल ने कलेक्टर से मांग की है कि राजस्व, पंचायत एवं ग्रामीण विकास और पशुपालन विभाग के अधिकारियों की एक संयुक्त जांच समिति का गठन किया जाए। उन्होंने गौशाला को प्राप्त और खर्च की गई समस्त राशि का विशेष ऑडिट कराने, पशुओं की वास्तविक संख्या और मृत पशुओं की संख्या का भौतिक सत्यापन करने और अनियमितता पाए जाने पर संबंधितों के विरुद्ध कठोर दंडात्मक कार्यवाही सुनिश्चित करने की भी मांग की है। गौवंश संरक्षण के नाम पर सरकारी धन के इस संभावित दुरुपयोग से क्षेत्र में हड़कंप मच गया है, और अब प्रशासन की आगामी कार्यवाही पर सभी की निगाहें टिकी हुई हैं।
    user_News Chandra Shekher Sonu
    News Chandra Shekher Sonu
    नरसिंहपुर, नरसिंहपुर, मध्य प्रदेश•
    5 hrs ago
  • मध्य प्रदेश शासन के निर्देशानुसार संचालित जल गंगा संवर्धन अभियान का मंगलवार को पांढुर्णा नगर पालिका सभागृह में भव्य सम्मान समारोह के साथ समापन हो गया। इस कार्यक्रम की अध्यक्षता नगर पालिका अध्यक्ष संदीप घाटोडे ने की, जिसमें कलेक्टर नीरज कुमार वशिष्ठ, अपर कलेक्टर नीलमणि अग्निहोत्री, एसडीएम श्रीमती अलका एक्का, प्रभारी मुख्य कार्यपालन अधिकारी जनपद पंचायत विनय प्रकाश ठाकुर, मुख्य नगर पालिका अधिकारी श्रीमती हेमेश्वरी पटले सहित कई जनप्रतिनिधि और बड़ी संख्या में नागरिक उपस्थित रहे। इस अवसर पर जनपद पंचायत द्वारा ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में किए गए उल्लेखनीय कार्यों का विस्तृत विवरण प्रस्तुत किया गया। अभियान के तहत जिले में कुल 415 कार्य सफलतापूर्वक पूर्ण किए गए हैं, जिनमें 52 नाले-नालियों की सफाई, 82 रेन वाटर हार्वेस्टिंग संरचनाओं का निर्माण, 43 पाइपलाइन सुधार और 143 सार्वजनिक नलों में टोंटी लगाने जैसे महत्वपूर्ण कार्य शामिल हैं, साथ ही 95 अन्य गतिविधियां भी संचालित की गईं। कलेक्टर नीरज कुमार वशिष्ठ ने मुख्यमंत्री के संदेश का वाचन करते हुए जल संरक्षण को एक जनआंदोलन बनाने पर विशेष जोर दिया। इसी कड़ी में, जल गंगा संवर्धन अभियान का विकासखंड स्तरीय समापन ग्राम राजना में एक बावड़ी उत्सव के साथ आयोजित हुआ। यह कार्यक्रम जिला कलेक्टर के मार्गदर्शन और विकासखंड समन्वयक दिलीप आठनेरे की उपस्थिति में संपन्न हुआ, जहाँ बावड़ी और उसके परिसर की साफ-सफाई कर जल संरक्षण का सशक्त संदेश दिया गया। विकासखंड समन्वयक दिलीप आठनेरे ने वर्षा जल के अधिकतम संग्रहण पर बल दिया, जबकि ग्राम राजना के सरपंच दीपक खवसे ने जल को जीवन का आधार बताते हुए भावी पीढ़ी के लिए इसके संरक्षण को अत्यावश्यक बताया। कार्यक्रम में उपस्थित सभी ग्रामीणों और शासकीय उत्कृष्ट माध्यमिक विद्यालय राजना के छात्र-छात्राओं सहित अन्य परामर्शदाताओं, पंचायत सचिवों और शिक्षकों ने अंत में जल संरक्षण की शपथ ली।
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    मध्य प्रदेश शासन के निर्देशानुसार संचालित जल गंगा संवर्धन अभियान का मंगलवार को पांढुर्णा नगर पालिका सभागृह में भव्य सम्मान समारोह के साथ समापन हो गया। इस कार्यक्रम की अध्यक्षता नगर पालिका अध्यक्ष संदीप घाटोडे ने की, जिसमें कलेक्टर नीरज कुमार वशिष्ठ, अपर कलेक्टर नीलमणि अग्निहोत्री, एसडीएम श्रीमती अलका एक्का, प्रभारी मुख्य कार्यपालन अधिकारी जनपद पंचायत विनय प्रकाश ठाकुर, मुख्य नगर पालिका अधिकारी श्रीमती हेमेश्वरी पटले सहित कई जनप्रतिनिधि और बड़ी संख्या में नागरिक उपस्थित रहे।

