रसोई गैस के बढ़ते दामों और किल्लत के विरोध में अजमेर में कांग्रेस का जोरदार प्रदर्शन अजमेर। आमजन पर बढ़ते रसोई गैस के दामों और गैस सिलेंडरों की किल्लत के विरोध में आज राजस्थान प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अभाव अभियोग प्रकोष्ठ के निर्देशानुसार अजमेर शहर जिला कांग्रेस कमेटी द्वारा ज्योतिबा फुले सर्किल पर जोरदार विरोध प्रदर्शन किया गया। इस प्रदर्शन में बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ताओं एवं आम नागरिकों ने भाग लेकर अपनी उपस्थिति दर्ज कराई। कार्यक्रम का नेतृत्व शहर जिला कांग्रेस कमेटी (अभाव अभियोग प्रकोष्ठ) के शहर अध्यक्ष ईश्वर टेहलियानी ने किया। इस दौरान कार्यकर्ताओं ने लगभग 6 फीट ऊँचे प्रतीकात्मक गैस सिलेंडर के साथ केंद्र सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए आमजन की समस्याओं को प्रमुखता से उठाया। वक्ताओं ने अपने संबोधन में कहा कि रसोई गैस की लगातार बढ़ती कीमतों ने आम परिवारों का बजट पूरी तरह प्रभावित कर दिया है। वहीं, गैस सिलेंडरों की किल्लत के कारण लोगों को दैनिक जीवन में गंभीर परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। कांग्रेस नेताओं ने केंद्र सरकार पर जनहित के मुद्दों की अनदेखी करने का आरोप लगाया। शहर अध्यक्ष (अभाव अभियोग प्रकोष्ठ) ईश्वर टेहलियानी ने कहा कि कांग्रेस पार्टी आम जनता के अधिकारों के लिए निरंतर संघर्ष करती रहेगी और जब तक गैस की कीमतों में राहत नहीं दी जाती, तब तक इस प्रकार के विरोध प्रदर्शन जारी रहेंगे। यह कार्यक्रम प्रदेश संयोजक योगिता शर्मा एवं अजमेर शहर जिला कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष डॉ. राजकुमार जयपाल के निर्देशानुसार आयोजित किया गया। प्रदर्शन में महिला अध्यक्ष लक्ष्मी बुन्देल, ब्लॉक अध्यक्ष शैलेंद्र अग्रवाल मंडल अध्यक्ष मनीष सेन, शैलेश गुप्ता, महिला कांग्रेस उपाध्यक्ष इंद्रा सुनिया, चंद्रेश सुनिया, संजय खींची, शहनाज आलम, रवि मेघवाल, राजकुमार बाकोलिया, अनुराग रायपुरिया प्रेम सिंह गौर, मानव संखला, कुलदीप प्रजापति, ईशान नगरा, प्रिंस ओबीडाया, सुशील लां, विनायक शर्मा, हनुमान शर्मा, मुकेश सबलानिया, शमसुद्दीन भरत धौलखेड़िया राजेश गोरा, गुरु दत्त गोरा, चुन्नीलाल लेखरा, मदन जी, मिलाप सिंह रावत, सुरजीत कपूर, धनवंती नर्मदा बीना आफताब सहित सैकड़ों कांग्रेस कार्यकर्ता उपस्थित रहे, जिन्होंने एकजुट होकर सरकार के खिलाफ अपनी आवाज बुलंद की।
रसोई गैस के बढ़ते दामों और किल्लत के विरोध में अजमेर में कांग्रेस का जोरदार प्रदर्शन अजमेर। आमजन पर बढ़ते रसोई गैस के दामों और गैस सिलेंडरों की किल्लत के विरोध में आज राजस्थान प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अभाव अभियोग प्रकोष्ठ के निर्देशानुसार अजमेर शहर जिला कांग्रेस कमेटी द्वारा ज्योतिबा फुले सर्किल पर जोरदार विरोध प्रदर्शन किया गया। इस प्रदर्शन में बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ताओं एवं आम नागरिकों ने भाग लेकर अपनी उपस्थिति दर्ज कराई। कार्यक्रम का नेतृत्व शहर जिला कांग्रेस कमेटी (अभाव अभियोग प्रकोष्ठ) के शहर अध्यक्ष ईश्वर टेहलियानी ने किया। इस दौरान कार्यकर्ताओं ने लगभग 6 फीट ऊँचे प्रतीकात्मक गैस सिलेंडर के साथ केंद्र सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए आमजन की समस्याओं को प्रमुखता से उठाया। वक्ताओं ने अपने संबोधन में कहा कि रसोई गैस की लगातार बढ़ती कीमतों ने आम परिवारों का बजट पूरी तरह प्रभावित कर दिया है। वहीं, गैस सिलेंडरों की किल्लत के कारण लोगों को दैनिक जीवन में गंभीर परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। कांग्रेस नेताओं ने केंद्र सरकार पर जनहित के मुद्दों की अनदेखी करने का आरोप लगाया। शहर अध्यक्ष (अभाव अभियोग प्रकोष्ठ) ईश्वर टेहलियानी ने कहा कि कांग्रेस पार्टी आम जनता के अधिकारों के लिए निरंतर संघर्ष करती रहेगी और जब तक गैस की कीमतों में राहत नहीं दी जाती, तब तक इस प्रकार के विरोध प्रदर्शन जारी रहेंगे। यह कार्यक्रम प्रदेश संयोजक योगिता शर्मा एवं अजमेर शहर जिला कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष डॉ. राजकुमार जयपाल के निर्देशानुसार आयोजित किया गया। प्रदर्शन में महिला अध्यक्ष लक्ष्मी बुन्देल, ब्लॉक अध्यक्ष शैलेंद्र अग्रवाल मंडल अध्यक्ष मनीष सेन, शैलेश गुप्ता, महिला कांग्रेस उपाध्यक्ष इंद्रा सुनिया, चंद्रेश सुनिया, संजय खींची, शहनाज आलम, रवि मेघवाल, राजकुमार बाकोलिया, अनुराग रायपुरिया प्रेम सिंह गौर, मानव संखला, कुलदीप प्रजापति, ईशान नगरा, प्रिंस ओबीडाया, सुशील लां, विनायक शर्मा, हनुमान शर्मा, मुकेश सबलानिया, शमसुद्दीन भरत धौलखेड़िया राजेश गोरा, गुरु दत्त गोरा, चुन्नीलाल लेखरा, मदन जी, मिलाप सिंह रावत, सुरजीत कपूर, धनवंती नर्मदा बीना आफताब सहित सैकड़ों कांग्रेस कार्यकर्ता उपस्थित रहे, जिन्होंने एकजुट होकर सरकार के खिलाफ अपनी आवाज बुलंद की।
- मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी के विजनरी नेतृत्व में विगत 9 वर्षों में उत्तर प्रदेश में Women Workforce में 03 गुने से अधिक वृद्धि हुई है। #9YearsOfWomenEmpowerment1
- बीती 16 मार्च को अजमेर जिले सरवाड़ थाना क्षेत्र में गणेशपुरा गांव में दलित परिवार से हाथापाई करने ओर पीड़ित परिवार से बयान बदलवाने का दबाव बनाने के मामले ने आज बहुजन समाज पार्टी ओर भारत मुक्ति मोर्चा ने अजमेर एसपी को इस मामले में तुरंत कार्यवाही करने की मांग की ओर साथ ही सरवाड़ पुलिस थाने पर गंभीर आरोप लगाते हुए पूरे थाने को स्पेंड करने की भी मांग उठाई है।1
- पांच सूत्रीय मांगों को लेकर बनेवड़ा संघर्ष समिति का अजमेर कलेक्ट्रेट पर प्रदर्शन1
- *विश्व क्षय रोग दिवस की पूर्व संध्या पर जागरूकता का आह्वान, टीबी मुक्त भारत अभियान को मिलेगा नया बल* सेन्दडा ब्यावर शीतल कुमारी प्रजापत ब्यावर, 23 मार्च। विश्व क्षय रोग दिवस की पूर्व संध्या पर मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी द्वारा एक प्रेस वार्ता आयोजित की गई। इस अवसर पर उन्होंने क्षय रोग (टीबी) के प्रति जागरूकता बढ़ाने और जनभागीदारी सुनिश्चित करने का आह्वान किया। डॉ. संजय गहलोत ने पत्रकारों को जानकारी देते हुए बताया कि वर्तमान में ब्यावर जिले में 1485 टीबी मरीज उपचाराधीन हैं तथा जिले की ट्रीटमेंट सक्सेस रेट 90 प्रतिशत है, जो प्रभावी स्वास्थ्य सेवाओं का परिचायक है। उन्होंने बताया कि जिले में टीबी जांच हेतु 12 अत्याधुनिक मशीनें स्थापित हैं, जिससे समय पर जांच एवं उपचार संभव हो पा रहा है। टीबी मुक्त भारत अभियान के तहत माननीय मुख्यमंत्री महोदय एवं माननीय उपमुख्यमंत्री श्रीमती दिया कुमारी द्वारा ब्यावर एवं जैतारण प्रवास के दौरान 100-100 टीबी मरीजों को निक्षय पोषण किट वितरित की गई। वर्तमान में जिले के सभी टीबी मरीजों को भामाशाहों के सहयोग से निक्षय पोषण किट उपलब्ध कराई जा रही है। उन्होंने बताया कि वर्ष 2024 में ब्यावर जिले की 36 ग्राम पंचायतों को टीबी मुक्त घोषित कर सम्मानित किया जा चुका है, वहीं वर्ष 2025 में 110 ग्राम पंचायतों को टीबी मुक्त किया जा चुका है, जिसकी राज्य स्तर पर घोषणा होना शेष है। डॉ. गहलोत ने जानकारी दी कि विश्व क्षय रोग दिवस के अवसर पर 24 मार्च को राजस्थान में टीबी मुक्त भारत अभियान का शुभारंभ किया जाएगा, जिससे इस दिशा में और अधिक गति मिलेगी। इस अवसर पर अतिरिक्त मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. लोकेश कुमावत, वरिष्ठ चिकित्सा अधिकारी टीबी क्लिनिक ब्यावर डॉ. अखिलेश वर्मा तथा जिला कार्यक्रम अधिकारी वाजिद अख्तर भी उपस्थित रहे।4