इस अवसर पर जनपद पंचायत द्वारा ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में किए गए उल्लेखनीय कार्यों का विस्तृत विवरण प्रस्तुत किया गया। अभियान के तहत जिले में कुल 415 कार्य सफलतापूर्वक पूर्ण किए गए हैं, जिनमें 52 नाले-नालियों की सफाई, 82 रेन वाटर हार्वेस्टिंग संरचनाओं का निर्माण, 43 पाइपलाइन सुधार और 143 सार्वजनिक नलों में टोंटी लगाने जैसे महत्वपूर्ण कार्य शामिल हैं, साथ ही 95 अन्य गतिविधियां भी संचालित की गईं। कलेक्टर नीरज कुमार वशिष्ठ ने मुख्यमंत्री के संदेश का वाचन करते हुए जल संरक्षण को एक जनआंदोलन बनाने पर विशेष जोर दिया।

इसी कड़ी में, जल गंगा संवर्धन अभियान का विकासखंड स्तरीय समापन ग्राम राजना में एक बावड़ी उत्सव के साथ आयोजित हुआ। यह कार्यक्रम जिला कलेक्टर के मार्गदर्शन और विकासखंड समन्वयक दिलीप आठनेरे की उपस्थिति में संपन्न हुआ, जहाँ बावड़ी और उसके परिसर की साफ-सफाई कर जल संरक्षण का सशक्त संदेश दिया गया। विकासखंड समन्वयक दिलीप आठनेरे ने वर्षा जल के अधिकतम संग्रहण पर बल दिया, जबकि ग्राम राजना के सरपंच दीपक खवसे ने जल को जीवन का आधार बताते हुए भावी पीढ़ी के लिए इसके संरक्षण को अत्यावश्यक बताया। कार्यक्रम में उपस्थित सभी ग्रामीणों और शासकीय उत्कृष्ट माध्यमिक विद्यालय राजना के छात्र-छात्राओं सहित अन्य परामर्शदाताओं, पंचायत सचिवों और शिक्षकों ने अंत में जल संरक्षण की शपथ ली।
    user_NILESH KALASKAR
    NILESH KALASKAR
    Farmer Pandhurna, Chhindwara•
    7 hrs ago
  • सिवनी जिले में जनपद पंचायत धनौरा की तीन सदस्यीय जांच टीम ने ग्राम पंचायत धनौरा पहुंचकर दुकानों के शटर की जांच की है। इसके अतिरिक्त, सैटेलाइट टीवी न्यूज़ चैनल 'जिओ टीवी' के लिए विभिन्न डीटीएच प्लेटफार्मों पर चैनल नंबर भी उपलब्ध कराए गए हैं, जिनमें जिओ टीवी पर 1163, एयरटेल पर 383 और टाटा प्ले पर 1163 शामिल हैं।
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    सिवनी जिले में जनपद पंचायत धनौरा की तीन सदस्यीय जांच टीम ने ग्राम पंचायत धनौरा पहुंचकर दुकानों के शटर की जांच की है। इसके अतिरिक्त, सैटेलाइट टीवी न्यूज़ चैनल 'जिओ टीवी' के लिए विभिन्न डीटीएच प्लेटफार्मों पर चैनल नंबर भी उपलब्ध कराए गए हैं, जिनमें जिओ टीवी पर 1163, एयरटेल पर 383 और टाटा प्ले पर 1163 शामिल हैं।
    user_Aakash Mandrah
    Aakash Mandrah
    Local News Reporter तामिया, छिंदवाड़ा, मध्य प्रदेश•
    17 hrs ago
  • मध्य प्रदेश के बिछुआ में नगर परिषद का एक हैरान करने वाला मामला सामने आया है, जहाँ डेढ़ साल पहले बनी एक सड़क पूरी तरह उखड़ गई है। इसका मरम्मत कार्य ठेकेदार के बजाय नगर परिषद के सफाई कर्मचारियों द्वारा किया जा रहा है। सोमवार को अशोक काटरे के घर के पास से बड़ चौक शिव मंदिर तक जाने वाली इस सड़क पर सफाई कर्मचारियों को गड्ढे भरते देख राहगीर अचंभित रह गए। स्थानीय लोगों का आरोप है कि नियमानुसार नई सड़क के रखरखाव की जिम्मेदारी एक निश्चित अवधि तक ठेकेदार की होती है, जिसे सड़क खराब होने पर अपने खर्चे पर ठीक करना होता है। लेकिन, बिछुआ में इसके उलट नगर परिषद अपने खर्च पर मरम्मत करवा रही है। नागरिकों ने निर्माण की गुणवत्ता पर गंभीर सवाल उठाए हैं और पूछा है कि ठेकेदार कहाँ है, और जब सड़क अभी भी मेंटेनेंस अवधि में है, तो उसे नोटिस क्यों नहीं दिया गया? जनता के टैक्स के पैसे का उपयोग ठेकेदार का काम करने के लिए क्यों किया जा रहा है? सामाजिक कार्यकर्ताओं ने सफाई कर्मचारियों से सड़क मरम्मत कराए जाने पर भी कड़ी आपत्ति जताई है, क्योंकि उनका काम झाड़ू लगाना है, न कि तकनीकी सड़क कार्य करना, जिसके लिए प्रशिक्षित मजदूरों की आवश्यकता होती है। इससे मरम्मत की गुणवत्ता पर सवाल उठ रहे हैं कि क्या यह पैचवर्क पहली बारिश में ही फिर से उखड़ जाएगा। लोगों का कहना है कि डेढ़ साल में ही सड़क का उखड़ जाना निर्माण में भारी भ्रष्टाचार की ओर स्पष्ट इशारा करता है, जहाँ जनता का पैसा बर्बाद हो रहा है और ठेकेदार मजे में है। जनता ने नगर परिषद से सड़क का अनुबंध सार्वजनिक करने, ठेकेदार पर जुर्माना लगाने और उसकी सिक्योरिटी राशि से मरम्मत कराने की मांग की है। बिछुआ की जनता का सीधा सवाल है: "डेढ़ साल में सड़क उखड़ गई, जिम्मेदार कौन?"
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    मध्य प्रदेश के बिछुआ में नगर परिषद का एक हैरान करने वाला मामला सामने आया है, जहाँ डेढ़ साल पहले बनी एक सड़क पूरी तरह उखड़ गई है। इसका मरम्मत कार्य ठेकेदार के बजाय नगर परिषद के सफाई कर्मचारियों द्वारा किया जा रहा है। सोमवार को अशोक काटरे के घर के पास से बड़ चौक शिव मंदिर तक जाने वाली इस सड़क पर सफाई कर्मचारियों को गड्ढे भरते देख राहगीर अचंभित रह गए।

स्थानीय लोगों का आरोप है कि नियमानुसार नई सड़क के रखरखाव की जिम्मेदारी एक निश्चित अवधि तक ठेकेदार की होती है, जिसे सड़क खराब होने पर अपने खर्चे पर ठीक करना होता है। लेकिन, बिछुआ में इसके उलट नगर परिषद अपने खर्च पर मरम्मत करवा रही है। नागरिकों ने निर्माण की गुणवत्ता पर गंभीर सवाल उठाए हैं और पूछा है कि ठेकेदार कहाँ है, और जब सड़क अभी भी मेंटेनेंस अवधि में है, तो उसे नोटिस क्यों नहीं दिया गया? जनता के टैक्स के पैसे का उपयोग ठेकेदार का काम करने के लिए क्यों किया जा रहा है?

सामाजिक कार्यकर्ताओं ने सफाई कर्मचारियों से सड़क मरम्मत कराए जाने पर भी कड़ी आपत्ति जताई है, क्योंकि उनका काम झाड़ू लगाना है, न कि तकनीकी सड़क कार्य करना, जिसके लिए प्रशिक्षित मजदूरों की आवश्यकता होती है। इससे मरम्मत की गुणवत्ता पर सवाल उठ रहे हैं कि क्या यह पैचवर्क पहली बारिश में ही फिर से उखड़ जाएगा। लोगों का कहना है कि डेढ़ साल में ही सड़क का उखड़ जाना निर्माण में भारी भ्रष्टाचार की ओर स्पष्ट इशारा करता है, जहाँ जनता का पैसा बर्बाद हो रहा है और ठेकेदार मजे में है। जनता ने नगर परिषद से सड़क का अनुबंध सार्वजनिक करने, ठेकेदार पर जुर्माना लगाने और उसकी सिक्योरिटी राशि से मरम्मत कराने की मांग की है। बिछुआ की जनता का सीधा सवाल है: "डेढ़ साल में सड़क उखड़ गई, जिम्मेदार कौन?"