- ग्राम विकास अधिकारी (वीडीओ) संघ ने लंबित पदोन्नतियों, वेतन विसंगतियों और अन्य मांगों को लेकर आंदोलन तेज कर दिया है। जिला ब्यावर के जिलाध्यक्ष विजय प्रकाश शर्मा के नेतृत्व में चल रहे ‘पदोन्नति नहीं तो काम नहीं’ आंदोलन के तहत 8 अगस्त को जयपुर स्थित मुख्यमंत्री कार्यालय के घेराव का ऐलान किया गया है। संघ का आरोप है कि पिछले 6 वर्षों से पदोन्नतियां लंबित हैं और कई बार ज्ञापन देने के बावजूद केवल आश्वासन ही मिला है। सात दिन का अल्टीमेटम भी खत्म हो चुका है, लेकिन सरकार की ओर से कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। संघ ने चेतावनी दी है कि मांगें नहीं मानी गईं तो आंदोलन और उग्र किया जाएगा, जिसका असर प्रदेशभर में देखने को मिल सकता है।1
- रेलवे पुलिस के साथ एक आम आदमी के बिना हेलमेट का चालान काटने आए लेकिन फस गए वह खुद भी बिना हेलमेट आए1
- “पदोन्नति नहीं तो काम नहीं”: 6 साल से अटकी फाइलों पर उबाल, 8 अगस्त को सीएम कार्यालय का घेराव सोमवार शाम 7 बजे मिली जानकारी के अनुसार, ग्राम विकास अधिकारी यानी वीडीओ संवर्ग का आंदोलन अब निर्णायक मोड़ पर पहुंच गया है। वर्षों से लंबित पदोन्नतियों, वेतन विसंगतियों और 11 सूत्रीय मांगों को लेकर कर्मचारियों में गहरा आक्रोश देखने को मिल रहा है। ग्राम विकास अधिकारी संघ, जिला ब्यावर के नेतृत्व में चल रहा ‘पदोन्नति नहीं तो काम नहीं’ आंदोलन अब तेज हो चुका है। संघ ने सरकार को 7 दिन का अल्टीमेटम दिया था, लेकिन कोई ठोस कार्रवाई नहीं होने पर अब आंदोलन को उग्र करने का फैसला लिया गया है। संघ के जिला अध्यक्ष विजय प्रकाश शर्मा ने साफ कहा है कि अगर जल्द समाधान नहीं हुआ, तो 8 अगस्त को जयपुर स्थित मुख्यमंत्री कार्यालय का घेराव किया जाएगा। इस प्रदर्शन में प्रदेशभर से बड़ी संख्या में वीडीओ शामिल होंगे। संघ का आरोप है कि पिछले 6 वर्षों से ग्राम विकास अधिकारी से लेकर विकास अधिकारी तक पदोन्नतियां लंबित हैं। इससे कर्मचारियों का मनोबल गिर रहा है और कार्य प्रभावित हो रहा है। वहीं वेतन विसंगतियां भी बड़ा मुद्दा बनी हुई हैं। कर्मचारियों ने ग्रेड पे 3600, एमएसीपी का लाभ 2013 से लागू करने और 27 साल की सेवा पर तीसरी पदोन्नति देने की मांग उठाई है। इसके अलावा कैडर स्ट्रेंथन, पदोन्नति कोटा बढ़ाने और अतिरिक्त कार्यभार कम करने की भी मांग की गई है। संघ का कहना है कि अन्य विभागों द्वारा दिए जा रहे अतिरिक्त काम से मूल कार्य प्रभावित हो रहा है। संघ ने चेतावनी दी है कि यदि मांगें नहीं मानी गईं, तो यह आंदोलन पूरे प्रदेश में उग्र रूप ले सकता है। अब सभी की नजरें 8 अगस्त पर टिकी हैं, जब जयपुर में बड़ा प्रदर्शन और सीएम कार्यालय का घेराव तय है। यह आंदोलन अब सिर्फ मांगों तक सीमित नहीं रहा, बल्कि कर्मचारियों के सम्मान और अधिकारों की लड़ाई बन चुका है।1
- हमारी सरकार का यह दूसरा बजट दिल्ली के विकास की गति बढ़ाने वाला, दिल्लीवासियों को सुविधाएं देने वाला, इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत करने वाला और उनके जीवन स्तर को ऊपर उठाने वाला बजट होगा।1