    user_Baljeet Chouhan
    Baljeet Chouhan
    Credit reporting agency बिछुआ, छिंदवाड़ा, मध्य प्रदेश•
    10 hrs ago
  • बिछुआ शहर में मानसून की पहली फुहार के साथ ही शहर के डूबने का खतरा मंडराने लगा है, जिसका मुख्य कारण नगर परिषद की घोर लापरवाही बताई जा रही है। वार्ड क्रमांक 1 से लेकर वार्ड क्रमांक 15 तक की सभी नालियों की सफाई महीनों से नहीं हुई है। कचरे, पॉलिथीन और गाद से अटी पड़ी ये नालियां अब गंदे नालों में तब्दील हो चुकी हैं। स्थानीय नागरिकों का कहना है कि नगर परिषद ने बारिश से पहले की तैयारी के लिए कोई ठोस इंतजाम नहीं किए हैं, जिससे हर साल की तरह इस बार भी शहर के निचले इलाकों में जलभराव की समस्या पैदा होने की आशंका है, जहां दुकानें और घर पानी से भर जाते हैं और सड़कें तालाब बन जाती हैं। सबसे बदतर हालात वार्ड 5, वार्ड 8, वार्ड 12 और वार्ड 14 के बताए गए हैं, जहां नालियां पूरी तरह चोक हैं और महीनों से जमा गंदगी के कारण दुर्गंध फैल रही है। मच्छरों का आतंक इतना बढ़ गया है कि शाम होते ही लोगों का घर से निकलना मुश्किल हो रहा है, और कई जगह गंदा पानी सड़कों पर बह रहा है, जिससे बच्चों को स्कूल जाने के लिए इसी गंदे पानी से गुजरना पड़ रहा है। सामाजिक संगठनों का आरोप है कि नगर परिषद का सफाई अमला सिर्फ कागजों में सक्रिय है, जबकि धरातल पर वार्ड 1 से 15 तक कहीं भी सफाई व्यवस्था नजर नहीं आ रही। स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने चेतावनी दी है कि गंदगी से अटी ये नालियां डेंगू, मलेरिया, टाइफाइड और डायरिया जैसी गंभीर बीमारियों को खुला निमंत्रण दे रही हैं, और यदि बारिश का पानी इन जाम नालियों में रुका तो पूरे शहर में महामारी फैलने का खतरा है। पिछले साल भी मानसून के दौरान बिछुआ में जलभराव के कारण दर्जनों लोग बीमार पड़े थे, लेकिन नगर परिषद ने उससे भी कोई सीख नहीं ली। व्यापारी संघ ने भी मुख्य बाजार की नालियों के जाम होने से व्यापार चौपट होने पर नाराजगी जताई है, क्योंकि हल्की बारिश में ही दुकानों के सामने पानी भर जाता है। नागरिकों ने सवाल उठाया है कि जब मौसम विभाग ने इस बार सामान्य से अधिक बारिश की चेतावनी दी है, तो नगर परिषद ने प्री-मानसून सफाई अभियान क्यों नहीं चलाया और जेसीबी मशीनों से नालियों की गाद क्यों नहीं निकलवाई। बिछुआ के जागरूक नागरिकों ने कलेक्टर से इस मामले में तत्काल हस्तक्षेप करने और वार्ड 1 से 15 तक युद्धस्तर पर विशेष सफाई पखवाड़ा चलाने की मांग की है। इसके साथ ही सफाई मद में खर्च हुई लाखों की राशि का सोशल ऑडिट कराने की भी मांग की गई है ताकि पता चल सके कि जनता के टैक्स का पैसा कहां गया। विधायक प्रतिनिधि सुनील साहू ने आरोप लगाया है कि जनता के टैक्स के पैसे की बर्बादी नगर परिषद अध्यक्ष और सीएमओ कर रहे हैं, जबकि प्रभारी नगर पालिका अधिकारी संदीप कुमार मरकाम ने नालियों में गंदगी की जानकारी मिलने पर जल्द सफाई कराने का आश्वासन दिया है। बिछुआ की जनता का दर्द साफ झलक रहा है कि उन्होंने टैक्स सफाई के लिए दिया है, बीमारी मोल लेने के लिए नहीं, और अगर बारिश में शहर डूबा या बीमारी फैली तो इसकी पूरी जिम्मेदारी नगर परिषद की होगी।
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    बिछुआ शहर में मानसून की पहली फुहार के साथ ही शहर के डूबने का खतरा मंडराने लगा है, जिसका मुख्य कारण नगर परिषद की घोर लापरवाही बताई जा रही है। वार्ड क्रमांक 1 से लेकर वार्ड क्रमांक 15 तक की सभी नालियों की सफाई महीनों से नहीं हुई है। कचरे, पॉलिथीन और गाद से अटी पड़ी ये नालियां अब गंदे नालों में तब्दील हो चुकी हैं। स्थानीय नागरिकों का कहना है कि नगर परिषद ने बारिश से पहले की तैयारी के लिए कोई ठोस इंतजाम नहीं किए हैं, जिससे हर साल की तरह इस बार भी शहर के निचले इलाकों में जलभराव की समस्या पैदा होने की आशंका है, जहां दुकानें और घर पानी से भर जाते हैं और सड़कें तालाब बन जाती हैं।

सबसे बदतर हालात वार्ड 5, वार्ड 8, वार्ड 12 और वार्ड 14 के बताए गए हैं, जहां नालियां पूरी तरह चोक हैं और महीनों से जमा गंदगी के कारण दुर्गंध फैल रही है। मच्छरों का आतंक इतना बढ़ गया है कि शाम होते ही लोगों का घर से निकलना मुश्किल हो रहा है, और कई जगह गंदा पानी सड़कों पर बह रहा है, जिससे बच्चों को स्कूल जाने के लिए इसी गंदे पानी से गुजरना पड़ रहा है। सामाजिक संगठनों का आरोप है कि नगर परिषद का सफाई अमला सिर्फ कागजों में सक्रिय है, जबकि धरातल पर वार्ड 1 से 15 तक कहीं भी सफाई व्यवस्था नजर नहीं आ रही। स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने चेतावनी दी है कि गंदगी से अटी ये नालियां डेंगू, मलेरिया, टाइफाइड और डायरिया जैसी गंभीर बीमारियों को खुला निमंत्रण दे रही हैं, और यदि बारिश का पानी इन जाम नालियों में रुका तो पूरे शहर में महामारी फैलने का खतरा है। पिछले साल भी मानसून के दौरान बिछुआ में जलभराव के कारण दर्जनों लोग बीमार पड़े थे, लेकिन नगर परिषद ने उससे भी कोई सीख नहीं ली।

व्यापारी संघ ने भी मुख्य बाजार की नालियों के जाम होने से व्यापार चौपट होने पर नाराजगी जताई है, क्योंकि हल्की बारिश में ही दुकानों के सामने पानी भर जाता है। नागरिकों ने सवाल उठाया है कि जब मौसम विभाग ने इस बार सामान्य से अधिक बारिश की चेतावनी दी है, तो नगर परिषद ने प्री-मानसून सफाई अभियान क्यों नहीं चलाया और जेसीबी मशीनों से नालियों की गाद क्यों नहीं निकलवाई। बिछुआ के जागरूक नागरिकों ने कलेक्टर से इस मामले में तत्काल हस्तक्षेप करने और वार्ड 1 से 15 तक युद्धस्तर पर विशेष सफाई पखवाड़ा चलाने की मांग की है। इसके साथ ही सफाई मद में खर्च हुई लाखों की राशि का सोशल ऑडिट कराने की भी मांग की गई है ताकि पता चल सके कि जनता के टैक्स का पैसा कहां गया। विधायक प्रतिनिधि सुनील साहू ने आरोप लगाया है कि जनता के टैक्स के पैसे की बर्बादी नगर परिषद अध्यक्ष और सीएमओ कर रहे हैं, जबकि प्रभारी नगर पालिका अधिकारी संदीप कुमार मरकाम ने नालियों में गंदगी की जानकारी मिलने पर जल्द सफाई कराने का आश्वासन दिया है। बिछुआ की जनता का दर्द साफ झलक रहा है कि उन्होंने टैक्स सफाई के लिए दिया है, बीमारी मोल लेने के लिए नहीं, और अगर बारिश में शहर डूबा या बीमारी फैली तो इसकी पूरी जिम्मेदारी नगर परिषद की होगी।
    user_Baljeet Chouhan
    Baljeet Chouhan
    Credit reporting agency बिछुआ, छिंदवाड़ा, मध्य प्रदेश•
    9 hrs ago
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